Tantrik Sex Hindi Me
मैं 23 वर्ष का पुरुष हूँ, लुधियाना, पंजाब से। मेरा नाम मनु है। मैं अपनी माता-पिता और छोटे भाई के साथ रहता था। यह घटना उस समय घटी जब मैं 17 वर्ष का था और 12वीं कक्षा में पढ़ता था। उसी समय मुझे रात के सपने आना शुरू हो गए थे। रात के मध्य में डर के मारे जाग उठता था। मेरे माता-पिता इस बात से बहुत परेशान थे। Tantrik Sex Hindi Me
एक दिन, जो रविवार का दिन था, मेरे पिता जी अपने एक दोस्त के घर गए। उसके घर में रहने वाला था और लुधियाना में एक फैक्टरी में काम करता था। उसके पास तंत्र-मंत्र का ज्ञान था। जब हम उसके कमरे में पहुँचे तो उसने हमें बैठने को कहा और खुद ध्यान लगाने लगा।
थोड़ी देर बाद उसने कहा, “कल मेरे पास आना और मैं आपको कुछ सामान दूँगा।” वह आपकी सिर के नीचे रखकर एक हफ्ते लगातार सोने की बात करता है। सब ठीक हो जाएगा। अगले दिन सोमवार था। मेरे पिता जी को काम पर जाना था, इसलिए मैं अकेला उसके कमरे में चला गया।
वह मेरा घर से सिर्फ तीन किलोमीटर दूर, वहाँ वो रेंट पर कमरा लेकर में रहता था। जब मैं उसके कमरे में पहुँचा तो वहाँ एक औरत को देखा। वह 29 वर्ष की थी। उसका रंग सांवाला था, स्तन बड़े-बड़े थे, ऊँचाई 5 फीट 3 इंच थी। उसका भरा हुआ शरीर बहुत ही सेक्सी था।
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मेरे पिता जी का दोस्त जिसका नाम हरि शंकर था। ध्यान में उसने आँखें खोलीं और मुझे देखा, फिर मुझे बैठने को कहा। फिर उसने मुझे एक ताबीज दी और कहा, “इसे अपने बिस्तर के नीचे रखकर सोना। तुम ठीक हो जाओगे।” मैं वहाँ से चला आया और उसके बाद मैं ठीक हो गया। मैं हरि शंकर से बहुत खुश था। मैं अक्सर उसके पास आने-जाने लगा।
एक दिन, जो रविवार का दिन था, मैंने फिर उस औरत को उसके कमरे में देखा। मैं उसके कमरे में अंदर आ गया। हरि उस समय ध्यान में था। उसने आँखें खोलीं और मुझे देखा, फिर मेरा हाल-चाल पूछा। मैंने कहा, “मैं अब बिल्कुल ठीक हूँ।” तब उसने उस औरत से बातें करने शुरू कीं।
उनकी बातों से पता चला कि वह वहाँ यूपी के रहने वाली है। वह और उसका पति छह साल पहले लुधियाना में आकर रहने लगे थे। शादी के नौ साल बाद उन्हें बच्चा नहीं हुआ है। इसलिए वह उसके पास आई थी कि शायद वह अपनी तांत्रिक शक्ति से उसकी कुछ मदद कर सके।
तब हरि शंकर ने कहा, “तुम्हारे भाग्य में संतान तो है, पर तुम्हारे पति के भाग्य में संतान नहीं है। इसका कारण तुम माँ नहीं बन सकती। या तो तुमको बच्चा गोद ले लो, या फिर किसी और से सेक्स रिलेशन बनाओ, तभी तुम माँ बन पाओगी। तुम अपने देवर या किसी और से रिश्ता बना सकती हो। क्योंकि तुम्हारे पति के भाग्य में जो संतान थी, वो उसने खुद ही खत्म कर दी है।”
इस पर उस औरत ने हरि शंकर से पूछा कि वो कैसे, तब हरि शंकर ने कहा, “तुम्हारे पति का शादी से पहले किसी और के साथ संबंध थे और वो औरत उसके बच्चे की माँ बनाने वाली थी। तब तुम्हारे पति ने उसका गर्भपात करवा दिया है। इसके कारण वो अपने हिस्से की संतान नष्ट कर चुका है।”
यह सारी बात सुनकर वो औरत रोने लगी। उसने बताया कि उसके ससुराल वाली जो कि उप में हैं, वो उसे बच्चा न होने के कारण तंग कर रही हैं। और अगर बच्चा नहीं हुआ तो उसका पति उसे तलाक दे देगा। तब हरि शंकर ने कहा, “जो हो सकता था, वो मैं तुम्हें बता दिया है।”
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तब औरत बोली, “मैं अपने घर के किसी मर्द के साथ जी-रिश्ता नहीं बना सकती। अगर मैं ऐसा करती हूँ तो मैं सारी उम्र शर्म में रहना पड़ता। और बाहर के किसी मर्द के साथ अगर मेरे पति को पता चल गया तो वो मुझे जान से मार देगा। अब मैं क्या करूँ?”
थोड़ी देर सोचने के बाद उसने मुझे कमरे के बाहर जाने को कहा। मैं उठकर बाहर चला गया और बाहर आकर चारपाई पर बैठ गया। थोड़ी देर बाद हरि शंकर ने मुझे फिर अंदर बुलाया और औरत को घर जाने को कहा और कहा कि कल फिर आप 10:00 बजे आ जाना। और वो औरत चली गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जाते समय उसने मुझे सिर्फ एक बार देखा और चली गई। उसके जाने के बाद हरि शंकर ने मुझे से कहा कि इस औरत का नाम आशा है और बहुत दुखी है। इसके कोई बच्चा नहीं है। तुम इसकी दर्द दूर कर सकते हो। तो मैंने कहा, “मैं इसमें क्या कर सकता हूँ?”
तब उसने मुझे से कहा कि तुम उसके साथ सेक्स करके इसकी इच्छा पूरी कर सकते हो। तो मैंने कहा कि “पर मैं कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया और ये गलत है।” तब उसने कहा, “ये गलत नहीं, ये तो पुण्य का काम है।” उसके बार-बार कहने पर मैं राजी हो गया।
और उसने मुझे अगले दिन फिर से 10:00 बजे आने को कहा। मैं घर चला गया। रात को आशा के बारे में मैं सोचता रहा। उसके बड़े-बड़े स्तन मेरी आँखों के सामने घूम रहे थे। मैं अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाता रहा और सुबह होने का इंतजार करते-2 सो गया।
अगले दिन मैं सुबह उठा और हरि शंकर के घर की तरफ चल पड़ा। मैं ठीक 10:00 बजे पहुँच गया। वहाँ पहुँचने से पहले ही वो औरत और हरि शंकर वहाँ बैठे थे। मैं अंदर चला गया। तो हरि शंकर ने औरत से कहा, “अगर तुम अब भी अपना इरादा बनाना चाहती हो तो बदल लो।”
तो उस औरत ने कहा, “मैं अब अपना इरादा नहीं बदलूँगी। मैं अपना घर बर्बाद नहीं करना चाहती।” तब हरि शंकर ने कहा, “यहाँ मेरे कमरे में तो आप ये काम नहीं कर सकती क्योंकि उसके घर में और भी लोग रेंट पर रहते थे। तो आप इस लड़के के अगर अपने घर ले जा सकती हो तो ठीक रहेगा।”
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तो औरत ने कहा, “हमारा यहाँ अपना घर है और कोई किरायेदार भी नहीं रहता और उसका पति फैक्टरी में है। रात 9:00 बजे आएंगे।” उसके बाद आशा ने मुझे अपने साथ चलाने को कहा। तो मैं उसके साथ चला गया। मैं मन ही मन बहुत खुश था और मेरा लंड पैंट में तना हुआ था।
हमने ऑटो पकड़ा और करीब 15 मिनट के बाद हम उसके एरिया में पहुँच गए। ऑटो से उतरने के बाद उसने मुझे से कहा कि “आप थोड़ी फसल बनाकर मेरे पीछे-पीछे आना ताकि लोगों को शक न हो और आप मेरा घर देख लेना। अगर कोई घर के आस-पास गली में बाहर खड़ा हो तो अंदर मत आना।”
थोड़ी देर बाद अजाना मैं उसके गेट पर ही इंतजार करूँगी। मैंने हाँ में सिर हिला दिया। मैं आगे-आगे चलने लगा और थोड़ी देर बाद वो के गेट पर रुकी। उसने गेट खोला और अंदर चली गई। थोड़ी देर बाद मैं भी उसके गेट के सामने पहुँच गया। वो गेट पर ही खड़ी थी। उसने इधर-उधर देखा और अंदर आने का इशारा किया।
मैं अंदर चला गया। उसका घर छोटा सा था। घर में एक रूम, एक स्टोर और एक किचन था और गेट की तरफ बाथरूम था। अंदर आने के बाद उसने मुझे बेड पर बिठाने को कहा और खुद चाय बनाने लगी। उसके कमरे में एक डबल बेड था। मैं वहाँ बैठ गया और सोचने लगा कि मैं कहाँ से शुरू करूँ क्योंकि ये मेरा पहला अनुभव था।
तब ही वो चाय बना कर ले आई। हमने चाय पी। वो मेरे सामने कुर्सी पर बैठी थी। चाय खत्म हो गई। हम एक दूसरे के सामने चुप-चाप बैठे थे। समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करना। थोड़ी देर बाद आशा ने मुझे से कहा कि “मैं ये सब मजबूरी में कर रही हूँ और तुम मुझे वादा करो कि तुम ये सब किसी को नहीं बताओगे।”
मैंने कहा, “ठीक है, मैं किसी से इसके बारे में बात नहीं करूँगा।” तो वो कुर्सी से उठ कर बेड पर मेरे पास आ गई और पेट के बल लेट गई। उसने अपना सारा का पल्लू एक तरफ फेंक दिया जिससे उसके स्तन ब्लाउज में साफ नजर आने लगे। उसने कहा, “आओ और मेरे साथ चहा जो मर्जी कर लो।”
मैंने अपना एक हाथ उसके राइट बूब पर रख दिया। उसने सीसकारी ली और अपने आँखें बंद कर ली। मैंने हाथ का दबाव बढ़ाना शुरू किया और उसके बूब को जोर से मसलने लगा। उसने अपने आँखें बंद रखी थी और वो अपने होंठों को दाँतों से दबा रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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जब मैं झुक कर उसे किस करने लगा तो उसने अपना फेस दूसरी तरफ कर लिया और उसने कहा कि “ये सब बहन करना चाहती तो मैं।” मैं बेड से उठ गया और कहा, “मैं किसी जीवित लड़की के साथ सेक्स नहीं करना चाहता और अगर तुम मेरे साथ नहीं देना चाहती तो मैं यहाँ से चला जाता हूँ।”
तो उसने कहा, “आप जैसा कहोगे मैं वैसा ही करूँगी, बस मुझे माँ बनाओ।” उसके बाद उसने मेरे हाथ को पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया। मैं उसके ऊपर लेट गया और एक हाथ से उसके बूब को दबाने लगा और दूसरे से सारी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लगा। मैं उसके होंठों को किस करना शुरू किया।
शुरुआत में वो अनकम्फर्टेबल महसूस कर रही थी, पर थोड़ी देर बाद वो भी मेरे साथ देने लगी। उसने अपने बाहों को मेरे चारों तरफ लपेट लिया और जोर से गले लगा लिया। उसके हाथ मेरे पेट पर फिर रहे थे। करीब 5 मिनट तक मैं उसे किस करता रहा। मैंने उसके टाँग की ओर जाना शुरू कर दिया।
किस करने के बाद मैं उसके ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किया। जैसे मैं उसके साड़ी के हुक खोले, उसके स्तन बाहर की ओर उछल पड़े। तब मैं पहली बार किसी औरत के स्तन देख रहा था। उसके स्तन देखते ही मैं पागल सा हो गया और जोर-2 से दबाने लगा। वो दर्द से थोड़ा कराही।
उसने मुझे से कहा, “बच्चा, इस इतना जोर से दबाते नहीं है।” तो मैंने कहा, “तो क्या करते हैं?” आशा ने कहा, “इसे प्यार से चूमा जाता है, चूसा जाता है।” मैंने कहा, “मैं ये सब पहली बार कर रहा हूँ।” तो आशा बोली, “मैं सब सिखा दूँगी। और अब इसे चूसा करो।” तो मैंने अपने होंठ उसके राइट बूब के निप्पल से लगा दिए और चूसने लगा।
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वो अपने आँखें बंद करके सीसकारियाँ बढ़ाने लगी। उसका एक हाथ मेरे बालों में घूम रहा था। वो अब पूरी तरह गर्म हो गई थी। मैं जोर से उसके बूब चूसने लगा। उसने अपने मुंह से श्ह श्ह आहा आहा उम्म् की आवाजें निकाल रही थीं। उसके बाद मैंने उसके ब्लाउज को निकाल कर अलग फेंक दिया और उसकी साड़ी उठानी शुरू की।
उसने साड़ी उतारने में मेरी मदद की। फिर मैं पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और पेटीकोट खींच कर निकाल दिया। उसने पैंटी नहीं पहने हुई थी। उसने अपने चूत के बाल साफ रखे थे। मैं ये सब देख कर पागल सा हो गया और पागलों की तरह उसका पूरा बदन चूमना शुरू कर दिया। मैं उसे सर से पैर तक किस किया और चूमा।
उसके बाद मैं फिर से उसके निप्पलों को चूसने लगा। लगातार 10 मिनट उसके बूब चूसा कर रहा था। वो बहुत ही कमुक आवाजें निकाल रही थीं। उसके मुंह से आह्ह् ओह्ह् उम्म् आवाजें आ रही थीं। सारा कमरा उसके आवाजों से गूँज रहा था। बूब पर किस करने के बाद मैं नीचे की ओर गया और अपना एक हाथ उसकी चूत पर रख दिया।
उसके मुंह से एक लंबी और गहरी साँस निकली। सीसीसी। मैंने उसके चूत को सहलाना शुरू किया। वो और जोर से सीसकारी बढ़ाने लगी। तब मैं अचानक अपनी एक उँगली उसके चूत में डाल दी और उसका सारा बदन इधर-उधर कर गया। उसने अपने होंठों को अपने दाँतों के बीच में दबा लिया।
अपने हाथ अपने सर पर ले गए और मस्ती में आकर अपने बाल को पकड़ लिया। अब वो बहुत गरम हो चुकी थी। जैसे ही मैं अपना जीभ उसके चूत पर लगाया, तो उसने मेरा सर पकड़ कर पीछे धकेल दिया और कहा, “ये आप क्या कर रहे हैं? ये सब गंदा है।” मैंने कहा, “इसमें तो असली मजा है।”
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उसने कहा, “उसकी चूत अभी तक किसी ने नहीं चूसी। प्लीज आप भी इसे मत चूसा करो, वरना मैं मर जाऊँगी।” तो मैंने कहा, “एक बार इसका मजा लेकर देखो।” मेरे बार-बार कहने पर वो मान गई और मैंने उसके चूत पर जीभ फेरना शुरू किया। तो मस्ती में पागल हो गई और अपने चूत को ऊपर-ऊपर उछालने लगी।
फिर थोड़ी देर चूत को जीभ से चटने के बाद मैंने उसकी चूत के डाँने को मुंह में लाया और चूसने लगा। इसके पर वो और पागल हो गई और जोर-2 सीसकारियाँ बढ़ाने लगी। वो कह रही थी, “प्लीज मुझे चोदा करो, वरना मैं मर जाऊँगी।” पर मैंने उसकी एक ना सुनाई और चूसाई कर रहा था।
वो आह्ह् ओह्ह् ह्ह्ह् प्लीज चोदा करो सीसी। आह्ह् ओह्ह् उम्म् की आवाजें निकल रही थीं और साथ ही अपने बूब को अपने हाथों से मसल रही थी। थोड़ी देर चूसने के बाद मैं उठा और अपना शर्ट और पैंट उतार दिया। और मेरा 7.5 इंच लंबा जो कि एकदम तना हुआ था बाहर आ गया।
उसे देखते ही उसके आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई और बोली, “तुम्हारा तो इस उम्र में है बहुत बड़ा है।” तो मैंने कहा, “तुम्हारी पति के लंड का साइज कितना है?” तो उसने कहा, “उसका पति का लंड सिर्फ 4 इंच का है। वो मुझे संतुष्ट नहीं कर पाता।” तो मैंने कहा, “मेरी आज तुम्हारी सारी इच्छा पूरी कर दूँगा।”
तब मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा। तो उसने कहा, “मैं ये सब नहीं करूँगी।” पर मेरे बार-बार कहने पर उसने मेरा लंड सिर्फ तीन बार चूमा। अब मैं उसे सीधा लिटा दिया और उसके पर फाइल डाला और एक तकिया उसके गाँड के नीचे रखा जिससे उसके चूत बिल्कुल मेरे लंड के सामने आ गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने हाथ से छु कर देखा तो उसकी चूत बिल्कुल गीली थी और गरम भी। मैंने अपना हाथ से लंड का सपाद उसके चूत के छेद पर रखा। तो उसने अपने हाथ से मेरा लंड चूमा और मुझे डाँक लगाने को कहा। मैं जोर में आकर धक्के मारने शुरू किया। मेरा आधा लंड उसके चूत में चल गया और वो चिल्ला पड़ने लगी, “अरे, आराम से करो, नहीं तो मेरे फट जाएगी।”
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उसके बाद मैं धीरे-धीरे अपना लंड उसके चूत में डाल दिया और आगे-पीछे करने लगा। वो मस्ती में आ गई और मुंह से आवाजें निकलाने लगी। उसके मुंह से आह्ह् आह्ह् उम्म् ओह्ह् ह्ह्ह् आह्ह् उम्म् ह्हह्ह् की आवाजें निकल रही थीं। मैं जोर में आकर अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-2 से धक्के मारने लगा। वो अपने चूत को उछाल-2 कर मेरा साथ दे रही थी। मैं साथ में उसके बूब दबा रहा था और उसे किस कर रहा था। वो अपने हाथों को मेरे हिप्स पर रख कर अपनी तरफ खींच रही थी।
करीब 50 मिनट तक उसे चोदने के बाद मैंने उसे डॉग स्टाइल में आने को कहा और फिर मैं उसके पीछे आ गया और अपना लंड उसके चूत में डाल दिया और उसे चोदने लगा। मैंने स्पीड बढ़ा दी। 5 मिनट बाद उसकी चूत से पानी आने लगा। वो झड़ चुकी थी। थोड़ी देर मैं भी ज्यादा गया और उसके ऊपर लेट गया और उसे किस करता रहा। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और उसने भी अपने कपड़े पहने। और वो मुझे गेट तक छोड़ने आई और कहा कि “वो कल मेरा 10 बजे इंतजार करेगी।”
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