Family XXX Hot Story
मैं राजेश अपनी एक स्टोरी लेकर आ गया है। सबसे पहले आप सभी लंड और चूत वालों को मेरा खड़े लौड़ो का चुदाई भेरा नमस्कार। मेरी आप से रिक्वेस्ट है कि स्टोरी पढ़ने से पहले लंड वाले या तो चुदाई कर लो या फिर हस्तमैथुन कर लो और चूत वाली से भी यही रिक्वेस्ट है जल्दी से चुदवा लो या उंगली कर लो क्योंकि स्टोरी बहुत हॉट है आपको बहुत तड़पाएगी। Family XXX Hot Story
वैसे हम लड़के एक बात जरूर कहते हैं कि मैंने उसको पटा लिया उसकी ले ली। मैं खुद एक लड़का हूँ। मेरा मानना है कि लड़की लड़के को पटाती है और जब लड़की की मर्ज़ी होती है तो वो देती है लड़के की मर्ज़ी शायद कम होती है। हाँ पहल लड़के को करनी पड़ती है। और खास कर किसी भी मर्द को जब चाहे और कहाँ भी पटा सकती है और एक लड़का मनचाही लड़की को शायद नहीं पटा सकता। तो ज्यादा बोर नहीं करूँगा और मैं अब अपनी स्टोरी पर आता हूँ।
ये बात करीब 5 साल पहले की है उस वक़्त मैं बीए 2nd year में पढ़ता था। मेरे मम्मी-पापा कहीं दूर रहते थे और मैं अपने गांव में अकेला रहकर ही पढ़ाई कर रहा था और आस-पास हमारे चाचा-ताऊ आदी रहते थे। जहाँ मैं रहता था वहाँ एक मेरे ताऊ का और एक मेरे चाचा का घर था। चाचा के 3 बच्चे थे 2 लड़के और 1 लड़की सबसे बड़ी लड़की थी।
जो उस वक्त 10वीं में पढ़ती थी। वो मेरे सगे चाचा की लड़की नहीं थी उस लड़की के पापा और मेरा पापा के दादा एक थे पर पापा दोनों के अलग-2 थे। वो लड़की बहुत सुंदर थी न ज्यादा मोटी न ज्यादा पतली थोड़ा average figure थी। मैं उसको जब भी देखता उसको देखता ही रहता मगर नजर छुपा के क्योंकि मामला तक़रीबन घर का था।
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दोस्तों करीब 6 महीने देखा-देखी मैं गुज़र गए। कहते हैं कि होनी को कौन टाल सकता है और एक कहावत भी है दाने-दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम गोलियाँ गोलियाँ पर लिखा है मारने वाले का नाम चूत-चूत पर लिखा है चोदने वाले लंड का नाम जो जिसके भाग्य में होता है उसे वो जरूर मिलता है।
मेरे एग्ज़ाम चल रहे थे मैं घर पर अकेला था और चाचा के घर पर वो लड़की अकेली थी और चाचा-चाची खेत में गेहूँ काटने गए थे साथ में उनके दोनों बेटे भी. और चाचा ने मेरे को खेत में लंच पहुँचाने के लिए बोल गए आज गेहूँ की कटाई को दूसरा दिन था.
मैं खेत में लंच देकर घर वापस आया उस समय करीब 11:00 बजे हो चुके थे और मैं लंच के बर्तन चाचा के घर देने गया. तो वो मेरी कज़िन अपनी पेट को पकड़ कर बेड पर लेटी हुई और दर्द से कराह रही थी। मैं उसके पास गया और उससे पूछा कि क्या हुआ तो उसने बताया कि मुझे पेट में बहुत तेज़ दर्द हो रहा है.
तो मैंने उससे कहा कि चलो मैं दवा ले आता हूँ तो उसने दवा के लिए मना कर दिया और कहने लगी कि मेरे पास बैठ जाओ भाई। फिर मैंने कहा कि चलो मैं ताई को बुला लाता हूँ वो तुम्हारे पेट की मालिश कर देगी तो उसने मना कर दिया और बोली कि मालिश आप कर दो मुझे बहुत तेज़ दर्द है।
मैं डर गया और मैंने मना किया तो उसने कहा कि मैं चाची को बता दूँगी कि उसने मुझे चोदा है। मैं उसके पास तो बैठा ही था मैं हल्के से अपना हाथ उसके पेट पर रखा और धीरे-धीरे अपना हाथ उसके पेट पर घुमाने लगा। तो उसने कहा कि अंदर से करो कुछ राहत मिल रही है।
मैंने अपना हाथ उसके सूट के नीचे डालकर घुमाने लगा और वहाँ मेरे लंड को उठाने लगा और अकड़ाने लगा। तो दोस्तों जैसे-जैसे हाथ घूमता रहा वैसे ही वो भी मस्ती में आने लगी और सेक्सी आहें भरने लगी और कहने लगी भाई हाथ थोड़ा ऊपर-नीचे मेरा हाथ उसकी चूची तक पहुँच गया और बोली भाई इनमें भी दर्द है थोड़ा इन्हें भी दबा दो.
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जैसे ही मैंने उसकी चूची दबानी शुरू की तो मस्ती जोरों से चढ़ने लगी वहाँ मेरा भी बुरा हाल था और मैं उसके पास अच्छी तरह से बैठ गया ताकि उसे मेरे पैजामे के अंदर खड़ा लंड दिखाई देने लगे. और मेरा मन भी अब उस चोदने का ख़याल बन गया और वो खुद भी चुदवाना ही चाहती थी वरना वो हाथ पेट से चूची पर ले जाने और दबाने के लिए नहीं कहती।
दोस्त 10-15 मिनट तक मैं उसकी चूची और पेट को मलता रहा। और पूछता रहा कि कैसे लग रहा है तो उसने जवाब दिया कि भाई अच्छा लग रहा जोर से अपनी पेट वाले हाथ को थोड़ा नीचे ले जाओ थोड़ा नीचे दर्द हो रहा है. अब तो मुझे यक़ीन हो गया था कि ये वास्तव में ही चुदवाना चाह रही हूँ और डायरेक्ट न कह के इन्डायरेक्ट रूप से कह रही है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं अपना एक हाथ उसकी चूची पर रखकर और दूसरा हाथ धीरे-धीरे उसके नाभि के नीचे ले गया और वो और नीचे और नीचे कहती गई. आखिर मेरा हाथ उसकी चूत पर पहुँच गया और वो बोली भाई हाँ यहीं पर हल्का-हल्का दर्द है मैं अपना हाथ उसकी चूत पर घुमाया तो पाया कि उसकी चूत पहले से गीली थी शायद वो अपना पानी छोड़ चुकी थी।
फिर मैं एक हाथ से उसकी चूची और दूसरे हाथ से उसकी चूत को रब करने लगा। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैंने उसे कहा कि क्या मैं तुम्हारे पास लेट के ये सब करूँ तो उसने हाँ कहाँ और कहा कि कैसे भी करो मगर मुझे राहत दो। मैं उसके पास लेट गया उसकी चूत को रब करने लगा और दूसरे हाथ से चूची और पेट पर घुमाने लगा।
फिर मैंने धीरे से उसके होंठों के पास अपने होंठ ले गए और उसके होंठों पर एक लॉन्ग लिप-टू-लिप किस शुरू कर दिया और बहुत कसमसाई और मुझे अपनी बाहों में ले लिया फिर क्या था. मैंने उसके गालों के भी बहुत किस किया और फिर मैंने उससे पूछा कि आपकी चूची का दर्द कैसे है तो बोली थोड़ा-थोड़ा हो रहा.
मैंने कहा कि अपनी सूट को निकाल दो ताकि अच्छे आपकी चूची को मसल सकूँ। उसने मेरे कहते ही अपना सूट निकाल दिया और फिर मैं उसकी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा और चूत को रब करता रहा मैं उसके दोनों चूचों को चूस-चूस कर काली कर दिया और अपना लंड उसे हाथ में दे दिया वो उसे पकड़े रही तो फिर मैंने उसे पूछा कि आपके नीचे अब कैसे फिल हो रहा है तो बोली भईया अंदर की तरफ़ चिटियाँ सी चल रही हैं.
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फिर मैंने उसे कहा कि जो आपने हाथ में ले रखा वही अंदर की चिटियाँ बंद कर सकता है तो वो बोली भाई ये बहुत मोटा और लंबा ये इसमें कैसे आ जाएगा. मैंने उसके सलवार का नाभि खोल दिया और सलवार निकाल दी और उसे बिठाया कि ये आप मुझ पर छोड़ दो मैं प्यार से इसे अंदर डालूँगा और ये अंदर जाकर आपकी चुदाई करेगा तो आपके अंदर वाली चिटियाँ भी मर जाएँगी और तुम्हें सुख मिलेगा।
दोस्तों दिल तो उसका था मगर दिखाए के लिए मना कर रही थी अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी लेटी हुई थी. और फिर मैंने भी अपना सारा कपड़ा उतार दिया और मैं भी नंगे होकर उसके पास लेट गया और उसके शरीर से खेलना शुरू कर दिया उसके दूध और होठ और गाल में मैंने ख़ूब चूसे और उसके हाथ में अपना 10 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा लंड दे दिया.
और वो उसे पकड़ के ऊपर-नीचे करती रही फिर मैंने उसकी पिंक चूत जो के ऊपर अपने होंठ रख दिए और चूत को किस करना शुरू कर दिया और साथ में चूचीयाँ भी मसलता रहा. वो बहुत एक्साइटेड हो गई और अजीब-अजीब आवाज़ें निकलने लगी भाई मज़ा आ रहा है चुसते रहो और जोर से चूसो मेरी चूत को.
फिर मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी किस करके अपना लंड चूसने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया. लेकिन मेरी रिक्वेस्ट के आगे वो झुक गई और हमने 69 की पोजीशन ले ली. हम दोनों इस ख़ेल में एक दम मस्त हो चुके थे और दोनों काम वासना में डूबे हुए थे.
करीब 30 मिनट तक खेलने के बाद मैंने उसके गाँड के नीचे एक तकिया रखा और तकिये के ऊपर एक पुराना तौलिया लेके उसे लिटा दिया वो बहुत डरी हुई थी मगर चुदवाने के लिए तैयार थी। उसको पूरी आराम से लिटा कर और गाँड के नीचे तकिया और तौलिया लेके उसे की दोनों टांगों को चौड़ा कर के मैं उसके टांगों के बीच आ गया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा तो वो एक दम सिहर गई और हल्की से चीखी. मैंने उसको प्यार से समझाया और उसके चूची का हल्के से मलना शुरू कर दिया और लिप्स किस करने लगा. और फिर लंड को चूत के मुँहाने पर टिका के एक जोर का झटका दिया लंड चूत के अंदर 4 इंच ही गुस्सा था कि वो चिल्ला उठी हूँहूँ अहहह्ह्ह मन मर गई.
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लेकिन उसके होंठ मेरे होंठों के कारण आवाज़ ज्यादा बाहर नहीं गई मैं उसकी किस लेता रहा और चूचीयों की मसलता करता रहा और धीरे-धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा. उसको दर्द से कुछ राहत मिली तो मैं एक और जोरदार झटका ले गया दिया अबकी बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर गहराई तक जा पहुँचा.
वो फिर जोर से चीखी उईईई अहहह्ह्ह मााा मर गई भईया मुझे चोद दो मुझे नहीं चुदवाना आपसे. और मैं उसके ऊपर शांत लेट होकर लेट गया और उसकी लिप्स और गाल किस करता रहा साथ में चूचीयों को सहलाता रहा उसकी आँखों से आँसू भी निकल गए. मैं आँसूओं को साफ किया और धीरे-धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा.
कुछ समय बाद उसका दर्द कम होने लगा और वो रिस्पॉन्स देने लगी वो जैसे-जैसे रिस्पॉन्स देने लगी मैं भी अपनी स्पीड बढ़ाता गया. अब चुदाई मीडियम फास्ट स्पीड से हो रही थी उसको दर्द भी था मगर एनजॉय ज्यादा और रिस्पॉन्स भी अच्छे दे रही थी. फिर मैंने उससे चोदते-चोदते पूछा कि पेट का दर्द कैसा है.
तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और नीचे से गाँड उछाल-उछाल कर चुदवाने लगी और वो अब वर्जिन ही थी और उसकी चूत से खून भी निकल आया. मैंने करीब उसे 1 घंटे तक चोदा इस दौरान 2 बार अपना वीर्य उसकी चूत में डाला और वो 5-6 बार झाड़ी उसके ऊपर लेटा रहा.
फिर हम नॉर्मल होने के बाद अलग हुए तो उसने देखा कि मेरी चूत से खून बह रहा है वो डर गई. तो मैंने उसे समझाया कि पहली बार चोदने से ऐसा हो जाता है डरने की बात नहीं सब नॉर्मल है कुछ देर बाद ये बंद हो जाएगा. सच में दोस्तों जब अपनी कज़िन की चुदाई कर रहा था हम दोनों को बहुत मज़ा आया।
और फिर मैंने उसे नेक्स्ट प्रोग्राम पूछा तो उसने मना कर दिया मगर मैं तो उसे रोज़ चोदने के चक्कर में था. मैंने उसे समझाया कि अगर आपने अब कई दिनों बाद चुदवाया तो आपको इस बार से भी ज्यादा दर्द होगा क्योंकि अब तुम्हारी चूत अंदर से खुल गई है और वो दुबारा आपस में चिपक जाएगा तो फिर अलग होने से दर्द काफी ज्यादा होता है इसलिए तुम अब 2-3 रोज़ चुदाई करवा लो ताकि ये अंदर का जख़म ठीक हो जाए।
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हम दोनों ने नेक्स्ट दिन का प्रोग्राम फिक्स किया और वहाँ से मैं अपने घर आ गया दूसरे दिन जब मैं खेत में लंच देकर घर आया तो मेरी कज़िन बाथरूम से नहा के अंदर ही आ गई थी और वो चाची के सामने अपने बाल बाँध रही थी मैंने उसके पीछे जाकर उसकी चूचीयों पकड़ के सहलाने लगा और नेक पर किस करने लगा और फिर उसको बेड की और ले गया.
वो मना करने लगी मगर मैंने उसे मना लिया और पहली दिन के तरह दोनों धीरे-धीरे नंगे हुए और फिर 69 पोजीशन ली और फिर मैं 2 ट्रिप मीडियम फास्ट स्पीड से लगाई और आज उसको ज्यादा मज़ा आया. वो चुदवाते वक्त काफी खुल गई थी बोली रही थी
भाई तुमने मुझे बहुत मज़ा दिया मैं तुम्हारी हूँ जब मौका लगे आप मुझे पकड़ चोद लेना भाई मुझे और अच्छी तरह से चोदो भाई कितना मज़ा लंड है तुम्हारा भाई मैं तुम्हारी मलाई से भरा लंड चूसना चाहती हूँ भाई और अच्छी तरह चोदो मुझे प्रेग्नेंट कर दो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं उसको दना-दन चोदता रहा इस दौरान दो बार डिस्चार्ज हुआ और मैंने मलाई से भरा लंड उसे चूसने के लिए दिया उसने बहुत खुश होकर मेरा लंड चूसा और कहने लगी भाई तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है. मैंने कहा सारे मर्दों के ऐसे ही होते हैं तो अब मेरी कज़िन की जुबान से वो कहने लगी-
भाई मेरे पापा का इतना बड़ा नहीं है उनका तो ऐसे ही काफी छोटा और पतला है। मैं उससे पूछने लगा कि आपको कैसे पटा तो उसने बताया कि भाई मैंने सर्दी में पापा को मम्मी की चुदाई करते अक्सर देखा है पापा मम्मी कई बार रोज़ चोदते हैं और अपना लंड भी मम्मी को चूसवाते हैं.
मम्मी बहुत खुश होती मम्मी को दर्द होता है तो पापा कहते कि धीरे धीरे चोदूं तो भाई मम्मी कहती कि नहीं फुल स्पीड से चोदो भाई पापा ही मम्मी की चुदाई देखकर मैंने भी चुदवाने की सोची कि मैं भी मम्मी-पापा वाला ख़ेल खेलूँ और मज़ा लूँ.
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भाई बड़ी मुश्किल से ये मौका मिला था तो आपकी पेट दर्द के बहाने से आपसे चुदवाया है मैं आपको डायरेक्ट कैसे कहती कि भाई मुझे चोद दो कोई बहाना तो जरूरी था इसलिए मैंने पेट दर्द का बहाना बनाया और आपसे चुदवा लिया भाई आई एम वेरी हैप्पी विद योर चुदाई। और कहने लगी भाई मुझे पटा था कि दर्द तो होगा मगर मम्मी की एनजॉय भरी सिसकारी से मुझे ये भी पटा चेला दर्द होगा तब ही अच्छा मज़ा मिलेगा। और फिर दोस्तों मैंने और कज़िन ने जब तक गेहूँ की कटाई चली रोज़ चुदाई की.
उसके बाद हमने मौका मिलने पर चुदाई करते रहे फिर हमने एक प्लान बनाया ताकि हम दोनों चाची के सामने या चाची को बिठाकर चुदाई कर सकें और ज्यादा से ज्यादा चुदाई कर सकें। मैं अपना ये प्लान अगली स्टोरी में बताना और ये भी बताना कि उस प्लान के अनुसार हमने कैसे चुदाई की और फिर चाची ने भी मुझसे क्यों चुदवाया और दोस्तों मेरी चाची एक दम मस्त फिगर वाली औरत है उम्र तो लगभग उस वक्त उसकी 38 की थी मगर लुक जैसे 20/22 लगती थी। तो दोस्तों मुझे इंतज़ार है आपके रिस्पॉन्स का।
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