Hot Call Girl Chudai Kahani
दोस्तों, मैं हूँ ज़ूवी। मैंने हमारी वासना की लगभग सारी स्टोरीज़ पढ़ रखी हैं। सारी स्टोरीज़ पढ़कर मेरा भी दिल कर रहा था कि आपके साथ अपने सेक्स एक्सपीरियंस शेयर करूँ। तो दोस्तों, शुरू करता हूँ। मैं अफ्रीका के नाइजीरिया देश में रह रहा हूँ। मेरे साथ पाँच लड़के और हैं। वैसे तो इस देश की लाइफ बड़ी हार्ड है, लेकिन सब चल रहा है। Hot Call Girl Chudai Kahani
तो दोस्तों, बात कुछ इस तरह है कि एक बार हमारे बॉस (भैया) आए हुए थे। वीकेंड था। उन्होंने बोला, “चलो आज मैं तुम्हें मौज-मस्ती करवाकर लाता हूँ।” शाम का समय था। हम सब भैया को फॉलो कर रहे थे। भैया सबसे पहले अपने दोस्तों के पास गए, हमें इंट्रोड्यूस करवाया।
फिर हम सब एक साथ एक नाइट क्लब के लिए निकल पड़े। वहाँ लड़कियों के साथ डांस किया, बीयर पी। बाद में भैया का दिल चोदने (फकिंग) के लिए किया। अपने दोस्तों से बोला, “यार कुछ करें?” तो उनमें से एक लड़के को ऐसी जगह का पता था जहाँ चाइनीज़ गर्ल्स मिलती थीं। हम वहाँ गए। गर्ल्स का दलाल गर्ल्स को ले आया।
10-12 लड़कियों के बाद उसने एक लड़की को बुलाया और बताने लगा, “इसका नाम लिल्ली है और यह 3-4 दिन पहले ही चीन से आई है।” तय हुआ कि इसी लड़की को कैरी करना है। हम लड़की को लेकर निकले, लेकिन भैया की किस्मत में चोदना नहीं था। अचानक रास्ते में हमारी कार खराब हो गई।
रात के 2:00 बज चुके थे। कोई मैकेनिक भी नहीं मिला। भैया के दोस्त जा चुके थे। सारा प्रोग्राम की माँ चुद गई। तभी एक टैक्सी वाला जा रहा था। बोला, “सर, शुड आई हेल्प यू फॉर रिपेयर द कार?”
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हमने कहा, “नो प्रॉब्लम, यू कैन डू इट।”
बाद में भैया बोले, “ज़ूवी चल, तू लिल्ली के साथ कार में बैठ। हम लोग कार को ठीक करवाते हैं।”
कार ठीक नहीं हुई। वो लड़की हमारे साथ थी।
भैया बोले, “ज़ूवी अब क्या करें?”
तो मैंने कहा, “भैया आप टैक्सी लेकर निकलो, हम कार के पास रुकते हैं।”
वह उस लड़की को हमारे घर ले गए। लेकिन अब तक समय बहुत हो चुका था। सुबह के 4:30 का समय था। दिन निकल आया। हम कार को वहीं पार्क करके घर चले गए। लेकिन घर जाकर देखा तो नज़ारा कुछ और ही था। भैया ने लड़की को चोदा नहीं था। पूछने पर पता चला, बोले, “यार तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगा।”
लेकिन लिल्ली का सारा मूड खराब हो गया था। क्योंकि रात को वो मेरे साथ ही कार में बैठी रही थी, तो एक लगाव सा हो गया उसे मेरे साथ। सुबह भैया बोले, “चल ज़ूवी तू इसको ड्रॉप कर।” रास्ते में वो मेरे साथ चिपक के बैठ गई। मैंने धीरे-धीरे से उसकी बॉडी पर हाथ फेरना शुरू कर दिया।
जब वो कुछ न बोली तो मैंने चुपके से अपना 7.5 इंच का लौड़ा उसके हाथ में दे दिया। उसने एकदम से हाथ पीछे कर लिया और मेरे मुँह की तरफ़ कभी मेरे लौड़े की तरफ़ देखने लगी। मैंने देखा मेरा ड्राइवर सब कुछ देख रहा है, तो मैंने लिमिट से बाहर न जाने की सोची। 10 मिनट के बाद हम उस पार्टिकुलर एरिया में पहुँचे जहाँ उसे उतरना था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
कार में से उतरते ही पता नहीं उसे क्या हुआ, वो वापस आकर मुझे पागलों की तरह किस करने लगी। मैंने भी उसका पूरा साथ दिया। थोड़ी देर बाद मैंने उसे कहा कि मुझे देर हो रही है। वो कहने लगी, “मुझे नहीं पता, जा तो मेरे पास रुक जाओ या मुझे अपने साथ वापस ले जाओ।”
मैं टेंशन में आ गया। अब क्या करूँ? अगर यहाँ रुकता हूँ तो भी ठीक नहीं, अगर इसे कहीं ले जाता हूँ तो भैया क्या सोचेंगे। मैंने अपने दोस्त को फोन किया और उसे सब बता दिया।
वो बोला, “ज़ूवी देख ले कैसा करना है। भैया तो अपने दोस्तों के साथ चले गए हैं, आज रात वापस नहीं आ रहे।”
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तभी मैंने लिल्ली को कहा कि मैं 2 घंटे बाद वापस आ रहा हूँ। वो राज़ी हो गई। ठीक समय पर मैं वहाँ पहुँचा तो लिल्ली मेरी वेट कर रही थी। अब तक शाम भी हो चुकी थी। मैं उसे लेकर घर पहुँचा। अब तक हमारी हाउस गर्ल डिनर तैयार करके चली गई थी।
कुछ देर हम सब साथ-साथ बैठे बातें करते रहे। मेरे दोस्त लिल्ली को मज़ाक करते रहे। वो भी उनको कुछ न कुछ बोलती रही। हालाँकि उसको इंग्लिश अच्छी तरह नहीं आती थी, लेकिन वो ट्राई कर रही थी। डिनर के बाद सब अपने-अपने कमरे में चले गए।
मैं लिल्ली को लेकर अपने कमरे में चला गया। अंदर जाते ही मैंने लिल्ली को किस करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे से उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए। अब वो बिल्कुल नंगी थी। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए। अब मैं सिर्फ अंडरवीयर में था। वो भी लिल्ली ने खींचकर उतार दिया।
मैं लिल्ली को बेड पर ले गया और सीधा लिटा दिया। उसके बूब्स को चूसने लगा। जब मैं उसके ऊपर लेटकर उसके लिप्स को चूसता तो मेरा टाइट लंड उसकी गर्म चूत को छू जाता तो वो एकदम सिकुड़ जाती। लिप्स और बूब्स को चूसने के बाद मैंने उसकी गर्म चूत को चूसना शुरू कर दिया।
सच बताऊँ यारों, मैंने आज तक ऐसी चूत नहीं देखी थी जैसी चूत उस चाइनीज़ गर्ल लिल्ली की थी — बिल्कुल टाइट-टाइट और पिंक-पिंक, बिल्कुल उसके बॉडी कलर की तरह। जब-जब मैं अपनी प्यासी जीभ उसकी चूत पर फेरता तो वो मचल जाती। अंत में कहने लगी, “प्लीज अब अपना लंड चूत में डाल दो, मेरे से अब रहा नहीं जा रहा।”
तो मैंने कहा, “मेरी रानी, अभी तो कुछ भी नहीं हुआ, बहुत कुछ बाकी है।”
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मैंने उसे बैठने के लिए बोला। जब वो मेरे सामने बैठी तो मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। पहले तो वो हिचकिचाई, लेकिन बाद में मज़े लेकर चूसने लगी। 10 मिनट के बाद मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया। वो पूरा पानी पी गई और फिर से मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
दूसरे हाथ की उँगली को अपनी चूत में डालकर आगे-पीछे कर रही थी। मैंने सोचा अब देर नहीं करनी चाहिए। मैंने उसको लंड मुँह से निकालने का इशारा किया। उसने मुँह से निकाल दिया। मैंने उसे दोबारा लिटाने को कहा और उसके ऊपर चढ़कर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
पहले झटके से ही वो चिल्ला उठी, “ओह माय गॉड, प्लीज ईजी ईजी, नदर आई विल डाई माय डियर। फक मी स्लो स्लो आई बेग यू।” मैंने झटका न देकर उसे किस करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उसके बूब्स को प्रेस करने लगा। इतने में उसका दर्द भी कम हो गया।
मैंने देर न लगाते हुए एक और ज़ोर का झटका दिया। हाफ से ज़्यादा लंड उसकी चूत में चला गया। इस बार वो चिल्लाई नहीं, सिर्फ एक सिसकी लेकर रह गई। फिर मैंने अपनी गेम शुरू कर दी। धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा और वो भी नीचे से रेस्पॉन्स दे रही थी।
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत से लंड बाहर निकाल लिया और उसे डॉगी स्टाइल में होने के लिए कहा। जब मैंने पीछे से लंड डाला तो वो मचल उठी और बोली, “दर्द हो रहा है, प्लीज ऐसे मत चोदो कि मैं मर ही जाऊँ।” तो मैंने कहा, “चलो ठीक है, किसी और स्टाइल से करते हैं।”
मैं बेड पर सीधा लेट गया और उसे अपने लंड पर बिठाकर नीचे से धक्के लगाने लगा। वो ऊपर से ऊपर-नीचे हो रही थी। 15 मिनट के बाद मैं झड़ गया। इतने समय में वो 2 बार झड़ चुकी थी। झड़ने के बाद हम 20-25 मिनट एक-दूसरे के साथ चिपक के पड़े रहे।
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वो बार-बार मेरे चेस्ट पर किस कर रही थी और मेरे चेस्ट के हेयर्स के साथ खेल रही थी। मैंने भी उसको किस करना शुरू कर दिया। इतने में मेरा लंड फिर तैयार हो गया चीन जाने के लिए। लेकिन इस बार मैंने ज़्यादा देर न लगाते हुए लंड उसकी चूत की जगह उसकी गांड़ में डाल दिया।
वो ज़ोर से चिल्लाने लगी तो मैंने पीछे से ही उसके मुँह पर हाथ रख दिया। कुछ समय लंड उसकी गांड़ में डालकर ऐसे ही लेटा रहा और उसके बूब्स को प्रेस करता रहा। कभी उसकी चूत पर, कभी लेग्स पर हाथ फेरता रहा। थोड़ी देर बाद वो खुद ही हरकत में आ गई और अपनी बॉडी को मूव करने लगी।
दोस्तों, गांड़ मारने का मेरा यह फर्स्ट एक्सपीरियंस था। इससे पहले कभी गांड़ नहीं मारी। लंड तो गांड़ में ऐसे फूल रहा था जैसे पानी में साबुन का झाग। 10 मिनट के बाद मैं झड़ गया और मैंने सारा पानी उसकी गांड़ में ही छोड़ दिया। लंड उसकी गांड़ में डालकर ही मैं कितनी देर लेटा रहा।
थोड़ी देर बाद मैंने लंड बाहर निकाला तो एक तेज़ “टप्प……” की आवाज़ पूरे कमरे में दौड़ गई। आवाज़ सुनकर हम दोनों की हँसी न रुक पाई। इतने में लिल्ली बाथरूम में जाने लगी तो उससे उठा नहीं जा रहा था। मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे खड़ा कर दिया।
लेकिन वो बोली, “मेरे से चला नहीं जा रहा और गांड़ भी चिप-चिप कर रही है।”
मैंने कहा, “कोई बात नहीं, तुम फ्रेश हो आओ।”
और मैं भी उसके साथ ही बाथरूम में चला गया। मैंने देखा जब वो बाथरूम कर रही थी तो उसके बाथरूम में ब्लड की छोटी-छोटी ड्रॉप्स आ रही थीं और उसकी गांड़ ने भी पिचकारी छोड़ दी। हम दोनों कमरे में आ गए। मैंने फिर उससे मस्ती करनी शुरू कर दी तो वो बोली, “प्लीज नो मोर, टुमॉरो मॉर्निंग टाइम वी विल डू।”
मैंने सोचा ठीक है, क्योंकि दूसरे दिन वैसे भी वर्किंग डेज़ शुरू थे। हम दोनों वैसे ही बिना कपड़े पहने सो गए। सुबह 6 बजे मैं उठा। देखा लिल्ली गहरी नींद में सोई हुई है। उसे उठाना भी ज़रूरी था। मैंने उसे हल्का सा किस किया और उठाने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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उठते ही फिर उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया। अब तक मैंने तो अपने कपड़े पहन लिए थे लेकिन उसने नहीं। मेरा लंड फिर पैंट से बाहर आने को तैयार हो गया। लिल्ली भी समझ गई। उसने जल्दी से मेरे लंड को पैंट से आज़ाद कर दिया और मुँह में लेकर चूसने लगी। 5 मिनट के बाद मैंने उसके मुँह से निकालकर उसके चूत में धर दिया और एक झटके में ही पूरा का पूरा लंड चूत के पार कर दिया। अब तो लिल्ली मेरी चुदाई में पूरा साथ दे रही थी, बल्कि मेरे से ज़्यादा धक्के वो लगा रही थी।
नीचे लेटे-लेटे 15-20 मिनट बाद हम एक साथ झड़ गए। थोड़ी देर हम एक-दूसरे को ऐसे ही चाटे-चूमते रहे और बाद में दोनों कपड़े पहनकर बाहर आने लगे तो देखा हमारी हाउस गर्ल (एक अफ्रीकन लड़की) हमें दरवाज़े में से देख रही थी। उस समय तो वो कुछ न बोली, लेकिन मुझे पता चल गया कि वो भी हमें देखकर गर्म हो चुकी है। शाम तक अगर इसको कोई न मिला तो इसकी आग भी मुझे ही ठंडी करनी पड़ेगी। तो दोस्तों, यह तो बाद की बात है, मैंने अफ्रीकन गर्ल को कैसे चोदा…
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