Indian Slut Chudai XXX
आज मैं जो आप लोगों को कहानी बताने जा रहा हूँ, वो भी बिल्कुल रियल इंसिडेंट है। मेरे एक दोस्त जिसका नाम गौरव है, वो मुंबई में रहता है। उसका वहाँ बहुत बड़ा बिजनेस है। असल में वो इंदौर का है पर अब मुंबई में सेट हो गया है। हम दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त हैं। आज वो जीवन में बहुत तरक्की कर ली है, पर मेरे साथ उसका स्वभाव वैसा का वैसा ही है, जैसा जब हम लोग स्कूल में साथ पढ़ते थे। Indian Slut Chudai XXX
बाद में मुंबई जाकर एमबीए किया और आज वो एक बहुत बड़े बिजनेस का मालिक है, और हम तक यहीं लंड हाथ में हिला रहे हैं। पर गौरव मेरे लिए आज भी वही गौरव था। वो जब यहाँ आता, तो हमेशा मेरे यहाँ ही रुकता, भले ही उसकी कंपनी उसे 5 स्टार अकोमोडेशन देती थी।
जब हम लोग यहाँ कॉलेज में थे, तब बहुत मस्ती की थी। हम दोनों एक ही लड़की को लाइन मारते थे, पर वो हम दोनों में किसी को नहीं मिली। बहुत बार हमने एक साथ लौंडियों को चोदा था, आई मीन रंडियों को। अब गौरव की ऑफिस में ही एक से बढ़कर एक लड़कियाँ थीं। उसे कहीं बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। वो जब ऐसा बताता था कि आज फिर एक नई लौंडी को चोदा, तो मेरा भी लंड खड़ा हो जाता।
मैंने उससे कहा, “कभी हमें भी ऐश करवा, खाली खुद ही मजे करता रहेगा क्या?”
उसने कहा, “ठीक है, कभी मौका मिला तो जरूर।”
8 दिसंबर को मेरा बर्थडे आता है। दो दिन पहले ही गौरव का फोन आया कि “आजकल क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “कुछ खास नहीं, वो ही रूटीन वर्क।”
उसने कहा, “दो दिन के लिए मुंबई आ जाओ, तुम्हारा बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे।”
मैंने कहा, “ऐसा क्या है जो इस बार मुंबई में बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे?”
उसने कहा, “यार बस आ जाओ।”
मैंने कहा, “ठीक है, कल सुबह मैं पहुँच जाऊँगा।”
ट्रेन ठीक सुबह 6 बजे वीटी स्टेशन पहुँची। जैसे ही मैं बाहर निकला, गौरव गेट पर ही खड़ा था। उसने मुझे आवाज दी। मैं गौरव के पास गया। उस समय गौरव के साथ एक बहुत ही खूबसूरत लड़की भी थी, जिसने ब्लू जींस और व्हाइट टी-शर्ट पहनी थी। गोरी इतनी कि पूछो मत। खुले बाल और आँखों पर बहुत ही महँगा वाला गॉगल। वो किसी मॉडल से कम नहीं लग रही थी।
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एक शब्द में अगर उसका परिचय दूँ तो फिल्मी हीरोइन “रश्मिका” की डुप्लीकेट लग रही थी। मैं गौरव से गले मिला और उस लड़की की तरफ देखा। वो थोड़ा मुस्कुराई, मैंने भी स्माइल दी। फिर गौरव ने इंट्रोडक्शन करवाया, “ये नलिनी है और मेरी बहुत अच्छी दोस्त है। मैंने इसे अक्सर तुम्हारे बारे में बताया है। और आज जब इसको बताया कि तुम आ रहे हो, तो इसने कहा मैं भी चलूँगी।”
मैंने उसकी ओर हाथ बढ़ाया और हाथ मिलाया। उसके मुलायम हाथ थे और उसने टाइट टी-शर्ट पहन रखी थी कि उसकी व्हाइट ब्रा के इम्प्रेशन साफ-साफ दिख रहे थे। उसके बूब्स भी काफी बड़े-बड़े थे। उसकी हाइट और हेल्थ भी जबरदस्त थी। उसे वहीं देखकर मेरा मन ललचाने लगा और गौरव से जलन होने लगी कि इतनी खूबसूरत लड़की उसकी दोस्त है। पता नहीं इसके साथ क्या-क्या करता होगा।
हम लोग कार में बैठकर निकले। कार उस समय नलिनी चला रही थी। हम लोग सीधे एक 5 स्टार होटल में गए, जहाँ पर मेरे लिए पहले से एक रूम बुक था। हम तीनों रूम तक आए और साथ में चाय पी। फिर गौरव ने कहा, “तुम अब जल्दी रेडी हो जाओ, हम लोग घूमने जाएंगे।”
उसने कहा, “मैं 9 बजे तक आता हूँ।” उस समय 7 बजे थे। गौरव और नलिनी चले गए और मैं लेट गया और नलिनी के बारे में सोच रहा था। वो इतना जल्दी भूलने वाली चीज नहीं थी। 9 बजने में अभी कुछ समय था कि मेरे रूम की बेल बजी। तब मैं नहाकर कपड़े पहन रहा था और केवल तौलिए में था। मैंने दरवाजा खोला तो सामने नलिनी खड़ी थी। मैं हड़बड़ा गया।
मैंने उसे अंदर आने को कहा और पूछा, “गौरव कहाँ?”
उसने बताया कि उन्हें किसी काम से ऑफिस जाना पड़ा। वो आपको फोन लगा रहे थे पर लगा नहीं। और उन्होंने मुझे आपको लाने को भेजा है। वो हमें रास्ते में जॉइन कर लेंगे।
मैंने कहा, “ठीक है।”
वो अभी एकदम फ्रेश लग रही थी और बहुत ही प्यारा परफ्यूम लगाया था, जिसकी महक में मैं खो गया। फिर मैंने कपड़े पहने और हम लोग रूम से निकले। उस समय नलिनी ने क्रीम कलर का कार्गो और ब्लैक टॉप पहना था और मैंने भी कुछ ऐसा ही — क्रीम कलर का ट्राउजर और ब्लैक टी-शर्ट। हम दोनों एक-दूसरे को देखकर हँसे कि एक जैसे ही कपड़े पहने हैं।
मैंने कहा, “मैं चेंज कर लेता हूँ।”
उसने कहा, “नहीं, बहुत अच्छा लग रहा है, कुछ नहीं होगा।”
मैं उसके पीछे था और आगे वो। उसकी चौड़ी गांड देखकर मैं ललचा गया। क्या गजब के चलती थी उसके। अब हम होटल में नीचे आकर ब्रेकफास्ट किया और मैंने नलिनी से पूछा कि आप क्या करती हो।
उसने बताया, “सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ और गौरव के साथ ही काम करती हूँ। इसके अलावा हम बहुत अच्छे दोस्त हैं और गौरव मुझसे हर सीक्रेट शेयर करते हैं।”
जाहिर है गौरव ने अभी तक शादी नहीं की थी और वो शुरू से ही रसिला आदमी था। और यहाँ भी उसकी ये अकेली गर्लफ्रेंड होने मुझे नहीं लगता था क्योंकि गौरव बहुत ही स्मार्ट, हाइट और पर्सनैलिटी भी अच्छी थी। कॉलेज के जमाने में ही उसके कई गर्लफ्रेंड्स थीं, उनमें से कुछ को उसने कई बार चोदा भी था। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
यहाँ आकर वो सुधर गया — मुझे ऐसा नहीं लगता था। पर नलिनी जैसी खूबसूरत लड़की उसके इतना करीब थी, मुझे उनकी नजदीकियाँ कितनी हैं, मुझे नहीं पूछा गया। अब हम ब्रेकफास्ट कर चुके थे। अब होटल से बाहर निकले और कार में बैठे और चल पड़े। मैंने नलिनी से पूछा कि हम कहाँ जा रहे हैं।
उसने बताया, “वॉटर किंगडम।”
मैं पहले भी वहाँ जा चुका था, पर नलिनी जैसा साथी हो तो बात ही कुछ और थी। मेरे मोबाइल पर गौरव का फोन आया कि वो कुछ जरूरी मीटिंग में फंस गया है, इसलिए वो हम लोगों के साथ नहीं जा पाएगा। हम लोग चले जाएँ और शाम को वो हमसे होटल में मिलेगा।
मेरा मूड खराब हो गया। मैंने नलिनी से कहा, “मुझे वापस होटल छोड़ दो।”
उसने कहा, “प्लीज ऐसा मत करो, हम लोग चलते हैं ना।”
मैंने कहा, “हम आज पहली बार मिले हैं और ठीक से जानते तक नहीं ना तुम मेरा नेचर ना ही मैं तुम्हारा।”
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उसने कार साइड में रोक ली और गौरव से बात की। गौरव ने मुझसे बात कराने को कहा। मैंने मना कर दिया। उसने मेरे मोबाइल पर फोन किया और कहा कि “तुम नलिनी के साथ जाओ और शाम को मैं तुम लोगों को जॉइन करूँगा ही। इस समय तुम इसके साथ चले जाओ।”
उसने बहुत कहा, मैंने कहा, “ठीक है।” और हम आगे बढ़ गए।
नलिनी ने कहा, “आप बहुत गुस्से वाले हैं, ये मुझे बॉस ने बताया था। आज देख भी लिया। और आपको मेरे साथ जाने में क्या प्रॉब्लम है?”
मैंने कहा, “प्रॉब्लम कोई नहीं। मैं यहाँ गौरव के कहने पर उसके लिए आया हूँ और वो ही साथ नहीं है।”
नलिनी ने कहा, “आप चलो, मैं प्रॉमिस करती हूँ आप बोर नहीं होंगे।”
जैसे-तैसे हम वॉटर किंगडम पहुँचे। अब ड्रेस चेंज करके हम हो गए मिले। अब नलिनी ने 3/4 और टाइट ऊपर पहना था, जो लो कट नेक का था, जिससे उसके आधे बूब्स बाहर दिख रहे थे और उसने शायद ब्रा भी नहीं पहनी थी। वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मन कर रहा था अभी इसे बाँहों में भर लूँ और उसके बूब्स को मसल दूँ, पर ऐसा हो न सका।
जब एक बार नलिनी पानी से बाहर निकली, गीले होने के कारण कपड़े उसके बदन से चिपक गए और उसके बदन के पूरे उभार नजर आने लगे। मेरी नजर उन पर से हट नहीं रही थी, पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वो बिंदास थी। और जब वो पानी में दौड़ रही थी तब उसके बड़े-बड़े बिना ब्रा के बूब्स भी जंप कर रहे थे।
अब मेरा अट्रैक्शन नलिनी की ओर बढ़ते जा रहा था। अब मैं उस बहाने से छूने लगा और वो भी खुल गई थी। एक-दो बार उसने मुझे हग भी किया। कई बार मेरा हाथ उसके बूब्स पर भी लग गया, पर वो बेपरवाह थी। भीगे कपड़ों में उसकी निप्पल्स काफी तनी हुई और साफ-साफ नजर आ रही थीं, जिसे वो बार-बार छुपाने की नाकाम कोशिश करती रहती।
वहाँ पानी में बहुत मस्ती करने के बाद अब हम वहाँ से निकले और थोड़ी देर एक्सल वर्ल्ड में कुछ देर गए और वहाँ खाना खाया और कुछ देर अकेले में बैठकर बातें की। अब मैं नलिनी के साथ बहुत खुल गया था। थोड़ी देर उसकी गोद में सर रखकर मैं आराम करने लगा। उसने भी बुरा नहीं माना। और फिर हम लोग वापसी के लिए रवाना हो गए।
करीब 7 बजे हम होटल में पहुँचे। नलिनी ने मुझे बाहर ही ड्रॉप किया और कहा, “9 बजे मिलते हैं और यहीं होटल के डिस्को में चलेंगे।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
मैंने रूम में पहुँचकर गौरव को फोन किया। उसने कहा वो फ्री हो गया है और थोड़ी देर में तुम्हारे पास आता हूँ।
मैंने कहा, “नलिनी 9 बजे का बोल गई है कि डिस्को में चलेंगे।”
उसने कहा, “हाँ, मैं उसे लेकर पहुँच जाऊँगा।” और फिर तुम्हारे साथ। उसने पूछा, “नलिनी के साथ बोर तो नहीं हुए?”
मैंने कहा, “नहीं यार, वो बहुत अच्छी लड़की है। मुझे तो तुम्हारी याद ही नहीं आई।”
उसने कहा, “अच्छा बेटा, लौंडी मिली तो दोस्त को भूल गए। चलो ठीक है, मैं 9 बजे आता हूँ।”
मैं बहुत थक गया था और कुछ देर सोना चाहता था। और थकावट में कब मुझे नींद आ गई, पता ही नहीं चला। मुझे लगा कि डोर बेल बज रही है। मैं उठा और दरवाजा खोला तो सामने गौरव और नलिनी थे।
उसने कहा, “कैसे घोड़े बेचकर सो रहे हो? मैं कब से बेल बजा रहा हूँ।”
मैंने कहा, “थोड़ी नींद आ गई थी।”
वो बोला, “अबे थोड़ी देर? रात के 10 बज चुके हैं।”
वो दोनों अंदर आए। मैंने घड़ी देखी, सचमुच 10 बज चुके थे, पर मुझे लग रहा था अभी तो सोया था।
गौरव ने कहा, “अब जल्दी रेडी हो जाओ।”
मैंने कहा, “तुम बैठो, मैं अभी आता हूँ।”
मैंने नलिनी को देखा। इस समय उसका पूरा लुक ही चेंज हो चुका था। उस समय नलिनी ने टाइट लो वेस्ट जींस और पेट तक टॉप पहना था। उसका पेट का भाग साफ दिख रहा था और उसकी नाभि के काफी नीचे जींस पहन रखी थी। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
मैंने कहा, “कहाँ बिजली गिरने का इरादा है?”
वो मुस्कुराई और कहा, “आप जल्दी रेडी हो जाइए, फिर दोनों मिलकर बिजली गिराएंगे।”
मैंने कहा, “ठीक है।” और मैं बाथरूम में चला गया।
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जल्दी तैयार होकर हम डिस्को में पहुँचे। हमने वहाँ बहुत मस्ती की। वहाँ बहुत सी लड़कियाँ कुछ नशे में थीं, कुछ कोने में खड़े होकर मजा ले रहे थे। 12 बजे के बाद गौरव और नलिनी ने मुझे बर्थडे विश किया। दोनों ने मुझे हग किया। करीब 1 बजे हम लोग वहाँ से निकलकर रूम में आ गए। नलिनी ने बैग से केक निकाला और मैंने केक काटा और गौरव और नलिनी को खिलाया।
नलिनी ने मुझे एक पप्पी देकर विश किया और गौरव ने गले मिलकर। फिर गौरव और मैंने जमकर शराब पी और नलिनी ने मेरे चेहरे पर केक का क्रीम लगा दिया और एक जोरदार पप्पी दी। मैंने भी नलिनी को कमर से पकड़ा और एक जोरदार किस उसके गाल पर किया। हम लोग करीब 2 बजे तक यूँ ही धमाचौकड़ी करते रहे। उसके बाद हम दोनों ने बहुत शराब पी ली थी।
अब गौरव ने कहा, “यार बहुत मजा आया। तेरे बर्थडे सेलिब्रेट करने के बहाने हमें मिलने का मौका मिला। और आज का सबसे बड़ा सरप्राइज और तेरा बर्थडे गिफ्ट ये रहा।”
उसने नलिनी को मेरी तरफ धक्का दिया और वो मुझसे लिपट गई और फिर एक गाल पर किस किया।
“ये आज रात तेरे साथ रहेगी और तुम लोग आगे की मस्ती जारी रखो, मैं चलता हूँ।” और वो उठकर जाने लगा।
मैं अभी तक कुछ समझ नहीं पाया था कि गौरव क्या बोल रहा है। मैं हैरत भरी निगाहों से नलिनी को देखा। वो मुस्कुरा रही थी। फिर हमने गौरव को नीचे कार तक छोड़ने गए।
गौरव ने मुझे धीरे से कहा, “जो भी काम करना, कंडोम लगाकर करना। उसके पास है।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
गौरव बाय कहकर चला गया और कहा, “वो सुबह आएगा।”
नलिनी और मैं वापस रूम में आ गए और मैंने नलिनी को अपनी बाँहों में ले लिया और पहली बार उसको लिप्स पर जोरदार किस किया और बहुत देर तक उसके लिप्स चूसता रहा।
मैंने नलिनी से कहा, “हम सुबह से साथ हैं पर ये मौका अभी मिला।”
उसने कहा, “बर्थडे गिफ्ट तो समय पर ही मिलेगा ना। आज बर्थडे है और गिफ्ट मिल गया।”
मैं और नलिनी हँसने लगे। अब मैंने नलिनी की कमर में हाथ डालकर उठा लिया। उसने अपने पैर मेरी कमर में लपेट लिए और बाँहें मेरे गले में फँसा ली। अब उसी पोजीशन में ही मैं उसे लेकर सोफे पर बैठ गया और उसके कमर से अपने हाथ उठाकर उसके खुले हुए पेट पर फिराने लगा। उसके हाथ अब तक मेरे गले में थे। मैंने उसके फिर से उसके लिप्स चूसने लगा।
अब मैंने उसका टॉप उतार दिया। अब नलिनी मेरे सामने ब्रा में थी। उसने ब्लैक कलर की लेस वाली बहुत ही अच्छी जालीदार ब्रा पहनी थी। अब मैंने उसकी पीठ में हाथ लेकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसे भी उसके बदन से अलग कर दिया। अब नलिनी के बड़े-बड़े और गोल-गोल और बेहद ही अट्रैक्टिव बूब्स, जिन्हें मैं सुबह से देखने को तरस रहा था, मेरे सामने थे। कुछ देर मैं उसकी तरफ देखता रहा।
उसने कहा, “क्या देख रहे हो?”
मैंने कहा, “तुम इतनी खूबसूरत क्यों हो?”
उसने कुछ नहीं कहा और हँसने लगी। मैंने अपनी उँगलियों से उसके पिंक निप्पल को जोर-जोर से मसलने लगा।
वो बोली, “धीरे करो ना।”
मैं अब दोनों हाथों से उसके बूब्स को धीरे-धीरे दबाने लगा और साथ-साथ उसके बदन को चूमता भी रहा। अब मैंने नलिनी को बेड पर लिटा दिया और उसके पूरे बदन को पागलों की तरह चूमने लगा और बूब्स चूसने लगा। वो भी पागल हुई जा रही थी और मेरे बालों में उँगलियाँ फिरा रही थी।
अब मैंने उसकी जींस के बटन खोलकर पैंटी सहित जींस को उतार दिया। वो पूरी तरह नंगी हो चुकी थी। क्या गोर-गोर बदन था उसका। गोरी-गोरी मोटी जाँघों के बीच पिंक कलर की बिना बालों की उसकी पुस्सी को मैंने अपनी उँगली से छुआ। वो चमक गई और पैर पीछे खींच लिए। अब मैं उसके कमर के नीचे उसे चूमने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
फिर अपने कपड़े उतार नंगा होकर बाजू में लेट गया। मेरा लंड तो पहले से ही बहुत टेंशन में था। अब आजाद कर लहराने लगा। अब प्यार करने नलिनी की बारी थी। वो मेरे ऊपर आ गई और मुझे चूमने लगी। सर से पैर तक वो बिना रुके चूमते जा रही थी और उसके बड़े-बड़े बूब्स मेरे पूरे बदन से टकराकर मजा दे रहे थे। मैंने आँखें बंद करके उसका मजा लेता रहा। उसके बूब्स बड़े जरूर थे पर झुले नहीं, एकदम तने हुए। अब वो रुक गई।
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मैंने पूछा, “क्या हुआ?”
उसने पूछा, “कंडोम लगाऊँ?”
मैं उससे लंड चुसवाना चाहता था पर बोल नहीं पाया। मुझे लगा मना कर देगी तो।
मैंने कहा, “ठीक है, लगाओ।”
वो बैग से कंडोम ले आई और मेरे लंड को एक हाथ से सहलाने लगी। फिर उस पर कंडोम लगा दिया और बाजू में लेट गई।
मैंने पूछा, “क्या हुआ?”
उसने कहा, “आप ऊपर आ जाओ।”
मैं मुस्कुराकर अब उसके तंगें फैलाई और उसके पुस्सी पर ऊपर से हाथ फेरने लगा। उसकी पुस्सी पूरी तरह गीली हो चुकी थी। अब मैं भी उसकी चूत में लंड डालने के लिए तैयार था। उसने मेरे लंड हाथ में पकड़ा और अपनी चूत में डालने लगी और मैंने उसे अंदर डालने में सहयोग करने लगा। थोड़ा लंड अंदर चला गया। उसने लंड छोड़ दिया। अब मैं थोड़ा जोर से झटके देने लगा और वो आह-आह करने लगी।
उसकी चूत गीली होने के कारण मेरा लंड जल्द ही पूरा अंदर चला गया। मैं कुछ देर रुका और नलिनी के लिप्स पर अपने लिप्स रखकर धीरे-धीरे स्ट्रोक लगाने लगा। उसके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे और मुझे और भी उत्तेजित कर रहे थे। अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-जोर से स्ट्रोक लगाने लगा और उसकी चूत से पच-पच की आवाज आने लगी।
अब मैं साइड में होकर उसकी एक टांग को अपनी कमर पर रखकर धीरे-धीरे उसे चोदने लगा और बूब्स भी चूसने लगा। अब मैंने नलिनी को अपने ऊपर बुला लिया और वो मेरी कमर पर बैठ गई। मेरा लंड अब भी उसकी चूत के अंदर था। मैं दोनों हाथों से उसके बूब्स मसलने लगा और वो ऊपर-नीचे होकर मुझे मजा दे रही थी और खुद भी आँखें बंद करके आनंद ले रही थी।
फिर वो मेरे ऊपर लेट गई और मेरे पैर समेत और अपने पैर फैलाकर मुझे मैन स्टाइल में चोदने लगी। सचमुच मुझे बहुत मजा आ रहा था और मेरे होंठ भी चूस रही थी। कुछ देर में वो शांत हो गई और वो झड़ गई। उसने कहा, “मेरे तो काम हो गया।”
मैंने कहा, “मेरा बाकी है।”
कुछ देर बाद मैंने उसे नीचे कर दिया। अब मैंने उसे रोंदता हुआ पागलों की तरह जोर-जोर से चोदने लगा और वो चिल्लाने लगी, “प्लीज जल्दी करो, प्लीज जल्दी करो।”
मैंने कहा, “डार्लिंग जब तुम मुझे चोद रही थी तब तो मैंने नहीं कहा जल्दी करो।”
उसके चेहरे पर दर्द भरी मुस्कान थी। और मैं अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा था और बस मैंने भी मंजिल पर पहुँचकर ढेर हो गया। उसने मुझे अपनी ओर खींच लिया और कुछ देर हम यूँ ही पड़े रहे और मेरा लंड छोटा होकर अपनी नॉर्मल साइज में आ गया। हम लोग अलग हुए और मुस्कुराने लगे।
नलिनी ने पूछा, “कैसा रहा?”
मैंने कहा, “अच्छा पर बहुत अच्छा नहीं। खैर रात अभी बाकी है और पूरी बात अभी बाकी है।”
वो हँसने लगी।
मैं उठकर बाथरूम में चला गया। पीछे-पीछे वो भी आ गई। हम दोनों ने अपने आप को साफ किया और वापस रूम में आकर बेड पर लेट गए।
मैंने पूछा, “नलिनी तुम्हें कैसा लगा?”
उसने कहा, “मुझे तो मजा आया।”
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मैंने कहा, “डार्लिंग मजा मुझे भी आया पर मैं आज इस मुलाकात और आज की रात और तुम्हारे साथ को एक यादगार बनाना चाहता हूँ जो कभी न भूलने वाली रात हो। तुम्हारा पता नहीं पर आज तक मैं तुमसे ज्यादा खूबसूरत लड़की से नहीं मिला। इसलिए अब पता नहीं कब मुलाकात हो या न हो। आज तुम कुछ ऐसा करो कि बस यादगार रहे।”
उसने कहा, “मैं कोशिश करती हूँ पर थोड़ी देर बाद। अभी तो मैं थक गई हूँ।”
मैंने कहा, “यार कोई जल्दी नहीं है।”
मेरा पूरा नशा उतर चुका था और नलिनी के हुस्न का नशा चढ़ चुका था। मैंने इस बार उसे जी भर के पीना चाहता था। मैं फिर से शराब पीने लगा। हम दोनों अभी भी नंगे थे। नलिनी ने चादर लपेट रखी थी और मैंने तौलिए में। अपनी नशीली आँखों से मुझे देख रही थी। मैंने उसे वाइन ऑफर की, उसने मना कर दिया।
मैंने कहा, “कुछ और?”
उसने कहा, “ठीक है, बीयर पी लूँगी।”
मैंने बीयर का ऑर्डर किया। कुछ देर बाद बेल बजी। नलिनी चादर लपेटकर बाथरूम में चली गई। वेटर टेबल पर बीयर रखकर कुछ खाने का सामान रखकर चला गया।
मैंने नलिनी को आवाज दी, “डार्लिंग बाहर आ जाओ।”
अब मैंने एक गिलास में उसे बीयर दी। मैंने पूछा, “हमारे साथ क्यों नहीं पी?”
उसने कहा, “बॉस के साथ कभी नहीं। ये तो आपने पूछा नहीं तो ये भी नहीं।”
मैंने कहा, “ठीक है, पियो।”
हम दोनों एक साथ अपना गिलास खाली किया और दूसरा भरा। अब हम लोग सोफे पर बैठे थे। जब ड्रिंक पूरी हो गई तब मैंने नलिनी से पूछा, “अब क्या इरादा है?”
उसने कहा, “जैसा आप बोलो।”
मैंने कहा, “ठीक है, आ जाओ।”
उसने झटके से मेरा तौलिया खोल दिया। मेरा लंड वापस तैयार हो गया था। वो फिर से तंबू की तरह खड़ा हो गया था। वो हाथ में लेते हुए बोली, “इसे हमेशा खड़ा क्यों रखते हो? थकता नहीं क्या?”
मैंने कहा, “थक गया था, अभी फिर से टॉनिक दी तो पावर आ गया।”
वो हँस पड़ी। उसकी वो मुस्कान घायल कर देती थी और अब की मुस्कान कुछ नशीली भी थी, पर एक बीयर से उसे कोई खास असर नहीं हुआ था। अब उसे न जाने क्या सूझा। केक के क्रीम मेरे होंठों पर लगाकर मेरे होंठ चूसने लगी और अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर क्रीम मेरे बदन पर लगाकर उसे चाटने लगी। मैं बहुत गर्म हो रहा था।
उसका ये सब करने का अंदाज कुछ इतना हॉट था कि मैंने अभी तक नलिनी का ये रूप नहीं देखा था। अब तो हद ही हो गई जब उसने मेरे तने हुए लंड पर भी क्रीम लगा दी और उसे अपने मुँह में डालकर चूसने लगी। वो पूरा का पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और बार-बार क्रीम लगाती और उसे चूसती। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
मैं पागल हो गया था। बीच-बीच में वो अपने हाथ मेरे पूरे बदन पर फेरकर मुझे गर्म करती रही। मैंने उसके बालों को पकड़कर उसे लंड चुसवा रहा था, पर मेरे हाथ की स्पीड से ज्यादा उसकी स्पीड थी। अब उसके साथ मैंने भी वही किया। पहले उसके बूब्स के निप्पल्स पर क्रीम लगाई और उसके पेट में भी क्रीम लगाकर चूसने लगा।
हम एक-दूसरे के साथ इतना खो गए थे और किसी बात का होश नहीं रहा। पूरी तरह एक-दूसरे के शरीर में समाने के बेताब थे। मैं बैठ गया। नलिनी ने मेरे लंड पर कंडोम लगाया और उस पर भी क्रीम लगाकर अब वो मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को अपनी चूत में डालने लगी। क्रीम लगी होने के कारण लंड जल्द ही उसकी चूत में पूरा का पूरा समा गया।
हम लोग अब भी सोफे ही थे। मैं बैठा था और नलिनी मेरे ऊपर। अब वो अपने पैरों को मोड़कर जोर-जोर से स्ट्रोक लगाने लगी। उसके हाथ मेरे कंधे पर थे। उसने आँखें बंद कर रखी थीं और जोर-जोर से झटके दे रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैंने उसकी गांड पकड़कर उसे मदद कर रहा था।
और वो चिल्ला रही थी, “हा हा हा हा ओ माय गॉड ओ माय गॉड।” उसका वो चिल्लाना मुझे और उत्तेजित कर रहा था। मैंने उसे रोका और उसे उठाकर नीचे कर दिया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रखकर खड़े-खड़े उसे चोदने लगा। वो अब भी चिल्ला रही थी और मैं अपनी स्पीड और बढ़ाता जा रहा था। अब मैं कुछ धीरे हुआ। वो शांत हुई।
मैंने कहा, “इतना चिल्ला क्यों रही हो?”
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अब मैंने फिर से उसे लेकर बैठ गया और अब वो फिर से मुझे चोदने लगी, पर इस बार उसकी वो स्पीड नहीं थी। अपने दोनों हाथ पीछे कर मेरे घुटनों पर रखकर वो आगे की ओर धक्के लगा रही थी। हर बार उसका एक नया रंग सामने आता जा रहा था और मैं भी उसका पूरा साथ दे रहा था। हालाँकि मैं थक गया था पर नलिनी को चोदना नहीं चाहता था।
अब एक बार मैं उसे डॉगी स्टाइल में चोदना चाहता था। मैंने उससे कहा। वो बोली, “दर्द तो नहीं होगा?”
मैंने कहा, “ज्यादा नहीं होगा।”
अब वो सोफे पर ही डॉगी स्टाइल में आ गई और मैंने अब फिर से लंड पर क्रीम लगाया और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। वो चिल्ला उठी, “धीरे करो, धीरे करो।” करीब 10 मिनट तक ऐसे ही उसे चोदता रहा। मुझे लगा कि अब मैं झड़ जाऊँगा तो मैं रुक गया और बैठकर नलिनी को फिर से ऊपर आने को कहा।
अब वो भी झड़ना चाहती थी और जोर-जोर से स्ट्रोक लगाकर वो झड़ गई। मैंने उसे अब अपनी बाँहों में कस लिया और एक झटका देकर उसे सोफे पर लिटा दिया और एक टांग ऊपर उठाकर सोफे के रेस्ट पर रख दी। अब मैंने पूरा का पूरा जोर से उसे स्ट्रोक लगाने लगा। बस कुछ मिनटों में मैं भी ढेर हो गया और उस पर गिर गया।
मैंने नलिनी से कहा, “डार्लिंग सचमुच बहुत मजा आया और तुमने आज की रात को जिंदगी भर न भूलने वाली रात बना दी।”
हम दोनों खुश थे और अलग होकर साफ करके बेड पर आ गए। सुबह के 5 बज चुके थे और दोनों बहुत थक गए थे और बातें करते-करते सो गए। जब सुबह उठे तब सूरज की तेज किरणें रूम के पर्दे से अंदर आ रही थीं। मेरा सर दर्द के मारे फटा जा रहा था। रात बहुत ज्यादा शराब हो गई थी और उस पर ये शबाब दोनों सर पर चढ़ गए थे। 12 बज गए थे। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
मैंने नंगी सोई नलिनी को उठाया। वो झट से उठ गई और पूछा, “टाइम कितना हुआ है?”
मैंने कहा, “कपड़े पहन लो, फिर चाय मँगाते हैं।”
वो बाथरूम में चली गई। मैंने होटल अपरना पहन लिया और चाय का ऑर्डर किया। वो बाथरूम से बाहर निकली तो नाइटी पहन रखी थी, शायद पहले से बाथरूम में रख दी थी।
चाय पीकर वो बोली, “मैं नहाकर आती हूँ।” वो चली गई। मैं कल रात की बातों को याद कर रहा था।
बाथरूम का दरवाजा थोड़ा खुला था। मैंने धक्का दिया तो देखा नलिनी बिना कपड़ों के बाथटब में पानी भर रही थी और उसमें शैंपू और लिक्विड सोप डालकर तैयारी कर रही थी।
मुझे देखा और कहा, “बंद करो दरवाजा।”
मैंने कहा, “तुम्हें इतनी शर्म लग रही है तो बंद कर लो।”
वो बंद करने लगी। मैंने करने नहीं दिया। वो हारकर बाथटब में घुस गई। बोली, “देखो जो देखना है।”
मैं यूँ ही दरवाजे से टिक खड़ा रहा और उस सीन को देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया।
मैंने नलिनी से कहा, “मैं भी टब में आ रहा हूँ।”
उसे लगा कि मजाक कर रहा हूँ। उसने कहा, “आ जाओ।”
मैंने अपरना निकालकर टब में घुस गया। नलिनी हड़बड़ा गई। “मैं तो सोच रही थी आप यूँ ही बोल रहे हैं।”
मैंने कहा, “अब तो सचमुच आ गया हूँ।” और नलिनी को अपनी ओर खींचा और बैठे-बैठे पोजीशन में हमारे लंड-चूत मिल रहे थे।
दोनों एक-दूसरे को साबुन मलने लगे। फिर मैंने नलिनी से कहा, “एक बार हो जाए बाथटब में, एक नया अनुभव होगा।”
उसने कहा, “आपकी मर्जी, बट नो विदाउट कंडोम।”
मैंने कहा, “ओके।”
मैंने बाहर से कंडोम ले आया और नलिनी को बाथटब में करीब आधा घंटे तक चोदा। जब मैं झड़ गया तो दोनों टब से बाहर आकर शावर में नहाकर बाहर आ गए। अब कपड़े पहनकर मैंने गौरव को फोन किया तो उसने बताया, “रास्ते में ही हूँ, बस 5 मिनट में तुम्हारे पास पहुँचता हूँ।”
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कुछ देर में गौरव भी आ गया। उसने पूछा, “क्यों, कैसी रही रात? कुछ बाकी है?”
मैंने कहा, “कुछ बाकी नहीं है यार। चलो ब्रेकफास्ट करते हैं।”
हम तीनों ने ब्रेकफास्ट किया। तब 12 बज चुके थे।
मैंने गौरव से कहा, “मुझे वापस जाना है और होटल अब छोड़ देते हैं। शाम को गाड़ी है।”
उसने कहा, “ठीक है।”
उसने नलिनी से कुछ कहा और नलिनी मेरे पास आई और कहा, “अब मैं चलती हूँ, कुछ काम है। शाम को मिलूँगी।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
मैंने कहा, “मैं चला जाऊँगा।”
उसने कहा, “ठीक है, मैं आपको सी ऑफ करने स्टेशन जरूर आऊँगी।” और वो चली गई।
मैं काफी देर तक उसे जाते हुए देखता रहा, जब तक वो आँखों से ओझल न हो गई।
मेरी ये हरकतें गौरव देख रहा था। उसने कहा, “क्यों बे, तुझे प्यार हो गया क्या? एक ही रात में।”
मैंने कहा, “यार जबरदस्त चीज है, भूलने वाली नहीं है।”
उसने कहा, “चल अब और कई गम हैं मोहब्बत के सिवाय।”
मैंने कहा, “मुझे यहाँ क्या गम है।”
मैंने पूछा, “यार ये नलिनी है कौन, जो तेरे कहने पर सारी रात मेरे साथ गुजारी और जैसा मैंने कहा वैसा किया। मुझे सचमुच बहुत खुश कर दिया।”
उसने कहा, “बेटे नलिनी जल्द भूलने वाली चीज नहीं है।”
मैंने पूछा, “वो तेरे साथ काम करती है?”
उसने कहा, “नहीं, ये तो मैंने उससे कहा था कि ऐसा बोलना। पर है कौन? वो तुझे क्या करना है? क्या शादी करनी है क्या? अब तू उससे बाहर आ। वो एक हाई क्लास की कॉल गर्ल है और मॉडलिंग भी करती है।”
मैं हैरान रह गया। कुछ देर हम यहाँ-वहाँ घूमते रहे, फिर खाना खाकर गौरव ने मुझे ट्रेन में बिठाया, पर मेरी निगाहें लास्ट तक नलिनी को खोजती रहीं। आज करीब तीन साल हो गए हैं इस बात को, पर आज भी वो रात भूला नहीं हूँ।
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