Desi Sexy Confession
हाय दोस्तों, मुझे आपकी कमेंट्स से अंदाजा हुआ कि आपने मेरी पहली स्टोरी चुदाई का एक्सपर्ट बनाया कामवाली ने बहुत पसंद की है। अब दूसरी स्टोरी शेयर कर रहा हूँ। उन लोगों के लिए जिन्होंने मेरी पहली स्टोरी नहीं पढ़ी, उसके लिए मेरा इंट्रोडक्शन। मैं अपर मिडिल क्लास से हूँ, उम्र 25, नाम सनी और मुंबई का रहने वाला हूँ। हम फैमिली में 3 लोग हैं – मैं, मॉम (उम्र 52), डैड (उम्र 60)। फादर गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब करते हैं और हाई स्केल के ऑफिसर हैं और पैसा इतना है कि हम लोग बहुत खुश हैं, मतलब न ज्यादा न कम। Desi Sexy Confession
जब मैं 18 का हुआ और एग्जाम पास किया तो मुझे पेरेंट्स ने एक फ्लैट ले दिया (2 रूम्स फ्लैट विद अटैच्ड बाथ, किचन एंड टीवी रूम, मुंबई में ही था) और कहने लगे अब तुम प्रैक्टिकल लाइफ शुरू करो, मतलब वो मुझे अकेला छोड़कर दुनिया का बताना चाहते थे कि इस दुनिया में किस तरह रहा जाता है, मगर मेरी फाइनेंशियल हेल्प वही करते थे। मेरे पेरेंट्स वन्स इन अ वीक मुझसे मिलने आते थे।
आप लोग जानते हैं कि मेरी माया (काम वाली) 2 साल के बाद मुझे छोड़कर चली गई, और अब मैं अकेला था और बहुत उदास भी था और मेरा लंड मुझे बहुत तंग कर रहा था एक चूत के लिए। मुझे कोई काम वाली भी नहीं मिल रही थी, जब मैंने पेरेंट्स से कहा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया या कहकर कि तुम्हें ये सब खुद करना है। 2 से 3 महीना ऐसा ही गुजर गया।
इस वक्त मेरी उम्र 18 ईयर्स थी और मैं सेकंड ईयर का स्टूडेंट था, और फाइनल पेपर्स की तैयारी कर रहा था। अट सेम टाइम मुझे डैड ने फोन कर के कहा कि तुम्हारे लिए एक अच्छी खबर है। मैंने पूछा क्या, तो उन्होंने बताया तुम्हारी दीदी (डैड के क्लोज फ्रेंड की डॉटर, नाम सोनम, उम्र 24 एट दैट टाइम, स्लिम सेक्सी लुक लाइक्स मिस वर्ल्ड फिगर 36बी 28 36) यूएसए से स्टडी कंप्लीट करके वापस आ रही है। अगर तुम्हें बुरा न लगे तो वो तुम्हारे साथ रह ले।
मेरा दिल में लड्डू फूट पड़े, मगर मैंने थोड़ा नाटक किया और बाद में आई वाज एग्री दैट शी लिव विद मी। एग्जाम से कुछ दिन पहले मेरे पेरेंट्स सोनम दीदी को लेकर मेरे फ्लैट पर आ गए। डोर बेल बजने पर मैंने दरवाजा खोला, एट दैट टाइम आई वाज शॉक्ड और मैं तो सोनम दीदी को देखता रह गया, मगर मैंने ऐसा जाहिर किया कि मुझे उनका यहां आना अच्छा नहीं लगा।
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और फिर मेरे पेरेंट्स ने मेरा इंट्रोडक्शन सोनम दीदी से और सोनम दीदी से मेरा इंट्रोडक्शन करवाया और वापस चल दिए। मैंने सोनम दीदी को उनका रूम बताया और कहा नहाकर आराम कर लें, फिर शाम चाय पर मिलते हैं। सोनम अपना रूम की तरफ चल दीं और मैं अपना रूम की तरफ।
शाम 5 बजे तकरीबन वो रूम से बाहर आईं और मैंने चाय बनाकर सोनम दीदी को पिलाई। और हम लोग बातें करना शुरू हो गए। मैंने महसूस किया कि वो सख्त लहजे की हैं और ज्यादा फ्री नहीं होना दे रही थीं। उस वक्त मेरा सारा मूड खराब हो गया क्योंकि मैं तो उन्हें चोदने के लिए बेताब हो रहा था।
खैर उन्होंने सबसे पहले घर के रूल्स बना दिए। काम दोनों 50/50 करेंगे। और अपना काम खुद करेंगे, जैसे कपड़े धोना, इस्त्री करना आदि। खाना बनाना दीदी की जिम्मेदारी थी और मेरा काम बर्तन धोना था। फिर दीदी ने मुझे बताया कि अगर मुझे स्टडी में हेल्प चाहिए तो वो कर देंगी।
मैंने फौरन ही बोल पड़ा कुछ दिनों बाद मेरे फाइनल एग्जाम हैं, वो मुझे उसकी तैयारी करा दें तो मैं आफ्टर एग्जाम उन्हें मुंबई शहर की सैर करवा दूंगा। शी वाज एग्री और दिन गुजरना शुरू हो गया। मगर मेरे दिल में दीदी को चोदने की इच्छा बढ़ती ही गई।
वो घर में ज्यादा तर बहुत बारीक नाइटी पहनती थीं या फिर शॉर्ट्स के साथ टी-शर्ट। क्योंकि उनका कोई खास दोस्त यहां था नहीं इसलिए वो घर में वक्त गुजारती थीं। और मेरे एग्जाम नजदीक होने की वजह से मेरी भी छुट्टियां थीं और मैं भी घर में ही रहता था।
मगर पढ़ाई से ज्यादा मैं दीदी को चोदने की फिक्र में था – कैसे, कौन सा तरीका क्या जाए कि वो मान जाएं। जब भी नहाने जाते तो वो अपना रूम का डोर भी लॉक कर के जाती थीं। हम सुबह 10 बजे उठते, नहाने के बाद दीदी नाश्ता बनातीं और मैं नाश्ता के बाद बर्तन धोता, और फिर मेरी स्टडी का टाइम हो जाता।
दीदी ने मेरी बहुत हेल्प की एग्जाम में स्पेशली इंग्लिश में। फिर 2 बज के करीब दोपहर का खाना और फिर 5 बजे तक रेस्ट, फिर चाय पीकर दोबारा स्टडी और 8 बजे तक स्टडी, उसके बाद रात का खाना और तकरीबन रात 11 बजे तक टीवी देखता था, फिर सोने चला जाता। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
एक दिन मैं रात में उठा तो मुझे नींद नहीं आ रही थी, पेपर्स की टेंशन की वजह से मैं किचन की तरफ बढ़ा तो देखा कि सोनम दीदी के रूम की लाइट ऑन है। मैंने बहुत कोशिश की खिड़की के लॉक के सूराख में से अंदर देखना, मैं कामयाब हुआ। अंदर सोनम दीदी नंगी अपने बेड पर लेट लैपटॉप पर कोई काम कर रही थीं, शायद चैटिंग अपनी किसी फ्रेंड से और साथ ही कभी अपना बूब्स दबातीं, कभी चूत में फिंगर डालतीं।
दोस्तों मेरा लंड तो लोहे की तरह हार्ड हो गया और मैंने इसे मसलना शुरू कर दिया। फिर अचानक सोनम दीदी उठीं और बेड के साइड डोर में से कुछ ढूंढने लगीं, उस वक्त उनकी चिट्टी गांड मेरी तरफ थी। मेरा तो दिल कह रहा था कि दरवाजा तोड़कर अंदर चला जाऊं।
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फिर वो मेरी तरफ मुड़ीं और बाथरूम में चली गईं और वहां से टूथ ब्रश लाकर आईं, अब लैपटॉप टेबल पर रखा और अपनी चूत में टूथ ब्रश और फिंगर डालने लगीं। थोड़ी देर में उनकी स्पीड तेज हो गई तो तकरीबन 4 से 5 मिनट के बाद उनका पानी निकल गया और वो आराम से बाथ गईं।
जब मुझे होश आया तो मेरा पानी भी निकल चुका था। तब मैंने पानी पिया और वापस आकर लेट गया। मेरे जहन में एक आइडिया आया। मैंने अपना टूथ ब्रश छुपा लिया और अगली सुबह सोनम दीदी के रूम में जाकर उनसे कहा प्लीज अपना ब्रश दे दो, मेरा ब्रश नहीं मिल रहा।
वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराईं और बाथरूम से लाकर दे दिया। मैं वहां से वापस अपने रूम में आ गया और अपना ब्रश से टूथ सफ कर के वापस सोनम दीदी का ब्रश रखने गया तो उन्होंने पहली दफा हंसकर मुझसे कहा टूथ ब्रश हो गया। मैंने कहा हां तो सोनम दीदी ने बेस्ट ऑफ लक कहा एग्जाम के लिए और मैं भी कॉलेज के लिए चला गया।
फिर एग्जाम के बाद मैंने सोनम दीदी को शॉपिंग के लिए ले गया। मैं उन्हें मल्टी पर्पस स्टोर में ले गया जहां से पहले मैंने कुछ अपना ड्रेस जैसे जींस, टी-शर्ट, कुछ ड्रेस पैंट्स और अंडरवियर लिया। फिर दीदी ने भी अपनी जरूरत का सामान लिया जिसमें कपड़े, नाइटी, अंडर गारमेंट्स, मेकअप का सामान आदि…
फिर हम घर वापस आए। रात के खाने पर मैंने दीदी से पूछा कहां घूमने का प्रोग्राम है… तो उन्होंने कहा शिमला मगर वादा तो मुंबई में ही घूमने का था। मैं अचानक बोला तो दीदी ने कहा प्लीज मुझे शिमला जाना है। फिर मैंने पेरेंट्स से इजाजत ली रात को और नेक्स्ट मॉर्निंग हम शिमला के लिए मेरी गाड़ी में निकल पड़े।
चूंकि उस वक्त मुझे ड्राइविंग नहीं आती थी तो दीदी ने ही ड्राइविंग की। जब कभी दीदी गियर चेंज करतीं तो उनका हाथ मेरी टांगों के साथ रगड़ खाता तो मैं जान-बूझकर टांगें आगे कर देता। खैर ऐसा ही चलता रहा और हम लोग शिमला पहुंच गए और होटल में एक ही रूम बुक करवाया।
चूंकि रात काफी हो गई थी और ठंड भी हल्की-हल्की थी तो हम खाना के बाद सो गए। मैं सोफा पर और दीदी बेड पर थीं। मुझे रात में नींद नहीं आ रही थी और मैं सोच रहा था कैसे शुरू करूं मगर कोई आइडिया नहीं था। खैर रात गुजर गई और नेक्स्ट मॉर्निंग हम लोग शिमला में पास के गांव में घूमने के लिए चले गए।
वापसी पर एज यूजुअल शिमला का मौसम बदला और अचानक बारिश शुरू हो गई और हम दोनों भीग गए। दीदी का ब्लैक ब्रा साफ नजर आने लगा। दीदी को ठंड लग रही थी तो मैं एक पेड़ (ट्री) के नीचे रुक गया और दीदी को अपने से चिपका कर ट्री के साथ खड़ा हो गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
दीदी ने भी मुझे कस कर पकड़ लिया…. तो दीदी ने ऐसे ही मुझसे कहा अब क्या करें। मैं कुछ नहीं बोला और दीदी के साथ चिपका रहा। मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने लंड को चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया और साथ ही दीदी भी मेरे लिप्स पर किस करने लगी।
मैंने मौका देखा तो अपना हाथ दीदी के पैंट में डाल दिया और पैंटी के अंदर चूत को मसलने लगा। दीदी ने भी मेरे पैंट में हाथ डाला और मेरा लंड हिलाने लगी। मैं तो बता नहीं सकता कैसा मजा आ रहा था… और दोस्तों आप लोग तो इमेजिन कर के ही अपना पानी निकाल लो, ऐसा मजा की चीज थी सोनम दीदी।
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फिर हम दोनों का पानी कुछ ही देर में निकल गया और हम शांत होकर एक-दूसरे से चिपके रहे और खामोश रहे। तकरीबन एक घंटा बाद बारिश रुकी और हम लोग वापस होटल की तरफ चल दिए। दीदी और मैं एक-दूसरे से बिल्कुल कोई बात नहीं कर रहे थे।
हम होटल के रूम में पहुंचकर कपड़े चेंज किए विदाउट डिनर सोनम दीदी सो गईं और मैं भी लेट गया मगर नींद नहीं आ रही थी और सोच रहा था कैसे बात करूं दीदी से। इसी सोच में फिर सोफा से उठा और दीदी के बेड पर उनके साथ लेट गया। उनका मूंह दूसरी तरफ था।
मैंने उनकी नाइटी थोड़ी ऊपर की और अपनी नाइटी भी उतार दी और अपना लंड उनकी गांड में रगड़ना लगा। गांड बहुत टाइट थी इस वजह से लंड गांड के ऊपर ही सांप की तरह फिर रहा था। फिर मैं उठा और बाथरूम में चला गया ऑयल लाने के लिए मगर वहां ऑयल नहीं था।
मैंने शैंपू का साचा उठाया और दीदी के पास चला गया बेड पर। फिर दीदी की नाइटी पूरी ऊपर कर के उनके बूब्स दबाने लगा और एक हाथ चूत पर रख कर मसलने लगा। दीदी कुछ नहीं बोलीं और चुप करके लेटी रहीं। फिर मैंने थोड़ा शैंपू अपना लंड पर और थोड़ा दीदी की गांड पर लगाया और लंड को उनकी गांड में घुसाना लगा।
अभी लंड का टोपा ही अंदर गया था दीदी ने गांड का सूराख जोर से दबा लिया। मैं समझ गया कि उनको दर्द हो रहा था। इस दफा पहले मैंने 2 फिंगर से दीदी की गांड का सूराख बड़ा किया और फिर लंड घुसाया। इस दफा 1/3 हिस्सा लंड का अंदर चला गया मगर दीदी ने लंड को गांड में सख्त से पकड़ लिया।
मैंने इतना में ही शॉट्स लगाना शुरू किया और एक हाथ से बूब्स और दूसरा से उनकी चूत मसलने लगा और फिर मैंने स्पीड तेज की और दीदी ने भी हिलना शुरू कर दिया। मैंने दीदी से कहा दीदी प्लीज सीधे हो जाओ मैंने आपकी चूत देखनी है तो वो कुछ न बोलीं मेरा लंड अभी उनकी गांड में ही था।
जब मैंने थोड़ा जोर लगा कर लंड को 1/2 अंदर किया तो दीदी आगे की तरफ हो गईं जिससे मेरा लंड बाहर निकल आया गांड के सूराख में से। इसके बाद मैंने दीदी का मूंह अपनी तरफ करने की कोशिश की तो उन्होंने नाइटी नीचे कर दी और बेड के किनारे पर हो गईं और फिर मुझे मौका नहीं दिया।
इसके बाद ऐसा ही 1 वीक गुजर गया मगर इस रात के बाद मैंने भी दीदी से न कोई बात की और न उन्होंने बस थोड़ी जनरल बात होती रही और हम वापस आ गए। वापस आकर तकरीबन 2 से 3 दिन तक ऐसा ही चला। जब मैंने देखा ऐसा बात नहीं बनती तो मैंने दीदी से साफ बात करने का सोच लिया। नेक्स्ट डे मैं उठा, बाथ लेने के बाद मैंने और दीदी ने नाश्ता किया तो मैं हिम्मत कर के पूछा दीदी से। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं: दीदी एक बात कहूं।
दीदी: हां बोलो।
मैं: दीदी वो दीदी……
दीदी: अब बोलो बे।
मैं: दीदी मैं वो या का….
दीदी: अरे बोलो बे।
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मैं: दीदी प्रॉमिस करिए नाराज नहीं होंगी और अगर मेरी बात बुरी लगे तो आई एम सॉरी।
दीदी: नहीं तुम बोलो।
मैं: दीदी हमारे बीच जो हुआ आप क्या सोचती हैं वो अच्छा था या बुरा।
दीदी: (खामोश रहीं)
मैं: मैंने अगेन क्वेश्चन रिपीट किया।
दीदी: अब मैं तुम्हें क्या बताऊं ये सब अच्छा है या नहीं एक तरह से मुझे तो अच्छा ही लगता है।
मैं: तो फिर मुझे करना क्यों नहीं देते।
दीदी: क्या करना नहीं देते।
मैं: वही जो सब करते हैं।
दीदी: सब क्या अर्थ है।
मैं: दीदी अब बनो मत आपको सब पता है।
दीदी: दीदी अच्छा तुम्हें जो चाहिए वो मिल सकता है मगर कुछ कंडीशन लगू होंगी?
मैं: मसलन क्या-क्या।
दीदी: यही जैसा मैं कहूंगी वैसा ही होगा और तुम हमेशा कंडोम इस्तेमाल करोगे और पीछे से जितना मैं कहूंगी उतना उससे ज्यादा नहीं।
मैं: ठीक है बजी और मैं उठकर दीदी के चेयर के साथ खड़ा होकर अपना खड़ा लंड को दीदी के शोल्डर के साथ लगाने लगा।
दीदी: आराम से इतनी जल्दी भी क्या है, जरा सब्र करो पहले मुझे नाश्ता तो करने दो।
मैं: दीदी मैं अपने हाथ से खेलता हूं आप को। मैं साथ वाली चेयर पर बैठ गया।
दीदी: मुझे तो तुम्हारे गोद में बैठना है फिर जैसा मर्जी चाहे करना।
अब फौरन दीदी उठीं और मेरी गोद में आकर बैठ गईं। दीदी ने हाफ स्कर्ट पहने हुए थे और नीचे महरून कलर का ब्रा और पैंटी थी टाइट ऊपर से कसी हुई स्कर्ट उफ दोस्तों आप लोग तो सोचकर पसीना-पसीना हो जाओगे। फिर मैं ब्रेड पर जैम लगाकर दीदी के लिप्स के पास रखा तो उन्होंने छोटा सा चब (बाइट) लगाया और फिर मैंने फिर ऐसे ही उन्हें अपने हाथ से चाय भी पिला दी तो दीदी ने मुझे कहा पहले हम लोग फर्स्ट बाथ में लेंगे उसके बाद कुछ करेंगे।
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तब मैं फौरन उठा और दीदी को बता कर बाजार चला गया और कंडोम लाया और कंडोम टीवी के पास रख दिया और दीदी को गोद में उठाकर अपने रूम के बाथरूम में ले गया। वहां पर दीदी ने मेरे सारे कपड़े उतारकर मेरा लंड देखना और चूमना लगी और फिर मुझे इशारा किया कि मेरे कपड़े खोल दो। मैं फौरन कपड़े उतारकर ब्रा और पैंटी भी निकाल दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब सोनम दीदी मेरे सामने फुल न्यूड थीं और मैं उनके सामने। मेरा लंड सर उठा रहा था और मैं दीदी के बूब्स मसल रहा था, तो दीदी ने कहा ठहरो सनी जल्दी नहीं प्लीज। मैंने कहा ओके। फिर शावर ऑन किया और हम दोनों कंप्लीट भीग गए। ऐसे मजा के बॉडी और गीले कौन कमबख्त इंतजार करता।
मैंने तो दीदी के बदन चाटना शुरू कर दिया अपनी जीभ से। फिर दीदी ने मेरे सारे जिस्म पर साबुन लगाया और मैंने दीदी के जिस्म पर साबुन लगाया। फिर दीदी ने मेरे लंड पर वीट क्रीम लगा दी और मैंने दीदी की चूत बाल वीट क्रीम लगा दी। फिर दीदी ने मेरे सिर पर शैंपू और मैंने दीदी के सिर में शैंपू लगाया।
अब दीदी ने फोम लिया और उस पर खूब साबुन लगाकर मेरे बदन पर रगड़ने लगी। फिर मैंने दीदी के जिस्म को खूब साफ किया और फिर शावर ऑन कर के जिस्म से साबुन साफ कर लिया। फिर टॉवल से बाथरूम में ही जिस्म को खुश्क किया और मैं दीदी को नंगा ही बाथरूम से उठाकर टीवी रूम में सोफा पर बैठा दिया.
और एक XXX फिल्म लगाकर दीदी को गोद में बैठाकर दीदी के लिप्स के साथ अपने लिप्स जोर कर चूसने लगा और साथ ही बूब्स मसलने लगा। जब खूब लिप्स का जूस पी लिया तो फिर बूब्स और निप्पल्स को चूसने लगा और दीदी का हाथ मेरे लंड पर था और दीदी इसे मसल रही थीं कभी लंड पर प्यार से हाथ लगातीं और कभी लंड को जोर से दबातीं जिससे मेरी आह निकल जाती।
तब दीदी ने मुझे रोका और मुझे पीछे कर के फ्रिज की तरफ बढ़े और फ्रिज में से जैम और बटर के साथ एक प्लेट लाईं। मैं सोफा पर नंगा बैठा दीदी को देख रहा था (उनकी मोटी गांड घुड़दौड़ कर रही थीं) और लंड को मसल रहा था। दीदी ने कहा ये काम मैं कर दूंगी तुम छोड़ दो इसे मेरे लिए।
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दीदी ने प्लेट में थोड़ा बटर और जैम डाला, उंगली (फिंगर) से मिक्स किया और पेस्ट सा बना लिया। मैं ऊह देख रहा था वो क्या कर रही हैं। फिर मेरे पास आकर मुझे सोफा पर लेटा दिया और दीदी ने पेस्ट को जीभ पर रखा और मेरे लंड पर अपनी जीभ से लगाने लगी। मुझे तो ऐसा मजा आया मैं बता नहीं सकता (बयान करने के लिए अल्फाज नहीं हैं)।
फिर मेरे लंड को काफी देर तक मीठा + मीठा करके चूसती रहीं और मेरा पानी निकल गया जो दीदी ने सारा का सारा पी लिया। और फिर मेरे हाथ में प्लेट देकर सोफा पर लेट गईं और फिर मैंने अपनी फिंगर से दीदी के लिप्स पर, बूब्स और निप्पल्स, और दीदी की चूत पर सारा बचा हुआ पेस्ट लगा दिया और फिर जहां से दिल कर रहा था मैं वो पेस्ट चाट रहा था.
कभी बूब्स और निप्पल्स कभी लिप्स और कभी दीदी की चूत और कुछ ही देर में दीदी की चूत ने पानी छोड़ दिया जो सारा मैंने पी लिया। फिर दीदी नीचे जमीन पर लेट गईं और हम दोनों 69 के स्टाइल में आकर दीदी मेरे लंड और मैं दीदी की चूत चाटने लगा।
तकरीबन थोड़ी ही देर में मेरा लंड अब तैयार हो गया था दीदी को चोदने के लिए। दीदी ने मुझे सीधा किया और कंडोम लाकर मेरे लंड पर चढ़ा दिया और फिर अपनी गांड के नीचे तकिया रखकर मुझे ऑयल लाने को कहा। मैं फौरन लाकर आया। दीदी ने अपनी चूत में ऑयल लगा दिया और मैंने 1 से 2 फिंगर चूत में डालकर चूत का सूराख खोला.
और फिर दीदी ने मेरे लंड को पकड़कर चूत के होल के सामने ला गया और मैं आराम-आराम से लंड को चूत के घर में डालने लगा। चूंकि दीदी फिंगरिंग के साथ और भी वेजिटेबल्स का इस्तेमाल चूत में करती थीं तो मुझे ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी और मेरा लंड दीदी की चूत में नीचे तक उतर गया और मैंने रेल गाड़ी स्टार्ट कर दी और अपनी स्पीड तेज करना लगा.
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और कुछ ही देर में दीदी ने मेरे साथ देना शुरू कर दिया। अब दीदी नीचे से अपनी गांड उठाकर मेरे लंड को चूत में ला रही थीं और मैं ऊपर से स्टॉक लगा रहा था। दीदी के मुंह से आवाजें निकल रही थीं ओह येस हां तेज्ज्ज्ज सनी प्लीज और स्पीड से चोदो हां चोदो और तेज्ज्ज प्लीज सनी हां मैं मर गई ओह येस येस हां हां प्लीज तेज तुम्हारा लंड बहुत मजा दे रहा है थोड़ा जोर से करो थोड़ा तेज.
जिससे मेरी स्पीड में इजाफा हो रहा था और दीदी की आवाजें सुनकर मैं और भी जोश में आ रहा था। तकरीबन 5 से 6 मिनट बाद मैं रुक गया और दीदी भी। फिर दीदी को उठाकर सोफा के साथ आगे को झुका दिया और दीदी की गांड में अपनी जीभ डालकर चाटना लगा और साथ में फिंगर भी जीभ के साथ गांड में घुमा रहा था।
फिर मैंने ऑयल दीदी की गांड में खूब लगाया और अपना लंड को गांड के सूराख पर रखकर अंदर की तरफ करना लगा। मुझे थोड़ी मुश्किल हुई और दीदी को भी पेन फील हो रही थी। तब दीदी ने मेरे हाथ पकड़कर फिंगर को अपने दांतों के नीचे दबा लिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं समझ गया अब एक-दो जोरदार झटका लगाना चाहिए। सो मैंने ऐसा ही किया और दीदी की गांड में एक-दो जोरदार झटका लगाकर पूरा लंड अंदर कर दिया जिससे दीदी की आंखों से आंसू निकल गए मगर थोड़ी ही देर में वो ठीक हो गईं और मैंने जोरदार स्टॉक लगाना शुरू कर दिया।
और फिर दीदी ने मेरे लंड को बाहर निकालकर मुझे सोफा पर बैठाकर खुद मेरे लंड को चूत में लाकर ऊपर-नीचे होना लगीं और सेम आवाजें निकालने लगीं येस नीचे से तुम भी चोदो मुझे बहुत मजा आ रहा है हां सनी तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो तुम्हारा लंड भी काफी अच्छा मोटा और सख्त है इसे प्लीज मेरी चूत में पूरा उतारो.
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मैं नीचे से हां दीदी आप भी बहुत सेक्सी हो आपकी चूत तो रेशम है आप तो महान हो दीदी आपसे अच्छा कोई नहीं चुदवाता होगा दीदी आपका बूब्स तो बहुत नरम हैं जो मैं साथ में मसल रहा था और दीदी बूब्स को जोर-जोर से उछाल रही थीं हां चोदो सनी चोदो आज पूरा मजा दो मुझे बहुत चाह लग रही है चोदो ना तेज्ज्ज प्लीज ना (तो मेरे मुंह से अचानक गाली निकल गई) मैंने दीदी को कहा दीदी तुम तो रंडी लग रही हो माँदरचोद तुमने मेरा पूरा लंड चूत में लाकर भी और मांगते हो.
मेरा लंड तुम्हारी चूत में पूरा उतरा है रंडी की बच्ची बहनचोद और कितना अंदर करूं तुम रंडी हो तो इनमें मेरा लंड क्या करे। फिर दीदी ने मुझे जोर से पकड़ लिया और मेरे ऊपर गिर गईं मैं क्योंकि उनकी चूत को सुकून मिल गया था और फिर मेरा लंड ने भी पानी निकाल दिया। दीदी ने मेरा कंडोम उतारा और मेरे लंड को चूसना लगी और मैं दीदी की चूत चाटने लगा और सुध होकर सोफा पर ही दीदी मुझसे चिपककर लेट गईं। तो दोस्तों ये सब तकरीबन नेक्स्ट 6 महीने तक चलता रहा और फिर दीदी वापस अमेरिका चली गईं।
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