Cousin Porn Kahani
मैं संजय आप सबके बीच अपनी एक जबरदस्त चुदाई की कहानी के साथ जिसमें मैंने अपनी मौसी की लड़की जिसका नाम नीतू है को जबरदस्त तरीके से चोदा। दोस्तों मेरी मौसी लखनऊ में रहती हैं उनके दो बच्चे हैं एक लड़का और एक लड़की। Cousin Porn Kahani
नीतू 5.6 इंच लंबी और भरे हुए गोरे बदन की मालकिन है। उसका फिगर 32-26-34 का है। जब वो सड़क पर निकलती है तो लड़के और बूढ़े सब अपना लंड मसलते हुए रह जाते हैं। हुआ कुछ यूँ की नीतू एक बार हमारे घर अलीगढ़ आयी कुछ दिन रहने।
हम दोनों साथ में ही ज्यादातर समय बिता रहे थे। एक दिन सुबह नीतू की मम्मी यानी मेरी मौसी का फोन आया तो वो उनसे बात कर रही थी। और उसी के फोन से उसने मेरी बात करवाई। मैं मौसी से बात करता रहा और नीतू चली गई नहाने। नीतू के जाने के बाद मौसी का भी फोन कट गया।
फोन कट जाने के बाद मैं उसके फोन को चलाने लगा तो उसमें मुझे एक वीडियो दिखी। मैंने उस वीडियो को खोला तो मैं उसे देखकर दंग रह गया। उसमें नीतू एक साथ 2 लड़कों से अपनी चुदाई करवा रही थी। दोनों लड़के सांवले रंग के थे और उनके लंड भी छोटे-छोटे थे।
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दोनों ने नीतू को घोड़ी बना रखा था एक उसके मुँह के सामने बैठकर उसको अपना लंड चुसवा रहा था और वीडियो बना रहा था और दूसरा पीछे से उसकी चूत में अपना लंड पेल रहा था। नीतू मजे से आह आह आह करती हुई चुद रही थी।
उसकी हवस उसके चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। मैं उस वीडियो को देखकर हैरान था कि नीतू कब इतनी बड़ी हो गयी। और चुदाई की इतनी हवस उसे कब हुई। उसे देखकर मेरे होश उड़ चुके थे। जैसे तैसे मैंने खुद को संभाला।
मैंने फटाफट उस वीडियो को अपने फोन में ट्रांसफर कर लिया। और नीतू का फोन साइड में रख दिया। थोड़ी देर बाद नीतू नहाकर बाहर आई। उसने टी-शर्ट और लोअर पहन रखा था। मैंने उसे कभी गलत नजर से नहीं देखा था। लेकिन आज उसके बूब्स और उसकी गाँड़ को देखके मेरा लंड खड़ा होके सलामी देने लगा।
नीतू ने अपना फोन उठाया और वहाँ से चली गई। पूरे दिन मेरे सामने उसकी चुदाई का वो सीन चलता रहा। अब मेरा भी मन उसे चोदने का कर रहा था। मैं पूरे दिन सोचता रहा कि उसे कैसे चोदा जाए। रात को हम दोनों मेरे कमरे में सोने पहुंचे। मैं अलग बिस्तर पर था और वो अलग बिस्तर पर।
मैं उठकर उसके बिस्तर पर गया और उसके पास जाके लेट गया। मैंने उसको अपने हाथ पर सर रखके सुला लिया और उसका एक बूब्स दूसरे हाथ से हल्के से सहलाना शुरू किया। नीतू गुस्से में उठी और बोली भईया ये क्या कर रहे हो तुम्हे शर्म नहीं आती मैं तुम्हारी बहन हूँ।
मैंने उसे लेटे हुए ही अपने ऊपर खींचा और कसके उसे अपनी बाँहो में जकड़ के उससे कहा – बहन एकसाथ 2 लंड ले रही है और हम शर्मायें। इतना सुनके नीतू एकदम सकपका गयी। वो जो छूटने की नाकाम कोशिश कर रही थी वो भी एकसाथ रुक गई और घबराते हुए बोली। तुमने मेरा फोन चेक किया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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मैंने एक हाथ उसके लोअर में से उसकी पैंटी में डाला और उसके बड़े से चूतड़ को कस के दबाते हुए बोला – तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊंगा आज।
वो बोली भईया मैं सबको बता दूँगी वरना मुझे छोड़ो जल्दी।
मैंने भी कहा तूने किसी से कुछ भी कहा तो सब फिर तुझे लंड पे लंड लेते हुए देखेंगे। तेरी वीडियो अब मेरे पास भी है।
फिर नीतू और ढीली पड़ गई तो मैं अपना हाथ उसके चूतड़ों के बीच में उसकी गाँड में चलाने लगा और उसे उसकी चूत तक सहलाने लगा। उसके होठों को मैं अपने मुँह में भर के चूसने लगा। उसका नीचे वाला होठ मैं अपने दांतो में भर के काट रहा था।
नीतू के मुँह से सिसकियां बाहर आ रही थीं। वो आह आ अरे आह बस प्लीज आह करके चिल्ला रही थी। तभी मैंने उसके लोअर को पैंटी सहित नीचे किया और अपने पैर से ही उसे उतार दिया। अब नीतू नीचे से बिल्कुल नंगी थी और बिल्कुल भी मुझे रोक नहीं रही थी।
फिर मैंने नीतू को अपने नीचे ले लिया और सीधे उसकी चूत पे अपना मुँह रखा। अब उसके दोनों चूचे मेरे हाथों में थे और उसकी चूत मेरे मुँह में। मैं जबरदस्त तरीके से उसकी चूत को चाट रहा था और उसके बूब्स को भी भरपूर मसल रहा था।
नीतू आह सससससशश याये आह जैसी सिसकारियां मुँह से निकाल रही थी। उसकी गोरी चूत पे हल्के हल्के बाल थे जो कि उसकी चूत के चूत रस और मेरे थूक में गीले हो चुके थे। नीतू की चूत में से धीरे-धीरे पानी बाहर आ रहा था और मैं उसकी चूत में अंदर तक जीभ डालकर उसे चूस और चाट रहा था।
अब नीतू पूरी तरह से चुदाई के लिए तैयार थी वो मेरा साथ दे रही थी और मेरा सर अपनी चूत पर दबा रही थी। फिर मैंने फटाफट उसकी टी-शर्ट को भी उतारा और उसने जो काले रंग की ब्रा पहनी थी उसे भी उतार दिया।
अब नीतू बिल्कुल नंगी मेरे सामने पड़ी थी और वो किसी अप्सरा के समान चमक रही थी। उसके चेहरे पर चुदास की प्यास साफ दिखाई पड़ रही थी। मैंने भी फटाफट अपने कपड़े उतारे और अपना 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड नीतू के हाथ में रख दिया।
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नीतू बोली भईया ये तो अकेला ही तीन लंड के बराबर है। आज तो तुम सच में अपनी बहन की चूत फाड़ दोगे। मैंने न कभी इतना मोटा और लम्बा लंड लिया न देखा।
नीतू हाथ से मेरे लंड को हिलाने लगी। वो कभी टोपे को लंड पर चढ़ाती तो कभी उतारती। नीतू की आँखें लंड देखकर चमक रही थीं जैसे वो लंड लेने को बेताब हो रही हो। नीतू ने अपने मुँह से थोड़ा सा थूक मेरे लंड पर निकाला और उसे हाथ से मेरे लंड पर मल दिया और लंड को और तेजी से हिलाने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने उसे बालों से पकड़ा और लंड ही उसके मुँह में दे दिया। मैंने कहा ढंग से चूस न बहन की लौड़ी। नीतू के मुँह में मेरा लंड पूरी तरह से नहीं आ रहा था। उसके दांत मेरे लंड को काट रहे थे और उसकी आंखों से पानी बाहर आ रहा था।
फिर भी मैंने उसके मुँह में जोरदार झटके लगाए और ढंग से उससे अपना लंड चुसवाया। मेरा लंड नीतू के गले तक जा रहा था। बहुत देर चुसवाने के बाद मैंने अपना माल उसके गले में ही झाड़ दिया और लंड तब तक उसके मुँह से बाहर नहीं निकाला जब तक वो सारा माल निगल न गयी।
मेरे लंड का सारा माल चाट-चाट के साफ करने के बाद भी नीतू ने मेरे लंड को नहीं छोड़ा। वो उसे पूरी तरह से मस्त होकर चूसती रही और लंड को फटाफट अपनी चूत के लिए तैयार कर लिया। मैंने फिर उसे सीधा लिटाया और उसके ऊपर आके उसकी चूत न अपना लंड डालना शुरू किया।
उसके दूध भी मैं दबा-दबा के चूस रहा था। जैसे ही मैंने लंड उसकी चूत में अंदर घुसाया वो बहुत जोर से चिल्लायी। मैंने तुरंत उसके मुँह पे मुँह रख दिया और उसकी आवाज को दबा दिया। वो अपनी जीभ मेरे मुँह में डालके किस करने लगी। नीतू की चूत बहुत गीली हो चुकी थी।
इसलिए मैंने एक बार में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। नीतू दर्द से कराह उठी। एक बार फिर उसकी आँखों में खुशी और आंसू दोनों थे। मैंने बहुत स्पीड से नीतू को चोदना शुरू किया। नीतू बहुत तेज चिल्ला रही थी। आह आई मम्मी मर गई फट गई आह छोड़ दे भोसड़ी के आह। कमरा नीतू की चीखों से भर गया।
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काफी देर उसे ऐसे चोदने के बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और घोड़ी बनाकर उसकी चूत का पानी निकाला। घोड़ी बने हुए उसकी चूत से जब पानी निकला तो उसकी गोरी मोटी जांघ से सरकते हुए नीचे आने लगा। उसके झड़ने के बाद उसकी चूत टाइट होने लगी तो और ज्यादा मजा उसको चोदने में आने लगा।
उसकी गीली चूत में लंड ऐसे जा रहा था जैसे किसी मशीनरी में ग्रीस लगा हो और उसमें कोई मोटी शाफ़्ट अंदर बाहर की जाए। फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत की चाट चाट के साफ किया उसकी चूत का सारा पानी मैं पी गया और जीभ अंदर तक डालकर अंदर तक उसकी चूत को मजा दिया।
फिर मैं बेड पे लेट गया और नीतू 69 पोजीशन में आ गई और हमने एकदूसरे की चुसाई चटाई मस्त होकर जबरदस्त तरीके से की। फिर मैंने नीतू को अपने ऊपर ले लिया। वो मेरे ऊपर बैठकर लंड को अंदर बाहर लेके उसपर उछलने लगी।
उसकी टाइट चूत में लंड मुश्किल से जा रह था पर उसने उछल उछल के अपनी चूत खोल ली और एक बार फिर अपना पानी मेरे लंड पर छोड़ दिया। दूसरी बार पानी झड़ने के बाद नीतू थक गई तो मेरे ऊपर से उतर के बराबर में लेट गयी।
मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बराबर में पड़ी मेज पर लिटा लिया। और मेज के बराबर में खड़ा होकर उसके पैर अपने कंधों पर रखके उसकी चूत में जबरदस्त लंड पेला। नीतू इस बार और ज्यादा चीख रही थी पर मैं नहीं रुका और उसको थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद उसे अपनी गोद में उठाके खड़े-खड़े उसे चोदा।
नीतू ने एक बार फिर अपना माल मेरे लंड पर ही निकल दिया। मैंने चुदाई वहीं रोकी और उसे घुटनों के बल बिठाया और उसके मुँह में अपना लंड देके पहले अपने लंड पे उसकी चूत का पानी था वो उसे चटवाया और ढंग से उससे लंड चुसवाया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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फिर मैंने उसके मुँह में ही अपना लंड भी झाड़ दिया। मेरा गाढ़ा माल इतना निकला कि उसका मुँह मेरे माल से भर गया। इस बार उसने मेरा माल निगला नहीं बल्कि जीभ से सारा मेरे लंड पर ही मल दिया और फिर चाट-चाट के लंड को साफ किया। फिर हम दोनों बिस्तर पर नंगे ही लिपट कर लेट गए।
नीतू मेरे मुरझाए पड़े लंड को हाथ से सहलाने लगी। और मसल मसल के उसे खड़ा करने की कोशिश करने लगी। फिर वो उठी और मेरे मुँह पर बैठकर अपनी चूत को मेरे मुँह पर रगड़ने लगी। मैं उसकी चूत को मुँह में भरके चूस रहा था और अंदर तक जीभ डालकर उसे चाट रहा था।
इससे मेरा भी लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया तो मैंने नीतू को 69 में ले लिया और उससे ढंग से अपना लंड चुसवाया, साथ ही उसकी चूत भी ढंग से चाटी और उसके चूचे भी दोनों हाथों से मसले। नीतू ने अपने दोनों चूचों को पकड़ के उसमें मेरा लंड फंसा के उसे सहलाया।
उसके मुलायम चूचे इतने सख्त थे कि मुझे अलग ही मजा उसके चूचों को चोदने में आ रहा था। फिर मैंने नीतू को अपने नीचे लिया और उसकी चूत में लंड डाला और उसे चोदा। नीतू की चूत ने हल्का सा पानी छोड़ दिया था जिससे मेरे लंड गीला हो गया तो मैंने लंड हल्का से नीचे करके उसकी गांड़ में पेल दिया।
नीतू एक साथ चौंकी और लंड का टोपा अंदर घुसते ही बहुत तेज चिल्लाई भईया भोसड़ी के… मैंने उसके मुँह को अपने मुँह में भरा और उसे चूमने लगा। जैसे ही वो शांत हुई मैंने एक झटके में पूरा लंड उसकी गाँड में घुसा दिया। नीतू फड़फड़ाने लगी और हाथ पैर चलाने लगी उसने मुझे भी खुद से दूर धकेलने की कोशिश की।
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पर मैं नहीं माना और उसकी गाँड में लंड अंदर बाहर करने लगा। थोड़ी देर ऐसे ही चुदने के बाद जब वो नॉर्मल हुई तो मैंने उसे उल्टा लिटाया और पीछे से उसकी गाँड में लंड डाला। उसके गुदगुदे चूतड़ों से पट-पट की आवाज मेरे हर झटके पे आ रही थी। अब उसकी गाँड खुल चुकी थी और आसानी से लंड अंदर बाहर हो रहा था। फिर मैंने पीछे से ही उसकी चूत में लंड पेला। इस तरह कभी चूत में और कभी गाँड़ में उसकी चुदास मैंने बुझाई।
फिर मैंने इस बार अपना माल उसकी गाँड में ही झाड़ा। नीतू की हालत खराब हो चुकी थी। फिर भी मैंने उसे एक बार और चोदा और इस बार उसकी चूत को अपने लंड के लंड रस से भर दिया। नीतू अब बहुत थकी हुई थी पर खुश भी बहुत थी। बोली भईया बहुत लंड लिए पर ऐसा लंड कभी नहीं मिला। आज की चुदाई मैं कभी नहीं भूलुंगी। फिर हम दोनों बहन भाई नंगे ही लिपट कर सो गए और जब तक वो घर रही तब तक भरपूर चुदाई करी।
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