Young Girl Sex
मैं राकेश हूँ। मेरा 7 इंच का लंड है और मैं लखनऊ में रहता हूँ। अभी पिछले महीने मैं अपने ऑफिस के काम से वाराणसी गया था। वहाँ जाकर कैंट स्टेशन के सामने मैंने एक होटल में रूम लिया। मैं बहुत थका हुआ था और रात के 8 बज रहे थे। इसलिए मैं रूम में जाते ही बाथरूम में चला गया। Young Girl Sex
बाथरूम में अच्छी तरह नहा कर मैं शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहनकर रूम में बैठ गया। मैंने रूम सर्विस पर फोन करके वेटर को बुलाया और उसको पैसे दिए और कहा कि यार बहुत थक गया हूँ, कुछ ड्रिंक्स का इंतज़ाम कर दो ताकि कुछ थकान दूर हो सके।
वो बोला कि सर ड्रिंक से तो नींद आ जाती है, असली थकान तो दूसरे तरीके से दूर होती है।
मैं उसकी बात को समझ गया।
मैंने कहा यार जानता तो मैं भी हूँ मगर मैं यहाँ किसी को जानता नहीं हूँ। अगर तुम कुछ जुगाड़ कर सकते हो तो बताओ, मैं जो भी पैसे लगेंगे वो दूँगा।
तो वो बोला क्यों नहीं, मैंने इसी लिए तो आपसे पूछा था। मैं इंतज़ाम कर दूँगा मगर वो 10000 लेगी और मेरे 1000 रुपये लगेंगे क्योंकि मुझे टैक्सी लेकर जाना होगा। वो कुछ दूर रहती है।
मैंने कहा यार 10000 तो ज़्यादा है।
इसे भी पढ़े – रतिक्रिया और संभोग का सुखद अहसास
तो वो बोला कि सर मैं कोई धंधे वाली को नहीं ला रहा हूँ। अभी 18 साल की लड़की है, उसको पैसे की ज़रूरत है और जब आप उसको देखेंगे तो आप खुद बोलेंगे कि 10000 में भी सस्ती है ये लड़की।
मैंने कहा ये तो देखने पर ही बताऊँगा। तुम उसको लेकर आओ पहले।
मैंने उसको 500 रुपये एडवांस दिए और वो चला गया। थोड़ी देर बाद मेरे लिए व्हिस्की और सोडा लेकर आया और बोला कि आप ड्रिंक स्टार्ट करिए, मैं उसको लेकर आता हूँ। मैंने अपनी ड्रिंक स्टार्ट की। वो कोई 1 घंटे बाद आया। तो उसके साथ जो लड़की थी, मैं उसको देखकर सोचने लगा कि इसने सच ही कहा था। इसके तो 10000 भी कम हैं।
वो देखने में बिल्कुल आलिया भट्ट लग रही थी। कम से कम 5 फीट 6 इंच उसकी हाइट, भरा हुआ बदन। उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था। उसके बूब्स देखकर मन कर रहा था कि बिना कुछ कहे-सुने मैं टूट पड़ूँ उस पर। वो वेटर मुझे ऐसे देखते हुए हँसते हुए बोला। मैंने कहा थैंक यू सर। मैंने उसको कहा कि हाँ अब तुम जाओ।
मैंने उस लड़की से उसका नाम पूछा तो वो बोली मेरा नाम सुप्रिया है। मैंने सुप्रिया को पूछा कि कुछ खाओगी तो वो बोली आप जो खाएंगे मैं भी खा लूँगी। मैंने फिर अच्छे से डिनर का ऑर्डर किया और उसको कहा कि अपने कपड़े उतारकर नंगी हो जाओ और मुझे ड्रिंक बना के दो।
उसने मेरा ऑर्डर मानते हुए अपने एक-एक करके सब कपड़े उतार दिए। मैं उसको कपड़े उतारते हुए देखता रहा। उसके बाद उसने मेरे लिए ड्रिंक बनाई और वैसे ही अपने बूब्स हिलाती हुई गांड़ मटकाती हुई मेरे पास आई ड्रिंक लेकर। मैं सोफे पर बैठा था। मैंने उसके हाथ से ड्रिंक ली और उसको अपनी गोद में खींच लिया और वो ड्रिंक का ग्लास उसके मुँह से लगा दिया।
उसने मना किया कि उसने कभी ड्रिंक नहीं की है मगर मैंने जबरदस्ती उसको पिला दिया पूरा ग्लास। और फिर मैंने अपने लिए एक और ड्रिंक बनाई और मैं भी नंगा हो गया और फिर से उसको अपनी गोद में बिठा के ड्रिंक के सिप लेने लगा। साथ में मैं उसके निप्पल और बूब्स से भी खेल रहा था।
इसे भी पढ़े – दीदी जीजू के चुदाई वाले ग्रुप की मेम्बर बनी
वो ऐसा करने से बहुत हॉट हो रही थी। मेरा लंड उसकी गांड़ के नीचे दबा हुआ था और अपनी पूरी ताकत से खड़ा हो चुका था। उसको कुछ-कुछ ड्रिंक का असर भी हो रहा था। वो मुझे बोली कि मेरा सर कुछ घूम रहा है। मैंने कहा कि अभी और मज़ा आएगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने उसको कहा कि तुम मेरी गोद से नीचे उतरो और मैंने उसको अपने पैरों के बीच बिठा लिया और उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया और कहा इसको चूसो। वो नीचे ज़मीन पर बैठकर मेरा लंड को पूरा मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं आराम से बैठकर अपनी ड्रिंक खत्म करता रहा।
कोई 10 मिनट लंड चुसवाने के बाद मैंने उसको उठाया और उसको एक ड्रिंक और बना के दी और एक ड्रिंक खुद के लिए भी बनाई और फिर उसको गोद में बिठा के कहा कि तुम मुझे पिलाओ मैं तुमको पिलाता हूँ। और ऐसे ही हम ड्रिंक करते रहे। तभी डोर बेल बजी।
मैं समझ गया कि हमारा डिनर आ गया है। मैंने उसको बाथरूम में भेज दिया और खुद शॉर्ट्स पहनके दरवाजा खोला और वेटर ने आकर डिनर लगा दिया। उसके जाने के बाद वो बाहर आई और हमने खाना खाया। खाना खाने के बाद उसने टेबल क्लीन किया और अपने हाथ धोने वॉशरूम में गई।
उसकी नंगी गांड़ देखकर मेरा लंड फिर फुफकार मारने लगा। मैं उसके पीछे ही बाथरूम में गया और उसको पीछे से हग कर लिया और उसके बूब्स मसलने लगा। कुछ देर बाद मैंने उसको वहीं बैटटब पकड़के नीचे झुकाया तो वो बोली कि प्लीज मेरी एक बात सुन लीजिए। आज आप दूसरे आदमी हैं जिससे मैं चुदवा रही हूँ। मुझे पहले जिसने चोदा था उसका लंड आपसे आधा भी नहीं था मगर तब भी मुझे बहुत दर्द हुआ था। इसलिए मैं हाथ जोड़ती हूँ आपके कि बहुत धीरे से अंदर डालिएगा।
इसे भी पढ़े – बहन की हिस्टीरिया का इलाज भैया के लंड से
मैंने उसको कहा कि कुछ नहीं होगा, तुम डरो नहीं, बहुत मज़ा दूँगा तुमको। मैंने उसको फिर झुकाया और उसकी चूत पर अपने लंड की टिप को रगड़ने लगा। उसको बहुत अच्छा लग रहा था। वो सिसकारी भरने लगी और उसकी चूत गीली होने लगी।
उसके बाद मैंने उसकी चूत के होल पर लंड रखके हल्का सा दबाया तो उसकी चूत में मेरा 2 इंच लंड चला गया। उसके मुँह से एक चीख निकली – प्लीज धीरे से, ये बहुत मोटा है… ओय्यूईई माँआआ मर गई। मैं वहीं रुक गया और उसकी पीठ को सहलाने लगा और साइड से हाथ डालकर उसके निप्पल भी दबाने लगा।
वो बिल्कुल मछली की तरह तड़प रही थी। मैंने उसको समझाया कि बस अभी दर्द ठीक हो जाएगा। फिर मैंने एक हाथ से उसके कंधे को पकड़ा और दूसरे हाथ से उसकी कमर को टाइट पकड़ लिया कि वो ज़्यादा हिल न पाए और एक ज़ोर का शॉट मारा जिससे मेरा पूरा लंड उसके अंदर चला गया।
वो बहुत ज़ोर की तड़पी और उसके मुँह से चीख निकलने से पहले ही मैंने उसके मुँह पर हाथ रखके दबा दिया। वो बहुत ज़ोर से तड़प रही थी। उसकी आँखों से आँसू निकल गए थे दर्द से। मैं वैसे ही रुका रहा। कुछ देर बाद वो शांत हुई तो मैंने अपनी कमर को आगे-पीछे करना शुरू किया।
अब उसको भी मज़ा आ रहा था और उसका दर्द भी कम हो गया था। वो भी मेरा साथ देने लगी। धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसको बहुत बुरी तरह चोदने लगा। उसके मुँह से आह्ह येस और ज़ोर से बहुत मज़ा आ रहा है की आवाजें निकल रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – भतीजी को आम के बगीचे में चोद दिया
कोई 10 मिनट वैसे ही चोदने के बाद मैंने उसको वहाँ से गोद में उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसके बाद मैंने उसके ऊपर आके फिर लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसको हग करके उसके निप्पल को मुँह में लेकर चूसते हुए ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थी मगर मैं चोदते ही जा रहा था।
इसी तरह कुछ देर चोदने के बाद मुझे लगा कि मैं अब झड़ने वाला हूँ तो मैंने उसकी चूत से लंड निकाला और उसके मुँह को चोदने लगा। मेरा लंड उसकी गर्दन तक जा रहा था और इसी तरह मैं उसके मुँह में झड़ गया। इसके बाद हम बेड पर कुछ देर लेटे रहे और सुप्रिया आँखें बंद करके लंबी-लंबी साँस ले रही थी।
कुछ देर बाद वो उठके बाथरूम गई। जब वो जा रही थी तो उसकी गांड़ देखकर मैंने सोच लिया कि आज रात इसकी गांड़ भी ज़रूर मारूँगा। मैंने फिर दोनों के लिए ड्रिंक बनाई और जब वो आई तो हम ड्रिंक लेने लगे। मैं चाहता था कि उसको इतनी चढ़ जाए कि जब मैं उसकी गांड़ मारूँ तो उसको ज़्यादा पेन न हो।
वो मुझसे कहने लगी कि सच्ची आज जितनी पेन हुई उससे भी ज़्यादा मज़ा आया। आप जब भी वाराणसी आना, मुझे चोदना ज़रूर। मैं आपसे पैसे भी नहीं लूँगी। आपने मुझे इतना ज़्यादा मज़ा दिया है। मैं उससे बातें करता हुआ उसकी बॉडी से खेल रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने उसको अपना लंड पकड़ा दिया।
वो उसको हिलाने लगी और फिर उसने खुद ही उसको मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैंने उसको कहा कि तुम जब आई थी तो तुमको लगा था कि आज तुम इतना एंजॉय करोगी तो वो बोली कि नहीं, मुझे तो आपका लंड देखकर ये लगा कि आज मुझे सिर्फ दर्द ही होगी, मज़ा कुछ नहीं आएगा। मगर आप बहुत अच्छा चोदते हैं। मुझे बहुत मज़ा आया।
इसे भी पढ़े – स्कूल टूर पर सेक्स करना सिखा
मैंने उसको कहा कि आज मैं तुमको और भी ज़्यादा मज़ा दूँगा। मेरा लंड तब तक फिर से चोदने के लिए तैयार हो गया था। मैंने उसको अपने ऊपर बिठाया। वो मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेकर बैठ गई। उसकी आँखों से मुझे लगा कि उसको फिर हल्का दर्द हुआ है मगर वो उस पेन को बर्दाश्त करते हुए अपनी चूत को ऊपर-नीचे करने लगी।
मैंने उसके दोनों दूध पकड़ लिए और उनको दबाने लगा। थोड़ी देर बाद निप्पल को अपने मुँह के पास करके चूसने लगा और मैंने भी अपनी कमर को उछाल-उछाल के उसको चोदना शुरू कर दिया। उसको बहुत मज़ा आ रहा था और अचानक उसने मुझे हग कर लिया ज़ोर से और उसके मुँह से ज़ोर-ज़ोर से आवाजें आने लगीं – उफ्फ और ज़ोर से चोदिए… मैं गई… मज़ा आ गया… उफ्फ… और वो झड़ गई।
मगर मैं तब भी उसको उछाल-उछाल के चोदता जा रहा था। उसके बाद मैंने उसको बेड पर घोड़ी बनाया और उसके पीछे आ गया। मैंने उसकी चूत में उंगली डालके उसका कम निकाला और उसकी गांड़ के होल पर लगाने लगा तो वो बोली ये आप क्या कर रहे हैं?
मैंने कहा कि अभी कहा था ना तुमको कि आज तुमको बहुत मज़ा दूँगा तो अब तुम गांड़ का मज़ा भी लो। वो कहने लगी कि नहीं मेरी गांड़ फट जाएगी। मैंने कहा कुछ नहीं होगा, देखना बहुत मज़ा आएगा तुमको। और उसको समझा-बुझा के तैयार किया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – आंटी ने मेरी चुदाई की कहानी सुनी
उसके बाद मैंने अपने बैग से क्रीम निकाली और उस क्रीम को हल्का सा लंड पर लगा लिया और उसको घोड़ी बनाकर उसकी गांड़ पर लंड रखके एक पुश मारा। उसकी चीख निकल गई – हाय मम्मी मर गई… प्लीज निकाल लो बाहर… मुझे मार ही डालोगे क्या? मगर मैं लंड की टिप घुसा के वहीं रुक गया और उसके बूब्स सहलाने लगा। और फिर मैंने उसको कसके पकड़के ज़ोर का धक्का मारा तो वो बेड पर मुँह के बल गिर गई और रोने लगी ज़ोर-ज़ोर से। मगर मैंने उसकी गांड़ मारनी जारी रखी।
मैंने देखा कि जैसे मेरा लंड बाहर आता था तो उस पर खून लगा होता था। थोड़ी देर बाद उसका दर्द कुछ ठीक हुआ और उसको भी मज़ा आने लगा तो मैंने उसको फिर से घोड़ी बनाया और उसकी ज़ोर-ज़ोर से गांड़ मारने लगा। गांड़ मारते हुए मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। उसको बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था। अपनी गांड़ में मेरा लंड और चूत में उंगली लेकर वो अचानक ही झड़ गई और मैं भी उसकी गांड़ में ही झड़ गया। जैसे ही मैंने उसकी गांड़ से लंड निकाला उसकी गांड़ से खून बहने लगा। उस पूरी रात मैंने उसको कोई 4 बार चोदा और उसकी गांड़ भी मारी।
प्रातिक्रिया दे