Chudasi Bhabhi XXX Hindi Story
मैं एक दिन कॉलेज से वापस आया तो देखा कि भाभी ने रेड कलर की बैकलेस साड़ी पहनी हुई थी जिसमें उनका नाभि साफ़ नज़र आ रहा था। मैं तो कुछ देर उन्हें देखता ही रह गया। Chudasi Bhabhi XXX Hindi Story
वो हँसी और कहने लगी, “क्या हुआ?”
मैंने बोला, “भाभी आज आप कहीं जा रही हैं?”
वो बोलीं, “हाँ! आज मैं और मेरी बहन एक शादी पर जा रहे हैं।”
मैंने कहा, “आज तो सब लड़कों की छुट्टी हो गई।”
वो हँसीं और बोलीं, “क्यों?”
मैं बोला, “आप लग ही इतनी सुंदर रही हो।”
उन्होंने स्माइल दी और फिर डोर बेल बज गई और वो रिसीव करने चली गईं। और मैं उनको देख रहा था कि एकदम से उनकी बहन सामने आ गई। उसने ब्लैक कलर की शलवार-कमीज़ पहनी थी और वो भी टाइट। उसने मुझे आकर हल्का सा मुँह पर स्लैप किया और बोली, “क्या देख रहा है?”
मैंने भाभी की तरफ़ देखा और बोला, “वो जो नज़र आ रहा है।”
उसने स्माइल दी और बोली, “क्या नज़र आ रहा है?”
मैंने उसकी तरफ़ देखा और बोला, “इतना कुछ ख़ास नहीं।”
उसका मुँह बन गया और भाभी हँसने लगीं। मैंने भाभी की तरफ़ देखा और बोला, “अब बहुत कुछ देख रहा हूँ।”
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भाभी मुस्कुराईं और अपनी बहन से कहा कि देर हो रही है और वो चले गए। मैं अपने कमरे में चला गया और जाकर सो गया। शाम को मेरी आँख खुली तो देखा भाभी मेरा कंप्यूटर यूज़ कर रही हैं। मैं आराम से उठा और उनके पास जा कर खड़ा हो गया। उन्होंने स्माइल किया और कंप्यूटर यूज़ करने लगीं।
मैं उनके पास बैठ गया और कहने लगा, “भाभी ये एक औरत अबरी दुनिया है, आप इस बारे दुनिया में कहाँ हैं?”
वो बोलीं, “तेरी बनाई हुई दुनिया देख रही हूँ।”
मैंने कहा, “फिर तो आप खो ही जाएंगी।”
तो वो बोलीं, “इस दुनिया में मैंने भी बहुत घूमा है, तू टेंशन ना ले।”
मैं समझ गया कि भाभी तो मेरे सोचने से भी तेज़ हैं। फिर मैं उठकर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया। जब बाहर आया तो भाभी जा चुकी थीं। मैं कंप्यूटर पर बैठा और हिस्ट्री चेक की तो देखा कि भाभी ने मेरी सारी सेक्स साइट्स खोली थीं। मैं उठा और भाभी के पास किचन में चला गया। और वो वहाँ बर्तन धो रही थीं। मैं उनके पास जा कर खड़ा हो गया और वो मुझे देखने लगीं।
मैंने बोला, “तो मज़ा आया?”
तो वो बोलीं, “अभी तो मज़ा शुरू हुआ है।” और एक सेक्सी स्माइल दी।
मैं हँसा और बोला, “इतना आसान नहीं है।” और यह कहकर घर से बाहर चला गया। रात को जब वापस आया तो भाई अबू बात कर रहे थे कि अगले सैटरडे हम लोग मुर्री जाएंगे। तो मैं भी खुश हो गया कि आउटिंग हो जाएगी। फिर मैं अम्मी के पास गया तो भाभी वहाँ थीं और वो मुझे देखने लगीं।
मैंने अम्मी के पास बैठकर बातें करने लगा और भाभी मुझे ही देख रही थीं। फिर अम्मी वहाँ से उठकर चली गईं तो मैंने भाभी को देखा और उनके पास लेट गया। उन्होंने अपनी नज़र दरवाज़े पर रख ली और आहिस्ता से अपना हाथ मेरी जींस के ऊपर रखा और मेरे लंड को सहलाने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं आराम से लेट गया और मज़े लेने लगा। फिर जब मेरा लंड ज़रा सा सख्त हुआ तो उन्होंने उसको ज़ोर से दबाया और फिर छोड़कर कमरे से भाग गईं। मुझे थोड़ा दर्द हुआ पर उस दर्द में भी मज़ा था। फिर मैं उठा और अपने रूम में चला गया।
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मुझे पता था कि भाभी बहुत गरम हो गई हैं और रात को भाई से कुत्ते की तरह चुदवाएंगी। तो मैं बीच रात को उठा और अपने भाई के कमरे के बाहर जा कर खड़ा हो गया और दरवाज़े के साथ कान लगा लिया। अंदर से मुझे कुछ झगड़े की आवाज़ आई तो पता चला कि भाई भाभी के साथ कुछ नहीं कर रहे और भाभी गुस्से में हैं।
फिर मैंने भाभी की दरवाज़े के आते सुना तो मैं भागकर अपने कमरे में चला गया। दो मिनट बाद भाभी मेरे रूम में आईं और मेरे पास आकर बैठ गईं। उन्होंने एक सी-थ्रू नाइटि पहनी हुई थी जिसमें से उनका ब्रा नज़र आ रहा था।
मैं उनके ब्रा को देख रहा था तो वो बोलीं, “तेरा भाई बहुत ही खरूस है।”
मैंने बोला, “अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो मेरी तरह हो।”
तो भाभी हँसीं और बोलीं, “क्या मतलब?”
मैंने बोला, “भाभी सही वक़्त आने पर…”
और वो समझ गईं और मुस्कुराते हुए बाहर चली गईं।
अगले सैटरडे की सुबह हम सब तैयार हो गए और मुर्री (हिल स्टेशन) के लिए निकल पड़े। रास्ते में मैं और भाभी पीछे साथ बैठे थे और अम्मी और अबू आगे और भाई गाड़ी चला रहे थे। भाभी ने अपने जूते उतार दिए थे और मेरी टाँगों पर अपने नंगे पाँव रगड़ रही थीं।
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और साथ ही मेरा खड़ा हो रहा था। भाभी मेरे लंड को खड़ा होते देख रही थीं। अब वो थोड़ा मेरे करीब हुईं और अपने हाथ मेरे लंड पर रगड़ रही थीं और मेरे लंड को ज़ोर से हिला रही थीं और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर वो एकदम से साइड पर हो गईं और अपना पाँव भी निकाल लिया और साइड पर बैठ गईं।
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मुझे तड़पा कर छोड़ दिया था और मेरा 7 इंच का लंड फुल खड़ा था। भाभी उसको देखकर मुस्कुरा रही थीं। आखिर एक घंटे बाद हम वहाँ पहुँच गए और हम अपने होटल में चले गए और वहाँ सब अपने-अपने कमरे में गए। मैंने अपने रूम में जा कर सबसे पहले मुठ मारी भाभी के बारे में सोचकर और फिर नहा-धोकर बाहर आया तो भाभी लाउंज में बैठकर टीवी देख रही थीं।
मैं उनके पीछे गया और उनकी गर्दन पर ज़ोर की किसिंग करने लगा और उनके मम्मों को ज़ोर से दबाने लगा। वो पहले शॉक हुईं फिर उनको मज़ा आने लगा और वो भी मज़े लेने लगीं। फिर जब मैंने देखा कि वो सही मज़े में आ गई हैं तो मैं पीछे हट गया और अपने रूम में चला गया। थोड़ी देर बाद भाई, अबू और अम्मी हाइकिंग करने चले गए।
मैं इसलिए नहीं गया क्योंकि मैं थका हुआ था और भाभी इसलिए नहीं गईं क्योंकि उन्होंने कहा वो अभी सोएंगी। जब सब चले गए तो भाभी मेरे रूम में आईं और कहने लगीं, “कुत्ते हरामी, कोई ऐसा करता है अपनी भाभी के साथ? मुझे गरम करके दफ़ा हो गया था।”
मैं सिर्फ स्माइल करने लगा। वो और गुस्से में आ गईं, “मादरचोद हरामी अब क्या मुस्कुरा रहा है?”
मैं फिर से मुस्कुराया। भाभी सही गुस्से में आ गईं। मुझे पता था वो फुल गरम हैं। उनको अब मैं अपनी कुत्तिया बनाऊँगा।
वो बोलीं, “कंजर हरामी क्या देख रहा है? हाय चोद मुझे गांडू।”
मैं उनके पास गया और उनके मुँह पर एक ज़ोर का थप्पड़ लगाया जिससे वो ज़मीन पर गिर गईं। और फिर मैंने उनको बालों से पकड़ा और बोला, “आज तू चुदाएगी मेरे हाथों, बहुत बोलती है रे तू, अब आ कंजरी।”
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और फिर मैंने एक ज़ोर का थप्पड़ लगाया और फिर उनके होंठों को ज़ोर से किस करने लगा और उनके होंठों को काटने लगा। मैंने इतना ज़ोर से उनको काटा कि उनके होंठों से खून निकलने लगा और मैंने उसी खून को चूसा और उनकी ज़ुबान को भी चूसने लगा।
वो भी रेस्पॉन्ड करने लगीं और वो फुल गरम हो गई थीं। मैंने एक हाथ उनके एक मम्मे पर रखा और ज़ोर से दबाया। वो चीखीं और फिर मैंने उनके मुँह पर थप्पड़ लगाया। वो ज़मीन पर गिर गईं। मैंने उनकी कमीज़ में हाथ डाला और वो फाड़ दी और उनके क्लिवेज को किस और काटने लगा।
वो मुझे गालियाँ दे रही थीं, “कुत्ते हरामज़ादे भाभी को चोद अपनी, मैं तेरी रंडी हूँ, मार मेरी चूत फाड़ दे आज।”
मैंने एक और फुल ज़ोर से थप्पड़ लगाया उनके मुँह पर और वो ज़मीन पर फुल गिर गईं और उनके मुँह से खून निकलने लगा। मैंने वो खून चाटा और फिर उनका मुँह खोलकर अपने थूक से उनको अपना खून पिलाया। उन्होंने सारा पी लिया और मधोश हो गईं।
मैंने उनकी शलवार खींचकर उतार ली और उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी तो मैंने कहा, “रंडी पैंटी नहीं पहनी, मेरे साथ लगवाने का बहुत शौक है, जा नहीं देता तुझे अपना लंड, जा कर गली के कुत्ते से मरवा।”
तो वो अपने घुटनों पर गिर गईं और कहने लगीं, “प्लीज दे दो मुझे, मैं बहुत प्यासी हूँ।”
मैंने कहा, “जा एक रुपए की रंडी।”
वो मेरे से अपनी चुदाई की भीख माँगने लगीं। मैं हँसा और उनको कुत्तिया बनाया।
और फिर अपना लंड उनकी गांड़ पर रगड़ने लगा तो वो कहने लगीं, “और मत तड़पा बस डाल दे।”
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तो मैं अपने हाथ उनके शोल्डर पर रखे और एक ही झटके में सारा अंदर डाल दिया। अब वो इतना ज़ोर से चीखीं कि मुझे लगा ये मर ही जाएंगी लेकिन मैंने परवाह नहीं की और और ज़ोर से उनकी गांड़ मारने लगा। वो दर्द से बिलबिलाने लगीं। मैं ज़ोर-ज़ोर से पूरा लंड अंदर करके उनको लगा रहा था और वो चीखें जा रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
कोई 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना लंड उनकी गांड़ से निकाला तो वो चीखीं और ज़मीन पर गिर गईं। मैं उनके पास जा कर बैठा और उनका मुँह उठाया और उनके मुँह में एकदम से अपना लंड घुसा दिया और उनके मुँह को चोदने लगा। इतना ज़ोर से चोद रहा था कि उनके मुँह से उल्टी निकल गई और वो तड़प रही थीं। और फिर मैं उस उल्टी में ही अपनी मुठ निकाल दी और साइड पर लेट गया। भाभी ज़मीन पर गिरी हुई दर्द में बिलबिला रही थीं।
मैंने बोला, “मज़ा आया कुत्तिया?”
वो धीमी आवाज़ में बोलीं, “इतना मज़ा ज़िंदगी में कभी नहीं आया।”
मैं उठा और फिर अपने कपड़े उठाकर अपने रूम में चला गया। नहा-धोकर नए कपड़े पहने और बाहर आया तो देखा कि भाभी ने भी नहा लिया है और वो व्हाइट शलवार-कमीज़ पहनकर टीवी लाउंज में बैठी हैं। मैं उनके पास गया और उनके होंठों पर एक फ्रेंच किस की और फिर हम टीवी देखने लगे।
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