• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Jija Sali Sex Story / छोटी साली जीजा का दिल ले गई 2

छोटी साली जीजा का दिल ले गई 2

जून 5, 2026 by hamari Leave a Comment

Sali Tight Gand Chudai Story

हाय फ्रेंड्स, मैं आपकी पूनम एक बार फिर आप सभी का स्वागत करती हूँ। दोस्तों आपने मेरी कहानी का पिछला भाग छोटी साली जीजा का दिल ले गई 1 पढ़ी होगी। जिसमें मैंने आपको बताया था कि मैं एक कुंवारी लड़की थी जो अपने होने वाले जीजा के पास अच्छे इंजीनियरिंग एडमिशन की कोचिंग में एडमिशन लेने के लिए गई, और मैंने जीजा जी से दिल हार कर अपनी सील होने वाले जीजा जी के लंड से बड़े प्यार से तुड़वाई। मेरे जीजाजी ने बड़े ही रोमांटिक तरीके से मेरे साथ संभोग किया, और मैंने भी ख़ुशी ख़ुशी अपने जीजा जी से अपनी चूत का उद्घाटन कराया। Sali Tight Gand Chudai Story

दोस्तों एक शिकायत है कि आप कमेंट करके कुछ अच्छे थॉट्स या मोटिवेट नहीं करते, कमेंट के लिए ईमेल आईडी कुछ भी डाल कर कमेंट करेंगे तो आपके विचार हमें मिल जाएंगे। अब आगे पढ़िए कैसे हमने और रोमांटिक अग्रेसिव तरीके से प्यार किया और जीजा जी ने मेरी गांड का भी उद्घाटन कर दिया।

पहली चुदाई के बाद दोनों थोड़ी देर एक-दूसरे से लिपटे पड़े रहे। पूनम अभी भी काँप रही थी। उसकी चूत में हल्की जलन और दर्द था, लेकिन दीपक की छाती से लगकर उसे सुरक्षित और असीम प्यार महसूस हो रहा था। दीपक उसके बालों में उँगलियाँ फिराते हुए बोला, “पूनम… मेरी जान… आई लव यू, तुम्हारा ये पहला अनुभव… तुम्हारा दर्द… तुम्हारा खून… सब मुझे अंदर तक हिला गया है। मैंने तुम्हें चोट पहुँचाई, दर्द दिया फिर भी तुमने मुझे अंदर समा लिया…”

पूनम ने आँखें बंद करके उसकी छाती चूम ली और फुसफुसाई, “जीजा जी… दर्द अभी भी है… लेकिन आपकी गर्मी अंदर मेरे बच्चेदानी में महसूस करके… मुझे अजीब सा सुकून मिल रहा है। मेरी चूत अभी भी आपकी लंड की मोटाई याद कर रही है.. कितना गहराई तक मेरे अंदर घुसकर मेरी चूत मारी मेरी बच्चेदानी में कितना ढेर सारा गर्म गर्म वीर्य उड़ेला है मैं उस पल के आनंद को भूल नहीं सकती।”

कुछ देर बाद पूनम का हाथ धीरे से नीचे सरका। दीपक का लंड अभी भी आधा सख्त था और खून-वीर्य के मिश्रण से चिपचिपा हुआ था। पूनम ने उसे छुआ और सहलाया तो सिहर उठी। पूनम: “जीजा जी… ये… इतना बड़ा और गर्म… मैंने इसे मुंह में लिया था… ये कितना कठोर और बडा था बहनचोद पूरा मेरी छोटी सी चूत में घुसा था?” उसकी आवाज शर्म और कामुकता से भरी थी।

दीपक ने मुस्कुराते हुए उसके सिर को नीचे दबाया। पूनम नीचे सरक गई। उसने दीपक के लंड को दोनों हाथों में पकड़ा और नाक से सूँघा। फिर जीभ निकालकर सिरे को चाटने लगी। पूनम: “उफ्फ… जीजा जी… आपका लंड… नमकीन और मीठा… आह…” वह धीरे-धीरे मुंह में लेने लगी। सिर्फ 4-5 इंच ही ले पा रही थी, लेकिन पूरी कोशिश कर रही थी। दीपक ने उसके बाल पकड़ लिए।

दीपक: “पूनम… चूसो… अपनी जीजा की लंड को अच्छे से चूसो… आह… तुम्हारी जीभ में जादू है…” पूनम जोर-जोर से चूसने लगी। उसके मुंह से “चूप… चूप…” की आवाजें निकल रही थीं। दीपक का लंड फिर से पूरा 9 इंच खड़ा हो गया।

थोड़ी देर चूसने के बाद पूनम ऊपर आई। दीपक ने उसे पलटकर अपनी गोद में बिठा लिया। उसने पूनम की दोनों बड़ी, गोल, भरी हुई चूचियों को हाथों में भर लिया। दीपक: “ये चूचियाँ… कितनी नाजुक और कितनी संवेदनशील हैं.. इनमें कितना दूध भरा है मैं पूरा निचोड़कर पी जाऊंगा” दीपक ने एक चूची को मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगा।

पूनम: “आआह… जीजा जी… धीरे… उफ्फ… मेरी चूचियाँ… बहुत संवेदनशील हो गई हैं आपने चूस चूस कर लाल कर दिया है… आह… चूसिए… और जोर से चूसिए…” पूनम ने दीपक का सिर अपनी छाती से दबाया और अपने हाथों से दीपक के सिर में बालों को सहलाने लगी।

दीपक दोनों चूचियों को बारी-बारी चूसता, काटता, चबाता रहा। पूनम की चूत फिर से गीली होने लगी। पूनम: “जीजा जी… मेरी चूत फिर से प्यासी हो रही है… आह… मुझे फिर से भर दीजिए…मेरा बदन गर्म हो रहा है मुझे ठंडा कर दीजिए।”

दीपक ने पूनम को चारों खाने चित लिटाया। उसकी टांगों को फैला कर बीच में बैठ गया और उसने अपनी उँगलियाँ पूनम की चूत में डालीं। खून और वीर्य का मिश्रण अभी भी था। दीपक: “तुम्हारी चूत अभी भी सूजी हुई है… लेकिन कितनी गर्म और गीली… बहुत प्यासी है” उसने उँगलियाँ तेजी से अंदर-बाहर करने लगी।

इसे भी पढ़े – माँ और ताऊ जी की चुदाई का आँखों देखा हाल

पूनम: “आह… आह… जीजू… आपकी उँगलियाँ… बहुत अच्छा लग रहा है… मुझे आपका लंड चाहिए… आपका पूरा लंड… मेरी छोटी सी चूत में मेरी बच्चेदानी में घुसा कर चोदिए”

दीपक फिर से पूनम के ऊपर चढ़ा। इस बार उसने पूनम की दोनों टांगें अपने कंधों पर रख दीं। लंड को चूत पर रखा और धीरे से दबाया। पूनम: “आआह…!!! फिर दर्द… उफ्फ… जीजा जी… अभी भी जलन है… धीरे-धीरे… अंदर घुसा कर इसे चोद दीजिए… आह… आराम से जीजू”

धीरे-धीरे दीपक ने अंदर बाहर करते हुए पूरा लंड पूनम की सूजी हुई छोटी सी टाइट चूत में अंदर चला गया। पूनम की आँखें बंद हो गईं। वो दर्द और आनंद को आत्मसात कर रही थी। पूनम: “जीजू मैं पूरी… भर गई… मेरी चूत आपके लंड से भरी हुई है… उफ्फ… दर्द… मजा… दोनों… आह…” धीरे धीरे अंदर-बाहर करके चोदीए मेरी प्यास बुझा दीजिए।

दीपक ने धीमी गति से चोदना शुरू किया। हर झटके पर पूनम की सिसकारियाँ निकल रही थीं: पूनम: “आह… आह… हाँ… गहरा… मेरी चूत को फाड़िए… उफ्फ… आपकी लंड मेरी बच्चेदानी को छू रहा है… आह… मुझे चोदिए जीजा जी… आह… आह… हाँ… गहरा आपने तो अपने लंड को मेरी बच्चेदानी में घुसा दिया आह… आह… हाँ… गहरा अपनी साली की चूत को बड़ी मस्ती से मार रहे हैं…”

दीपक ने उसके कान में फुसफुसाया: “पूनम… तुम्हारी चूत कितनी टाइट और गर्म है. तू मेरी जान है बुरचोदी.. मेरी रंडी मैं तुम्हें रोज चोदना चाहता हूँ… कुसुम के बावजूद… तुम मेरी सीक्रेट गर्लफ्रेंड हो…”

पूनम ने दीपक की पीठ पर नाखून गाड़ दिए, “हाँ… मैं आपकी सीक्रेट रखैल हूँ… आह… चोदिए… मुझे अपनी रंडी बनाइए… मेरी चूचियाँ चूसिए… मेरी चूत पीजिए… उफ्फ… आआह…”

दीपक ने रफ्तार बढ़ाई। पूनम ने भी अपनी गांड़ उठा उठा कर दीपक के धक्कों से लय मिला कर कामुक चीखें निकलने लगी। कमरा उनकी सिसकारियों, चीखों और चुदाई की आवाजों से भर गया। पूनम: “आह… आह… जीजू..उफ. तेज… हां ऐसे ही और तेज.. फ़ाड़ दो मेरी चूत आ…आह. मैं झड़ रही हूँ… आआह…!”

पूनम पहली बार झड़ गई। उसकी चूत दीपक के लंड को निचोड़ने लगी। लेकिन दीपक नहीं झड़ा था वो रुका नहीं। उसने पूनम को घुटनों के बल करवाया और पीछे से उसकी पीठ पर चढ़ कर दोनों चूचियों को अपने हाथों में पकड़ कर अपने लंड को पूनम की छोटी सी चूत में फंसाकर अपनी कमर को धक्का दिया और अपने लंड को पूनम की रस टपकाती चूत में घुसा दिया।

दीपक: “पूनम मेरी जान तुम अब कुतिया बन गई मेरी प्यारी कुतिया मेरी जान… तुम्हारी गांड कितनी खूबसूरत है…” वह तेजी से चोदने लगा। पूनम की चूचियाँ झूल रही थीं।

पूनम: “आह… आह… जीजू… मेरे बहनचोद बहनोई हां मैं आपकी कुतिया बन गई मारो मेरी चूत पीछे से बहुत गहरा जा रहा है… उफ्फ… मेरी चूत फट जाएगी… रुकिए मत… चोदिए… मुझे अपनी रंडी बनाकर चोदिए…”

दूसरी बार दोनों साथ झड़े। दीपक का वीर्य फिर से पूनम की बच्चेदानी में भर गया। उसके बाद दोनों थककर लेट गए। पूनम दीपक की छाती पर सिर रखे हुए थी। उसकी उँगलियाँ दीपक के निप्पल को हल्का-हल्का सहला रही थीं।

“जीजा जी… आज के बाद… मैं आपको कभी नहीं भूल पाऊँगी… चाहे आप कुसुम दीदी से शादी कर लें… आपने मुझे मेरे लड़की होने का पूरा अहसास कराया मेरी छोटी सी बिना बालों वाली टाइट चूत का उद्घाटन किया मेरी चूत हमेशा आपकी रहेगी…”

दीपक ने उसे चूमते हुए: “पूनम… ये रिश्ता गलत है… इतना प्यारा है कि मैं इसे छोड़ नहीं सकता। तुम अब मेरी जान हो… तुमने मुझे आधी घरवाली का जो प्यार दिया है मैं भूल नहीं सकता आई लव यू।”

दोनों पसीने से लथपथ हो एक दूसरे को सहलाते चूमते थक कर बाहों में समेट कर चिपक कर सो गए।

सुबह की सुनहरी रोशनी कमरे में फैल रही थी। पूनम दीपक की बाहों में लिपटी नंगी पड़ी थी। दीपक ने उसे धीरे से चित लिटाया। उसकी आँखों में गहरा प्यार, जुनून और अपराधबोध का मिश्रण था। दीपक ने पूनम के होंठों को चूम कर जगाया।

पूनम ने आंखें खोली और दीपक को अपने सामने नंगा खड़ा पाया और फिर अपने को भी नंगी देख कर बुरी तरह शर्मा गई। कल रात की सारी बातें उसकी आँखों में तेज़ी से फिल्म की तरह घूम गई।

दीपक: “पूनम… मेरी जान… सुबह होते ही तुम्हारा नंगा शरीर देखकर मेरा दिल और लंड दोनों बेकाबू हो रहे हैं। कल रात तुम्हें दर्द दिया था, फिर भी आज फिर से तुम्हें अपना बनाना चाहता हूँ।”

पूनम ने शर्माते हुए कहा, “जीजा जी… मेरी चूत अभी भी सूजी हुई है और दर्द कर रही है… आपकी चाहत देखकर मैं खुद को रोक नहीं पा रही… आह…”

दीपक ने पूनम की दोनों चूचियों को हाथों में भर लिया। वे भरी-भरी, नरम और गर्म थीं। उसने पहले बाईं चूची को मुंह में लिया और धीरे-धीरे चूसने लगा। पूनम की सिसकारी निकली, “आह… जीजा जी… मेरी चूची चूसिए… बहुत मज़ा आ रहा है..जब आप मेरी टिकोरे जैसी चूचियां अपने मुंह में भरकर चूसते हैं उफ्फ…”

दीपक ने चूची को जीभ से घुमाया, निप्पल को हल्का काटा, फिर जोर से चूसा। पूनम की कमर उठ गई। पूनम: “आआह… जीजू धीरे से दर्द के साथ मजा… जीजू… दूसरी चूची भी चूसिए…”

दीपक ने दोनों चूचियों को बारी-बारी चूसा, मसलते हुए, चबाते हुए। पूनम बार-बार सिसकार रही थी। फिर दीपक नीचे सरका। उसने पूनम की जांघें फैलाईं और सूजी हुई गुलाबी चूत को देखा।

दीपक: “मेरी जान तुम्हारी चूत कल रात फट गई थी… आज भी लाल है… कितनी सुंदर… कितनी प्यारी एक दम रसीले रसगुल्ले की तरह, मैं इसकी पूरी चाशनी चाट जाऊंगा” उसने जीभ से पूरी चूत चाटनी शुरू की।

पूनम: “आआह…!!! जीजा जी… चूत चाटिए… अपनी साली की चूत को चाटिए… उफ्फ… क्लिटोरिस पर जीभ घुमाइए… आह… मैं पिघल रही हूँ…” सारी चाशनी चाट लिजिए।

दीपक ने 20 मिनट तक चूत चाटी। जीभ अंदर डाली, बाहर निकाली, क्लिटोरिस चूसा। पूनम दो बार झड़ गई। उसकी चीखें कमरे में गूँज रही थीं।

फिर दीपक ने अपना 9 इंच का मोटा लंड पूनम की चूत पर रखा। दीपक: “मेरी जान तैयार हो अपने बहनचोद जीजू का लंड अपनी चूत में घुसवाने के लिए “बोलो पूनम… अंदर डालूँ?”

पूनम: “हाँ… डालिए… धीरे… आह…!”

दीपक ने धीरे से दबाया। लंड का सिरा अंदर गया। पूनम सिहर उठी, पूनम: “उफ्फ… जीजू फिर जलन… हो रही है दर्द भी उफ़ जीजू… अच्छा…लग रहा है”

इसे भी पढ़े – दोस्त की रंडी माँ को चुदवाते पकड़ा मैंने

धीरे-धीरे पूरा 9 इंच अंदर चला गया। दीपक ने दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख कर पूनम को समेटकर अपनी मजबूत बाहों में जकड़ा और तेज़ तेज़ गहरी चुदाई शुरू की। हर झटके पर पूनम चीखती, पूनम: “आह… आह… जीजू बहुत अच्छा लग रहा है और गहरा… मेरी चूत फाड़ दीजिए… उफ्फ… आपकी लंड मेरी बच्चेदानी को छेड़ रह है… दर्द… मजा… दोनों… लगता है जैसे मैं मज़े से मर जाऊंगी जीजू आई लव यू आप मेरे हो।”

दीपक भावुक स्वर में: “आई लव यू टू जान पूनम… तुम्हारी चूत मुझे निचोड़ रही है… मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ… कुसुम के बावजूद… तुम मेरी हो…”

सुबह का सेक्स खत्म होने के बाद दोनों का शरीर पसीने से तर था। दीपक ने पूनम को प्यार से उठाया और बोला, “पूनम… चलो नहाते हैं… लेकिन नहाने के दौरान भी मैं तुम्हें छोड़ना नहीं चाहता…” पूनम शरमाई लेकिन उसकी आँखों में सहमति थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

दीपक ने पूनम को अपनी गोद में छोटी बच्ची की तरह से उठा लिया और दोनों नंगे ही बाथरूम में घुस गए। दीपक ने शावर का नॉब घुमाया। गर्म पानी धीरे-धीरे दोनों के शरीर पर गिरने लगा। पूनम की गोरी त्वचा पर पानी की बूँदें चमक रही थीं। दीपक ने उसे दीवार से सटाकर खड़ा कर दिया।

“पूनम… मेरी जान… दीवार लगकर खड़ी हो जाओ..” दीपक ने अपनी मजबूत छाती पूनम की पीठ से सटा दी। और गर्दन पर किस किया उसके कान की लौ को चाटते हुए अपने मुंह में भर कर चूसने लगा गुदगुदी से पूनम की हालत खराब हो गई वो सिसकारियां भरने लगी।

पूनम: “सी….सी… आह् … जीजू… छोड़िए ये क्या कर रहे हैं मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है आ… ही … ही… छोड़िए प्लीज ही…. ही…”

दीपक उसे गर्दन से चूमता हुआ नीचे कमर पर आया और उसके गोल गद्देदार चूतड़ों को अपने मुंह में भरकर काट लिया।

पूनम: “आउच….आ..सी….सी… आह् … जीजू… इतनी जोर से मत काटो जानू मुझे दर्द हो रहा है आ..सी….सी… आह् … जीजू… छोड़िए ये क्या कर रहे हैं मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है आ… ही … ही…नहीं .. नहीं छोड़िए प्लीज ही…. ही…”

दीपक पूनम को अपनी तरफ घुमाकर नीचे बैठ गया और पूनम की टांग को उठाकर अपने कंधे पर रख लिया और उसकी जांघो को चूमने लगा पूनम की हालत खराब हो गई बहुत तेज मजबूती लग रही थी।

पूनम: “जीजू मुझे लगता है कि आप मेरी जान लेकर छोड़ेंगे सी….सी… आह् … जीजू… छोड़िए ये क्या कर रहे हैं उफ़ जानू मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है आ… ही … ही… छोड़िए प्लीज ही…. ही…”

दीपक उतर खड़ा हुआ और उसने साबुन लेकर पूनम को ऊपर से नीचे तक लगाया और चूचियों को रगड़ रगड़ के नहलाया। पूनम ने भी अपने हाथ में साबुन लेकर दीपक को ऊपर से नीचे तक साबुन लगाया और सफाई करने लगी। दीपक ने अपने लंड को पूनम के हाथ में देकर कहा इसकी भी अच्छे से सफाई करो। पूनम ने साबुन लेकर दीपक के लंड पर सफाई करनी शुरू की दीपक का लंड खड़ा हो गया।

पूनम: “यह क्या जीजू यह बदमाश तो फिर से खड़ा हो गया लगता है यह फिर से मेरी चूत में घुसना चाहता है हे भगवान मैं क्या करूं यह तो बड़ी बदमाशी पर उतर आया।”

दीपक: “आई लव यू मेरी जान यह बदमाश नहीं है कोई बदमाशी नहीं कर रहा यह तो तुम इतने प्यार से इसको चल रही हूं तो यह प्रेम प्यार का भूखा है अपनी और अपनी मोहब्बत से प्यार मांग रहा है इस प्यार करने दोगी ना।”

पूनम: “आई लव यू टू जीजू आपके लंड की मोहब्बत कौन है इसे जिससे प्यार चाहिए।”

दीपक: “जानू तुम जानती हो कि मेरे लंड की पहली मोहब्बत तुम्हारी चूत है और यह तुम्हारी चूत को ही प्यार करने के लिए खड़ा हुआ है मुझे तुम्हारी चूत का दीवाना हो गया है और प्यार किए बिना नहीं मानेगा।”

पूनम: “जीजू अगर मैं आपके लंड को अपनी चूत से मिलने ना दूं और प्यार न करने दूं तो यह क्या करेगा”

दीपक: “अरे मेरी जान तुम ऐसा जुल्म मत करना दो प्यार करने वालों को मिलने से कभी नहीं रुकना चाहिए वह बगावत कर सकते हैं और एक प्यार में पागल प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए कुछ भी कर जाता है यह तो तुम जानते ही हो ना” कहते हुए दीपक ने पूनम की चूत को अपनी मुट्ठी में भर लिया तो उसमें ढेर सारा चूत का पानी आ गया।

पूनम: “जीजू मैं इसको इस बार नहीं मिलने दूंगी क्योंकि मेरी प्यारी सी नाजुक चूत अभी बच्ची है ऐसे अच्छे सही गलत की पहचान नहीं है और यह आपका लंड कितना लंबा मोटा मुस्टंडा है चूत से जबरदस्ती करता है बताइए प्यार में कोई जबरदस्ती करता है क्या।”

दीपक: “मेरी जान तुम अपनी चूत को नहीं रोक सकती क्योंकि वह खुद उसकी याद में आंसू बहा रही है यह देखो कितने सारे उसके आंसू मेरी हथेली में है” कहकर दीपक मुस्कुराया और बोला “अगर तुम अभी भी इन दोनों को नहीं मिलने दोगी तो मेरा लंड तुम्हारी चूत से मिलने के लिए जबरदस्ती घुस जाएगा फिर ना कहना कि यह बदमाश जबरदस्ती भी करता है उसे प्यार से करने दो।”

पूनम: “हां जीजू आप सही कह रहे हैं मेरी चूत की बगावत कर रही है उससे मिलने के लिए सुबह आ रही है मैं क्या करूं मुझे समझ में नहीं आ रहा”

दीपक: “मेरी जान पूनम तुम कुछ मत करो अपनी एक टांग मेरे हाथ पर दो और दीवार से लगकर मेरे कंधों को पकड़ लो”

उसका 9 इंच का सख्त लंड पूनम की चूत की फांकों के बीच में घुस रहा था। पूनम काँपते हुए बोली, “जीजा जी… गर्म पानी… और आपकी गर्म लंड… दोनों से मेरी चूत पिघल रही है… आह… धीरे से डालिए… अभी भी दर्द है…”

दीपक ने लंड को पूनम की चूत के मुंहाने पर रगड़ा। गर्म पानी चूत पर गिर रहा था। दीपक ने अपने लंड को पूनम के चूत के छेद पर सटाया और एक धीरे से धक्का लगाया तो उसका सुपड़ा चूत में दाखिल हो गया धीरे से दबाया तो लंड का अंदर घुसा।

पूनम: “सी….सी… आह… उफ्फ… जीजू … फिर जलन… दर्द… हो रहा है अंदर कीजिए… पूरा अंदर डालिए… आह…!” पूनम ने दीपक के गर्दन में हाथ डालकर जोर से पकड़ लिया।

दीपक ने धीरे-धीरे पूरा 9 इंच अंदर ठांस दिया। पूनम की चूत पूरी तरह भर गई। गर्म पानी दोनों के जुड़े हुए अंगों पर गिर रहा था।

पूनम: “आआह… जीजा जी… बहुत अंदर तक घुस गया है आपका लंड… मेरी चूत को फाड़ रहा है.. उफ्फ… दर्द के साथ मजा बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है आई लव यू जीजू मैं इस मजे के लिए कब से तरस रही थी”

दीपक ने धीमी गति से झटके मारने शुरू किए। हर झटके पर पूनम की चीख निकल रही थी, पूनम: “आह… आह… हाँ… ऐसे ही… गहरा और अंदर… मेरी चूत को चोदिए… उफ्फ… आपका लंड मेरी बच्चेदानी में पहुंच रहा है…”

दीपक ने पूनम की भरी हुई चूचियों को पकड़ लिया। वह उन्हें जोर-जोर से मसलने लगा। “पूनम… तुम्हारी चूचियाँ कितनी नरम और भारी हैं… मैं इन्हें चूसना चाहता हूँ…”

उसने पूनम को थोड़ा उठाया और एक चूची मुंह में ले ली। पानी चूची पर गिर रहा था। दीपक चूसता रहा। पूनम सिसकार रही थी, पूनम: “आह … सी….सी… आह् … जीजू… चूची चूसिए… जोर से… निप्पल काटिए… उफ्फ… मेरी चूत और चूचियाँ… दोनों मैं बहुत मजा आ रहा है आई लव यू जीजू”

इसे भी पढ़े – जीजा साली ने स्टोर रूम में चुदाई किया

दोनों थक गए थे दीपक ने पूनम को बाथरूम के फर्श पर लिटाया और उसकी टांगों को अपने कंधों पर रख कर उसके कंधों को पकड़ कर अपने बांहों में अच्छी तरह जकड़ लिया। अब दीपक ने पूनम को छोड़ते हुए कहा जानू तुम्हारी चूत का प्रेमी रास्ता भटक गया है उसे रास्ते पर लो तो पूनम ने नीचे हाथ डालकर दीपक के लंड को पकड़ा और अपनी चूत के छेद पर लगा दिया दीपक ने एक चोर का धक्का मारा और एक ही थक में पूरा 9 इंच पूनम की चूत के अंदर बच्चेदानी में घुसा दिया पूनम फिर जोर से चीख पड़ी।

पूनम: “सी….सी… आह् … बहनचोद… आराम से ये क्या कर रहे हैं मुझे बहुत दर्द हो रही है आ… उफ़ इतनी जोर से चोदता है क्या कोई।”

दीपक: “आई लव यू मेरी रंडी बर्चोदी मैं तुझे दिखाता हूं की मेरा लंड अपनी मोहब्बत को कितने जोर से चोदेगा जब तेरी चूत को मजा आ रहा है तो तू क्यों हल्ला कर रही है उसको इसी दर्द में मजा है”

दीपक ने रफ्तार बढ़ाई। अब तेज-तेज झटके पड़ रहे थे। बाथरूम में चुदाई की “पच-पच” आवाज और पानी की धार का शोर मिलकर एक कामुक संगीत बन गया था।

पूनम: “सी….सी… आह् … बहनचोद…मर जाऊंगी धीरे-धीरे कर आराम से ये मर गई रे क्या कर रहे हैं मुझे बहुत दर्द हो रही है आ… उफ़ आ … आ… आई लव यू जीजू।”

दीपक: “पूनम… तुम्हारी चूत मेरी लंड को कितना कसकर जकड़ रही है… गर्म पानी के साथ ये अनुभव स्वर्ग जैसा है… आह… मैं तुम्हें बार-बार चोदना चाहता हूँ…”

पूनम चीखती हुई बोली, “जीजा जी… चोदिए… अपनी साली की चूत को खूब चोदिए… आह… मेरी चूत आपकी लंड के लिए बनी है… उफ्फ… दर्द… मजा… प्यार… सब एक साथ… मैं आपकी हूँ… पूरी तरह आपकी…”

दीपक ने पूनम की टांग को थोड़ा ऊपर उठाया ताकि और गहराई मिल सके। अब लंड और भी गहराई तक जा रहा था। पूनम की सिसकारियाँ तेज हो गईं, “आआह…!!! बहुत गहरा… मेरी चूत फट जाएगी… लेकिन रुकिए मत… तेज… और तेज… आह…”

गर्म पानी दोनों के ऊपर लगातार गिर रहा था। दीपक ने पूनम की गर्दन चूमनी शुरू कर दी। उसके हाथ पूनम की कमर, पेट, चूचियों पर घूम रहे थे।

दीपक: “पूनम… मेरी रंडी तुम्हारा ये काँपता शरीर… तुम्हारी सिसकारियाँ… तुम्हारा ये गीला चेहरा… मुझे पागल कर रहा है… मेरी जान मैं तुमसे सच में प्यार करने लगा हूँ…”

पूनम रोमांटिक और कामुक स्वर में बोली, “जीजा जी… मैं भी आपसे प्यार करने लगी हूँ… चाहे ये गलत हो… लेकिन इस पल में सिर्फ आप और मैं… आह… मेरी चूत आपका नाम ले रही है… चोदिए… मैं आपकी हूं”

दीपक की गति और तेज हुई। पूनम की चूत बार-बार सिकुड़ रही थी। दोनों की सांसें एक हो चुकी थीं।

पूनम: “आह… आह… जीजू… मैं झड़ रही हूँ… उफ्फ… आआह…!” पूनम पहली बार बाथरूम में झड़ गई। उसकी चूत दीपक के लंड को जोर से निचोड़ने लगी। लेकिन दीपक रुका नहीं।

दीपक: “पूनम… मेरी आँखों में देखो… जबकि मैं तुम्हें चोद रहा हूँ…” दीपक ने कहा।

पूनम ने आँखें खोलीं। दोनों एक-दूसरे की आँखों में डूबे हुए थे। दीपक ऊपर से झटके मार रहा था।

पूनम: “आह… आह… जीजू… इस तरह… बहुत गहरा.. मेरी बच्चेदानी में. मेरी चूत पूरी तरह भर गई है… उफ्फ… चूमिए मुझे…”

दीपक ने पूनम को गहरे किस में ले लिया। जीभें एक-दूसरे से खेल रही थीं। चुदाई जारी थी।

दीपक: “पूनम… तुम्हारी चूत कितनी गर्म है… पानी के साथ ये अनुभव अविस्मरणीय है… मैं तुम्हें कभी नहीं भूल सकता…”

पूनम चीखती रही, “हाँ… मुझे भी चोदिए… अपनी सीक्रेट साली को… मेरी चूत, मेरी चूचियाँ, मेरी गांड… सब आपकी… आह… मैं फिर झड़ रही हूँ… उफ्फ… आआह…!”

दूसरी बार पूनम झड़ गई। दीपक भी करीब था। उसने आखिरी जोरदार झटके मारे और पूनम की चूत में अपना गर्म वीर्य छोड़ दिया।

दीपक: “आह… पूनम… ले लो.. मेरी रंडी. सारा वीर्य… आह… एक दम अंदर बच्चेदानी में डाल दिया मेरा लंड अपनी मोहब्बत तुम्हारी चूत से मिल गया खूब मजा लूटा और अपने जोशीले वीर्य की बारिश में नहला दिया आह… जानू …तुम्हारी चूत तो उसको छोड़ ही नहीं रही है अपना से दूर नहीं जाने नहीं देना चाहती।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए। गर्म पानी अभी भी गिर रहा था। दीपक ने पूनम को चूमते हुए कहा, “ये बाथरूम… ये पल… ये संवेदना… हमेशा याद रहेगी…”

पूनम ने उसकी छाती पर सिर रखकर फुसफुसाया, “जीजा जी… मैं अब आपकी हो चुकी हूँ… दर्द, मजा, प्यार… सब आपकी वजह से…”

नहाने के बाद दोनों का शरीर ताजा हो गया था। गर्म पानी और तीव्र सेक्स के बाद पूनम अभी भी हल्की काँप रही थी। दीपक ने उसे तौलिए से पोंछा, उसके बालों में उँगलियाँ फिराईं और प्यार से बोला, “पूनम… तुम आज और भी खूबसूरत लग रही हो।” पूनम शरमाई और दीपक की छाती से लिपट गई।

इसे भी पढ़े – भाई बहन ने एक दुसरे से फ़ोन पर सेक्स किया

दोनों तैयार हुए। पूनम ने सलवार सूट पहना, दीपक ने शर्ट-पैंट। वे कॉलेज के पास एक अच्छी कोचिंग संस्थान गए। दीपक ने वहाँ पूनम का एडमिशन करवा दिया। एडमिशन प्रोसेस के दौरान दीपक पूनम के साथ बहुत protective और caring व्यवहार कर रहा था। कोचिंग स्टाफ को उसने बताया कि पूनम उसकी छोटी बहन है।

एडमिशन के बाद दोनों पास के इलाके में PG देखने गए। कई PG देखे, लेकिन दीपक को कोई पसंद नहीं आया। आखिरकार वह भावुक हो गया। उसने पूनम को कार में बिठाया और अपनी सास (पूनम की माँ) को फोन लगा दिया।

दीपक: “मां… नमस्ते। पूनम के साथ हूँ। कोचिंग का एडमिशन हो गया है। लेकिन PG देखने के बाद लग रहा है कि वो अकेली रहकर परेशान हो जाएगी। मैं सोच रहा हूँ कि पूनम को मेरे फ्लैट पर ही रख लूँ। वो मेरी छोटी बहन जैसी है। मैं उसकी पूरी देखभाल करूँगा।”

माँ: “धन्यवाद बेटा तुमने पूनम की बहुत मदद की” दीपक बेटा, पर ये ठीक नहीं है। पूनम 19 साल की है। तुम अकेले पुरुष हो। लोग क्या कहेंगे?”

दीपक (भावुक स्वर में): “मां, मैं पूनम को सच में अपनी छोटी बहन मानता हूँ। कुसुम से शादी के बाद तो वो मेरी साली भी बन जाएगी। मैं उसे अकेला नहीं छोड़ सकता। प्लीज… मां मान जाइए ना।”

माँ ऊंच-नीच और समाज लड़कियां लड़कों की जवान उम्र सबको अच्छी तरह से समझती थी भले ही दीपक उसको अपनी छोटी बहन मान रहा है लेकिन है तो वह दीपक की साली और साली को लेकर समाज में बहुत सारी भ्रांतियां भी हैं मां को अपने जीजा के साथ की गई हल्की-फुल्की मस्ती की याद आ गई वह तो वह अलर्ट और सावधान भी वरना जीजा जी तो उनकी जवानी लूट चुके होते आज तो जमाना बहुत आगे हो गया है विच जेनरेशन अपने परिवार में ही किसी को नहीं छोड़ती तो यह तो उसकी साली थी मां ने साफ मना कर दिया और समझाया,

मां: “दीपक, अभी शादी नहीं हुई है। पूनम को अलग PG में रखो। जब कुसुम से शादी हो जाएगी और अगर कुसुम कंफर्टेबल महसूस करेगी, तब पूनम तुम दोनों के साथ रह सकती है। फिलहाल तुम ही लोकल गार्जियन रहोगे। शनिवार-रविवार को वो तुमसे मिलने आ जाया करेगी।”

दीपक ने बहुत मनाया, लेकिन माँ नहीं मानी। पूनम सुनकर उदास हो गई। दीपक ने उसे गले लगाकर कहा, “चिंता मत करो… मैं कोई न कोई रास्ता निकाल लूँगा।”

कुसुम और पूनम की मां इस बात से पूरी तरह से अनजान थी उनके होने वाले दामाद ने उनकी छोटी बेटी पूनम को साली बनने से पहले ही जमाने का मजा लूट लिया है वह अलग की बात है की दीपक एक बहुत अच्छा लड़का है उसने परिवार की कमी को महसूस किया है और वहां पूनम और उसकी मां को अपना ही परिवार मानता है.

क्योंकि उसका इस दुनिया में कोई भी नहीं था बचपन में मां-बाप चले गए थे और कोई भी नहीं था उसने खुद मेहनत की पढ़ाई की और स्कॉलरशिप लेते हुए इंजीनियर बन फिर एक प्रतिष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज में लेक्चरर हो गया वह अपने ससुराल में तीनों जनों को भी अपना परिवार मानने लगा था लेकिन पूनम के साथ उसका रिश्ता बहुत ही गहरा हो गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

शाम को दोनों घूमने गए। मॉल गए, आइसक्रीम खाई, हाथों में हाथ डाले घूमे। मॉल में एक बहुत बड़ा लिंगरी स्टोर था दीपक पूनम को खींचकर वाहन लेकर गया और सेल्स कल से बोल मैडम के लिए कुछ लेटेस्ट सी हॉट लिंगरीज दिखाइए, सेल्स कंपनी सर आपकी वाइफ बहुत फिटिंग और सेक्सी हैं अगर आप कहें तो मैं इन्हें प्रीमियम कैटेगरी की सेक्सी लिंगरीज दिखाना चाहूंगी.

दीपक ने भी उसकी बातों में हां मिलाई और बोला मैडम आप चिंता मत करो मेरी वाइफ के लिए शानदार लिंगरीज होनी चाहिए उन दोनों के मुंह से पूनम वाइफ सुनकर बहुत शर्मा रही थी लेकिन अंदर ही अंदर उसे मजा भी आ रहा था कि उसके जीजू उसके ऊपर इतने लट्टू हैं की महंगी वाली प्रीमियम क्वालिटी की लिगरीज़ दिला रहे हैं.

पूनम बार-बार दीपक की बाहों में छुप जाती। पूनम को इतना शर्मआता हुआ देखकर सेल्स गर्ल बोली सर आपकी वाइफ तो बहुत ही ज्यादा शर्म आती हैं क्या यह रात में भी ऐसे ही करती हैं दीपक ने मुस्कुराते हुए कहा अरे मैडम छोड़िए हमारी पर्सनल बातें अलग हैं दीपक ने पूनम के गोरे बदन के लिए ब्लैक मरून पिंक और पर्पल कलर कुछ अच्छे ब्रा पैंटी के सैट लिए 3530 रुपए की पेमेंट कर कर बाहर आ गए.

और रात को दोनों बाहर एक अच्छे रेस्टोरेंट में डिनर करने गए। पूनम बहू शर्मा रही थी वो बहुत खुश और रोमांचित भी थी उसके जीजा जी ने उसे इतनी महंगी ब्रा पैंटी सेट दिलवाए हैं जो उसने कभी सोचा भी नहीं थे और अभी रात में जीजू हर सेट पहना कर देखेंगे यह सोचकर उसे अंदर से खुशी और बड़ी शर्म भी आ रही थी फिर एक डिनर के दौरान दोनों आँखों में आँखें डालकर बातें करते रहे।

पूनम ने कहा, “जीजू आई लव यू… आज का दिन बहुत खूबसूरत था… आपने मुझे पूरी तरह से इम्प्रैस कर लिया है मैं आपसे प्यार करने लगी हूं आई लव यू जीजू मैं सोच कर एक्साइटेड हूं कि आज रात आप मुझे कितना प्यार करेंगे मुझे रात का इंतजार है।” रेस्टोरेंट में सर्विस करने वाली वेटर ने बिल पेमेंट के समय बेस्ट हसबैंड वाइफ कपल का नेक्स्ट टाइम विजिट डिस्काउंट कूपन भी दिया। उसके मुंह से हस्बैंड वाइफ सुनकर पूनम शर्मा गई और कुछ नहीं बोल सकी।

इसे भी पढ़े – माँ की चूत में झटके देने लगा जवान बेटा

रास्ते में दीपक बोल पूनम मेरी जान तुम्हें कल रात और आज बाथरूम में बहुत मजा आया होगा आया कि नहीं पूनम ने मुस्कुराते हुए हमें हां में सिर हिलाया। और फिर शरमाते हुए बोली जीजू आप बहुत बेरहमी से प्यार करते हैं मैं कल तक कुंवारी थी आपने मेरी चूत का उद्घाटन करके मेरा प्यार लूट लिया मुझे जो सुख दिया है मैं बोल नहीं सकती आई लव यू जीजू।

रास्ते में गाड़ी रोक कर दुकान में आई पिल की गोली खरीदी और कुछ चाकलेट लिया फिर एक पान की दुकान से एक सुहागरात स्पेशल पान लिया और गाड़ी में ही खुद भी खाया और पूनम को भी खिलाया।

दीपक: “जानू ये स्पेशल पान तुम्हारे लिए इसे सिर्फ मुंह में लेकर चुभलाने से जो जूस निकलेगा उसे पीना आधे घंटे बाद खा लेना ये स्पेशल पान इसी तरह से खाया जाता है।”

पूनम: “यह पान इतना स्पेशल क्यों है और मेडिकल स्टोर से आपने क्या लिया था।”

दीपक: “मेडिकल स्टोर से तुम्हारे लिए जादूई गोली दी थी हमने कल से जो बिना प्रोटेक्शन के प्यार किया उससे तुम्हें तकलीफ ना हो आखिर तुम मेरे जिम्मेदारी हो मेरा पहला प्यार हो मैं तुम्हें हमेशा प्रोटेक्ट करूंगा और तुम्हारा ख्याल रखूंगा और यह पान हमारे आज के मजे को बढ़ाने के लिए है।”

पूनम: “आई लव यू जीजू आप मुझे इंप्रेस करते ही चले जा रहे हैं इतनी केयरिंग मैं सोच भी नहीं सकती थी और मैं तो आपके प्यार में ऐसी पागल हुई की प्रोटेक्शन के बारे में सोचा ही नहीं सिर्फ मजे ही लिए इससे मुझे प्रेगनेंसी हो सकती थी लेकिन आप मेरी कितनी केयर करते हैं आपको सब याद है आई लव यू टू जीजू। बगल में कुसुम दीदी बहुत ही लकी है कि उन्हें आप जैसा केयरिंग लविंग पति मिल रहा है सच में अगर दीदी की बात तय न हुई होती और हम पहले इस तरह मिले होते हैं तो मैं आपसे ही शादी करती।”

दीपक: “जानेमन ज्यादा सेंटी होने की जरूरत नहीं है केयरिंग मेरा नेचर है और वह भी उसके लिए बहुत ज्यादा जिससे मैं प्यार करता हूं तुम मेरी पत्नी नहीं तो क्या हुआ साली तो हो और साली आधी घरवाली होती है मैं अपनी आधी घरवाली को भी अपनी पूरी घरवाली की तरह से प्यार करूंगा और केयर करूंगा आई लव यू टू जानू”

पूनम: “आप चॉकलेट लाये हैं दीजिए मुझे खाना है।”

दीपक: “वो चाकलेट तुम्हारे लिए नहीं है कोई और खायेगा।”

पूनम: “यहां पर हम दोनों हैं घर पर भी हम दोनों ही हैं तो तीसरा कौन चॉकलेट खाएगा।”

दीपक: “ये चॉकलेट मैं मेरे लंड के लिए लाया हूं वह अपनी गर्लफ्रेंड चूत को खिलाएगा। तुम्हारे लिए नहीं है”

पूनम: “धत् जीजू छी आप कितने गंदे हैं उसे चॉकलेट खिलाएंगे समझ गई अपने लिए लाए हैं उसके रस में पिघली चॉकलेट का मजा लेंगे।”

घर पहुँचते ही दीपक ने दरवाजा बंद किया और पूनम को दीवार से सटा दिया। दोनों के बीच फिर से जुनून की आग भड़क उठी।

दीपक ने पूनम के हाथों को अपने हाथों में फंसाकर पकड़ कर दीवार से लगाकर पूनम के होंठों को चूसने लगा पूनम ने अपने होंठों को खोला तो दीपक की जीभ पूनम के मुंह में घुस गई और पूनम दीपक जीभ को चूसने लगी दोनों का जूनून देखने लायक था दीपक ने चाकलेट का एक टुकड़ा अपने मुंह में डाल कर चूसने लगा और फिर अपने मुंह से पूनम के मुंह में डाल कर खिलाया पूनम को इस तरह से चाकलेट खाना बहुत एक्साइट कर रहा था।

अब दोनों से रूका नहीं जा रहा था दीपक ने पूनम को अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में ले आया और बेड पर लिटा दिया फिर उसके ऊपर आ गया उसकी चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा और फिर उसकी टी-शर्ट में हाथ डालकर चूचियों को अपने हाथों से मसलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

दीपक: “पूनम.. मेरी जान. तुम्हारी चूचियाँ कितनी नरम और भारी हैं… मैं इन्हें चूसना चाहता हूँ इसमें भरा हुआ ताजा ताजा दूध पीना चाहता हूं.”

पूनम जोर जोर से सिसकारियां भरने लगी। पूनम: “आह … सी….सी… आह् … जीजू… चूची चूसिए… जोर से… निप्पल काटिए… उफ्फ… मेरा सारा दूध पी लीजिए मेरा ताजा दूध मेरे जीजू के लिए है सी….सी…आह् … जीजू…बहुत मजा आ रहा है आई लव यू जीजू.”

इसे भी पढ़े – बहन को चूत में ऊँगली करते देखा भैया ने

दीपक ने पूनम की जींस का बटन खोला और उसे नीचे सरका दिया। पूनम ने भी दीपक की पैंट खोली। दीपक का 9 इंच का मोटा लंड पहले से ही खड़ा था। पूनम ने दीपक के लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाया फिर नाक से सूँघा। फिर जीभ निकालकर सिरे को चाटने लगी।

पूनम: “उफ्फ… जीजा जी… आपका लंड… नमकीन और मीठा… आह…” वह धीरे-धीरे मुंह में लेने लगी। सिर्फ 4-5 इंच ही ले पा रही थी, अब दीपक 69 पोजीशन में आ गया और चाकलेट के दो टुकड़े पूनम के मुंह में डाल कर बोला मेरी जान इस चाकलेट के साथ मेरे लंड को चूसो मज़ा आयेगा।

पूनम ने चाकलेट को अपने मुंह में घुलाया और दीपक के लंड पर लगा कर चाटने लगी उसे ये बहुत मजेदार और उत्तेजक लगा दीपक ने दो टुकड़े चाकलेट पूनम की चूत में डाल कर अपनी उंगली से अंदर बाहर रगड़ कर चूत के रस और गर्मी से घुला दिया और अपनी जीभ से चाटने लगा पूनम चाकलेट को इस मजेदार चाकलेट तरीके से खाने की वजह से झड़ गई चूत में से निकले चूतरस और चाकलेट मिक्स हो एक शानदार टेस्ट देने लगा.

इधर दीपक ने जोर जोर से झटके मारे और पूनम के मुंह में वीर्य छोड़ दिया चाकलेट वीर्य में मिक्स होकर और भी टेस्टी हो गई जिसे पूनम एक एक कतरा स्वाद लेते हुए चूस गई फिर दीपक ने चूतरस और चाकलेट के मिक्सचर को थोड़ा सा अपने मुंह में लेकर पूनम के मुंह में डाल दिया इस कामुक टेस्ट से पूनम मदहोश हो गई।

पूनम: “जीजू आई लव यू आप इतने शरारती हो मुझे कतई अंदाज नहीं था आपने मेरा दिल जीत लिया अब मेरी चूत अपने प्रेमी से मिलने के लिए व्याकुल हो गई है प्लीज़ दोनों को मिला दो।”

लगभग दस मिनट तक दोनों एक-दूसरे को मसलते सहलाने चूमते चूसते रहे, सुहागरात स्पेशल पान खाने से दोनों बहुत जल्दी फिर से गर्म हो गये दीपक ने अपने लंड को पूनम के मुंह में डाल दिया।

दीपक: “पूनम… चूसो… अपनी जीजा की लंड को अच्छे से चूसो… आह… मेरी जान तुम्हारी जीभ में जादू है…”

पूनम जोर-जोर से चूसने लगी। उसके मुंह से “चूप… चूप…” की आवाजें निकल रही थीं। दीपक का लंड फिर से पूरा 9 इंच खड़ा हो गया।

दीपक: “पूनम… आज मैं तुम्हें स्टैंडिंग में चोदना चाहता हूँ… दीवार से सटाकर… अपनी गोद में उठा कर चोदूंगा मेरी जान”

पूनम ने शर्माते हुए टांगें फैलाईं। दीपक ने उसे उठाकर अपनी कमर पर टांग लिया। पूनम की पीठ दीवार से टिकी हुई थी। दीपक ने लंड को चूत पर रखा और धीरे से दबाया।

पूनम: “आह… जीजू.. फिर से… उफ्फ… दर्द… हो रहा है धीरे धीरे अंदर डालिए…” पूनम सिसकाई।

दीपक ने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर कर दिया। पूनम की चूत पूरी तरह भर गई। पूनम: “आआह…!!! बहुत गहरा… जीजा जी… खड़े-खड़े… मेरी चूत फट रही है… उफ्फ… पानी की तरह गीली हूँ.. मुझे अपनी गोद में उठा लो और उछाल उछाल कर मेरी चोदो मेरी चूत फ़ाड़ दो।.”

दीपक ने तेज झटके मारने शुरू किए। हर झटके पर पूनम की चीख निकल रही थी। पूनम की टांगें दीपक की कमर पर कसी हुई थीं। दीपक की गेंदें पूनम की गांड से टकरा रही थीं।

दीपक: “पूनम… तुम्हारी चूत कितनी टाइट और गर्म है… स्टैंडिंग में तुम्हें चोदते हुए लग रहा है जैसे तुम पूरी तरह मेरी पत्नी हो… आह.. मेरी स्टैपनी मेरी जान.”

पूनम: “जीजू… चोदिए… तेज चोदिए… मेरी चूत को फाड़ दीजिए… आह… आपकी लंड मेरी बच्चेदानी में जा रहा है… उफ्फ… दर्द… हो रहा है मजा… प्यार… सब एक साथ…”

दीपक ने पूनम की चूचियों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। पूनम उसके बालों में हाथ फिराती रही।

पूनम: “आह… चूचियाँ चूसिए… जोर से… उफ्फ… मैं पागल हो रही हूँ…”

दीपक ने रफ्तार बढ़ाई। पूनम की चूत से “पच-पच” की आवाजें निकल रही थीं। दोनों पसीने से तर हो चुके थे।

दीपक: “पूनम… तू मेरी जान है मेरी सीक्रेट रखैल मेरी रंडी, मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ सकता… चाहे कुछ भी हो… तुम मेरी हो…”

पूनम: “हाँ जीजू… मैं आपकी हूँ… सीक्रेट रखैल हूँ… चोदिए… मुझे बार-बार चोदिए… आह… मैं झड़ रही हूँ… आआह…!”

पूनम जोर से झड़ गई। उसकी बच्चेदानी दीपक के लंड को निचोड़ रही थी दीपक ने रुककर उसे और गहराई दी।

फिर उसने पूनम को नीचे उतारा, घुमाया और पीछे से स्टैंडिंग डॉगी स्टाइल में घुसा दिया। “अब इस तरह… तुम्हारी गांड बहुत सुंदर है…” दीपक ने कहा और तेज चुदाई की।

पूनम दीवार पकड़े चीख रही थी, “आह… आह… पीछे से बहुत गहरा… उफ्फ… गांड पर थप्पड़ मारिए… हाँ… ऐसे ही…”

इसे भी पढ़े – बहन को चूत में ऊँगली करते देखा भैया ने

दीपक ने कई बार पोजीशन बदले — कभी सामने से, कभी पीछे से, कभी पूनम को उठाकर। लगभग 40-45 मिनट तक यह स्टैंडिंग सेक्स चला। आखिर में अपना सारा गर्म गर्म वीर्य पूनम की बच्चेदानी में भर दिया।

इस जबरदस्त चुदाई का रोमांटिक सेशन अभी तक की चुदाई का सबसे रोमांटिक कामुक और मजेदार लंबा सेशन था।

दोनों बुरी थककर फर्श पर बैठ गए। पूनम दीपक की गोद में सिर रखे हुए थी।

पूनम: “जीजा जी..काश. ये रात… ये पल… कभी खत्म न हो…”

दीपक पूनम की चूचियों को सहला रहा था दोनों बातें कर रहे थे।

दीपक: “तुम कल चली जाओगी तो मैं तुम्हें बहुत मिस करूंगा मुझे रात में नींद नहीं आएगी।”

पूनम: “जीजा जी मुझे भी बर्दाश्त नहीं होगा लेकिन चिंता मत कीजिए एक हफ्ते में मुझे कोचिंग ज्वाइन करनी है तो मैं वापस आ ही रही हूं और फिर हम शनिवार इतवार को साथ रहेंगे एक दूसरे को खूब प्यार करेंगे जब तक आपकी शादी नहीं होती मैं शादीशुदा जिंदगी का मजा देती रहूंगी, हम साथ में खूब घूमेंगे फिरेंगे और एंजाय करेंगे। लेकिन सबको सीक्रेट तरीके से कभी किसी को नहीं पता चलने देंगे आई लव यू जीजू।”

दीपक ने पूनम को बिस्तर पर लिटाया और उसके ऊपर लेट गया फिर उसकी आँखों में गहरी नजर डाली। “पूनम… आज मैं तुम्हारी गांड चोदना चाहता हूँ… तुम्हारी टाइट, छोटी, कुंवारी गांड… क्या तुम तैयार हो मेरी लंड उसमें लेने के लिए?”

पूनम शरमाई लेकिन उसकी चूत पहले से भीग चुकी थी। पूनम: “नहीं जीजू बहुत दर्द होगा “मुझे.. डर लग रहा है… आपका लंड इतना मोटा और लंबा है… मेरी गांड फट जाएगी… आप मेरी चूत ले लो मैं आपको मना नहीं करूंगी मेरी सहेलियों ने बताया की गांड में लेने से बहुत दर्द होता है मैं मर जाऊंगी।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

दीपक: “मेरी जान तुम बेकार ही डर रही हो सभी सुनाई बातों का ज्यादा भरोसा नहीं करते तुम्हारी सहेलियों ने चूत मरवाने में भी दर्द को बताया था और खूब सारे खून के लिए भी बताया था क्या इतना ज्यादा दर्द हुआ कि तुम मर गई या बहुत सारा खून निकला चूत फटने पर थोड़ा सा खून निकलने का प्रोसेस है.

उसके बाद मजे ही मजे कर रही हो पिछले 24 घंटे में तुम साथ आठ बार चूत मरवा चुकी हो अब मजा आ रहा है कि नहीं इसी तरह एक बार गांड मरवाने में थोड़ा सा दर्द होगा फिर मजा ही मजा तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं है मैंने इतने प्यार से तुम्हारी चूत का उद्घाटन किया वैसे ही प्यार से तुम्हारी गांड की सील भी खोलेगा मुझ पर विश्वास करो तुम मेरी प्यारी शादी हो तुम्हें बहुत मजा आएगा।”

आज फिर बहुत समझाने मनाने के बाद पूनम तैयार हो गई। पूनम: “जीजाजी आप मुझे इतना भरोसा दे रहे हैं कि आप मेरे साथ जबरदस्ती नहीं करेंगे और प्यार से मेरे गांड लेंगे तो मैं ट्राई कर सकती हूं लेकिन प्लीज कुछ चिकनाई …..यह बोरोलीन लगाकर आराम से धीरे-धीरे करना याद रखियेगा मुझे दर्द नहीं होना चाहिए आई लव यू जीजू तुम्हारे लिए मेरी जान भी हाजिर है”

दीपक: “तुम मेरी जान हो पूनम मैं तुम्हें तकलीफ नहीं दूंगा सिर्फ मजे ही मजे दूंगा मुझे यकीन हो गया कि तुम मुझे बहुत प्यार करती हो मेरा सम्मान करती हो आई लव यू जानू”

दीपक ने बोरोलीन क्रीम की ट्यूब निकाली और पूनम की गांड पर अच्छे से लगाई। उसने अपनी उँगली गांड के छेद पर घुमाई।

दीपक: “देखो… मेरी जान तुम्हारी ये छोटी सी गांड… आज मेरी लंड का स्वाद लेगी…” आज तुम्हारे जीजू तुम्हारी गांड का उद्घाटन भी कर रहे हैं और अपनी चूत और गांड का फीता अपने एटीट्यूड से कटवाने के लिए तुम्हारा बहुत-बहुत आभार मैं इस पल को हमेशा याद रखूंगा मेरी जान।

पूनम सिसकाई, “आह… जीजा जी… उँगली अंदर डालिए… धीरे… उफ्फ…”

दीपक ने पहले एक उँगली अंदर डाली, फिर दो उंगलियां डाल कर अंदर-बाहर किया।

पूनम कराह रही थी, “आह… जलन हो रही है… मजा भी आ रहा है… जीजू मेरी गांड को फिंगर करिए…”

दीपक ने पूनम को खड़ा किया, दीवार से सटाया और पीछे से लंड गांड पर रखा।

दीपक: “पूनम… मेरी जान अब लो… अपनी गांड में अपने जीजा की लंड… बोलो… ‘जीजा जी मेरी गांड चोदिए’…मेरी गांड मारिए।”

पूनम काँपते हुए: “जीजा जी… मेरी गांड चोदिए… अपनी साली की टाइट गांड फाड़ दीजिए… आह…!”

दीपक ने क्रीम लगाकर दबाया। लंड का सुपाड़ा जैसे ही गांड में घुसा।

पूनम: “आआआह…!!! बहुत दर्द… जीजा जी… निकालिए… मेरी गांड फट रही है… उफ्फ… बहुत मोटा है… आह.. मैं मर जाऊंगी जीजू.!”

दीपक रुका नहीं। धीरे-धीरे 4 इंच अंदर किया।

दीपक: “ले… मेरी लंड ले… तुम्हारी गांड कितनी टाइट है… जैसे मेरी लंड को जकड़ रही हो… तुम्हारी गांड मारी जा रही है… मेरी पर्सनल गांड…” मेरी रंडी मैं तेरी गांड में फाड़ दूंगा आज।

पूनम रोते हुए चीख रही थी, “आह… आह… जीजू धीरे धीरे करिए बहुत दर्द… और जलन… हो रही है प्लीज धीरे-धीरे अंदर डालिये.. मुझे अपनी गांड मरवानी है… उफ्फ… और अंदर…”

दीपक ने पूरा 9 इंच धीरे-धीरे अंदर कर दिया। पूनम की आँखों से आँसू बह रहे थे।

इसे भी पढ़े – सोई हुई दीदी की चूत को सहलाने लगा मैं

पूनम: “आह… आह… जीजू धीरे पूरा घुस गया… मेरी गांड फट गई… जीजा जी… आह… आह… जीजू धीरे-धीरे चोदिए… अपनी रंडी की गांड चोदिए…”

दीपक ने तेज गति पकड़ी। “हाँ… ले… मेरी गांड चुदने वाली साली… तुम्हारी गांड मेरी लंड के लिए बनी है… बोल… ‘मुझे गांड में वीर्य भर दो’…”

पूनम: “जीजा जी… मुझे गांड में वीर्य भर दीजिए… मैं आपके लंड की दासी हूँ… आह… तेज… मेरी गांड फाड़ दीजिए…”

दीपक ने पूनम को बेड पर घुटनों के बल करवाया (डॉगी स्टाइल) और गांड में जोर से चोदने लगा।

दीपक: “मेरी जान तुम्हारी गांड देखो… कितनी लाल हो गई है… मेरे लंड से… ले रंडी… ले अपनी जीजा का मोटा लंड…”

पूनम चीख रही थी, “आह… आह… हाँ… चोदिए… मेरी गांड को निचोड़िए… मैं आपकी कुतिया हूँ… गांड चुदवाने वाली कुतिया… उफ्फ…”

फिर दीपक ने पूनम को बेड पर लिटाया, गांड के नीचे मोटा तकिया टांगें कंधों पर रखीं और गहरी चुदाई की।

दीपक: “देखो मेरी आँखों में… जबकि मैं तुम्हारी गांड चोद रहा हूँ… बोलो… ‘मुझे गांड में चोदकर गर्भवती कर दो’…”

पूनम पूरी तरह कामोन्मत्त हो चुकी थी, “हाँ जीजा जी… मुझे गांड में चोदकर गर्भवती कर दो… मेरी गांड आपकी है… भर दो वीर्य से… आह… मैं झड़ रही हूँ… गांड से झड़ रही हूँ… आआह…!”

दीपक: “बहन की लोड़ी मेरी रंडी गांड में वीर्य लेने से कोई गर्भवती नहीं होता।”

पूनम: “मेरे बहन चोद जीजू मेरी चूत के गुलाम मुझे पता है तभी तो कह रही हूं कि मेरे गांड में अपना वीर्य भर के मुझे गर्भवती कर दे मैं जानती हूं की चूत में वीर्य लेने से ही गर्भ ठहरता है।”

दीपक ने आखिरी जोरदार झटके मारे और पूनम की गांड में गर्म वीर्य भर दिया। “ले… सारा वीर्य… मेरी गांड में… आह…!”

दोनों थककर लेट गए। पूनम दीपक की छाती पर सिर रखे रो रही थी, “जीजा जी… बहुत दर्द हुआ… लेकिन मजा भी बहुत आया… मैं अब आपकी पूरी तरह गांड वाली रखैल बन गई हूँ…”

दीपक ने उसे चूमते हुए कहा, “तुम मेरी सबसे प्यारी गंदी साली हो…”

रात काफी गहरी हो चुकी थी। दीपक और पूनम दोनों पूरी तरह थके हुए थे, लेकिन उनके शरीर अभी भी एक-दूसरे से चिपके हुए थे। दीपक ने पूनम को अपनी मजबूत बाहों में और कसकर जकड़ लिया। पूनम दीपक की चौड़ी छाती पर अपना सिर रखकर लेटी हुई थी। दोनों के शरीर पसीने से चिपचिपे हुए थे। कमरे में सिर्फ हल्की नीली रोशनी जल रही थी, जो उनके चेहरों पर पड़ रही थी।

दीपक ने पूनम के बालों को धीरे-धीरे सहलाते हुए: “पूनम… मेरी जान… आज तुमने मुझे पूरी तरह जला दिया… तुम्हारी चूत, तुम्हारी गांड, तुम्हारी चूचियाँ… सब कुछ आज से मेरी हैं”

पूनम ने शर्माते हुए लेकिन कामुक आवाज में जवाब दिया, “जीजा जी… आपकी लंड ने मेरी चूत को तो फाड़ ही दिया था… लेकिन मेरी गांड को भी आज पहली बार चोदा… मुझे बहुत दर्द हुआ… लेकिन मजा भी बहुत आया…”

दीपक ने पूनम की पीठ पर हाथ फेरते हुए फुसफुसाया, “मेरी गंदी साली… आगे से जब भी तुम आओगी, मैं तुम्हारी गांड को रोज चोदूँगा… तुम्हें मेरी लंड की इतनी आदत पड़ जाएगी कि बिना मेरी लंड के तुम रह ही नहीं पाओगी…”

पूनम ने दीपक की छाती को चूमते हुए कहा, “जीजा जी… सच में… आपकी लंड अब मेरी चूत और गांड दोनों की मालिक बन गई है… मैं आपकी personal गांड चुदवाने वाली रंडी बन गई हूँ…”

दीपक मुस्कुराया और बोला, “हाँ मेरी रखैल… कुसुम से शादी के बाद भी मैं तुम्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर चोदूँगा… कभी होटल में, कभी कार में, कभी किसी रिसॉर्ट में… तुम मेरी नाइट क्वीन हो…”

पूनम ने दीपक की आँखों में देखकर कहा, “जीजा जी… मैं सोच रही हूँ… जब कुसुम दीदी प्रेग्नेंट होंगी… तब आप मुझे और ज्यादा चोदेंगे ना? मैं आपका दूसरा बच्चा भी गुप्त रूप से जन्म दे सकती हूँ…”

दीपक ने पूनम को और कसकर जकड़ लिया और बोला, “बिल्कुल मेरी जान… हम तीनों साथ रहेंगे… दिन में कुसुम, रात में तुम… मैं तुम्हें हर रात चोदूँगा… तुम्हारी चूत और गांड दोनों को भर दूँगा…”

दोनों ने लंबे समय तक भविष्य की प्लानिंग की। दीपक ने कहा, “जब तुम्हारी कोचिंग शुरू होगी… तो मैं रोज सुबह तुम्हें छोड़ने जाऊँगा… शाम को लेने आऊँगा… क्लास के बाद कभी-कभी कार में ही तुम्हें चोद दूँगा…”

पूनम हँसते हुए बोली, “हाँ जीजा जी… और शनिवार-रविवार को हम कहीं घूमने जाएँगे… मैं आपको पूरा दिन नंगी सेवा करूँगी… आपकी लंड चूसूँगी… अपनी गांड चुदवाऊँगी… आपकी इच्छा अनुसार सब करूँगी…”

दीपक ने पूनम के कान में फुसफुसाया, “और जब हम अकेले होंगे… तो मैं तुम्हें कॉलेज यूनिफॉर्म में चोदूँगा… स्कर्ट ऊपर करके… तुम मेरी छोटी स्कूल वाली रंडी बन जाओगी…”

पूनम ने शरमाकर दीपक की छाती पर हल्का मुक्का मारा और बोली, “धत् जीजा जी… आप बहुत गंदे हो गए हैं… लेकिन मुझे ये गंदापन बहुत पसंद आने लगा है…”

इस तरह दोनों रोमांटिक बातें करते हुए, एक-दूसरे को चूमते, सहलाते, भावनाएँ बाँटते, हँसते, और भविष्य के सपने देखते रहे। धीरे-धीरे रात बहुत गहरी हो गई। दोनों थकान के कारण एक-दूसरे की बाहों में गहरी नींद सो गए। पूनम दीपक की छाती से चिपकी हुई थी और दीपक ने पूनम को पूरी तरह घेर रखा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

सुबह सूरज की पहली किरण कमरे में आई। दीपक की आँख खुली। पूनम अभी भी उसके सीने से लिपटी सो रही थी। दीपक का लंड फिर से सख्त हो चुका था। उसने पूनम को धीरे से जगाया।

दीपक: “पूनम… उठो मेरी जान… एक आखिरी बार… इससे पहले कि तुम घर जाओ… तुम्हें थोड़ी देर में घर जाने के लिए ट्रेन पकड़नी है”

पूनम ने नींद भरी आँखों से मुस्कुराते हुए कहा, “जीजा जी… जल्दी कीजिए… मुझे सामान भी पैक करना है…”

दीपक ने पूनम को चित लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया। उसने बहुत प्यार से, धीरे-धीरे लेकिन गहराई से पूनम को चोदा। पूनम सिसकार रही थी, “आह… जीजा जी… सुबह-सुबह आपकी लंड… उफ्फ… बहुत अच्छा लग रहा है… भर दीजिए मुझे…”

दीपक ने लगभग 20 मिनट तक प्यार से चोदा और अंत में पूनम की चूत में अपना गर्म वीर्य छोड़ दिया। दोनों ने एक-दूसरे को अंतिम बार गले लगाया।

दीपक: “मेरी जान हम कुछ भूल गए।”

पूनम: “वह क्या जीजू।”

इसे भी पढ़े – लंड का टेम्प्रेचर बढ़ा दिया सेक्सी लड़की ने

दीपक: “मैं कल रात तुम्हारे लिए आईपिल लाया था मैंने पिछले 48 घंटे में तुम्हारी बच्चेदानी में काम से कम 100 मिली गाढा वीर्य भरा होगा अगर आईपिल नहीं खाओगी तो निश्चित ही मेरे बच्चों की मां बन जाओगी।”

पूनम: “आई लव यू जीजू आप कितने केयरिंग हो थैंक यू मुझे याद दिलाने के लिए अभी अपनी पढ़ाई पूरी होने तक मैं आपके बच्चों की मौसी ही बनना पसंद करूंगी हां जब मेरी शादी हो जाएगी तब मैं आपके ही बच्चे पैदा करूंगी इतना वादा रहा। …… जीजू क्या ऐसा नहीं हो सकता की कुसुम दीदी के बाद आप मुझसे भी शादी कर लो और हम चारों लोग हमेशा साथ-साथ रहें।”

दीपक: “मेरी जान इतना प्यार करती हो मुझसे मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं हम आगे चलकर इसका कोई रास्ता जरूर निकालेंगे।”

पूनम ने अपना सारा सामान पैक किया। दीपक ने उसे स्टेशन तक छोड़ने के लिए कार निकाली। रास्ते भर दोनों हाथ पकड़े रहे। पूनम की आँखों में आँसू थे।

पूनम: “जीजा जी… एक हफ्ते बाद कोचिंग शुरू होगी… मैं वापस आऊँगी… आप मुझे बहुत याद आएंगे…”

दीपक ने पूनम के माथे पर किस करते हुए जवाब दिया, “मैं भी तुम्हारा इंतजार करूँगा मेरी जान… तुम अब मेरी हो… हमेशा मेरी रहोगी…”

ट्रेन आने पर पूनम ने दीपक को अंतिम बार गले लगाया और ट्रेन में चली गई। दीपक प्लेटफॉर्म पर खड़ा उसे जाते हुए देखता रहा। उसके मन में प्यार, जुनून, थोड़ा अपराधबोध और बहुत सारी उम्मीदें।

ये Sali Tight Gand Chudai Story आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. जीजा के भाई के साथ बाथरूम में रोमांस
  2. साली की फ्रेश चूत चोदी जीजा ने
  3. योनी में अंकल का मोटा लंड फंस गया
  4. बड़े भाई ने बहन के बुर की सील तोड़ी
  5. बाजी को गांड मरवाते देखा
  6. चोदना है तो चुपचाप चोद लो

Filed Under: Jija Sali Sex Story Tagged With: Anal Fuck Story, Blowjob, Boobs Suck, College Girl Chudai, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Kunwari Chut Chudai, Non Veg Story, Pahli Chudai, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • छोटी साली जीजा का दिल ले गई 2
  • Sex Karte Pakde Gye Fir GF Ka Gangbang Sex Hua
  • चाची के मायके की शादी में पेला एक गोरी को
  • Papa Ke Dost Ki Wife Ko Chod Diya
  • चोदना है तो चुपचाप चोद लो

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated