Mami Hot Figure Nude Pics
मेरे घर में मेरे अलावा मम्मी-पापा और एक जवान बहन है। पापा का गवर्नमेंट जॉब होने के कारण वह अपनी पोस्टिंग की जगह अकेले रहते हैं, और हम तीनों शहर में रहते हैं। बड़ी सिटी होने और पैसों की कमी न होने के कारण हम लोग काफी मॉडर्न रहते हैं, मेरी मम्मी और बहन माँ-बेटी कम बहनें ज़्यादा लगाती हैं। Mami Hot Figure Nude Pics
दोनों काफी खुले विचारों की और मॉडर्न हैं, जबकि मैं दिखाने में थोड़ा दब्बू सा दिखता हूँ, जबकि मेरे दिमाग में हमेशा ही सेक्स का भूत चढ़ा रहता है। मेरी ऐसी भोली सूरत के कारण मम्मी और मेरी बहन मेरे सामने काफी खुली हुई हैं। हमारे घर में सभी भौतिक सुविधाएँ मौजूद हैं, जैसे कंप्यूटर/डिजिटल कैमरा आदि, क्योंकि मम्मी और मेरी बहन को अपने फोटो मुझसे शूट करवाने का बहुत क्रेज़ है।
गाँव में मेरे मामा-मामी रहते हैं, जो कि कई बार हमारे यहाँ आते रहते हैं। मामी दिखाने में सुंदर और सेक्सी हैं, लेकिन उनका रहन-सहन ग्रामीण होने के कारण वह उतने सेक्सी नहीं दिख पाती जितनी कि वो हैं। कई बार छुट्टियों में जब मैं गाँव जाता हूँ तो वहाँ मामी को देख मेरा लंड पागल सा हो जाता, मगर मैं डर के मारे कुछ नहीं कर पाता।
गाँव में घर तो बहुत बड़ा है, और पैसों की भी कोई कमी नहीं लेकिन अकेले मामा-मामी वहाँ रहते थे, क्योंकि गाँव में बिजली की काफी कमी थी। मामा दिन भर खेतों में और मंडियों में रहते और देर शाम/रात तक घर आते, और घर में केवल मामी रह जाती, मैं मामी से घंटों बातें करता रहता।
वह भी लापरवाही से कपड़े पहनती थी, उसको दोनों सफ़ेद मांसल स्तन बिना ब्रा के ब्लाउज़ में से बाहर झाँकते रहते, जिन्हें मैं चोर निगाहों से देखता रहता। मामी जब गोबर और मिट्टी से आँगन लीपती तो उसके कपड़े अस्त-व्यस्त हो जाते, लेकिन हाथ गंदे होने के कारण वह उन्हें ठीक नहीं कर पाती और मैं ऐसा मौका छोड़ता नहीं था.
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लेकिन मैंने कभी भी अपना इरादा ज़ाहिर नहीं किया, और न ही मामी कभी मुझे शंका की दृष्टि से देखती, क्योंकि मामा-मामी का एकलौता भांजा होने के कारण मुझे बहुत प्रिय था। मामी गर्मियों की दोपहर में जब सोती तो उसको अपने कपड़ों का भान ही नहीं रहता.
मैं चुपचाप दबे पाँव उनके कमरे में जाता जहाँ उनकी साड़ी घुटनों के ऊपर तक उठी रहती जिसमें से उनकी सफ़ेद केले के समान मोटी-मोटी जाँघें दिखाई पड़ती, उनके ढीले-ढाले ब्लाउज़ में से उनके स्तन बाहर आ जाते और मुझे उन्हें देख हस्तमैथुन का सहारा लेकर शांत होना पड़ता।
पिछली बार जब मामी हमारे घर आई थी तो मम्मी और बहन के साथ उनकी बातें हो रही थीं, मैं भी वही सोने का बहाना बनाकर आँखें मूँदे लेटा हुआ था और उनकी पर्सनल बातों का मज़ा ले रहा था। तब पता चला कि गाँव में कोई अच्छा ब्लाउज़ सिलने वाला नहीं होने के कारण मामी को ऐसे बे-शेप और बिना डिज़ाइन के ब्लाउज़ पहनना पड़ते हैं.
और गाँव में कोई अच्छी होज़िरी की दुकान भी नहीं है इस कारण ब्रा-पैंटी की आफ़त होती है। ख़ैर मम्मी ने जब अपने ब्लाउज़ ट्रायल के लिए दिए तो वह मामी को फिट आ गए, थोड़े टाइट थे तो मम्मी बोली कि मैं अपने टेलर से कहकर थोड़े ढीले बनवा दूँगी.
तो मामी बोली कि नहीं दीदी मुझे तो आप अपने कोई पुराने ब्लाउज़ ही दे देना, मैं उन्हें ठीक करके पहन लूँगी, गाँव में कौन देखने वाला है, जो मैं नए सिलवा कर पैसे बिगाड़ूँ। कभी कोई नई साड़ी का ब्लाउज़ बनाना होगा तो आपको तकलीफ़ दूँगी। तब तो मामी जल्दी में होने से शाम को ही चली गई।
हमारे परिवार में एक शादी थी, जो कि सिटी से थोड़ा बाहर गार्डन में थी, इस शादी में मम्मी के मायके से शामिल होने के लिए, मामी आने वाली थी क्योंकि फसल की कटाई का समय होने के कारण मामाजी का शादी में आ पाना पॉसिबल नहीं था, और शादी भी दो-तीन दिन की थी, इसलिए मामी आ रही थी।
मम्मी ने जीजी को पहले से ही बोल दिया था कि मामी आ जाए तो उसे मेरे डिज़ाइनर ब्लाउज़ और साड़ी पहना देना और अच्छे से तैयार कर देना क्योंकि गाँव में अच्छा लेडीज़ टेलर नहीं होने से मामी के पास अच्छे डिज़ाइनर ब्लाउज़ नहीं थे। मम्मी तो सुबह से ही शादी में चली गई थीं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मामी दोपहर में हमारे घर आई, वह गर्मी के कारण पसीने से लथपथ हो रही थी, उनका पूरा ब्लाउज़ पसीने से भीगने से पारदर्शी हो गया था, जिसमें से उनके मोटे-मोटे पपीते समान स्तन साफ़ दिखाई पड़ रहे थे। कुछ देर आराम करने के बाद मेरी बहन ने उन्हें तैयार होने को कहा.
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क्योंकि हमें शाम को रिसेप्शन और महिला संगीत आदि प्रोग्राम्स में शामिल होना था। मामी ने जैसे ही अपने बैग में से कपड़े निकाले, मेरी बहन बोली, मामी उन्हें छोड़ो और ये मम्मी की नई साड़ी ब्लाउज़ ट्राय करो। जब मामी ने नहाकर बाथरूम में मम्मी की नई साड़ी पेटीकोट पहन लिया.
तो मेरी बहन बोली कि मामी साड़ी अभी मत पहनना, क्योंकि मुझे अभी आपका मेकअप भी करना है, इसलिए मामी ने अपने सीने पर गीला तौलिया डालकर बाहर आ गई। मैं भी उसी रूम में कंप्यूटर सिस्टम पर बैठकर कुछ फोटो एडिट कर रहा था, न तो मेरी बहन ने मुझे बाहर जाने को कहा न मामी ने मुझसे कुछ ज़्यादा पर्दा किया।
मम्मी के डिज़ाइनर ब्लाउज़ का काफी डीप और वाइड नेक था, जिसमें से मामी के गदराया जिस्म समा नहीं रहा था, वैसे तो उस तरफ़ मेरी पीठ थी, फिर भी मैं चोर निगाहों से मामी के हुस्न को देखने की कोशिश कर रहा था। जब मेरी बहन ने मामी को ड्रेसिंग टेबल के सामने बिठाया.
और मामी के फेस और नेक का फ़ेशियल करने के लिए उनके सीने से तौलिया हटाया तो वह बोली कि मम्मी क्या ब्रा नहीं पहनी, और उसने मामी को मम्मी की एक नई लेसी ब्रा निकालकर दी, जिसे पहनाने और देखने-करने पर मेरी बहन मामी से बोली कि ये तो लूज़ है, रुको आप मेरी ब्रा ट्राय करो.
और उसने मामी को अपनी एक नई ब्लैक कलर की छोटे कप्स की ब्रा दी जो कि मामी की एकदम से फिट आ गई। जब उसे पहनकर मामी बाथरूम से बाहर आई तो उनका फ़िगर देखने लायक था, उनके सीने के उभार ब्लाउज़ फाड़कर बाहर आने को मचल रहे थे।
मेरी बहन ने मुझे बोला कि चल भैया मामी के बिना मेकअप के दो-चार फोटो शूट कर फिर हम मेकअप के बाद के फोटो खींचकर उनका डिफरेंस मामा को बताएँगे। मैंने बिना देर किए मामी के अलग-अलग एंगल से क्लोज़-अप शॉट्स लिए, और उन्हें तत्काल सिस्टम में डालकर मॉनिटर पर उनको दिखा भी दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
बिना साड़ी के केवल ब्लाउज़ में फोटो शूट होने से मामी थोड़ी झेंप तो सही लेकिन वहाँ पर मेरी बहन के भी होने से उनकी झिझक कुछ कम ज़रूर हो गई थी, और वैसे भी मेरी बहन ने भी गर्मी के कारण केवल डीप नेक इनरवियर (समीज) ही पहनी थी जिसमें से उसकी ब्रा भी साफ़ दिखाई पड़ रही थी।
मेरी बहन ने पर्सनल ब्यूटीशियन का कोर्स किया हुआ है और वह ये काम अच्छी तरह से जानती है। उसने मामी के फेस और नेक के फ़ेशियल के लिए उनके ब्लाउज़ के ऊपर के दो-तीन हुक खोल दिए और ब्लाउज़ में हाथ डालकर भी खुले हिस्से को चमका दिया।
जब वह उनकी आई ब्रो बना रही थी तो उसे एक हेल्पर की ज़रूरत महसूस हुई और उसने मुझे आवाज़ लगाई, मैं फौरन उनके पास गया और उनके फ़ोरहेड को पकड़कर वहाँ खड़ा हो गया। ऐसी हेल्प में कई बार मम्मी के साथ भी कर चुका हूँ। सब होने के बाद मेरी बहन ने मामी को बोला कि मामी आज समय है तो मैं आपकी अंडरआर्म मतलब बाँहों के बाल भी साफ़ कर देती हूँ.
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तो मैंने बड़ी सावधानी से अपने सिस्टम को हैंडीकैम से जोड़कर वीडियो मोड पर सेट कर रूम से बाहर चला गया। वैसे तो उन दोनों ने मुझे बाहर जाने को नहीं कहा था, लेकिन मैंने भी अपनी शराफ़त दिखाई और मैं बाहर निकल गया। उन्होंने रूम का दरवाज़ा भी नहीं बंद किया।
कुछ देर बाद जब मैं लौटा तो देखा कि मेरी बहन ने मामी को लगभग पूरी तरह से तैयार कर दिया था, और वह उन्हें साड़ी पहना रही थी, उसने मामी का पेटीकोट नाभि से काफी नीचे बाँधकर साड़ी पहनाई थी, जिस वजह से मामी कयामत ढा रही थी। वह ख़ुद को आइने में देख शरमा रही थी।
उनकी उम्र 37-38 होगी जो कि मेकअप के बाद मुश्किल से 30-32 लग रही थी। मेरी बहन ने उनकी पीठ और सीने का भी फ़ेशियल किया था, इस वजह से डीप नेक ब्लाउज़ में से उनका गोरा गदराया बदन देख मेरा लंड बरमूडा में तंबू बन गया था। ख़ैर हम सभी फटाफट तैयार होकर फ़ंक्शन में शामिल होने के लिए चले गए।
वहाँ सभी की निगाहें मामी के ऊपर जमी थी। मेरे सभी कज़िन और रिश्तेदार मुझसे सिर्फ़ उनके बारे में ही बात कर रहे थे। रात में जब वापस लौटने का समय हुआ तो मम्मी ने कहा कि मुझे तो सुबह से ही शादी की रस्मों में शामिल होना पड़ेगा, और तेरी बहन को तो दुल्हन और दूसरे रिश्तेदारों का मेकअप करना होगा.
और इतनी जल्दी सुबह वापस आना मुश्किल है, इसलिए तू मामी को घर वापस ले जा, और कल शाम तक जब बारात आएगी उससे थोड़ी देर पहले रेडी होकर आ जाना। मेरी बहन ने भी मामी को बोला कि मामी आप तो घर में आराम करो और कल शाम भैया के साथ बढ़िया तैयार होकर आ जाना। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तब मैं और मामी बाइक से वापस चल पड़े। रास्ते में रात में ठंडी हवाएँ चल रही थीं, और लंबी ड्राइव होने से मैं भी आराम से गाड़ी चला रहा था। मामी को बाइक पर बैठने की आदत न होने के कारण वह थोड़ा डरकर बैठी थी, तब मैंने उन्हें चिपककर बैठने के लिए कहा.
वैसे भी मेरी पल्सर बाइक की स्पोर्टी सीट होने के कारण पिछली सवारी ब्रेक लगने पर आगे की ओर सरकती है, जिस कारण मामी के कड़क तने हुए स्तन मेरी पीठ को टच कर मुझे पागल बना रहे थे। मैंने रास्ते में से ही अपने दिमाग में कई योजनाएँ बना ली थीं।
ख़ैर घर आने पर मैंने सबसे पहले तो मेन गेट पर बाहर से लॉक लगा दिया और मैं पिछले गेट से अंदर आ गया ताकि कोई परेशान न करे। मैंने मामी को बोला कि मामी जी हमने आपके तैयार होने के बाद के तो फोटो लिए ही नहीं, जीजी ने बोला है कि मामी जी के फोटो ज़रूर शूट करना (ये सब मैंने झूठ ही बोला था)।
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इसलिए अब आप थोड़ा सा मेकअप ठीक करके वापस तैयार हो जाओ। पहले तो मामी थोड़ा ना-नुकुर करने लगी, लेकिन बाद में तैयार हो गई, वैसे भी कोई भी औरत अपनी ख़ूबसूरती का प्रदर्शन करने से कभी नहीं चूकती। मामी ने अपने बाल वापस सही किए, थोड़ी लिपस्टिक, पाउडर मारकर रेडी हो गई।
मैंने उनका पल्लू थोड़ा सेट कर के एक-दो क्लोज़-अप शॉट्स लिए, फिर उनके कुछ साइड के फोटो लिए। जब मैंने उनके लॉन्ग शॉट में पूरे बदन को कैप्चर करने के लिए कैमरा सेट किया तो मुझे उनकी साड़ी कुछ पेट पर चढ़ी हुई मालूम पड़ी, और मैंने उन्हें साड़ी कमर पर और नीचे सरकाने को बोला, तो वह ठीक तरह से कर नहीं पा रही थी.
तब मैं आगे बढ़ा, और उनकी साड़ी को और नीचे खींचकर सेट कर दिया, अब उनकी साड़ी नाभि से कोई एक बिलास नीचे हो गई थी, और उनका सफ़ेद चिकना सेक्सी पेट साफ़ दिखाई पड़ रहा था। मैंने एक बात और नोट की थी कि उनको मुझसे कोई ज़्यादा झिझक या शर्म महसूस नहीं हो रही थी और वे एक ट्रेंड मॉडल की तरह फोटो शूट करवा रही थी।
वो बोली कि इतने फोटो तो मेरी शादी में भी नहीं खिंचे होंगे, बहुत पैसे लग जाएँगे, तो मैं बोला कि मामी एक पैसा भी नहीं लगेगा, क्योंकि हम ये फोटो डिजिटल कैमरा से शूट कर रहे हैं, और इन्हें हम कंप्यूटर सिस्टम पर लोड करते हैं, इस कारण हमें फोटो धुलवाने या रोल डेवलप का कोई ख़र्चा नहीं आता।
और मैंने मामी को तत्काल शूट किए फोटो मॉनिटर पर दिखा दिए। जिनकी पिक्चर क्वालिटी देख वह ख़ुश हो गई, मैंने उन्हें मम्मी और मेरी बहन के कई फोटो दिखाए, जिनमें से कई में उनके शरीर के उभारों और खुले बदन को देख वह आश्चर्यचकित हो गई और बोली कि वाकई देखने में तो बड़े अच्छे लगते हैं, लेकिन शर्म आती है, तो मैं बोला कि बाहरी आदमी यानी फ़ोटोग्राफ़र से फोटो शूट करवाने से तो ये ज़्यादा ठीक है।
तो मामी ने भी मेरी हाँ में हाँ मिलाई। मामी की इच्छा देखते हुए मैंने उन्हें कहा कि वह और दूसरे कपड़े पहनकर भी फोटो शूट करवाएँ तो ज़्यादा अच्छा रहेगा, तो वह मान गई, और बोली कि मेरी बचपन से जींस टी-शर्ट पहनकर फोटो शूट करवाने की इच्छा थी, तो मैंने कहा कि कौन सी बड़ी बात है, जीजी के पास इतनी ढेर जींस हैं, जो चाहे उसे ट्राय करे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने उनके कुछ पीठ की साइड के फोटो लिए, जिनमें उनके चौड़े गले के ब्लाउज़ में से उनकी खुली गोरी मांसल पीठ मस्त लग रही थी, बालों को खोलकर और सीने से साड़ी का पल्लू हटाकर फोटो शूट करवाने में वह थोड़ी झिझकी लेकिन मना नहीं किया। मैंने मामी को थोड़ा आगे की तरफ़ झुकाकर उनकी क्लिवेज का भी शॉट लिया, जिसमें उनके चेहरे पर गज़ब की शर्म थी।
मैंने मामी को मम्मी का एक बैकलेस ब्लाउज़ दिया जो कि काफी महँगा था इस ब्लाउज़ को पहनाने के लिए मामी को ब्रा उतारना पड़ी, लेकिन वह पीठ की एक डोरी बाँध नहीं पा रही थी, इसलिए मामी ने मुझसे बोला कि क्या मैं ये डोरी बाँध दूँ, तो मैंने कहा कि क्यों नहीं, मम्मी भी ऐसे जब पहनाती हैं तो मैं ही इसकी डोरी बाँधता हूँ।
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जब मैंने मामी के बैकलेस ब्लाउज़ की डोरी बाँधी तो मैंने मामी की मांसल पीठ पर बड़े आराम से हाथ फेरा। मामी के इस स्टाइल के भी काफी फोटो शूट के बाद मैंने मामी को अपनी बहन की लो-वेस्ट टाइट जींस पहनाने के लिए दी, और साथ में एक ट्यूबलर टी-शर्ट दी, जिसे देख मामी ख़ुश तो गई लेकिन वह टाइट जींस की कमर का बटन नहीं लगा पा रही थी.
तो मैंने कहा लाओ मैं लगा देता हूँ, जींस लो-वेस्ट होने के कारण मामी के नाभि के काफी नीचे बाँधनी पड़ रही थी, जब मैंने उसका बटन लगाना चाहा तो जानबूझकर मैंने अपनी दो उँगलियाँ जींस के अंदर पेड़ू की और डाल दी, मुझे लगा शायद मामी ने पैंटी नहीं पहनी है.
क्योंकि मेरी उँगलियों को पैंटी का इलास्टिक टच नहीं हुआ, ट्यूबलर टी-शर्ट में से मामी के सीने के उभार गज़ब ढा रहे थे, और क्योंकि ब्रा भी नहीं पहनी थी इसलिए निप्पल्स के उभार बिल्कुल तने हुए दिखाई पड़ रहे थे। बाद में शॉर्ट शर्ट पहनकर भी मामी ने फोटो शूट करवाए।
इसके बाद मैंने मामी को अपनी बहन के कुछ बोल्ड कह सकने टाइप के फोटो दिखाए, जिनमें से कुछ में उसने वेट स्टाइल और क्लिवेज शो करने वाले फोटो बताए, तो वह बोली कि मैं भी ऐसे फोटो खिंचवाना चाहती हूँ लेकिन कोई देखेगा तो क्या कहेगा, तब मैंने उसे विश्वास दिलाया कि हम कौन से उन फोटो को किसी को दिखाएँगे, ख़ुद देखने के बाद हाथों-हाथ उन सबको डिलीट कर देंगे।
इस बात से मामी राज़ी हो गई और उसके बाद तो उसने किसी प्रोफेशनल मॉडल की तरह से फोटो शूट करवाए, मुझे बोलने का मौक़ा ही नहीं पड़ता और वह ख़ुद ही अलमारी से कोई भी ड्रेस पहनकर फोटो शूट करवाती रही। जब मामी ने कुछ वेट सीन भी दे दिए फिर मैंने मामी को बोला कि यदि आप थोड़ा डीप क्लिवेज शॉट्स दे दें तो बड़ा मज़ा आ जाएगा.
और वह इसके लिए राज़ी हो गई, लेकिन उनके काफी झुकने के बाद भी मुझे मेरे मन माफ़िक उभारों वाला एक्शन नहीं मिल रहा था, इसलिए मैंने मामी को कहा कि वह अपनी ब्रा को और टाइट करें, लेकिन वे वैसा नहीं कर पा रही थीं, जैसा मैं चाहता था, तो वह ख़ुद ही बोल पड़ी कि अरे अब तुम ही अपने हिसाब से एडजस्ट कर लो और वे सीना तानकर खड़ी हो गई. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो मैंने बड़ी शराफ़त से बोला कि आप अपना ब्लाउज़ थोड़ा खोलिए, उन्होंने थोड़ा नकली झेंपते हुए ब्लाउज़ पूरा खोल दिया, तो मैंने उनकी ब्रा के पीछे के हुक को और टाइट किया, और ब्रा की स्ट्रिप्स को ऊपर की ओर खींचा, इसके बाद मैंने बड़ी बेशर्मी से उनकी ब्रा में हाथ डालकर उनके नर्म मुलायम उभारों को पकड़कर बाहर की ओर सेट किया. मेरे द्वारा इतना करने पर भी वे मंद-मंद मुस्कुराती रहीं.
और मेरी आँखों में आँखें डालकर बोलीं, कि ये सब तुमने कहाँ से सीखा, तो मैंने बोला कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है। तो वह ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगी, इसके बाद तो उन्होंने कई सारे फोटो बिना ब्लाउज़ के शूट करवाए. लेकिन मैंने उन्हें बातों में लगाकर उनको पेटीकोट उतारवाने के लिए राज़ी कर लिया. लेकिन उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी तो मैंने अचानक उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया.
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जिससे उनका पेटीकोट सर्र.. से नीचे गिर पड़ा, उन्होंने जैसे ही अपने हाथों से अपनी मुलायम भूरे बालों से ढकी मक्खनी फूली हुई चूत को ढाँका. मैंने बिना देर किए उनकी पीठ से ब्रा का हुक भी खोल दिया, जैसे ही ब्रा भी सीने से हटी, उन्होंने अपना एक हाथ सीने पर रख लिया, अब उनका एक हाथ सीने पर और दूसरा चूत पर था, और वे मेरी ओर देखकर ज़ोर-ज़ोर से हँस रही थीं, मैंने ऐसी पोज़िशन में उनके फोटो शूट किए तब वो और ज़्यादा बिंदास हो टाँगें फैलाकर अपनी गुलाबी चूत को खोलकर कैमरे का सामना करने लगी.
ये सब देख मेरे वश में ख़ुद को रखना संभव नहीं था, और मैं भूखे भेड़िए की तरह नंगी मामी पर टूट पड़ा, उन्होंने भी बिना हिचक पूरे मन के साथ मेरा साथ दिया, जब मैंने पूछा कि क्या वह इस सब के लिए तैयार थी तो वह बड़ी बेशर्मी से बोली कि तुमने ही देर लगाई, मैं तो सुबह से ही मन बना कर बैठी थी कि यदि मौक़ा मिला तो तुमसे सेक्स का सुख ज़रूर उठाऊँगी। इसके बाद तो हम पूरी रात और अगला आधा दिन ऐसी धमाल में लगे रहे। और बाद में हमने कोई भी मौक़ा कभी नहीं छोड़ा।
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