Hot Girl Anal Chudai Story
मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूँ और बहुत लाडला हूँ। इस समय मेरी उम्र 25 साल है। मेरे पापा सरकारी नौकरी करते हैं और माँ घर पर ही रहती हैं। हम शोरों से इस इलाके में रहते हैं। पापा को ऑफिस की तरफ से घर मिला हुआ है। हमारी स्ट्रीट में सब एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते हैं और एक-दूसरे की खुशी-गम में शामिल होते हैं। Hot Girl Anal Chudai Story
मैं स्कूल से ही पढ़ाई में अच्छा था और गली के सारे लड़के-लड़कियाँ और पड़ोस के सब मेरी तारीफ करते थे और प्यार भी करते थे। मेरे पापा थोड़े सख्त स्वभाव के हैं। इसलिए मैंने अच्छी शिक्षा हासिल कर ली। अब आते हैं असल टॉपिक पर। मेरे घर के सामने एक परिवार रहता है, जिनकी मम्मी पंजाब से और पापा मेरे ही गाँव की तरफ के हैं। उनकी तीन लड़कियाँ हैं।
बड़ी वाली का नाम सबा और छोटी दो का सना और सोफिया है। मैं जब 10th क्लास में था तो सबा, जो उम्र में मुझसे बड़ी थी, एक ही क्लास में थी। हम एक-दूसरे की किताबें इंटरचेंज करते थे। मैं उस पर बहुत आशिक था क्योंकि वो बहुत सेक्सी थी — मोटे-मोटे स्तन और मोटी गांड।
अक्सर वो सफाई करती तो मैं उसके दुपट्टा न होने की वजह से उसके बूब्स देखकर मुठ मारता था और उसकी किताबों पर s+s भी लिखता रहता था। पर ये चक्कर कुछ ही अरसे रहा। फिर उसकी शादी हो गई और मैं देखता रह गया। मगर उसकी छोटी सिस्टर मुझसे 3 क्लास पीछे थी।
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वो और उससे छोटी दोनों अक्सर पढ़ाई के बारे में कुछ सॉल्व कराने मेरे पास आती थीं और मैं उनकी मदद करता था। एक दिन मेरे घर में कोई नहीं था। सना के एग्जाम थे। वो मेरे पास शाम को आ गई। सर्दियों के दिन थे। मैं धूप में चारपाई लगाए सहन में चादर लेकर लेटा था।
वो आकर मेरे पास बैठ गई और मैं उसे पढ़ाता रहा। मैं लेटा था और एक साइड पर होकर उसे बता रहा था तो मेरा फ्रंट उसकी पीठ को टच करने लगा। तो कुछ देर बाद मुझ पर शैतान सवार हो गया और मेरा हंटर खड़ा होकर उसकी पीठ को टच होने लगा। पहले वो आगे को हुई, पर जगह कम होने की वजह से पीछे हो गई।
तो कुछ देर टच रहने से शायद वो गरम हो गई और मेरे साथ पीठ टेक के बैठ गई। मैंने कुछ देर बाद हिम्मत करके अपने हाथ से उसकी कमर को रब करने लगा और आहिस्ता-आहिस्ता हाथ उसके बूब्स तक ले गया, जो नॉर्मल थे, मतलब इतने बड़े नहीं थे, पर उस समय उनसे अच्छे और कहाँ थे।
फिर मैंने अपना हाथ उसकी कमीज के अंदर ले लिया और उसके बूब्स को मसलने लगा। कुछ देर ऐसा करने के बाद हाथ उसकी शलवार से उसकी चूत और गांड पर मारने लगा। फिर उसकी चूत को रब करने लगा। कुछ देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। ये सना के साथ ये सब होते समय पहली मूवमेंट थी।
शायद वो बेकाबू हो गई थी। पर मैंने अपना हाथ छुड़ाया और दोबारा उसकी चूत को रब करते हुए फिंगर उसकी चूत में डाल दी और फिंगरिंग करने लगा। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी और वो फरीग हो गई। और उसके बाद वो घर जाने लगी। मैंने भी नहीं रोका क्योंकि हमारे घर के दरवाजे आमने-सामने थे और उसकी मॉम और सिस सामने थीं। ये सब मैंने चुपके से किया था।
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जब वो खड़ी हुई जाने के लिए तो मैंने कहा, “सना कल जरूर आना।”
तो वो पहली बार बोली, “क्यों?”
तो मैंने कहा, “वैसे ही।” और वो चली गई। उसके बाद मैंने मुठ मारकर खुद को ठंडा किया। और वो दूसरे दिन नहीं आई। फिर मेरे मम्मी-पापा आ गए। पर बाद में वो मुझे अजीब नजरों से देखती थी जब सामने आती थी। और फिर लाइफ दोबारा वैसी ही चलने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
तन्हा-तन्हा। फिर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया। मैं उसके घर गया। तो मैंने उसके घर वालों का पूछा। वो बोली, “कोई नहीं है।” मैंने उसे हग कर लिया और किसिंग करने लगा। पहले तो उसने कोई मूवमेंट नहीं की। कुछ देर बाद मेरा साथ देने लगी।
और फिर मैंने उसके बूब्स चूसे और फिर उसकी इलास्टिक वाली शलवार नीचे की और अपनी जिप खोलकर अपने शायर को अंडरवियर से आजाद कराया, जो कि पहले ही तना हुआ था। उस पर थूक लगाया और उसकी चूत और लेग्स के दरमियान लगाया और लेग्स में अंदर-बाहर करने लगा और उसकी चूत को भी रगड़ने लगा। और बूब्स को कमीज ऊपर करके चूसने लगा।
कुछ देर बाद मैं फरीग हुआ तो उनके बाथ में जाते हुए अपने शायर को आगे से पकड़े बाथ में सारा पानी फेंक दिया। उसके घर वालों के आने का डर था तो मैं जल्दी से उस बाथ में पानी फेंकने का बहाना करके बाहर आ गया। उसके बाद यूँ ही चलता रहा — कभी उसके घर, कभी मेरे घर और कभी हमारी कॉमन बालकनी में।
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मगर मेरा असल मकसद हल नहीं हो रहा था। यूँ कोई 2 से 3 साल चलता रहा। हम फोन पर भी अक्सर बातें करते रहते थे और हम दोनों एक-दूसरे से सेक्स करना चाहते थे खुलकर, मगर मौका नहीं मिल रहा था। एक दिन उसकी मॉम 2 घंटे के लिए सोफिया के साथ उसके स्कूल चली गई और मॉम को कह गई कि सना अकेली है, उसका ख्याल रखना।
मैं बाहर जाना चाह रहा था कि इतने में सना मेरे घर आ गई और मेरे रूम के सामने से होकर किचन के बाहर मॉम के पास जा के बैठ गई। मैं काफी देर उसको देखता रहा, मगर उसने देखा ही नहीं। फिर मैं उठकर बाथ किया तो उसको मालूम हुआ कि मैं अंदर हूँ। तो मेरे वापस आने के बाद वो मेरी तरफ देखने लगी। मैं हॉट हो गया और उससे मिलने का सोचने लगा।
अचानक मेरे दिमाग में आइडिया आया और मैंने उसे अपने घर जाने को कहा और इशारे से सारा आइडिया समझाया। पहले तो वो ना समझी, मगर फिर उसको समझ आ गई और मेरी मॉम को कहने लगी, “आंटी मैं घर जाने लगी हूँ, जा के नहाना है।”
इतने में मैं मॉम की तरफ गया और कहा, “दोस्त की तरफ जा रहा हूँ, 3 घंटे में आ जाऊँगा।”
इतने में सना घर चली गई। मैं भी हेयर सेट करके बाहर निकला और गली में इधर-उधर देखकर मौका मिलते ही उसके घर चला गया। उसने दरवाजा जल्दी से लॉक कर दिया और मैं उनके बेडरूम में जाते ही अपने पैंट-शर्ट उतार दिए। इतने में सना अंदर आ गई और मुझे देखकर हँस पड़ी। और मैंने फौरन उसे पकड़ लिया और फ्रेंच किसिंग शुरू कर दी।
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उसके 20 मिनट तक लिप्स और जुबान चूसने के बाद मैंने उसकी कमीज उतारी और उसकी ब्लैक ब्रा खोल दी। फिर उसके बूब्स हाथ से दबाने और मसलने लगा, जो कि अब 2-3 साल के बाद मेरे हाथ लगने से बहुत बड़े हो गए थे। फिर मैंने उसके बूब्स चूसने लगा।
उसके 10 मिनट के बाद मैंने उसे बेड पर लिटा के उसकी इलास्टिक वाली शलवार और ब्लैक पैंटी उतार दी और पहली बार उसे पूरा न्यूड देखा था। फिर मैंने उसकी लेग्स पर किस करने लगा, ऊपर से नीचे, उसकी लेग्स की फिंगर्स और पाँव के नीचे भी। और अपने हाथ से उसकी चूत को रब और फिंगरिंग करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
वो मछली की तरह तड़प रही थी और बहुत हॉट हो चुकी थी। और मैंने आधा घंटा उसके पूरे जिस्म को किसिंग की और जुबान से हल्का-हल्का टच किया। जब वो फुल जवानी में आ गई और बार-बार अपने ऊपर काँपने लगी और कहने लगी, “जानू मैं मर जाऊँगी, अब बस कर भी तो।” और मुँह से सेक्सी आवाजें निकलने लगीं।
तो मैंने उसे ऊपर करके उसकी गांड के नीचे तकिया रख के उसके ऊपर हो गया और अपना 6 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड उसकी चूत पर फिट किया और धक्का लगा दिया, जिससे मेरा हद से ज्यादा उसके अंदर चला गया। और दूसरे ही झटके में सारा उसकी चूत में घुस हो गया।
तो मेरे माइंड में अपने एक दोस्त की बात याद आ गई। वो सना के कजिन का भी दोस्त था। उसने बताया था कि उसका कजिन सना को कई बार चोद चुका है और ये दोनों एक-दूसरे से शादी भी करेंगे। पर मैं बिलीव नहीं करता था। पर इस समय वो सच लगा क्योंकि सना की चूत में था और उसका जरा भी दर्द नहीं हुआ था।
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अब मैं दिल ही दिल में सना और उसके कजिन को गालियाँ दे रहा था और कह रहा था कि खैर मैंने पकाई और कह कोई और किया चाहे। मैं सना से टाइम पास कर रहा था, मगर जलन तो थी ही। ना सील का अपना मजा है। खैर 10 से 15 मिनट यूँ ही चुदाई के बाद सना फरीग हो गई। मैं गुस्से की वजह से फरीग न हुआ। फिर मैंने उसकी गांड मारनी चाही।
मैंने कहा, “चांस ले के देखता हूँ, शायद वो सील हो।”
मैंने सना को उल्टा होने को कहा। वो ना मानी। मैंने बहुत मिनटों के बाद उसे मना लिया और उल्टा करके डॉगी स्टाइल में उसकी गांड पर थूक लगाकर अपने लंड को फिट किया और अंदर करने लगा। मगर लंड जाता नहीं था। मैं खुश हो गया और अपने लंड पर थूक लगाकर सही रसीला करके उसकी गांड में डालने लगा।
अभी 2 इंच ही किया था कि वो उछल पड़ी। फिर मैंने दोबारा उसे मना के उसी पोजीशन में किया और अपने लंड का थोड़ा सा टोपा अंदर करके एक जोरदार झटका दिया और सारा लंड एक दफे गहराई तक उसकी गांड में चला गया। और वो चीखने-चिल्लाने लगी।
तो मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया ताकि बाहर गली में उसकी आवाज न जाए। फिर आहिस्ता-आहिस्ता झटके लगाने लगे। थोड़ी देर बाद उसको मजा आने लगा। और फिर 20 मिनट बाद मैं फरीग हो गया। और हम साथ लेट गए। ये कहानी आप हमारी वासना पर पढ़ रहे है.
साँसें बहाल होने के बाद उसने पूछा, “तुमने मेरी चूत कम चोदी और गांड के ज्यादा मजे लिए।”
तो मैंने साफ बता दिया कि “चुद चुकी चीज को दोबारा चोदने का मजा नहीं आता।”
तो वो बोली, “क्या मतलब?”
तो मैंने सब बता दिया। तो वो रोने लगी और सॉरी करने लगी और कहने लगी, “मुझसे रहा नहीं किया और ऐसा हो गया। प्लीज मुझे माफ कर दो।”
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फिर मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उसको कहा, “ठीक है, पर पहले तुम मेरे लंड को चूसो।” वो नहीं मान रही थी। पर मैंने कहा, “मैं सबको बता दूँगा अपना और तुम्हारे कजिन का।” और फिर उठ के उसके मुँह के पास कर दिया। उसने हाथ से पकड़ के थोड़ा-थोड़ा मुँह में लिया और जुबान टच करने लगी। उसके बाद आहिस्ता-आहिस्ता उसको मजा आने लगा और उठ के मुझे लिटा दिया और मेरे ऊपर आके मेरी छाती पर गांड रख के मुँह में लेके लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
इस बार मैं 1 घंटे के बाद फरीग हुआ। तो उसने सारा पानी पी लिया और लेट गई। थोड़ी देर बाद मैंने टाइम देखा तो हमें 3.5 घंटे हो गए थे। तब मैंने कहा, “बाहर जा के देखो कोई सामने नहीं है तो मैं बाहर निकल जाऊँ।” वो उठी और मैं भी उठ गया। उसने उठ के बेडशीट भी उठा ली, जिस पर उसकी गांड से निकलने वाला खून लगा था और उसने बाथ में रखी धोने के लिए। और फिर बाहर से इशारा किया तो मैं बाहर निकल गया। उसके आधे घंटे के बाद उसकी मॉम आ गई।
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