Bhai Bahan XXX Porn
मेरा नाम प्रेक्षा है। मैं पंजाब की रहने वाली पंजाबी लड़की हूँ। मैं 23 साल की हूँ। मेरा फिगर 36-28-34 है। मैं आज आपको अपनी कहानी पहली बार लिख रही हूँ। वैसे मैं हमारी वासना पर पिछले एक साल से स्टोरीज़ पढ़ रही हूँ। और मैं हैरान होती थी कि कैसे कोई लड़की अपने किसी रिश्तेदार के साथ सेक्स कर सकती है। Bhai Bahan XXX Porn
लेकिन आज मैं समझ चुकी हूँ कि यह किसी के साथ भी हो सकता है। यही मेरी कहानी है, जो आज से 6 महीने पहले मेरे और मेरे मामा के लड़के के बीच हुई थी। पहले मैं थोड़ा अपने और अपनी फैमिली के बारे में बता दूँ। मेरी फैमिली में मेरे मम्मी-पापा के अलावा मेरा एक छोटा भाई और एक बड़ी बहन भी है।
मेरी बड़ी बहन की उम्र 25 साल है। उसका फिगर भी 36-28-34 है। हम दोनों ही बहुत सेक्सी हैं। रंग गोरा और बड़े मम्मे किसी के भी मुँह में पानी ला सकते हैं। तो बात दिसंबर की है। मेरे मामा का बेटा, जिसकी उम्र 18 साल है, हमारे घर पर आया हुआ था। वह बहुत ही हेल्दी (नॉट मोटा) है। बहुत स्मार्ट और मजाकिया किस्म का लड़का है।
हम सब उसे बहुत पसंद करते हैं। आज तक कभी भी मैंने उसके बारे में गलत नहीं सोचा था। लेकिन उस रात मेरी सोच उसके लिए बिल्कुल बदल गई। हम दोनों रात को एक ही कमरे में सोए हुए थे, क्योंकि रात को वह मेरे पास थोड़ा पढ़ रहा था तो मेरे रूम में ही सो गया। तकरीबन रात को 12:30 मेरी आँख खुल गई। मुझे कुछ “आह” की आवाज आई।
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मैंने लेटे-लेटे ही हिमांशु की तरफ देखा। वह पीठ के बल लेटा हुआ था। उसकी आँखें बंद थीं। एक हाथ से वह अपने निप्पल सहला रहा था। मैं यह देखकर हैरान रह गई कि आखिर यह कर क्या रहा है। लेकिन जल्दी ही सब समझ गई कि वह मूठ मार रहा था, क्योंकि उसने दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़ा हुआ था और वह उसको तेज-तेज हिला रहा था।
यह नजारा देखकर तो जैसे मेरी एक साँस ऊपर और एक नीचे ही रह गई। फिर जब मैंने ध्यान से सुना तो और भी हैरान और शर्म से लाल हो गई क्योंकि वह मेरा ही नाम ले रहा था। शायद मेरे बारे में सोचकर मूठ मार रहा था। मेरी धड़कन तेज हो गई थी। यह सोचकर कि मेरा अपना मामा का बेटा मेरे बारे में क्या-क्या सोच रहा है।
मैं यह सोचकर गर्म होने लगी कि कैसे ख्यालों में ही सही, यह मेरे मम्मों को दबा रहा होगा, चूस रहा होगा, शायद मेरी चूत भी मार रहा होगा। एकदम से मेरे दिमाग में iss की स्टोरीज़ का ख्याल आया कि कैसे बहनें अपने ही भाइयों से चुदवा रही हैं। यह सोचकर मैं और भी सेक्स की आग में जलने लगी।
पता नहीं कब मेरा एक हाथ मेरे लेफ्ट मम्मे पर चला गया और राइट हैंड मेरी लोअर में चूत पर था। मेरी चूत गीली हो गई थी। और मैं अपने मम्मे को बेतहाशा दबा रही थी और चुची को मसल रही थी। अब मेरे दिमाग में भी हिमांशु के बारे में सोचने लगी। मेरी आँखें बंद हो गईं।
थोड़ी ही देर में मैं एकदम चौंक गई। जब मैंने एक हाथ अपने राइट मम्मे पर महसूस किया। मैंने आँखें खोली तो देखा हिमांशु मेरे पास बैठा था और वह मेरी तरफ ही देख रहा था। उसने मेरे मम्मे को सहलाते हुए मुझसे पूछा, “दीदी क्या कर रही हो?”
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मैं पहले तो शर्मा गई, फिर कहा, “वही जो तुम कर रहे थे।”
तो वह बोला, “मैं कोई हेल्प करूँ?”
तो मैं चुप हो गई। मुझे चुप देखकर वह मेरे और पास आ गया और मेरे साथ लेट गया।
मैंने कहा, “भाई क्या तुम मेरे बारे में सोचकर ये सब कर रहे थे?”
उसने कहा, “क्या कर रहा था?”
तो मैंने शर्माते हुए कहा कि मूठ मार रहे थे।
उसने कहा, “हाँ दीदी। आप बहुत सुंदर हो। बहुत सेक्सी हो। जब भी मैं आपको देखता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है। आपके मम्मे देखकर मन करता है कि बस पकड़कर दबा दूँ और इनका चूस-चूस के लाला कर दूँ।”
उसकी ऐसी बातें सुनकर मैं तो जैसे पागल हो गई। मैं एकदम से उसके साथ लिपट गई और उसके ऊपर चढ़कर उसके चेहरे पर किस्सों की बारिश कर दी। वह भी जैसे पागल हो गया और मेरे दोनों मम्मों को पकड़कर दबाने लगा और मेरे चेहरे पर और गालों पर किस करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
मैं उसके साथ लिपटी जा रही थी और वह मेरे साथ। फिर हम दोनों के होंठ मिले। होंठ मिलते ही मैं काँप गई। वह बहुत ही प्यार से मेरे होंठ चूसने लगा। हम दोनों कभी मैं उसके ऊपर तो कभी वह मेरे ऊपर आ जाता और हम एक-दूसरे के होंठ चूसते रहे और दोनों एक-दूसरे के जिस्म सहलाते रहे।
वह कभी मेरी पीठ सहलाता, कभी मेरी गांड को दबाता और कभी मेरी गांड की दरार में उंगली से सहलाता। वह तो मुझे पागल ही कर रहा था। किस करते हुए मैं अपनी जीभ बाहर निकाली तो उसने झट से अपना मुँह खोल दिया और मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी। हम दोनों की जीभ आपस में लड़ने लगी।
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तकरीबन आधा घंटा हम लोग ऐसे ही किस करते रहे। फिर वह मेरी टी-शर्ट, जो मैं रात को पहनती हूँ, उतारने लगा। मैं रात को ब्रा नहीं पहनती। टी-शर्ट के उतरते ही मेरे 36 साइज के मम्मे उसके सामने आ गए, जैसे उसको कह रहे हों — देखते क्या हो, चूस डालो हमें।
मम्मे देखते ही वह और ज्यादा मदहोश हो गया और मुझे पीठ के बल लिटाकर मेरे ऊपर आ गया। वह अपना चेहरा मेरे दोनों मम्मों पर रगड़ने लगा। दोनों हाथों में दोनों मम्मे पकड़कर दबाने लगा। मेरे निप्पल का रंग गुलाबी है और एरोला लाइट ब्राउन है। फिर अचानक वह उठा और मेरे कंधों के नीचे एक तकिया रख दिया।
ऐसा करने से मेरे दोनों मम्मे एकदम तनकर हवा में खड़े हो गए, जैसे कोई दो पहाड़ खड़े हों। तेज नोकदार चुचियों पर वह अपनी जीभ फिराने लगा। मैं तो जैसे स्वर्ग में थी। मेरे मुँह से “आह्ह आह्ह आह्ह उईई माँ आह्ह” जैसी आवाजें निकल रही थीं। मैं उसको बोल रही थी —
“आह्ह मेरे भाई तुमने तो आज मुझे पागल कर दिया… अपनी दीदी को दीवानी कर दिया तुमने… सच में बहुत मज़ा आ रहा है… चूस लो आज मेरे मम्मे… लाल कर दो दोनों को चूस-चूस के… जोर से चूसो मेरे प्यारे भाई… आज अपनी बहन का दूध पी लो।”
वह सिर्फ मेरी चुची को ही अपने मुँह में डालकर चूस रहा था। उसके हाथ मेरे पूरे शरीर को सहला रहे थे। मैंने अचानक उसके सर को पकड़ा और अपने बड़े-बड़े मम्मों में घुसाने लगी। इस बीच में दो बार झड़ चुकी थी। अब और बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था।
इस बीच भाई कब नंगा हो गया, मुझे पता ही नहीं चला। उसका 7.5 इंच का लंड मेरी टाँगों के बीच टकरा रहा था। एकदम लोहे की तरह गर्म था। मैंने धीरे से एक हाथ नीचे ले जाकर उसके लंड को पकड़ लिया और सहलाने लगी। फिर धीरे से मैंने उसको साइड में किया और उसका लंड देखकर हैरान रह गई।
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बहुत ही सुंदर लग रहा था उसका लंड। एकदम चिकना और उसकी लाल टोपी तो बस दिल ही निकाल के ले गई। मैंने उसको थोड़ा सीधा होने को कहा और उठकर बैठ गई। उसका लंड अभी भी मेरे हाथ में था। मन कर रहा था अब ही इसको मुँह में लेकर जोर-जोर से चूस डालूँ। फिर मैंने अपने मुँह को नीचे ले जाते हुए धीरे से उसके लंड का टॉप अपने होठों में दबा लिया। उसकी सिसकी निकल गई “आह्ह्ह”।
उसने मुझसे कहा, “दीदी पूरा मुँह में डाल लो… चूस लो इसको… जोर से चूसो… दीदी मैं कितनी बार ख्यालों में आपको अपना लंड चुसवा चुका हूँ… आज मेरे लंड को चूस-चूस के लाल कर दो दीदी… आह्ह्ह ऐसे ही… और चूसो…”
मैं बहुत ही प्यार से उसका लंड चूस रही थी। बहुत मज़ा आ रहा था। पूरा मुँह में लेकर अंदर-बाहर कर रही थी। मेरे थूक से लंड और भी चिकना और चमकदार हो गया था। उसने अपने लंड के सभी हेयर्स शेव किए हुए थे। फिर बीच-बीच में मैं उसकी बाल्स को भी मुँह में भर लेती। वह तिलमिला रहा था।
उसने मुझको कहा, “बस अब मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ।”
मैं एक बात बता दूँ — मैं हमेशा अपनी चूत के बाल साफ करके रखती हूँ। मेरी गुलाबी चूत देखकर तो उसके मुँह में पानी आ गया। और कहने लगा, “अभी तो मैं पहले इसको चूसूँगा।” और मेरे कुछ कहने से पहले ही उसने मेरी चूत को अपने मुँह में भर लिया। मैं एकदम से उछल गई।
उसने मेरी टाँगें पकड़ ली और मेरी टाँगों के बीच बैठकर मेरी चूत का रस पान करने लगा। मेरे मुँह से सिसकियाँ निकल रही थीं। मैंने उसके सर को पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी। फिर अचानक उसने मेरी चूत में अपनी जीभ घुसा दी। मेरे लिए कंट्रोल करना मुश्किल हो गया।
मैं जोर-जोर से सिसकियाँ लेने लगी और उसको कहने लगी — “आह्ह्ह और जोर से चूसो… घुसा दो अपनी जीभ अपनी बहन की चूत में… खा जाओ अपनी बहन की चूत को…”
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फिर अचानक मैं झड़ गई। वह बड़े प्यार से कुत्ते की तरह मेरा चूत रस चाटने लगा और सारा रस साफ कर दिया।
अब उसने कहा, “बस दीदी अब चुदा लो अपने भाई से।”
मैंने उसको कहा, “मेरे प्यारे राजा, मैंने कब मना किया है। जी भर के चोद लो अपनी बहन को। फाड़ दो अपनी बहन की चूत।”
उसने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और एक तकिया मेरी गांड और पीठ के नीचे रख दिया। मेरी चूत एकदम ऊपर उठ गई। फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत पर टिकाया और हल्का धक्का मारा। मेरे मुँह से सिसकी निकल गई। उसके लंड का टॉप मेरी चूत में घुस गया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
फिर वह थोड़ा आगे की तरफ झुक गया और एक और जोर का झटका मारा। मेरी तो चीख ही निकल गई थी, लेकिन मैंने अपनी चीख को दबा लिया। उसका 7.5 इंच का लंड मेरी चूत में समा गया। ऐसा लगा किसी ने गर्म-गर्म कुछ डाल दिया हो। मेरी चूत के होठ उसकी लंड के साथ चिपके हुए थे। मेरी चूत ने उसके लंड को जकड़ रखा था।
अब उसने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। पहले तो वह धीरे-धीरे धक्के मार रहा था। उसके हर धक्के के साथ मैं स्वर्ग की सैर कर रही थी। मैं उसके साथ लिपटी रही थी। मेरी टाँगें उसकी कमर को पकड़ रही थीं, उसकी कमर पर लिपट रही थीं। वह अपना आधे से ज्यादा लंड अंदर-बाहर कर रहा था।
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मेरे मुँह से सिसकियाँ निकल रही थीं — “आह्ह्ह… ओह्ह्ह… उईई माँ मर गई… चोद दिया अपनी बहन को आज तुमने मेरे प्यारे भाई… अपनी बहन की चूत को फाड़ डालो… पूरा घुसा दो अपना लंड अपनी बहन की चूत में…” ऐसा कहते-कहते मैं झड़ गई। और फिर उसने भी अपनी स्पीड और बढ़ा दी। मैं समझ गई कि वह भी झड़ने वाला है। मैंने उसको कहा, “भाई मेरी चूत में मत झड़ जाना कहीं मैं प्रेग्नेंट न हो जाऊँ।” उसने फिर अपना लंड मेरी चूत से बाहर खींच लिया और मेरे मुँह के पास आ गया।
मैं समझ गई कि वह क्या चाहता है। मैंने झट से उसके लंड को मुँह में भर लिया। उसने मेरे मुँह को चोदना शुरू कर दिया। कुछ देर में ही वह मेरे मुँह में झड़ गया। उसके लंड से इतना माल निकला कि मेरा पूरा मुँह भर गया। और मैं मजे के साथ सारा रस पी गई। फिर बाद में उसके लंड को चाट के साफ किया। सच कहूँ बहुत मज़ा आया अपने भाई से चुदकर। इतना मज़ा तो मुझे मेरे बॉयफ्रेंड ने भी नहीं दिया था, जब मैंने पहली बार चुदवाया था। वह कहानी मैं फिर बताऊँगी।
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