Porn Girlfriend Chudai
ये घटना आज से एक साल पहले की है। मेरी उम्र 22 साल थी तब। मेरा बॉयफ्रेंड मेरे ही कॉलेज में मेरा क्लासमेट था। वो मुझे चाहता था, ये बात उसने मुझे कॉलेज के आखिरी साल में बताई थी। वो काफी स्मार्ट और तगड़े जिस्म का मालिक है। मुझे भी वो पसंद था, इसलिए मैंने उसका प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया था। Porn Girlfriend Chudai
जब भी मौका मिलता हम लोग किस वगैरह करते थे। वो कपड़ों के ऊपर से ही मेरे मम्मों को भी दबाता था। लेकिन कभी चुदाई का मौका नहीं मिला। मैं और वो दोनों चुदाई के लिए तड़प रहे थे। हालाँकि मैंने कभी भी उसको अपने मन की बात नहीं बताई कि मैं उससे चुदना चाहती हूँ, क्योंकि अक्सर शुरुआत तो लड़के ही करते हैं और डर भी लगता था कि वो क्या सोचेगा और शर्म भी आती थी बोलते हुए।
एक दिन आखिर वो मौका हमें मिल ही गया। उसने सुबह कॉलेज में आते ही कहा कि आज उसके घर कोई नहीं है और वो मुझे अपना घर दिखाना चाहता है। उसके घर वाले उस दिन कहीं बाहर गए थे और वो शाम को ही आने वाले थे। उसने मुझे अपने घर चलने को कहा।
मैं समझ सकती थी कि वो मुझे क्या दिखाना चाहता था। आखिर चाहती तो मैं भी यही थी, सो झट से उसके साथ बाइक पर बैठकर उसके घर पहुँच गई। घर पर जाते ही उसने घर को अंदर से लॉक कर लिया। उसने अंदर मुझे सोफे पर बैठने का इशारा किया और टीवी ऑन कर दिया।
उसने मुझसे पूछा, “कैसा लगा अपना घर?”
मैंने कहा, “अच्छा है।”
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मैं मन ही मन सोच रही थी कि ये कब मुझसे कहेगा कि वो आज मेरी चूत में लंड डालना चाहता है। इससे पहले कि मैं कुछ और सोचती, वो मेरे पास आकर बैठ गया। और मेरा हाथ पकड़कर सहलाने लगा और मुझसे कहने लगा, “प्रतिमा, I love you.” मैंने उसकी आँखों में आँखें डालकर कहा, “I love you too.”
उसने धीरे से मुझे अपनी ओर खींचते हुए अपनी बाहों में भर लिया और कहने लगा, “तुम नहीं जानती कि मैं तुम्हें कितना चाहता हूँ। मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकता। तुम बहुत-बहुत सुंदर हो।” मैंने कहा, “मैं भी तुम्हें बहुत चाहती हूँ।” इतना कहकर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
मैं तो जैसे पहले ही तैयार थी। मैं पागलों की तरह उसको किस करने लगी। हम दोनों एक-दूसरे से लिपट गए। किस करते-करते उसने मुझे सोफे पर लिटा दिया और मेरे ऊपर लेटकर मुझे किस करने लगा। सोफे पर जगह कम थी। मैंने उसको कहा कि क्या हम बेड पर चल सकते हैं।
वो खुश हो गया और मेरे ऊपर से उठ गया। फिर हम दोनों बेडरूम में चले गए। बेडरूम में जाते ही उसने मुझे अपनी बाहों में कसके जकड़ लिया। मैंने भी उसको झप्पी डाल दी। मेरे मम्मे उसकी छाती पर दब गए। वो तो पागल ही हो गया। वो मेरे चेहरे पर हर जगह किस करने लगा। मैं उसको बराबर रिप्लाई दे रही थी।
फिर अचानक वो हुआ जिसके लिए मैं तड़प रही थी। उसने अपना एक हाथ मेरे लेफ्ट मम्मे पर रख दिया और ज़ोर से दबा दिया। मेरे मुंह से एक प्यार भरी सिसकारी निकल गई। मैंने उसको अपनी ओर खींचा और उसको कहा, “आह्ह्ह्ह और दबाओ… प्लीज मुझे बहुत अच्छा लगा… दोनों को एक साथ पकड़ लो… आह्ह्हह येस्स्स… बस ऐसे ही दबाते रहो… ओओ… उईई माँ…”
अचानक उसने मेरी कमीज की ज़िप पर हाथ डाला और उसको खोल दिया। फिर धीरे से मुझे उठाकर मेरा कमीज निकाल दिया। अब मैं ऊपर से सिर्फ पिंक कलर की ब्रा में थी। पहले तो वो ब्रा के ऊपर से ही दबाता रहा और मुझे किस करता रहा, लेकिन फिर उसने ब्रा भी पीछे से खोल दी।
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पहली बार कोई लड़का मेरे नंगे मम्मों को देख रहा था और छू रहा था। मैं मजे से तिलमिला गई और उसके चेहरे को पकड़कर अपनी राइट चुची को हाथ से पकड़ के उसके मुंह में डाल दी। मेरी इस हरकत से वो भी जोश में आ गया और मेरी चुची को किसी छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
कितना मज़ा आ रहा था उसको अपनी चुची पिलाने का… उस पहले एहसास को मैं आज भी नहीं भूल पाई। मैं भी बिल्कुल ऐसे उसके सर पर हाथ फेर रही थी जैसे कोई माँ अपने बच्चे को दूध पिलाते समय फेरती है। वो बहुत ही अच्छी तरह से मेरी चुची चूस रहा था। मेरे मम्मों का साइज़ काफी बड़ा है।
वो मेरे मम्मों को ऐसे मुंह में डालने लगा जैसे कि पूरा ही मुंह में डाल के खा जाएगा। मैं मदहोश हो रही थी। मुंह में वो मेरी चुची को जीभ से भी खेल रहा था। मैं उसकी जीभ को अपनी चुची के साथ खेलते हुए फील कर रही थी। तकरीबन 20 मिनट तक उसने मेरे दोनों मम्मों को प्यार किया।
इस बीच मैं उसके बालों को सहलाती रही और बीच-बीच में उसके चेहरे को अपने मम्मों पर दबा रही थी। इसके बाद उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मुझे भी उतारने को कहा। ऊपर से तो मैं पहले ही नंगी थी और मेरे मम्मे उसकी चुसाई के बाद चमकने लगे थे और एकदम तन चुके थे।
मैं भी जोश में थी, इसलिए अपने कपड़े उतारकर उसके ऊपर चढ़ गई और उसकी छाती पर किस करने लगी। वो मेरे नीचे लेटा था। मैं उसके नंगे लंड पर बैठी थी। उसका लंड मेरी गांड और चूत पर टकरा रहा था। फिर मैं किस करते हुए उसकी छोटी सी चुची को चूसने लगी। उसने कहा, “हाँ डार्लिंग चूसो इनको… मज़ा आ रहा है।”
वो सिसकारियाँ ले रहा था। मैंने थोड़ी देर उसकी चुची चुसी। फिर उसके बादन को किस करते हुए उसके लंड तक पहुँच गई। मेरी सांसें एकदम और तेज़ हो गईं। उसका लंड एकदम तना हुआ था और जैसे कह रहा हो, “रानी देख क्या रही हो, चूस डालो मुझे!”
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मैंने उसको हाथ में पकड़ लिया और सहलाने लगी। उसका लंड एकदम गर्म हो चुका था। मैंने धीरे से उसको अपनी जीभ से चाटा। पहले उसकी टोपी को दोनों होंठों के बीच लेकर चूसा। वो मजे से कराहने लगा था। उसने मुझसे कहा, “जान पूरा ले लो मुंह में और चूस डालो मेरा लंड। आह्ह्ह हाँ मज़ा आ रहा है मुझे… म्म्म्मुआ। तुम तो पूरी एक्सपर्ट हो…”
वो मेरी तारीफ कर रहा था। कह रहा था कि मैं बहुत अच्छी तरह से लंड चूसती हूँ। फिर मैं उसके पूरे लंड को अपने मुंह में अंदर-बाहर करने लगी। वो मजे से कराहता रहा… मुझे भी उसके लंड को चूसने में मज़ा आ रहा था… उसके लंड को अपने मुंह में फील करके मैं हॉट हो रही थी।
फिर वो खड़ा हो गया और मैं पीठ के बल बैठ गई जैसे कोई कुर्सी पर बैठता है। फिर वो मेरे आगे आ गया और अपने लंड को पकड़कर मेरे मुंह के पास किया। मैं समझ गई कि अब ये मेरे मुंह की चुदाई करेगा। मैंने झट से उसके लंड को अपने मुंह में समा लिया और अपने होंठों से थोड़ा टाइट जकड़ लिया।
अब वो मेरे मुंह में अपने लंड को अंदर-बाहर करने लगा। उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था। वो पूरा लंड अंदर और बाहर कर रहा था। ये सिलसिला तकरीबन 15 मिनट तक चला। फिर अचानक उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और मेरे मुंह में ही झड़ गया। पहली बार मैंने लंड रस का स्वाद चखा।
थोड़ा नमकीन सा टेस्ट था, लेकिन उस समय इतनी गर्म थी मैं कि उसके लंड का सारा रस मजे ले-लेकर पी गई। और फिर किसी कुतिया की तरह उसके लंड को चाट-चाट के साफ कर दिया। उसका लंड चमक रहा था। अब वो साइड में लेटा था। मैं भी उसके बगल में लेटी थी। हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में लेटे रहे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
थोड़ी देर में उसने फिर मुझे लंड चूसने को कहा। मैंने उसके ढीले लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। थोड़ा सा चूसते ही फिर वो खड़ा हो गया। अब उसने मुझे नीचे लिटाया और मेरी चुची को चूसते-चूसते मेरी चूत पर उंगली से सहलाने लगा। मेरी चूत तो पहले से ही गीली थी। वो अपनी उंगली से चूत के दोनों होंठों को अलग करके उंगली को चूत में दबाने लगा।
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फिर अचानक उसने अपनी उंगली को थोड़ा ज़ोर से दबा दिया। उसकी आधी उंगली मेरी चूत में घुस गई। मेरे मुंह से एक दर्द और मजे से भरी आह्ह्ह निकल गई। फिर उसने थोड़ा रुककर फिर से ज़ोर लगाया और उसकी पूरी उंगली मेरी चूत में थी। मैं डर से चिल्ला उठी।
उसने कहा, “रानी घबरा क्यों रही हो, अभी तो मेरा लंड भी तेरी चूत का रस पान करेगा।”
उसने धीरे-धीरे अपनी उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था। मैं उसको ज़ोर से करने को बोल रही थी। वो मेरी चुची को चूसता रहा और मैं उसकी उंगली पर झड़ गई। उसने अपनी उंगली को बाहर निकाला और अपनी उंगली से मेरी चूत का रस चाटने लगा।
मैंने पूछा ये क्या कर रहे हो?
तो उसने कहा, “दुनिया का सबसे स्वादिष्ट जूस पी रहा हूँ। मज़ा आ गया।”
उसने कहा, “डार्लिंग थोड़ा और मिलेगा?”
मैंने कहा, “राजा जितना चाहे पी लो।”
मैंने आँखें बंद कर लीं और उसकी उंगली का अपनी चूत में घुसने का इंतज़ार करने लगी। मेरे मुंह से एकदम उफ्फ निकल गई और मैं हवा में उछल गई। एक बहुत ही नर्म एहसास हुआ था मुझे अपनी चूत के होंठों पर। मैं उसको हैरानी से देखने लगी। वो मेरी चूत पर मुंह लगा रहा था। अपने होंठों से मेरी चूत का रस पान कर रहा था।
मैं थोड़ा संभली और मज़ा लेने को तैयार होकर बोली, “राजा चूस लो मेरा चूत रस। अपने होंठों से मेरी चूत को इतना चूसो कि ये गुलाबी से लाल हो जाए। सारा रस पी लो इसका।”
और उसके चेहरे को पकड़कर अपनी चूत पर लगा दिया और दबाने लगी। वो भी किसी कुत्ते की तरह मेरी चूत पर जीभ फिराने लगा।
मैंने उसको कहा, “अपनी जीभ मेरी चूत में घुसा दो ना राजा।”
उसने कहा, “हाँ मेरी रानी अभी लो।”
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और पहले तो वो मेरी चूत पर ऐसे किस करने लगा जैसे कोई होंठों पर किस कर रहा हो। मैं “आह्ह्ह ओह्ह्ह उउम्म्मा मर गई रे” ऐसे चिल्ला रही थी मजे से। फिर धीरे से उसने जीभ से मेरी चूत के होंठों को खोलके अंदर डाल दी अपनी जीभ। उसकी जीभ चूत में किसी साँप की तरह से घूम रही थी।
मैं इसको बर्दाश्त नहीं कर सकती थी और एकदम ज़ोर से उसके चेहरे को अपनी चूत पर दबाते हुए उसके मुंह में झड़ गई…… मैं अभी भी काँप रही थी। मेरा बदन झड़ने के बाद पूरी तरह ढीला पड़ गया था। राजा ने अपना चेहरा मेरी चूत से ऊपर उठाया। उसके होंठ और ठोड़ी मेरी चूत के रस से चमक रहे थे। वो मुस्कुराते हुए मेरे पास आया और मुझे चूमने लगा। मैं अपने ही रस का स्वाद उसके मुंह में ले रही थी।
थोड़ी देर बाद उसने मुझे प्यार से कहा, “रानी अब मैं तुम्हें औरत बनाना चाहता हूँ। तुम तैयार हो?”
मैंने शर्माते हुए और उत्तेजना से काँपते हुए सिर हिला दिया और धीरे से बोली, “हाँ राजा… मुझे अपनी बनाओ… अपनी चूत में अपना लंड डाल दो… मुझे चोदो…”
उसने मुझे बेड पर लिटा दिया। मेरी टांगें फैला दीं और खुद मेरे बीच में आकर बैठ गया। उसका लंड फिर से पूरा तन चुका था। वो बहुत मोटा और लंबा था। उसने लंड को मेरी चूत पर रगड़ना शुरू किया। मैं तड़पने लगी।
“राजा… बस करो… डाल दो… मुझे बहुत जलन हो रही है…”
उसने लंड का टोपा मेरी चूत के सूराख पर रखा और हल्का सा धक्का दिया। टोपा अंदर घुस गया। मेरे मुंह से दर्द भरी चीख निकली, “आह्ह्ह… उईई माँ… दर्द हो रहा है…” वो रुक गया और मेरी चुचियों को चूसने और सहलाने लगा। जब मैं थोड़ी शांत हुई तो उसने फिर धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया। आधा लंड अंदर चला गया। मेरी आँखों से आँसू निकल आए। दर्द बहुत तेज़ था, लेकिन उस दर्द के साथ एक अजीब सा मज़ा भी होने लगा था।
मैंने उसे कसके जकड़ लिया और बोली, “राजा… पूरा कर दो… फाड़ दो मेरी कुँवारी चूत… आह्ह्ह…”
उसने एक ज़ोरदार धक्का मारा। “फट्ट्” की आवाज़ के साथ उसका पूरा मोटा लंड मेरी चूत में घुस गया। मेरी सील टूट गई। मैं ज़ोर से चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह्ह मर गई… उईईई माँ… निकालो… बहुत दर्द हो रहा है…” वो मेरे ऊपर लेट गया और मुझे किस करते हुए शांत करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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उसका लंड मेरी चूत में पूरा का पूरा दबा हुआ था। कुछ देर तक वो हिल नहीं रहा था। धीरे-धीरे दर्द कम होने लगा और जगह बनने लगी। मैंने उसकी पीठ पर नाखून गड़ाते हुए कहा, “अब… धीरे-धीरे… चोदो मुझे…” राजा ने धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया। शुरू में दर्द था, लेकिन कुछ ही देर में मज़ा बढ़ने लगा। मैं भी अपनी गांड उठा-उठाकर उसका साथ देने लगी। “आह्ह्ह राजा… और ज़ोर से… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्हह… बहुत मज़ा आ रहा है…” वो अपनी स्पीड बढ़ाने लगा। कमरे में “पच्च् पच्च्” की चुदाई की आवाज़ गूँजने लगी।
वो मेरी चुचियों को दबाते हुए तेज़-तेज़ धक्के मार रहा था। मैं चीखती-कराहती उसके नीचे तड़प रही थी। कुछ ही देर बाद मैं फिर से झड़ गई। मेरी चूत उसके लंड को जकड़ रही थी। उसने भी कुछ और तेज़ धक्के मारे और गरम-गरम मलाई की धार मेरी चूत के अंदर छोड़ दी। हम दोनों थककर एक-दूसरे से चिपके पड़े रहे। उसका लंड अभी भी मेरी चूत में था। उसने मेरे कान में फुसफुसाकर कहा, “अब तुम मेरी हो… पूरी तरह से।” मैंने मुस्कुराते हुए उसे चूम लिया और बोली, “हाँ राजा… अब मैं तुम्हारी हूँ… हमेशा के लिए।”
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