Chacha Mummy Sex
मैं विक्रांत आज आपके सामने अपने परिवार की एक सच्ची घटना लेके आया हूं। मैं हरियाणा से हूं, और मेरे परिवार में मैं, मेरी मां, मेरे पापा, मेरी बहन, और मेरी पापा के भाई यानी मेरे चाचा रहते थे। हम सब बहुत खुश थे। सब अच्छा चल रहा था। पैसों की भी कोई कमी नहीं थी। Chacha Mummy Sex
लेकिन फिर एक दिन एक हादसा हुआ, और सब कुछ बदल गया। तो चलिए कहानी शुरू करते है। ये पिछले साल की बात है। मेरे पापा और मम्मी कार से कही जा रहे थे। पापा गाड़ी चला रहे थे। तभी अचानक से सामने से एक ट्रक आ गया, और पापा गाड़ी को नियंत्रित नहीं कर पाए। गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया और पापा की मौत हो गई।
लेकिन मम्मी की किस्मत अच्छी थी, और वो बच गई। उन्हें बस थोड़ी चोट लगी थी। उस वक्त मेरी उमर 18 साल थी, और मेरी बहन बस 19 साल की थी। चाचा उस दिन बिजनेस के किसी काम से दूसरे शहर गए हुए थे। मम्मी को ठीक होने में कुछ दिन लगे, और वो फिर से स्वस्थ हो गई। लेकिन पापा की कमी अब कभी पूरी नहीं हो सकती थी।
अब कुछ दिन बीत गए थे, और सब धीरे-धीरे ठीक हो रहा था। तभी हमारे सर पर एक और पहाड़ टूट पड़ा। पापा का वकील आया, और उसने बताया की पापा अपनी सारी जायदाद चाचा के नाम कर गए थे। मम्मी ये सुन कर बहुत अचंभे में थी। अब हमें अपनी हर जरूरत के लिए चाचा की तरफ देखना पड़ता था।
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फिर एक दिन मैंने वो देखा, जो कभी सोचा भी नहीं था। उस दिन कॉलेज में कुछ खास काम नहीं चल रहा था। तो मैं जल्दी घर वापस आ गया। घर आके मैंने देखा की मम्मी ना तो अपने कमरे में थी, और ना ही रसोई में थी। फिर मैंने महसूस किया, की चाचा के कमरे में से मम्मी की आवाज आ रही थी, तो मैं उनके कमरे की तरफ गया। जब मैं कमरे के बाहर पहुंचा, तो मैंने सुना-
मम्मी: भाई साहब आप ये क्या बोल रहे है। ये बिजनेस मेरे पति का भी है। आज अगर मुझे उसमें से थोड़े पैसे चाहिए, तो आप मुझे मना कैसे कर सकते है?
चाचा: देखो भाभी, भैया ने सब कुछ मेरे नाम किया है, तो कुछ सोच कर किया होगा। तो मुझे जो सही लगेगा मैं करूंगा।
दरअसल बात ये थी, की मम्मी की मम्मी, यानी मेरी नानी बीमार थी। और उनके इलाज के लिए मम्मी को 20000 रुपए चाहिए थे। लेकिन चाचा उन्हें मना कर रहे थे। मम्मी उनको बहुत मिन्नते कर रही थी, लेकिन वो नहीं सुन रहे थे। मम्मी ने सलवार सूट पहना था, और दुपट्टा नहीं लिया हुआ था।
चाचा सोफे पर बैठे थे, और मम्मी उनके सामने वाली सीट पर बैठी हुई थी। इतनी मिन्नते करने के बाद भी जब चाचा नहीं माने, तो मम्मी रोने लग गई। ये देख कर चाचा उठे, और मम्मी के पास आके बैठ गए। उन्होंने मम्मी के कंधे पर हाथ रखा, और सहलाते हुए बोले-
चाचा: भाभी, आप रोइए मत। ये सब आपका ही है। लेकिन अगर आप मेरी हो जाओ तो।
ये कह कर चाचा ने मम्मी का एक चूचा दबा दिया। मम्मी एक-दम से हैरान हो गई। वो उठी, और चाचा से दूर खड़े होके बोली-
मम्मी: तुम्हें शर्म नहीं आती। मैं तुम्हारे भाई की बीवी हूं। तुमने मुझसे राखी बंधवाई है।
चाचा: भाभी भैया तो अब नहीं रहे। तो तुम्हारे लिए यही सही रहेगा की तुम मुझे ही अपना पति मान लो। तभी तुम्हे पैसे मिलेंगे।
ये सुनते ही मम्मी ने चाचा को थप्पड़ मार दिया। चाचा बहुत गुस्से में आ गए, और बोले-
चाचा: ये तुमने अच्छा नहीं किया भाभी। अब तुम खुद चल कर आओगी, और अपने कपड़े अपने हाथों से उतारोगी।
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फिर मम्मी उनके रूम से बाहर आने लगी। मैं जल्दी से बाहर चला गया। उस दिन के बाद चाचा ने हमारे लिए बहुत सी मुश्किलें खड़ी कर दी। हमें पैसे देने बिल्कुल बंद कर दिए। अब मेरी और मेरी बहन को होस्टल में थी, उसकी फीस भी नहीं मिल रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मां ने नौकरी ढूंढने की कोशिश की, लेकिन नहीं मिली। आखिरकार मां हार मान गई। फिर एक दिन रात में मैंने मम्मी को चाचा के रूम में जाते देखा। मम्मी ने ब्लैक नाईटी पहनी हुई थी। अब मैं पहले आपको मम्मी के बारे में बता देता हूं। मम्मी एक गोरे रंग की औरत है। उनके बड़े-बड़े चूचे है और भरा हुआ बदन है। उनका फिगर विद्या बालन जैसा है। गांड तो ऐसी है, की हर मर्द का लंड खड़ा कर दे।
तो मम्मी चाचा के रूम में जा रही थी। अंदर जाके उन्होंने रूम बंद कर दिया, लेकिन कुंडी नहीं लगाई। मैं जल्दी से जाके चाचा के रूम के बाहर खड़ा हो गया, और अंदर झांकने लगा। चाचा बिस्तर पर बैठे थे, और उन्होंने कुर्ता पायजामा पहना था। मम्मी उनके सामने जाके बोली-
मम्मी: ठीक है, तुम्हें जो करना है कर लो। लेकिन मुझे और मेरे बच्चों को परेशान मत करो।
चाचा: मैंने बोला था ना, कि तुम खुद मेरे पास चल कर आओगी।
मम्मी: हां तुम जीत गए। अब बोलो मुझे क्या करना है?
चाचा: उतारो अपने कपड़े।
मम्मी ने अपना सर नीचे झुकाया, और अपनी नाइटी खोल दी। अब नाइटी के अंदर से उनकी काले रंग की ब्रा और पैंटी नजर आ रही थी। गोरे बदन पर काला रंग बहुत जचता है दोस्तों, और खास कर तब, जब बदन पूरा गदराया और भरा हुआ हो।
एक बार तो मम्मी का बदन देख कर मेरा लंड भी उठने लगा था। फिर मम्मी ने नाईटी उतार दी, और पैरों में गिरा दी। अब वो बस ब्रा और पैंटी में चाचा के सामने खड़ी थी। चाचा के मुंह से भी लार टपकने लगी थी मम्मी को ऐसे देख कर। उनका लंड उनके पैजामे मैं बड़ा होता दिख रहा था।
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फिर मम्मी बोली: अब क्या करना है?
चाचा: मैंने सारे कपड़े उतारने को बोला है।
मम्मी थोड़ा हिचकिचाई, लेकिन फिर उन्होंने पीछे हाथ ले जा कर अपनी ब्रा का हुक खोला। जैसे ही उनकी ब्रा का हुक खुला, उनके बड़े-बड़े रसीले चूचे उछल कर बाहर आ गए। मम्मी के चूचे कसे हुए थे, और उन पर भूरे रंग के निप्पल थे। वो अपने हाथों से अपने चूचे छुपाने लग गायक। फिर चाचा बोले-
चाचा: अभी पैंटी बाकी है मेरी जान।
मम्मी ने एक बाजु से अपने चूचे ढके, और दूसरे हाथ से अपनी पैंटी नीचे करके उतार दी। अब मम्मी एक बाजु से अपने चूचे, और दूसरे हाथ से अपनी चूत छुपा रही थी। चाचा की आंखें मम्मी के जबरदस्त जिस्म को देख कर चमक उठी थी। फिर चाचा बिस्तर से उठे, और मम्मी की तरफ बढ़े।
मम्मी के कामुक बदन देख कर चाचा की आंखें चमक गई। उनके मुंह से लार टपकने लग गई, और लंड पजामें में खड़ा हो गया। फिर चाचा उठे, और मम्मी की तरफ बढ़े। मम्मी अपनी एक बाजू से अपने चूचे छुपा रही थी, और एक हाथ से अपनी चूत छुपा रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब चाचा मम्मी के पास आ गए। उन्होंने मां की बाजू पकड़ी, और उसको चूचों से हटाया, और चूचों पर हमला कर दिया। वो मम्मी के चूचों को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लग गए। कुछ देर मम्मी ने अपने आप को कंट्रोल किया, लेकिन औरत ज़ात कितनी देर तक कंट्रोल कर पाएगी।
वो भी जिसकी चूत को लंड मिलना बंद हो गया हो। फिर मम्मी भी सिसकियां भरने लगी, और उनकी चूत गीली होने लगी। चाचा सिर्फ मम्मी के चूचे ही चूस रहे थे, जैसे दूध निकालने की कोशिश कर रहे हो। उन्होंने कम से कम 15 मिनट तक मम्मी के चूचे चूसे।
अब मम्मी की सांसे तेज़ हो चुकी थी, और उनके चूचे टमाटर की तरह लाल हो चुके थे। फिर चाचा ने मम्मी को अपनी बाहों में भरा, और अपने होंठ उनके होंठों के साथ मिला दिए। अब वो दोनों ज़ोर से किस करने लग गए। मम्मी भी चाचा का साथ दे रही थी।
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शायद इसके अलावा उनके पास कोई चारा नहीं था। किस करते हुए चाचा अपने हाथ मम्मी की नंगी गांड पर ले गए, और उनके चूतड़ दबाने लग गए। मम्मी की मस्त गांड दबते देख कर मेरा लंड भी उछले मार रहा था। मैं भी अपने लंड को पैंट के ऊपर से मसलने लग गया था।
किस करते हुए चाचा ने मम्मी के चूतड़ खोले, और उनकी गांड के चीर में हाथ डाल कर उनकी गांड का छेद सहलाने लग गए। मम्मी की सिसकियां तेज़ हो रही थी, और वो मदहोश हो रही थी। फिर चाचा ने मम्मी को खड़े हुए ही अपनी बाहों में उठाया, और बिस्तर पर जाके पटक दिया।
फिर उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। चाचा का लंड लगभग 8 इंच का था, और एक दम काला था। मम्मी की नज़र उनके लंड पर ही टिकी हुई थी। फिर चाचा मम्मी की जांघों के बीच आए, और मम्मी की चूत पर अपना मुंह लगा लिया। पहले वो मम्मी के चूत पर जीभ फेरने लग गए। फिर उन्होंने अपने दांतो से मम्मी की चूत की फांकों को खींचना शुरू किया।
वो जब भी चूत की फांकों को खेंचते, तो मम्मी कांप जाती। फिर चाचा ने अपनी जीभ मम्मी की चूत में डाल दी, और अंदर बाहर करने लग गए। मम्मी इससे पागल होने लग गई, और वो अपना एक हाथ चाचा के सिर पर रख कर उसको अपनी चूत में दबाने लग गई। मम्मी अपनी गांड हिला कर चूत चुसवाने लग गई थी। वो अपने एक हाथ से अपना एक चूचा भी दबा रही थी। मम्मी की चूत को चाटते हुए चाचा बोले–
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चाचा: क्या कमाल की चूत है तेरी भाभी। मुझे भैया से शुरू से ही जलन थी, क्योंकि उनके पास तू थी। लेकिन आज से तू मेरी रानी बन कर रहेगी। तुझे पैसा चाहिए ना, जितना बोलेगी उतना दूंगा। बस मुझे खुश करती रहना।
ये बोल कर उन्होंने फिर से चूत चूसनी शुरू कर दी। अगले 15 मिनट में चाचा ने चूत चूस-चूस कर मम्मी का पानी निकाल दिया। मैं मम्मी की चूत में से बहता सफेद पानी देख पा रहा था। फिर चाचा ने अपना लंड मम्मी की चूत पर रखा, और रगड़ना शुरू कर दिया। मम्मी आह आह कर रही थी, और लंड चूत में लेने के लिए तड़प रही थी। लेकिन चाचा अंदर नहीं डाल रहे थे।
फिर हार कर मम्मी बोली: अब डाल भी दो, कितना तड़पाओगे मुझे।
ये सुनते ही चाचा ने एक ज़ोर का धक्का मारा, और अपना पूरा लंड एक ही बार में मां की चूत में घुसा दिया। मां की चीख निकली, और चाचा मां के होंठ चूसते हुए तेज़ी से धक्के लगाने लगे। अब मेरी मां मेरे चाचा से मज़े लेके चुद रही थी, और मैं उनका बेटा, ये सब अपनी आंखों से देख रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने भी अपना लंड बाहर निकाल लिया था, और उसको हिला रहा था। उधर चाचा धक्के पे धक्का मारे जा रहे थे, और साथ ही मां के होंठ और चूचे चूसे जा रहे थे। मां ने भी अपनी टांगे चाचा की कमर पर लपेट ली थी, और उनको अपनी तरफ खींच रही थी। कमरे में से चप चप के आवाज़ें आ रही थी। चाचा ने लगभग 20 मिनट मम्मी को उसी पोजिशन में चोदा।
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फिर उन्होंने अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया, और मम्मी को घोड़ी बनने को कहा। मम्मी जल्दी से अपने घुटनों के बाल आई, और घोड़ी बन गई। क्या मस्त लग रही थी उनकी गांड घोड़ी बने हुए। और कितनी बड़ी भी लग रही थी। पहले तो चाचा ने ज़ोर के 2-3 थप्पड़ मम्मी के चूतड़ों पर मारे। फिर उन्होंने अपना लंड मम्मी की चूत पर सेट किया, और धक्का मार कर लंड अंदर घुसा दिया। चूत गीली होने की वजह से लंड आराम से ही अंदर चला गया। फिर चाचा ने अपने दोनों हाथों से मम्मी के कंधे पकड़े, और ताबड़ तोड़ धक्के देने लगे।
मम्मी और चाचा की चुदाई में थप थप के आवाजे आ रही थी। मम्मी के चूचे तेज़ी से हिल रहे थे, और चाचा बार बार हाथ आगे करके उनको मसल रहे थे। फिर चाचा ने मम्मी के बाल पकड़ लिए, और खींच कर धक्के मारने लग गए। वो बीच बीच में मम्मी की पीठ पर भी किस करते थे। तकरीबन आधा घंटा चाचा मम्मी को ऐसे ही चोदते रहे। और फिर उन्होंने मम्मी की चूत में ही अपना सारा पानी निकाल दिया। अब वो दोनों बहुत थक चुके थे। मम्मी वहीं बिस्तर पर गिर गई, और चाचा भी दी ऊपर ही गिर गए।
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