Wife Want Big Dick
मैं कोलकाता का रहने वाला हूँ और आगरा में रेलवे में बुकिंग क्लर्क हूँ। एक साल पहले नीलू से मेरा विवाह हुआ था और उसे अपने साथ ही रखता था। नीलू बहुत ही सुंदर लड़की है, लगभग ५ फीट हाइट, गोरा-गोरा भरा-भरा बदन की मालिक है। उसके बूब्स ३४ के और हिप तो गजब के हैं, ३८ से तो किसी कीमत पर कम नहीं होंगे। सेक्स की बहुत भूखी। Wife Want Big Dick
ये कहानी उस समय शुरू हुई जब मेरा ट्रांसफर दिल्ली हो गया। कोई रेलवे क्वार्टर खाली नहीं था, मजबूरी में करोल बाग में हाउसिंग कॉलोनी में एक दो कमरे का घर रेंट पर लेकर रहने लगा। मेरी ड्यूटी दिन में ही रहती थी। रात को घर आता तो थककर सो जाता और नीलू मुझे जगाती और सेक्स करने को कहती।
मैं सेक्स कर तो लेता मगर मैं महसूस करता कि वो प्यासी रह जाती है। वैसे वो कुछ कहती तो नहीं, सब जानते हैं कि बंगाली लड़कियाँ बहुत शर्मीली होती हैं। मैं भी ठीक-ठाक था, मेरा लंड भी औसत आकार का था, ५ इंच लंबा १.५ इंच मोटा, बस एक कमी है कि चूत में लंड डालने के बाद बहुत जल्दी झड़ जाता हूँ जिस कारण नीलू को संतुष्टि नहीं मिलती थी।
दोस्तों ये तो मेरी और नीलू की बात हुई लेकिन हम दोनों की जिंदगी में उस समय मोड़ आया जब एक पठान से मेरी दोस्ती हुई जो उसी ब्लॉक के ऊपर वाली मंजिल में अपनी पत्नी के साथ रहता था। उसका नाम शेर खान था और पत्नी का नाम जमीला था। बहुत जल्द हम लोगों में गहरी दोस्ती हो गई।
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खान रंगीला मिजाज का आदमी था, बैंक में वॉचमैन था, उसकी भी ड्यूटी दिन में ही रहती थी। एक दिन बातों-बातों में सेक्स पर बहस छिड़ गई। मेरे पास तो बताने को कुछ था नहीं, बस खान ही बोलता रहा। उसकी बातों से पता चल गया कि सेक्स का पुराना खिलाड़ी है। उसने मुझसे मेरे सेक्स लाइफ के बारे में पूछा।
पहले तो मैं चुप रहा। उसने मुझे हौसला बढ़ाते हुए बोला, “अरे यार दोस्तों से शर्माना कैसा? बोलो नीलू भाभी पूरा मजा देती है कि नहीं? देखने से बहुत मस्त लगती है। एक चुदाई में दो-तीन पानी तो जरूर छोड़ती होगी। जानते हो मर्द को अपना झड़ने से ज्यादा औरत को झड़ने में मजा आता है। मैं तो जमीला को जब तक तीन-चार बार झड़ नहीं लेता मेरा तो पानी छूटता ही नहीं। चुप क्यों हो? बोलो ना यार कितनी बार पानी की फुहार मारती है नीलू भाभी?”
उसकी बात सुनकर मैं सन्न रह गया। मैं धीरे से बोला, “पता नहीं यार।” तो वो हैरत से बोला, “क्या कहते हो? वो झड़ती है और तुमको पता नहीं होता?” कुछ सोचकर बोला, “अच्छा ये बताओ चूत में कितनी देर तक थप मारते हो?” मैं न चाहते हुए बोला, “यही कोई दो-तीन मिनट तक।”
खान मुँह फाड़कर बोला, “क्याaa? दो…तीन…मिनट तक बस?” मैं उसे देखा तो बोला, “तब तो वो ये भी नहीं जानती होगी कि झड़ना क्या होता है।” मैं उदास होकर बोला, “मेरा पहले हो जाता है तो इसमें मेरा क्या कसूर है?” वो बोला, “कोई बात नहीं, ऐसा अक्सर लोगों को होता है। फिर भी सब लोग अपनी पत्नियों को चुदाई का भरपूर मजा देते हैं।”
उसकी बात सुनकर मुझे भी उम्मीद जग गई। मैं भी नीलू को पूरा मजा देना चाहता था पर बेबस था। मुझे चुप देखकर बोला, “चिंता की कोई बात नहीं, तुम चाहो तो नीलू भाभी भी एक चुदाई में तीन-चार बार झड़ने का मजा ले सकती है।” मैं हैरत से खान को देखकर पूछा, “वो कैसे?”
बोला, “देखो यार शायद तुमको मालूम नहीं, आजकल होम पार्टी का रिवाज चलता है। असल में ये खाने-पीने का पार्टी नहीं होता है बल्कि उसमें लोग अपनी-अपनी पत्नी को एक-दूसरे की पत्नी से बदलकर सारी रात चुदाई का खेल खेलते हैं। इतना ही नहीं जब कोई औरत एक लंड से संतुष्ट नहीं होती तो उसे दो या तीन मर्द मिलकर चुदाई करते हैं।”
उसकी बात सुनकर मैं तो दंग रह गया। मैं बोला, “किसी को पता चल गया तो?” खान हँसकर बोला, “तुम भी बिल्कुल भोले हो। इस ब्लॉक में १० क्वार्टर हैं जिसमें तुम नये हो, बाकी हम सब ९ वाले एक-दूसरे की पत्नी की चुदाई कर चुके हैं।”
उसकी बात सुनकर मुझे मस्ती आ गई और मेरा लंड तनकर अकड़ गया जिसे मैं हाथ से दबाया। खान की नजर मेरी इस एक्शन पर गई तो बोला, “लगता है तुमको सुनकर ही मस्ती आ रही है तो जब तुम दूसरी की पत्नी को उसके पति के सामने चुदाई करोगे और उसका पति तेरे सामने तेरी पत्नी को तगड़े लंड से चुदाई करेगा तो सोचो कितनी मस्ती आएगी।”
तब उसे कुछ याद आया और बोला, “अरे यार मैं तो पूछना भूल ही गया। अच्छा बताओ तेरा लंड का साइज क्या है?” अचानक इस सवाल पर मैं शर्मा गया तो बोला, “अरे यार दोस्तों से शर्माना कैसा? अच्छा लो पहले मेरा देखो।” इतना कहकर अपना पजामा खोलकर लंड को नंगा कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं चोर निगाहों से उसकी लंड को देखा तो मैं देखता ही रह गया। उसके लंड में हल्का सा तनाव आया हुआ था। उस कम तनाव में ही उसका लंड गजब का लग रहा था। खतना होने के कारण सुपाड़ा पूरा खुला था। मैं अंदाजा लगा लिया उसका पूरा टाइट होने पर कम से कम ७ इंच लंबा और २.५ इंच मोटा तो जरूर होता होगा और सुपाड़े की गोलाई लगभग ३ इंच के आस-पास होगी जिसका किनारा कुछ ज्यादा ही उभरा था।
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मुझे दिखाकर बोला, “देखो जैसा है।”
मैं सूखे हलक से बोला, “यार तेरा तो गजब का तगड़ा है।”
तो बोला, “क्यों तेरा ऐसा नहीं है क्या? लाओ देखूँ जरा।”
और मैं कुछ बोल पाता कि मेरा जिप खोलकर लंड बाहर निकालकर देखा और हैरत से बोला, “बस इतना बड़ा?”
मेरा लंड उसके लंड के सामने बच्चा सा लग रहा था। मेरे लंड को दो उंगलियों में लेकर बोला, “भला इतना छोटा लंड से भी कोई औरत संतुष्ट पा सकती है?”
मैं बोला, “अगर भगवान ने ऐसा ही बनाया तो इसमें मेरा क्या कसूर है?”
खान बोला, “देखो यार बुरा मत मानना, अगर औरत को भरपूर चुदाई नहीं मिली तो इधर-उधर मुँह मारने लगती है और फिर बदनामी होती है।” मैं उदास होकर बोला, “तो क्या करूँ यार तुम्हीं बोलो।”
खान बोला, “इसमें बोलना क्या है, बस अपनी पत्नी को होम पार्टी में शामिल कर दो।” खान अफसोस करते हुए बोला, “बेचारी एक साल से तुमसे चुदवा रही है पर शायद एक बार भी चूत की गर्मी नहीं निकल पाई होगी।”
खान बिल्कुल ठीक कह रहा था। मैं झिझककर बोला, “लेकिन यार नीलू उतने अनजान मर्दों के सामने कैसे जाएगी?” मेरी उलझन देखकर बोला, “तो ऐसा करते हैं, नीलू भाभी को पहले मैं ही चोद डालता हूँ, उसके बाद उसकी झिझक दूर हो जाएगी।”
मैं सन्न रह गया। मैं सोच में पड़ गया — नीलू की चूत बहुत छोटी है, वो तो अभी भी मेरा हल्का लंड लेने में कसमसा जाती है, खान का मुझसे दुगना बड़ा लंड कैसे ले पाएगी? फिर भी मैं बोला, “लेकिन वो मानेगी तब ना?”
खान बोला, “तुम इसकी चिंता मत करो, नीलू भाभी को मेरी जमीला तैयार कर लेगी। और जमीला को तो तुमसे चुदवाने में कोई परेशानी नहीं होगी। बस दो-चार दिन इंतजार करो।”
उसके बाद मैंने देखा कि जमीला दिन में ५-६ बार मेरे घर आती और नीलू से देर तक बातें करती। नीलू भी खान के घर जाकर जमीला से घंटों तक गप्प लड़ाती। एक दिन जब रात को घर आया तो नीलू के चेहरे पर मैं रंगत देखा। जल्दी से खाना-पीना कर बेडरूम में आई और आते ही मुझसे लिपटकर मुझे प्यार करने लगी।
मैं समझ गया कि चुदवाना चाह रही है। मैं भी कई दिनों से भूखा था लेकिन जिसका डर था वही हुआ। दस-बीस थप में ही मेरा पानी निकल गया। नीलू झुँझला गई और बोल पड़ी, “ओह आपका तो रुकता ही नहीं।”
मैं उसकी दिल को टटोलने के लिए बोला, “मेरा क्या रानी, सब मर्दों का ऐसा ही होता है।”
वो मुँह बनाकर बोली, “तुमको तो सब मर्द अपने जैसा ही लगता है।”
मैं बोला, “तो क्या हर मर्द का अलग-अलग होता है क्या?”
नीलू थुनककर बोली, “तो क्या सब आपके जैसा नहीं होता है?”
मैं बोला, “तुमको कैसे मालूम?”
इस बार थोड़ा रुककर धीरे से बोली, “जमीला कह रही थी।”
“क्या कह रही थी?”
“वो… वो… वो…” नीलू रुक-रुककर बोली, “बोल रही थी उसका आदमी का तो एक-एक घंटा तक करता है।”
मैं चुप हो गया और सोचने लगा कि जमीला नीलू को पटरी पर ले आई है।
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दूसरे दिन खान बोला, “आज की सेटिंग हो गई है। आज रात जमीला नीलू भाभी को अपने घर ले जाने जाएगी। वो कहेगी कि नीलू आज रात मेरे घर पर रहेगी क्योंकि खान साहब बाहर जा रहे हैं इसलिए अकेले डर लगता है। जब नीलू मेरे पास आ जाएगी तो कुछ देर बाद तुम भी आ जाना, दरवाजा खुला रहेगा।”
मैं गुदगुदाते मन से बोला, “मेरे सामने चुदवाने को कैसे राजी होगी?”
तो बोला, “वो मैं सब ठीक कर लेंगे।”
जब मैं घर आया तो नीलू को बहुत खुश देखा। उसके चेहरे पर लाली साफ झलक रही थी। मैं समझ गया नीलू खान के तगड़े लंड से चुदवाने को उतावली हो रही है।
तभी जमीला आई और बोली, “अजीत भाई आज नीलू को अपने घर ले जा रही हूँ।”
मैं अनजान बनते हुए बोला, “क्यों भाभी?”
तो बोली, “आज खान साहब बाहर चले गए हैं इसलिए अकेले डर लगता है।”
मैं सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनकर नीलू को देखा और बोला, “लेकिन फिर यहाँ मैं अकेला पड़ जाऊँगा।”
तभी नीलू तुरंत बोल पड़ी, “एक रात ही की तो बात है, जमीला अकेली कैसे रहेगी?”
नीलू की बेताबी देखकर मैं खुश होकर बोला, “ठीक है, अगर तुमको कोई एतराज नहीं तो जाओ।”
नीलू मेरी बात सुनकर खुश होकर बोली, “खाना निकालकर खा लेना।”
और जमीला से बोली, “चलिए भाभी।”
ऐसा लग रहा था जैसे नीलू उड़कर खान के पास जाना चाह रही हो। नीलू के जाने के बाद मैं रंगीन खयालों में खो गया। मुझे बार-बार खान का हैवी लंड मेरी नजरों के सामने घूम जाता था और सोच-सोचकर सिहर उठता कि जब खान अपना मोटा लंड मेरी पत्नी की टाइट चूत में डालेगा तो नीलू कैसे कसमसा-कसमसा कर पूरा लंड ले पाएगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
आने वाला एक-एक पल मेरी नजरों के सामने गुजरता रहा। लगभग आधा घंटा के बाद मेरा मोबाइल की घंटी बजी। फोन उठाया तो जमीला की आवाज सुनाई दी, “आ जाओ अपनी पत्नी का चुदाई अपनी आँखों के सामने देखो।”
मैं पूछा, “नीलू राजी हो गई?”
तो बोली, “राजी तो आकर देखो, पूरा नंगी होकर मेरे पति के लंड पर चूत रखकर गोद में खान से चिपकी की तरह चिपककर बैठी है।”
मैं खान के घर गया। जमीला दरवाजे पर मिली। मुझे अंदर कर दरवाजा लॉक कर बोली, “शूज उतारकर धीरे-धीरे आओ।”
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मैं जब बेडरूम के दरवाजे पर गया तो नजारा देखकर मैं लहरा गया। रूम में पूरा रोशनी थी। रूम के बीच में जमीन पर मोटा डनलप बिछा था जिस पर दो-चार गोल तकिए रखे थे और बगल में एक टूल पर खान पाँव लटकाए बैठा था और मेरी पत्नी उसकी गोद में अपने पाँव को खान की कमर में लपेटकर लंड पर बैठी लंबी-लंबी साँसें ले रही थी।
खान का लंड नीलू के गांड़ के दरार पर था। ओह इतना बड़ा लंड! मैं साफ देख रहा था खान का लंड नीलू के गांड़ से बाहर तक निकला था। जमीला नीलू के पास जा कर नीलू की गांड़ को सहलाकर खान से बोली, “क्यों जी अंदर डाल दिया क्या?” खान मुझे देखा और बोला, “नहीं भाई अभी तो मालिश ही हो रहा था।”
जमीला नीलू की गांड़ सहलाकर बोली, “तो रानी रुक क्यों गई? जरा लंड को ठीक से मालिश करो ना।”
नीलू काँपते स्वर में आँखें बंद किए बोली, “ओह भाभी अब नहीं कर पाऊँगी।”
जमीला बोली, “पगली जितना लंड की मालिश करोगी लंड उतना कड़ा होगा और देर तक चूत पर थप मारेगा।”
जमीला की बात सुनकर नीलू की गांड़ हरकत में आई। उसका गांड़ लंड पर सरकता हुआ पीछे आया यहाँ तक कि लंड पूरा छुप गया तो नीलू चूतड़ को आगे सरकाना शुरू किया। जमीला मुझे इशारा कर पास बुलाया और नीलू के पीछे खड़ा कर इशारा में बोली, “देखो।” अब नीलू अपना पूरा गांड़ खान के लंड पर आगे-पीछे चला रही थी।
१० बार ही कर पाई कि खान से चिपककर मदक आवाज निकाली, “और…” गांड़ को जोर से सिकोड़ी। मैंने देखा खान का लटकता हुआ अंदर से टप-टप कर पानी की बूँद टपकने लगी।
जमीला बोली, “तुम दोनों तो मजा लूट रहे हो, मैं क्या करूँ?”
तो खान बोला, “तुम भी अजीत से चुदवाकर मजा ले लो।”
जमीला बोली, “वो तो ठीक है पर नीलू बुरा मन गई तो?”
खान बोला, “बुरा क्यों मानेगी? जब ये तेरे पति से चुदवा रही है तो तुम भी इसके पति का लंड अपने चूत में डलवा लो।”
जमीला नीलू के कान में बोली, “क्यों रानी मैं अजीत से चुदवाऊँ तो बुरा तो नहीं मानोगी?”
नीलू धीरे से बोली, “नहीं।”
जमीला खान से बोली, “तो मैं जाती हूँ।”
खान बोला, “जाने की क्या जरूरत है, अजीत को यहीं बुला लो।”
तब ही नीलू बोल पड़ी, “नहीं-नहीं यहाँ मत बुलाओ, हाय राम वो क्या सोचेगा?”
जमीला बोली, “तुम उल्टा सोचती हो। अभी तुम चुपके-चुपके चुदवा रही हो तो इतना मजा आ रहा है, जब अपने पति के सामने उसकी रजामंदी से खुलकर चुदवाओगी तो कितना मजा पाओगी?”
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खान भी बोल पड़ा, “हाँ मेरी बुलबुल, जमीला ठीक कह रही है। पहली बार सब डरती है कि उसका पति को मालूम होगा तो क्या होगा, लेकिन तुमको मालूम नहीं कि पति को सबसे ज्यादा मजा पत्नी को दूसरे से चुदवाते हुए देखने में आता है। और वैसे भी अजीत मुझसे कह रहा था कि वो तुमको चुदाई का मजा नहीं दे पाता है। वो तो खुद ही कह रहा था कि अगर नीलू मजा लेना चाहती है तो ले सकती है।”
खान की बात सुन, नीलू फिर गांड़ सिकोड़कर बुदबुदाई, “हाय राम वो ऐसा बोले…”
जमीला चूतड़ पर थपकी मारकर बोली, “तो बुलाऊँ अजीत को?” नीलू फिर भी चुप रही तो जमीला बोली, “तू डरती क्यों है? अजीत को मैं समझा दूँगी। देखना जब अजीत के सामने अपने चूत में इनका लंड डलवाएगी तो कितनी मस्ती आएगी। मैं तो उस वक्त हवा में उड़ने लगती हूँ जब ये अपने हाथों से अपने दोस्त का लंड पकड़कर मेरी चूत में सेंटर करते हैं। उफ्फ मैं तो सोचकर ही पानी-पानी हो जाती हूँ। देखना जब तेरा पति इनका लंड अपने हाथों से तेरी चूत में सेंटर कर बोलेगा — लो खान घुसाओ अंदर…”
नीलू इस बार गांड़ को जोर से सिकोड़कर मस्ती में लहराई, “हाय राम डालो ना अंदर…”
तो खान नीलू के चेहरे को सामने कर होंठों को चूमकर बोला, “तो बुला लू अजीत को?”
नीलू दोनों की बातें सुनकर इतना मस्त हो गई कि मेरे सामने चुदवाने को राजी हो गई। बिना आँख खोले फुसफुसाई, “ओहह बुलाओ ना जल्दी, बहुत खुजली हो रही है, डालो ना अंदर…”
जमीला खुश होकर बोली, “बस रानी दो मिनट में आ जाएगा।” और मुझे इशारा कर खान के पीछे आने को बोली।
मैं खान के पीठ के पीछे खड़ा हो गया। खान नीलू का चेहरा हाथों में लेकर सामने किया हुआ था। नीलू का पूरा चेहरा मस्ती में लाल हो गया था।
खान बोला, “बुलबुल आँखें खोलो रानी।” नीलू धीरे-धीरे अपनी आँखें खोली। सामने मुझे देखकर थोड़ा अपसेट हुई। हम दोनों की नजरें एक हुई। उफ्फ उसकी आँखों में जैसे खून उतर आया था, एकदम लाल-लाल, चेहरा पूरा तमतमाया हुआ।
दूसरे पल नीलू खान से लिपटकर चेहरा उसके सीने में छुपा लिया। खान एक हाथ से पीठ, दूसरे हाथ से चूतड़ को सहलाते हुए बोला, “क्या हुआ रानी इधर देखो ना?”
नीलू सूखे स्वर में धीरे से बोली, “हाय राम लाज आती है।”
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इस बार मैं नीलू के साइड में आकर खान से अलग कर उसकी आँखों में आँखें डालकर बोला, “मैं जानता हूँ तुमको मुझसे संतुष्टि नहीं मिलती है। खान हम लोगों का खास दोस्त है, इनको भी अपना ही समझो और दिल खोलकर जवानी का मजा लूटो।”
नीलू मेरे सीने पर सर रखकर सिसक पड़ी, “आप इंसान नहीं देवता हैं।”
मैं नीलू के आँसू पोंछते हुए बोला, “अरे पगली अभी रोने का समय नहीं, अभी तो मेरे दोस्त का तगड़ा लंड का मजा लेने का है।”
तब ही जमीला नीलू को खान के ऊपर से उठाकर खड़ा किया। मैं पहली बार खान का फुल टाइट लंड देख रहा था जो नीलू की चूत का पानी से तर होकर चमक रहा था। नीलू की चूत भी चारों तरफ पानी से तर थी। उसने क्लीन शेव कर रखा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जमीला नीलू को डनलप पर लाकर बोली, “तुम लोग वहीं खड़े रहोगे या यहाँ भी आओगे…”
जमीला की बात सुनकर मैं और खान दोनों डनलप के पास आ गए। नीलू अब पूरी तरह नंगी खड़ी थी, उसका बदन शर्म और कामुकता से काँप रहा था। खान ने नीलू को प्यार से गोद में उठाकर डनलप पर लिटा दिया। जमीला मेरे पास आई और मेरे कपड़े उतारने लगी।
खान नीलू की जाँघें फैलाकर उसके ऊपर चढ़ गया। उसने अपना मोटा लंड नीलू की चूत पर रगड़ते हुए कहा, “रानी अब असली मजा शुरू होता है।” नीलू ने आँखें बंद कर लीं और दोनों हाथों से खान की पीठ पकड़ ली। खान ने धीरे-धीरे अपना मोटा सुपाड़ा नीलू की टाइट चूत में दबाया। नीलू के मुँह से सिसकारी निकली, “आह… धीरे… बड़ा है…”
खान मुस्कुराया और धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर धकेलने लगा। नीलू कसमसा उठी, उसके नाखून खान की पीठ में गड़ गए। जब पूरा लंड अंदर चला गया तो नीलू ने लंबी साँस ली और बोली, “हाय राम… पूरा भर गया है…” खान ने जोर-जोर से थप्पड़ मारना शुरू किया।
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हर थप्पे पर नीलू चीखती, “आह… उफ्फ… और जोर से… हाय…” कुछ ही मिनट में नीलू पहली बार जोर से झड़ गई। उसका पूरा बदन सिहर उठा। मैं चुपचाप देख रहा था। जमीला मेरे लंड को सहला रही थी। खान ने नीलू को चार बार झड़वाया। आखिर में खान भी नीलू के अंदर ही झड़ गया। फिर जमीला ने मुझे बुलाया। नीलू अभी भी थकी हुई लेटी थी। जमीला ने नीलू से कहा, “अब अपने पति को भी मजा दो।” नीलू ने शर्माते हुए मुझे अपने ऊपर बुलाया।
मैंने देखा खान का रस नीलू की चूत से बाहर निकल रहा था। उस रात हम चारों ने भरपूर चुदाई की। खान ने फिर से नीलू को चोदा, जमीला ने मुझसे चुदवाया। सुबह होने तक नीलू तीन-तीन बार हर बार झड़ चुकी थी। उस दिन के बाद होम पार्टी का सिलसिला शुरू हो गया। अब हम अक्सर खान-जमीला के साथ स्वैपर करते हैं। नीलू अब पूरी तरह खुश और संतुष्ट है। मैं समझ गया कि कभी-कभी पत्नी को दूसरे के लंड का मजा देने से रिश्ता और मजबूत हो जाता है।
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