Virgin Girls Gangbang XXX
मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती है जिसका नाम वंशिका है। उनके घर में उसके दो भाई और एक बहन है। उसकी बहन का नाम अश्मिता है और वो फर्स्ट ईयर में पढ़ती है जबकि वंशिका ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में पढ़ रही है। वंशिका की उम्र लगभग 21 साल है और उसकी बहन की उम्र 19 साल की है। Virgin Girls Gangbang XXX
उसको दो भाई बाहर पढ़ते हैं और उनके पापा जी की टूरिंग की जॉब है, वो हफ्ते में 3-4 दिन टूर पर रहते हैं। उसकी मां हाउसवाइफ है और उनके घर के साथ हमारे घर काफ़ी आना जाना है। मैं कई सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ आया हूँ और सेक्सी मूवीज़ भी देखते आया हूँ, इसलिए मेरी नज़र वंशिका पर हमेशा खराब ही रही है पर मैंने कभी जाहिर नहीं होने दी।
वैसे दोनों बहने काफी शर्मीली हैं और अभी तक उनका किसी लड़के से कोई चक्कर नहीं है क्योंकि वो स्कूल या कॉलेज से सीधे घर आती है और फिर कहीं नहीं जाती न ही कभी मैंने किसी लड़के को उनके पीछे आते हुए देखा है। उनकी मां मिसेज शालिनी जो मेरी मां की काफी अच्छी सहेली है हमारे घर पर काफी आती है।
वो मुझे भी अपने बेटे जैसा समझती है क्योंकि उनके दो बेटे और उनके पति बाहर रहते हैं इसलिए उनके घर का ज्यादातर काम मैं ही करता हूँ। जैसे बाज़ार से सामान लेना, आटा पिसना, दवाई वगैराह लेना इत्यादि। एक बार की बात है आंटी हमारे घर पर आई और मुझे बोली के बाज़ार से कुछ सामान लेना है तुम घर पे जाना, मैं तुम्हें लिस्ट दे दूंगी।
मैं उनके घर पर गया तो दोनों बहने रूम में पढ़ रही थीं। आंटी ने मुझे एक लिस्ट दी और कहा के एह सामान बाज़ार से ले आओ उन्होने कहा के कुछ सामान मेडिकल स्टोर पर मिलेगा। मैंने लिस्ट ले ली और बाइक पे बाज़ार चला गया। वहाँ मैंने पर्चुनी दुकान से कुछ सामान लिया और जब मैंने लिस्ट में देखा तो एक आइटम बाकी गयी थी और वो थी व्हिस्पर पैड्स।
मैं मेडिकल स्टोर पर गया और वहाँ से मैंने व्हिस्पर पैड्स ले लिए। और सारा सामान आंटी को दे दिया। आंटी ने मुझे से सामान लेकर वंशिका को दे दिया और कहा के एह सामान रख दो। वंशिका ने सामान ले लिया और मैं वापिस आ गया लेकिन मैंने देखा कि गलती से व्हिस्पर मेरी बाइक में ही रह गया था।
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मैं वापिस सामान देने गया तो देखा आंटी बाथरूम में चली गई थी तो मैंने वंशिका को आवाज दी तो उसकी जगह पर अश्मिता बाहर आई। मैंने उससे कहा के ये सामन रह गया था तो उसने मेरे हाथ से पॉलीथीन ले लिया और खोल कर देखने लगी। जैसे ही उसने पॉलीथीन खोला तो एकदम से बंद कर दिया।
मैंने पूछा कि इसमें ऐसा क्या है जो तुम इतना घबराहट हो तो वो हल्के से मुस्कुरा दी और बोली के इसमें तुम्हारा मतलब की चीज नहीं है और यह कह कर अंदर भाग गई। मैं बाहर खड़ा रहा तब ही मुझे दोनों बहनों की आवाज सुनाई दी वंशिका अश्मिता को डाँट रही थी के तुमने पैकेट खोल कर क्यों देखा। मैं वहाँ पर रुका नहीं और घर वापस आ गया।
एक दिन जब मैं सुबह नहाकर कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रहा था तो आंटी ने कहा के आज शाम को मुझे डॉक्टर के पास ले जाना मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है। शाम को मैं आंटी को डॉक्टर के पास ले गया तो डॉक्टर ने कहा के इन्हें रात को एडमिट करना पड़ेगा।
अब बड़ी दिक्कत हो गई थी क्योंकि आंटी के एडमिट होने पर दोनों बहने अकेली रह जाती लेकिन मेरी मां ने कहा के वो आंटी के साथ अस्पताल में रहेंगी और मुझे उन दो बहनों के पास रात को रुकना पड़ेगा। मैंने हाँ कर दी और मां आंटी के पास चली गई। रात को मैं आंटी और मां के लिए खाना लेकर अस्पताल में गया तो मां ने बोला के बेटा ध्यान से सोना और वंशिका खाना नहीं बना सके तो बाज़ार से ले आना।
मैं उनको खाना देकर घर आ गया और वो दोनों एक रूम में सोने चली गई और मैं दूसरे रूम में। मुझे रात को सेक्सी बुक पढ़ने की आदत है इसलिए मैं बुक अपने साथ ले आया और पढ़ने लगा। बुक पढ़ते पढ़ते जब मेरा लंड खड़ा हो जाता तो मैं टॉयलेट में जाकर हस्तमैथुन कर आता था। आज भी मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा था और मेरे मन में हस्तमैथुन करने की आइ और मैं उठ कर टॉयलेट में चला गया।
आंटी के घर पर एक ही कॉमन टॉयलेट था। मैं अंदर गया और जकड़ा अपना पैजामा निकाल कर अपने लंड को बाहर निकाल कर पहले तो उस पर तेल लगा कर कुछ समय तक रगड़ता रहा और फिर जोर जोर से हिलाने लगा। मैं उन दोनों बहनों को अपने मं द में रख कर मुथ मार रहा था।
अचानक एकदम से टॉयलेट का गेट खुला और वंशिका अंदर आ गई। मैं घबरा गया माने जल्दी जल्दी में टॉयलेट के गेट की कुंडी ढंग से नहीं लगा पाया था इसलिए वंशिका ने जैसे ही गेट पर जोर लगाया तो गेट खुल गया। अब मेरी हालत देखने लायक थी एक हाथ में मैंने अपना लंड पकड़ रखा था जो के झड़ने के करीब था और दूसरे हाथ से मैंने अपना पैजामा उठाया और ऊपर चढ़ा लिया।
वंशिका ने मुझे बड़ी अजीब नज़रों से देखा और कुछ बोले बिना ही बाहर भाग गई। मैं जल्दी से बिना झड़े ही टॉयलेट से बाहर आया और अपने रूम में चला गया। अब मेरे दिमाग में बहुत ज्यादा गर्मी थी क्योंकि मैं झड़ नहीं पाया था। 15 मिनट लेते रहने के बाद मुझे टॉयलेट का गेट खुलने की आवाज आई मैं समझ गया के वंशिका आई है।
अब मेरे दिमाग में इतना ही आ रहा था मैं चुपके से उठा और जाकर टॉयलेट के गेट के पास खड़ा हो गया। 10 मिनट बाद जैसे ही वंशिका बाहर आई तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। उसने मुझे जोर से धक्का दिया और बोली के ये क्या कर रहे हो मैं तुम्हारी जान निकाल दूंगी। मैं एकदम से खड़ा हुआ और मैंने फिर उसको पकड़ लिया और एकदम से टॉयलेट में ले गया।
उसने चिल्लाने के लिए मुँह खोला तो मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया। मैंने उससे कहा हरामज़ादी जब मेरा लंड देख ही लिया तो अब इसका पूरा इस्तेमाल तो दे देख के ये क्या काम आता है। वो मेरे मुँह से इस तरह की बातें सुन कर एकदम से दंग रह गई क्योंकि मैं उसके सामने कभी ऐसे पेश नहीं आया था।
उसने पिंक कलर का कुर्ता पैजामा पहन रखा था। मैंने अपनी जेब से रूमाल निकाल कर उसका मुँह बंद कर दिया और उसे दीवार के सहारे लगा कर उसके कपड़ों के ऊपर से उसके बूब्स पकड़ लिए और दबाने लगा। ओह क्या बूब्स थे उसके हाथ में आते ही ऐसा लग रहा था जैसे कोई नरम नरम संतरा मेरे हाथ में आ गए हो।
मेरे लंड की हालत खराब हो गई थी। मैं कितनी देर तक उसके कपड़ों के ऊपर ही उसकी चुचियों का दबाता रहा। वो मुझे छोड़ने के लिए पूरा जोर लगा रही थी पर मैंने उसे दबोचा हुआ था जैसे चिल कबूतर को दबोच लेती है। उसका कोई जोर नहीं चल रहा था। फिर मैंने उसे नीचे बिठा दिया और उसका कुर्ता उतार दिया उसने अंदर ब्लैक कलर की लेस वाली ब्रा पहन रखी थी।
उसका मुँह बंद था नहीं तो वो जोर से चलाती। उसने मुझे फिर धक्का दिया मैं पीछे जा पड़ा। मुझे गुस्सा आया और मैंने खड़े होकर एक जोरदार थप्पड़ उसके गाल पर मारा। उसके गाल पर मेरी उंगलीयों के निशान पड़ गए और उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। मैंने कहा साली जवान हो गई है अब मजे ले ले नहीं तो बाद में ऐसा मौका नहीं मिलेगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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वो मुझे खाने वाली नज़रों से देख रही थी पर उसका कोई जोर नहीं चल रहा था। मैंने धीरे धीरे अपनी हाथ उसके गालों पर फिराने शुरू कर दिए। वो अपना मुँह जोर जोर से हिलाने लगी तो मैंने उसके बाल पकड़ लिए और जोर से खींच दिए। अब मुझे पर वहशीयानी आता जा रहा था।
अब मैं उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा। तुम समझ सकती हो कि मेरे दिल पर क्या बीत रही होगी। उसके मम्मे मेरे हाथ में ऐसे लग रहे थे जैसे नरम मास का टुकड़ा। मेरा मन कर रहा था के उन्हें उसकी छतियों से उखाड़ कर खाओ। मैंने उसके मम्मों बहुत जोर से दबा दिए जिससे उसको बहुत दर्द हुआ और वो अपनी पैर मारने लगी।
अब मैंने उसकी ब्रा के हुक खोल कर उसके मम्मों को अज़ाद कर दिया। एकदम सफेद कलर के मम्मे और उस पर हल्के ब्राउन कलर के निप्पल क्या लग रहे थे। उसने पहले कभी अपने मम्मों पर किसी मर्द का हाथ नहीं लगवाया था। मैंने उसे दीवार के सहारे बिठा रखा था और खुद उसके आगे बैठा था।
अब मैंने उसके निप्पल को अपनी उंगलीयों के बीच में ले लिया और दबाने लगा फिर मैंने उसके निप्पल को खींचना शुरू कर दिया जिससे वो और जोर से रोंने लगी। साली रंडी के निप्पल लाल होने लगे थे और उसके मम्मों पर खून की नसे उभर आ रही थी जैसे लग रहा था के अभी फट जाएंगी।
मैंने उसके दूसरे निप्पल को अपनी मुँह में ले लिया और बहुत जोर से काटा। वो दर्द के मारे उचलने लगी। अब मैंने धीरे धीरे उसकी नंगी कमर और पेट पर हाथ फिरा रहा था और अपनी नखून रगड़ रहा था। उसकी पीठ पर मेरे नखूनों के निशान नज़र आने लगे। अभी भी उसका निप्पल मेरे मुँह में था और मैं उसे बहुत जोर से चूस और काट रहा था। कभी राइट निप्पल कभी लेफ्ट निप्पल।
अब मैंने उसके पैजामे के ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ फिराने लगा। मुझे उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल महसूस हो रहे थे। उसकी चूत को दखने की कल्पना से ही मेरा लंड पेंट में फटने को तैयार था। मुझे से कंट्रोल नहीं हो पा रहा था। मैंने उसके पैजामे के नॉडे को खोलने की कोशिश की तो उसमें गाँठ लग गई थी।
मैंने एक ही झटके में नॉडे तोड़ने की कोशिश की तो नॉडे मजबूत होने के कारण उसकी पीठ में चुभने लगा। मैंने जोर लगाया तो वो नॉडे के साथ आगे की तरफ खिसकी और फर्श पे खिसकती हुई लेट सी गई। मैं और जोर लगाया तो नॉडे तोड़ गया। मैंने बहन की लौड़ी का पैजामा निकाल कर साइड में पाहाड़ी दिया अब वो सिर्फ ब्लैक कलर की पैंटी में थी।
वो पैंटी में से उसकी चूत के होंठों के उभर साफ दिख रहे थे। उसने शर्म के अपनी पैर बीच लिये जिससे उसकी चूत की फाँके मुझे दिखानी बंद हो गई। मैंने उसके दो पैर पकड़ कर जोर से अलग कर दिए और इतनी जोर से अलग किये के उसकी पैरों के जोड़ यानी उसकी चूत के पास दर्द होने लगा।
उसकी आँखों से लगातार आँसू आ रहे थे पर मुझे पर हैवानियत सवार थी। अब मुझे से बर्दास्ट करना मुश्किल हो गया मैंने जल्दी से अपनी सारे कपड़े उतार दिए। मेरा लंड लोहे की तरह टाइट हो रहा था और फटने वाला था। मैंने फिर उसके बाल पकड़ कर उसे दीवार के सहारे बिठा दिया। अब मैं उसकी बहन की लौड़ी के पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटने लगा।
गोरा मलाई जैसा बदन बहुत टेस्ट आ रहा था। अब मैंने उससे कहा के देख साली मैं तेरी चूत तो जरूर मारूँगा और अगर तूने बीच में कोई हरकत की तो तेरा गला दबा दूँगा। वो मेरी आँखों में वहशीयानी देख कर डर गई। मैंने उसके मुँह की पल्ली खोल दी तो वो मेरे आगे गिड़गिड़ाने लगी प्लीज मुझे छोड़ दो मैंने आज तक अपना नंगा बदन किसी को नहीं दिखाया। मेरे साथ ऐसा मत करो मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ।
पर मुझे पर तो उसकी चूत मारने का बहुत सवार था। मैंने कहा हरामज़ादी चुप कर, चुपचाप जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर नहीं तो तेरा वो हाल करूँगा के तू चलने लायक भी नहीं रहेंगी। ऐसा कह कर मैंने अपनी लंड उसके होंठों से लगा दिया उसकी साँसे जैसे ही मेरे लंड से टकराई मेरा मन कर आ गया।
मैंने कहा चल साली मुह खोल और मेरा लंड अपने मुह में ले। उसने मुह नहीं खोला तो मैंने जोर से उसके निप्पल पीछे दिये वो दर्द के मारे चिल्लाने लगी तो उसका मुह खुला। मैंने उसका मुह खुलते ही अपनी लंड उसके मुह में डाल दिया। वो अपना सिर हिलाने लगी तो मैंने फिर एक जोरदार थप्पड़ उसके मुह पर मारा।
उसने मुह हिलाना बंद कर दिया। अब मेरा लंड उसके मुह में था मैं धीरे धीरे उसके मुह को चोदने लगा। फिर मैं तेज स्पीड से उसका मुह चोदने लगा ऐसा लग रहा था के उसके होंठों के जोड़ फट जाएंगे क्योंकि मेरा 5 इंच का मोटा लंड पूरा उसके मुह में था उसे साँस लेने में दिक्कत हो रही थी पर मैं उसका मुह चोद रहा था।
मैंने अपनी लंड उसके गले तक उतार दिया उसके मुह से थूक बह कर उसकी चुचियों पर गिर रहा था जिसे मैं अपने हाथ से सुखी चुचियों पर मसल रहा था। वो उन्हु… उन्हु… कर रही थी और मैं उसके गले तक अपनी लंड को थोक रहा था। साली रंडी पूरा लंड मुह में ले गई मेरा लंड उसके मुह के अंदर जाकर अपनी जगह बना रहा था और उसके गले तक जाता।
अब मेरा पानी निकलने वाला था तो मैं एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा लंड उसके गले में फंस गया। वो दर्द के मारे हाथ पैर मारने लगी उसकी आँखें बाहर आने को हो रही थीं। मैंने अपनी लंड का पानी उसके मुह में छोड़ दिया। मेरा लंड से बहुत सारा माल निकला और मैंने आखिरी बूँद निकलने तक अपनी लंड बाहर नहीं निकाला।
मेरा सारा पानी उसके गले में घुल गया था। जब मैंने अपनी लंड बाहर निकाला तो वो बड़ी बड़ी साँसे लेने लगी। वो खो खो करने लगी और उसने मेरे लंड का थोड़ा सा पानी थूक दिया। मैंने देखा तो उसका सिर पकड़ कर उसके मुह को फर्श पे दबा दिया जहां उसने मेरा लंड का पानी थूका था।
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मैंने कहा साली माँ की लौड़ी, बहनचोद की बची, साली रांड मेरा पानी थूकती है। चल इसे चाट कर पी जा। वो नहीं मानी तो मैंने अपनी पैर की एक जोरदार थप्पड़ उसकी गाँड पर मारी। वो दर्द के मारे तड़पने लगी। मैंने फिर उसके बाल पकड़ कर उसका मुह फर्श पे गिरे मेरे पानी की तरफ किया तो उसने जीभ निकाल कर चाटना शुरू कर दिया। ऐसा करते हुए भी उबकाई ले रही थी।
अचानक वो उठी और भाग कर वॉशबॉक्स के पास गई और उसने वहाँ उल्टी कर दी। मैंने फिर उसकी गाँड पर जोरदार थप्पड़ मारा। फिर उसने पानी से कुल्ला किये और जोर से बोली मैं तुम्हारी मम्मी से कहूँगी के तुमने मेरे साथ क्या किया। मैंने कहा बहनचोद रंडी साली तेरे साथ अभी कुछ किया नहीं अभी तो तेरी वो हाल बना दूँगा के तू मुझे से भीख माँगने लगेगी।
वो फिर मुझे धक्का दे कर दूर करने लगी तो मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके सिर को धीरे से टॉयलेट की दीवार से दे मारा। वो घबरा गई फिर मैंने उसे नीचे बिठा दिया और अपना लंड चूसने के लिए कहा। उसने धीरे से मुह खोला तो मैंने अपना सेमी इरेक्ट लंड उसके मुह में डाल दिया। उसके मुह में जाते ही मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर थोड़ी देर लंड चूसने के बाद मैंने उसकी पैंटी को खींच कर उसके पैरों से अलग कर दिया। अब वो बिलकुल नंगी थी और मैं भी। उसकी पिंक चूत पर होंठ बहुत प्यारे लग रहे थे। उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे शायद उसने थोड़े दिन पहले ही साफ किये थे। मैंने उसकी चूत पर झुक गया और अपनी जीभ उसकी चूत पर फिरानी शुरू कर दी।
अब उसे गुदगुदी हो रही थी और वो अपनी गर्दन उठा कर लंबे लंबे साँसे ले रही थी। अचानक टॉयलेट गेट खुला और अश्मिता अंदर आई। वो शायद उसे ढूँढ़ रही होगी और टॉयलेट की लाइट जलते देख वहाँ आ गई। उसे देखते ही वंशिका बहुत जोर से रोने लगी और बोली देख अनूप मेरे साथ क्या कर रहा है, अश्मिता बाहर भागने लगी तो मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और उठा कर उसे भी टॉयलेट में ले आया।
मैंने वंशिका का पजामा उठाया और उससे अश्मिता के पैर बाँध दिए और उसे फर्श पे बिठा दिया। मैंने कहा के साली बाहर जा कर अपनी माँ चोदवाईगी क्या देख साली रांड का कैसे तेरी रंडी बहन की चूत मारते हुए सामने। वो बोली नहीं प्लीज हमे छोड़ दो तो मैंने कहा साली तू यहाँ क्या गाँड मरवाने आई थी साली रांड मुझे अभी मजा लेने दे और चुपचाप यहाँ पड़ी रह जबरन वरना इसके साथ तेरी भी गाँड मारूँगा।
वंशिका बोली के प्लीज इसके सामने नहीं इसे जाने दो मैंने कहा साली तू ज्यादा सयानी बन रही है ये बाहर जाकर चुपचाप थोड़े ही बैठेगी। इसे यहीं पड़ा रहने दे यही कह कर मैं फिर उसकी चूत चाटने लगा। मैं अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमाने लगा वंशिका को बहुत शर्म आ रही थी कि वो अपनी बहन के सामने नंगी थी और मैं उसे चोदने जा रहा था।
अब मैंने वंशिका को फर्श पे लिटा दिया और उसकी टांगे पकड़ के अलग अलग फैला दी जिससे उसे बहुत दर्द हुआ पर इस हालत में उसकी चूत बिलकुल मेरे सामने थी। मैंने अपनी लंड उसकी चूत पर लगाया और एक जोर से धक्का दिया। मेरा लंड का ऊपरी हिस्सा उसकी चूत में चला गया। वो दर्द के मारे चिल्लाने लगी बोली अश्मिता मुझे बचाओ मैं मर जाऊँगी।
अश्मिता उसकी तरफ खिसक कर आ गई तो मैंने कहा देख साली तेरी बहन की चूत कितनी टाइट है। तेरी भी ऐसी है क्या तो वो कुछ नहीं बोली बस आँखे फाड़े वंशिका की चूत में गए मेरे लंड को देखती रही। अब मैं और जोर से झटका मारा तो वंशिका ऊपर तक उचल गई। उसकी चूत में जैसे मिर्चे लग रहे थे।
पता नहीं साली की चूत कैसी थी मेरा लंड आगे नहीं जा रहा था। मैं धीरे धीरे अपनी लंड पे जोर देना शुरू कर दिया तो मेरा लंड कसा कसा उसकी चूत में आगे जाने लगा। साली बहनचोद की बची दर्द के मारे उचल उचल कर मेरे लंड को अंदर जाने में डिस्टर्बेंस पैदा कर रही थी। उधर अश्मिता भी रोने लगी और हमारे काम को देख रही थी।
फिर मेरा लंड थोड़ा और उसकी चूत में गया तो उसकी चूत में से हल्का हल्का खून निकल कर बाहर बहने लगा। अश्मिता एकदम से चिल्लाई के ये क्या हो रहा है इसकी चूत फट गई है क्या। मैंने कहा बहन की लौड़ी चुप रह जब तेरी चूत मारूँगा तो तेरा भी खून निकलेगा। वो डर के मारे चुप हो गई।
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अब मेरा लंड और आगे जाता गया और पूरा उसकी चूत में जाकर फस गया। वंशिका जोर जोर से रोने चिल्लाने लगी प्लीज बाहर निकालो मैं मर जाऊँगी बहुत दर्द हो रहा है अश्मिता मुझे बचा इस दरिंदे से मेरे नीचे मिर्चे लग रहे हैं प्लीज बाहर निकालो। मैंने नहीं सुनी और अपनी लंड थोड़ा सा बाहर निकाल कर एक जोरदार धक्का मारा तो वंशिका एक जोर की चीख मार के बेहोश हो गई।
मैंने अपनी लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और वॉशबॉक्स से पानी लेकर उसके मुँह पर मारा। वो होश में आई और जोर से रोने लगी। अश्मिता बोली प्लीज इसे छोड़ दो ये मर जायेगी। अब मुझे और गुस्सा आया मैंने अश्मिता के बाल पकड़ के खड़ा किया और 3-4 थप्पड़ मारे मैंने कहा तू अब बोली तो तुझे जान से मर दूँगा। साली रांड की औलाद चुप चाप पड़ी रह।
अब मैं फिर वंशिका की तरफ बड़ा तो अश्मिता ने मेरे पैरों में अपनी पैर लगा कर मुझे घेर दिया। अब मेरा गुस्सा सात आसमान पर था मैंने अश्मिता को फिर खड़ा किया और अपनी घुटनों के टक्कर उसकी चूत पर मारी। वो दर्द के मारे रोने लगी और अपनी चूत पर हाथ रख के बैठ गई।
मैंने कहा अब तो तू भी इसके साथ चोदूंगा। ये सुन कर वंशिका बोली नहीं तुम मेरे साथ जो चाहे कर लो पर इसे मत करो। मैंने कहा साली तुम दोनों बहनों को रांड बना के चोदूंगा। अब मैंने अश्मिता का गाउन खींच कर फाड़ दिया, फिर उसकी ब्रा और पैंटी भी फाड़ दी और उसे बिलकुल नंगी कर दिया।
अब मैं हरामज़ादी के बाल पकड़े और घसिटा हुआ उसकी बहन के पास ले गया जो पहले से ही नंगी लेटी हुई थी और जिसकी चूत से हल्का हल्का खून आ रहा था। मैंने अश्मिता के बाल पकड़ के उसका मुँह वंशिका की चूत पर रख दिया और कहा चल साली रांड अपनी बहन की चूत चाट कर मेरे लिये तैयार कर। वो न करने लगी तो मैंने उसकी गाँड पर 3-4 थप्पड़ मारे।
उसकी गोरी गाँड पर मेरे हाथ के निशान चप गए। वो रोने लगी और उसने झुक कर अपनी बहन की चूत पर अपना मुँह रख दिया। मैंने कहा मादरचोद की बची ऐसे नहीं अपनी जीभ निकाल कर चाट और साफ कर। वो झुक कर अपनी जीभ निकाल के उसकी चूत चाटने लगी तो मैंने पीछे से अश्मिता की चूत में अपनी उंगली डाल दी।
वो चिढ़चिढ़ उठी पर उसने चूत चाटना जारी रखा। फिर मैंने अपनी 3 उंगलीयों उसकी चूत में डाल के उसे थोड़ा सा ऊपर उठा दिया। उसके पैर जमीन से थोड़ा ऊपर हो गए, मैं 3 उंगलीयों से उसकी चूत जोर जोर से चोदने लगा। वो दर्द के मारे रो रही थी और साथ साथ चूत भी चाट रही थी।
अब मैंने उसके बाल पकड़ के उसे सीधा किया और उसे नीचे बिठा दिया। मेरे लंड पे वंशिका की चूत का खून लगा था जो सूच चुका था। मैंने अपनी लंड अश्मिता के होंठों के पास किया और कहा ले रांड तेरी बहन की चूत का खून चाट कर साफ कर। उसे बहुत घृणा हो रही थी पर मैंने उसका गला दबा दिया जिससे उसका मुह खुल गया और मैंने अपनी लंड उसके मुह में डाल दिया और बहुत बुरी तरह उसका मुह चोदने लगा।
उसकी आँखें दर्द के मारे बहुत चौड़ी हो गई थीं। मैंने 10 मिनट तक उसका मुह चोदा फिर मैंने अपनी लंड उसके मुह से बाहर निकाल कर साथ में लेटी वंशिका की चूत पर लगा के एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड थोड़ा गिला होने के कारण एक ही झटके में पूरा अंदर चला गया। वंशिका दर्द के मारे रोने चिल्लाने लगी बोली हरामी ये क्या कर रहा है। मैं मर जाऊँगी पर मैंने नहीं सुना और साली रांड को बहुत बुरी तरह चोदने लगा।
मैं एकदम वहशीयानी की तरह उसे चोद रहा था। हर धक्के में वो गाँड उचलती जिससे मेरा लंड उसकी चूत में अंदर तक चला जाता। अश्मिता फर्श पे बिठी अपनी साँसों को कंट्रोल कर रही थी क्योंकि उसके मुह की चौड़ाई से उसकी साँसे फूल गई थी। करीब 15 मिनट तक वंशिका को चोदने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.
तो मैंने अपनी लंड उसकी चूत से बाहर निकाल के अश्मिता के पास गया और उसका गला दबा कर उसका मुह खुलवा कर अपनी लंड उसके मुह में डाल दिया और पूरा जोर लगाकर उसके गले तक थूँस कर उसका मुह चोदने लगा और अपना पानी उसके मुह में गिरा दिया।
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फिर मैंने अपनी लंड बाहर निकाला और अपने हाथ से उसका मुह बंद कर दिया और उसे मेरा सारा पानी पीने के लिए मजबूर कर दिया। उसके बाद भी मेरी हवस मिटी नहीं थी मैं उन दोनों बहनों को एक ही रात में अपनी रांड बनाना चाहता था। अब मैं वंशिका के पास गया और उसको टॉयलेट की शीट पर बिठा कर उसके पैरों को टॉयलेट की शीट से बाँध दिया और उसके हाथों को भी पीछे ले जाकर बाँध दिया।
अब मैंने अश्मिता को अपनी ओर खींचा और उसे वंशिका के सामने खड़ा कर दिया और वंशिका से उसकी चूत चाटने को कहा। वंशिका अपनी छोटी बहन की चूत चाटने लगी तो अश्मिता बोली दीदी प्लीज मुझे इससे बचा लो। पर वंशिका खुद मजबूर थी और बाँधी हुई थी। इसलिए वो अश्मिता की चूत में अपनी जीभ चलाने लगी।
मैं अश्मिता के पीछे जाकर उसकी गाँड पर हाथ फिराने लगा बहुत ही मुलायम गद्देदर गाँड थी अश्मिता की। मैंने उसकी गाँड पर कई जगह चिकोटी काटी तो वो उचलने लगी उसे बहुत दर्द हो रहा था। अब मैंने अपनी एक उंगली अश्मिता के कमर में डाल दी उसने मेरी उंगली पर हल्का सा काट लिया तो मैंने अपनी 4 उंगलियों उसके मुह में डाल दी और उसके मुह को पूरा खोल दिया उसका थूक बाहर गिरने लगा।
मेरा लंड थोड़ा सा ढीला हुआ तो मुझ पर पेशाब लगी। मैं पीछे खड़े होकर अश्मिता की गाँड पर अपना पेशाब की धार मारने शुरू कर दिया। फिर मैंने अपना पेशाब बीच ही रोक और अश्मिता को हटाकर वंशिका के मुह पर अपना पेशाब की धार माने लगा। थोड़ा सा पेशाब उसके मुह में भी घाल गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब मैंने फिर अश्मिता को आगे कर दिया ताकि वंशिका उसकी चूत चाट सके। फिर मैंने अपनी एक उंगली अश्मिता की गाँड में लगाई और झटके से अंदर डाली। वो चिल्लाने लगी और बोली क्या कर रहे हो। मैंने कहा साली माँ की लौड़ी तू बहुत नाटक कर रही थीं अब तेरी गाँड मारूँगा।
वंशिका बोली नहीं प्लीज ऐसा मत करो वहाँ मत डालो तुम जो कहोगे मैं करूँगी। मैंने कहा रांड साली मादरचोद अब तो तू करेगी ही लेकिन तूने मुझे गिराया था अब मैं तू को तेरी नज़रों में ही गिरा दूँगा। उसकी गाँड बहुत टाइट थी मेरी उंगली ही बड़ी मुश्किल से जा रही थी।
फिर मैंने टॉयलेट सफाई करने का ब्रश उठाया और उसके पिछले हिस्से अश्मिता की गाँड पर लगा दिया तो वो एकदम से डर गई और बोली ये क्या कर रहा है मैंने कहा साली रांड तेरी गाँड में अपनी लंड के लिए जगह बना रहा हूँ। वो बोली अरे प्लीज ऐसा मत करो मैं कोई ऐसी लड़की नहीं जिससे तुम इस तरह पेश आओ।
मैंने कहा है तो तू लड़की ही और साली तेरे तीनों छेदों में अपना लंड डालूँगा लेकिन पहले तेरी गाँड मारूँगा ताकि तू को एहसास हो कि कूजे गिराने का क्या अंजाम होता है। वंशिका बोली अनूप इसे छोड़ दे ये बच्ची है मर जायेगी। मैंने कहा ये माँ की लौड़ी बच्ची नहीं बच्चे पैदा करने लायक हो गई है। इसकी गाँड तो जरूर मारूँगा।
फिर मैंने टॉयलेट के ब्रश को धीरे धीरे उसकी गाँड में घुसाना शुरू कर दिया वो चिल्लाने लगी और अपनी गाँड हिलाने लगी। ब्रश 3 इंच अंदर चला गया। उसकी गाँड में दर्द हो रहा क्योंकि ब्रश पे छोटे छोटे काँटे से बने हुए थे। उसकी गाँड चिल गई और उसमें से खून निकलने लगा।
वो बहुत जोर से चिला रही थी। मर गई… मेरी गाँ…न….द फा…ट गए मुझे बचा…ओ मैं………न….म…र……जा उँगी। अब मैंने टॉयलेट का ब्रश उसकी गाँड में 6 इंच तक डाल दिया और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा साथ ही मैंने अपनी 3 उंगलीयों उसकी चूत में डाल रखा थी।
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फिर मैंने ब्रश को उसकी गाँड से निकाला तो उस पर अश्मिता की शीट और खून लगी हुई थी। मैंने वो ब्रश वंशिका के मुह के पास ले जाकर उसे चाट कर साफ करने के लिए कहा। वो डर के मारे उसे चाटने लगी तो थोड़ी सी शीट उसके होंठों पर लग गई तो मैंने अश्मिता को कहा के अपनी बहन के होंठ चूस कर साफ कर।
तो अश्मिता ने अपनी बहन को झुक कर किस किया और उसके होंठ साफ किये। मैंने कहा बोल रंडी अपनी गाँड के माल का टेस्ट अच्छा लगा तो वो कुछ नहीं बोली बस दर्द के मारे सुबकती रही। फिर मैंने अपनी लंड उसकी गाँड के चेड़ पे लगा कर डालने लगा तो उसने अपनी गाँड हिला ली जिससे लंड निशाना चूक गया.
मैंने उसके बाल पकड़ के उसे दीवार के सहारे उल्टा खड़ा कर दिया और पीछे जाकर उसकी गाँड पर लंड लगा के एक जोर का झटका मारा तो मेरा लंड का सुपड़ा उसकी गाँड में चला गया। वो जोर से चिल्लाई अ…आ…ह…ह.ह.ह.आ…आ मैं… मर……………..गए। मुझे …………..बहुत दर्द…….. हो रहा है प्लीज। लंड बाहर नहीं………. निकलो दिदी म…जे…….. बचाओ………….
दर्द के मारे उसकी आँखों से पानी आ रहा था और उसके मुह से थूक गिर रहा था वो बेसुध हो गई मेरा लंड उसकी गाँड में फँस गया था और आगे नहीं जा रहा था। पर मैं अपनी लंड का दवा उसकी गाँड में देने चालू रखा। मेरा लंड ऐसे फस गया था जैसे कुत्ते का लंड कुत्ती की गाँड में फंस जाता है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मुझे लगा के मेरा लंड भी छिल जाएगा पर मैंने इसकी परवाह नहीं करते हुए उसकी गाँड मारनी शुरू रखा। उसकी गाँड टाइट होने के कारण मेरा लंड थोड़ी ही दम से उसकी गाँड में झड़ गया। मैंने अपना सारा पानी उसकी गाँड में छोड़ दिया। जब मैंने अपनी लंड बाहर निकाला तो उसके से मेरे लंड का पानी भी बाहर निकलने लगा.
तो मैंने अश्मिता को पकड़ कर उसकी गाँड को वंशिका के मुह के पास कर दिया और वो समझ गई और उसकी गाँड चाट कर साफ कर दी। इसके बाद मैं थोड़ी देर बैठा रहा अब वंशिका और अश्मिता दोनों को पेशाब आ रहा था तो मैंने कहा के तुम एक दूसरे के ऊपर मेरे सामने पेशाब करो।
तो अश्मिता ने वंशिका के ऊपर पेशाब करना शुरू कर दिया। वंशिका को मैंने टॉयलेट की शीट से बाँधा हुआ था उसे खोल कर उससे भी अश्मिता के ऊपर पेशाब करवाया। अब मैंने दोनों बहनों को एक दूसरे की बॉडी से लिपटने को कहा। वो इसी हालत में एक दूसरे से लिपट गई उनके पूरे बदन पर पेशाब पड़ा था और अश्मिता की गाँड से मेरा पानी टपक रहा था।
अब मैं वंशिका को फर्श पे उल्टा लिटा दिया और उसकी गाँड पर बैठ गया और नीचे हाथ देकर उसके बूब्स को पकड़ लिया और दोनों साइड से बाहर खींचने लगा। फिर मैंने अपनी लंड उसकी गाँड पर लगाया और एक ही शॉट में अपना आधा लंड उसकी गाँड में डाल दिया।
वो नीचे से उचलने लगी और मेरे नीचे से निकलना चाहती थी पर मेरा सारा वज़न उसके ऊपर था इसलिए वो निकल नहीं पाई। मैंने अश्मिता को भी अपनी ओर बुलाया और उसकी चूत में उंगली डाल के चोदने लगा। मैं धक्का मार रहा था और बकने लगा साली रांडियाँ तुम्हें तो मैं अपनी रांड बना दूँगा और तुम्हें इस शहर से भगा कर ले जाऊँगा जहाँ तुम्हें हजारों आदमियों से चोदवाऊँगा.
वो डर रही थी इस तरह मैं वंशिका की गाँड मारते मारते झड़ गया। फिर मैंने अपनी लंड बाहर निकाल कर अश्मिता और वंशिका दोनों को चूसवाया। जिससे मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा। फिर मैंने अश्मिता की चूत में भी लंड पेला और उसे चोदा इस तरह करीब 5 घंटे तक उन्हें चोदता रहा।
रात के करीब 3.00 बजे चुके थे सारा मोहल्ला सो रहा था पर वो दो रांडे मेरे सामने नंगी बैठी थीं और रो रही थीं। दोनों की चूत ऊपरी गाँड में से मेरे लंड का पानी बह रहा था और दोनों के बदन पसीने और पेशाब से भीग कर चमक रहे थे। अब हम तीनों टॉयलेट से बाहर आ गए और बेडरूम में आ गए।
वहाँ पे उन दोनों को टॉवेल से अपने जिस्म को साफ किया। दोनों की हालत ऐसी थी के उनसे चल भी नहीं जा रहा था। वो धीरे धीरे चलती हुई बेडरूम में आई। अब मुझे होश आया तो मैं सोचने लगा के ये तो गलत हो गया सुबह मेरी मां और आंटी आएंगी तो ये दो रंडियों की हालत देख कर उन्हें सब पता चल जाएगा।
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मेरे दिल में ये बात आते ही मैंने दोनों को कहा के देखो बहनचोदियों अब तो तुम मुझसे गाँड और चूत मरवा चुकी हो अब एक काम करो मेरे साथ भाग चलो वरना तुम लोगों की बड़ी बदनामी होगी और तुम्हारी मम्मी की भी। वो बोली नहीं हम मां को सब कुछ बता देंगे और तुम्हें सज़ा दिलवाएंगी।
ये सोच कर मैं डर गया फिर मैंने अपनी एक दोस्त जिसका नाम वरुण था उसे फोन किया और उसे शॉर्ट में सारी बातें बता दी। वरुण एक अमीर परिवार का बड़ा बड़ा हुला लड़का था और उनका कई शहरों में काम था। वो सुनते ही बोला घबरा मत मैं अभी गाड़ी लेकर आ रहा हूँ।
थोड़ी देर में वरुण अंदर आया मैंने कहा क्या करना है तो वो बोला के इन रंडियों को गाड़ी में बिठा कर ले चलते है रास्ते में कहीं मार कर गेर देंगे। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। हमने उन दोनों को जबरदस्ती बार खड़ी गाड़ी में बिठाया उनके बाद उनके बदन पर कुछ फटे हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं था इसलिए हमने उनके कुछ कपड़े अलमारी से लिए और चल दिए क्योंकि अभी हमारा इरादा पक्का नहीं था के उनके साथ क्या करना है।
फिर हम निकल पड़े वरुण कार चला रहा था और हम तीनों पीछे बैठे थे मैं अब भी उनसे छेड़छाड़ कर रहा था और कभी उनकी गाँड में कभी चूत में उंगली कर रहा था। इस तरह हम काफी दूर निकल आए तो वरुण बोला की क्या करना है मैंने कहा इनको किसी दूसरे शहर में ले चलते है जहाँ इनके साथ रहेंगे और मजा करेंगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो बोला ठीक है और उसने गाड़ी एक दूसरे शहर की तरफ कर दी जहाँ पे उनका बिज़नेस था और उनका फार्म हाउस भी था। करीब 3-4 घंटे बाद हम उसके फार्म हाउस पर पहुँच गए जो की शहर से 10 किमी पहले था। वहाँ पे 1 रसोइया रहता था। सुबह के 8.00 बजे थे और हम फार्म हाउस पर पहुँचे। हमने knock किया तो नौकर ने दरवाजा खोला तो हम चारों अंदर आए।
हमने अश्मिता और वंशिका को एक ही शॉल में लपेटा हुआ था जिसे उनके फटे हुए कपड़े नज़र न आए। अंदर ले जाकर हमने उनको बेड पे लिटा दिया और बाहर से कुंडी लगा कर हम दूसरे रूम में बैठ गए। फिर हमने खाना बनवाया और उन्हें भी दिया उन्होंने खाना खाया और हमने कहा के अब तुम लोग अराम करो क्योंकि अब से तुम हमारी रांड हो और हम तुम्हें अपनी कमाई का साधन बनाएंगे और रोज 15-20 आदमियों से चोदवाएंगे।
ये सुन कर वो रोने लगी तो मैंने कहा यार घर वाले हमें ढूँढ़ते हुए यहाँ आ जाएंगे तो वरुण ने बोला के हम इनको लेकर गुज़रात चले जाएंगे जहाँ पे हमें कोई नहीं ढूँढ़ सकता और वहाँ पे उसके 2-3 दोस्त हैं जो अकेले ही रहते हैं वो हमारे रहने का भी इंतज़ाम कर देंगे। मुझे उसकी बात सही लगी और हम वहाँ 3-4 घंटे रुकने के बाद गाड़ी में बैठ कर गुज़रात चल दिए।
वरुण ने रास्ते में से अपनी दोस्त को फोन कर दिया और कहा कि हमारे लिए एक फ्लैट किराए का इंतज़ाम कर दे इस तरह हम चल दिए हमें पहुँचने में करीब 20 घंटे लगने वाले थे। करीब रात को 11.00 बजे जब हमारी गाड़ी राजस्थान के रातिल इलाके से गुज़र रही थी तो वरुण बोला की यार थक गया हूँ कुछ देर आराम करने के बाद चलेंगे।
उसने गाड़ी सड़क से उतार के साइड में रोक दिया और हम चारों ने खाना खाया। अब वरुण बोला की यार लंड पे खरिश हो रही है और 2 रंडियाँ भी हैं चलो खारिश मिटाते हैं। वरुण आगे बैठा था और हम तीनों पीछे बैठे थे। वरुण ने ड्राइवर सीट का दरवाजा खोला और बाहर आ गया। मैं भी गेट खोल कर बाहर आ गया।
अब हम दोनों गाड़ी से बाहर थे और अश्मिता और वंशिका गाड़ी की पिछली सीट पे बैठी हुई थी। उन्होंने शॉल हटा दिया था और अब वो फटे हुए कपड़ों में बैठी थी जिस में से उनका बदन आधा अधूरा नंगी दिख रहा था। वरुण पीछे गया और गाड़ी के अंदर जाकर बैठ गया। उसने देखा कि 2 रांडियाँ अधनंगी हालत में बैठी है तो उसका लंड खड़ा हो गया।
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उसने वंशिका को बाहर जाने को बोला जब वंशिका ने मना किया तो उसने वंशिका के बाल पकड़ कर उसे बाहर खींच लिया और जमीन पे गिरा के उसकी गाँड पर लात मारी और बोला रांड की औलाद मुझे ना कहती है तू जानती नहीं मैं कौन हूँ तेरी माँ चोद दूँगा साली कुतिया अब देख तेरी बहन का क्या हाल करता हूँ।
वंशिका बहुत जोर से रोने लगी तो मैं वंशिका के पास आया और उसके पैर पकड़ कर घसीटते हुए उसे गाड़ी की दुसरी ओर ले गया। पूरी जमीन पे रेत पड़ी हुई थी। अश्मिता के सारे कपड़े और बदन पर रेत लग गई थी और उसकी कमर में जमीन पर घसीटने जाने के कारण थोड़ा सा दर्द भी हो रहा था। अब वरुण गाड़ी में गया और उसने अश्मिता की तरफ देखा, वरुण की आँखों में वासना साफ चमक रही थी।
उसने अश्मिता के फटे हुए गाउन में हाथ डाला और उसके बूब्स पकड़ लिए और बोला वाह रांड क्या बूब्स है तेरे तू तो साली किसी भी मर्द की हालत सिर्फ अपने बूब्स दिखा कर ही खराब कर सकती है। ये कहते हुए उसने अश्मिता के मम्मों को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया।
अश्मिता सुबक रही थी और उसने अपना दोनों पैर गाड़ी की सीट के ऊपर कर रखे थे और डुबक कर बैठी थी। वरुण थोड़ी देर तक उसके मम्मों को सेहलाता रहा फिर उसने अश्मिता के पैर खींच कर लंबे कर दिए और उसकी जाँघों पर बैठ गया फिर उसने अपनी से उसकी चूत को पकड़ कर जोर से दाँड़ दी।
अश्मिता चिढ़चिढ़ उठी फिर उसने अपनी एक उंगली अश्मिता की चूत में डाल दी। अश्मिता की चूत डर के मारे बिलकुल सुखी हुई थी। वरुण की उंगली भी बहुत टाइट उसकी चूत में अंदर बाहर हो रही थी। अश्मिता की आँखों में दर्द और डर के कारण आँसू आ रहे थे। इसी बीच वरुण ने अपनी अंगूठा अश्मिता की गाँड के छेद से लगा दिया और जोर से दबा कर अंदर डाल दी।
अब अश्मिता की चूत में वरुण की उंगली और गाँड में वरुण का अंगूठा था। वरुण ने उंगली और अंगूठे की मदद से अश्मिता की चूत को पकड़ कर उसे ऊपर की ओर उठाने लगा जिससे अश्मिता को और दर्द हो रहा था। वो चिल्लाने लगी ही क्या कर रहे हो इस तरह तो मैं मर जाऊँगी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो वरुण बोला मादरचोद तू को मरने के लिये ही ले जा रहा है अगर तू जिंदा बचना चाहती है तो साली हमें मजे दे और हमारी रांड बन के रह। ये कह कर वरुण ने अपनी शर्ट और पैंट निकाल दी और अपनी बनियान भी अब वो सिर्फ अंडरवियर में था और उसका लंड अंडरवियर को पकड़ के बाहर आने को हो रहा था।
उसने अश्मिता का हाथ पकड़ा और अपने लंड के ऊपर रख दिया। अश्मिता ने लंड की लंबाई का एहसास होते ही डर के मारे अपना हाथ हटा लिया। वरुण ने उसके गाल पर जोर से थप्पड़ मारा और बोला रांड अभी तो मेरे लंड से डर रही है जब तेरी चूत में पूरा डंडा डालूँगा तब क्या करेगी। उसने फिर उसका हाथ पकड़ के जोर से मोड़ दिया जिससे अश्मिता की चीख निकल गई।
इधर मैं वंशिका के पेट पे बैठा हुआ था और उसके बूब्स को बड़ी बेरहमी से नोच रहा था। बीच बीच में मैं उसके फेस पे हल्के हल्के थप्पड़ भी मार रहा था जिससे उसे दर्द हो रहा था और उसका पेट भी मेरे वज़न से दब रहा था। अब वरुण ने अश्मिता का हाथ अपने लंड पे रख कर उसे सेहलाने के लिए कहा।
अश्मिता उसका लंड अंडरवियर के ऊपर से सहलाती थी। वरुण बोला चल रांड अब मेरा काच निकाल। अश्मिता ने वरुण का अंडरवियर थोड़ा नीचे कर दिया जिससे वरुण का लंड साँप की तरह फुनकरता हुआ बाहर आ गया। वरुण ने अश्मिता का सिर पीछे से पकड़ा और उसे अपने लंड पे झुका दिया।
अश्मिता ने मुह नहीं खोला तो वरुण ने पीछे से उसकी पीठ पर जोर से गाड़ी की चाबी चुभा दी जिससे अश्मिता ने चिखने के लिए मुह खोला और वरुण ने जोर से अपना लंड पे दबा दिया। अब वरुण का लंड अश्मिता के गले तक जाकर अटक गया। अश्मिता की साँस रुक सी गई थी।
अब वरुण ने उसके बाल पकड़े और तेजी से उसका मुह अपने लंड पे चलाने लगा, ऊपर नीचे करने लगा। वरुण का लंड अश्मिता के थूक से बिखर कर गाड़ी की लाइट में बिलकुल काले नाड़ की तरह चमक रहा था। अश्मिता का हर धक्के के साथ थोड़ा सा थूक निकल जाता जो कह कर वरुण की जँघों को गिला कर रहा था।
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वरुण करीब 20-25 मिनट तक उसका मुह अपने लंड पे चलाता रहा। अश्मिता की गर्दन दर्द करने लगी थी और उसको साँस लेने में भी परेशानी हो रही थी। वरुण का लंड भी पूरे उबल पर था और अचानक उसने अश्मिता का सिर पकड़ कर जोर से अपना लंड पे दबा दिया। वरुण का लंड अश्मिता के मुह में जाकर फस गया अश्मिता की आँखें दर्द के मारे चौड़ी हो गई थीं और उसके गले से गु गु की आवाज निकल रही थी।
वो दर्द के मारे तड़प रही थी। फिर वरुण के लंड का पानी निकला और अश्मिता के गले में गिरने लगा। अश्मिता को न चाहते हुए भी वरुण का सारा पानी पीना पड़ा। अब वरुण ने लंड उसके मुह से बाहर निकाला और अश्मिता को पकड़ कर गाड़ी से बाहर ले आया। उसने अश्मिता को भी वंशिका के पास में लिटा दिया और उसके पेट पे बैठ गया।
अश्मिता का पेट दबने की वजह से उसे दर्द हो रहा था वो बोली प्लीज उठ जाओ मुझे उल्टी हो जाएगी। वरुण ने ये सुनते ही अपनी 3 उंगलीयों अश्मिता के मुह में डाल दी और बोला साली रांड मेरा लंड का पानी अगर बाहर निकला तो तेरी माँ चोद दूँगा। अब वरुण ने एक हाथ से अश्मिता का लेफ्ट बूब पकड़ लिया और दूसरे हाथ साइड पे लेटी हुई वंशिका का लेफ्ट बूब पकड़ लिया।
इसी तरह मैंने दोनों लड़कियों का राइट बूब अपने दोनों हाथों में पकड़ लिया। अब हम उन दोनों के चारों मम्मों को हॉर्न की तरह दबा रहे थे और उनके पेट पे उछल रहे थे। उनकी हालत बुरी हो चुकी थी। फिर वरुण उठा और उसने अश्मिता को पकड़ के उठाया और लेटी हुई वंशिका के पैरों के पास बिठा दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर उसने अश्मिता के कमर पे पैर रख के उसे नीचे दबाया जिससे उसका मुह वंशिका की चूत के पास आ गया। अब वरुण ने अश्मिता को कहा चल साली माँ की लौड़ी अपनी बहन की चूत चाट। अश्मिता ने अपनी जीभ निकाली और वंशिका की चूत चाटने लगी। वरुण ने उसकी कमर पे लात मारी और कहा साली जोर से चाट तेरी बहन की सिसकियाँ सुननी चाहिये।
लात लगते ही अश्मिता एकदम से वंशिका के ऊपर गिर गई और तुरंत उठ कर वंशिका की चूत जोर जोर से चाटने लगी। उसने अपनी जीभ वंशिका की चूत में डाल दी और चलाने लगी। अब वरुण ने अश्मिता के पीछे जाकर उसकी कमर को पकड़ के ऊपर उठा लिया और उसके पीछे जाकर उसकी गाँड पर 3-4 थप्पड़ मारे.
और फिर अपनी लंड निकाल कर उसकी गाँड पर लगा के एक जोरदार धक्का मारा तो अश्मिता आगे की तरफ गिर पड़ी जिससे वरुण का लंड उसकी गाँड से बाहर निकल गया। अब मैं बीच में आया और मैंने अश्मिता को फिर उसी पोजीशन में करके उसके पेट में हाथ डाल के पकड़ लिया और वरुण ने फिर अपनी लंड उसकी गाँड पा लगा के जोरदार धक्का मारा।
अश्मिता चिल्ला उठी मर गई……….. बचाओ……… कोई.. त्यू ………..बचाओ। प्लीज अपना लंड निकल लो………… मेरी गाँड फट रही है…….. इस तरह चिलाती रही। मैंने अश्मिता की कमर पकड़ रखी थी और वरुण उसकी गाँड में अंदर तक अपना लंड डालने की कोशिश कर रहा था।
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जब वरुण का काफी लंड अश्मिता की गाँड में चला गया तो वरुण ने तेज तेज धक्के मारने शुरू कर दिए। अश्मिता हड़ हड़ के साथ आगे की ओर जाने लगती पर मैंने उसकी कमर को पकड़ा हुआ था। अब वरुण ने स्पीड भड़ा दी और उसका लंड अश्मिता की गाँड में अंदर बाहर हो रहा था। अब मैं नीचे लेटी वंशिका के दोनों तरफ पैर करके खड़ा हो गया और मैंने अपना लंड अश्मिता के मुह में डाल दिया। अब अश्मिता की गाँड में और मुह में एक ही लंड डा। वरुण उसे धक्का देता तो मेरा लंड उसके मुह में अंदर तक चला जाता.
और जब वरुण लंड बाहर निकलता तो वो मेरा लंड भी उसके मुह से निकल जाता। इस तरह हम दोनों उसे कई देर तक चोदते रहे। वरुण हर धक्के के साथ कहता ले रांड और ले मेरा लंड अपनी गाँड में, तेरी गाँड का बुरा बना दूँगा, तेरी ऐसी हालत कर दूँगा के माँ की लौड़ी तू को अपनी दोनों टांगे चौड़ी कर के चलना पड़ेगा। वरुण का लंड उसकी गाँड में किसी बाँबू की तरह जड़ा हुआ था। इस तरह काफी देर तक उसकी गाँड मारने के बाद वरुण ने अपनी लंड बाहर निकाला और अपना पानी उसकी कमर पे गिरा दिया।
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