Sexy Girl Fuck Hindi Story
मेरा नाम आदित्य है। मेरी उम्र 29 साल है। मैं गुजरात का रहने वाला हूँ। मैं एक एजुकेशन सेंटर में जॉब करता हूँ और साइड में गिगोलो सर्विस भी देता हूँ। अगर किसी गर्ल्स, भाभी और आंटी को मसाज करवाना हो तो मैं मसाज बहुत अच्छा करता हूँ। मेरी बॉडी एवरेज है पर मेरा लंड 8 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है जो किसी भी गर्ल्स और अनसेटिस्फाइड महिला की चूत को संतुष्ट कर सकता है। Sexy Girl Fuck Hindi Story
मैं इस का बहुत बड़ा फैन हूँ और मैंने काफी सारी स्टोरीज़ इस पर पढ़ी हैं। अब मैं ज्यादा बोर न करते हुए अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह मेरी पहली रियल स्टोरी है। बात आज से करीब 10 साल पुरानी है। तब मैं 18 साल का था। मैं बड़ौदा अपने कजिन की शादी में गया था।
तब वहाँ से रात को देर से मैं और मेरे अंकल लौट रहे थे। रात बहुत होने के कारण मैं अपने अंकल के घर पर ही सो गया था। मैं अपनी ग्रैंडमदर के साथ सोया था। उनके बगल में दूसरा बेड था जो मेरी ग्रैंडमदर के बेड के साथ ही सटा हुआ था। मैंने देखा वहाँ पर दो और लड़कियाँ भी सो रही थीं। मैंने उन्हें पहचाना नहीं था कि वह कौन थीं।
मैं मेरी ग्रैंड मदर की एक साइड में सो गया जो दूसरे बेड से सटा हुआ था उस साइड। दोनों लड़कियों को देखकर मेरे अंदर का शैतान जग उठा। रात को अंधेरा बहुत था। मुझे उन दोनों लड़कियों के चेहरे साफ नहीं दिख रहे थे। मैंने दोनों के गालों पर किस किया। और मैं जिस बेड पर सोया था उससे जो सटे हुए बेड पर वह दोनों लड़कियों में से एक लड़की मेरी बिल्कुल बगल में ही थी।
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मैंने उस लड़की के बूब्स पर हाथ रख दिया। वाह! क्या सॉफ्ट बूब्स थे उसके। उसने कोई रिएक्शन नहीं किया तो मेरी और हिम्मत बढ़ गई और मैंने उसके बूब्स धीरे-धीरे दबाने लगा। वह गहरी नींद में थी या नाटक कर रही थी, मुझे पता नहीं, पर मुझे तो मजा आ रहा था।
मैंने फिर उसके बूब्स से होते हुए उसके पेट पर, फिर उसके होंठों पर हाथ फेरा। मेरा लंड लोहे के रॉड की तरह फनफना रहा था। मैं बेकाबू हो रहा था पर मैं कुछ कर नहीं सकता था क्योंकि मेरी ग्रैंडमदर मेरे बगल में सो रही थी। सो मैंने रात भर सिर्फ उसके बदन पर सिर्फ हाथ से ही खेलता रहा।
फिर जब मेरी सुबह आँख खुली तो मैंने देखा वह दोनों लड़कियाँ बेड पर नहीं थीं। तब मैं नींद में से उठा और उन्हें ढूँढने लगा। पर वह दिखीं नहीं। मुझे लगा वह शायद सपना तो नहीं था। फिर मैं अपने घर चला गया। फिर जब मैं शाम को अपने अंकल के घर गया तो उन दोनों में से जो मेरे बगल में सो रही थी, वह मेरे अंकल के लड़के के साथ खेल रही थी।
क्या फिगर था यारों! उसका रंग तो साँवला था पर उसकी नज़र बहुत कातिल थी। उसकी बूब्स तो काफी बड़े थे। उसका फिगर यही 36″-28″-38″। उसकी गांड़ तो मस्त गोल मटोल थी। दिल कर रहा था अभी ही उसकी गांड़ में अपना लंड डाल दूँ। पर मैंने अपने पर कंट्रोल करते हुए उसे हाय कहा।
उसने मुझे सेक्सी निगाहों से स्माइल दी। मुझे लगा शायद इसे पता चल गया है रात वाली हरकत का। पर मैंने भी स्माइल दी उसे। मैंने उससे पूछा, “तुम्हारा नाम क्या है?” तब उसने अपना नाम जानू (नाम बदला गया है) बताया। फिर उसने भी मेरा नाम पूछा तो मैंने भी अपना नाम बताया।
फिर उसने मुझसे कहा, “यहाँ पर कोई घूमने लायक जगह है कि नहीं?”
तो मैंने बोला, “है ना।”
तो उसने कहा, “मुझे घुमा आओगे?”
मैंने कहा नेकी और पूछ-पूछ।
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हम लोग काफी घुल-मिल गए थे। उसने अपनी दूसरी कजिन से पूछा तो उसने आने से मना कर दिया। वह भी कयामत थी। पर मुझे तो साँवली ही पसंद थी। फिर मेरी आंटी ने मुझसे कहा, “इसे कबीरवाड़ घुमा के आओ।” मैंने उसे अपनी बाइक पर बिठाकर कबीरवाड़ की ओर निकल पड़ा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
कबीरवाड़ एक पिकनिक प्लेस है। वह आइलैंड है। वहाँ जाने के लिए नाव में बैठकर जाना पड़ता है। वहाँ पर कॉलेज कपल्स बहुत आते हैं। मैं बाइक चला रहा था। हमारे शहर में रास्तों पर बहुत खड्डे हैं। जब भी कोई खड्डा आता था तब मैं ब्रेक मारता था तो उसके बूब्स मेरी पीठ पर टच होते थे तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। जैसे-तैसे मैंने अपने पर कंट्रोल किया और हम लोग कबीरवाड़ पहुँच गए। अब कबीरवाड़ जाने के लिए हमें नाव में जाना था।
वह कहने लगी, “मुझे तो नाव में डर लगता है।”
मैंने शरारत करते हुए कहा, “मुझसे पकड़कर बैठना।”
वह मुस्कुराने लगी। फिर हम नाव में बैठ रहे थे। पहले मैं नाव में चढ़ गया। फिर मैंने अपना हाथ उसे दिया और उसने मेरा हाथ पकड़कर नाव में आ गई। उसका हाथ मैंने पहली बार पकड़ा था। क्या सॉफ्ट हाथ थे उसके। उसका हाथ पकड़ते ही मेरा लंड खड़ा हो गया।
उस नाव में काफी लोग बैठे थे। वह मेरे बगल में मुझसे चिपककर बैठी थी। उसके बदन से क्या खुशबू आ रही थी और उसका सॉफ्ट बदन मेरे बदन से टच कर रहा था। मेरा लंड तो लोहे के रॉड की तरह गरम हो रहा था। जैसे-तैसे मैं कंट्रोल कर रहा था।
जब नाविक ने नाव चलाई तो वह डर के मारे मुझसे लिपट गई। उसके बूब्स मेरे सीने से दब रहे थे। तब मैंने उसके पीठ पर हाथ फेरा। अरे! क्या मजा आया, पूछो मत यारों। अब मैंने उसकी कमर पर से हाथ रखकर उसे पकड़ रखा था। भीड़ ज्यादा होने के कारण मैंने और ज्यादा किया नहीं।
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अब हम लोग कबीरवड़ पहुँच चुके थे। उसको वहाँ पर पहले घुमाया। फिर उसे उसके पीछे की साइड लेके गया। वहाँ पर बहुत सारे कपल्स बैठे हुए एक-दूसरे को किस कर रहे थे। उसकी और मेरी नज़र उन लोगों पर गई। वह शर्मा गई। फिर मैंने उसकी ओर देखा तो वह उन लोगों को देख रही थी। फिर उसकी नज़र मेरे ऊपर गई। वह फिर शर्मा गई।
हम चलते-चलते इतने आगे बढ़ गए कि वहाँ पर कोई पंछी भी नज़र नहीं आ रहा था। तब उसने मुझसे कहा कि “कल रात को तुम क्या कर रहे थे?” तब मैं डर गया। वह ज़ोर से मुस्कुरा दी मेरी सूरत को देखकर। फिर उसने मेरे गालों पर एक किस कर दिया। मैं समझ गया यह चुदक्कड़ है। मेरा काम हो जाएगा।
फिर मैंने उसे ज़ोर से पकड़कर उसके होंठों पर किस किया। थोड़ी देर बाद उसने भी रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया। उसके होंठ इतने रसीले थे कि क्या बताऊँ यारों। अब मैं उसके बूब्स को बारी-बारी एक हाथ से दबाने लगा और दूसरे हाथ से उसकी पीठ पर, फिर उसकी गोल मटोल गांड़ पर हाथ फेरा।
फिर मैंने उसे वहीं ज़मीन पर उसका दुपट्टा बिछाकर उस पर उसे लिटा दिया और उसके बदन पर किस करने लगा। फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया। उसने व्हाइट कलर की ब्रा पहनी थी। क्या लग रहे थे उसके बूब्स! मानो अभी ही बाहर आने को बेताब हो रहे हों।
मैं पागलों की तरह उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा और वह पागलों की तरह आवाजें निकाल रही थी, “ओह्ह्ह आदित्य प्लीज और ज़ोर से चूसो इन्हें, आज निचोड़ दो।” और फिर उसने मेरा सर अपने बूब्स पर दबा दिया। फिर मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया।
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फिर उसके बूब्स आज़ाद हो गए। क्या बूब्स थे यारों उसके! मैं तो देखकर ही पागल हो गया। फिर मैंने उसका पायजामा भी उतार दिया। अब वह सिर्फ पैंटी में थी। अब मैं उसके होंठों पर किस करते हुए उसके बूब्स पर, फिर उसके पूरे बदन पर, फिर उसके जाँघों पर किस किया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वह तड़प रही थी और कपते हुए कह रही थी, “मेरे राजा… और मुझे मत तड़पाओ… मुझे चोदो… मेरी चूत को फाड़ डालो… मैं कब से तड़प रही हूँ… आह्ह… ओह्ह… आउच…” अब मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। अब वह मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी। अब उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को देखकर डर गई और बोली, “अरे ये तो बहुत बड़ा है। मेरी तो आज चूत फट जाएगी।”
फिर मैंने कहा, “अरे रानी, पहले दर्द होगा फिर बहुत मजा आएगा।”
अब मैंने उसकी मक्खन जैसी चूत पर उँगली फेराई। उसकी चूत पर उँगली पड़ते ही वह बहुत उत्तेजित हो गई और बोली, “और मत तड़पाओ, चोदो मुझे।” अब मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ को फेरने लगा। वह उछाल रही थी। अब हम 69 पोजीशन में आ गए थे।
वह मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उसकी चूत को चाट रहा था। वह बहुत ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लगी। मुझे लगा यह तो चूसने में मास्टर है। उसकी चूत ने थोड़ी देर में ही पानी छोड़ दिया और मैं वह सारा पानी पी गया। क्या टेस्टी था। और वह मेरे लंड को बड़े प्यार से चूस रही थी। बाद में थोड़ी देर में मैं भी झड़ गया। वह मेरा सारा वीर्य पी गई।
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फिर भी वह मेरे लंड को चूस रही थी और मेरा लंड फिर से लोहे के रॉड की तरह तन गया। और वह बोली, “अब मेरी चूत में उसे डाल दो। मैं अब सब्र नहीं कर सकती।” फिर मैंने उसकी टाँगों को अपने कंधों पर रखकर उसकी चूत पर अपने लंड को रगड़ा और फिर उसकी चूत में एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरा लंड उसकी चूत में 2 इंच घुस गया। वह चीख उठी।
फिर मैंने उसके होंठों पर किस करते हुए उसे एक और ज़ोरदार धक्का मारा। मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया। वह बहुत ज़ोर से चिल्लाना चाहती थी पर मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए थे इसलिए उसकी चीख नहीं निकली पर उसके आँखों में से आँसू आ गए थे।
मैं अब वहीं रुककर उसे किस करता रहा, उसके बूब्स दबाता रहा। जब उसे राहत मिली और वह अपनी गांड़ उठाने लगी तब मैं समझ गया कि अब यह तैयार है। तब मैंने अपना सारा ज़ोर लगाते हुए इतना ज़ोरदार धक्का लगाया कि मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। वह मछली की तरह तड़पने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब मैं उसकी परवाह किए बगैर उसे चोदता रहा। वह दर्द के मारे तड़प रही थी। उसकी आँखों में से आँसू आ गए थे। वह रो रही थी। फिर भी मैंने परवाह नहीं की। मैं अपने लंड को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करता रहा। अब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ था। वह भी मजा ले रही थी और बोल रही थी,
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“और ज़ोर से… और ज़ोर से चोदो मुझे… मेरी चूत को फाड़ डालो… मेरी चूत का भोसड़ा बना डालो।” मैं उसकी ये आवाज़ सुनकर पागल हो गया और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। फिर उसको डॉगी स्टाइल में भी करके चोदा। उसे मैंने करीब 40 मिनट तक चोदा था। तब तक वह 4 बार झड़ चुकी थी और मैं उसे चोदता ही रहा, चोदता ही रहा। अब मैं भी झड़ने वाला था। तब मैंने अपना लंड उसकी चूत में से निकाला। तब मेरे लंड पर उसकी चूत से निकले हुए खून से भरा हुआ था। वह डर गई।
मैंने उसे समझाया और उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया। वह मेरा सारा वीर्य निगल गई। फिर मैंने उससे पूछा, “मजा आया?” तो उसने कहा, “आज तक मुझे इतना मजा नहीं आया।” उसने कहा, “मेरा बीएफ का तो तुमसे बहुत छोटा लंड है। उसने आज तक मेरी सील नहीं तोड़ी थी। आज तूने मुझे लड़की से औरत बना दिया। थैंक यू।” मैंने कहा, “इसमें थैंक यू की क्या बात है, ये तो मेरा फर्ज था।” अब मैं तुम्हें अगली स्टोरी में बताऊँगा कि मैंने उसकी गांड़ कैसे मारी और उसकी दूसरी कजिन को कैसे चोदा।
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