Porn Kahani
हेलो फ्रेंड्स, मैं शिवानी अगेन विद अदर थ्रिलिंग स्टोरी। एट दैट टाइम आई वॉज जस्ट 23, एंड आई डोंट लेस्बियन विद टू मेनी गर्ल्स। हुआ कुछ ऐसा कि मुझे जॉब मिल गई थी अंडरगारमेंट की शॉप में एस सेल्स पर्सन्स। यहाँ कंप्लीट स्टाफ फिमेल का ही था, जस्ट गेट कीपर्स आर द मेंस। मुझे अभी महीना ही हुआ था यहाँ जॉब को। Porn Kahani
मैं काउंटर पर खड़ी थी अपनी फ्रेंड के साथ। एक बहुत ही खूबसूरत 26-27 साल की गर्ल, वेरी प्रिटी, नाइस बिग टाइट बूब्स। व्हेन आई सॉ आई इमैजिन अबाउट हर बूब्स इज अराउंड 36, बिग ऐस लुक्स लाइक 38, व्हाइट स्किन कलर, नाइस फिगर एंड वेस्ट इज जस्ट 30।
जब मैंने उसे देखा तो मेरी चूत में आग लग गई। क्या गज़ब की लड़की थी। मेरा तो दिल कर रहा था कि यह मुझे ऑफर करे इसके लिए तो मैं जॉब भी छोड़ दूँ। मेरी शॉप में लेडीज कॉस्मेटिक से जीन्स, लेडीज ड्रेसेस और अंडरगारमेंट्स हर तरह की लेडीज शॉपिंग अवेलेबल थी। आई वॉज हैंडलिंग अंडरगारमेंट्स एंड फिटिंग जीन्स। वह किसी बहुत बड़े घर की लड़की लग रही थी। मैंने उसे फर्स्ट टाइम अपनी शॉप में देखा था। वह सीधा मेरे पास आई और पूछा, “टीना कहाँ है?”
तो मैं बोली, “वह आज छुट्टी पर है। मुझे बताएँ मैं आपकी क्या सेवा कर सकती हूँ?”
“हाँ तुम न्यू हो?”
“येस, 1 महीना तो ही गया है।”
“ओके, मुझे अगर न्यू फैशन में आया हो तो वह दिखाओ।”
“हाँ आया तो है मगर अभी पैकिंग में है।”
तो वह बोली, “मुझे दिखा सकती हो?”
मैंने उसे कहा, “प्लीज वेट व्हाइल आई वॉज कन्फर्म टू माई बॉस।”
उन्होंने कहा, “ओके आई एम वेटिंग।”
मैंने इंटरकॉम से अपनी बॉस से बात की। वे सामने केबिन में बैठी थीं। जब उन्होंने इस लड़की को देखा तो फौरन बोलीं, “हाँ इसे ऊपर ही ले जाओ स्टोर में।”
तो मैंने कहा, “तो तो लॉक है और टीना आज छुट्टी पर है, की तो उसके पास थीं।”
“नहीं मेरे पास स्पेयर हैं, तुम मुझसे कलेक्ट कर लो।”
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मैं की लाकर उसे ऊपर स्टोर में ले गई। मैंने रूम का लॉक ओपन किया और स्टोर की लाइट जला दी। यह एक छोटा-सा रूम था जिसमें सिर्फ हमारी काउंटर की थिंग्स पड़ी होती हैं। हर काउंटर का स्टोर सेपरेट है। मैंने उसे एक स्टूल दिया बैठने को। मैंने उस दिन स्कर्ट पहनी थी जिससे मेरी हाफ लेग्स नंगी थीं।
मुझे एक आइडिया आया। मैं उसके पास ही स्टूल रखकर खड़ी हो गई। स्टूल काफी ऊँचा था। मैं स्टूल पर खड़ी थी जिससे मेरी पैंटी उसे नीचे से दिख रही थी। मैं अचानक उससे बोली, “तुम्हें यह सॉफ्ट ब्लाउज (फोम वाली) दिखाऊँ?” जब मैंने उसे देखा तो वह डर गई क्योंकि उसकी नजर मेरी नंगी लेग्स पर थी।
“हाँ दिखा दो,” घबराकर वह बोली।
मैं स्टूल से नीचे उतरी और धीरे से बोला, “यह ब्लाउज दिखाऊँ या अपना?”
उसने पूछा, “क्या?”
मैंने कहा, “कुछ नहीं, यह न्यू और लेटेस्ट आई है अभी तक डिस्प्ले में नहीं लगाई।”
“नहीं मुझे यह टाइट लगती है।”
“नहीं तुम्हारे साइज पर फिटिंग में आ जाएगी, टाइट लगेगी इसमें बूब्स।”
“अच्छा तुम्हें क्या पता मेरे साइज के बारे में?”
“हाँ 36 है ना राउंड अबाउट।”
वह मुझे घूरकर देखने लगी और बोली, “हाँ मगर तुम्हें……”
मैं बोली, “काम जो यही करती हूँ।”
“अच्छा लेट मी ट्राई।”
“हाँ ट्राई कर लो। डोर तो लॉक करो।”
“नहीं यहाँ कोई नहीं आएगा, तुम फ्री होकर चेंज कर सकती हो।”
“हाँ ठीक है मगर इसके साथ की पैंटी कहाँ है?”
“ओह सॉरी मैं भूल गई, अभी उतारती हूँ।”
फिर मैंने स्टूल पर खड़ी होकर लेग्स ओपन कर दीं जिससे मेरी व्हाइट साफ लेग्स उसे और भी मस्त कर रही थीं। वह थोड़ा आगे हुई और मेरी चूत दिखने लगी।
मैंने ऊपर से कहा, “आहिन,” मगर उसकी तरफ देखा नहीं। वह पीछे हटकर बैठ गई। फिर मैंने उसे पैंटी भी उतारकर दे दी। वह अपनी शर्ट उतारने लगी फिर पेंट भी। मिरर में मैं पीछे खड़ी देख रही थी। उसका जिस्म कयामत था। ऐसा नहीं लग रहा था कभी किसी ने हाथ लगाया हो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर उसने अपनी ब्लाउज खोल दी और बूब्स नंगे कर दिए। फिर पैंटी भी उतार दी। अब बिल्कुल नंगी। इससे मेरी चूत में लगी हुई आग और भी भड़क उठी। और मैं मिरर में उसकी नंगी बॉडी को देखकर चूत मसलने लगी। उसने मुझे और देखा और मुझे कहा, “जरा यह हुक तो बाँध दे।”
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मैं आगे हुई मगर हुक बाँधने की बजाय उससे चिपक गई।
वह बोली, “यह क्या कर रही हो? मैं तुम्हारी शिकायत करूँगी नीचे।”
मैंने कहा, “ओके ठीक है तो फिर पूरा मजा लेती हूँ। अब तो मेरी जॉब गई तो फिर तुम्हारा मजा भी न लूँ?”
मैंने उसके बूब्स पकड़कर दबाना शुरू किया। उसकी बैक साइड नेक पर किसिंग करते हुए उसे अपनी बाँहों में दबोच लिया। वह बिल्कुल कुछ नहीं बोल रही थी। मैंने उसकी चूत पर हाथ रख दिया और उसकी गरम चूत को मसलने लगी। तकरीबन 5 मिनट में ही उसकी चूत ने पानी निकाल दिया। मगर मैं फिर भी उसके साथ पीछे से चिपकी रही।
वह बोली, “अब बस करो कोई आ जाएगा।”
मैं बोली, “आने दो। मुझे तो तुम बहुत स्वीट लगीं। ऐसे ही रहने दो।”
लेकिन वह किसी के आने की वजह से डर रही थी।
“देखो प्लीज जो करना है जल्दी करो।”
मैंने उसका हाथ पीछे करके अपनी पैंटी में डाल दिया। वह मेरी चूत को तेजी से सहलाने लगी।
फिर मैंने कहा, “अब फिंगर डाल मेरी चूत में।”
“कितनी?”
“2 डाल और मेरी चूत में तेजी से घुमा।”
फिर वह सीधी हो गई और मैं उसके बूब्स को चूसने लगी और वह मेरी पैंटी में हाथ डालकर चूत में फिंगरिंग करती रही। मैंने अपना हाथ की फिंगर उसकी गाँड़ के छेद में डाल दी और उसकी गाँड़ में फिंगरिंग करती रही। 10 मिनट में मेरी चूत भी पूरे तरह गीली हो गई।
“जल्दी करो मेरी चूत का पानी निकालो आह हाँ और तेज-तेज प्लीज आह्ह्ह आह्ह्ह।”
मैं आहिस्ता-आहिस्ता सिसकारियाँ ले रही थी।
“आह्ह्ह मेरी चूत मैं फुल जोश में थी। मैं उसकी गाँड़ के हिप्स को पकड़कर जोर से दबा रही थी। वह भी मेरी चूत में फिंगरिंग कर रही थी। आह्ह्ह प्लीज जल्दीईईई आह्ह्ह और तेज। तेरे बूब्स आह्ह्ह रंडी जल्दी कर। चोदाकर बन जा। मेरी चूत की प्यास बुझा दे। बहनचोद गांडू गश्ती रंडी हरामी मादरचोद तेज-तेज-तेज आह्ह्ह और तेज आह्ह्ह।”
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बस फिर मेरी चूत एकदम शांत हो गई। उसने जल्दी से कपड़े पहने और बोली, “4 सेट निकाल दे और 2 जीन्स की पेंट्स और 2 टी-शर्ट्स।”
मैंने जल्दी से निकाल दीं। उसने साइज भी नहीं देखा और नीचे चली गई। मैं भी काउंटर पर खड़ी हो गई और उसे देखने लगी। उसने बिल कटवाया और मेरी तरफ आई। बैग में से एक कार्ड निकाला और बोली, “आज रात यहाँ आ जाना।”
मैंने आराम से कहा, “क्यों बदला लेना है मेरी चूत किसी मर्द से चुदवाकर?”
वह बोली, “तू आ गई तो बताऊँगी।”
मैं 7:00 पीएम पर छुट्टी करके उसके दिए हुए कार्ड को पढ़ने लगी। यह तो सिटी से दूर किसी फार्म हाउस का एड्रेस है। मैंने अपने सेल से उसे कॉल लगाई कि मुझे शॉप पर से पिक कर ले। वह बोली, “मेरा ड्राइवर तुझे पिक कर लेगा।” उसने गाड़ी का नंबर भी बता दिया। मैंने 40 मिनट इंतजार किया तो उसकी कार आ गई।
“शिवानी मैडम?”
“येस आया बताहिन।”
फिर ड्राइवर मुझे उसी फार्म हाउस पर ले गया जिसका एड्रेस लिखा हुआ था।
ड्राइवर ने मुझे डोर पर ही उतारकर गार्ड से बोला, “इन्हें मैडम ने बुलाया है।”
“ओके।”
फिर गार्ड ने इंटरकॉम पर मैडम से बात की। मेरा नाम पूछा और मुझे कहा, “आप जा सकती हैं।”
मैंने फ्रंट डोर पर नॉक किया मगर कुछ रिस्पॉन्स नहीं आया। मैं डर भी रही थी मगर एक्साइटेड भी बहुत थी।
“चलो भी होगा लंड या फुद्दी देखी जाएगी।”
2 बार नॉक करने से भी दरवाजा नहीं खोला। मैंने लॉक घुमाया तो डोर तो ओपन था। मैं अंदर चली गई। मैंने उसके कार्ड पर उसका नाम पढ़ लिया था। मैंने अंदर आकर आवाज लगाई, “सपना, सपना, सपना।” एक बुढी औरत आई और बोली, “आप यहाँ बैठाहिन मैडम आ रही हैं।”
मैं बैठ गई और मेरी नजर टेबल पर पड़े हुए मैगजीन पर पड़ी जो प्लेबॉय था। मैं उस पर बनी पिक्चर्स देखने लगी। थोड़ी देर बाद वह बुढी औरत ने मुझे बोला, “खाना लगा दिया है आप खा लें।”
मैंने पूछा, “सपना कहाँ है?”
वह बोली, “आप खाना खा लें वे अभी आती हैं।”
फिर वह औरत वहाँ से चली गई। मुझे बहुत जोर की भूख लगी थी। मैंने जल्दी से डिनर शुरू कर दिया। डिनर में 4 डिशेज थीं, बॉइल्ड राइस, चिकन, सब्जी और शायद चाइनीज। यह सब मैंने पहले एक साथ नहीं देखी थीं। मैंने सब का थोड़ा-थोड़ा टेस्ट कर लिया। सब ही बहुत अच्छी पकी हुई थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
खाने के बाद मुझे उस औरत ने कहा, “आपकी मैडम ऊपर वेट कर रही हैं।”
बहुत अमीर लड़की थी। घर की हर चीज इंपोर्टेड लगती थी। मेरे जहन में एक आइडिया आया। मैं ऊपर चली गई उसके रूम में। नॉक किया तो सपना बोली, “कम इन।” मैं अंदर गई तो मैं रूम की डेकोरेशन देखती ही रह गई। बहुत ही खूबसूरती से हर चीज रखी हुई थी।
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“क्या देख रही हो?”
“हाँ कुछ नहीं।” (आई एम जस्ट कंफ्यूज्ड) मैं उसके रूम में देखने लगी कहीं कोई है तो नहीं। उसके रूम का बाथ, फिर हर चीज को देखा कोई कैम तो नहीं है।
तब सपना बोली, “डोंट वरी देयर इज नो वन एक्सेप्ट यू एंड मी इट्स माई पर्सनल फार्म हाउस।”
“नहीं ऐसा तो कुछ नहीं। कुछ तो है जो तू ऐसा देख रही है। सपना तुमने मुझे यहाँ क्यों बुलाया?”
“तुमसे सेक्स का जी किया। तुम मुझे अच्छी लगीं इसलिए।”
“वह तो मैं हूँ मगर इतनी जल्दी क्यों? आई एम कंफ्यूज्ड।”
“तुम ब्रेव हो। तुमने शॉप में यह भी नहीं सोचा कि तुम्हारी जॉब चली जाएगी। दैट्स व्हाई आई लाइक यू।”
“अच्छा तो बोलो क्या करना है?”
“हाँ बताती हूँ।”
वह मेरा बैग पकड़ा। मैंने सपना को बाध दे दिया। उसने 500 रु. का 2 नोट मुझे दिया बिना गिना हुए और बोली, “यह रख ले और मुझे खुश कर दे।”
“नहीं मैं तोफन के लिए आई थी।”
“मैंने सब जान लिया है। तू हॉस्टल में रहती है आदि आदि… यह तेरे काम आएगा रख ले। अगर कम हैं तो और भी ले। यह ले।”
उसने 500 रु. का 2 और नोट निकालकर दिया। मैं खुश हो गई यह मनी देखकर। मैंने पैसा लिया और मैं बोली, “मुझे जॉब की जरूरत है।”
“वह भी मिल जाएगी अगर तू मुझे सैटिस्फाई कर दे।”
“ठीक है मगर तेरे पास कुछ है भी या नहीं?”
“क्या मतलब?”
“अरे डिल्डो या ल सच लाइक दैट?”
“नहीं कुछ नहीं। अगर तुझे पता है तो मुझसे पैसा ले और ला आना नेक्स्ट टाइम।”
“नहीं इंटरनेट शॉपिंग से तुम खुद ही लाना।”
“ओके मुझे शांत कराएगी?” सपना बोली।
“हाँ क्यों नहीं।”
“पहले किसी से किया है?”
“किया। सपना इसीलिए तो तुझे शॉप में देखकर पकड़ लिया। बड़े दिनों से एक्स नहीं किया था। आज तुझे देखकर मेरी चूत में खुजली शुरू हो गई।”
वह अपनी नाइटी खोलकर बोली, “अब खुजली हो रही है?”
“हाँ मगर……”
“अरे डर मत। कोई नहीं है और कोई नहीं आएगा।”
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फिर मैंने अपनी शर्ट और स्कर्ट उतार दीं। ब्लाउज और पैंटी भी। बिल्कुल नंगी हो गई। सपना ने भी नाइटी उतार दी और नंगी हो गई। सपना बेड पर बैठी थी। मैं उसके फीट के पास बैठकर उसके फीट्स को रब करने लगी। मैंने उसकी फीट का थंब मुँह में ले लिया और चाटने लगी। वह आराम से बैठी थी। फिर मैं थोड़ा आगे बढ़ी और उसकी लेग्स को चाटने लगी अपनी जुबान से। और हैंड्स से भी उसकी लेग्स को रब करती रही।
फिर मैंने उसके बूब्स पर हाथ रख दिया और बोली, “मैरिड हो?”
“सपना हाँ।”
“हस्बैंड से खुश नहीं हो?”
“हूँ मगर टाइम नहीं है। इसलिए मेरी फिंगर्स का जादू देखोगी।”
“हाँ दिखाओ। डर्टी सेक्स या नॉर्मल?” “देखती हूँ। फुद्दी चाटेगी मेरी?”
“हाँ। मेरी मोटी गाँड़ कैसी लगी तुझे?” मैंने उसकी तरफ करके पूछा।
“बहुत अच्छी मोटी-सी। तू मेरी चूत का वीर्य पिएगी?”
“हाँ अगर तू पिलाएगी। अगर मैं तेरे बेड पर पिस कर दूँ तो?”
“मैं वह भी चाट-चाट कर पी लूँगी। मेरी फुद्दी के अंदर अपनी जुबान डालेगी?”
“हाँ दूँगी। बू नहीं आएगी?”
“इसके लिए स्वीट्स हैं मेरे पास। मेरे हस्बैंड यूज करते हैं मेरी चूत चाटने के लिए। तू उस लंड चाटती है?”
“हाँ। पूरा मुँह में लेती है?”
“हाँ पूरा। गाँड़ मरवाती होगी उससे?”
“हाँ सब कुछ करती हूँ।”
इसी बीच मैं उसके बूब्स भी दबा रही थी और फुद्दी भी मसल रही थी। उसकी फुद्दी के दाने को पकड़कर जोर से दबाया।
“आह्ह्ह्ह्ह क्या हुआ सपना?”
“हस्बैंड की याद आ गई। अब मेरी याद आया कराएगी तुझे।”
वह मेरे लिप्स पर किस करना चाह रही थी मगर मैं उसकी चीक्स पर जुबान मारकर पीछे हो जाती। वह तड़पने लगी मेरे लिप्स का रस पीने के लिए। मैं उसे तड़पा रही थी उसकी अंदर की भूख को जगा रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“तो तू गाँड़ से शुरू करेगी या फुद्दी से?”
“जहाँ से तेरी इच्छा हो वहाँ से शुरू कर दे। कोई जल्दी है या कहीं जाना है?”
“नहीं कहीं नहीं जाना और न जल्दी है तो फिर ठीक है सब कुछ आराम से करूँगी। चल तेरी मर्जी। तू कुछ नया करेगी?”
“क्या मतलब?” मैं बोली।
“कुछ न्यू या बस ट्रेडिशनली मेरी चूत में फिंगर डालेगी और मेरी किसिंग करती हुई बूब्स चाटती रहेगी?”
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“तो और क्या करूँ? अपनी गाँड़ से टट्टे निकालकर तेरे मुँह में डालूँ? तेरी चूत में पेट्रोल डालकर आग लगाऊँ? या फिर तेरे बूब्स में करंट का झटका दूँ? करंट से बड़ा झटका और पेट्रोल की जलन से ज्यादा इस वक्त मेरी बॉडी गरम है। नहीं मुझे नहीं लग रही। तू तो ठंडी है बिल्कुल। अगर तू गरम होती मुझे अपने साथ चिपका न लेती।”
“तो तू बता ना कुछ नया करेगी?”
“क्या न्यू होता है सेक्स में? मुझे बता। कभी लंड, चूत, मुँह और गाँड़ के अलावा कभी किसी ने ईयर में भी डाला है?”
“तू कैसी बातें कर रही है? मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रही। सेक्स तो सिंपल रोज एक ही जैसा होता है मगर बस पोजीशन चेंज हो जाती है।”
“हाँ यह भी है। तू भी ठीक कह रही है। मगर मैं चाहती हूँ कुछ न्यू हो।”
“ओके मुझे कुछ आइडिया तो दे लाइक तू क्या चाहती है?”
“हाँ रुक सोचने दे… ओन ओन ओन।”
“यार कुछ समझ नहीं आ रही। कुछ तो न्यू तू ही बता दे। सच बताऊँ मुझे तो बस यही पता है चूत में जो मिला घुसाकर चूत को शांत कर दो।”
“नहीं इतनी सीधी तो तू है नहीं। अच्छा कुछ डर्टी करें?”
“लो जी सेक्स शुरू हुआ नहीं बच्चा पहले से पैदा कर दिया।”
“नहीं सपना बोली कुछ डर्टी?”
मैं अब तंग आ गई थी सपना की इन बातों से। मुझे गुस्सा आया। मैंने अपनी चूत सपना के मुँह पर रखी और अपनी चूत का सारा पेशाब उसके मुँह पर कर दिया।
फिर मैं बोली, “अब मजा आया?”
वह बोली, “हाँ आया मगर बहुत हॉट था।”
मैंने कहा, “अब कुछ और कहा तो इस बार टट्टे कर दूँगी।”
“नहीं ऐसा मत करना।”
“तो फिर न्यू बता या मैं ही शुरू करूँ।”
“हाँ कर शुरू अगर कुछ न्यू करेगी तो।”
इससे मुझे और भी गुस्सा आया मगर वह गश्ती की बच्ची मेरे पेशाब करने पर भी खुश थी। इससे ज्यादा मैं उसके साथ क्या कर सकती थी।
“हाँ एक न्यू डर्टी थिंग है जो मैंने कभी न फिल्म्स में देखी है न रियल में ट्राई की है।”
सपना जल्दी से बोली, “वह क्या?”
मैंने कहा, “तू अपनी चूत थोड़ी-सी खोल ले मैं अपनी।”
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फिर मैं लेट गई। सपना को अपने ऊपर आने दिया। अपनी चूत को सपना की चूत के पास मिलाकर सपना से बोली, “हाँ अब तू अपनी चूत का पेशाब मेरी चूत में कर दे।”
“इससे क्या मजा आएगा?” “तू कर ना फिर बताती हूँ।”
फिर सपना ने थोड़ी-सी पिस मेरी चूत के अंदर डाल दी।
मैंने सपना से कहा, “अब जल्दी से अपना मुँह मेरी चूत के साथ जोड़ दे।”
उसने जोड़ दिया। मैंने जोर लगाकर सपना का पेशाब उसी के मुँह में वापस फेंक दिया।
“कैसा लगा टेस्ट?”
“हाँ बहुत स्वीट है।”
“तू पिएगी?”
“नहीं।”
सपना ने इंसिस्ट करते हुए कहा, “प्लीज।” फिर सपना ने टेबल से 2 ग्लास उठाए और कहा, “इसमें एक में तू पेशाब कर दूसरे में मैं करती हूँ।”
चूँकि हमने पहले ही पेशाब निकाल दिया था मगर थोड़ी जोर से चूत में से कुछ पेशाब निकला। सपना ने अपना ग्लास मुझे दे दिया और मुझसे ले लिया। सपना और मैं एक-दूसरी की चूत का पेशाब मुँह में रखने के बाद एक-दूसरी के ऊपर फेंक दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“बस यह और डर्टी?”
“यह तो कुछ नहीं था। अभी और।”
सपना ने इंटरकॉम पर अपनी फिमेल मेड से कहा कि वह पिज़्ज़ा लाए। वह जल्दी से गरम-गरम पिज़्ज़ा लाई।
सपना ने कहा, “तेज-तेज फिंगरिंग करके अपनी चूत का वीर्य इस पिज़्ज़ा पर डाल।”
मैंने 7 से 8 मिनट और सपना ने भी इतने ही देर लगातार चूत में फिंगर डाली तो दोनों का वीर्य पिज़्ज़ा पर आ गया। अब सपना ने मुझे और खुद भी पिज़्ज़ा पर पड़े हुए हम दोनों के वीर्य चाटकर पूरा पिज़्ज़ा पर लगाने को कहा और ऐसा ही हुआ। फिर हम दोनों ने उस पिज़्ज़ा का छोटा टुकड़ा उठाया और एक-दूसरी की चूत पर मलकर खाने लगीं।
जब वह हमारे मुँह में छोटे-छोटे क्यूब्स की शक्ल में पिघल गया तो मैं और सपना किसिंग करने लगीं। जिससे सपना के मुँह का पिज़्ज़ा मेरे मुँह में और मेरे मुँह का पिज़्ज़ा सपना के मुँह में आ गिरा। और हम दोनों ने खा लिया। ऐसा 3-4 बाइट्स हम दोनों ने खाए।
“सपना अब तू मेरी चूत के अंदर अपनी जुबान डालकर चाट। पूरे अंदर डालकर अंदर से चाट।”
“ठीक है।”
सपना ने मेरी लेग्स को ओपन करके चूत में जुबान डालकर अंदर तक चाटने लगी।
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“तुझे बू नहीं आ रही?”
“अरे इतनी स्वीट परफ्यूम की तरह की स्मेल है। तू बू कह रही है।”
थोड़ी देर बाद सपना ने कहा, “चल तू ऐसा मेरी फुद्दी चाट।”
“ठीक है।” मैं सपना की चूत में जब अंदर जुबान डाली तो मुझे कही आ गई। सपना ने मुझे ड्रॉअर में से एक टैबलेट निकालकर दी और बोली, “इसको चूस ले।” 1 मिनट से भी कम वक्त में वह टैबलेट मेरे मुँह में घुल गई जिससे मेरे मुँह का टेस्ट खत्म हो गया। “चल अब चाट मेरी फुद्दी को।”
फिर जब मैंने जुबान चूत के अंदर डाली तो मुझे वह स्मेल अच्छी लगने लगी। और मैं 5 मिनट तक जुबान चूत के अंदर डालकर चाटती रही। फिर 69 की पोजीशन में आकर हमने एक-दूसरी की चूत में फिंगर के साथ जुबान भी डाल दी और एक-दूसरी की फूदियाँ मारने लगीं।
सपना कभी अपनी एक मेरी गाँड़ में डालती और फिर निकालकर अपने मुँह में डालकर बोलती, “अरे तेरी गाँड़ में पॉटी है। बहुत स्मेल आ रही है मेरी फिंगर से।” फिर वह फिंगर मेरी चूत में घुसा देती। ऐसा करीब 20 मिनट रहा मगर मैं और सपना अभी भी शांत नहीं हुई थीं।
यह दूसरे बार थी इसलिए देर लगी। फिर मैं और सपना एक-दूसरे को हग करने लगीं। इससे हमारी फुद्दिया जुड़ गईं और हम दोनों एक-दूसरे का घसा लगा रही थीं। “यार आज तो बहुत मजा आ रहा है।” सपना बोली। मैं चुप रही। फिर लास्ट राउंड फिंगरिंग के साथ लिया।
एक-दूसरे के सामने बैठकर एक-दूसरे की फुद्दी में फिंगर डालकर मजा लेती रहीं और हमारी फूद्दीयों ने वीर्य दूसरी बार निकाल दिया। थोड़ी देर शांत रहने के बाद सपना मुझे वॉशरूम में ले गई। वहाँ उसने बाथटब में पानी में कुछ केमिकल मिला दिया और बोली, “इसमें बाथ ले। तेरी जिल्द पर जितने जर्म्स हैं वे खत्म हो जाएँगे।”
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पहले मैंने फिर सपना ने बाथ लिया। इस वक्त रात 3 बज चुका था। सपना ने मुझे एक फेस पर लगाने के लिए क्रीम दी जो इंपोर्टेड थी। मैंने पूछा, “यह सब क्या है?” तो सपना बोली, “डर्टी सेक्स के बाद यह हमारी जिल्द पर जो जर्म्स हैं वे खत्म कर देगी।” “आह ओके।” फिर सपना ने मुझे 2 टैबलेट्स वॉटर के साथ दे दीं और बोली, “अब तुम पूरे तरह जर्म्स से साफ हो गई हो। और देखो जब भी डर्टी सेक्स करो इसके बाद तुम यह जरूर इस्तेमाल किया करो।”
फिर सपना मुझे नीचे ले आई। उसे भूख लगी थी। उसकी मेड किचन के पास सोई थी। सपना ने उसे उठाया बोली, “बुआ मुझे भूख लग रही है कुछ खाने को मिलेगा?” तो फौरन उठ गईं और बोलीं, “बेबी मैं लाती हूँ तुम बैठो।” इससे पहले मैंने सपना से बहुत कहा मैं खाना गरम कर दूँगी मगर उसने अपनी ओल्ड एज फिमेल को नींद से उठाकर खाना तैयार करवाया और फिर मैंने और सपना ने सुबह के तकरीबन 4 बजे डिनर किया। मेरे लिए तो यह ब्रेकफास्ट था क्योंकि डिनर तो मैं 10 बजे कर चुकी थी।
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