Hot Mami Bhanja Chudai Kahani
मेरा नाम वीनू है। मैं पंजाब से हूँ, पाक बॉर्डर के पास। मैं आपको अपनी एक सच्ची स्टोरी बताने जा रहा हूँ जो आज से 6 साल पहले की घटना है। मुझे पता है कि आप सबको मेरी ये कहानी पसंद आएगी। अब मैं पहले अपने बारे में बताता हूँ। मेरी उम्र 30 साल की है। मेरी बॉडी फिटिंग काफी अच्छी है। मैं एक शादीशुदा हूँ, मेरी शादी हुए करीब 5 साल हो गए हैं। Hot Mami Bhanja Chudai Kahani
अब मैं अपनी कहानी की तरफ आता हूँ। मुझे जब भी फ्री टाइम मिलता, मैं अपने मामा के रहने के लिए चला जाता था। वहाँ मैं कभी 17-18 दिन तक लगातार रहता था। मेरी मामी मुझसे उम्र में 3 साल बड़ी हैं। ये उस समय की घटना है जब मैं 24 साल का था।
मेरी मामी हमारे यहाँ दिसंबर की छुट्टियों में रहने के लिए आई हुई थीं। मेरी मामी की फिगर बहुत सेक्सी है, उनकी फिगर 34-30-36 है। वो घर में साड़ी पहनकर रखती हैं लेकिन रात को वो नाइटी डालकर सोती हैं। मैं अपने घर में ऊपर वाले रूम में अकेला सोता हूँ।
एक दिन मैंने मामी को बोला कि आंटी आप ऊपर सोना पसंद करेंगी तो उन्होंने फट से हाँ कर दी। मैं अंदर ही अंदर बहुत खुश था क्योंकि मेरी तमन्ना पूरी होने जा रही थी। मैं अपनी मामी पर तब से फिदा था जब से वो शादी करके मेरे मामा के घर आई थीं।
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मेरी तब से तमन्ना जाग उठी थी कि मैं मामी को एक दिन जरूर चोदूँगा। एक बात आपको बताना चाहता हूँ कि मैं लड़कियों के मम्मों को चूसने का बहुत शौकीन हूँ। तब से किसी न किसी बहाने मामी के पास आ जाता था और उनके मम्मों को देखता रहता था लेकिन उनको पता नहीं चलता था।
एक दिन मैं उनके ससुराल में मतलब अपने मामा के घर मामी के रूम में टीवी देख रहा था तो उन्होंने पूछा क्या मुझे बाजार छोड़ दोगे तो मैंने झट से हाँ भर दी। वो तैयार होकर आईं और हम बाइक पर बैठकर बाजार की तरफ चल पड़े। रास्ते में मैंने बाइक ब्रेक बार-बार मारा तो उनके स्तन मुझे टच हो जाते।
मेरा लंड तभी हरकत में आ जाता था। मैंने मामी को बोला आप ठीक से बैठी हैं ना, कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना। तो उन्होंने कहा ब्रेक से ध्यान से लगाओ मैं गिर न जाऊँ। तो मैंने मजाक में बोला कोई बात नहीं, हम हैं संभालने के लिए। तो वो थोड़ा मुस्कुरा दी। हम पूरे 1 घंटे बाद घर को गए।
घर पहुँचकर मामी ने मुझे पहले पानी पिलाया फिर चाय पूछी तो मैंने कहा अगर आप पियोगी तो मैं भी पी लूँगा। मेरे वहाँ काफी दिन बीत जाने के बाद मैं अपनी के साथ ही अपने घर आ गया। एक दिन जब मैंने उनको अपने रूम में सोने के लिए बोला तो वो नाइटी डालकर ऊपर चल पड़ीं।
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मैं भी पीछे-पीछे चल पड़ा। ऊपर जाकर मैंने टीवी चला कर उसमें कोई सेक्सी चैनल ढूंढने लग पड़ा क्योंकि मैं मामी के साथ कभी नॉन-वेज बातें कर लेता था लेकिन कभी ज्यादा सेक्स की बातें कभी नहीं की थीं। लेकिन आज रात तो मेरा जैसे सपना पूरा होने वाला था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जब हम बेड पर लेटे हुए थे तो मैंने मामी की बॉडी की बहुत तारीफ की। वो बीच-बीच में खुश होती थीं। आधी रात को अचानक मेरी नींद खुली। टाइम 2 बजे का था। मैंने देखा कि मामी गहरी नींद में सो रही हैं। तो मुझसे रहा नहीं गया तो मैं अपना हाथ उनके मम्मों की तरफ बढ़ाना शुरू किया।
मुझे डर भी लग रहा था लेकिन उनके साँस लेने से उनके वक्ष ऊपर-नीचे हो रहे थे। ये देखकर मुझसे रुका नहीं गया। मैंने लेटे-लेटे ही उनके मम्मों के ऊपर ही आराम से हाथ फेरना शुरू किया। वो उसी तरह ही सो रही थीं। लगभग मैं 5 मिनट तक ऐसे ही अपना हाथ उनकी नाइटी के ऊपर से ही चला रहा था.
लेकिन उनकी तरफ कोई विरोध न होने के कारण मेरी हिम्मत और बढ़ी तो मैंने हाथ नाइटी के अंदर डाल दिया और साइड मम्मों को ब्रा से बाहर निकाल दिया। जब मैंने चुचियों को गोल-गोल घुमाने लगा तो मामी एकदम खड़ी हो गई। मैं घबरा गया तो जो उन्होंने उस समय बोला मैं हैरान रह गया।
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उन्होंने कहा मैं तो अपने ससुराल में भी तुम्हें अपना दूध पिलाना चाहती थी। मुझे पता था तुम बाइक की ब्रेक बार-बार मार रहे थे, मेरी ब्रेस्ट तब तुम्हारे पीछे लग रही थी। मैं हँस पड़ा तो वो भी मुस्कुरा दी। फिर मैंने टाइम वेस्ट न करते हुए उन्हें धक्का देकर बेड पर लिटा दिया तो उनके ऊपर चढ़कर उनके सारे कपड़े उतार दिए।
जैसे आपको पहले भी बताया था कि मैं मम्मे चूसने का बहुत शौकीन हूँ तो झट से मैंने मम्मों को बारी-बारी कर मुँह में डाल रहा था। वो भी सिसकारियाँ भर रही थीं। उनको भी मजा आ रहा था। आधा घंटा मम्मे चूसने के बाद जब मैंने उनकी चूत पर हाथ लगाया तो वो पहले से गीली हुई पड़ी थी।
मेरा भी 7” का लंड तन चुका था। वो भी मामी की चूत में जाने को बेताब था। जब मैंने अपना कॉक बाहर निकाला तो वो देखकर बहुत खुश हुईं। उन्होंने कहा धीरे-धीरे करना, कहीं मेरी चूत को फाड़ मत देना। मामी ने कहा जब तक मैं यहाँ पर रहूँगी तुम्हारी बीवी बनकर रहूँगी।
फिर मामी ने मुझे नंगा कर दिया। अब हम दोनों एकदम नंगे थे। उन्होंने मेरा लंड पकड़कर प्यार से चूसने लग गईं। वो मेरा लंड चूसते-चूसते मेरा डिस्चार्ज भी अंदर ही पी गई। मुझे जोश चढ़ रहा था। बाद में जब मेरा लंड तनकर खड़ा हुआ तो मामी ने कहा अब इसे चूत में डालो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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जब मैं अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रखकर लंड का सुपारा अंदर धकेला तो वो चिल्ला उठी। मैंने कहा क्या हुआ कहती धीरे करो ना मैं खा जा रही हूँ। फिर मैंने धीरे से अंदर डाला तो लंड 1” अंदर चला गया। तभी मैंने मामी को कमर से पकड़कर एक जोर का धक्का मारा तो मेरा लंड आधे से भी ज्यादा अंदर चला गया।
उनकी आँखों में आँसू टपकने लगे। तभी मैंने न रुकते हुए एक और धक्का मारा तो पूरा लंड उनकी चूत में समा चुका था। वो दर्द से कराह उठी थी। फिर मैं धीरे-धीरे लंड आगे-पीछे कर रहा था। धीरे-धीरे उनका दर्द कम हो रहा था। फिर उनको भी मजा आने लगा। वो भी अपनी गांड नीचे से उछालने लगी।
हमें उस दिन रात को जमकर 4 बार चुदाई की। इस दौरान वो 8 बार झड़ चुकी थी। वो उस दिन रात को नंगी ही सुबह तक पड़ी रही। सुबह उठकर मैं पहले नीचे आ गया। कुछ टाइम बाद मामी भी नीचे आ गई। उस दिन संडे था। मेरा प्रोग्राम घर पर ही कुछ करने का था।
दोपहर को अचानक घर के सारे लोग किसी के घर चले गए और घर में मैं और मामी अकेले रह गए। वो तब किचन में लंच तैयार कर रही थीं। मैंने पीछे से जाकर उनके मम्मों को पकड़ लिया और सीधा करके मम्मों को मसलना शुरू कर दिया। वो भी एकदम सीधी खड़ी हो गई।
फिर मैंने अपना लंड निकाल के मामी के मुँह में डाल दिया। 2 मिनट में ही वो रॉड की तरह तन गया। मैंने उनकी साड़ी वहीं किचन में ही टाँगों से ऊपर उठाकर लंड को चूत में डाल दिया। मैं जोश में आकर उनके ब्लाउज को फाड़कर उनके मम्मों को बाहर निकालकर चुची को चूसने लग गया। मामी को मम्मे चुसाकर मजा आने लगा। वो कभी-कभी तो चूत के अंदर लंड लेने की बजाय चुची को चूसने की जिद करती रहती है।
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मैं समझ गया था कि उनको भी अब मम्मे चुसाने की आदत पड़ गई है। फिर मैं भी उनको ब्लैकमेल करने लगा। उनको मैंने कहा कि जब तुम्हारे ससुराल आऊँगा यानी अपने मामा के घर आऊँगा वहाँ पर भी मैं तुम्हारी चूत को मारूँगा। उसने कहा अगर मैं अकेली हुई तो मैं मना नहीं करूँगी। तब मैंने किचन की स्लैब पर ही घोड़ी बनाकर पीछे से उनकी चूत में लंड डाला तो कभी-कभी पीछे उनकी गांड को भी टच कर जाता तो वो घबरा जाती। कहती नहीं मेरी गांड में नहीं डालना। मैंने उनकी चूत को बड़े मजे ले-लेकर किचन में चोदा।
तब मैं जब झड़ने वाला था तो मैंने अपना डिस्चार्ज उनकी चूत में ही डालकर मैंने कहा अब तुम मेरे बच्चे को जन्म देना। तो मामी कहने लगी कहीं देखना अगर किसी को पता चल गया तो। फिर वो किचन से रूम में जाकर साड़ी बदलकर पहन ली। मामी ने कहा अगर बच्चे का किसी को पता चल गया तो मैंने कहा तुमने एक बच्चा और करना है ना वो मेरा ही होना चाहिए। वो मान गई लेकिन डरती रही। उन छुट्टियों में जब तक वो हमारे घर में रही मैं तकरीबन उनको हर रोज चोदता था। उस दौरान वो प्रेग्नेंट भी हो गई थीं।
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