Hospital Girl Chudai Story
मैं आपको अपनी तीसरी रियल स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ जिसमें मैंने सना और सोफिया की एल्डर सिस्टर सबा को हॉस्पिटल में चोदा और उनकी दो कजिन की भी चुदाई की। तो दोस्तों, लेट्स स्टार्ट। अपने हाथ लंड में ले लो और लड़कियाँ अपने बूब्स और बुर को मसलना शुरू कर दो। Hospital Girl Chudai Story
यह बात उस समय की है जब सबा के हसबैंड ने उससे फाइट करके बेबी के साथ उसे मामा-पापा यानी मेरे पड़ोसियों के घर छोड़ दिया था। सबा का हसबैंड लैंडलॉर्ड है और ड्रिंक भी बहुत करता है, जिस पर उनका अक्सर झगड़ा होता था। इस बार बात ज्यादा बढ़ गई थी। सबा मामा-पापा के घर आने के बाद बहुत खामोश-खामोश रहती थी।
मैं अक्सर उनके घर जाता और उसके एक साल के बेबी के साथ खेलता रहता था और जोक्स भी सुनाता था ताकि सबा के चेहरे पर मुस्कान आ जाए। पर वह खामोश मुझे देखती रहती थी और कई दफा मैंने उसकी आँखों में आँसू भी देखे। मुझे उसकी यह हालत देखी नहीं जाती थी क्योंकि वह मेरी फर्स्ट लव थी।
वह अलग बात थी कि उससे कभी बात करने का मौका नहीं मिला था, मगर उसको भी मेरे प्यार का पता था। फिर एक दिन अचानक मेरे विलेज से कॉल आ गई कि मेरी आंटी (फूफो) की डेथ हो गई। तो अचानक मैं और मेरे मामा-पापा विलेज चले गए। मैं अपनी ऑफिस की वजह से विलेज से तीन दिन बाद सुबह ही सीधा ऑफिस चला गया।
दिन में सबा के घर कॉल करके अपने और उनके घर का हाल मालूम करने लगा। तब सोफिया ने कॉल अटेंड की और मेरे पूछने पर रो पड़ी और कहने लगी, “मुन्ना दो दिन से बीमार है और हॉस्पिटल में है और मामा भी उनकी टेंशन की वजह से बीमार हो गई हैं और वह भी हॉस्पिटल में ही हैं। हमारे घर तो टेंशन ही चल रही है। शुक्र है तुम आ गए।”
मैंने उससे हॉस्पिटल का पता पूछा और ऑफिस से सीधा हॉस्पिटल चला गया। पहले बेबी को देखा। आज पहली बार सबा ने मुझसे बात की थी। उसने कहा, “थैंक्स कि तुम आ गए। बेबी तुमसे बहुत अटैच हो गया था, जिसकी वजह से वह तुम्हारे जाने के बाद बीमार पड़ गया।”
इसे भी पढ़े – परवीना की अनटच्ड चूत चोद ली
जब मैं वहाँ गया तो बेबी सो रहा था। उसे बुखार भी बहुत तेज था। मेरी बातों की वजह से वह जग गया और मुझे देखने लगा। मैंने उसे उठा लिया और प्यार करने लगा। कुछ देर में वह थोड़ा नॉर्मल हो गया। तब नर्स आई और उसे चेक करने के बाद कहने लगी कि दो दिन के बाद आज बेबी काफी बेहतर है। और मुझे देखकर बोली, “आज लगता है अपने पापा को देखकर ठीक हो गया है।”
मैं उसकी इस बात से काफी शर्मिंदा भी हुआ और दिल में खुश भी हुआ। सबा के चेहरे पर आज उस दिन से जब से वह इस्लामाबाद आई थी, आज मुस्कान आई थी। उसके जाते ही मैंने आंटी का पूछा तो उसने कहा कि वह आईसीयू में हैं। टेंशन की वजह से काफी ब्लड प्रेशर हाई है, कंट्रोल नहीं हो रहा। और रोने लगी।
तब मैंने उसके शोल्डर पर हाथ रखकर उसे हौसला दिया और उसके गालों पर से उसके आँसुओं को अपने हाथ से साफ किया और उसे बोला कि अब मैं आ गया हूँ, सब ठीक हो जाएगा। तब वह खामोश होकर अजीब नज़रों से देखने लगी। तब मैं उठकर आंटी की तरफ चला गया और उन्हें देखा तो वह मुझे देखकर रोने लगी।
तब मैं आंटी के पास बैठकर उन्हें हौसला दिया और बताया कि बेबी मुझे देखकर खुश है और उसका बुखार भी कम है। फिर उनके पास कुछ देर बैठकर वापस सबा के पास आ गया क्योंकि आईसीयू में बैठने नहीं देते। सना आईसीयू के बाहर बैठी थी और उसके पापा मेडिसिन लेने गए हुए थे।
मैंने आकर सबा से इधर-उधर की बातें करने लगा। तो उसने कहा कि आंटी अब तक नहीं आईं। मैंने कहा, “१०-१५ दिन में।” और कुछ देर यूँ ही इधर-उधर की बातें हुईं। उसके बाद अंकल आ गए और मुझसे मिलने के बाद हाल-हवाल पूछने के बाद कहा कि सलमान तुम मेरी बाइक ले जाओ और घर से खाना ले आओ।
मैं घर पहुँचा तो सोफिया अकेली थी और खाना तैयार था। उससे आकर मिला और वह मुझसे चिपककर रोने लगी। मैंने उसे हौसला दिया और उसे किस करते हुए हाथों से आँसू पोंछ दिए। उसके बाद मैंने कहा, “खाना दे दो।” तो उसने कहा कि मैं भी जाऊँ। मैंने कहा ठीक है। फिर हमने दरवाजा लॉक किया और बाइक पर मेरे पीछे बैठ गई। हॉस्पिटल में सबको खाना दिया।
अंकल ने कहा, “तुम भी खा लो।”
मैंने कहा, “मैंने ऑफिस में लेट खाया था इसलिए मूड नहीं। आप रख दीजिए, मैं रात में खा लूँगा।”
अंकल ने कहा, “मतलब?”
मैंने कहा, “अंकल आप और सना दो दिन से हॉस्पिटल में हैं। आज मैं रहूँगा। आप घर जाकर आराम करें।”
अंकल ने मना कर दिया और कहा कि तुम आज गाँव से आए हो, रेस्ट नहीं किया। तुम कल रह लेना और अभी सना और सोफिया दोनों को मेरी बाइक पर घर ले जाओ और रात हमारे घर ही सिस के साथ ही रहना।
मैंने कहा, “अंकल ठीक है।”
मैं उन्हें बाइक में लेकर चला। सोफिया सेंटर में मेरे पीछे जेंट्स स्टाइल में बाइक पर बैठी और सना पीछे बैठी। जब मैंने बाइक स्टार्ट की तो चलने लगा तो झटका लगने से वह मेरे साथ लगी और उसके बूब्स मेरी पीठ को टच हुए। मुझे जोश आ गया और मेरा खड़ा हो गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
रास्ते में स्ट्रीट लाइट्स न होने की वजह से अंधेरा था। मैंने सोफिया का हाथ जो मेरी कमर पर था, उठाकर पैंट पर रख दिया। वह ज़िप खोलकर हाथ अंदर मेरे अंडरवियर में डालकर सहलाने लगी और पीछे से मेरे साथ लग गई। फिर कुछ देर में हम घर पहुँच गए। घर पहुँचकर मैंने और उन्होंने खाना खाया।
उसके बाद सना कहने लगी, “मैं तो सोने लगी हूँ।”
मैंने कहा कि मुझे मेरी घर की चाभी दो, मैं घर देख आऊँ और नाइट लाइट्स ऑन कर आऊँ।
इसे भी पढ़े – ताहिरा बाजी सलवार खोल कर लेट गई
तब मैं १० मिनट बाद आया तो सना सो चुकी थी और सोफिया मुझे देख रही थी। रात के ११ बज गए थे। मेरे उनके घर जाने के बाद सबने दरवाजा लॉक किया। फिर मैंने उसे कहा कि आज मेरे साथ सोना। उसने कहा कि सना घर है। मैंने कहा, “खैर है उसकी तो।” वह ड्रेस चेंज करके मेरे रूम में आ गई। मेरा रूम सना के रूम के बिल्कुल साथ था।
फिर उस रात मैं सोफिया को सेक्स कर रहा था कि सना की आँख खुली बाथरूम के लिए। उस समय रात के १:३० बज रहे थे। तब हमारे रूम का लॉक नहीं लगा था और मुझे उससे डर भी नहीं था क्योंकि सबसे पहला सेक्स तो मैंने उसी से किया था। तब वह बाथरूम से होकर वापसी पर हमारी आवाजें सुनने पर उधर आ गई।
मैंने उस समय सोफिया को टेबल पर डॉगी स्टाइल में उसकी गांड मार रहा था। तब मैंने मिरर में सना को देख लिया और मुस्कराने लगा। कुछ देर सना यूँ ही चुपचाप देखती रही। फिर अचानक वह अंदर आ गई और अपने सारे कपड़े उतार दिए। फिर उस रात मैंने दोनों की जाम के चुदाई की और सुबह ५ बजे अख्तर तीनों नहाकर सो गए।
और ८ बजे मेरे सेल पर अलार्म से हम उठ गए। मैं नाश्ता लेकर हॉस्पिटल चला गया और फिर अंकल को घर भेज दिया। तो सबा के पास चला गया। वह मुझसे बातें करने लगी और मुझसे कहने लगी कि तुम्हारी आँखें बहुत रेड हैं।
मैंने कहा, “रात नींद नहीं आई इसलिए।”
तो उसने कहा, “क्यों?”
तो मेरे मुँह से निकल गया, “तुम्हारे बारे में सोचता रहा।” और चुप हो गया।
तो वह बोली, “मेरी किस्मत ही खराब है।”
और रोने लगी। फिर मैंने हौसला दिया और खामोश करा दिया और उससे कहा, “तुम कहो तो मैं तुम्हारे हसबैंड से बात करूँ, समझाऊँ।”
तो वह कहने लगी कि नहीं, मैं उसके साथ नहीं रहना चाहती। बस बहुत सह लिया मैंने।
फिर से मैंने उसे समझाते हुए कहा तो उसने कहा, “सलमान तुमको मेरी कसम, अब ऐसी बात नहीं करनी।”
मैं चुप हो गया और उसके बेबी से खेलने लगा। फिर कुछ देर बाद वह बोली, “तुम सुनाओ कि तुमने कोई गर्लफ्रेंड बनाई है या कोई अफेयर चलाया है कि नहीं।”
मैंने जल्दी से हाँ भरते हुए कहा, “मेरी इतनी किस्मत कहाँ, जिसको चाहा था वह तो मिला नहीं।”
मैंने उससे झूठ बोल दिया। तो वह मेरी इस बात से खामोश हो गई और चुपके-चुपके से मुझे देखने लगी। फिर डॉक्टर आ गई और एक मेडिसिन लाने को कहा। मैंने जाकर ला दी। फिर दिन में अंकल आए और मैं घर चला गया। मैंने घर जाकर फिर सना को पहले अपने घर में लंड चुसवाया और गांड मारी उसकी।
फिर नहाकर सना खाना लाई तो वह कहा कि सो गया शाम में। सोफिया आ गई टी लेके और आकर मुझे उठाया। मैं उसे देखकर फिर मदहोश हो गया। तब मैं नंगा सोया था क्योंकि घर पर और कोई नहीं था न इन दोनों के अलावा किसी का आने का चांस था और इनसे तो कुछ छुपा नहीं था।
मैंने उठकर उसे किस किया और फिर उसे पास बिठा दिया और खुद टी पीने लगा और वह मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर न जाने उसे क्या हुआ, वह नीचे मेरी लेग्स में बैठ गई और लंड को मुँह में डालकर चूसने लगी। मैंने टी खत्म की। उसके बाद मैं वैसे भी हॉट था।
फिर उसे बेड पर लिटाकर उसकी खूब चूत मारी। उसके बाद उसकी चूत में चढ़ गया तो वह उठकर चली गई। और मैं नहाकर फ्रेश हो गया और फिर उनके घर गया। तो सोफिया ने कहा कि मार्केट से चिकन ला दो और कुछ और सामान भी। मैंने मार्केट से सामान ला दिया और खुद अपने घर में जाकर पीसी पर सॉन्ग सुने।
उसके बाद पीसी बंद करके काफी देर बाद उनके घर गया और खाने का पूछा तो उन्होंने कहा कि बस थोड़ी देर है। मैं वहीं रुका और फिर हमने खाना खाया और हॉस्पिटल चले गए। रात १० बजे मैंने अंकल और इन दोनों को साथ भेज दिया। फिर आंटी की वार्ड में चला गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वहाँ आंटी के साथ जो नर्स थी वह मेरी फ्रेंड की सिस्टर थी। उससे मिलने के बाद सब बताया और उसने कहा कि वैसे भी यहाँ अंदर वार्ड में तो किसी को रहने नहीं दिया जाता। आप अपने दूसरे पेशेंट के पास चले जाइए और रात अगर कोई प्रॉब्लम हुई तो मैं आपको आकर बता दूँगी।
इसे भी पढ़े – पड़ोसन का दूध खाली किया चूस चूस कर
मैं सबा के पास चला गया और सब बताया तो वह खुश हो गई और कहने लगी ठीक है। वैसे भी मैं बोर हो रही थी। ठीक है, दो बेड हैं, तुम सामने वाले पर लेट जाना, मैं बेबी के पास सो जाऊँगी। फिर हम बैठ गए और बातें करने लगे। मैंने उसके हसबैंड के बारे में पूछने लगा कि वह शुरू से ऐसे ही हैं और ऐसा क्यों कर रहे हैं। तो उसने कहा कि वह शुरू से ऐसे ही हैं, ड्रिंक पीते हैं, आकर मुझे मारते हैं और गालियाँ देते हैं।
मैं कुछ कहूँ तो कहते हैं कि तेरे मामा-पापा ने मुझे रिश्ता नहीं दिया बल्कि मेरी स्टेटस, मेरी पावर को दिया है। तुम मेरी वाइफ नहीं, सिर्फ सेक्स टॉय हो। मैं बर्दाश्त करती रही। फिर बेबी हुआ तब भी उसका रवैया ऐसा ही रहा और अब यहाँ तक नौबत आ गई कि वह छोड़कर गया है और कहता है कि डिवोर्स दो।
फिर वह रोने लगी। मैं उसके पास ही बैठा था। मैंने बैठे-बैठे ही उसे अपनी बाहों में ले लिया और तसल्ली देने लगा। और उसने ऐसे ही साइड से अपना सर मेरी गोद में रख लिया। और मैं उसके आँसू पोंछता, तसल्ली देता हुआ उसके बालों में उँगलियाँ फेरने लगा और हम बातें करने लगे। अब वह मुझसे काफी फ्री हो गई थी।
फिर मैंने धीरे-धीरे उसके कान के साथ उँगली फेरने लगा जिससे मेरा लंड पैंट में अंडरवियर से आजाद होने की कोशिश करने लगा। तो उसका सर मेरी लेग्स पर था तो मैं थोड़ा पीछे हटना चाहा तो उसने कहा कि सलमान हाथ फेरते रहो, बहुत सुकून मिल रहा है।
मैंने हाथ उसकी गर्दन और कान के बाद उसके माथे पर, फिर आँखों पर, फिर नाक और गालों पर फेरने लगा। तब उसके मुँह से सिसकारी निकल गई। तो मैंने अच्छा मौका देखकर उससे कहा कि सबा तुमको मालूम है कि मुझे कौन सी गर्ल्स पसंद थी और वह मुझे न मिली।
तो वह स्माइल करती हुई बोली, “कौन थी?”
मैंने कहा, “रहने दो, अब क्या फायदा। तुमने खुद तो पूछा ही नहीं।”
तो उसने कहा, “अब बता रहे हो तो बता।”
तो मैं हाथ उसके होंठों पर फेरने लगा तो उसकी गरम साँसें मुझे महसूस होने लगी।
तो मैंने कहा, “वह तुम थीं, मेरी पहली और आखिरी मुहब्बत।”
तो उसने कहा कि तुम मुझसे अब भी प्यार करते हो। तो मैंने जल्दी से कहा कि अब भी से क्या मतलब, मैं तब से अब तक और मरते दम करूँगा। तो उसने अपना एक हाथ की उँगली मेरे मुँह पर रख दी और कहा, “मरे तुम्हारे दुश्मन।” और मेरी उँगली को मुँह में लेकर चूसने लगी।
मुझसे तो अब कंट्रोल नहीं हो रहा था पर मैं अपने अंदाज से चल रहा था। तब उसने अपना एक हाथ मेरे मुँह पर फेरना शुरू कर दिया और दूसरे से मेरी पैंट की ज़िप अपना सर उठाकर खोल ली और अंडरवियर के अंदर से मेरा लंड बाहर निकाल लिया और मसलने लगी।
“ओह सलमान इतना मोटा और लंबा।”
मैंने दिल में कहा, “तुम्हारी सिस्टर की मेहरबानियाँ हैं जो इतना बढ़ा और मोटा हो गया।” तब मैंने अपना सर नीचे करके उसके होंठों पर होंठ लगाकर किस करने लगा और हाथ से उसके बूब्स दबाने और मसलने लगा। हम यूँ ही २५-३० मिनट तक लगे रहे।
तब रात के १२ बज गए थे तो उसने कहा कि सलमान १२ हो गए हैं, अभी डॉक्टर फाइनल राउंड लगाएगा। तब मैं जल्दी से हट गया। तो हमने अपने कपड़े सही किए। और इतनी देर में डॉक्टर और एक नर्स आ गई। नर्स बहुत सेक्सी थी। वह तो हम दोनों को देख रही थी क्योंकि सबा काफी रेड हुई थी और मेरा लंड भी पैंट में तना हुआ था।
इसे भी पढ़े – रंडी को बुलाया लंड की गर्मी निकालने को
डॉक्टर चेकअप करके कहने लगी कि बेबी अब काफी बेहतर है, एक-दो दिन में घर चला जाएगा। फिर वह जाने लगे तो नर्स ने एक सेक्सी सी स्माइल मेरी तरफ सेंड की। यह वही नर्स थी जिसने मुझे बेबी का पापा कहा था। उनके जाने के बाद सबा ने रूम को लॉक कर दिया और बाथ में चली गई। और रूम का दरवाजा ओपन ही था।
मैंने देखा कि उसने मुँह करने के बाद अपनी सलवार से ब्लैक पैंटी निकाल दी और फिर सलवार पहन ली। और जब उसने कमीज उठाई और अपना ब्लैक ब्रा उतारने लगी तो मैं अपनी पैंट उतार चुका था। तब मैं उसके पास चला गया और उसे पकड़कर उसके ३८ साइज के बूब्स मसलने लगा और किस करने लगा।
तब १० मिनट तक उसे ऐसा करने से उसने कहा कि सलमान जानू यही करो कि या आगे भी कुछ करना है कि नहीं।
मैंने कहा, “जानमन जो आपकी मर्जी।”
तो उसने कहा, “जानू डेढ़ साल से प्यासी है मेरी चूत जो कि तीन बार इस दौरान पानी छोड़ चुकी है।”
मैंने उसकी सलवार भी वहीं उतारकर बाथरूम में लटका दी और अपनी शर्ट भी उतार दी। उसके बाद उसे उठाकर उसे बेड पर लिटा दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा जिससे मेरे मुँह में उसके बूब्स के निप्पल्स लेकर चूसने लगा। उसका दूध मैंने पी लिया।
कुछ देर बाद उसने अपनी लेग्स को उठाकर मेरी कमर पर रख दिया और कहने लगी, “जानू मैं मर जाऊँगी, बस अब अंदर कर दो।”
पर मैं अभी कहा यह सब करने वाला था क्योंकि मैं तो फुल इंटेंसिटी तक गर्म करके चूत के अंदर करना चाहता था। तब मैंने उसके मुँह पर बैठ गया और अपना लंड उसको चुसवाने लगा। तब मैं एकदम मुड़ा और ६९ पोजीशन में हो गया और उसकी बुर में अपना हाथ फेरने लगा और उँगलियाँ अंदर-बाहर करने लगा।
यहाँ आपको बता दूँ कि मैंने आज तक १२-१३ लड़कियों से सेक्स किया मगर किसी की चूत नहीं चाटी, बल्कि सबसे लंड चुसवाया है। मुझे चूत चाटना बहुत बुरा लगता है। फिर मैं १५ मिनट में उसके मुँह में पानी छोड़ दिया और वह सारा पी गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तब मैं सीधा होकर उससे फिर रोमांस करने लगा। वह अब तक ५ दफा पानी छोड़ चुकी थी। फिर २० मिनट रोमांस के बाद मेरा लंड फिर तना। और मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और हल्के से झटके से उसकी चूत में मेरा सिर्फ टोपा किया था।
फिर वह सिसकारियाँ लेने लगी। तब मैंने एक ज़ोरदार झटका दिया और ५ इंच तक मेरा लंड उसके अंदर चला गया। तभी वह चिल्ला उठी। फिर मैंने थोड़ा अंदर-बाहर किया। ऐसी पोजीशन में वह थोड़ी रिलैक्स हुई तो उसने कहा, “मेरे हसबैंड इतना सांड है पर कंजर का लंड ४.५ इंच लंबा और २.५ इंच मोटा है।” और मेरा इस टाइम ८ इंच लंबा और ३.५ इंच मोटा था।
फिर मैंने धीरे-धीरे एक और ज़ोर का झटका दिया तो वह चिल्ला उठी और मेरा सारा लंड उसकी चूत की दीवारें तोड़ता हुआ अंदर चला गया। और मैंने उसके मुँह से अपना मुँह लगा दिया जिससे उसकी हाय मेरे मुँह में दब गई। और कुछ देर में वह मेरा साथ देने लगी।
इसे भी पढ़े – ससुर जी बहु की बड़ी चूचियां दबोचने लगे
फिर उछल-उछलकर मेरा साथ देने लगी और कुछ देर में पानी छोड़ गई। और मैंने लंड निकालकर उसे उल्टा करके उसकी गांड पर रख दिया और उसकी गांड को दबा लगाकर लंड अंदर करने लगा। तब मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था। फिर बहुत मुश्किल से उसकी गांड में किया तो वह तड़प गई।
तो मैंने एक हाथ उसके मुँह पर रखा और दूसरे हाथ से उसके बूब्स मसलने लगा। फिर एक झटका दिया तो सारा लंड अंदर चला गया और वह रो पड़ी। फिर कुछ देर बाद अपनी गांड आगे-पीछे करने लगी और अपने हाथ से अपनी चूत सहलाने लगी।
कुछ देर में मैंने अपना पानी उसकी गांड में डाल दिया और लंड अंदर छोड़कर लेट गया। फिर कुछ देर बाद हमारी साँसें बहाल हुई तो मैं और वह उठकर बाथ में गए और बेडशीट भी साथ ले गए जिस पर उसकी गांड और चूत से खून निकलने से खराब हो गई थी।
उसे धोकर उसने फैन के नीचे डाल दिया। फिर हम दोनों शावर के नीचे नहाए और एक बार फिर पूरे बदन पर साबुन लगाकर मैंने उसकी चूत को दोबारा चोदा। और फिर हम बाहर निकले तो सुबह के ६ बज गए थे। उसने कहा कि सलमान जानू, मेरी शादी तीन साल पहले हुई थी और बेबी भी हो चुका है पर सही लफ्जों में मेरी सुहागरात आज हुई है। मेरे आगे-पीछे से आज खुली है।
फिर मैंने उसे किस किया और बाद में आंटी का पता करने चला गया। और कुछ देर में अंकल आए और मैं वापस घर आ गया। सना से चाभी ली और घर चला गया। कुछ देर में सना नाश्ता लेकर आ गई और मैं नाश्ता करने लगा तो वह बैक पर खड़ी होकर मेरी गर्दन और सर पर हाथ फेरने लगी।
फिर हाथ मेरी छाती के हेयर्स पर फेरने लगी और मेरी गर्दन पर किस करने लगी। मैं नाश्ता करते हुए ही हॉट होने लगा और मेरा लंड शॉर्ट में तन गया। और मैंने नाश्ते के बाद उसे पकड़ लिया और फ्रेंच किसिंग शुरू कर दी। १० मिनट के बाद मैंने उसकी कमीज-सलवार उतारनी चाही तो उसने मना कर दिया कि यार घर गेस्ट आए हैं, अभी इतना टाइम नहीं है।
तो मैंने पूछा कौन आया है। तो उसने बताया कि उसके मामू और उसके मामू की बेटी और साथ में उसकी एक खाला की बेटी आई हैं जिनमें मामू की बेटी का नाम निदा और खाला की बेटी का आशी था। निदा अक्सर आया-जाया करती और मुझसे फ्री थी और बहुत खूबसूरत और सेक्सी थी। भरा-भरा जिस्म और मोटे-मोटे बूब्स और मोटी गांड थी। जब वह चलती थी तो उसकी गांड के चूतड़ मटक-मटक जाते थे।
मैंने सना से कहा, “जानू निदा की ही दिला दो।”
उसने कहा, “जानू कोई मौका निकलने दो।”
फिर मैंने सना से लंड चुसवाया और काफी देर न छूटा तो उसका भी दिल खराब होने लगा।
तो उसने कहा, “जानू मेरी गांड मारो।”
तो मैंने उसकी बैक पर होकर उसकी सलवार और पैंटी नीचे करके उसकी गांड मारने लगा और हाथ से उसकी चूत को सहलाने और मसलने लगा और फिंगरिंग करने लगा। इस दौरान वह पानी छोड़ गई और १५ मिनट बाद मैं भी उसकी गांड में पानी छोड़ दिया और उससे निदा की दिलाने का वादा भी लिया और उसने हामी भर दी और चली गई।
फिर वह चली गई और मैं सो गया। फिर उस दिन मैं सुबह ८ बजे सोया और दोपहर में ३:३० बजे सोफिया खाना देने आई। तो मैंने बंद आँखें ही उसका हाथ पकड़कर अपने पर खींचकर लिटा लिया और किस करने लगा। तो वह खुद को छुड़ाने लगी।
इसे भी पढ़े – मोहल्ले की बदनाम भाभी की चुदास
तो मैंने कहा, “जानू क्या प्रॉब्लम है?”
तो उसने कहा, “उठो और देखो मेरे साथ कौन आया है।”
तो देखो तो सही। मैं एकदम से हैरान होकर उठकर बैठ गया और जब देखा तो वह उसकी खाला की बेटी थी आशी। उसने हम दोनों का तआरुफ कराया और फिर उसकी कजिन ने जाते-जाते कहा, “आप बहुत रोमांटिक हैं, आई लाइक इट।” और हँसने लगी।
और सोफिया उसे किचन के घर ले जाने लगी और मैं उसे देखने लगा। फिर मैंने खाना खाया और फिर सना आई और कहने के बर्तन ले गई और मुझे कहा कि घर आना। सोफिया और आशी पापा के साथ हॉस्पिटल जा रही हैं। मैं समझ गया। कुछ देर बाद बाइक की आवाज आई तो मैं उनके घर गया। बेल दी तो निदा आई। उसने दरवाजा ओपन किया।
तो मैंने कहा, “निदा आप कैसी हैं?”
तो उसने कहा, “ठीक हूँ।”
और हम अंदर चले गए। तो सना किचन में थी। मैं वहीं चला गया और हम तीनों इधर-उधर की बातें करने लगे। तब ही सना ने कहा कि आप दोनों अंदर चलकर बैठो और मैं बर्तन धोने के बाद कुछ कपड़े हैं, वह धोकर आती हूँ। मैंने कहा ठीक है। और निदा मेरे आगे-आगे और मैं उसके पीछे चलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो मैंने सना को देखा तो उसने आँख मारकर इशारे से कहा कि माल तैयार है। मैं उसकी तरफ हुआ तो उसने कहा कि मैंने उसको कहा है कि सलमान तुमसे बचपन से प्यार करता है और रोज तुम्हारे बारे में मुझसे पूछता भी है कि वह कब आएगी। और उसने बताया कि वह भी उसमें इंटरेस्टेड है।
मैंने सना को किस किया और मस्ती से उसके बूब्स दबाए और उसको कहा कि जानू आई लव यू, तुम बहुत अच्छी हो। और अंदर चला गया। तो निदा ने कहा कि आप कहाँ रह गए थे। तो मैंने कहा कि मैं जरा सना से आंटी और बेबी का पूछ रहा था। तो वह मुस्कुरा दी क्योंकि वह जानती थी कि मैं क्या पूछकर आया हूँ।
हम सोफे पर आमने-सामने बैठे बातें कर रहे थे। इधर-उधर की। मैं उसके बारे में पूछ रहा था और अपने बारे में बता रहा था। फिर एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का पूछा और स्टार्स पूछे तो हम दोनों के एक ही थे। फिर मूवीज की बात होने लगी तो उसने बताया कि मैं इंडियन लव स्टोरी बहुत शौक से देखती हूँ। मैंने मौका अच्छा देखा और कहा कि आपका मूड हो तो मेरे घर केबल लगी है तो चलकर देख सकती हैं।
तो उसने कहा, “जैसी आपकी मर्जी।”
तब हम उठे और सना को बताकर अपने घर जाने लगे। तो उसने कहा कि ठीक है। और स्माइल करते हुए शरारती अंदाज में कहा, “सलमान आज सब कह देना।” और हम दोनों अपने घर आ गए। घर आए तो हॉलीवुड मूवी चल रही थी। मैंने वह लगा दी और दोनों बेड पर बैठ गए और साथ-साथ कुछ बातें भी हो रही थीं।
मुझसे हिम्मत नहीं हो रही थी कि कैसे बात करूँ। और फिर मूवी में सॉन्ग चल पड़ा वह काफी सेक्सी था। जिस पर निदा ने मुझसे कहा कि सना आपको क्या कह रही थी कि सब कह देना, तो आप मुझसे क्या कहना चाहते हो। तो मैंने कहा कि आप बुरा तो नहीं मानोगी। तो उसने कहा कि नहीं, आप बोलो। तो मैं कुछ खामोश हो गया। उसने दोबारा कहा, “कहो न आप।”
तो मैंने कहा कि निदा आप मुझे बहुत पहले जब आप आई थीं तो पसंद आई थीं। आप बहुत ब्यूटीफुल हो और आपका जिस्म तो कमाल है और आपकी ब्लू आँखों का तो जवाब नहीं है। क्या आप मुझसे दोस्ती करोगी?
तो उसने मुस्कुराते और शर्माते हुए कहा कि मैं तो खुद कब से यही चाहती थी।
इसे भी पढ़े – दोस्त की खूबसूरत पत्नी की जवानी को भोग लिया
तब मैं यह सुनकर उसके पास हुआ और उसका मुँह नीचे था। तब मैंने उसकी ठोड़ी को पकड़कर मुँह ऊपर किया और उसकी आँखों को देखने लगा। तब ही वह कुछ देर मुझे देखने के बाद मेरे सीने से लिपट गई। तब मैं उठा और उसे बेड से उठाकर फ्रेंच किस करने लगा। वह भी किस करने लगी। एक-दूसरे की ज़ुबान चूसने लगे।
फिर मैं उसके बूब्स को हाथ से मसलने लगा। उसकी उम्र २४ थी और उसके बूब्स ३८ के थे। फिर मैंने २५ से ३० मिनट की किसिंग के बाद उसकी कमीज निकाल दी और उसने व्हाइट ब्रा पहनी थी। उसकी हुक भी खोल दी और अपनी शर्ट भी उतारकर उसके साथ बेड पर लेट गया और उसके बूब्स चूसने और मसलने लगा।
वह काफी हॉट थी और मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं। फिर मैंने उसके हाथों और पेट पर किस और सक किया और हाथ से उसकी चूत को रब करने लगा। मेरा लंड अंडरवियर से आजाद होने के लिए तड़प रहा था। तब मैंने उसकी सलवार और व्हाइट पैंटी निकाल दी और अपनी पैंट और अंडरवियर भी निकाल दिया।
फिर उसकी लेग्स को ऊपर से नीचे तक किस की और ज़ुबान से चाट दिया और उसके पाँव के नीचे हल्के-हल्के किस किए तो वह तड़प उठी। और हाथ से उसकी चूत को फिंगरिंग करने लगा। फिर उसके पूरे जिस्म को किस किया और ऊपर उसके हुआ तो उसने मुझे गले लगा लिया और अपनी लेग्स मेरी कमर में डाल दी और कहा कि बस अब मैं मर जाऊँगी, अब अंदर कर दो।
तो मैंने हाथ से अपना लंड उसकी चूत पर फिट किया और एक झटके से मेरा टोपा अंदर किया तो उसके मुँह से उस्स की आवाज निकल गई। फिर मैंने एक झटका लगाया तो आधा लंड अंदर चला गया। तब वह दर्द से सर इधर-उधर करने लगी और लड़खड़ाती हुई आवाज में कहने लगी, “जानू आराम से, बहुत दर्द हो रहा है।”
फिर मैंने उसकी चूत में इतना ही लंड अंदर-बाहर करने लगा। फिर जब वह जोश में आने लगी और आह्ह होो हियी हम्म उस्स उफ्फ की आवाजें निकलने लगीं तो मैंने एक ही झटके से अपना बाकी ४ इंच लंड भी अंदर कर दिया और उसे किस करने की वजह से उसकी चीखें मेरे मुँह में दब गईं।
और वह नीचे तड़पने लगी। तब उसकी गुलाबी शेव वाली चूत से खून निकलने लगा। और कुछ देर मेरे स्लो-स्लो झटकों लगाने की वजह से वह रिलैक्स हुई और मेरा साथ देने लगी और सेक्सी-सेक्सी आवाजें रूम में सुनाई देने लगीं। तब ही कुछ देर में उसका पानी निकल गया। मेरा लंड अभी भी तना हुआ था। तब वह उठी, मैं लेटा और वह मेरे ऊपर बैठकर झटके लगाने लगी।
कुछ देर में मैंने फिर स्टाइल चेंज किया और उसे डॉगी स्टाइल में करके उसकी चूत में डाल दिया। और फिर १० मिनट बाद हम दोनों साथ में झड़ गए। फिर बेड पर लेट गए और किसिंग करने लगे। थोड़ी देर में मेरा फिर तन गया तो मैंने उसकी गांड मारनी चाही तो उसने मना कर दिया और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – लंडखोर चाची की चूत में बेलन भी पेला
और कुछ देर में उसके मुँह में झड़ गया और उसने सारा पानी पी लिया। और इतने में सना आ गई और हम दोनों को नंगा देखकर हँसने लगी और बोली कि आखिर दो दिल मिल ही गए। फिर हम दोनों उठे और साथ में नहाए और मैंने सना को कहा कि वह बेडशीट धो दे। उसने बेडशीट धो दी। और हम साथ में नहाकर बाहर आ गए। और फिर वह घर चली गई। और सोफिया और आशी भी वापस आ गई।
और रात में उनके घर उनके गेस्ट आ गए। रात में हॉस्पिटल गया। उनके गेस्ट भी साथ थे। खाला, फूफो और नानी और मामू भी। और सना और निदा भी गई। हम वहाँ २ घंटे हॉस्पिटल में रुके। आज सबा का चेहरा खिला-खिला था और वह काफी खुश थी और उसका बेबी भी काफी ठीक था। उसने कहा कल घर आ जाएगा। फिर वापसी पर रात में निदा सबा के पास रह गई और अंकल भी वहीं थे।
अंकल ने कहा, “सलमान बेटा आज गेस्ट ज्यादा हैं तो कुछ लोग आपके घर में रह जाएंगे।”
मैंने कहा, “अंकल आपका अपना घर है, प्रॉब्लम ही नहीं।”
रात वापसी पर खाने के बाद सना की खाला, फूफो और आशी आ गए और मैं टीवी देख रहा था तो वह तीनों मेरे पास आकर बैठ गए। तब फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे लगी थी जो मुझे बहुत पसंद थी। हम चारों फिल्म देखने लगे। मैं काफी थका हुआ था।
काफी दिनों से रात-दिन एक हो गए थे और वैसे भी जगने का फायदा नहीं था क्योंकि मैंने सना को कहा था कि आज रात उससे सारे जिस्म की मालिश करवाता। फिर कुछ १ घंटे के बाद फूफो और खाला दूसरे रूम में जाकर सोने लगीं और आशी को सोने को कहा तो उसने कहा कि मैं फिल्म देखकर यहीं सो जाऊँगी।
फिर वह फिल्म देखने लगी और मैं कुछ देर बातें करने के बाद सो गया और फिर मुझे होश नहीं रहा। तब आँख खुली जब रात के २ बज रहे थे और मेरा लंड मुझे गीला-गीला महसूस हुआ। जब मैंने आँख बहुत मुश्किल से खोली तो देखकर हैरान हो गया। आशी मेरा लंड चूस रही थी। मेरा लंड तना हुआ था।
मैं इतने दिनों की मुसलसल चुदाई और जगने की वजह से मुझे पता भी नहीं चला कब उसने पकड़ा और शॉर्ट खोलकर बाहर निकाला और चूसने लगी। मैं कुछ देर यूँ ही लेटा रहा। फिर मुझसे कंट्रोल न हुआ तो मैंने उसके सर को अपने हाथ से अपने लंड पर ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे करने लगा।
तो वह पीछे हो गई और मैंने कहा, “ये क्या कर रही हो?” तो उसने कहा कि जब से मैं सुबह से सोफिया के साथ आई थी तब उससे रोमांस करते देखकर और आपका लंड शॉर्ट से देखकर और सोफिया से आपका अफेयर सुनकर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हो रहा था।
इसे भी पढ़े – ब्लाउज का नाप देने आई कस्टमर
तब मैंने रात सना को मना करके खुद आ गई और आप इतनी गहरी नींद सो गए थे तो मैं हॉट होकर ये कर गई। तो मैंने रूम की लाइट ऑफ की और दरवाजा लॉक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए और अपनी शर्ट उतार दी। शॉर्ट तो वह पहले ही खोल चुकी थी।
फिर मैंने बेड पर लिटा दिया और किसिंग करने लगा। उसकी रंगत साँवली थी और बूब्स ३४ के थे और काफी हॉट थी। फिर मैंने उसे किसिंग शुरू कर दी। मुझे किसिंग में बहुत मज़ा आता है। मैंने उसे १० मिनट ही किसिंग की थी कि वह फारिग हो गई।
मैंने फिर पूरे जिस्म पर किसिंग और सक किया और फिंगरिंग स्टार्ट रखी तो वह तड़प रही थी और इस दौरान वह फिर २ दफा फारिग हो गई और उसके जिस्म तंदूर की तरह तप रहा था। फिर मैंने उसके ऊपर लेटकर उसकी चूत पर लंड रखा तो वह ऊपर की तरफ अपनी चूत करने लगी।
फिर मैंने उसे किसिंग करने लगा और उसकी ज़ुबान चूसने लगा और एक झटका लगाया तो वह भी ऊपर की तरफ हुई थी तो मेरा हड्डी से ज्यादा लंड अंदर चला गया और वह आह्ह ह्होो ह्ही माँ तड़प उठी। और मैंने एक और झटका दिया और सारा लंड उसके अंदर चला गया और वह चिल्ला उठी और उसकी चूत में से खून निकल पड़ा।
और वह हियी होो हम्म मर गई माँ करने लगी। फिर मैंने झटके लगाने लगे और फिर उसे भी हल्के-हल्के मज़ा आने लगा और वह मेरा साथ देने लगी और ७ मिनट बाद फिर फारिग हो गई मगर उसकी चूत ठंडी नहीं हो रही थी। फिर ४० मिनट बाद मैं फारिग हुआ।
इस टाइम तक वह ८ दफा फारिग हुई और आखिर में मेरे साथ फारिग होकर लिपटकर नंगी ही सो गई। फिर सुबह ७ बजे हम उठे तो हमने उसने जल्दी से ड्रेस पहने और मैंने जल्दी से बेडशीट छुपा दी और दूसरी बेडशीट डाल दी। और फिर मैंने उसको कहा कि मज़ा आया तो उसने कहा कि आज ज़िंदगी का मज़ा आ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – जंगल में 2 मर्दों ने पूरी रात मुझे चोदा
और फिर मैंने उसको किसी को न बताने का कहा और उसने वादा किया और कहा फिर जब मौका मिला तुमसे गांड भी मरवा लूँगी। और मुझे किस करके हम बाहर आए। तो फूफो और खाला घर चली गई थीं। तब वह घर चली गई और मैं बाथ में जाकर नहाया और बेडशीट को धो दिया। और यह सिलसिला १० दिन चला। मेरे लंड ने ५ चूतों और गांडों का मज़ा चखा और इस १० दिन में मैंने ५० से ६० बार चुदाई की। फिर जब आंटी वापस आई हॉस्पिटल से तो सबा का हसबैंड भी आकर उसे ले गया और सबा से सॉरी की और उसके घर वालों से भी।
मैं भी खुश हो गया। अगर वह गलती न करता तो मैं यह सब कैसे करता। अब भी मेरा उन सब से राब्ता है। फोन पर वह मेरे सेल पर कॉल करती रहती हैं। सबा अब फिर आने वाली है और मुझसे चुदवाने को तड़प रही है। और आशी और निदा नेक्स्ट ईयर का कह रही हैं कि आएँगी। और सना की भी अब शादी हो गई है और सुहागरात से एक दिन पहले मैंने उसको चोदा। और सोफिया को अब भी चोदता हूँ जब मौका मिल जाता है। उनकी एक आंटी को भी चोद चुका हूँ। वह अब नेक्स्ट…
प्रातिक्रिया दे