• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Kunwari Ladki Ki Chudai / पंजाबी लड़की की चुदासी चूत चोदी

पंजाबी लड़की की चुदासी चूत चोदी

सितम्बर 23, 2026 by hamari Leave a Comment

Horny Girl Hindi Sex Story

मैं भाविश हूँ और क्या बताऊँ आप लोगों को; जब से मुझे सेक्स का आनंद आया करीब 18 साल से, मैं रुका नहीं। आज भी मैं वही सेक्स एन्जॉय करता हूँ जो पहली बार की थी। तो पहली बार से शुरू हो जाता हूँ। और हाँ, मैं कलकत्ता का रहने वाला हूँ। बात उस समय की है जब हमारे बंगलो में पंजाबी किराएदार रहते थे और उनका एक ही बेटी थी—अंतरा। Horny Girl Hindi Sex Story

वह कॉलेज में पढ़ती थी और करीब 18/19 की होगी। उनका फादर ऑफिस जाते थे और माँ हाउसवाइफ थी। हफ्ता तो कॉलेज और स्कूल में ही जाता था लेकिन हॉलीडे में तो घर में ही रहते थे। दोपहर में नहाने के बाद खाना खाया जाता था। उन हॉलीडेज में अंतरा मेरे माँ के पास ही समय बिताती थी और मेरे नहाने के बाद मैं टॉवल लपेट कर बाहर निकलता था और वह मेरे टॉवल खींचा करती थी।

पहले-पहले तो मैं आराम से भाग जाया करता था और अपने कमरे में घुसकर दरवाज़ा बंद कर देता। लेकिन जब लंबी वेकेशन होती तो यह सिलसिला मुझे तंग करने लगा। वह बाथरूम के दरवाज़े में ही तैयार रहती थी मेरे निकलने की और मैं टॉवल को जान से पकड़के भाग जाता था वह पीछे-पीछे।

ऐसे ही मेरे कमरे पहुँचने से पहले ही वह मुझे पकड़ लेती थी और हम दोनों गिर जाते थे लेकिन मैं टॉवल को जी-जान से पकड़ के रखता था। अंतरा की यह हरकत मुझे बहुत परेशान करती थी और मैं माँ को बताया कि (वैसे तो माँ को यह सब मालूम तो था ही क्योंकि बहुत शोर होता था क्योंकि माँ उस समय किचन में काम करती थी.)

इसे भी पढ़े – मराठी वहिनी की गरम चूत में घुसाया लौड़ा

अंतरा ये… वो… और माँ बताया कि तुम टॉवल एक बार उसको खोलने का मौका दो तब वह और परेशान नहीं करेगी। मैं सोचा कि माँ क्या कह रही हैं… मेरा तो सब देख लेगा और माँ को बोला कि मुझे शर्म आएगी तो माँ बोली कि यही तरीका है। नेक्स्ट डे बाथरूम से निकला, अंतरा खड़ी थी, मैं भागा अपने रूम की तरफ, अंतरा मेरे पीछे टॉवल को पकड़ ली, मैं रूम में घुसा और टॉवल की पकड़ छोड़ दी, टॉवल अंतरा के हाथ में, और मैं नंगा।

“अरे भाविश, मैंने तो तुझे नंगा कर दिया अब बोल मैं जीती कि नहीं? इतने महीनों की कोशिश के बाद ही तो क्या, इसमें जीत कहाँ है?”

“हैं नाराज़ हो गई क्या? अब तक मैंने घूमा नहीं था। ठीक है ले अपना टॉवल लेकिन…”

“लेकिन क्या? एक बार के लिए घूम जा…”

“नहीं मेरे टॉवल दे दो….”

“दे दूँगी” (वह करीब-करीब मेरे पीछे से सट गई थी और एक हाथ की उँगलियाँ मेरे पीठ पर रख दी थीं)

“अरे घूम ना… एक बार के लिए देखने दे तो…”

“नहीं…”

“ठीक है… मैं छूकर देख लेती हूँ” और वह मेरे पेनिस को छू ली।

“हैं क्या मुलायम लगा। अरे भाविश” (मेरे कान में फुसफुसाई) “तेरा तो… देखने दे ना…”

तभी माँ की आवाज़ आई “खाना ठंडा हो रहा है”।

“अभी तो टॉवल ले लो, बाद में अच्छी से देखूँगी।”

इतना कहकर मुझे टॉवल दे दिया और उस दिन का सिलसिला खत्म। माँ ने पूछा तो मैंने बताया कि मैंने वैसे ही किया जैसे बताया था तब माँ बोली कि अब देखना और कभी नहीं करेगी। दूसरे दिन जब मैं बाथरूम से निकला तो अंतरा नहीं थी। मैं आराम से अपने रूम की तरफ चला, अंदर घुसते ही दरवाज़ा बंद हो गया।

देखा तो अंतरा मुस्कुरा रही थी—“अब तो पूरा दिखा दो…” मेरा तो बोली बंद हो गई। वह पास आई और टॉवल पर हाथ लगाया… फिर से माँ की आवाज़ “खाना ठंडा हो रहा है”। अंतरा ने कहा कि खाना खाकर हमारे घर आ जाओ और वह चुपचाप चली गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – जीजा की कमी पूरी की मेरे लंड ने

आज अंतरा में वह शरारत नहीं थी। मैंने सोचा चलो देखा जाए क्या और हो सकता है। वह बरामदे में खड़ी थी—मुझसे हाइट में 6/7 इंच ऊँची, स्लिम फिगर, उनकी चूचियाँ पॉइंटेड नीडल्स की तरह, परफेक्टली कोन शेप्ड, बहुत नाइस शेपली बटॉक्स, कमर बिल्कुल पतली जिसके कारण उनकी ऊपर से नीचे तक एस शेप परफेक्टली दिखाई देती थी और यह सब टाइट पंजाबी सलवार कमीज़ में ढके हुए थे।

बालों पर चोटी बाँधी थी और चेहरे पर जो मुस्कान होती थी बड़ा ज़बरदस्त। मेरा हाथ पकड़के सीधा अंदर खींच लिया और दरवाज़ा बंद कर दिया। मैं चौंक गया फिर वह बोली “माँ बाज़ार गई है, पापा के साथ देर से आएगी” और मुझे गालों पर चूम लिया। मैं कुछ बोल पाता कि वह मुझे उनकी रूम के बिस्तर पर लिटा दिया और खुद भी लेट गई, एक टाँग मेरे पैर के ऊपर रख दिया।

“क्या रे, आज तुझे बहुत प्यार करूँगी” और चूमना चालू कर दिया। मैं भी उनकी बदन की गर्मी पाकर अच्छा लगने लगा और उनका हाथ मेरे वहाँ जा रुका।

“भाविश, आज तू ना-ना करना और मैं जो-जो करती हूँ करने देना,” यह बोलके वह मेरे पैंट के बटन खोलने लगी। मैं छटपटाया तो वह बोली “मेरे कमीज़ के बटन खोलना… पीछे हैं…” और मेरे छाती से चिपक गई। उनकी चूचियों की कोमलता और गर्मी में मुझे क्या हो गया पता नहीं और मैं कमीज़ के बटन खोलने लगा।

वह मेरे लुल्ली को सहला रही थी और उसमें जान आने लगा और कुछ ही मिनटों में टाइट हो गया। मैं कमीज़ के बटन खोल रहा था और वह मेरे पैंट की ज़िप खोलके मेरे तने हुए कड़क लुल्ली को मसल रही थी। जैसे ही सारे बटन खोल दिए तो वह ऊपर का हिस्सा उठाया… “अब उतार दे मेरा कमीज़”।

मैं उसे देख रहा था… “चल जल्दी कर” और मेरे होठों से अपने होठ भिड़ा दिया, जीभ चलने लगा, मुझे इतना मज़ा आया कि मैं क्या बताऊँ। मेरा हाथ उनके पीठ पर चला गया, इतने चिकना, “निकाल भी दो ना” मैंने सामने की तरफ खींचा और बाजुओं में आकर अटक गया।

“भोंदू कहीं के, ठीक से उतारना भी नहीं जानते”

“कैसे जानूँ? पहले कभी नहीं किया”

“अब सीख ले, लड़कियों के कपड़े कैसे उतारे जाते हैं”

और उसने खुद ही अपने सीने से कमीज़ उतार दी। उसने मुझे नीचे से नंगा कर दिया मैं तो भूल ही गया उनकी सफ़ेद ब्रा देखकर। उसने मेरा दायाँ हाथ पकड़कर उनकी चूची में रख दिया और बोली… “तू मेरा ये मसल मैं तेरा मसलती हूँ।” 2/3 मिनट के बाद कंधे से ब्रा स्ट्रैप नीचे गिरा दिया तो उनकी चूची नंगी हो गई।

निप्पल एकदम टाइट। मैं तो जन्नत में था। बायाँ हाथ पीठ पर और दायाँ हाथ चूची को मसल रहा था। दूसरी स्ट्रैप भी गिरा दी और वह नंगी चूची कड़क निप्पल सहित मेरे मुँह पर ठोंस दी… “चूस ना, आज के बाद तेरा तो लंड का आकार हो ही जाएगा (तब मेरा टाइट होने पर 4 इंच लंबा पौने 1 इंच से थोड़ा कम) तुझे भी मज़ा दूँगी और मैं भी लूँगी,” मेरे कान में फुसफुसाई।

इसे भी पढ़े – मुझे भी अपने चूत का अकाउंट खुलवाना था

मेरा हालत तो खराब, मैं चूची चूसता रहा। अंतरा अदल-बदल कर चूची चुसवा रही थी। मैं भी बड़ी मस्ती से चूस रहा था। तब वह मेरा दायाँ हाथ लेकर उनकी बटॉक्स पर रख दिया… “यहाँ भी मसल ना।” मैं दायाँ हाथ उनकी गाँड पर सहलाने लगा, अंदर पैंटी थी, ऊपर से सलवार।

अंतरा अब उठी, मेरा शर्ट निकाल फेंका, पैंट उतार दी। और खुद अपनी ब्रा, कमीज़ उतार फेंकी, और मुझसे लिपट गई। मैं भी इतना उत्तेजित हुआ कि मैं भी उनको पकड़ लिया और होठों से होठ चिपका डाले। जीभ की जंग शुरू हो गया, साँसें तेज़, “ओह भाविश, मुझे मसल डाल।”

मेरा हाथ उनके पीठ, गाँड, थाईज़ को सहला रहा था, “भाविश, मेरा सलवार खोल दे,” बोलके खुद उठ गई और सलवार खोलने में लग गई। विदिन सेकंड्स, वह सलवार और सफ़ेद पैंटी निकाल दी और मेरे ऊपर चढ़ गई। मुझे उनकी नंगी गाँड और थाईज़ को छूके बड़ा मस्ती आया। वह अपने बदन को मेरे ऊपर घिसकाती-घिसकाती साइड पर हो गई और मेरा एक हाथ लेकर दोनों थाईज़ में दबोच लिया।

“ओ भाविश, यहाँ मालिश कर ना…” हाथ में गर्मी लगी और उँगलियों से बाल का महसूस हुआ।

मैंने पूछा “ये क्या है?”

“तुम्हारा लंबा है और हमारा फूला है और दो मिलाने में बहुत मज़ा आता है।”

“तुझे कैसे मालूम?”

“सबको मालूम है लंड और बुर का खेल लेकिन करने में ही असली मज़ा है।” मुझे कुछ गीला-सा लगा। पूछने पर बताया कि “अब तुम्हारा अंदर जाने का टाइम हो गया है।”

“कहाँ जाना है?”

“मेरे बुर के अंदर। तुम्हारा लंड बुर में जाने से मेरा बुर से चुत बन जाएगा। तुम चुपचाप लेटे रहो मैं करती हूँ।” और वह मेरे ऊपर आ गई। टाँगें फैलाकर मेरा 4 इंच का लंड को पकड़कर बड़े प्यार से कहा, “कब से सोच रही थी कि ऐसा करूँ, इसीलिए तो तुम्हारा टॉवल खींचने की कोशिश कर रही थी, तुम तो बिल्कुल अनाड़ी निकले। खैर, कोई बात नहीं, अब और टॉवल खींचना नहीं पड़ेगा।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मेरा लंड का ऊपर का चमड़ा खींचकर सुपड़ा निकालकर अपनी बुर पर रगड़ने लगी, मैं तो जैसे होश ही खो बैठा। इतना मुलायम, इतनी गर्मी, इतनी चिकनी, फिर वह थोड़ा प्रेशर दे दिया और “आह्ह्ह्ह” की। मुझे तो चुप लेटे रहने को कहा तो मैं मस्ती में चुप लेटा रहा। फिर वह अपने होठ को दाँत से दबाकर और थोड़ा प्रेशर दिया, और थोड़ा घुसा, ऐसी गर्मी उनकी बुर से होकर मेरे लंड से मेरे पूरे बदन पर छा गई।

इसे भी पढ़े – भाभी को चोदने के चक्कर में माँ चुद गई

“क्या देख रहा है? मैं इतना कष्ट कर रही हूँ तू भी कुछ कर।”

“क्या करूँ?”

“मेरी चूची को पकड़, मेरे निप्पल्स को मसल धीरे-धीरे।” जैसे मैं उनकी तनी हुई चूचियों को पकड़कर दोनों हाथ की उँगलियों से निप्पल को मसलने लगा अंतरा ने आँखें बंद कीं और धीरे से हिलने लगी। क्या करंट मारा। लंड तो पत्थर हो गया था। मेरा हाथ भी मस्ती में चूचियों को पूरा मसलने लगा।

निप्पल्स जो कि तनकर करीब आधा इंच हो गए थे इतने हार्ड थे कि उँगलियों से दबा भी नहीं पाता था। अंतरा के चेहरे को देखकर मैं तो डर गया, पूरा बदन हिल-झुल रहा था आँखें बंद, अचानक वह ऐसा प्रेशर से धक्का मारा कि हम दोनों चीख उठे दर्द के मारे और वह मेरे ऊपर गिर गई।

मेरे लंड में ऐसा दर्द हुआ, लंड पत्थर तो था ही, अंतरा की चूचियाँ मेरे छाती पर, “भाविश बस हो गया, और दर्द नहीं होगा, मुझे भी दर्द हुआ, पहली बार ऐसा ही होता है इसके बाद और नहीं होगा। तू घबरा मत, हिलना भी मत सब ठीक हो जाएगा” और मुझे चूमने लगी।

मैं भी उसके पीठ को जकड़ लिया। चूमते-चूमते मेरा हाथ उसकी गाँड पर चला गया। इतना कोमल गाँड, दोनों हिस्सों को दोनों हाथ से मसलने लगा, “हाँ रे, तू जल्दी सीख गया। मसल मेरा फूला गाँड, बाद में मारने भी दूँगी। बोल ना कैसा है मेरा गाँड?”

“ओह ओह बहुत मज़ा आ रहा है तुम्हारा चिकना गाँड को मसलने में।” बातें करते-करते वह आहिस्ता-आहिस्ता हिलने लगी।

“बोल ना मैं क्या कर रही हूँ?”

“लंड को बुर के अंदर में डाल दिया है।”

“अरे वो तो पहले ही बताया था। अब क्या कर रही हूँ?”

“क्यों, नहीं मालूम?”

“नहीं।”

“मैं तुझे चोद रही हूँ। मैं तेरे ऊपर हूँ ना इसलिए मैं तुझे चोद रही हूँ। जब मैं नीचे और तू मेरे ऊपर तब तू मुझे चोदेगा।”

इसे भी पढ़े – सुहागन बन कर चुदी कॉलेज प्रोफेसर

“तो मैं अभी चोदूँ?”

“नहीं रे। अभी तो तेरा लंड खाया है। अब चोदना शुरू करती हूँ। तू मेरा गाँड और चूची को लेकर मज़ा दे।”

“कैसे?”

“हाथों से मेरा गाँड मसल और होठों से मेरी चूची चूस निप्पल को हल्की-हल्की काट। जो मरज़ी है कर। मैं चोदती हूँ।” और वह थोड़ा ऊपर को उठी। थोड़ा-थोड़ा अंदर-बाहर शुरू हो गया। मुझे समझ आ गई चोदाई क्या है और सनसनी दौड़ने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

“ओ अंतरा दीदी, कैसा लग रहा है।”

“कैसा लग रहा है? अच्छा तो लगेगा ही, तेरा लंड आज पूरा लंड हो गया। मेरे अंदर फूल गया और मेरे बुर को भी चौड़ी कर दी। आज पहली चुदाई हम दोनों की।”

“कैसे मालूम ये सब?”

“बाद में फुर्सत में बताऊँगी। तुम तो मेरी सहेलियों को तो जानते हो?”

“हाँ, तुम्हारा तो ग्रुप में और पाँच हैं।”

“हाँ हम लोग खूब बातें करते हैं इसके बारे में। ऐ भाविश, तुझे मेरी सहेलियाँ कैसे लगती हैं?”

“बहुत अच्छे।”

“उनको भी चोदेगा?”

“धत्त!”

“धत्त क्या। पहले मैं जी भरके तेरे साथ चोदा-चोदी करूँगी। फिर उन सबको भी तेरे से चुदवाऊँगी। चिंता मत कर। दोनों करते-करते एक्सपर्ट हो जाएँगे।”

इसे भी पढ़े – भाई को बहनचोद बना डाला

बातें भी चल रही थीं और अंतरा अपनी बुर मेरे लंड में ढकेल रही थीं। अब दर्द नहीं रहा और मैं भी अपने आप नीचे से हिलने लगा, अंतरा बोली, “हाँ ऐसे ही ऊपर की ओर मार। मैं जब ऊपर जाती हूँ तो तू नीचे जाना फिर हम दोनों ऊपर-नीचे एक साथ मारेंगे।”

थोड़ा ट्राई करने के बाद टाइमिंग मिल गया। और क्या था। दे दना दन। अंतरा नीचे की ओर मारती और मैं ऊपर। लंड बुर में छप-छप की आवाज़ निकलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

“दीदी तुम्हारा बुर से बहुत पानी निकलने लगा है;”

“हाँ रे अब पूरी चुदाई की मस्ती छाई है। तेरा लंड तो सिर्फ चार इंच का है लेकिन क्या मज़ा दे रहा है। देखना चार-छह महीनों में ये लंड और लंबा और मोटा हो जाएगा।”

“क्यों?”

“मेरा कमसिन बुर को चुत बनाके पूछता है क्यों? क्योंकि तेरा लंड मेरे बुर का मीठा रस पीकर तगड़ा होने लगेगा। ओह ओह, चुदाई में इतना मज़ा। दीदी मुझे भी तो चोदने दो ना?”

“अरे मैं तो पूरा चोद लूँ, सेकंड टाइम तू चोद देना। देख ना मेरा बुर अब पूरा चुत बन गया है और मेरा असली पानी निकलने वाला है। मार भाविश, धक्का मार, गंदी बात बोल ना।”

“गंदी बात?”

“हाँ रे, अब तो हम दोनों में शर्म भी नहीं रही, दोनों नंगे हैं, चुदाई कर रहे हैं, गंदी बात कर।”

“ओह अंतरा दीदी, ये चोदा-चोदी में इतना मज़ा, तुम्हारी चुत में इतना मज़ा है पहले क्यों नहीं किया?”

इसे भी पढ़े – रिच सेक्सी मैडम ने लेस्बियन पार्टनर बना लिया

“अरे मैं तो कब से तेरे पीछे थी तू ही साला मुझे देखता भी नहीं था… ओओओह्ह्ह मार, मार धक्का मार मेरा चुत का पानी निकलने वाला, मेरे निप्पल को चूस, मेरी गाँड दबा, आई, मेरी गाँड मारेगा?”

“मारने दोगी तो मारूँगा।”

“साला दीदी को चोद रहा है और पूछता है कि ओह ओह ओह पेल ना पेल ना मार ओह मेरी गाँड को ज़ोर से दबा मेरा निकला,”

“क्या निकला?”

“मेरा चुत का रस ओह ओह ओह और थोड़ा कसके कसके गाँड दबा, गाँड दबा, निप्पल को जल्दी-जल्दी चूस, मार मार मार ओओओह्ह्ह निकला, निकला आआह्ह्ह।”

अंतरा एकदम से शांत हो गई और मेरे ऊपर इतने भारी लगके मेरी साँसें फूलने लगीं तब भी मैं चुप रहा। आज ये बिल्कुल एक नया अनुभव था एक लड़की के साथ इतना मज़ा क्या जा सकता है? लड़की का बदन इतना में इतना जोश है, इतनी खूबसूरती है? आज मुझे मालूम हुआ। पहली चुदाई में मेरा पानी नहीं निकला लेकिन दूसरा बार जब अंतरा नीचे और मैं ऊपर तब अंतरा मान गई कि उसका ट्रेनिंग एकदम परफेक्ट था। इसके बाद तो अंतरा ने उसकी सभी सहेलियों को मुझसे चुदवाया और तब से आज के डिजिटल दुनिया में बहुतों को चोद रहा हूँ। इससे और प्यारा मज़ा कहाँ है। क्यों सही है कि नहीं?

ये Horny Girl Hindi Sex Story आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………

Related posts:

  1. कोचिंग सेंटर में चुदाई का खेल
  2. गर्म कुंवारी पड़ोसन चुदवाने आ गई
  3. पहले भरोसा तोड़ा फिर मेरी चूत की सील
  4. बहन की सहेली को घर में अकेले पा के चोदा
  5. मेरी प्यारी रशीदा की चुदाई
  6. बीवी की मासूम सहेली की चाहत

Filed Under: Kunwari Ladki Ki Chudai Tagged With: Blowjob, Boobs Suck, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Kunwari Chut Chudai, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Pahli Chudai, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • पंजाबी लड़की की चुदासी चूत चोदी
  • Padosan Ko Dikha Ke Biwi Ko Jordar Choda
  • डांस प्रैक्टिस करती बेटी को चोदने लगे अब्बू
  • Bagal Wali Police Aunty Ki Garam Chut
  • माँ और बहनों की प्यास बुझाने लगे भैया

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated