Desi Try First Anal Sex
यह कहानी मेरी और मेरी एक प्यारी सी स्वीट सी पड़ोसन के बारे में है। वह हमारे एक पूर्व मकान मालिक की बेटी थी। हम उनके मकान के ऊपर वाले पोर्शन में रहते थे और वह नीचे रहते थे। उनकी तीन बेटियाँ थीं – 25, 22 और 18 साल की। लास्ट वाली जो 18 साल की थी (फरहाना) बहुत प्यारी सी और खूबसूरत सी थी। Desi Try First Anal Sex
रंग दूध जैसा, होंठ गुलाब जैसे, मम्मे मुनासिब और गोल-गोल। वाओ! फिगर 34-28-34 थे। यकीनन वह उन तीनों में सबसे ज्यादा खूबसूरत थी। मैं जब भी उसे देखता, देखता ही रह जाता। मेरे दिल में उसके साथ कुछ करने की ख्वाहिश जरूर पैदा होती। उनकी फैमिली भी कुछ ओपन माइंडेड सी थी। इसलिए मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और मैं और वह जल्द ही दोस्त बन गए।
वह बहुत शर्मीली थी, लेकिन रफ्ता-रफ्ता मैंने अपने बिहेवियर से उसे कुछ-कुछ फ्री सा कर लिया, लेकिन ज्यादा भी नहीं। फिर एक बार मैंने उसकी बर्थडे पर उसे अपने एक दोस्त के फ्लैट पर ले गया जो वहाँ नहीं था और की मैंने उससे ले ली थी। लेकिन फरहाना को कुछ भी नहीं बताया। बस यही कहा कि सरप्राइज है। वह अपने घर बताकर आई थी कि उसकी किसी सहेली ने इनवाइट किया है। वहाँ हमने केक काटा, फिर मैंने उसे खिलाया।
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ऐसे ही बातों-बातों में मैंने उससे कहा, “फरहाना, तुममें कुछ खास बात है।”
उसने पूछा, “क्या?”
मैंने कहा, “तुम बड़ो बड़ो का हाल खराब कर सकती हो।”
उसने मुस्कुराते हुए कहा, “कैसे?”
मैंने उसके होंठों पर किस करते हुए कहा, “ऐसे।”
उसने कोई खास रिस्पॉन्स नहीं दिया, लेकिन मैं समझ गया कि यह सिर्फ शर्म के वजह से है, वरना तो काम गरम है।
खैर, कुछ हफ्तों के बाद मेरे सारे घर वाले एक पार्टी पर गए और मैं बहाना बनाकर रुक गया। कुछ देर बाद मैं नीचे उतरा और मौका मिलने पर उससे कहा, “ऊपर आ जाओ, मैं बोर हो रहा हूँ अकेले।” उसने थोड़ी देर में आने को कहा। और फिर जब उसके सारे घर वाले अपने-अपने कामों में बिजी थे तो वह आ गई।
(वैसे उसकी एक बहन जॉब करती है और एक स्टूडेंट है, दोनों घर में नहीं थीं। उसके पेपर हो चुके थे इसलिए घर में ही थी। फादर और भाई जॉब पर और मदर भी सोशल एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करने में बिजी होती थीं, इसलिए उसे कुछ ज्यादा परेशानी नहीं हुई।) फिर मैं और वह बातें करने लगे और बाद में मूवी देखने का प्रोग्राम बनाया। हम एक इंडियन मूवी देखने लगे। एक रोमांटिक सीन के दौरान मैंने फिल्म स्टॉप कर दी। किस हो रही थी।
मैंने कहा, “फरहाना, एक बात तो बताओ, जब हमने यह किया था तो तुम्हें कैसा हुआ था?”
वह कुछ न बोली, शर्मीली हो रही थी।
मैंने फिर पूछा। उसने आहिस्ता से कहा, “कुछ नहीं।”
मैंने पूछा, “मजा आया था?”
उसने हेड हिला कर कहा, “हाँ।”
मैंने उसे अपनी तरफ खींचते हुए कहा, “तो इतना डर क्यों रही हो? हम दोस्त हैं यार।”
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उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया और किस करने लगा। अब वह भी कुछ-कुछ रिस्पॉन्स दे रही थी। मैंने उसे जोर से बाहों में भरा और कहा, “एक मिनट।” मैं जा कर मेन एंट्रेंस डोर बंद कर आया। आकर कमरा भी बंद किया और उसे अपने साथ लिपटा लिया।
गुलाब जैसे नरम-नरम होंठ अपने होंठों में लिए और फ्रेंच किस करने लगा। वाओ! व्हाट अ फ्रेंच दैट वॉज। फिर मैं उसके होंठ, गाल, कान, नाक, आँखें, ठोड़ी चूमने लगा। मैंने उन पर किस्स की बौछार कर दी और वह मस्त हो गई। फिर फ्रेंच शुरू हुई और हमारी ज़बानें एक-दूसरे को सक करने लगीं।
मैंने इस दौरान अपना हाथ उसके ब्रेस्ट पर रखा और उसे सहलाता रहा। वह कुछ-कुछ हॉट हो रही थी। फिर मैंने उसकी कमीज के अंदर हाथ डालकर उसके बदन पर फिरना शुरू किया और आहिस्ता-आहिस्ता उसके मम्मों तक आ गया और ब्रा के ऊपर से ही फिरने लगा। साथ-साथ उसकी गर्दन को लिक कर रहा था। फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी कमीज उतार दी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और ब्रा के ऊपर से ही उसके हाफ ओपन ब्रेस्ट चूमने लगा। वह मस्त हो रही थी। थोड़ी देर बाद मैंने उन खूबसूरत दूध के कटोरों को ब्रा की कैद से आजाद कर दिया और उसके तने हुए ब्राउन निप्पल्स सक करने लगा। साथ-साथ कभी-कभी उसके ब्रेस्ट पर ज़बान भी सर्कल की तरह फिराता। उसे बहुत मजा आ रहा था। फिर उसके पेट और कमर को चूमता-चाटता हुआ नीचे आया और उसकी शलवार का नाड़ा खोलने लगा।
उसने कहा, “नदीम प्लीज यह… ना करो…”
मैंने उसके लिप्स किस किए और कान में कहा, “जान कुछ नहीं होगा, बस मजा है।”
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और इसके साथ ही शलवार उतार दी। वाओ! व्हाट अ सेक्सी चूत, गुलाबी लिप्स। मैंने उस पर किस किया और अपनी ज़बान फिराई। स्स्स… फरहाना मजा से सिसकियाँ ले रही थी। फिर मैं उसकी रान चूमने और चाटने लगा और साथ-साथ अपनी हाथ की उँगलियों से उसकी चूत को खोलना शुरू कर दिया। फिर उसकी सकिंग शुरू कर दी।
“चाटो… खा जाओ… यह तुम्हारी है… प्लीज… यह क्या कर दिया… उफ्फ…”
फिर मैंने उसकी चूत में अपनी एक फिंगर आहिस्ता-आहिस्ता डाल दी और फिर उसे अंदर-बाहर करने लगा। वह छूटने वाली थी और एक मिनट में ही छूट गई। अब उसकी हालत कुछ संभली। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और वह मुझे किस करने लगी। किसिंग करते-करते वह मेरे 6 इंच के लंड तक पहुँची और मैंने कहा, “ऐसे सक करो प्लीज।”
और उसने आहिस्ता-आहिस्ता मेरा पूरा लंड मुँह में लिया और बड़े सेक्सी अंदाज में सकिंग करने लगी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था। तकरीबन 10 से 15 मिनट में मैं छूट गया और सारी मनी उसके मम्मों पर डाल दी। फिर कुछ देर हम ऐसे ही बाहों में बाहें डालकर लेटे रहे। वह कुछ थक सी गई थी। 5 मिनट बाद हमने एक बार फिर किसिंग शुरू कर दी।
मैंने पूछा, “जान मजा आया?”
उसने आहिस्ता से कहा, “बहुत।”
फिर मैं सारा जिस्म किस करता हुआ उसकी चूत तक पहुँचा तो वह कहने लगी, “जान अब मेरी चूत को ठंडी भी तो करो।”
मैंने उसे बिल्कुल सीधा लिटाया और उसकी दोनों टाँगें खोलकर दरमियान में बैठ गया। अपना लोड़ा उसकी चूत पर मसलने लगा।
उसने कहा, “गांडू भैंचोद अब डाल भी दे… फाड़ भी दे…”
फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसकी चूत में लोड़ा डालने की कोशिश की लेकिन सिर्फ उसका टोपा ही घुस सका। फिर मैंने बाहर निकाला और उस पर ऑयल लगाया। अब फिर उसकी चूत में डालने लगा। बहुत मुश्किल हो रही थी। फिर मैंने उसके होंठों पर होंठ रखे और आहिस्ता-आहिस्ता अंदर डालने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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“आये मर गए… उफ्फ… निकालो… हरामजादे तुमने तो मुझे मार ही डाला…”
लेकिन मैं फ्रेंच करता रहा। एक-दो मिनट बाद उसे भी मजा आने लगा।
फिर थोड़ी देर बाद मैंने स्ट्रोक्स लगाना शुरू कर दिए।
“स्स्स… उफ्फ… वाओ… और तेज… फाड़ दो आज… मैं तुम्हारी हूँ…”
अब उसे और भी मजा आने लगा।
“आ… ज़ोर से… फाड़ दे… आ… स्स्स… ह्ह्ह… वाओ…”
मैंने स्पीड तेज कर दी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
“आ… ज़ोर से…”
मैंने स्पीड तेज कर दी।
“तेरा लोड़ा बड़ा अच्छा है… मेरी जान है…”
अब मेरी स्पीड बहुत तेज हो गई थी और वह भी छूटने के करीब हो गई। मैंने उससे किसिंग शुरू कर दी और वह छूट गई। फिर मैं भी छूटने वाला था। मैंने बताया तो उसने कहा, “मेरे मुँह में छूटाना।” मैंने निकाल के उसके मुँह में दे दिया और साथ ही छूट गया।
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मैं उसके ऊपर लेट गया और फिर साइड पर हो गया। हम आधा घंटा तक लेटे रहे। उसके बाद दूसरा राउंड लगाया। इस बार मैं उसकी गांड भी मारना चाह रहा था लेकिन उसने कहा, “फिर कभी प्लीज।” मैं मान गया। फिर मैंने उसकी चूत को अपने लोड़े से ठंडा किया और फिर कपड़े पहनकर उसे जाने दिया। कुछ दिन बाद मैं उसे अपने दोस्त के फ्लैट पर ले गया जहाँ हम दोनों ही थे। वहाँ उसे गरम करने के बाद मैंने उससे कहा, “आज गांड।” उसने कहा, “एक बार चूत फिर मैं मान गई।”
खैर जब गांड की बारी आई तो लंड पर तेल लगाकर उसके सूराख पर रखा और अंदर डालने लगा। बहुत टाइट था। मैंने बड़ी आहिस्ता-आहिस्ता डाला और उसके मुँह पर हाथ रखा रखा जो थोड़ी ही देर में खतम हो गया। फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता लोड़े को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। अब उन्हें मजा आने लगा और “चोदो… आ…” फिर मैं तकरीबन 10 मिनट में छूट गया। मैंने पूछा तो उसने बताया कि बहुत मजा आया। फिर हमने एक साथ बाथ लिया और पानी में एक-दूसरे को किस करते रहे। फिर घर चले गए।
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