• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Meri Chut Chudai Story / अमीर बनने का शॉर्टकट मेरा सेक्सी जिस्म

अमीर बनने का शॉर्टकट मेरा सेक्सी जिस्म

जून 2, 2026 by hamari Leave a Comment

Chalu Ladki Chudai

मैं हूँ प्रतिमा। बचपन से ही मैं शरारती और नटखट रही हूँ। मुझे हमेशा अपना काम निकालने से मतलब रहा है। उसके लिए जो भी रास्ता इख्तियार करना पड़े, चाहे वह जायज है या नहीं, उससे मुझे कोई मतलब नहीं रहता था। नैतिकता की बातें मुझे खोखली लगती थीं। Chalu Ladki Chudai

इसी तरह जीवन बिताते-बिताते जब मैं बड़ी हुई, तो मैं मेडिकल कॉलेज में जा पहुँची। मेडिकल कॉलेज का आखिरी साल था। मैं हॉस्टल में थी। एग्जाम नजदीक आ रहे थे। हम सब लड़कियाँ पढ़ाई में व्यस्त थीं। एक दिन सुबह थोड़ा फ्रेश होने के लिए अंजलि – जो मेरी खास सहेली थी – और मैं मिलकर बातें कर रहे थे। कैसी तैयारी चल रही है, उसकी बातें हो रही थीं। अंजलि बोली, “प्रतिमा, तू तो चोरी के लिए चिट्ठी बनाने में ही बिजी होगी।”

मैंने हामी भरते हुए कहा, “तू तो जानती है, मैं तो शॉर्ट-कट में मानती हूँ। मुझे तो रिजल्ट से मतलब है। जो भी रास्ता शॉर्ट और आसान हो, मेरे लिए ठीक है। मैं उचित-अनुचित की झंझट में नहीं पड़ती। और तुम देख लेना, इसी तरह मैं तुम सब से पहले अमीर भी हो जाऊँगी।”

उसी समय सुबह के अखबार आए। उनकी हेडलाइन थी – अरबपति सेठ जगमोहन का बेटे की शादी में निधन, Billionaire dies in Son’s wedding reception, बेटा बृज अरबों का अकेला वारिस।

हमारी बातें इस पर चली गईं और चर्चा होती रही। फिर पढ़ाई के लिए बिखर गए। मुझे इसमें कुछ ज्यादा ही इंटरेस्ट पड़ गया और मैंने ध्यान से पूरा न्यूज़ पढ़ लिया। मुझे इसमें अपने लिए अमीर बनने का शॉर्ट-कट दिखाई दे रहा था।

एग्जाम के बाद मैंने बृज के शहर की सबसे बड़ी जानी-मानी अस्पताल में जॉब के लिए अर्जी कर दी। कुछ दिन बाद मैं उस शहर में जा पहुँची और अपने तरीके से उस अस्पताल के बारे में जानकारी हासिल की। पता चला, जहाँ तक डॉक्टर्स का संबंध है, किसे जॉब देना वो सिर्फ दिन, मिस्टर अवस्थी, तय करते हैं। वे करीब 45 की उम्र के थे। खूबसूरती के चहेते थे।

मैं सज-संवरकर उनके पास जा पहुँची। बिना अपॉइंटमेंट के वे जल्दी से मिलते नहीं थे। लेकिन मैं दिन भर इंतजार करती रही। आखिर में उन्होंने मुझे बुलाया। पूछा, “क्या बात है? तुम सुबह से बैठी हो?”

मैंने सरलता से कहा, “मैं एक फ्रेश डॉक्टर हूँ, आपसे प्रभावित हूँ, इसलिए मैंने यहाँ जॉब के लिए अप्लाई किया है। आज दिन भर आपकी जो दिनचर्या देखी है, उससे ये भी जानती हूँ कि आपको एक असिस्टेंट की बहुत जरूरत है।”

मेरी ऑब्जर्वेशन से प्रभावित होते हुए उन्होंने कहा, “ये तुमने सही पहचाना, पर मुझे अनुभवी डॉक्टर चाहिए, नहीं तो मुझे असिस्ट नहीं कर पाएगा। यहाँ काम बहुत है।”

इसे भी पढ़े – दोस्त की माँ के जिस्म का मजा मिला

मैंने आँखों में शरारत भरते हुए कहा, “नहीं सर, आपको ऐसे असिस्टेंट की जरूरत है जो आपको समय-समय पर फ्रेश कर सके।”

उनके चेहरे पर बात न समझ पाने की झलक दिखाई दी और पूछा, “मतलब?”

मैं उठी, और अपने लो-कट कुर्ते पर रखा दुपट्टा ऊपर गले की ओर हटाते हुए उनके पास चली गई, और मदक स्वर में कहा, “सर, फ्रेश से अनुभवी तो काम बना देगा, आपको चाहिए काम के दबाव से बने तनाव से राहत……और अपने स्तनों – जो लो-कट से साफ दिखाई दे रहे थे – को उभारते हुए कहा, जो मैं ही दे सकती हूँ।”

वे बोल उठे, “ये-ये-ये तुम क्या…”

मैंने बात बीच में ही काटते हुए कहा, “सर, आप जो बोल नहीं पा रहे हैं, मेरा बिल्कुल वही मतलब है। कहो तो अभी फ्रेश कर दूँ।”

मैं मुड़कर दरवाजा बंद कर आई और नजदीक आकर उनका मुँह अपने स्तनों के बीच ले लिया और हल्के से दबाया। मुझे पता था, मर्दों को ये जगह बहुत रास आती है। वे मेरे मुलायम स्तनों के उष्मा भरे स्पर्श का मजा लेते रहे……और थोड़ी देर में हिम्मत जुटाते हुए उन्हें चूमने भी लगे।

मैंने कोई विरोध नहीं किया, बल्कि थोड़ी देर में अपने कुर्ते के ऊपरी बटन खोल दिए। वे बच्चे की तरह मेरे स्तन चूसने लगे। कुछ देर बाद जब रुके तो मैंने उनके सर को बालों से पकड़ते हुए प्यार से ऊपर किया, और उनकी आँखों में आँखें डालकर पूछा, “अब कहो, फ्रेश हो गए न? अब अपना काम और जोश से कर सकोगे न?”

उन्होंने हामी में सिर हिलाया। मैंने कहा, “मेरी अर्जी पहले ही आपके पास आई है, उसे निकालिए और मुझे अपॉइंट कीजिए।”

दूसरे दिन से मैं दिन की असिस्टेंट डॉक्टर बनकर रौब से अस्पताल में घूमने लगी। बस, दिन में एक-दो बार उन्हें ‘फ्रेश’ कर देती थी।

वहाँ सेट हो जाने के बाद, मैंने एक परिपत्र तैयार किया, जिसमें दर्शाया था कि नव-विवाहित युगलों को आने वाले बच्चों की सेहत के लिए गर्भ धारण करने से पूर्व अपनी जाँच कराना आवश्यक है और इस अस्पताल ने उसकी योजना तैयार की है, और जिसे इसमें इंटरेस्ट हो वो डॉ. प्रतिमा से संपर्क करे।

मैंने वो परिपत्र बृज सेठ के पते पर भेज दिया। एक दिन रश्मि – बृज की पत्नी – का फोन आया और इस परिपत्र के बारे में चर्चा की। मैंने उसे तब्बी जाँच के लिए बुला लिया। वो आई, मैंने जाँच की और कुछ सलाह दी और कहा कि आपके पति की जाँच भी जरूरी है, तो उन्हें भी भेज दें।

उसके टोकने पर एक दिन बृज ने भी फोन किया और आ गया। उस दिन मैं उसके लिए सेक्सी स्कर्ट-ब्लाउज में तैयार होकर आई थी। ऊपर डॉक्टर का ओवरकोट पहन लिया था। मैंने उसकी भी जाँच की और फिर ओवरकोट निकालते हुए कहा, “बाकी सब तो ठीक है, but we need to test your blood and semen also. So, please give samples.”

वो मेरे लो-कट ब्लाउज से दिखते मेरे स्तन-मंडल के दर्शन से और वीर्य के सैंपल की मेरी बात से हक्का-बक्का सा हो गया और मेरी ओर देखता रहा, और फिर बोला, “ब्लड तो समझा, पर सेमेन (वीर्य)? उसका सैंपल कैसे दूँ?”

मैंने एक सेक्सी अँगड़ाई लेते हुए कहा, “बाजू में एक कमरा है, वहाँ पोर्न मैगजीन और सीडी रखी हैं। आप उन्हें इस्तेमाल करके एक्साइट होकर सैंपल निकाल सकते हैं।”

अँगड़ाई लेने से मेरा लचीला फिगर उसके सामने आया और वो लालची नजर से उसे देखते हुए बोला, “डॉक्टर ये तो मुझसे नहीं होगा। I need live excitement to bring it out.”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “You are really naughty… but let me tell you, with your looks you can be heartthrob of any woman, me included!! Come on, I will provide you live excitement.”

और हम उस कमरे की ओर चल दिए। अंदर जाकर मैंने कमरा बंद किया और उसकी ओर देखकर आँखें नचाते हुए कहा, “अब? क्या मुझे कैबरे करना होगा आपके सैंपल के लिए?”

इसे भी पढ़े – खेत में कुसुम की बुर और गांड चोदा 

वो भी लाइट मूड में आ गया था, कहा, “नहीं, मुझे स्ट्रिप टीज पसंद है।”

मैंने कहा, “ओके बॉस।”

उसे बिठाया, एक ऐसी म्यूजिक कैसेट लगाई और डांस शुरू किया। नखरे भरी अदाओं के साथ मैंने अपना ब्लाउज उतारा, और उसके नजदीक जा पहुँची। उसे कुर्सी पर से खड़ा किया और उसकी बाहों में गई। कुछ देर दोनों ने साथ में डांस किया। वो मुझे दबाता रहा, मैं खुशी से दबाती रही। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उसके गले में अपनी बाहें डालते हुए मैंने उसके होंठ चूम लिए। उसकी हिम्मत बढ़ी, मेरे होंठों का रस पीते हुए, उसने मेरी ब्रा भी खोल दी। मेरा गोरा पुष्ट यौवन उसके सामने था। वो होंठ चूमता रहा और स्तनों को मसलता रहा। मुझे भी मजा आ रहा था।

मेरे होंठों से तृप्त हुआ तो गर्दन पर होते हुए नीचे उतरा। मेरे बूब्स से खेलने लगा। एक को चूमता था, दूसरे को दबाता था, फिर दूसरे को चूमता और पहले को दबाता था। मैंने भी उसे खेलने दिया पर साथ में उसके पैंट पर हाथ फिराने लगी। उसका लंड कड़क हो रहा था। जब उसका बूब्स से जी भर गया तो मैं नीचे झुकी और उसकी जिप खोल दी। लंड काफी सख्त हो चुका था।

मैंने उस पर हाथ फिराया और चूमने लगी। उस पर सब तरफ से किस करते हुए उसकी चमड़ी हटाई और चूसने लगी। (मानना पड़ेगा, बड़ा टेस्टी लंड था। उसे खाने का मजा आ गया।) वो सिसकारियाँ लेने लगा। मैंने उसे जबरदस्त ब्लोजॉब दिया और लंड उगलने के लिए तैयार हो गया।

मुझे खयाल आ गया कि अब छूटेगा तो चूसना बंद किया और सारा वीर्य बीकर में ले लिया। उसने बहुत सारा निकाल दिया। मैंने कहा, “सैंपल मिल गया, अब कपड़े पहन लो।”

मैंने उसका सेमेन डीप फ्रीज में रख दिया और कपड़े पहन लिए। मैंने उसे कहा, “चेकिंग के बाद मैं आपको रिपोर्ट भेज दूँगी।”

उसका वीर्य तो निकल गया था, लेकिन मन नहीं भरा था। मुझे कहने लगा, “क्यों न हम उसके फार्म हाउस में वीकेंड मनाएँ?”

मैंने कहा, “सैंपल तो मिल गए हैं, अब फार्म हाउस में क्या काम है?”

वो चिढ़ गया, और बोल उठा, “अंजान न बन, तुझे मालूम है मुझे क्या चाहिए और जहाँ तक मैंने तुम्हें पहचाना है, तुम्हें भी वही चाहिए।”

मैंने शर्माते हुए हामी भरी। उसने कहा, “इस वीकेंड में चलेंगे, तुम्हारी संडे को छुट्टी होती है न?”

मैंने कहा, “नहीं होती, लेकिन ले लूँगी।”

यूँ बात तय हो गई। शनिवार की रात वो लेने आ गया। मैं तैयार थी। मैंने सेक्सी शॉर्ट्स और बिना ब्रा के टी-शर्ट पहन रखी थी। टी-शर्ट के बटन बंद नहीं किए थे। मेरा क्लिवेज साफ दिख रहा था।

वो आया, और मुझे देखते ही खुश हो गया। बोला, “वाह, आज तो मैडम का रंग कुछ और ही है। मजा आ जाएगा।”

मैं उसकी कार में बैठ गई और हम चल पड़े। वो गाड़ी चलाते हुए भी बार-बार मेरी ओर मुड़कर मेरी जाँघों को और क्लिवेज को लुभावनी नजर से देख लेता था। रहा नहीं जाता था, तो दो बार तो मेरी जाँघों पर हाथ भी फिराने लगा था।

मैंने रोकते हुए कहा, “इतनी भी क्या जल्दी है, मैं तुम्हारे साथ ही हूँ।”

हम फार्म हाउस पर पहुँच गए। वो मुझे सीधा बेडरूम में ले गया और दरवाजा बंद करते हुए मुझे बाहों में लेने लगा। मैंने उसे रोका और कहा, “इस तरह नहीं।”

उसने अधीरता से पूछा, “तो?”

मैंने लज्जा से गर्दन झुकाते हुए कहा, “मैं कोई चालू लड़की नहीं हूँ जो हर मर्द के साथ इस तरह चली जाएगी। मुझे तुम पसंद हो इसलिए आई हूँ। और आई हूँ तो तुम्हारी हूँ पर पहले मुझे अपना बना लो।”

इसे भी पढ़े – कर्फ्यू में चूत चोदने को मिली चाची की

उसे बात समझ में नहीं आई, चिढ़ते हुए स्वर में बोला, “साफ बात करो।”

मैं आँखों में प्यार भरते हुए बोली, “मैं तो अपने पति को ही ये तन दूँगी। मुझे मालूम है तुम शादीशुदा हो, पर मैं तो तुम्हें पति मान सकती हूँ न?”

उसे तो जल्दी लगी हुई थी, तो बोल पड़ा, “तो मान लो न, मैंने कब मना किया है।”

मैंने हँसते हुए कहा, “बिल्कुल बुद्धू हो तुम! कम से कम एक-दूसरे के गले में भगवान के सामने हार तो डालें।”

उसे इन सब में कोई रस नहीं था, फिर भी झट से मेरा बदन उसे भोगने को मिल जाए उसके लिए तैयार हुआ और बोला, “यहीं फार्म हाउस के आँगन में ही राधा-कृष्ण का मंदिर है। चल तुझे वहीं ले चलता हूँ।”

हम वहाँ गए। वो मूर्ति पर चढ़े हार उतारकर पहनाने लगा, उसे जल्दी जो थी। मैं भड़की और कहा, “ऐसा नहीं, नया चाहिए। बताओ, कहाँ रखते हो, मैं ले आती हूँ।”

उसने आउटहाउस की ओर इशारा किया। उसे मंदिर पर छोड़कर मैं आउटहाउस की ओर चल पड़ी। अंदर दाखिल हुई तो वहाँ उसका अटेंडेंट, पीटर, था। 28-30 साल का होगा।

मैंने कहा, “भाभीजी है?”

वो बोला, “मैं यहाँ अकेला रहता हूँ।”

मैंने छाती में लंबी साँस भरी और उसे छोड़ते हुए बोली, “इस भरी जवानी में अकेला?”

मैंने कहा, “मंदिर के लिए हार यहाँ पर रहते हैं, उसमें से दो चाहिए।”

वो हार निकाल रहा था तब तक मैंने उसको सारी बात बताई और तस्वीर खिंचवाने के लिए पटाया। पैसे से तो नहीं पटाया, लेकिन मेरी जवानी से पटाया। उसे प्रॉमिस कर दिया कि जो भी मैं बेडरूम में उसके बॉस के साथ करती हुई तस्वीर में दिखाई दूँगी, वही मैं तुम्हारे साथ भी करूँगी।

मैंने उसे मेरा कैमरा फोन दे दिया।

मैं वापस मंदिर तक आ पहुँची। दोनों ने हार लिए और एक-दूसरे को पहनाने लगे। अब हम बेडरूम की ओर चल पड़े। अंदर पहुँचे और थोड़ी ही देर में दोनों नंगे हो गए थे। इतनी देर लगाने से वो मेरे बदन के लिए इतना बेताब हो गया था कि अपनी भूख मिटाने मुझ पर टूट पड़ा। वो मेरे पर सोया हुआ था। मुँह पर चुम्बन भरे जा रहा था, बूब्स मसले जा रहे थे, आगोश में दबाए जा रहा था।

बड़े जोर से मुझे रगड़ रहा था। मैं भी लेटे-लेटे मजा ले रही थी। फिर शायद अंदर घुसाने के इरादे से हाथ और घुटनों के बल थोड़ा ऊँचा हुआ और लंड चूत की ओर ले जाने लगा। मैं समझ गई और जब तक वो नीचे आता, मैं जगह पर ही पलट गई। अब मेरी पीठ ऊपर हो गई थी और वो उस पर आ लेटा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उसे लगा, मैं अंदर लेने के लिए पूरी तैयार नहीं हूँ। फिर जो उसने किया उसमें मुझे बहुत मजा आया। (आप पाठक भी इस पोजीशन का उपयोग कर सकते हैं। तभी करें जब दोनों गरम हो चुके हों।)

वो मेरे पर लेटा। अपना गर्म लौड़ा मेरे ऐस के बीच में रख दिया। मेरे कान पर से जुल्फें हटाई और मेरी कानबुटी को दाँतों से काटने लगा। अपने दोनों हाथ मेरे दोनों बूब्स के नीचे घुसाए। अब एक साथ चार जगह सुख महसूस हो रहा था। हाय!!!

वो कानबुटी का दाँतों से चबाया जाना, वो दोनों बूब्स का बेरहमी से मसला जाना, वो पीठ पर उसके भारी वजन से दबना और वो ऐस की क्रीविसेस पर उसके मोटे गर्म लंड को महसूस करना……सुख ही सुख था……बड़ा मजा आ रहा था……

थोड़ी देर में वो कानबुटी से गर्दन को चूमते हुए नीचे उतरा और पीठ पर चूमने लगा। फिर लंड को हटाकर मेरी चूत को टच करते हुए रख दिया और पीठ को दाँत से काटने लगा। जब जी भर गया तो मैं वापस पलटी और नीचे सरकी। उसके तने हुए लंड को बड़े प्यार से खाने लगी।

इन सारी क्रियाओं को मेरा पटाया हुआ तस्वीरकार मेरे मोबाइल फोन के कैमरा पर उतार रहा था।

जब वो अंदर डालने पर उतारू हो गया तो मैंने कहा, “कंडोम पहन लो।”

इसे भी पढ़े – देवर की सेक्सी ख्वाहिशें पूरी की भाभी ने 1

उसने कहा, “क्या जरूरत है।” पर मैं नहीं मानी। उसके पास वहाँ कंडोम था भी नहीं। मैंने कहा, “कोई बात नहीं हम दोबारा आएंगे, अब तो मैं तुम्हारी ही हूँ न। इससे भी ज्यादा मजा कराऊँगी। आज ओरल कर लो।”

वो इतराते हुए मान गया, मैंने वापस उसे एक पावरफुल ब्लोजॉब दी और उसे शांत किया।

दूसरे ही दिन पीटर आ गया और मेरा फोन लौटाया। तस्वीरें साफ थीं। मैंने उसे थैंक्स कहा तो वो कहने लगा, “थैंक्स से काम नहीं बनेगा, मैडम, अपनी बात याद कर लो।”

मैं उसकी बात समझ गई और कहा, “ठीक है, चलो अंदर।”

वो तो पूरे रास्ते मुझे चोदने के सपने ही देखते हुए आया था, तो एकदम गरम था। हम तुरंत आगे बढ़ गए। उसे तस्वीर की सारी पोजीशन याद थी और वो सब रिपीट हुआ।

मैंने उसे भी कंडोम की बात कहकर टालना चाहा, लेकिन वो चालाक था, कंडोम लेकर ही आया था। अब कोई रास्ता नहीं था तो मैंने कहा, “ठीक है।”

दिखने में दुबला-पतला था, पर चुदाई उसने बहुत जमके की। बहुत दिन से अकेला जो था……सारी कसर मुझ पर निकाल दी, उलट-पुलट कर मुझे चोद डाला। वैसे मुझे भी मजा आ गया।

इसके दो दिन बाद सारी तस्वीरें बृज को दिखाईं, और सारी बात रश्मि को बताने की धमकी देकर मैं उसे ब्लैकमेल करने लगी।

मैंने उसे नियमित रूप से मेरे अकाउंट में पैसे जमा कराने पर मजबूर कर दिया। वो पैसे जमा करता रहा। मैं धनवान होती गई। योजना का प्रथम चरण पूरा हो गया था।

एक दिन रश्मि का फोन आया, “डॉक्टर मैंने पीरियड मिस किया है।”

मैंने उसे बुला लिया। मैंने उसे चेक किया तो पता चला कि वो प्रेग्नेंट थी। मैंने उसे ये शुभ समाचार दिया। वो खुश हो गई। मैंने उसे इस अवस्था में कैसे रहना ये बताया और कहा कि मैं लंबी छुट्टी पर जा रही हूँ।

वो नाराज हुई, उसे मुझ पर एक डॉक्टर की हैसियत से भरोसा जो हो गया था। मैंने कहा, “चिंता मत करो। तुम्हारी डिलीवरी की तारीख तक लौट आऊँगी।”

मैं छुट्टी पर चली गई। रश्मि की डिलीवरी की तारीख नजदीक आई तो मैं वापस लौट आई।

इसे भी पढ़े – हवसी दामाद ने मुझे प्रेग्नंट कर दिया है

मुझे वापस आई देखकर रश्मि खुश हो गई और निश्चिंत हो उठी। मैंने उसे चेक करके एडमिट हो जाने को कहा। दो दिन बाद रश्मि को लेबर पेन शुरू हुआ। उसे चेक करके मैंने कहा, “चिंता मत कर, आज तेरा छुटकारा हो जाएगा, बस दोपहर तक वेट कर।”

वो दर्द में भी मुस्कराई।

दोपहर से पहले ही अस्पताल में एक हादसा हो गया। जनरल वार्ड में हमेशा डिलीवरी के कई केस एक साथ रहते थे, बड़ी अस्पताल जो थी। उस दिन एक नर्स मुझे बता रही थी कि वहाँ से एक बच्चा चोरी हो गया, उतने में रश्मि दर्द से चिल्लाई। हम सब भागे और उसकी हालत देखते हुए उसे ओटी में ले गए।

दो-तीन घंटे हम वहीं थे, आखिर में उसे बच्चा हो ही गया।

उसके कुछ दिन बाद मैंने वो अस्पताल छोड़ दिया।

दो साल बाद, मैंने अपनी योजना आगे बढ़ाई और बृज पर उसकी पत्नी होने का और उससे अलग होने का मुकदमा ठोक दिया और एलीमनी माँग ली। बृज चौंका, पर मैंने उसे मिलने से ही इनकार कर दिया, और कहा अब अदालत में ही मुलाकात होगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मुकदमा शुरू हुआ। बृज ने बड़े नामी वकील को रख रखा था। मगर रश्मि को हमारे संबंधों के बारे में पता न चले इसलिए वो सारी बात छुपाए रखा।

मेरा केस मैं खुद लड़ रही थी। वकील को लगा, भला मैं क्या उसका मुकाबला करूँगी?

कोर्ट में वकील ने कहा कि हमारी शादी ही नहीं हुई है। मैंने उसके फार्म हाउस पर ली गई तस्वीरें पेश कीं जिसमें दोनों एक-दूसरे को माला पहनाते हैं। लेकिन वकील ने दलील की कि आज के कंप्यूटर के जमाने में तस्वीर सबूत नहीं हो सकती।

मैंने पूरे जज्बात से जज साहब को विश्वास दिलाया कि ये असली है। पर वकील स्मार्ट था। उसने ये कह दिया कि अगर जज इसे मान्य रखते हैं तो वो कल कोर्ट में ऐसी तस्वीर लेकर आएगा जिसमें मेरी शादी जज साहब से होती दिखाई जाएगी। क्या कोर्ट उसे भी मान्य करेगी?

तो जज ने मुझे कहा, “बेटी इसे नहीं मान सकते। तेरे पास और कोई सबूत है?”

मैंने कहा, “बृज मेरे घर का खर्चा चलाता है, देख लीजिए ये बैंक पासबुक।”

वकील ताज्जुब हुआ उसे देखकर और नाराज भी हुआ कि उससे बात छुपाई जा रही है। फिर भी उसने दलील कर दी कि बृज धनवान है और बहुत डोनेशन करता है। ये भी दान ही है, बिना किसी अपेक्षा का। ये कोई सबूत नहीं है।

जज ने वापस मेरी ओर देखा। मैंने बताया, “ठीक है, बृज बार-बार मेरे घर आते रहे, मुझे भोगते रहे…… वो भी दान था क्या?”

वकील ने फिर बृज से गुप-चुप की और मेरी बात को झूठ कहकर ठुकरा दिया और उस बात का सबूत माँगा।

मैंने कहा, “अच्छा!! फिर मैं ये कैसे जानती हूँ कि उसकी जाँघ पर कौन सा निशान है?”

वकील फिर चौंका, पर चालाक था। तुरंत जवाब जोड़ दिया, “बृज स्विमिंग चैंपियन है, उसकी जाँघ कई लोगों ने देखी है। इससे कुछ साबित नहीं होता है।”

मैं बोल उठी, “ये लोग तो सच को झूठ कह रहे हैं। ये लोग तो इस बात से भी इनकार कर देंगे कि कल रात भी बृज मेरे साथ सोया था और मुझे ये प्रॉमिस किया था कि वो कोर्ट में सच को मान लेगा।”

ये सुनते ही बृज और उसके वकील चौंक गए, क्योंकि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। वकील बृज की ओर प्रश्न भरी निगाहों से देखने लगा। बृज चिल्लाया, “ये औरत झूठी है।”

जज मेरी ओर देखने लगे।

मैंने कहा, “सर, मैं नहीं, ये झूठे हैं। सच को मान लेने का झूठा वादा करके रात को तो बृज ने मुझे भोगा भी है।”

इसे भी पढ़े – गाँव घुमने आई 2 सेक्सी शहरी बहने

अब तो सब हक्के-बक्के हो गए। वकील को लगने लगा, बृज उससे भी छुपाता है। वो उसे एक किनारे ले जाकर पूछताछ करने लगा। लेकिन बृज छाती ठोककर कहने लगा कि वो मेरे पास आया ही नहीं तो मुझे भोगने का प्रश्न ही कहाँ उठता है।

वकील आश्वस्त हुआ, और मेरे पास से विजयी अदा से गुजरते हुए उसने कोर्ट से दरख्वास्त की कि मेरी मेडिकल जाँच कराई जाए। फिर मेरी ओर मुड़ते हुए कहा, “आप तो डॉक्टरणी हैं, ये तो आप मानेंगी न कि अगर बृज ने आपको भोगा है तो आपकी मेडिकल जाँच से उसके सबूत मिलेंगे।”

मैंने कहा, “जी हाँ, As a Doctor I know that, और मैं जाँच के लिए तैयार हूँ।”

मेरे जवाब से वो दुविधा में पड़ गया। अब उसे लगा बृज उससे जरूर झूठ बोलता है।

मुझे जाँच के लिए ले जाया गया……और रिपोर्ट में मेरी चूत के अंदर से बृज का वीर्य और चूत के बाहर मेरे बालों के अंदर से उसके बाल मिले। अब तो ये साबित हो गया कि वो रात को मेरे साथ था, और कोर्ट में झूठ बोला।

बेचारा बृज! उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। लेकिन वकील ने फिर भी हार नहीं मानी। उसने लाइन ऑफ आर्गुमेंट बदली। उसने कहा कि क्योंकि बृज की रश्मि से शादी पहले ही हो चुकी थी, और ये बात तो मैं भी जानती थी, मेरी और बृज की शादी लीगल नहीं है और ज्यादा से ज्यादा मैं बृज की रखैल कहला सकती हूँ। और रखैल को पत्नी का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। बृज ने इस औरत को भोगा जरूर है पर कोई रंडी को चोदने के लिए जागीर नहीं लुटा देता। थोड़ा कंपेंसेशन जरूर ले ले, लेकिन दौलत में हिस्सा नहीं माँग सकती।

जवाब में मैंने एक और बम फोड़ा। मैंने वकील से और जज से पूछा, “चलो माना कि कानून की नजर में मैं रखैल हूँ, पर, हमारे बेटे का तो कोई कसूर नहीं है न? उसे तो उसका हक मिलना चाहिए न? और बृज भी कहाँ कमाने गया था? ये संपत्ति तो जगमोहन सेठ की कमाई हुई है। पिता की उपार्जित मिल्कियत होते हुए, उसमें हमारे बेटे का बराबर का हिस्सा है।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अब तो सब अवाक हो गए। वकील वापस बृज को कोने में ले गया और पूछने लगा कि ये बेटे की बात क्यों नहीं उसे बताई?

बृज वापस चिल्लाया, “ये एक नंबर की झूठी है। मेरा उससे कोई बेटा नहीं है।”

मैंने जज से कहा, “कौन झूठा है ये तो आप पहले ही देख चुके हो, वो कल रात भोगने वाली बात में।”

जज ने पूछा, “कहाँ है वो बेटा?”

मैंने कहा, “यहीं बाहर है।”

उन्होंने ऑर्डर दिया, “लेकर आओ उसे।”

मैं बाहर गई और बच्चे को लेकर लौटी। बच्चे ने बृज को देखा तो बोल उठा, “पापा!”

सब हैरान थे। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बृज ने इनकार कर दिया कि ये उसका बच्चा है।

वकील ने उसे ठोक-ठोककर पूछा और जब बृज ने विश्वास दिलाया कि वो सच कह रहा है, तो उसने कोर्ट से रिक्वेस्ट की कि बच्चे का और बृज का डीएनए टेस्ट किया जाए।

कोर्ट ने ऑर्डर दिया। टेस्ट हुआ और रिजल्ट आया कि ये बालक बृज की ही संतान है!!!!

कोर्ट ने ऑर्डर सुना दिया। जगमोहन की संपत्ति में से बहुत बड़ा हिस्सा उस बालक के नाम कर दिया गया, और वो मेरी कस्टडी में होने से उस पर मेरा अधिकार स्थापित हो गया।

वकील और रश्मि दोनों ने मान लिया कि बृज झूठा है और उसके मुझसे संबंध थे। लेकिन बृज और मैं तो जानते थे कि बृज सच्चा था, मैं झूठी थी।

बृज हैरान था…..और मैंने उसे हैरान ही रहने दिया……

एक दिन मेरे नए बंगले पर अंजलि मिलने आई, और पूछ बैठी, “ये सब क्या चक्कर है?”

वो खास सहेली थी तो मैंने सारी बात का पर्दा फाश किया और राज खोल दिया……

प्रिय पाठक, अगर आप चाहें तो आगे न पढ़ते हुए खुद ही डिटेक्टिव बनकर इन सवालों के जवाब खोज सकते हैं कि

  1. उस रात बृज मेरे साथ नहीं था फिर भी ये बात कैसे साबित हो गई कि उसने मुझे भोगा है और
  2. वो बच्चे का डीएनए टेस्ट कैसे पॉजिटिव आया?

सोचिए….सोचिए……और सोचिए……..

अगर पढ़ ही लेना हो, तो आगे पढ़िए।

इसे भी पढ़े – ताऊ जी को दीदी को चोदते देखा

मैंने अंजलि से कहा, “सुन, अस्पताल में मैंने उसके वीर्य का सैंपल लिया था, जो मेरे ही कब्जे में था। उस दिन कोर्ट में जब मैं क्लेम कर रही थी कि वो अगली रात मेरे साथ सोया था, तो मैंने उसमें से कुछ हिस्सा निकालकर मेरी चूत में रख दिया था। फार्म हाउस पर जब उसका लंड चूसा था तब उसके कुछ बाल गिरे थे जो मैंने चुपके से ले लिए थे, और वो भी मैंने मेरे बालों के साथ रख दिए थे। इस तरह दोनों असली थे तो टेस्ट में पास होने ही थे।”

अंजलि ने पूछा, “और बच्चे का डीएनए कैसे मिल गया?”

मैंने कहा, “बच्चा उसका है तो मिलेगा ही न?”

अंजलि हैरानी से देखने लगी।

मैंने कहा, “वो उसका जरूर है, मेरा नहीं है।”

अंजलि उलझ गई।

मैंने कहा, “जब रश्मि की डिलीवरी हुई थी उस दिन एक गरीब औरत का बच्चा चोरी हो गया था। वो चोरी मैंने करवाई थी। वही बच्चा मैंने रश्मि की गोद में रख दिया था, जिसे आज तक वो अपना समझकर बड़ा कर रही है। उसको जो बच्चा हुआ था वो मेरे पास है। मतलब, ये वाकई में बृज का ही बच्चा है। तो डीएनए मैच होना ही था! मारा न शॉर्ट-कट?? और हो गई न अमीर??” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अंजलि बोली, “मान गई तुझे।”

मैंने स्वर बदलकर कहा, “लेकिन एक बात मैं आज तक मिस कर रही हूँ।”

अंजलि को लगा मैं पछता रही हूँ, तो पूछ बैठी, “क्या मिस कर रही हो?”

मैंने एकदम ही सेक्सी स्वर में कहा, “बृज का लंड। बड़ा टेस्टी था। आज भी उसे खाने को जी करता है!!!!”

अंजलि बोल उठी, “तू नहीं बदलेगी, बदमाश!”

और दोनों हँस पड़े।

ये Chalu Ladki Chudai की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. शादीशुदा महिला की चुदासी चूत
  2. मुझे रंडी बना कर बॉस से चुदवाया फ्रेंड ने
  3. सामने वाले लड़के को फंसाया पेलवाने के लिए
  4. पति के दोस्त ने बाथरूम में चोदा
  5. गोवा में मोटे विदेशी लंड का मजा लिया
  6. टट्टी खिला और पेशाब पिला कर चोदा

Filed Under: Meri Chut Chudai Story Tagged With: Anal Fuck Story, Bathroom Sex Kahani, Blowjob, Boobs Suck, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • अमीर बनने का शॉर्टकट मेरा सेक्सी जिस्म
  • Purani Maal Ko Khoob Jamkar Pela
  • शादीशुदा जवान माल के चूत की गर्मी शांत की
  • Is Holi Me Jija Ke Lund Ke Maje Liye
  • गैर मर्द से चुद कर प्रेग्नेंट हो गई

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated