Sex Ki Pyasi Didi
मेरा नाम विपिन है। मैं बरेली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 22 साल है और मैं ग्रेजुएशन थर्ड ईयर में पढ़ रहा हूँ। मैं दिखने में हैंडसम और हट्टा-कट्टा हूँ, तो लड़कियाँ मुझ पर मरती हैं। मेरी 2 गर्लफ्रेंड्स हैं, जिनकी मैं जब चाहे चुदाई करता हूँ। फैमिली की बात करूँ तो मेरी फैमिली में मैं, मेरे मम्मी-डैडी, दादा-दादी, और एक बड़ी बहन है। Sex Ki Pyasi Didi
हमारा फैमिली बिजनेस है, जिसको दादा जी और पापा मिलकर चलाते हैं। काम अच्छा है तो पैसों की कोई कमी नहीं है। इसीलिए तो मेरी 2 गर्लफ्रेंड्स हैं। मैं उन पर खूब खर्चा करता हूँ, और मजे लेकर चोदता हूँ। वो भी खुश होकर अपनी चूत से मेरे लंड को खुश करती हैं। लेकिन ये कहानी मेरी नहीं है। ये कहानी मेरी बड़ी बहन शाम्भवी की है।
शाम्भवी दीदी 27 साल की हैं। दिखने में खूबसूरत हैं। रंग उनका गोरा है और बॉडी थोड़ी चब्बी है। अब आप सोच रहे होंगे कि 27 साल उम्र हो गई, लेकिन अभी तक दीदी की शादी नहीं हुई। इसका कारण ये है कि उनमें एक कमी है। और वो ये है कि वो लंगड़ी हैं।
जब दीदी छोटी थीं, तो सड़क पर भागकर चली गईं। सामने से एक बाइक आ रही थी, जो दीदी में आकर लगी और बाइक के टायर के नीचे उनकी लेग आ गई। उनकी चोट ऐसी थी कि उनकी टाँग काटनी पड़ी। लेकिन फिर उनके लिए नकली टाँग बनवा ली घर वालों ने, जिससे वो आराम से चल-फिर सकें। लेकिन नकली टाँग तो नकली ही होती है।
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उसके बाद धीरे-धीरे दीदी को नकली टाँग पर चलने की प्रैक्टिस हो गई। लेकिन चलते हुए थोड़े झटके हमेशा लगते रहे। जवान होने के बाद दीदी के लिए कई बड़े घरों के रिश्ते आए, लेकिन जब उनको उनकी टूटी टाँग का पता चला, तो वो उल्टे पैर वापस चले गए।
फिर दीदी ने एक दिन पापा से कह दिया कि वो शादी नहीं करना चाहतीं। घर वाले दीदी के साथ जबरदस्ती नहीं करना चाहते थे, इसलिए उनकी बात मान गए। हालाँकि वो बीच-बीच में कभी-कभी दीदी से पूछ लेते अगर उनका मन बना हो शादी का। मैं भी अक्सर ये सोचता था कि दीदी की जवानी कैसे निकल रही होगी। क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड्स जब मेरा लंड लेती थीं, तो उनको बहुत मजा आता था। वो उछल-उछलकर चूत चुदवाती थीं।
फिर मैं सोचता कि क्या दीदी का ये सब करने का दिल नहीं करता होगा? लेकिन फिर एक दिन मैंने कुछ देखा। फैमिली मेंबर्स के अलावा हमारे घर में नौकर-नौकरानियाँ भी हैं। एक कुक है, एक माली, एक ड्राइवर। ये तीनों अपनी बीवियों के साथ हमारे ही घर के बाहर बने सर्वेंट क्वार्टर्स में रहते हैं।
तीनों की उम्र 35-40 के बीच है। किसी को 7 साल हो गए हैं, तो किसी को 10 साल हमारे पास काम करते हुए। सब पूरे विश्वास वाले बंदे हैं। एक दिन मैं रात को सो रहा था। मुझे एक बुरा सपना आया, जिससे मेरी नींद खुल गई। जब मैं उठा, तो मुझे पसीना आया हुआ था। मेरा गला सूख रहा था, तो मैं पानी पीने के लिए किचन की तरफ जाने लगा। टाइम देखा तो रात का 1 बजा था।
मैं किचन में गया और पानी पिया। फिर वापस अपने रूम में आ गया। मेरे रूम में जो विंडो है, उससे पूरे बंगले का ओपन एरिया दिखता है। और हमारे सर्वेंट क्वार्टर्स भी ओपन एरिया में ही हैं। जब मैं सोने जाने लगा तो मेरी नजर विंडो से बाहर की तरफ गई। मैंने देखा वहाँ कोई था गार्डन में।
जब मैंने ध्यान से देखा तो वहाँ दीदी थीं। दीदी ने नाइट सूट पहना हुआ था। वो वॉक कर रही थीं। मैंने सोचा कि दीदी इस वक्त वॉक क्यों कर रही थीं। लेकिन वो वॉक नहीं कर रही थीं, वो कहीं जा रही थीं। चलते-चलते दीदी एक सर्वेंट क्वार्टर के दरवाजे पर रुकीं, और दरवाजा नॉक किया।
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ये हमारे ड्राइवर का क्वार्टर था। उन दिनों उसकी बीवी गाँव गई हुई थी। ड्राइवर ने दरवाजा खोला और दीदी अंदर चली गईं। ये मुझे कुछ अजीब लगा। मैंने सोचा कि दीदी इतनी रात ड्राइवर के कमरे में क्या करने गई थीं? मुझे लगा कि कहीं उसको कोई हेल्प तो नहीं चाहिए थी?
फिर मैंने सोचा कि हेल्प चाहिए थी तो वो मुझे बुला सकती थीं, या पापा को बुला सकती थीं। फिर मुझे लगा कहीं वो कुछ गलत तो नहीं कर रही थीं। ये सोचकर मेरी आँखें बड़ी हो गईं। मैं जल्दी से अपने कमरे से बाहर निकला और गार्डन एरिया में चला गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वहाँ जाके मैं दबे पाँव ड्राइवर के क्वार्टर के बाहर जाके खड़ा हो गया। सारे सर्वेंट क्वार्टर्स में एक-एक विंडो है। वहाँ से अंदर देखा जा सकता है। मैं ड्राइवर के रूम की विंडो के पास गया और अंदर झाँकने लगा। अंदर देखते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए। ड्राइवर खड़ा हुआ था। उसकी पैंट और अंडरवियर जमीन पर थे।
मेरी दीदी उसके सामने घुटनों पर बैठी थीं, और उसके लंड को हाथ में लेकर सहला रही थीं। ये सीन देखकर एक बार तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने सोचा कि ड्राइवर ने मेरी दीदी को बहकाया होगा। और ये सोचकर मुझे बहुत गुस्सा आने लगा। फिर मैं अंदर जाने लगा। मेरे मन में था कि ड्राइवर को अच्छा सबक सिखाऊँगा। लेकिन तभी मेरे कानों में आवाज पड़ी ड्राइवर की।
ड्राइवर: छोटी मालकिन, ये सही नहीं है। मालिक मुझ पर बहुत विश्वास करते हैं। अगर उनको पता चल गया कि हम क्या कर रहे हैं, तो मेरी बनाई इज्जत चली जाएगी।
तभी दीदी बोलीं—
शाम्भवी: कुछ नहीं होगा। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। बस थोड़ी देर के लिए ही तो मैं तुम्हारे पास आती हूँ। और पैसे भी तो देती हूँ। और ऐसा कुछ गलत नहीं होता। मजा लेना चाहिए ऐसी चीजों का।
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ये बोलकर मेरी दीदी ने ड्राइवर का लंड अपने मुँह में डाल लिया और उसको चूसने लगीं। अब मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल चुकी थी। असल में मेरी दीदी थीं जो ड्राइवर से सब करवा रही थीं। मतलब शादी न करना सिर्फ एक ड्रामा था। दीदी को लंड चाहिए था बाकी लड़कियों के जैसे।
मेरी दीदी के मुँह में ड्राइवर का लंड था, और वो किसी रंडी के जैसे उसके लंड को मजे लेकर चूस रही थीं। मैं ये सब देखकर हैरान-परेशान था, कि दीदी ये क्या और क्यों कर रही थीं। उन्होंने शादी से क्यों मना कर रखा था, अगर उनमें इतनी हवस थी तो? यही सवाल मेरे दिमाग में बार-बार आ रहा था।
फिर दीदी ने लंड मुँह से निकाला और उसको हाथों से हिलाने लगीं। वो अपना मुँह नीचे ले गईं और ड्राइवर के तत्तै मुँह में लेकर चूसने लगीं। ड्राइवर पहले-पहले तो झिझक रहा था, और दीदी को मना कर रहा था। लेकिन अब उसको भी गरमी चढ़नी शुरू हो गई थी, और उसका लंड खड़ा होने लगा था।
अब एक सेक्सी लड़की ऐसे लंड चूसेगी, तो लंड तो खड़ा होगा ही। और स्पेशली तब, जब ब्लोजॉब देने वाली एकदम प्रोफेशनल की तरह लंड चूस रही हो। मैं ये सोच रहा था कि दीदी को इतना अच्छा लंड चूसना आया कहाँ से। कुछ देर लंड चूसने के बाद दीदी खड़ी हो गईं।
ड्राइवर दीदी को देख रहा था। फिर दीदी ने अपना कमीज उतार दिया। अब वो ब्रा और पजामे में थीं। ड्राइवर एक टकटकी लगाए दीदी को देख रहा था। फिर दीदी ड्राइवर के करीब गईं और उसका एक हाथ पकड़कर ब्रा के ऊपर से अपने जूसी बूब पर रख दिया और उससे दबवाने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो भी दीदी के बूब को दबाने लगा और दीदी आह-आह करने लगीं। फिर दीदी ने ड्राइवर के सर के पीछे हाथ रखा और अपना मुँह आगे करके उसके होठों से अपने होठ चिपका दिए। अब ड्राइवर दीदी का बूब दबा रहा था, और दोनों किसिंग कर रहे थे। दीदी ड्राइवर के मुँह के अंदर अपनी जीभ डाल रही थीं।
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ये देखकर मुझे गुस्सा भी आ रहा था, और मेरा लंड भी खड़ा हो रहा था। किसिंग के बाद दोनों के होठ अलग हुए। फिर दीदी ने ड्राइवर के सर को अपनी गर्दन की तरफ प्रेस किया। ड्राइवर दीदी की सुराहीदार खूबसूरत गर्दन को चूमने लगा। उसको अपनी जीभ से चाटने लगा।
जब ड्राइवर दीदी की गर्दन को चूम रहा था, तो दीदी ने एक हाथ पीछे करके अपनी ब्रा का हुक खोल दिया। हुक खुलते ही दीदी की ब्रा ढीली हो गई। फिर उन्होंने सामने से ब्रा में हाथ डाला और उसको खींचकर निकाल दिया। अब दीदी के बूब्स नंगे हो चुके थे। बिल्कुल जूसी बूब्स थे दीदी के, जिसको देखकर कोई भी उनको पीना चाहेगा।
लेकिन अभी तो ड्राइवर उनको पीने वाला था। इस बार दीदी ने ड्राइवर के मुँह को अपने बूब्स की तरफ दबाया। ड्राइवर ने एक हाथ से दीदी का एक बूब पकड़ा और उसको अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। उसके मुँह में दीदी का निप्पल जाते ही दीदी के मुँह से एक आह निकली और उनकी आँखें बंद हो गईं, जैसे उनको बहुत सुकून मिल रहा हो।
अब ड्राइवर दीदी के एक बूब को दबा रहा था, और दूसरे को चूस रहा था। ऐसे ही करते-करते एक-एक करके ड्राइवर ने दीदी के दोनों बूब्स को दबाया और अच्छे से चूसा। उसको ऐसा करते देख मेरे मुँह में भी पानी आ गया। अब दीदी के बूब्स लाल हो चुके थे।
दीदी ने ड्राइवर को अपने से दूर हटाया और जाके उसके बिस्तर पर लेट गईं। उसके चेहरे पर एक हॉर्नी मुस्कान थी। बेड पर लेटकर दीदी ने ड्राइवर की तरफ देखा और मचलते हुए उसको पास आने का इशारा किया। ड्राइवर भी बिस्तर की तरफ जाने लगा।
बेड तक पहुँचते हुए ड्राइवर ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया। उसका लंड एकदम लोहे की रॉड बना हुआ था। दीदी के करीब जाकर वो दीदी के ऊपर आया और उसके पेट को चूमने लगा। दीदी ने अपना हाथ उसके सर पर रखा और उसके मुँह को अपनी नाभि पर दबाने लगीं।
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साथ में वो कामुक सिसकियाँ ले रही थीं। कुछ देर नाभि चूसने के बाद ड्राइवर ने दीदी के पजामे को कमर से पकड़ा और नीचे खींचने लगा। दीदी ने अपनी गाँड उठा दी, जिससे पजामा नीचे उतर गया। फिर ड्राइवर ने दीदी का पजामा उतार दिया। अब मेरी दीदी पिंक पैंटी में ड्राइवर के सामने लेटी हुई थीं, चुदाई के लिए बिल्कुल तैयार।
पिंक पैंटी पर चूत वाली जगह पर वेट पैच बना हुआ था, जिसको मैं आसानी से देख पा रहा था। फिर ड्राइवर ने दीदी की चूत को पैंटी के ऊपर से चूमना शुरू किया। वो आहें भरने लगीं। उसके बाद ड्राइवर ने दीदी की पैंटी उतार दी। अब वो पूरी नंगी थीं उसके सामने। दीदी की चूत एकदम चिकनी थी, और आस-पास से फूली हुई थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर दीदी ने ड्राइवर को चूत की तरफ इशारा किया। वो उसको चूत चाटने के लिए बोल रही थीं। दीदी का इशारा पाते ही ड्राइवर ने अपना मुँह दीदी की चूत पर लगाया और उसको चाटने लगा। इससे दीदी और गरम होने लगीं और आह-आह करने लगीं। वो गाँड उठा-उठाकर चूत चटवा रही थीं।
फिर ड्राइवर चूत का मुँह अपने हाथ से खोलकर अंदर जीभ डालने लगा। इससे दीदी को और मजा आने लगा। कुछ देर ऐसे ही करने के बाद दीदी ने ड्राइवर के बाल पकड़े और उसको अपने ऊपर खींचने लगीं। ड्राइवर दीदी के ऊपर गया और दोनों किसिंग करने लगे। किसिंग करते हुए दोनों बिस्तर पर घूमने लगे।
घूमने के दौरान ड्राइवर का लंड बार-बार दीदी की चिकनी चूत पर टकरा रहा था। फिर दीदी ने ड्राइवर को चोदने के लिए कहा। अब दोनों मिशनरी पोजीशन में आ गए, और ड्राइवर अपने लंड को दीदी की चूत पर रगड़ने लगा। जब वो लंड रगड़ता, तो दीदी गाँड उठाकर लंड को अंदर लेने की कोशिश करतीं।
फिर ड्राइवर ने लंड का टोपा चूत के मुँह पर सेट किया और धक्का मारा। जैसे ही ड्राइवर ने दीदी की चूत में लंड का धक्का मारा, उसका आधा लंड मेरी दीदी की चूत में चला गया। दीदी के मुँह से जोर की सिसकी निकली, और उन्होंने ड्राइवर की पीठ पर अपने नाखून गाड़ दिए। लेकिन उन्होंने एक बार भी उसको रोका नहीं।
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फिर ड्राइवर पहले धीरे-धीरे कमर आगे-पीछे करने लगा। जितना लंड चूत के अंदर जा चुका था, ड्राइवर उतने ही लंड को चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। दीदी के मुँह से आह-आह की कामुक आवाजें निकल रही थीं। वो चूत चुदवाते हुए ड्राइवर के होंठ बीच-बीच में चूस रही थीं।
कुछ देर ड्राइवर ने ऐसे ही धक्के देने के बाद जोर के 2-3 धक्के मारे। इससे दीदी की चीखें निकलने लगीं और ड्राइवर का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। कुछ सेकंड्स के लिए दीदी तड़पने लगीं। लेकिन ड्राइवर नहीं रुका। उसने दीदी के होंठों को अपने होंठों से लॉक किया और धक्के मारता रहा।
कुछ देर में दीदी का दर्द कम हो गया और उनको मजा आने लगा। अब वो गाँड उठा-उठाकर अपनी चूत में उस ड्राइवर का लंड ले रही थीं। दीदी की चूत से काफी पानी बह रहा था। उसमें से कुछ पानी लंड को चिकना कर रहा था और कुछ चूत से निकलकर गाँड के सुराख तक जा रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
गीले लंड और गीली चूत के मिलन से चप-चप की आवाजें आ रही थीं। कुछ देर दोनों ऐसे ही चुदाई करते रहे। फिर ड्राइवर ने लंड चूत से निकाला और बेड के साथ खड़ा हो गया। उसका लंड दीदी की चूत के पानी से भीगा हुआ था और चमक रहा था। दीदी भी जल्दी से उठीं और ड्राइवर के लंड के सामने डॉगी पोजीशन ले लीं।
फिर दीदी ने अपना मुँह खोला और उस गीली लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं। उनके एक्सप्रेशन से लग रहा था कि उनको ऐसा करने में बहुत मजा आ रहा था। लेकिन ऐसा तो रंडियाँ भी नहीं करतीं। दीदी को ऐसे करते देख मुझे समझ आ गया था कि दीदी पूरी छिनाल बन चुकी थीं।
लंड चुसवाते हुए ड्राइवर दीदी की सेक्सी गाँड पर लातें मार रहा था। उसके बार-बार गाँड पर मारने की वजह से दीदी के चूतड़ लाल हो गए थे। फिर ड्राइवर ने दीदी के मुँह में जोर के धक्के देने शुरू कर दिए। इससे दीदी की साँस रुकने लगी। लेकिन वो उसको रोक नहीं रही थीं।
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कुछ देर में दीदी ने लंड मुँह से निकाला और ड्राइवर को कुछ इशारा किया। दीदी का इशारा पाते ही ड्राइवर बेड पर चढ़ा और मेरी घोड़ी बनी दीदी के पीछे आ गया। फिर वो दीदी के पीछे घुटनों पर बैठा और अपना लंड पीछे से दीदी की चूत पर सेट करने लगा।
ड्राइवर ने एक ही झटके में दीदी की चूत में लंड डाल दिया और उसकी चुदाई फुल स्पीड पर शुरू कर दी। उसके लंड के धक्के जब दीदी की चूत में लग रहे थे, तो दीदी के चेहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे। दीदी के चेहरे पर सुकून था और मुँह से आहें निकल रही थीं।
ऐसा लग रहा था जैसे उनको जन्नत का मजा आ रहा हो। मेरी गर्लफ्रेंड्स के मुँह पर भी ऐसे ही एक्सप्रेशन होते हैं चुदाई के टाइम पर। कुछ देर ऐसे ही चुदाई के बाद ड्राइवर ने अपना लंड दीदी की चूत से निकाला। फिर वो लंड गाँड पर सेट करने लगा। ये देखकर मैं हैरान हो गया।
मैंने सोचा कि दीदी मना करेंगी, लेकिन वो तो उल्टा गाँड हिलाने लग गईं। मतलब मेरी दीदी इतनी बड़ी रंडी बन चुकी थीं कि चूत तो मरवाई ही थी, और गाँड भी मरवा रही थीं। ड्राइवर ने अपना लंड दीदी की गाँड पर रखा और धक्का मारा। दीदी के मुँह से चीख निकली और वो बोलीं—
शाम्भवी: थोड़ा धीरे करो।
ड्राइवर दीदी की बात सुनकर मुस्कुराया और फिर से जोर का धक्का मारा। दीदी फिर से चिल्लाईं। लेकिन इस बार धीरे करने को नहीं बोला। ड्राइवर का लंड दीदी की गाँड में फँस चुका था। लेकिन अभी सिर्फ टोपा ही गया था। फिर ड्राइवर ने दीदी के चूतड़ों को पकड़कर थोड़ा खोला, और लंड से गाँड के छेद पर प्रेशर बनाने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इससे धीरे-धीरे लंड गाँड में जाने लगा। दीदी सिसकियाँ भर रही थीं और ड्राइवर लंड घुसाए जा रहा था। धीरे-धीरे पुश करते-करते ड्राइवर का पूरा लंड दीदी की मस्त गाँड में चला गया। फिर वो कुछ देर वहीं रुक गया और दीदी आहें भरती रहीं। जब कुछ देर बाद दीदी थोड़ी ठीक हुईं, तो उसने लंड आगे-पीछे करना शुरू किया। अब दीदी आहें भरने लगीं और बोलीं—
शाम्भवी: आह, रगड़ मार रहा है तुम्हारा गुल्ला गाँड में। बहुत मजा आ रहा है आह।
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ये सुनकर ड्राइवर ने अपनी स्पीड बढ़ाई और तेजी से चोदने लगा। दीदी मुँह खोलकर आह-आह करने लगीं। गाँड चोदते हुए ड्राइवर अपना दाहिना हाथ आगे लेकर आया और जाँघ से घुमाकर चूत पर ले गया। अब वो दीदी की गाँड चुदाई करते हुए चूत रगड़ने लगा। मेरी बहन आह-आह उफ्फ ओह कर रही थीं। मैं अच्छे से समझ रहा था कि वो कितने मजे में थीं। जब मैं मेरी गर्लफ्रेंड्स की हार्डकोर चुदाई करता हूँ, तो वो भी ऐसी ही मोनिंग करती हैं। कुछ देर ड्राइवर दीदी की गाँड चुदाई करता रहा। उसके बाद उसने लंड निकाला और दीदी के मुँह के सामने आ गया।
अब वो जोर-जोर से अपना लंड हाथ में लेकर हिला रहा था। कुछ 10-15 सेकंड्स बाद उसके लंड से गाढ़े माल की पिचकारी निकली और सीधे मेरी दीदी के मुंह पर जा गिरी। दीदी के चेहरे पर खुशी थी, संतुष्टि वाली खुशी। वो अपने हाथ से सारा माल इकट्ठा किया और उसको अपने मुँह में लेकर पी गईं। फिर ड्राइवर कपड़े पहनने लगा। दीदी भी उठीं और कपड़े पहनकर बाहर आने लगीं। मैं साइड में होकर छिप गया। पहले मैंने सोचा मम्मी-डैडी को बताऊँ। लेकिन फिर सोचा अब बताकर भी क्या फायदा। सो मैंने ये बात राज़ ही रखी।
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