Old Man Sex
यह एक कुँवारी लड़की पल्लवी की कहानी है, जिसकी उम्र 23 है। दिखने में सेक्सी शरीर, वजन करीब 48 किलो का। यह स्टोरी मुंबई के एक एरिया में शुरू हुई थी। उन दिनों की बात है जब पल्लवी के फादर का ट्रांसफर मुंबई हुआ था। पल्लवी नए घर में रहने के लिए आई थी। Old Man Sex
वो किसी को ठीक तरह से जानती नहीं थी। और वो अपने माँ-बाप की एक ही लड़की है। उसके फादर पीडब्ल्यूडी में काम करते हैं। मुंबई आते ही उसके फादर ने उसका एडमिशन अच्छी कॉलेज में करवा दिया। वो सुबह कॉलेज जाती और शाम को घर में ही रहना पसंद करती थी। यह पल्लवी का परिचय है जितना कि मैं जानता हूँ।
अब मैं आपको एक और लड़के से मिलवाता हूँ जो इस कहानी को मुझ तक लाने वाला है। उसका नाम राहुल है। उम्र है 24 साल। वो ठीक पल्लवी के (अपार्टमेंट) के सामने वाले (अपार्टमेंट) में 6वीं फ्लोर पर रहता है, और पल्लवी उसके बिल्कुल सामने वाले (अपार्टमेंट) में कुछ ही अंतर पर 5वीं फ्लोर पर। राहुल भी कॉलेज के 2nd ईयर में था।
अब सुनिए क्या होता है। एक रात की बात है जब राहुल को नींद नहीं आ रही थी। वो अपनी बालकनी में सिगरेट पीता हुआ खड़ा था। अचानक उसकी नजर सामने वाले अपार्टमेंट में गई। उसने जो देखा वो देखता रह गया। एक्चुअली क्या हुआ मैं आपको बताता हूँ। गर्मियों का मौसम था।
खिड़कियाँ खुली थीं और हवा के कुछ देर में झोंके भी चलते थे। वैसे ही पल्लवी के बेडरूम का पर्दा उड़ गया। उस वक्त पल्लवी को पूरा सेक्स (वासना) चढ़ गई थी। वो हवस के मारे पागल हो रही थी। वो पूरी नंगी हो चुकी थी, और नाइट लैंप की हल्की रोशनी में उसका कतीला और भरावदार शरीर चमक रहा था।
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लेकिन वो क्या कर रही थी वो ठीक से पता नहीं चल पा रहा था क्योंकि कभी हवा आती कभी नहीं और रोशनी भी कम थी। लेकिन जितना भी राहुल ने देखा उतना ही उसके लिए बहुत था। उसने देखा वो अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स, चूचियाँ दबा रही थी और अपनी ही उँगलियों से वो चूत को सहला रही थी।
धीरे-धीरे वो अपनी गाँड़ पर हाथ मलती तो कभी चूत में उँगलियाँ घुसाती, तो कभी अपने बूब्स, चूचियाँ, निप्पल को अपने दाँत से काटती, चूसती। उस वक्त उसका चेहरा बहुत मस्ती में था। अपने होंठों को दबाती, दाँत से काटती और भी था लेकिन वो ठीक से देख नहीं पाया।
अब तो राहुल जैसे पागल हो चुका था। उसको बस वो लड़की को चोदना ही था पर वो उसे जानता नहीं था और अँधेरे के कारण वो उसका फेस भी ठीक से देख नहीं पाया। वो सुबह का इंतजार करने लगा। और सुबह होते ही वो अपार्टमेंट के गेट पे जा खड़ा हुआ पर वो कुछ समझ नहीं पाया.
तो वो खुद ही 5वीं फ्लोर पर जाकर तलाश करना शुरू किया तो उसे पता चला कि उसके फ्लैट के सामने वाले फ्लैट में कोई पल्लवी नाम की लड़की रहती है। वो उसे मिल नहीं पाया था पर अब वो रात का बेसबरी से इंतजार करने लगा था। अब तो उसने एक दूरबीन भी पास रखी हुई थी।
पर अफसोस उस रात पल्लवी ने कुछ नहीं किया। और राहुल उसको मिलने के लिए, सच पूछो तो चोदने के लिए बेकरार होता जा रहा था। वो रोज वैसे ही बालकनी में आता और निराश हो जाता। पर एक दिन उसकी किस्मत खुली। पल्लवी फिर से सेक्स (वासना) का शिकार हो चुकी थी। और देखो उस वक्त खिड़की का पर्दा भी कुछ ज्यादा ही उड़ गया और लाइट भी ज्यादा थी।
मानो राहुल को स्वर्ग मिल गया हो। वो इतना खुश हो गया था। पल्लवी अपनी चूत में उँगलियाँ डालना शुरू कर दिया और एक हाथ से उसने बूब्स, चूचियाँ को पीसना शुरू किया। धीरे-धीरे वो इतनी सेक्स में मिल गई कि वो पूरी नंगी हो गई। बूब्स को जोर-जोर से दबाती कभी चूत में उँगलियाँ डालती।
उसके बड़े और ऊपर की ओर वाले बॉल (बूब्स) इतने हसीन थे और निप्पल को जब वो उँगलियों से पकड़कर खींचती तो और भी अच्छी लगती थी। जब वो अपनी उँगलियाँ अपनी चूत में डालकर जोर से हिलाती तो उसका चेहरा चमक जाता। यह सब अपना राहुल दूरबीन लगाकर देख रहा था।
लेकिन पल्लवी अपना सेक्स मिटाने में लगी थी और इधर राहुल उसे देखने में। दोनों ही बड़े तल्लीन हो चुके थे। देखते-देखते राहुल इतना बाहर आ गया कि पल्लवी की नजर खिड़की के बाहर सामने वाले अपार्टमेंट में खड़े राहुल पर पड़ी। स्ट्रीट लाइट के उजाले में राहुल का फेस साफ नजर आ गया और हड़बड़ाहट के मारे खिड़की बंद करने पहुँची पल्लवी का फेस भी साफ नजर आ गया।
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अब दोनों ही एक-दूसरे को पहचान गए थे। और दोनों एक-दूसरे से डरे हुए थे। अब क्या करें। सुबह जब पल्लवी कॉलेज के लिए निकली तो उसका इंतजार कर रहे राहुल ने उसको देखा। दोनों की नजरें मिलीं। पल्लवी घबराहट और गुस्से के मारे मुँह फेर के चली गई। अब ना तो वो खिड़की खोलती ना पर्दा उड़ता। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
राहुल परेशान हो गया। उसे तो बस वो बड़े बूब्स, चूचियाँ, वो उसका दबाना, वो चूत में उँगलियाँ डालना, वो निप्पल चूसना, खींचना यही उसके दिमाग में भरा था। उसने एक दिन पल्लवी का पीछा किया और उससे बात करने की कोशिश की। पल्लवी ने बड़े ही गुस्से वाली आवाज में कहा, “क्या है तुमको शर्म नहीं आती दूसरों के घरों में ताकझाँक करने में? अपने माँ-बहनों को देखो!” और न जाने क्या-क्या बोलने लगी।
राहुल चुप हो गया। फिर उसने पलट के जवाब दिया, “जब तुमको करने में शर्म नहीं आती तो मुझे देखने में क्या शर्म आएगी?” और वो दोनों चले गए। रात हुई करीब 12:30 को पल्लवी ने जानबूझकर फिर खिड़की खोली। पर्दा पूरा हटा दिया और बड़ी लाइट वाला लैंप लगाकर जला दिया और राहुल का इंतजार करने लगी।
राहुल फिर बालकनी में आया। वो देखकर हैरान रह गया। उसने फौरन दूरबीन निकाली और देखने लगा। पल्लवी ने देखा कि वो आ चुका है तो उसने धीरे-धीरे अपने कपड़े निकालना शुरू किया। पहले अपने लंबे बाल खोले दिए। फिर दोनों हाथ से अपने शरीर पर हाथ फेरना शुरू किया।
कभी बूब्स, चूचियाँ मसलती कभी चूत पर हाथ फेरती। फिर उसने अपने ऊपर का कमीज उतारा और उसका चिकना बदन थोड़ा दिखाई देने लगा। उसकी ब्रा सफेद रंग की कटवर्क की थी जिसमें उसके दो बड़े बॉल (बूब्स) आधे बाहर की ओर आते थे। फिर उसने हाथ फेरना शुरू किया। दोनों हाथों से वो अपने बूब्स को मसलने लगी।
फिर आई सलवार की बारी। उसने धीरे-धीरे नाड़ा खोला और उतारने लगी। ऊऊऊफ्फ्फ उसकी जाँघें क्या थीं बिल्कुल चिकनी और चमकदार। फिर वो अपनी जाँघों पर हाथ फेरने लगी। वो जब हल्की उँगलियों से अपनी चिकनी जाँघों पर हाथ फेरती तो गुदगुदी राहुल को होती।
उसने धीरे से अपनी चड्डी सरकाना शुरू की और पीठ दिखाते हुए खड़ी हो गई। उसकी गाँड़ ऊपर की तरफ उठी हुई और चूत बिल्कुल नीचे की ओर दो टाँगों के बीच छुपी हुई जैसे कारीगर ने तराश कर बनाई हो। और वैसे ही उसने दोनों हाथों से अपने गाँड़ पर मारना शुरू किया। उसकी दोनों गाँड़ हिलने लगीं जैसे पानी हिलता है।
इतने में वो जोर-जोर से दोनों गाँड़ के भागों को हिलाने लगी बिना हाथ लगाए। सोचिए इतनी लचकदार गाँड़ के भाग हिलते हुए कैसे लगेंगे। अब वो अपनी ब्रा की हुक खोलकर पूरी नंगी हो चुकी थी। बड़े (बूब्स) नाव के आकार में ऊपर की ओर जाते हुए।
और वो जब बेरहमी से अपने निप्पल को उँगलियों से खींचती तो उसके मुँह से आआआह्ह्ह निकल आती। उसने अपनी गाँड़ की तरह बूब्स को भी हिलाना शुरू किया। एक इधर जाता तो दूसरा उसके पीछे जाता। फिर इधर आता दूसरा उसके पीछे जाता। वो इतने कड़क (हार्ड) थे पर वो अपनी पूरी ताकत से उसे हिला रही थी।
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यह सब कुछ चल रहा था। इतने में अचानक पल्लवी ने खिड़की बंद कर दी। राहुल फिर परेशान हो गया लेकिन वो पेंट में ही झड़ चुका था। मगर वो समझ नहीं पाया क्या हुआ। उसे पूरी रात नींद नहीं आ पाई। सुबह वो हिम्मत करके पल्लवी के पास पहुँचा और पूछा तो उसने बताया कि 7वीं फ्लोर पर रहने वाले मिस्टर मल्होत्रा ने वो सब कुछ देख रहे थे।
ये वो विलियन है जो अपनी लड़की को भी न छोड़े। कहानी में आ चुका था नाम मिस्टर मल्होत्रा। उम्र 49 ईयर। बिल्कुल मोटा और पेट मानो 11 महीने वाला। काफी जड़े हाथ और पाँव। पूरे शरीर पर बाल ही बाल। भद्दा-सा था मिस्टर मल्होत्रा। काम बैंक मैनेजर और वो पल्लवी के बाप का नया-नया दोस्त बना था।
पल्लवी परेशान थी अब क्या करे। राहुल को जलाने के चक्कर में वो अब मुसीबत में फँस चुकी थी। और अब मिस्टर मल्होत्रा ने पल्लवी की कामसिन चूत देखी थी, उसके कड़क और भरावदार बूब्स देखे, उसके ऊपर की ओर उठती गाँड़ देखी थी। वो पल्लवी को चोदने का मन बना चुके थे।
मौका पाते ही मिस्टर मल्होत्रा ने पल्लवी को बुलाया और उसको डराने के इरादे से उन्होंने कहा, “पल्लवी कल रात को जो खेल दिखा रही थी वो मैं तुम्हारे फादर को बताने वाला हूँ।” पल्लवी डर चुकी थी। अब क्या करे। वो रोने लगी। मिन्नतें करने लगी। पर मिस्टर मल्होत्रा नहीं माने।
एक्चुअली वो ये सब नाटक कर रहे थे। वो तो बस पल्लवी को चोदना चाहते थे। फिर नाटक करते हुए बोले, “ओके मैं सोचता हूँ।” और चला गया। इधर पल्लवी की हालत खराब हो चुकी थी। और रात को उसके फादर आए। उसी वक्त मिस्टर मल्होत्रा भी मिलने के नाटक से आए। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पल्लवी मिस्टर मल्होत्रा को देखकर डर गई। पर वो दोनों इधर-उधर की बातें करने लगे। मिस्टर मल्होत्रा ने जाते वक्त बड़ी चालाकी और नाटक वाले अंदाज से पल्लवी से कहा, “मैं तुम्हारे बाप को कुछ नहीं बताऊँगा पर बदले में मुझे क्या दोगी?” पल्लवी उसका इरादा नहीं समझ पाई। उसने फौरन कहा, “जो कहोगे वो।”
इस बात का इंतजार करते मिस्टर मल्होत्रा ने तुरंत पल्लवी से कहा, “मुझे एक बार तुमको चोदना है। अगर ना कहोगी तो मैं तुम्हारे फादर से सब बता दूँगा।” पल्लवी ने कुछ मोहलत माँगी। बदले में मिस्टर मल्होत्रा ने उसे सुबह तक का टाइम दिया और चला गया।
पूरी रात सोचने पर भी उसको कोई रास्ता नजर नहीं आया तो सुबह को उसने मिस्टर मल्होत्रा को हाँ कह दी। लेकिन कहा ये बात वो किसी को नहीं बताएँगे। मिस्टर मल्होत्रा को जैसे 5,00,000.00 की लॉटरी लगी हो वैसे खुश होकर कहा, “मुझ पर भरोसा रखो।”
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पल्लवी ने पूछा, “आप मेरी फादर की उम्र के हो और मैंने कभी जवान लड़के से भी नहीं चुदवाया। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।” तो फौरन मिस्टर मल्होत्रा ने कहा, “बस मैं जैसा कहूँ वैसा करती जाना।” और ये मीटिंग फिक्स करके वो बैंक चले गए और रात को पल्लवी के फादर से मिलने के बहाने वो पल्लवी को दोपहर को ठीक 1 बजे होटल एक्सएक्सएक्स में मिलने को कहा।
अब दोपहर को 1 बजे जब पल्लवी वहाँ पहुँची तो मिस्टर मल्होत्रा वहाँ उसका इंतजार ही कर रहे थे। दोनों रूम में गए। मिस्टर मल्होत्रा ने दरवाजा बंद किया और पल्लवी से कहा, “उस रात जो कर रही थी वैसा ही करते-करते कपड़े निकाल दो।” और मिस्टर मल्होत्रा सामने वाले पलंग पर बैठ गए। अब पल्लवी ने कहा, “मुझे पेशाब करना है।”
मिस्टर मल्होत्रा सेक्स (वासना) में इतने अंधे हो चुके थे कि उन्होंने कहा, “मेरे सामने करो। मैंने कभी ऐसा नहीं देखा।” मिस्टर मल्होत्रा उसके लिए एक टब ले कर आए और कहा, “करो।” उसने जैसे ही पेशाब करना शुरू की मिस्टर मल्होत्रा ने उसकी चूत पर हाथ रखकर सहलाने लगे।
पेशाब के छींटे उन पर और पल्लवी दोनों पर उड़ने लगे और जोर से आवाज आने लगी स्श्ह्हईईइ। अब उन्होंने कहा, “चलो अब मैं और रह नहीं सकता। तुम्हारी. चूत मुझे और तड़पा रही है।” पल्लवी अपने आपको मजबूत करते हुए और जहर के समान कड़वा घूँट पीते हुए कपड़े उतारने लगी।
पल्लवी ने अपना ऊपर वाला कमीज उतारा और वही कटवर्क वाली ब्रा पहनी थी। उसके कतीले बूब्स करीब 36। देखते ही उनके मुँह में पानी आने लगा था। करीब 28 की कमर थी। उसने धीरे से अपनी सलवार का नाड़ा खोलते ही मिस्टर मल्होत्रा का लंड खड़ा हो गया। जितना भद्दा और जड़ा शरीर उतना ही भद्दा और जड़ा उनका लंड था।
मिस्टर मल्होत्रा ने अपनी शर्ट उतार दी और जब पल्लवी ने उनका 11 महीने समान वाला पेट देखा तभी वो डरने लगी। मिस्टर मल्होत्रा ने पल्लवी को पास बुलाया। बुलाते ही एक झटके में उसकी ब्रा खींच ली। खींचते ही उसके दो बड़े कड़क और भरावदार बूब्स बाहर आ गए।
मिस्टर मल्होत्रा को वो देखते ही पता चला कि पल्लवी ने कभी चुदाई नहीं की है। वो मन ही मन खुश होने लगे कि आज पत्ती पैक लड़की को जिंदगी में पहली बार चोदूँगा। वो फौरन पल्लवी की निप्पल चूसने लगे। उसे इतनी जोर से दबाते कि पल्लवी चिल्ला उठती। फिर मिस्टर मल्होत्रा ने धीरे से उसकी चड्डी उतार दी।
वो पल्लवी की चूत को देखकर उसे चूसने लगे। अपनी जुबान से चूत के इधर-उधर चाटने लगे जैसे एक कुत्ता। अब वो खड़े हुए और एक डब्बे से कुछ सफेद चीज निकालकर अपने लंड पर लगा दी और कहा, “पल्लवी इसे चाटो।” पल्लवी की आँखों से पानी आ चुका था। वो मन में रो पड़ी थी।
वो अपने बाप समान आदमी का लंड चूसने जा रही थी। पर जैसे ही उसने अपनी जुबान लगाई तो पता चला वो सचमुच ही क्रीम ले आए थे और लगाया था। पहले नीचे चाटना शुरू किया फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर। वो पहले मजबूरी में कर रही थी पर अचानक उसे मजा आने लगा था।
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अब वो मजे के लिए कर रही थी। वो पूरा लंड अपने मुँह में लेकर अंदर से जुबान लंड के टॉप पर घुमाती। मिस्टर मल्होत्रा के मुँह से आआह्ह्ह निकल आती। क्रीम खत्म होने पर पल्लवी खुद ही क्रीम लगाती पर अब वो लंड के नीचे लटकने वाले दो गोटी पर भी लगाती और अंगूर की तरह मुँह में लेकर चूसती। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
करीब 250 ग्राम क्रीम खाने के बाद पल्लवी कुछ गरम हो चुकी थी। उसकी भी सेक्स (वासना) जाग रही थी। वो तेजी के साथ मिस्टर मल्होत्रा का लंड मुँह में अंदर और बाहर करती। मिस्टर मल्होत्रा का पेट की वजह से उनका मुँह ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था। बस सिर्फ आवाज आ रही थी आआह्ह्ह.. ऊऊऊह्ह्ह.. ब्ब्ब्बेतत्ता।
अब मिस्टर मल्होत्रा खड़े हुए और पल्लवी की गाँड़ पर जोर-जोर से थप्पड़ने लगे। जैसे ही थप्पड़ पड़ती वो हिलती इतनी जोर से कि समुंदर में लहरें आती हों। वो देखकर मिस्टर मल्होत्रा उसकी गाँड़ अपने मुँह के पास लाकर जुबान से चाटने लगे तो पल्लवी ने खुद ही क्रीम वाला डब्बा उनको दे दिया।
वो देखते ही मिस्टर मल्होत्रा समझ गए अब मजा आएगा। उन्होंने फौरन पल्लवी की गाँड़ को दोनों हाथों से चीरा और बीच में जहाँ गाँड़ का काना (सुराख) होता है वहाँ क्रीम लगाया और चाटने लगे और वो भी बड़ी तेजी के साथ। धीरे-धीरे वो पल्लवी की चूत पर आने लगे। मानो एक कुत्ते के समान।
बस कुछ ही देर में 200 ग्राम क्रीम पल्लवी की गाँड़ और चूत से होते हुए खा चुके थे। पल्लवी को अब मजा आने लगा था। वो भी मिस्टर मल्होत्रा का लंड लेने के लिए तड़प रही थी। बस फिर वो फौरन पलंग पर लेट गई। अपनी दोनों टाँगों को आसमान की ओर कर दिया। फिर क्या था।
मिस्टर मल्होत्रा पलंग पर आकर पल्लवी पर चढ़ने लगे। उनका जड़ा मोटा और भद्दा शरीर वाला 49 ईयर ओल्ड आदमी मानो 89 किलो का। जब एक 23 ईयर ओल्ड 48 किलो वजन की जवान लड़की पर चढ़ेगा तो क्या होगा सोचिएगा। जैसे-तैसे वो अपने ही दो पैर वलने में (जब चोदने के वक्त आदमी करता है) उनको तकलीफ हो रही थी।
अब वो अपना लंड पल्लवी की चूत में घुसा रहे थे पर जा नहीं रहा था। पल्लवी ने अपने दोनों टाँगें पूरब और पश्चिम में कर लीं। फिर भी तकलीफ हो रही थी। फिर थोड़ा क्रीम लगाया तो जरा अंदर जाने लगा। अंदर जाते ही पल्लवी ने कहा, “अंकल प्लीज। पहली बार है जरा धीरे से।”
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तो फौरन मिस्टर मल्होत्रा ने कहा, “बेटा मैं जानता हूँ…. मैं हमेशा धीरे-धीरे ही चोदता हूँ।” उसके बाद मिस्टर मल्होत्रा पूरे 89 किलो वाला शरीर पल्लवी के शरीर पर डाल दिया। यकीन मानिए अगर ऊपर से देखा जाए तो लगेगा मिस्टर मल्होत्रा औंधे लेटे हुए हैं। पल्लवी का नामो-निशान नहीं नजर आ रहा था।
उनका पेट पल्लवी को दबा रहा था। उनके शरीर के बालों में से पसीने की बदबू आ रही थी। पर पल्लवी को उस वक्त वो बदबू भी अत्तर की समान लग रही थी। वो मिस्टर मल्होत्रा के कंधे वाले बालों को चूस रही थी, कभी उनके बगल के बालों को चूस रही थी, और अपने दोनों हाथों से मिस्टर मल्होत्रा की बालों भरी पीठ को सहलाती दोनों हाथ फेरती और कस के उनका पूरा शरीर अपने ऊपर दबाती।
पल्लवी को उस वक्त वो सब कुछ बहुत हसीन लग रहा था। और इधर मिस्टर मल्होत्रा पल्लवी की चूत में अपना पूरा लंड घुसा चुके थे। सोचिए 89 किलो वाला मोटा आदमी जब चोदेगा तो क्या होगा। यकीन मानिए मिस्टर मल्होत्रा के हल्के धक्के से पूरा पलंग हिल रहा था जबकि मजबूत होने के बावजूद उसमें से आवाज आ रही थी।
ऊपर का धक्का लगाते वक्त चचच्चर और नीचे लेते समय छ्ह्हह्ह्ह्ह तो पल्लवी का क्या हाल होगा पर वो उस 89 किलो वजन से दब कर बहुत मजा ले रही थी। और इधर अपने पेट की वजह से मिस्टर मल्होत्रा दोनों हाथों को पलंग पर टेक दिया और उनका चेहरा पल्लवी के चेहरे से दूर करके चोद रहे थे।
और वैसे ही एक काफी चूत के अंदर वाले धक्के में पल्लवी की चीख निकल गई आआआह्ह्ह. अंकल मैंने कहा था। मिस्टर मल्होत्रा तुरंत बोले, “सॉरी बेटा पर मैं रोक नहीं पाया।” पल्लवी फिर बोली, “क्या अंकल आंटी को भी ऐसे ही चेहरा दूर करके चोदते हो? किस-विस करना नहीं आता?”
मिस्टर मल्होत्रा समझ चुके थे पल्लवी अब पूरी सेक्स (वासना) में आ चुकी है अब ठीक से चुदवाएगी। ये सुनते ही मिस्टर मल्होत्रा ने अपना तरबूज जैसा मुँह पल्लवी के मुँह से टिका दिया। पल्लवी ने फौरन मिस्टर मल्होत्रा की जुबान अपने मुँह में ले ली और चूसने लगी, और अपने हाथ मिस्टर मल्होत्रा की पीठ पर फेरने लगी और अपनी टाँगों को मिस्टर मल्होत्रा के गाँड़ के दोनों बाजू में फँसा दिया।
अब जब मिस्टर मल्होत्रा धक्का लगाते तो पल्लवी के मुँह से सिर्फ म्ममूऊह्ह म्ममूऊह्ह म्ममूऊह्ह की आवाज आती क्योंकि मिस्टर मल्होत्रा का तरबूज जैसा मुँह और होंठों से पल्लवी के मुँह की जुबान अपने मुँह में ले रखी थी। 15-20 धक्के लग चुके थे और मिस्टर मल्होत्रा अपने पेट और भारी शरीर के कारण थक चुके थे।
वो पल्लवी के शरीर से उतर गए बाजू पर लेट गए जोर से साँसें भरने लगे और बोले, “बस बेटा अब नहीं हो पा रहा है।” तो पल्लवी ने कहा, “बताओ मैं क्या करूँ?” मिस्टर मल्होत्रा बोले, “अपनी पीठ दिखाते हुए खड़ी हो जाओ और थोड़ी झुक जाओ।” पल्लवी ने ऐसा ही किया क्योंकि पल्लवी को भी मजा आ रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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अब मिस्टर मल्होत्रा पल्लवी की गाँड़ की तरफ से उसकी चूत में लंड डालने लगे और पूरा डाला। वैसे ही फिर पल्लवी की चीख निकली आआह्ह्हीईई… ऊऊहाआव्व। मिस्टर मल्होत्रा रुक गए, लेकिन इस बार पल्लवी ने कहा, “अंकल प्लीज। मेरी आवाज पर मत ध्यान दो, बस आप चोदते जाओ।”
बस क्या था मिस्टर मल्होत्रा चोदना शुरू और पल्लवी का ह्ह्ह्ऊऊव्व.. ह्ह्ह्ऊऊव्व… आआह्हा… ओओआव्व.. करने शुरू। करीब 10-15 बार धक्के के बाद पल्लवी झड़ने शुरू हुई, और जोर से बोली आआआह्ह्ह। बस मिस्टर मल्होत्रा भी एंड पर थे। उन्होंने पहले ही पल्लवी को बताया, “बेटा मेरा पानी पीना चाहोगी बस निकलने वाला है।”
सावधानी बरती और पल्लवी की चूत से लंड निकाला। जैसे ही निकाला तो पल्लवी फौरन घूम गई और उसके मुँह में पहली बूंद जाते ही उसे कुछ अच्छा लगा तो उसने करीब-करीब पूरा लंड मुँह में ले लिया और मिस्टर मल्होत्रा पल्लवी के मुँह में पानी छोड़ते चले गए। मिस्टर मल्होत्रा को पसीना आ रहा था।
उनका मुँह खुला था और जोर-जोर से हाँफ रहे थे बिल्कुल अजीब हालत में। ये देखकर पल्लवी जोर-जोर से हँस पड़ी और एक हाथ से उनके लंड को पकड़ा और उनकी जुबान अपने मुँह में ले ली और बोली, “अंकल एक और बार करोगे?” मिस्टर मल्होत्रा बुरी तरह से थक चुका था, पर फिर भी बोला, “ठीक है मुझे 15 मिनट दो।”
और बाद पल्लवी खुद ही मिस्टर मल्होत्रा के शरीर पर चढ़कर बैठ जाती और उनके लंड को अपनी चूत में डालकर उनके ऊपर उछलती रहती, और उनके लंड से निकलने वाला पानी जैसे पल्लवी के लिए अमृत हो वैसे एक बूंद भी नहीं छोड़ती। अब तो ये हालत कि पल्लवी जब चुदवाती है तो उसकी चूत में से “फ्फ्फााट्ट… फ्फ्फााट्ट… फ्फ्फााक्… आवाजें आती हैं।
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मिस्टर मल्होत्रा पल्लवी को इतना चोदा कि उसकी चूत में अब गधे का भी जा सकता है। जब उसे मिस्टर मल्होत्रा का लंड का पानी चाहिए होता वो बैंक जाती उनके केबिन में टेबल के नीचे घुसकर लंड चूस कर सारा पानी पी लेती और घर वापस चली आती। अब आप सोचेंगे कि ये मुझे कैसे पता चला तो मैं आपको बता दूँ कि ये सब पल्लवी के पीछे पड़े राहुल को खुद पल्लवी ने बताया, और कई बार पल्लवी को मिस्टर मल्होत्रा की कार में किस करते और बहुत कुछ करते भी देखा।
अब राहुल चाहता है कि भले वो मुझे न मिले पर वो ऐसे बुड्ढे मिस्टर मल्होत्रा के जाल में भी न फँसे। पर मैंने राहुल को बताया क्या जब पल्लवी को तुम चोदते और मिस्टर मल्होत्रा मुझे ये कहानी बताते तो, मैंने कहा ये सिर्फ जलन है, उसकी जिंदगी में हम कौन हैं दखल देने वाले। पर राहुल ने कहा वो बर्बाद हो रही है उसके बूब्स ढल गए हैं, उसकी चूत फट चुकी है, वो शादी के लायक नहीं रहेगी प्लीज मेरी मदद करो। इसलिए मेरे सुझाव से क्या आपका भी सुझाव मिलता है। इसका उत्तर जरूर देना। चाहे लड़का हो या लड़की मेरे पास है।
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