XXX Garam Padosan Bur Chudai
मेरा नाम सतीश है। मैं 32 साल का, 6 फीट लंबा, हैंडसम शादीशुदा आदमी हूँ, लड़का नहीं। मैं मेरठ का रहने वाला हूँ। बात लगभग 1 महीने पुरानी है। हमारे पड़ोस में एक भाभी रहती हैं, उनके पति और उनके 2 बच्चे हैं। भाभी इतनी स्मार्ट हैं कि जो भी देखता है बस देखता रह जाता है। उनकी फिगर का तो जवाब ही नहीं — 38-28-38। भाभी से अक्सर मेरी ही हेलो होती रहती है। XXX Garam Padosan Bur Chudai
इन्हीं गर्मियों की छुट्टियों में मेरी वाइफ मायके गई हुई थी। मैं एक दिन भाभी के घर के सामने से गुजर रहा था। भाभी अपने दरवाजे पर खड़ी थीं। बोलीं, “कहाँ जा रहे हो सतीश?” मैंने कहा, “मार्केट।” तो वो बोलीं, “हमें भी मार्केट जाना है।” मैंने कहा, “तो चलो।” वो मेरे साथ बाइक पर बैठकर मार्केट जाने लगीं।
कुछ दूर चलने पर मैंने महसूस किया कि मैं जैसे ही बाइक के ब्रेक लगा रहा था तो भाभी अपने सेक्सी बूब्स मेरे से टच कर रही थीं। मुझे भी अच्छा लग रहा था। मैंने और ब्रेक लगाने शुरू कर दिए तो भाभी मुझसे और ज्यादा चिपकी जा रही थीं। मैंने हिम्मत करके भाभी से पूछ ही लिया, “क्या इरादे हैं जनाब?”
तो वो बोलीं, “हमारे इरादे तो नेक हैं, आप बताइए।”
मैंने भी कह दिया, “इरादे तो हमारे भी नेक हैं।”
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उस दिन से ही हमारी बातचीत शुरू हो गई। अब तो इंतजार था एक मौका मिलने का। मौका बस 3 दिन बाद मिल गया क्योंकि भाभी के अस्पताल तो ऑफिस के काम से अक्सर बाहर जाते रहते थे। उस दिन भाभी के अस्पताल बाहर गए तो भाभी ने मुझे फोन करके कहा, “रात को 8 बजे आ जाना, मैं दरवाजा खुला छोड़ दूँगी।”
मैं लगभग 8 बजे भाभी के घर पहुँचा। भाभी भी इंतजार में बैठी थीं। उन्होंने बहुत ही सेक्सी गाउन पहना हुआ था। मेरे वहाँ पहुँचते ही वो मुझसे लिपट गईं। मैंने उन्हें गोद में उठाया और बेड पर ले गया और लिटा दिया। अब मैंने उन्हें पैरों की तरफ से किस करना शुरू किया। पैरों की सारी फिंगर्स को बारी-बारी से सक किया। भाभी मदहोश होने लगी थीं।
अब मैंने धीरे-धीरे एक हाथ से गाउन को ऊपर कर रहा था और लेग्स को किस कर रहा था। अब जाँघों को किस कर रहा था। नाउ उनकी ब्लैक पैंटी दिख रही थी। मैंने बिना पैंटी उतारे उनकी चूत पर गरम साँस छोड़ी और फिर हल्का सा काटा। भाभी “उह्ह्हााा” कर रही थीं।
अब मैंने उनके पेट पर गरम-गरम साँसें छोड़नी शुरू कीं और पेट और नाभि पर किस किया। फिर अपनी जीभ को नाभि में घुमाया। अब तो भाभी बिल्कुल पागल हुए जा रही थीं। बोलीं, “सतीश प्लीज जल्दी करो।” लेकिन मैं तो अभी पूरे जिस्म का मजा लेना चाहता था।
मैंने गाउन को थोड़ा और ऊपर किया तो अब ब्लैक ब्रा मुझे दिख रही थी। मैंने ब्रा के ऊपर से ही हल्के से दोनों बूब्स के निप्पल को काटा।
भाभी बोलीं, “उईई माँआआ… अब नहीं रुका जा रहा।”
मैं बोला, “डार्लिंग जल्दी क्या है, अभी तो पूरी रात बाकी है।”
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मैंने उनकी नेक पर किस किया, नाउ चिन, अब लोअर लिप को सक किया और नाउ अपर लिप, फिर गालों को किस किया, फिर पलकों को और लास्ट फॉरहेड। अब भाभी केवल ब्रा और पैंटी में लेटी थीं। अब मैंने उन्हें उल्टा लिटाकर नेक की तरफ से किस करता हुआ पैरों तक गया। भाभी इतनी हॉट हो चुकी थीं कि कह रही थीं, “सतीश प्लीज अब तो चोद दो।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
फिर मैंने उन्हें सीधा लिटाकर पैंटी उतार दी और अपना पसंदीदा काम शुरू किया। मैंने धीरे-धीरे उनकी चूत पर जीभ घुमानी शुरू की और घुमाते-घुमाते अचानक जीभ को चूत में घुसा दिया। भाभी ने मेरा सर पकड़ लिया और बोलीं, “सतीश मेरा हो जाएगा, प्लीज एक बार लंड तो घुसा दो।”
मैंने कहा, “जान कोई बात नहीं, कर लो, लंड दूसरे बार में घुसा दूँगा।”
अब मेरे दोनों हाथ उनके निप्पल्स पर और मेरी पूरी जीभ उनकी चूत में थी। तभी भाभी बोलीं, “मैं गई सतीश।” और मीठा जूस मेरे मुँह में। मैंने भाभी का सारा जूस पी लिया। अब भाभी ठंडी हो चुकी थीं। बोलीं, “थैंक्स सतीश, मैं 2 बच्चों की माँ बन चुकी हूँ लेकिन मुझे इतना मजा आज तक नहीं आया।”
अब मैंने कहा, “भाभी अब आपको मेरा करना है।”
तो बोलीं, “हाँ I’m ready।”
उन्होंने मेरा अंडरवीयर उतारा और मेरे पूरे जिस्म पर किस करने लगीं। जब मैं पूरा हॉट हो गया तब भाभी ने मेरा पूरा लंड एकदम से अपने मुँह में ले लिया। भाभी को मैंने इतना संतुष्ट कर दिया था कि वो पूरे मन से मेरा लंड अपने गले तक ले रही थीं। मैं भी बिल्कुल स्वर्ग की सैर कर रहा था।
लगभग 20 मिनट में मैं भी डिस्चार्ज हो गया। मैंने सारा सेमन भाभी के मुँह में छोड़ दिया। भाभी ने मेरे जूस की एक-एक बूँद पी गई। इसके थोड़ी देर बाद हम फिर शुरू हो गए और इस बार मैंने भाभी को बेड पर लिटाकर, घोड़ी बनाकर, ऊपर लिटाकर, टेबल पर बिठाकर आदि स्टाइल में चोदा।
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दूसरी बार में मैं लगभग 35 मिनट में डिस्चार्ज हुआ। तब तक भाभी 3 बार अपना पानी छोड़ चुकी थीं। भाभी तो मेरा लंड पकड़ निहाल हो चुकी थीं और कह रही थीं, “अब जब भी मौका लगे मुझे ऐसे ही चोदते रहना जानू।” सुबह के 5:30 बज चुके थे। मैं वापस घर आ गया।
5 दिन बाद भाभी का फोन आया और बोलीं, “आज मेरे अस्पताल बाहर जा रहे हैं, तुम आ जाना।” और बोलीं, “जो हमने उस दिन किया था वो सब मैंने अपनी एक क्लोज फ्रेंड को बता दिया है। वो भी आपके साथ सब कुछ करना चाहती है जो मैंने किया है।”
मुझे एकदम थोड़ा झटका लगा लेकिन मैंने सोचा क्या फर्क पड़ रहा है, ये तो मजे आ गए।
मैंने कहा, “उसे भी आज रात यहाँ पर ही बुला लो।”
तो भाभी बोलीं, “उसकी एक प्रॉब्लम है, उसके साथ उसकी भांजी भी रहती है। वो यहाँ पर स्टडी कर रही है। वो उसे छोड़कर नहीं आ सकती।”
तो मैंने कहा, “उसे भी बुला लो, वो दूसरे रूम में बच्चों के साथ सो जाएगी और हम दूसरे रूम में सब कुछ करेंगे।”
भाभी बोलीं, “ठीक है।”
भाभी ने उस दिन उन्हें भी बुला लिया और मैं रात को 11 बजे उनके घर पहुँच गया। बच्चे और भाभी की फ्रेंड की भांजी सो चुके थे। भाभी ने अपनी फ्रेंड से इंट्रो कराई और हम तीनों जाकर बेड पर लेट गए और धीरे-धीरे अपना प्रोग्राम शुरू किया। हम तीनों बिल्कुल नंगे थे।
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भाभी मेरा लंड सक कर रही थी और मैं उनकी फ्रेंड (रीना) के बूब्स सक कर रहा था। रूम की लाइट जली हुई थी। तभी अचानक रूम का दरवाजा खुला और रीना की भांजी अंदर आ गई। हम सब हैरान। हम दरवाजा बंद करना ही भूल गए थे। रीना की भांजी (नेहा) 12वीं में पढ़ती है। अंदर आकर बोली, “मुझे सुला दिया और आप लोग मजे ले रहे हो।”
उसके मुँह से यह बात सुनकर हम सब हैरान हो गए। वो बोली, “मैंने बहुत बी.एफ. देखी हैं, मेरा भी मन सेक्स करने को करता है।” हम तीनों ने अपनी इज्जत बचाने की खातिर उसे भी अपने खेल में शामिल कर लिया। उसने बिना कहे ही अपने कपड़े उतारकर बेड पर आ गई और मेरा लंड सक करना शुरू कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
और वो इस तरह सक कर रही थी जैसे इस खेल की खिलाड़ी हो। अब हम चारों बिना शर्म के इस खेल का मजा ले रहे थे। हम तीनों 30+ थे और नेहा केवल 18 लेकिन वो किसी से कम नहीं थी। हर एक स्टाइल में वो पूरा साथ दे रही थी। मुझे तो लग रहा था कि नेहा काफी चुद चुकी है। भाभी और रीना बोलीं, “सतीश नेहा से ही शुरुआत करो।”
अब तक हम किस्सिंग और सकिंग तो काफी कर चुके थे। नेहा बिल्कुल हॉट थी। भाभी और रीना ने नेहा का एक-एक बूब अपने मुँह में ले लिया और मैंने अपने लंड का मुँह नेहा की चूत पर रख दिया और हल्का सा पुश किया तो नेहा चीख पड़ी। मैं रुक गया। तभी नेहा बोली, “जानू दर्द तो एक बार होना ही है, पूरा घुसा दो।” मुझे भी जोश आ गया और एक झटके में ही पूरा घुसा दिया।
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नेहा बोली, “मम्मी मर गई।” और चादर पर ब्लड ही ब्लड हो गया। तभी भाभी बोली, “मजा लेना है तो दर्द तो सहना पड़ेगा नेहा डार्लिंग।” मैं थोड़ी देर तो ऐसे ही पड़ा रहा। फिर धीरे-धीरे अप एंड डाउन शुरू किया तो नेहा को मजा आने लगा और वो भी नीचे से धक्के लगाने लगी। और केवल 5-7 मिनट में ही झड़ गई। अब मैंने रीना को चोदना शुरू किया। रीना को मैंने बहुत सारे स्टाइल में चोदा। रीना के बाद भाभी को चोद रहा था। इतने में नेहा फिर हॉट हो गई और मेरे लंड के साथ नेहा अपनी एक उंगली भी भाभी की चूत में घुसा रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी।
इतने में भाभी भी झड़ गई और मैं थक चुका था। मैं बेड पर सीधा लेट गया और नेहा मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरा पूरा लंड अपनी चूत में लेकर जोर-जोर से धक्के लगाने लगी। मेरा भी बस होने ही वाला था। बस 5-7 मिनट में ही मैंने अपना गरम लावा नेहा की छोटी सी चूत में छोड़ दिया। इसी तरह पूरी रात हमने खूब मजे लिए। भाभी तो मेरी दीवानी पहले ही थी, अब तो रीना और नेहा भी मेरी दीवानी हो चुकी हैं। उस रात के बाद भी हमने 2 बार ऐसा गेम खेला।
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