Horny Teachers
हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? मैं हूँ आपका शाह जी, इस्लामाबाद, पाकिस्तान से। दोस्तों, मैंने अपनी सारी लाइफ फुद्दियों (पुस्सीज़) के पीछे बर्बाद की है। यू नो, आई लव मेच्योर लेडीज़। और ये है एक अजीब बात कि मेरी लाइफ में ज़्यादातर आंटियाँ ही आई हैं। अर्ली एज से ही मुझे मेच्योर लेडीज़ चोदने को मिली हैं और अब तो एल्डर लेडीज़ ही मेरा टेस्ट बन गई हैं। Horny Teachers
दोस्तों, आप कुछ भी कहो, मेच्योर लेडीज़ का अपना ही मज़ा है, अपना ही फ्लेवर है। आज जो स्टोरी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, वो भी मेरी अर्ली एज की स्टोरी है और वो भी एक नहीं, दो एल्डर लेडीज़ के साथ। मेरा दोस्त है सोहेल। एक दिन उसने मुझे बताया कि उसके पास एक उर्दू सेक्सी नॉवेल आया है, जो बड़ा ज़बरदस्त है।
और जिसको पढ़कर वो अब तक तीन-चार बार मुठ (मास्टरबेटिंग) कर चुका है। ज़ाहिरी बात है, मैं भी उससे ये नॉवेल लेने को बेचैन हो गया और उससे रिक्वेस्ट की कि वो मुझे भी ये नॉवेल पढ़ने को दे। पहले तो उसने इंकार किया, फिर बहुत रिक्वेस्ट करने पर वो बामुश्किल इस शर्त पर राज़ी हुआ कि शाम तक हर हाल में उसे वापस दूँगा, क्योंकि वो जिससे लाया था, उसने बस शाम तक ही पढ़ने को दिया था।
अब मेरे साथ ये प्रॉब्लम थी कि मैं आफ्टरनून ट्यूशन पढ़ने जाता था और बात ऐसी थी कि मुझे ट्यूशन पर ज़रूर जाना पड़ता था, क्योंकि मैडम नाज़ छुट्टी करने पर बड़ा मारती थीं। वैसे भी वो इतनी सख्त थीं कि मैं तो क्या, हमारे पूरे मोहल्ले का कोई भी लड़का छुट्टी के बारे में सोच भी नहीं सकता था।
मैं आपको मैडम नाज़ के बारे में कुछ बता दूँ। शी वॉज़ अबाउट 45/50, थोड़ी मोटी सी थीं और उनका पेट (बेली) स्लाइटली बाहर को निकला हुआ था। हाइट ज़रा ज़्यादा होने की वजह से इतना पता नहीं चलता था। मम्मे (ब्रेस्ट) काफी बड़े थे और उनके गालों (चीक्स) का रंग रेडिश था। इस उम्र में भी शी वॉज़ वेरी गुड लुकिंग और ग्रेसफुल थीं।
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वैसे तो मैडम नाज़ बड़ी अच्छी थीं, पर जब पढ़ाती थीं तो उनका गुस्सा देखने वाला होता था। लगता ही नहीं था ये वो ही हम्बल लेडी हैं। उनके हसबैंड की बड़ा मार्केट रावलपिंडी में इलेक्ट्रॉनिक की बहुत बड़ी शॉप थी। और वो सुबह 10 बजे शॉप पर जाते तो रात 11/12 बजे ही घर आते थे।
उनका बड़ा बेटा भी बाप के साथ शॉप पर होता था, दूसरा बेटा मुर्री में किसी स्कूल में पढ़ता था और वहाँ ही हॉस्टल में रहता था और वीकेंड पर ही घर आता था। शी वॉज़ वेल एजुकेटेड लेडी। अस शी वॉज़ होल डे अलोन इन हर हाउस, सो उन्होंने टाइम पास के लिए मोहल्ले के बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया था।
वो पढ़ाने की ट्यूशन फी बिल्कुल नहीं लेती थीं। सो सारे मोहल्ले के बच्चे उनके घर पढ़ने जाते थे। वो पढ़ाती भी बहुत अच्छा और मेहनत से थीं। मैडम नाज़ वैसे तो बहुत काइंड थीं और हम्बल थीं और हमारा बड़ा ख़याल रखती थीं, बट इन द मैटर ऑफ एजुकेशन शी वॉज़ टू मच स्ट्रिक्ट एंड फर्म लेडी।
और इस बारे में मोहल्लेवालों ने भी उनको फ्री हैंड दे रखा था। वैसे तो वो अकेले ही पढ़ातीं, पर कभी-कभी उनकी दोस्त और रिलेटिव मैडम निदा भी उनकी हेल्प करती थीं। जो रहती तो कहीं और थीं, बट ऑलमोस्ट मैडम नाज़ के घर ही रहती थीं। मैडम निदा के बारे में सुना था कि शी वॉज़ अ विडो लेडी और हसबैंड की डेथ के बाद उसने शादी नहीं की थी और वो भी टाइम पास करने के लिए मैडम नाज़ के घर आती थीं।
और वो मैडम के हसबैंड की क्लोज़ रिलेटिव भी थीं। वो भी मैडम नाज़ की तरह अट्रैक्टिव, स्वीट और वेल एजुकेटेड थीं। और इनोसेंट लुक के साथ-साथ मैडम नाज़ की एज फेलो लगती थीं। दोनों ही बड़ी क्यूट और फास्ट फ्रेंड थीं। जब भी देखो, एक-दूसरे के साथ सर जुड़ाए बातें कर रही होती थीं।
मैडम नाज़ के ऑपोज़िट शी वॉज़ वेरी फ्रेंडली एंड हम्बल लेडी। हम सब को कोई बात कहनी हो तो इन्हीं से कहते थे। मैडम नाज़ के सामने बोलने की किसी की भी हिम्मत नहीं थी। मैंने उस्तानी जी नॉवेल कुछ तो घर में पढ़ा, जो बहुत इंटरेस्टिंग और हॉट था, पर ट्यूशन का टाइम भी हो गया था और शाम को नॉवेल वापस भी करना था।
सो डिसाइड किया कि वहाँ मौका देखकर पढ़ लूँगा। और मैंने ऐसा ही किया। हम कोई 14/15 स्टूडेंट पढ़ते थे। मैंने जल्दी से अपना हिस्सा का होमवर्क फिनिश किया। मुझे पता था मैडम कभी भी छुट्टी नहीं देंगी, सो मैं चुपचाप रूम के कॉर्नर में जा बैठा और ऐज़ पर प्लान सामने इंग्लिश की बुक रखी और उसके ऊपर उस्तानी जी रखकर पढ़ना शुरू कर दिया।
अगर आपने वही वांछवी की ये बुक पढ़ी है तो आप जानते होंगे कि ये उनकी सबसे ज़्यादा हॉट एंड इंटरेस्टिंग और सिज़लिंग है। सो मैं बड़ा इन्वॉल्व होकर पढ़ रहा था। और मैं इतना इन्वॉल्व हो गया कि मुझे पता ही नहीं चला कब छुट्टी हुई। मैं बड़ा मस्त होकर पढ़ रहा था… ऑफ कोर्स लंड साहब बुरी तरह खड़े थे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और मेरी शलवार में मेरा बड़ा सा लंड कुछ ज़्यादा ही विज़िबल था, लेकिन मुझे इसका कोई एहसास नहीं था। अचानक मैडम नाज़ ने मुझे कान (ईयर) से पकड़ा और मेरा कान इस कदर मरोड़ा (ट्विस्ट) कि मुझे आज भी ये स्टोरी लिखते हुए वो दर्द याद आ रहा है।
जब मैडम नाज़ मुझे कान से पकड़कर उठा रही थीं तो मैडम निदा ने इमीडिएटली मेरे हाथ से इंग्लिश की बुक ले ली, जिसमें xxx नॉवेल भी था। जैसे ही उन्होंने बुक को ओपन किया, उसमें से नॉवेल निकल आया और वो ये नॉवेल देखने लगीं। सेक्सी नॉवेल देखकर मैडम नाज़ वेरी हार्श ट्यून में बोलीं, “मैं भी कहूँ ये लड़का इतना इन्वॉल्व हो कि अपना सबक तो नहीं पढ़ सकता।”
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फिर बोलीं, “अच्छा तो ये पढ़ रहे थे आप?”
नॉवेल इतना सेक्सी था कि रेड हैंडेड पकड़े जाने के बावजूद भी लंड साहब अभी तक तने खड़े थे। सो जब मैडम नाज़ मुझे डाँट रही थीं तो उस वक्त तक मेरा लंड बड़ी सख्ती के साथ खड़ा था। और बुक देखते हुए अचानक मैडम निदा की नज़र मेरे तने हुए लंड पर पड़ी।
बिल्कुल उसी टाइम मैं मैडम निदा को फॉर सफ़ारिश देख रहा था कि मुझे मैडम नाज़ से बचाएँ। कि इस अज़ाब से सिर्फ निदा मैडम ही बचा सकती थीं। मैंने देखा कि मैडम निदा की नज़र जैसे ही मेरी उठी हुई शलवार पर पड़ी, उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं और वो बड़ी कीनली मेरे नीचे देखने लगीं।
आई थिंक शी नेवर थॉट दैट, अ लिटिल एंड स्लिम बॉय हैव अ बिग लंड इन हिज़ शलवार। मेरा लंड इतना कुछ होने के बावजूद भी पूरी तरह मस्ती में था और झूम रहा था। फिर मैंने उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक देखी। शी इमीडिएटली रश्ड टुवर्ड्स मैडम नाज़ एंड सेड, “एक मिनट नाज़ू, मेरी बात सुनो।”
उनको इस तरह अपने पास आता देखकर मैडम नाज़ सरप्राइज़्ड बोलीं, “क्या बात है निदा, खैर तो है ना…?????”
मैडम निदा ने कुछ न कहा और उनको बाज़ू से पकड़कर साथ वाले रूम में ले गईं। जब कुछ देर तक वो वापस न आईं तो मैंने भी सोचा कि देखूँ तो वो क्या कर रही हैं और मैं भी चुपके से उनको देखने के लिए चला गया। अभी मैं दरवाज़े (द्वार) तक ही पहुँचा था कि मैंने मैडम नाज़ की आवाज़ सुनी।
वो बड़ा नॉइज़ी व्हिस्पर में कह रही थीं, “पागल हो गई हो तुम… ही इज़ माय स्टूडेंट यार… लाइक माय चाइल्ड… माय सन… नो… नो… ये नहीं हो सकता…” फिर मैंने मैडम निदा की आवाज़ सुनी। वो कह रही थी, “क्यों नहीं हो सकता? इसमें हर्ज क्या है??? देखो लड़का बड़ा चिकना और फ्रेश है…” मैडम नाज़ रिप्लाईड, “यू सिली… जानती हो इसमें कितना रिस्क है…????”
पढ़ाई में तो मैं निकम्मा था, बट सेक्स मैटर में मेरा माइंड बड़ा तेज़ काम करता था। सो मैं कुछ-कुछ समझ गया कि व्हाट्स द मैटर वॉज़ गोइंग ऑन। मैंने फिर मैडम निदा की व्हिस्पर सुनी। वो जोश से कह रही थी, “कुछ नहीं होगा यार… कुछ भी नहीं होगा… बस तुम हाँ कर दो… तुमने उसकी शलवार देखी है? कैसा शेर जैसा खड़ा था उसका… मेरा तो जी मचल गया है, माउथ वॉटरिंग टूल है उसका…”
इस पर मैडम नाज़ ने कुछ कहना चाहा, बट उनकी बात सुनाए बिना ही मैडम निदा बोलीं, “डोंट वरी, मैं सब कुछ हैंडल कर लूंगी… बस तुम चुप रहो और प्लीज़ मान जाओ यार…” फिर मैडम नाज़ बोलीं, “लुक निदा… यू नो…” इससे पहले कि मैडम नाज़ कुछ आगे कहतीं, मैडम निदा जल्दी से बोलीं, “लुक शू, कुछ नहीं साली, ये बता… तुम्हारे हसबैंड ने लास्ट टाइम कब किया था…????”
मैडम नाज़… “वो… वो… 3/4 महीने हो गए हैं… पर इस बात से इस तुम्हारा क्या मतलब है???” “यू नो, जब से बच्चे बड़े हो गए हैं… उनको सेक्स करते शर्म आती है और…” मैडम निदा ने अगेन उनकी बात काटी और बोलीं, “यू पुस्सी कैट, जब तुम मुझसे बार-बार स्ट्रॉन्ग सेक्स डिज़ायर की बात करती हो और मुझसे अपने ब्रेस्ट दबवाती हो और… उस टाइम तुमको शर्म नहीं आती?……”
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अब मैंने मैडम नाज़ की हार्श व्हिस्पर सुनी। शी सेड, “मदर फकर… मैं अपनी बात नहीं कर रही…” फिर फाइनली मैडम निदा ने कहा, “ओके… ओके… तुम कुछ करती हो या नहीं… आई डिसाइडेड कि मैं इस बॉय को एंजॉय करूंगी… माय बॉडी इज़ एकिंग फॉर लंड… आई नीड दिस बॉय… बैडली…” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इससे पहले कि मैडम नाज़ कुछ और कहतीं, शी सेड, “डोंट वरी डार्लिंग… मैं सब संभाल लूंगी। किसी को कानो-कान कुछ खबर नहीं होगी।” फिर बोलीं, “अच्छा ये बताओ, इस लड़के का फैमिली बैकग्राउंड क्या है…” नाज़ मैडम बोलीं, “नॉर्मल से मिडिल क्लास लोग हैं। बस… बस इतना ही काफी है, मैं सब संभाल लूंगी। तुम बस देखती रहो… मर्ज़ी हो तो हमें जॉइन कर लेना, वरना फ्री में xxx फिल्म देख लेना।”
ये सुनकर मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़ा और इसको शाबाश दी। इसके ओवर साइज़ ने हमेशा ही मेरी मदद की है। फिर फ़ौरन ही अपनी जगह वापस आ गया और बड़ी मास्कीन शक्ल बनाकर खड़ा हो गया। कुछ देर बाद मैडम निदा मेरे पास आईं और बोलीं, “नाज़ू बड़े गुस्से में हैं और वो तुम्हारे घर बताने जा रही हैं। और मैंने बड़ी मुश्किल से उन्हें रोका है। वो भी इस शर्त पर कि तुम सच बताओ कि ये किताब तुमने कहाँ से ली?”
मैंने सच बताया कि मैंने ये किताब अपने दोस्त सोहेल से ली थी और शाम को उसे वापस करना था… फिर मैंने झूठ-मूठ उसकी मिन्नत करनी शुरू कर दी कि प्लीज़ मेरे घर न बताना, वरना बहुत मार पड़ेगी… काफी देर तक निदा मुझसे मिन्नतें करवाती रही।
तब वो बोलीं, “एक शर्त पर बुक वापस दूंगी…” मैंने झट से कहा, “मुझे हर शर्त मंज़ूर है…” शी सेड, “दैट्स अ गुड बॉय…” फिर बोलीं, “शर्त ये है कि तुम मुझे अपने हाथ से मोहरि नामा लिखकर दोगे…” जब वो ये बात कह रही थीं तो मैंने देखा कि हर फेस बिकम वेरी रेड… और वो बार-बार अपना थूक निगल रही थीं… साथ-साथ विद पैशन काँप भी रही थीं।
उधर मुझे भी असल स्टोरी पता थी, सो अगेन मेरा लंड भी आहिस्ता-आहिस्ता खड़ा हो रहा था… मैं मैडम निदा के बिल्कुल करीब चला गया। इतना करीब कि उनकी गर्म साँसें मेरे चेहरे से टकरा रही थीं। मैंने लिप्स थोड़ा दूर रखे और बोला, “मैं क्या लिखूँ मैडम…???”
अचानक वो बड़ी तेज़ आवाज़ में बोलीं, “उ… साला… हरामी… तुमने हमारी बातें सुन ली थीं…???” आई सेड… “यस मैडम…” तब वो बोलीं, “तब क्या पर्दा रह गया…” और मेरे साथ लिपट गईं… उनके बड़े-बड़े मम्मे मेरे सीने के साथ लग रहे थे… गर्म-गर्म साँसें मेरे फेस से टकरा रही थीं…
तब उन्होंने अपना मुँह मेरी तरफ किया और मेरे लिप्स अपने मुँह में ले लिए… वाओ… उनको माउथ बड़ा वेट और उससे अजीब सी खुशबू आ रही थी… मैडम ने मेरे लिप्स चूसने शुरू कर दिए और साथ-साथ दूसरे हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और इसको दबाने लगीं… आह्ह्ह्ह… मैं जैसे सातवें आसमान पर उड़ रहा था… फिर वो मेरी ज़बान चूसने लगीं।
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मैं तो मज़े के मारे मरने वाला हो गया था… फिर वो एक झटके से अलग हुईं और अपनी क़मीज़ उठाकर ब्रा से अपने मोटे मम्मे बाहर निकाले और बोलीं… “इनको चूसो माय बॉय…” उनके मोटे मोमों पर ब्राउन रंग के बड़े-बड़े निप्पल्स थे। उन्होंने खुद ही मेरा सर पकड़ा और एक निप्पल मेरे मुँह में डाल दिया…
और मैं उनके निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा… वन बाय वन वो मुझसे अपने निप्पल्स चुसवाती रहीं… निप्पल्स चूसने के साथ-साथ मैं अपना हाथ उनके नीचे ले गया और उनकी शलवार का नाला खोल दिया, जिससे उनकी शलवार उनकी टाँगों में आ गई…
मैडम निदा ने अपनी टाँगें थोड़ी सी खोल दीं और मैंने फ़ौरन ही अपनी मिडिल फिंगर उनकी चूत में डाल दी… उफ्फ़… उनकी चूत बहुत चिकनी और गर्म थी… और चूत के पानी से मेरी उँगली गीली हो गई थी। मेरी इस हरकत को देखकर वो बोलीं, “तुम इस काम में बहुत एक्सपीरियंस्ड लगते हो?”
फिर कहने लगीं, “दो उँगलियाँ मिलाकर… माय बॉय… एक से काम नहीं चलेगा मेरी।” और मैंने ऐसा ही किया… अब मैं पूर जोश होकर उनके न सिर्फ निप्पल्स चूस रहा था, बल्कि दो उँगलियाँ भी उनकी चूत में इन-आउट कर रहा था… और वो सेक्सी आवाज़ें निकाल-निकालकर मेरा जोश और भी बढ़ा रही थीं… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर अचानक उन्होंने मेरा बाज़ू पकड़ लिया और… और फिर तेज़ी से मेरी उँगलियाँ इन-आउट करवाने लगीं और साथ-साथ… अपनी फुद्दी तेज़ी के साथ आगे-पीछे करने लगीं और साथ-साथ कहती भी जातीं, “फास्ट… माय बॉय… फास्ट… ईर्र्र… फास्स्टर… फास्टर… जान… फास्टेर्र्र…”
अब मैं भी निप्पल्स चूसना छोड़कर बड़ी तेज़ी और पूरी ताकत से उनकी चूत में अपनी उँगलियाँ इन-आउट करने लगा और फिर कुछ ही देर बाद वो… लंबी-लंबी साँस लेकर डिस्चार्ज होने लगीं… और फिर मेरा सारा हाथ उनकी कम से भर गया। तब उन्होंने मेरा हाथ अपने मुँह के पास किया और सारा हाथ चाटने लगीं, यहाँ तक कि उनकी कम से मेरा हाथ बिल्कुल साफ हो गया।
हाथ चाटने के बाद वो मुझसे बोलीं, “मेरे साथ आओ…” थोड़ी देर बाद हम नाज़ मैडम के बेडरूम में थे… नाज़ वहाँ पहले से ही मौजूद थीं और बेड पर बैठी बड़ी अपसेट नज़र आ रही थीं। ऐज़ सून ऐज़ वी रीच्ड नियर बेड, निदा मैडम ने मुझे धक्का दिया (पुश किया) और मैं नाज़ मैडम के ऊपर गिर गया…
वो गुस्से से बोलीं, “व्हाट द हेल इज़ दिस…” और मुझे अपने ऊपर से हटा दिया। तब तक निदा मैडम भी बेड पर आ चुकी थीं… उन्होंने आते ही मेरी शलवार उतारी… अब मेरा लंड लहराता हुआ बाहर निकला… उन्होंने फ़ौरन ही मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और मैडम नाज़ की तरफ देखा… पर उनका मुँह दूसरी तरफ था…
अब उन्होंने मैडम नाज़ का मुँह चिन से पकड़कर अपनी तरफ किया और बोलीं… “लुक नाज़ू… ये कितना मोटा और फ्रेश लंड है… फुल ऑफ ब्लड… फुल ऑफ… मस्ती… फुल ऑफ थिकनेस… देखो… इसका मशरूम… कितना मोटा है…” नाज़ मैडम ने लंड को बड़ी ईगरली देखा, पर मुँह से कुछ न बोलीं।
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आई थिंक वो नीम राज़ामंद थीं… पर कुछ बोल नहीं रही थीं… तब निदा मैडम ने उनका हाथ पकड़कर मेरे लंड पर रखा और बोलीं, “देख ना कितना सुपर लंड है, पकड़ के देख कितना… हॉट है…” नाज़ मैडम अब भी कुछ न बोलीं और न ही लंड से अपना हाथ हटाया…
अब मैंने थोड़ी सी हिम्मत की और उनका हाथ अपने लंड के गिर्द लिपटाया और कहा, “मैडम प्लीज़… थोड़ा सा दबाए ना…” उन्होंने बस थोड़ा सा ही लंड दबाया और बोलीं… “ये… ये… ठीक नहीं है… तुम मेरे स्टूडेंट हो… मेरे बच्चों से भी छोटे हो… ये… ये… ठीक नहीं कर रहे तुम… मैं तुमसे बहुत बड़ी हूँ…”
अब निदा मैडम ने उनको बालों से पकड़ा और उनका मुँह बिल्कुल मेरे लंड पर रख दिया और बोलीं… “क्या ठीक है और क्या नहीं ठीक… मत सोचो… बस लंड एंजॉय करो…” और मैंने उनके क्लोज़्ड लिप्स पर अपना लंड रब करना शुरू कर दिया… उन्होंने हल्का सा प्रोटेस्ट किया… सर को इधर-उधर किया और तब कहा… “ना… करो… प्लीज़…”
पर निदा मैडम ने कहा, “मुँह खोल साली…” और उनका मुँह लंड पर दबा दिया… अब उन्होंने हल्का सा मुँह खोला और लंड का टॉप अपने मुँह में ले लिया… और फिर धीरे-धीरे चूसने लगीं। इन द मीन टाइम निदा मैडम ने उनका नाला खोलकर शलवार उतार दी… अपनी शलवार उन्होंने पहले ही उतारी हुई थी, अब शर्ट भी उतार दी और बिल्कुल नंगी होकर अपने निप्पल्स उनकी गांड़ से रब करने लगीं…
नाज़ो मैडम ने मेरे लंड से मुँह हटाकर उनकी देखा… और वो दोनों किसिंग करने लगीं… उफ्फ… ऐसी मस्त किसिंग मैंने अपनी लाइफ में नहीं देखी… इतनी पैशनेट, इतनी पुर जोश, इतनी मस्त किसिंग। बिलीव मी, इस इवेंट के बाद मुझे लेस्बियन किसिंग से इश्क़ हो गया है… वो दोनों मुझे भूलकर आपस में ही किसिंग कर रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
एक-दूसरे की ज़ुबान से ज़ुबान टकरा रही थीं… पागलों की तरह एक-दूसरे को चूम-चाट रही थीं… मैं कुछ देर तो उनको देखता रहा, फिर… तब मैंने भी उनको जॉइन करने का फैसला कर लिया और अपना मुँह उनके पास ले गया और ज़ुबान उन दोनों के दरमियान डाल दी… वाओ…
अब हम तीनों की ज़ुबानें आपस में टकरा रही थीं… और मैं बड़ी-बड़ी उनकी ज़ुबानें चूस रहा था… दोनों की ज़ुबानें बड़ी ही टेस्टी और ज्यूसी थीं। अब हम एक-दूसरे की ज़ुबानें चाटने-चूसने और आपस में टकराने लगे… फिर कुछ देर बाद हमने एक न्यू गेम लॉन्च कर दिया। निदा मैडम ने मेरी ज़ुबान चूसी और थोड़ा सा अपना थूक मेरे मुँह में डाल दिया…
मैंने उनका थूक अपने मुँह में लिया, उसको टेस्ट किया और थोड़ा सा घुमाने के बाद इसमें अपना थूक भी ऐड किया और ये सब नाज़ मैडम की ज़ुबान चूसते हुए उनके मुँह में डाल दिया… नाज़ मैडम ने भी मेरा प्लस निदा मैडम का थूक टेस्ट किया और इसमें अपना थूक ऐड करके अगेन निदा के मुँह में डाल दिया…
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नाउ जब… निदा मैडम ने मेरे मुँह के साथ अपना मुँह जोड़ा और अपनी ज़ुबान निकालकर मेरे मुँह में डाली तो नाज़ मैडम प्लस अपना प्लस प्रीवियस मेरा और इसमें अपना थूक भी ऐड करके सब मेरे मुँह में डाल दिया… ये मिक्स्ड सलाइवा था, इसमें मेरा, निदा और नाज़ मैडम का थूक शामिल था…
उफ्फ़… ये मिक्स्ड फ्लेवर सलाइवा बड़ा ही टेस्टी और ज़बरदस्त था और मैंने बड़ा एंजॉय किया। तब हम तीनों ने जॉइंटली अपनी ज़ुबानों का टकराव शुरू कर दिया। मेडली एक-दूसरे के लिप्स चाटे, ज़ुबानें टकराईं और खूब मस्ती की। ये टंग किसिंग काफी देर तक कंटिन्यू रही… टंग किसिंग के बाद मैडम नाज़ मूड में आ गईं और बेड पर खड़ी होकर अपनी फुद्दी मेरे मुँह से लगा दी…
उनकी फुद्दी पर थिक से ब्लैक बाल (हेयर) थे… सबसे पहले मैंने अपना नोज़ उनके घने बालों में घुसाया और चूत की स्मेल इनहेल करने लगा… आह्ह्ह… द एरोमा ऑफ हर चूत वॉज़… वेरी… मास्स्स्त… उनकी चूत के बाल उनकी कम से काफी मॉइश्चर्ड थे… मैंने जैसे ही ज़ुबान लंबी करके बालों वाली चूत चाटी…
नाज़ मैडम ने एक लंबी सिसकी ली… और मेरा सर पकड़कर मेरा मुँह अपनी चूत से रगड़ने लगीं… मैंने भी ज़ुबान से उनको खूब चाटा… फिर उन्होंने मुझे नीचे गिरा दिया और झुककर मेरा लंड चूसने लगीं। अब निदा मैडम ने अपनी चूत मेरे मुँह से लगा दी। अब नाज़ मैडम मेरा लंड चूस रही थीं और निदा मुझसे अपनी चूत चटवा रही थीं… और साथ-साथ मेरे बालों में उँगलियाँ फेर रही थीं।
कुछ देर लंड चूसने के बाद नाज़ो मैडम बोलीं… “शाह… इस हथौड़े को मेरी चूत में डालो… और इसकी जलन मिटा दो…” और डॉगी स्टाइल में हो गईं। उनकी देखा-देखी निदा मैडम भी घोड़ी बन गईं और बोलीं, “लंड नाज़ो की चूत में और उँगली मेरी फुद्दी में डालो… माय बॉय… हम दोनों को एक साथ चोदो… जॉइंटली फक करो हम दोनों को… माय बॉय…”
ये सुनते ही मैंने अपना लंड मैडम नाज़ की बालों वाली चूत के लिप्स पर रखा और हल्की सी ठोकर लगाई… चूत काफी लूज़ और चिकनी हो रही थी, सो मेरा लंड विदाउट रेस्ट्रेंट स्लिप होता हुआ अंदर चला गया। जब मैंने देखा कि चूत काफी ढीली और चिकनी है तो मैंने फुल पावर से एक ज़बरदस्त धक्का मारा।
लंड पूरे जोश से जड़ तक नाज़ो मैडम की चूत में उतर गया। नाज़ो मैडम ने एक ज़ोरदार चीख मारी और अपनी चूत लंड के साथ मिलाकर… पुर जोश रेस्पॉन्स दिया… फिर तो मैंने ज़बरदस्त धक्कों की बरसात कर दी… वो इन पावरफुल धक्कों का वार न बर्दाश्त कर सकीं और कुछ ही देर बाद मेरे सामने से हट गईं… विद इन नो टाइम निदा मैडम ने अपनी चूत मेरे लंड के आगे कर दी… और फिर मैंने इनकी चूत खूब मारी।
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हर स्ट्रोक के बाद निदा मैडम कहती… “डू… मोर… माय बॉय… डू… मोर… ज़ोर… और… ज़ोर से मारो… फाड़ दो मेरी फुद्दी… जोश से मारो माय बॉय, जोश से मारो… मैं नाज़ो नहीं हूँ जो भाग जाएगी… जम के मारो इस चूत को, बल्कि जान से मार दो मेरी चूत को… वेरी गुड माय बॉय, वेरी गुड… तुमने कोशिश कर दिया… ज़ोर से जान, ज़ोर से… तुम बड़े ज़बरदस्त फकर हो… चोदो अपनी मैडम को…” और फिर खुद ही ज़ोर-ज़ोर से अपनी फुद्दी मेरे लंड से जुड़ने शुरू कर दी। इधर मेरा लंड भी मनी (कम) छोड़ने वाला था…
मेरी हालत फील करके नाज़ मैडम बोलीं, “इसके अंदर नहीं डिस्चार्ज होना…” लंड इसकी फुद्दी से निकालो और ज़बरदस्ती मेरा लंड पकड़कर निदा की फुद्दी से बाहर निकाल दिया… और मुझे सीधा लिटाकर मेरी मुठ मारने लगीं… और फिर जब रिलीज़ होने के लिए मेरी बॉडी ने झटके मारे तो उसने लंड की जड़ को वेरी टाइटली दबा दिया… और… बड़ी ही सेक्सी वॉइस में बोलीं… “निदा… कम ऑन, इफ यू नीड फ्रेश कम…” ये सुनते ही निदा मैडम रश करके आईं और लंड के साथ मुँह जोड़ दिया।
नाज़ो मैडम पहले ही लंड पर झुकी हुई थीं… और जब दोनों ने अपने सर जोड़े तो नाज़ मैडम ने अपनी ग्रिप लंड पर ढीली कर दी… मनी (कम) का एक ज़बरदस्त फव्वारा सा निकला और दोनों ने इस फव्वारे की इक-इक बूँद अपने-अपने माउथ्स में कैद कर ली।
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