Kunwari Chut Hard Sex
मेरा नाम मलय है। मैं एक स्टोरी राइटर हूँ। मेरी बीबी स्कूल टीचर है और मेरा लड़का हॉस्टल में रहता है। हमारे साथ घर में रहती है मेरी बड़ी सिस्टर-इन-लॉ की इकलौती बेटी जिया। उसके डैड का ट्रांसफरेबल जॉब है, इसलिए पिछले साल से वह हमारे यहाँ है। वह मॉर्निंग स्कूल में 12वीं में पढ़ रही है। आज जिया की लास्ट एग्जाम थी। अभी 12:30 बज गए थे, आने का टाइम हो गया था। बेल की आवाज आई। शायद जिया ही होगी। आज बाई नहीं आई थी, इसलिए मैंने दरवाजा खोला। Kunwari Chut Hard Sex
“हाय जिया, एग्जाम कैसा हुआ? तुम्हें पहले आना है।”
“ओह मौसाजी… अभी-अभी आई हूँ, पहले घर में आने दीजिए। बाई, थोड़ा पीने का पानी दो ना…”
“सॉरी जिया, आज बाई नहीं आई। तू खुद पी ले, बाद में मैं तुझे गरम पानी से नहला दूँगा।”
“ओके मौसाजी।”
ड्रेस चेंज करने के बाद सिर्फ एक ब्लैक पैंटी पहनते हुए जिया बाथरूम में आ गई। पहली बार उसकी छोटी सी फूली हुई नाजुक छाती पर मेरी नजर अटक गई। सो नाइस… मेरा शरीर बेकाबू होने लगा। समझ गया कि जिया अब बच्ची नहीं है, लड़की होने वाली है। जी चाहा जिया को पकड़कर अपनी छाती से लगा लूँ।
“मौसाजी, क्या हुआ? जल्दी करो।”
मेरा होश आ गया। “हाँ जिया… सुन, आज तुझे साबुन मला दूँ क्या?”
“Okay.”
जिया के शरीर पर थोड़ा सा गरम पानी डालकर साबुन लगाना शुरू किया। पीठ से… छाती पर हाथ पहुँचाते ही वो थोड़ा दूर चली गई। मैं डर गया कि क्या उसने मेरा खड़ा लंड तो नहीं देख लिया!!!
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“क्या हुआ जिया… आओ, मेरे पास आओ।” धीरे से हाथ पकड़कर पास लेकर पूछा।
“मौसाजी देखो, मेरी छाती पर दो क्या हुए हैं… बहुत दर्द है इसमें।”
मैं समझ गया कि बूब्स के बारे में जिया को अभी ठीक से पता नहीं है। एक 18 साल की बच्ची को क्या मालूम है अपनी शरीर के बारे में।
“Okay जिया… पहले तू नहा ले, फिर मैं हॉट ऑयल से दर्द वाली जगह मालिश कर दूँगा।”
तौलिए से पानी साफ करने के समय मैं सजग था कि मेरा खड़ा लंड वो देख न पाए।
“जिया, मेरे साथ मेरे कमरे में चल।”
जिया को बेड पर लिटा दिया। हाथ में थोड़ा बॉडी ऑयल लेकर छोटी सी मासूम नींबू माफिक चुची सहलाने लगा। “आह!!! कितना आराम मिल रहा है…” जब कुछ दिन बाद जिया को पहली बार चोदूँगा… कितना मजा आएगा… सोचते ही मेरा लंड खिंच मारना शुरू कर दिया।
“मौसाजी, थोड़ा धीरे करो। तुम्हारा हाथ बहुत ही कठोर है।”
होश आते ही मैं स्लो हो गया। थोड़ा सा उठा हुआ आई चुची… कितना मुलायम…
“जिया, कैसा लग रहा है अभी?”
“मौसाजी, बहुत-बहुत अच्छा… ऐसे ही करते रहो।”
वो नींद में ढल गई। मैं क्या करता, मुठ मारकर लंड की प्यास बुझाई। अभी मेरा दोपहर बहुत सुंदर चल रहा है। हर दिन लंच के बाद (शनिवार-रविवार को छोड़कर) जिया को कंबल के अंदर लेकर उसकी छोटी गांड को लंड के ऊपर लगाने के बाद मैं उसके बूब्स की मालिश करता।
एक महीना बीत चुका। दर्द कम हुआ, लेकिन उसकी आदत पड़ गई मेरे हाथ का मालिश कराना। और मैं रात में जिया को सोचते-सोचते अपनी बीबी की चूत मारता रहता। लेकिन बीबी की स्कूल में एग्जाम के बाद छुट्टी शुरू हुई और वो जिया को लेकर अपनी दीदी के पास चली गई। मेरा मुँह बेकाबू हो गया।
लेखा-जोखा बंद हो गया। घर में एडिटर सब आकर एक फोन करना शुरू कर दिया। रिजल्ट आउट होते ही जिया आ गई और मेरा दोपहर का काम शुरू हुआ, एकदम झकास!!! जून में कुछ जानकारी के लिए अगरतला आना पड़ा। (पिछले 2 महीने में जिया की नींबू ऑरेंज हो गई थी मेरे हाथ और मुँह लगाने से)।
दिन तो काम के चक्कर में चल जाता, लेकिन रात गुजारना बहुत मुश्किल हो गया। फिर बीबी दो-दो बार आने से थोड़ा सा ठीक था लंड महाराज। फिर सोचो, कहाँ जिया और कहाँ मेरी 38 साल की बीबी!!! नवंबर की लास्ट वीक में बीबी ने बताया कि जिया की पीरियड्स शुरू हो गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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मैं बोला, “इतनी जल्दी?”
बीबी बोली, “जल्दी का क्या बुरा है? जिया 18+ हो गई है। टाइम ठीक है। तुम राइटर हो और इतना भी नहीं जानते?”
बीबी से कैसे कहूँ कि मैं क्या प्लान बना चुका हूँ जिया की नाजुक बुर फाड़ने का। काम खत्म होते-होते दिसंबर हो गया। आज दोपहर मैं घर में आ गया। इस समय घर पर बाई-बीबी कोई नहीं रहते सिवा जिया के। अंदर आते ही जिया को सीने से लगा लिया। वो खुशी से उछल उठी।
“ओ मौसाजी…”
जी चाहा कि जिया को नंगी करके अपनी बाँहों में भरकर उसके छोटे-छोटे कसे हुए चुचियों को मुँह में लेकर देर तक चूसता रहूँ और फिर उसे बिस्तर पर लिटाकर उसकी नाजुक छोट में मेरा 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड घुसाकर खूब चोदूँ… लेकिन अभी यह काम संभव नहीं था। इसलिए सिर्फ जिया को जी भर के चूमने लगा और फ्रॉक के ऊपर से ही जिया की छोटी-छोटी चुचियों को हल्के-हल्के सहलाने लगा।
“ओह मौसाजी, बहुत दिन बाद मजा आ रहा है…”
जिया को अब पूरा मजा आने लगा। लेकिन बीबी के स्कूल से लौटने का टाइम आ गया, इसलिए आज छोड़ दिया। क्रिसमस की छुट्टी कल से शुरू होगी। लड़के को देखने के लिए बीबी उसके हॉस्टल चली गई और मैंने कामवाली बाई को छुट्टी दे दी। बोला, 2 जनवरी से आने के लिए। घर में सिर्फ मैं और जिया…
रात में मैंने जिया के नाजुक मुलायम बदन को अपनी बाँहों में लेकर उसके पतले-पतले होंठों को चूसना शुरू कर दिया। एक हाथ को फ्रॉक के अंदर डालकर सहलाने लगा, फिर निप्पल को चुटकी में लेकर सहलाने लगा। थोड़ी देर में जिया को भी मजा आ गया और वो “शी शी… आह… आह…” करने लगी।
“आह मौसाजी, और कीजिए… बहुत अच्छा लग रहा है।”
जिया की मस्ती देखकर मेरा हौसला बढ़ गया और मैंने जिया की फ्रॉक उतार दी, ब्रा का हुक खोल दिया। एक चुची मुँह में लेकर चूसने/काटने लगा और दूसरी को थोड़ा ज़ोर से दबा रहा था। जिया को अब पूरा मजा आने लगा। “मौसाजी, ज्यादा मजा आ रहा है… और ज़ोर से मेरी बूब्स को चूसिए… आह मौसाजी, ये तुम क्या कर रहे हो…”
जिया को पूरी तरह मस्त होते देखकर मैंने बोला, “जिया, मेरी दिल की रानी, अब तू मेरा लंड मुँह में लेकर कैंडी की तरह चूस… देख ना कितना मजा आएगा।” मैंने बेड पर सोए हुए उसे मेरे ऊपर ऐसे चढ़ा दिया कि जिया का मुँह मेरे लंड पर और जिया की बुर मेरे मुँह पर आ गया। अपने लंड पर जिया के नाजुक हाथों का स्पर्श पाते ही मेरा लंड एकदम तन उठा। मुँह में लेने के बाद आग जल गया। कैंडी की तरह वो लंड चूसने लगी…
मैं खुशी में बोल उठा, “जिया हाँ, मेरी बच्ची बहुत सुंदर चूसती है रे तू… और अंदर लेकर चूस…”
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जिया और थोड़ा तेज़ में लंड को मुँह से अंदर-बाहर करने लगी। मैं खुशी से पागल हो गया और एक झटके से उसकी पैंटी खींचकर टाँगों से बाहर निकालकर पैर फैलाकर जिया की नाजुक चूत को देखने लगा। वाह!!! क्या चूत है… बिल्कुल बटर की माफिक चिकनी मुलायम… छोटे-छोटे हल्के काले रंग के उगे हुए बाल… गुलाबी दो पंखुड़ियाँ!!!!
उह्ह… मेरा जिया कितने दिन बाद आज मेरा दिल का ख्वाहिश पूरा होगा… मैंने अपना मुँह उसकी जाँघों के बीच घुसाकर अपनी जीभ फेरने लगा। चूत पर मेरी जीभ के स्पर्श से जिया का शरीर उछल पड़ा। जिस्म मस्ती में काँपने लगा।
“आह मौसाजी… ये तुम क्या कर रहे हो!!! ओह मेरे प्यारे मौसा… आह मम्मी… तुम मेरी चूत मत चाटो… मैं पागल हो जाऊँगी… आह… ना जाने मुझमें ये क्या होता जा रहा है…”
जिया खुशी से अपनी कमर को ज़ोर-ज़ोर से आगे-पीछे करते हुए मेरा लंड चूसने लगी। और मैं भी चाट-चाटकर उसकी बुर को थूक से गीला कर दिया। और जिया मेरे प्यार को बर्दाश्त नहीं कर पाई। ज़िंदगी का पहला पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया। मैंने पी लिया। आह… अब मुझे भी सहा नहीं जा रहा था। जिया को पैर फैलाकर बेड पर लिटा दिया।
अभी मालूम पड़ा कि उसकी चूत मेरे लंड की साइज से बहुत ही छोटी है। मैंने जिया के चेहरे को हाथों में लेकर होंठों पर एक प्यार भरा चुम्मा दिया और मेरा दायाँ हाथ का मिडिल फिंगर को बुर में घुसाकर धीरे-धीरे अँगुली से बुर को चोदने लगा। और कैसे इस बुर को चोदा जाए, इस बारे में सोच रहा था। लेकिन मेरा लंड भारी हो चुका था, इसलिए जिया को मुँह खोलने के लिए बोला।
“जिया मेरी बच्ची… अभी कैंडी का रस पी ले बेटी… देख कितना नमकीन लग रहा है…”
और जिया के मुँह में मेरा सारा वीर्य पिचकारी की तरह निकालकर झड़ गया। पूरी रात जिया को अपनी बाँहों में भरके सो गया। वो तो नींद में चली गई और मैं सोचता रहा। आज सारा दिन ही उसे मेरे शरीर से अलग नहीं होने दिया। नहाने के समय पर फिर से बुर में अँगुली डालकर चुदाई की और मेरा वीर्य जिया ने मुँह में पी लिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
लंच के बाद जिया को फिर से सुला दिया। क्योंकि मैं मन ही मन तैयार हुआ था कि आज जो भी हो जाए, जिया को चोद दिया जाएगा। एक बार चुदने के बाद ही जिया मेरे लंड की दीवानी हो जाएगी और फिर मैं ज़िंदगी भर उसे चोदता रहूँगा। शाम को जिया को मॉल ले गया। वो ड्रेस देखने लगी और मैंने एक टैबलेट और KY जेली ले ली। फिर दोनों डिनर करके घर चले आए।
लेट न करते हुए ब्लू फिल्म चला दी। बेड के ऊपर बैठे हुए जिया को अपनी गोद में लेकर चुची दबाने और बुर में अँगुली डालना चालू किया। देखा जिया मूवी देखकर गरम हो रही है। सीन में एक तगड़ा ब्लैकी कम से कम 8 इंच का लंड लेकर एक छोटी सी ब्लॉन्डी की भयानक चुदाई कर रहा था। जिया गोद में मचल उठी।
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“मौसा जी देखो-देखो, ऐसा होता है क्या!!!”
“हाँ जिया… अगर तू चाहती है तो मैं तुझे इससे भी ज्यादा प्यार करूँगा।”
“लेकिन मौसाजी, तुम्हारा इतना मोटा लंड मेरी छोटी सी बुर में कैसे घुसेगा… इसमें सिर्फ तुम्हारा मिडिल फिंगर ही घुसता है!!”
“जिया, तू तो अभी-अभी देखा कि ब्लैकी का उतना बड़ा लंड कैसे ब्लॉन्डी की चूत में घुसा है… और देख, मेरा उतना भी बड़ा नहीं, सिर्फ 7 इंच ही तो है… मेरी बच्ची।”
“Okay मौसाजी, जो तुम ठीक समझो।”
जिया की बुर गीली हो चुकी थी। मूवी का वॉल्यूम थोड़ा बढ़ा दिया। अगर वो चीखेगी भी तो बाहर पता नहीं चलेगा। जिया बेड पर लेट गई। मैंने टेबल से एक टैबलेट और जेली का ट्यूब हाथ में लिया। उसकी दोनों टाँगों को खींचकर बेड से बाहर लटका दिया। पहले बुर में टैबलेट अँगुली में लेकर घुसा दी।
फिर पैर को फैलाकर उसके पैर के बीच खड़ा हो गया। मेरा खड़ा तना हुआ लंड जिया की छोटी सी नाजुक चूत के करीब होने से हिचकोले मार रहा था। ट्यूब से जेली लेकर धीरे से जिया की चूत में और मेरे लंड पर बहुत सारा लगाया ताकि लंड बुर में घुसाना थोड़ा आसान हो।
मेरा जिया की बटर जैसी नाजुक मुलायम बुर को चोदने का 10 महीने पुराना ख्वाब अभी पूरा होगा… लंड को हाथ में लेकर उसकी चूत में रगड़ने लगा। सख्त लंड की रगड़ खाकर जिया की क्लिटोरिस थोड़ी देर में तन गई। जिया मस्ती से काँपने लगी, हिप को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी।
“ओ मौसाजी, क्या मजा आ रहा है… ओ आह… आ… उम्म्म… और तेज़ रगड़िए मौसाजी…”
और पागल की तरह अपनी चुची अपने हाथों से मसलने लगी।
मुझे भी इतना सुख मिल रहा था कि क्या बताऊँ…
“जिया मेरी रानी… मुझे भी तेरी जैसी बहुत मजा आ रहा है… तू ऐसे ही मेरे साथ रहना… आज मैं तुझे चोदकर कली से फूल बना दूँगा।”
और लंड रगड़ना जारी रखी।
“मौसाजी, तुम क्या कर दिए… मेरे शरीर में बिजली दौड़ रहा है… बुर में आग…”
“मौसाजी, तुम्हारा लंड बुर में घुसाकर चोदिए प्लीज… और मत तड़पाइए… प्लीज…”
जिया पागल की तरह कमर उठा-उठाकर पटक रही थी। मैं समझ गया कि टाइम आ गया। लंड जिया की बुर की छोटी सी छेद पर ठीक लगाया। उसकी दोनों टाँगों को मेरी कमर के पीछे लेकर ज़ोर से पकड़ा।
“जिया मेरी सोने की गुड़िया… मेरी आँख में देख…”
एक धक्का मारा।
“मौसाजी…. मम्मी…”
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तेज चीख निकल पड़ी। “मौसाजी प्लीज, तुम्हारा लंड अभी निकालो… बसो मौसाजी… नहीं चुदवाना है… मेरा बुर फट गई… मैं मर जाऊँगी…”
जिया दर्द से रोने लगी। यह देखकर मेरे मन में बहुत सिम्पैथी हुआ, लेकिन मैं करता क्या? अगर इस समय इसे बिना चुदे छोड़ दिया तो जिया फिर कभी चोदने के लिए राजी नहीं होगी।
नरम स्वर में बोला, “जिया… और थोड़ा दर्द सह ले… फर्स्ट टाइम सबको चुदवाने में थोड़ा दर्द बर्दाश्त करना पड़ता है। एक बार लंड का रास्ता खुलते ही आराम की आराम… मजा की मजा… तू देखना, फिर तू रोज मेरे से चुदवाने के लिए रात में मेरे बेड पर खुद आएगी।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“लेकिन बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है मौसाजी… प्लीज निकाल दो अपना लंड…”
लेकिन मेरे लिए यह करना नामुमकिन था। मेरा सुपारा बुर में था। बाकी लंड पर फिर से जेली लगाकर पैर को कसकर पकड़े हुए धीरे-धीरे लंड को बुर में आगे-पीछे करना शुरू किया। थोड़ी ही देर में लंड में थोड़ा दबा डाला कि लंड थोड़ा बुर के अंदर चला जाए। इस तरह जिया को 10 मिनट लगातार धक्का लगाना जारी रखा। अभी जिया का दर्द कम हुआ और वो भी चूत में लंड का मजा लेना शुरू कर दी। हिप उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी।
“जिया मेरी गुड़िया, अभी कैसा लग रहा है?”
“हाँ मेरे मौसा… अब थोड़ा-थोड़ा ठीक लग रहा है… तुम प्लीज ऐसे स्लो में धक्का लगाओ… प्लीज ज्यादा अंदर मत घुसाओ।”
“Okay जिया… तू मजा ले… मेरे लंड का।”
थोड़ी ही देर में जिया की बुर पानी छोड़कर गीली हो गई। मेरा लंड थोड़ा सा आराम से अंदर-बाहर होने लगा। चूत से हर धक्के के साथ फच-फच की आवाज आने शुरू हुई। जिया की टाइट चूत चुदने में अब बहुत मजा मिल रहा था। जिया मस्ती में साथ देने लगी।
“आह मौसाजी… कितना अच्छा लग रहा है… और अंदर डालकर चोदिए मौसाजी… तुम्हारा लंड एकदम मस्त है मौसा… कितना आराम दे रहा है ये लंड…”
मैं जिया की ये बातें सुनकर स्पीड बढ़ा दी। अभी मेरा लंड का 4 इंच जा रहा है। देखकर तेजी धक्का लगाना शुरू कर दिया।
“ओ जिया, आज तुझे चोदकर जो सुख मिला तेरी मौसी से कभी नहीं मिला… तू जैसी कली मेरे से ही फूल बनी… जिया मेरी रानी हाँ… ऐसे ही रह… ओह बहुत मजा आ रहा है… आह जिया… तेरी ये टाइट चूत, तेरी कसी हुई चुची… आज तो मेरे से चुदवाकर बहुत दिन का सपना पूरा किया…”
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मुझसे भी और सहना मुश्किल हो रहा था। एक तेज धक्के के साथ मैंने जिया के ऊपर लेट गया और अपनी बाँहों में जिया को कसकर जकड़ लिया। चूत की पर्दा फाड़के चूत में मेरा लंड चला गया और ढेर सारा वीर्य जिया की चूत में निकालकर भर गया। मेरा सपना पूरा हुआ। कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के नंगे बदन चिपके हुए हाँफते रहे। कुछ समय बाद जिया ने मेरे होंठों पर एक गहरी किस किया।
“मौसाजी, तुम आज मेरे को वो सुख दिया है जिसके बारे में मैं अनजान थी… मौसा जी, अब मुझे ऐसी तरह से रोज चोदिएगा…”
“जिया हाँ… बेटी हाँ… अभी तो मैं तुझे रोज चोदूँगा… तूने मुझे बता दिया कि जन्नत क्या होता है…”
मैंने लंड को जिया की चूत में रखा कर के सो गया। 1 जनवरी तक जिया को 20 बार चोदा। फिर बीबी आ गई, इसलिए सिर्फ दोपहर को ही जिया को चोदता। और कभी-कभी रात में मेरे बेड ले आता। क्योंकि दिन भर चुदने से हम दोनों का दिल नहीं भरता। जिया की बुर से मेरा जैसा आदमी और तगड़ा हो गया। सच कहूँ तो आदमी की 40 साल की उम्र में छोटी उम्र की लड़की के साथ चुदाई करने में दोनों के लिए ठीक रहता है। और घर में हो जाए तो आसान ही आसान है। 2 साल तक जिया हमारे पास रही। जिया और मेरा ये चुदाई का खेल चलता रहा।
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