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आज मैं अपनी दीदी की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। जिसे मैंने अपनी आँखों के सामने देखा था। इससे पहले कि मैं अपनी कहानी शुरू करूँ सबसे पहले मैं आपसे उन दोनों लोगों का परिचय करा दूँ। मैं जिसके बारे में आपको बताने जा रहा हूँ उनमें से एक मेरी दीदी है और दूसरा मेरे पड़ोस में रहने वाले एक ठेकेदार का है। Hot Didi Live Chudai XXX
उसका नाम कबीर है। मेरी दीदी एक सुंदर और जवान लड़की है। दीदी को देखकर सबके डंडे खड़े हो जाते हैं। अब मैं अपनी कहानी की तरफ चलता हूँ। मैंने दीदी से कहा कि मैं शहर जाने वाला हूँ। दीदी ने कहा आज कबीर पैसे माँगने आएगा तो मैं पैसे कहाँ से दूँगी। मैंने दीदी को बोला कि कबीर को परसों आने के लिए बोलना।
मैं उस दिन अपने किसी काम से शहर में जाने वाला था। मुझे किसी के साथ अपने काम से जाना था। जब मैं उसके घर गया तो वो उस वक्त घर में नहीं था। मैं जब वापस रूम पर आने लगा। जैसे ही मैं रूम पर पहुँचा तो मैंने अपने रूम के अंदर से कुछ आवाज सुनी। मुझे कुछ अजीब सा लगा।
मैंने धीरे से जब रूम में देखा तो पाया कि दीदी किचन की तरफ जा रही थी। और कबीर मेरे रूम में बैठा हुआ था। कबीर एक काला 40 साल का है। उसे देखके लगता था कि वो अभी-अभी आया था। वो अपने पैसे की बात कर रहा था। दीदी से पूछा कि बताओ कहाँ से अपने पैसे वसूल करोगे।
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तो दीदी ने बोला कि अब अभी बताइए कि कैसे होगा। अब उसने बताया कि मेरे पास तो एक उपाय है जिसके द्वारा इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। दीदी बोली क्या है। तो वो वहाँ से उठा और दीदी के पास चला गया और दीदी की गांड पर अपने हाथ को फेरते हुए बोला कि इसके द्वारा।
तो दीदी बोली किसी ने देख लिया तो प्रॉब्लम हो जाएगी। उसने बोला तुम्हारा भाई तो शहर गया है कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। अब उसने दीदी के सलवार के नाड़े को खोल दिया और उसे नीचे उतार दिया। अब वो अपने आप को दीदी के पीछे खड़ा कर लिया। दीदी ने अपनी गोरी गांड का रास्ता दिखाया।
उसका काला लौड़ा लगभग 10 इंच लंबा और 3 इंच चौड़ा था। मुझे डर लग रहा था क्योंकि दीदी की गांड फटने वाली थी। फिर उसने दीदी की कमर को पकड़ के अपने लंड को निकाल के दीदी की गांड में सटा के एक जोर से झटका मारा तो दीदी पूरी तरह से काँप गई। मैं समझ गया कि दीदी की गांड में उसका टोपा चला गया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब दीदी उसके लिए चाय बनाने लगी और वो अपने कमर को हिलाने लगा। दीदी के मुँह से उफ्फ की आवाज निकल रही थी। दीदी के मुँह से कभी-कभी जोर-जोर से सिसकी निकल रही थी। अब मैंने देखा कि दीदी जब चीनी लेने के लिए थोड़ा सा घूमी तो मैंने देखा कि उसका मोटा लंड दीदी की गांड में अंदर-बाहर अंदर-बाहर हो रहा था।
कुछ देर के बाद उसने दीदी के अंदर अपने डंडे को पूरी तरह से डालने के लिए जब जोर का झटका मारा तो दीदी जोर से चिल्ला उठी और पूछी कि और है क्या तो बोला कि नहीं। और दीदी की गांड को इस तरह से तब तक मारा रहा जब तक कि दीदी ने चाय नहीं बना ली।
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थोड़ी देर बाद वो हाँफने लगा मैं समझ गया कि उसका बीज दीदी की गांड में गिरने वाला है। जैसे ही दीदी ने चाय बनाने के बाद अपने गैस को बंद किया तो वो अपने सिर को दीदी के कंधे पर रख के चुपचाप खड़ा हो गया। मैं समझ गया कि दीदी की गांड में उसका स्पर्म गिर गया था।
अब दीदी ने अपने कमर को खींच के उसके डंडे को निकाला और उसे चाय पीने के लिए देते हुए बाथरूम के लिए चली गई। वो चाय पीते हुए मेरे रूम में चला गया। जब दीदी पेशाब कर के बाथरूम से बाहर आई। अब वो बाथरूम में गया और जब वापस बाहर आया तो उसने अपने लंड को दीदी के मुँह में दे दिया।
दीदी उसका लंड चूसने लगी। उसके लंड को चूस-चूस कर दीदी ने और बड़ा कर दिया। फिर उसने दीदी के हाथ को पकड़ के दीदी को वापस उसी कमरे में ले जाने लगा। दीदी ने पूछा अब क्या है। तो वो बोला कि अभी तो वो सुद था। अभी ब्याज तो बाकी है।
अब वो दीदी को लेके कमरे में जाने के बाद दीदी को बेड पर लेटने के लिए कहा तो दीदी बेड पर लेट गई। अब उसने दीदी के सारे कपड़े एक-एक करके उतार दिए। दीदी के सारे कपड़े उतारने के बाद उसने दीदी को कुछ देर तक देखता रहा। अब उसने अपने कपड़े उतारने लगा तो दीदी उसके 10 इंच लंबे काले लंड को देखने लगी।
जब उसने अपने कपड़े उतार दिए तो अब वो दीदी के जांघ पर बैठ गया और दीदी की चूत को फैला के देखने लगा। फिर उसने दीदी की चूत की पप्पी ली दीदी ने अपने आँखें बंद कर ली। मैं ये देख कर जोश में आ गया क्योंकि मेरी दीदी की गोरी चूत को काला लंड से पटने वाली थी।
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अब वो दीदी की चूत में तेल लगाने के लिए पास पड़े डिब्बे से तेल निकाला और दीदी की चूत में लगाने लगा तो दीदी के मुँह से की आवाज निकली। और सिसकी निकलने लगी। दीदी की चूत में तेल लगाने के बाद उसने अपने लंड में जो कि दस इंच लंबा और काफी मोटा था को तेल को डिब्बे में डाल दिया.
और अब जब उसने दीदी की चूत के ऊपर अपना लंड रखा तो दीदी ने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला दिया और अपनी चूत में उसके लंड को डालने का इंतजार करने लगी। उसने अपने लंड को दीदी की चूत में डालने के लिए एक जोर का झटका मारा तो दीदी जोर से सिसकी निकाल उठी।
दीदी पूरी तरह से काँप उठी। फिर उसने दीदी से पूछा अंदर गया है क्या। दीदी ने हाँ कहा। दीदी की चूत में उसका टोपा जा चुका था। अब वो दीदी की चूत के अंदर अपने लंड को ले जाने के लिए जोर-जोर से झटके मारने लगा। कुछ देर के बाद मैंने देखा कि दीदी की चूत में उसका 3/4 लंड चला गया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
दीदी ने उससे पूछा कि कितना बाहर है तो वो मुस्कुराया और बोला कि बस दो इंच बाहर है। फिर उसने एक जोर से झटका मारा। दीदी के मुँह से आवाज निकली आह्ह्ह उफ्फ्फ। दीदी की चूत में उसका पूरा लंड जा चुका था। दीदी अपने पैसे की सुद अपनी चूत से दे रही थी।
दीदी की चुदाई को देख के मेरे मन में भी अजीब होने लगा। अब वो दीदी के दोनों चूचियों को मसलने लगा। दीदी मस्ती में आ गई और उससे धीरे-धीरे से झटके लगाने के लिए बोली। वो दीदी को बुरी तरह से चोद रहा था। दीदी दो-तीन बार झड़ चुकी थी लेकिन वो 30 मिनट के बाद भी झड़ने का नाम नहीं ले रहा था।
दीदी सोच रही होगी कि किस जानवर से पाला पड़ा है। दीदी ने कबीर से बोला अब बर्दाश्त नहीं होता। अब जल्दी से गिरा दीजिए। कुछ देर तक दीदी की चूत में इसी तरह से झटके मारने के बाद वो दीदी के होंठों को चूसने लगा तो मैं समझ गया कि अब उसका बीज दीदी की चूत में गिरने वाला था।
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दीदी ने उससे बोला कि अपना बीज चूत के अंदर मत गिराना नहीं तो वो प्रेग्नेंट हो जाएँगी। उसने कहा कुछ नहीं होगा। कुछ देर के बाद मैंने देखा कि दीदी भी उसका साथ देने लगी। कुछ देर के बाद उसने अपना बीज दीदी की चूत में गिरा दिया। कुछ देर तक वो दीदी के ऊपर लेटा रहा। कुछ देर के बाद उसने अपने लंड को दीदी की चूत से निकाल दिया और दीदी के ऊपर से हट गया। उसे दीदी से पूछा मजा आया क्या। दीदी शरमा गई और दीदी ने दोनों हाथों से शर्म के मारे अपने मुँह को ढक लिया।
अब वो अपने कपड़े को ठीक किया। मैंने जब दीदी की चूत को देखा तो लगा कि दीदी की चूत को किसी ने मूसल से रौंदा है। अब दीदी भी कुछ देर के बाद उठ के अपने कपड़े को पहना। दीदी हिल के चल नहीं पा रही थी। अब जब वो जाने के लिए तैयार हुआ तो मैं वहाँ से हट गया। मैंने देखा कि वो उतर के चला गया। कुछ दिनों के बाद दीदी को उल्टियाँ होने लगी। मैं समझ गया कि दीदी के गर्भ में कबीर की पाप पल रहा है। दीदी बहुत खुश थी उन्होंने जीजाजी को फोन कर खुशखबरी दी।
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