Sister In Law Porn Kahani
मेरे लंड वाले भाइयों और चूत वाली प्यारी प्यारी औरतों और लड़कियों को मेरा लंड उठाकर कड़क सलाम। जैसा कि आपको मालूम है कि मैं अच्छा चूत चोदने का मौका कभी भी न मिस करता हूं। और अगर किसी कुलबुलाती चूत की स्मेल मेरे लंड को मिल गई तो ये फिर जब तक उसे प्यार से चोद कर सूजा नहीं देता शांत नहीं होता। Sister In Law Porn Kahani
ऐसा ही कुछ इस बार भी हुआ था। मैं आपको अपना एक्सपीरियंस बताने जा रहा हूं लेकिन बताने से पहले मैं आपको ये बता दूं कि ये स्टोरी 100% सच्ची स्टोरी है। मेरा नाम रविन्द्र उम्र इस समय 41 साल। वेट 72 किलो। हाइट 5 फुट 7 इंच। लंड की लंबाई नॉर्मल 7.5 इंच ज्यादा लेकिन मोटाई बहुत ज्यादा है। मेरी ही हथेली में मुश्किल से आता है। और मेरी बीवी को हमेशा दर्द से रुलाता हूं (मैं भी मजबूर हूं ना)।
मेरी शादी नवंबर 2005 में हुई थी। इस समय एक बच्चे का बाप भी हूं। पत्नी स्मार्ट है और पूरी तरह से सेक्स लाइफ से मैं संतुष्ट हूं। ये कहानी है तीन बहनों की जो मेरी बीवी की कजिन सिस्टर है। इस समय उनकी उम्र भी बता देता हूं। बड़ी बहन का नाम अंजू उम्र 32 साल। उससे छोटी वाली का नाम अमृता उम्र 30 साल और सबसे छोटी का नाम सोनू उम्र 28 साल।
लेकिन ये कहानी है आज से 8 साल पहले की। तो मेरे प्यारे दोस्तों अपने लंड और चूत को कह दो कि टाइम आ गया है जब उन्हें गरम होना है। उन्हें अपने हाथों से थोड़ा सा प्यार कर लो और सहलाओ। लंड वाले लंड को बाहर निकाल ले और चूत वालियों या तो पैंटी नीचे खिसका दो घुटनों तक या फिर साइड से सहलाओ। लेकिन पूरा मजा लेना।
हां तो अब सुनिए ये किस्सा.. अब मैं अपनी स्टोरी आगे ले जाता हूं लेकिन एक बार आपको फिर बता दूं ये एक 100% रियल स्टोरी है। मेरी कोई सगी साली (यानी मेरी बीवी की सगी बहन) नहीं है सो मेरा और मेरी बीवी का इन तीनों बहनों से बहुत लगाव है। और हम हर साल 3-4 बार अपनी इन सालियों के घर जरूर जाते हैं।
वो मेरी सिटी से 250 किलोमीटर दूर रहते हैं फिर भी हम साल में 3-4 बार मिल ही लेते हैं। कहानी शुरू होती है 2016 में अंजू से उस समय अंजू की उम्र 20 साल थी। वो कॉलेज में थी। लेकिन भरपूर जवान थी। उसकी चूंचियां बहुत मस्त थीं। उभरी हुई और कमर पटली.. गांड पीछे सलवार फाड़ के दिखा देती थी। उसका फिगर 34-26-34 का था। हाइट 5 फुट 2 इंच, कलर फेयर.
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लेकिन दोस्तों मैं आपको बता दूं कि कुछ लड़कियां ऐसी होती है कि उनके चेहरे पर एक कशिश होती है जो भी कोई उसको देखता है चाहे किसी उम्र का हो उसका दिल इस टाइप की लड़की को चोदने का जरूर करता है। तो मेरी इस अंजू में ये ही खूबी थी कि उसे देखकर ही लंड खड़ा हो जाए।
सॉरी मैं अब आपको दूसरी जगह न ले जाकर आगे की स्टोरी पर ले जाता हूं। अंजू के एग्जाम होने के बाद मई के महीने में उसका फोन आया कि मैं आपके पास आना चाहती हूं। मेरे एग्जाम खत्म हो गए हैं और अभी फ्री हूं। लेकिन मैं अकेली नहीं आ सकती। और यहां पिताजी को भी टाइम नहीं है। और इत्तेफाक से उसी वक्त मेरे ऑफिस के काम से मुझे उस शहर जाना था।
सो मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि तुम जब जा ही रहे हो तो वापस आते वक्त अंजू को भी ले आना। उसकी यहां आना की बहुत इच्छा है। तुम उसे लेकर आ जाओ। मेरी सन्डे को छुट्टी होती है। और फ्राइडे में वहां जाना था। और सनडे को वापस आना था। सो हमने उसे फोन कर दिया कि सन्डे को लेने आ रहा हूं और फिर फ्राइडे को मैं वहां पहुंच गया।
अंजू ने मुझे देखा तो खुश हो गई। और बहुत सेवा की। मैंने कहा लगता है दीदी से मिलने के लिए बहुत बेताब हो। उसने कहा हां। दीदी से और मुन्ना से भी। कितना प्यारा बच्चा है। मैंने कहा और मुझसे? उसने कहा “आपसे भी तो मिलूंगी ही” मेरी नजर उसकी उभरी हुई चूंचियों पर थी।
मैंने कहा.. अंजू तुम अब बहुत सुंदर हो गई हो। दिल करता है दीदी के साथ अब तुम्हें भी वही रख लूं। उसने कहा “तो रख लेना” मैंने कहा “रख लिया तो बहुत कुछ देना पड़ेगा” कहते हुए मैंने उसका उभरे नितंब पर हाथ फेर दिया। वो शर्मा गई। मैंने दो दिन अपने ऑफिस का काम किया और सन्डे मॉर्निंग में मैं अंजू को अपनी कार से अपने घर ले आया।
रास्ते में मैंने उसे बहुत छेड़ा.. और उसने भी देखा कि कैसे मेरा लंड पैंट के ऊपर टेंट बना रहा था। मैं बहाने से उनकी चूंचियां भी सहलाई। और एक जगह हमने रुक कर आइसक्रीम खाया। तो उसका होंठ लाल हो गए थे। कार में बैठाने के बाद मैंने कहा अंजू तुम्हारी होंठों में तो रस भर गया है.. दिल करता है इन्हें चूस लूं।
उसने शरारत से कहा “चूस लीजिए” और मैंने उसे अपने पास खींचा और उसका होंठों को अपने होंठों में ले कर चूमा और चूसा.. बहुत लंबा चुम्बन था.. पहले वो कसम खाई लेकिन जवानी से मजबूर थी। और मेरे हाथ उन उसकी चूंचियों पर और उसकी जांघों पर सहलाते हुए उसे बेहोश कर दिया.. मैंने उसे छोड़ा तब थोड़ी देर तक तो वो हांफती रही और शर्म से आंखें झुका रखी।
मैंने फिर उसका गाल पर और गार्डन पर किस किया.. वो थोड़ी नॉर्मल हुई.. फिर मैंने उससे कहा.. “दिल करता है तुम्हारी इस नरम बदन को बहुत प्यार करूं.. डार्लिंग मौका मिला तो तुम्हें पूरा प्यार करूंगा” वो कुछ नहीं बोली। हम लोग बातें करने लगे.. अब वो खुलने लगी थी.. जो थोड़ी शर्म थी वो भी निकल चुकी थी क्यूंकि हम 4 घंटे के रास्ते में बातें ही करते आए।
बीच बीच में मैं उसे किस करता उसकी जांघ सहलाता.. दो एक बार मैंने उसकी चूत पर भी हाथ फेरा.. वो सिहर उठी और सिर्फ.. “जीजूउ.. म्म्म.. आह्ह्ह..” किया। फिर मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी गोद में रखा और मेरे खड़े लंड का आभास भी उसे दिया.. उसने पैंट के ऊपर से ही उसे थोड़ा सहलाया और हाथ हटा लिया ऐसा 3-4 बार हुआ।
हमारी बातें अब बहुत ओपन तरह से हो रही थी। वो मेरी साली थी और मैं उसका जीजू सो आप समझ सकते हैं कि किस टाइप की बातें होंगी ऐसे सिचुएशन में। आखिर हम घर पहुंच ही गए। घर आने के बाद मेरी बीवी अंजू से मिलकर बहुत खुश थी। और अंजू भी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
दोनों मुझे भूलकर बातें करने लगी जब खाने का टाइम आया तो उनको खाना बनाने का होश आया खाना खाने के बाद हम अपने रूम में आ गए वैसे मेरा 3 रूम का मकान है पर अंजू को मेरी पत्नी ने अपने साथ ही सुला लिया अब पोजीशन ये थी कि मैं बेड के किनारे उसके बाद मेरी बीवी उसके बाद मेरा नन्हा सा बच्चा उसके बाद अंजू सोने के लिए रेडी हो गए।
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बहुत सारी बातें करते रहे और बातें करते करते हमें नींद आ गई। अभी तक मैंने उसे चोदने के लिए कोई प्लान नहीं बनाया था। हां ये जरूर था कि मेरा लंड उसकी चूत के लिए तड़प रहा था। मैं सिर्फ मौके की तलाश में था। मुझे मालूम था कि अभी वो काफी दिन यहां रहने वाली है इसलिए मेरा उसे तुरंत चोदने का विचार माइंड में नहीं आया था।
हां ये जरूर था कभी कभी उसको छेड़ जरूर देता था। उसकी गांड पर हाथ फेर देता या फिर उसकी कमर में चिकोटी काट लेता। वो भी इसका मजा लेती थी। कभी अकेली देख कर उसका चुम्बन लेता। या फिर बाथरूम में लंड खड़ा करके उसे टॉयलेट देने के लिए कहता और दरवाजा खोल कर मेरे अंडरवियर से टेंट उसे दिखाता।
इस तरह 3-4 दिन निकल गए। 5वे दिन मेरी बीवी ने कहा कि अंजू अपनी नाइटी भूल आ गई है इसे सोने में प्रॉब्लम होती है सो इसे आप बाइक पर मार्केट ले जाओ मार्केट से इसे इसकी पसंद की नाइटी दिला दो.. सो मैं उसको नाइटी दिलाने ले गया। मार्केट मेरे घर से 2 किलोमीटर दूर था और भीड़ भाड़ वाला एरिया था।
सो मैं उसे कार से न ले जाकर अपनी बाइक पर बिठा कर ले गया। रात के 8 बज चुके थे अंधेरा हो चुका था। मैंने मजाक में अंजू से कहा “अंजू तुम मुझे सही पकड़ लो कहीं गिर न जाना” तो अंजू ने मुझे थोड़ा जोर से पकड़ लिया और बोली “अब ठीक है जीजू” पर मैंने कहा “नहीं अभी ठीक नहीं है थोड़ा और जोर से.”
तो उसने पूरी जोर से मुझे पकड़ लिया इतनी जोर से कि उसके 34 के मांसल चूंचियों ने मेरे ऊपर पूरा दबाव बना दिया तो उसका निप्पल मेरे पीठ में महसूस होने लगे। मैंने मजाक में कहा “अंजू कुछ चुभ रहा है मुझे” अंजू बोली “क्या चुभ रहा है जीजू” मैंने कहा “तेरे 2 आम” बोली “धत आप भी बड़े बेशर्म हो.”
इतने में मार्केट आ गया और उसने अपने लिए नाइटी ले ली। मैंने उसे जान बूझकर एक छोटी और पारदर्शक नाइटी दिलवाई। वापस आते समय भी मैंने उसे बोला प्लीज अंजू पहले जैसे बैठी था उसी तरह इस बार भी बैठना को तो उसने मेरी बात मानी और मुझे कसकर पकड़ लिया मैं उसके सख्त चूंचियों के दबाव का मजा लेते हुए घर आ गया।
रास्ते भर मेरा लंड अपनी पूरी ऊंचाई पर था। घर आते ही मैं बाथरूम में गया और लंड को पैंट से अजाद किया.. देखा वो काफी फुल गया था.. मैं उसके चूंचियों को कपड़े के अंदर कल्पना करता हुआ मेरा लंड को मसलने लगा। मुझे उसके गोल गोल संतरे जैसी चूंचियां दबाने का और मुंह में ले कर चूसने का सपना दिखने लगा।
घर आकर वो मेरे से अपनी नजरें चुराने लगी और मैं भी मन ही मन मुस्कुराने लगा। मेरे माइंड में अब उसे चोदने का और उसकी चूंचियों को मसलने का इरादा पक्का हो गया और मैं अब उसका प्रोग्राम बनाने लगा कि आज कैसे अंजू की जवानी का मजा लिया जाए सो मैंने अपना प्रोग्राम फाइनल कर लिया।
मैं आपको बता दूं कि मेरी पत्नी का मेरे ऊपर पूरा विश्वास है और उसे सपने में भी उम्मीद नहीं है कि मैं उसके साथ दगा कर सकता हूं। सो मैंने रात में देर तक जागने का नाटक किया और अंजू से बातें करता रहा। पत्नी बोली अब तो सो जाओ पर मैंने कहा नींद नहीं आ रही है मैं अंजू से बात करके अपना टाइम पास कर रहा हूं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मेरी पत्नी ने कहा आपकी बातों से मेरी नींद खराब हो रही है। आप दूसरे कमरे में जाओ और टीवी देखो। मैं सुबह से थकी हूं और मुन्ना भी दिन भर जगा है। मुझे बहुत नींद आ रही है। आप जाओगे तो अंजू भी सो पाएगी। मैं उठ कर दूसरे रूम में चला गया। मैंने कहा कि मैं कोई मूवी लगाकर देख लेता हूं नींद आएगी तो सो जाऊंगा उसी रूम में।
उस रूम में भी एक बेड लगा हुआ है। मैं उठाते हुए जानबूझकर कहा अंजू नींद नहीं आई तो पिक्चर देखने आ जाना। और मैं निकल गया। मैंने एक ब्लू फिल्म लगाई और नाइट लैंप लगा कर बेड पर लेट गया। पिक्चर देखते हुए मुझे अंजू की चूंचियां और उसकी मांसल जांघों की याद आने लगी और लंड खड़ा हो गया।
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मैंने उसे लुंगी से बाहर निकाला और सहलाने लगा। थोड़ी देर में ही वो पूरा तन गया। मैंने दरवाजा अंदर से बंद नहीं किया था। करीब 20 मिनट बाद अचानक दरवाजा खुला और मैंने अंधेरे में देखा कि अंजू वहां खड़ी है। मेरे हाथ में लंड था मैंने जल्दी से उसे अंदर किया और कहा “अरे अंजू क्या हुआ” उसने कहा “नींद नहीं आ रही है” मुझे भी पिक्चर देखना है।
मैंने टीवी बंद किया और कहा लेकिन ये तो एडल्ट पिक्चर है। उसने कहा “मैं क्या बच्ची हूं” मैंने कहा वो तो मैं देख कर ही बता सकता हूं। वो अंदर आ गई थी। मैंने उसे बेड पर बैठने को कहा वो मेरे पैरों के पास बैठ गई। मैं भी अढेला हो गया। और उसे जगह दी। उसकी गांड मेरे लंड के सामने थी।
उसने कहा “जीजू लगाओ ना पिक्चर” मैंने कहा इसे देख कर तुम्हें कुछ हो गया तो? उसने कहा “होने दो आप हो ना संभालने के लिए” मैंने कहा ठीक है। मैंने पिक्चर शुरू कर दी.. उसने एक आदमी लड़की की चूंचियां को चूस रहा था और लड़की ने लड़के का लंड अपने हाथ में पकड़ रखा था। ये सब देखते हुए मैंने महसूस किया कि अंजू की सांस तेज हो रही है।
मैंने कहा “कैसी लग रही है पिक्चर” उसने कहा “कितने गंदे हैं सब नंगे हैं” मैंने कहा साली जी नंगे नहीं होंगे तो फिर मजा कैसे आएगा। वो कुछ बोली नहीं। मैंने उसका हाथ पकड़ा उसने मेरी तरफ देखा.. मैंने पीछे से मेरा लंड उसकी गांड में चिपका दिया.. फिर उसे मेरी तरफ खिंचा.. वो फुसफुसाई “जीजू दीदी जग गई तो” मैं समझ गया वो भी गरम हो गई है।
मैंने कहा “वो अब सुबह से पहले नहीं जगेगी” और मैंने उसे अपने पास खिंचा.. वो मेरे ऊपर गिर गई.. मैंने उसे दबोच लिया.. और धीरे से अपना हाथ अंजू की कमर पर रख दिया मैं.. वो मचल उठी। ब्लू फिल्म ने उसे गरम कर दिया था मुझे विश्वास था कि वो जवान है और उसके दिल में मेरा लिए भी प्रेम जाग चुका है।
मैं उसकी कमर पर हाथ रख चुका था। 2 मिनट तक उसकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई वो वैसे ही मेरे ऊपर पड़ी रही। तो मैंने अपना हाथ थोड़ा सा ऊपर किया तो मेरा हाथ उसके चूंचियों को छूने लगे वो थोड़ा सा मचली.. मैंने थोड़ा दबाया फिर भी कोई हरकत नहीं हुई तो मैंने धीरे से अपना हाथ अंजू की चूंचियों पर पूरी तरह से रख दिया और अंजू के विरोध का इंतजार करने लगा।
अब मैं उठा और मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। अंजू मेरी तरफ शर्माते हुए देख रही थी। मैं उसके करीब गया और उसका बाजू में लेट गया और उसे अपने पास खिंच लिया। उसने साटन की नई नाइटी पहनी थी। जिससे मेरे हाथ उसका बदन को और ज्यादा नरम महसूस कर रहे थे। उसने मेरी तरफ देखा और नजरे झुका ली।
टीवी पर फिल्म चल रही थी। उसकी आंखें बंद थीं। उसने अभी तक मुझे पकड़ा भी नहीं था। मैं उसका रिस्पॉन्स का इंतजार करने लगा। ऐसे ही 2 मिनट फिर निकल गए अंजू की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला तो मैंने धीरे धीरे उसके चूचियों को सहलाने लगा अंजू की तरफ से कोई भी रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था कि झिझक रही है लेकिन गरम हो चुकी है और वो मेरा विरोध करने की कंडीशन में नहीं है और बराबर मजा ले रही है।
मेरा साहस बढ़ चुका था मुझे अंजू की तरफ से हरी झंडी मिल चुका था फिर मैंने अपना हाथ थोड़ा और ऊपर किया और उसके लिप्स के ऊपर पहुंच गए। वाव कसम से दोस्तों उसके लिप्स इतने मुलायम थे जैसे शहद में डूबा हुआ गुलाब का फूल। आपको मैं बता दूं कि मैं अभी तक कम से कम 15-20 लड़कियों की चुदाई कर चुका हूं लेकिन मुझे अभी तक अंजू जैसी लिप्स वाली कोई दूसरी लड़की नहीं मिली है।
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मैंने उसका चेहरा ऊपर किया और उसका होंठ पर अपने होंठ रख दिए.. अब उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया। मैंने उसका शहद भरे होंठों को चूसना शुरू किया.. बिलीव मी मैं उसके साथ 25-30 मिनट तक के लॉन्ग किस करता रहा। उसका बाद मैं थोड़ी देर उसके लिप्स को उंगली से सहलाता रहा और उसने होंठ खोले मैंने अपनी जीभ उसका होंठ पर रखी और चाटने लगा हल्के हल्के…
उसके बाद मैंने उसकी नाइटी में हाथ डाला मैं उसके चूंचियों को नंगे हाथों से सहलाना चाहता था लेकिन उसकी नाइटी दबी हुई थी सो नाइटी को ऊपर करने के लिए अंजू का थोड़ा सा ऊपर करना जरूरी था मैंने अपने हाथ से उसके ऊपर दबाव बनाया वो समझ गई और थोड़ा ऊपर हो गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
ऊपर होने के बाद मेरा हाथ आराम से उसकी नाइटी में घुस गया और उसके मम्मों तक पहुंच गया उसने ब्रा पहन रखी थी लेकिन मुझे तो उसके बिना ब्रा के चूचियां चाहिए थी मैंने नाइटी में पीछे से हाथ डाला और उसकी ब्रा का हुक खोल दिया सच बोलो दोस्तों आप खुद सोच सकते हैं कि 20 साल की लड़की के 34 इंच वाले चूचियां अगर किसी को मिल जाए तो वो क्या फील करेगा। और वो भी एकदम सख्त।
नाइट लैंप की रोशनी में मैंने देखा वो दूधिया गोल गोल संतरे और छोटे से गुलाबी निप्पल। मैंने उन्हें हल्के से छुआ.. इश्श्श.. जीजूउ… वो मुझे से लिपट रही थी। ये हल्की फुसफुसाहट से मैं तो पागल हो चुका था मैंने अब उनें दबाना शुरू कीया और वो हल्के से कराहने लगी.. आह्ह्ह.. जीजूउ.. धीरे.. मां.. मैंने उसकी नाइटी पूरी निकाल दी.. और ब्रा भी सिर्फ पैंटी उसके चूत को ढके हुए थे।
मेरा हाथ उसके जांघों पर घूम रहे थे.. और होंठ उसका निप्पल पर.. उसने मेरा सिर अपनी छाती में दबाया.. जीजू.. आह्ह.. जोर से चूसो.. अच्छा लग रहा है.. निप्पल कड़क हो गए थे.. जांघों को थोड़ा फैलाकर चूत पर हाथ रखा.. ओउह्ह.. पैंटी गिली हो गई थी। उसके मम्मों को दबा दबा कर.. मेरा 7.5 इंच का लंड बिल्कुल बंदूक बन चुका था और गोली दागने के लिए तैयार था।
आग दोनों तरफ लग चुकी थी वो पूरी मदहोश हो चुकी थी। और मैं भी अब रुकने के मूड में नहीं था। मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी लंगरी में डाल दिया। जैसे ही उसने मेरे लंड पर हाथ रखा उसे करंट लगा.. उसने हाथ खिंच लिया.. मैंने लंगरी खोल कर लंड उसका हाथ में फिर पकड़ाया। वो उसका हाथ में नहीं समा रहा था..
वो बोल उठी.. “जीजू.. ये तो उस पिक्चर से ज्यादा लंबा और मोटा है।” मैंने कहा.. “हां अंजू.. ये तुम्हारी लिए ऐसा हुआ है”.. उसने मेरा लंड अपने हाथों में दबा लिया पर दोस्तों जिस तरह से उसने मेरा लंड जोर से दबाया तब मुझे लगा कि वो लंड को पहली बार दबा रही है। मैंने उसकी पैंटी नीचे खिंची तो उसने अपने नितंब ऊपर उठा दिए..
मैंने उसका चूत को अभी हाथ नहीं लगाया था। मैंने उससे कहा मेरे लंड को ठीक से सहलाओ। लेकिन वो उसकी मोटाई को संभाल नहीं पा रही थी और ऐसा लगा कि जिंदगी में पहली बार उसने किसी मर्द का असली लंड हाथ में लिया था। इसका मतलब उसकी चूत कुंवारी थी। मैं तो अपनी किस्मत पर इतराने लगा। मुझे लगा कि वो सेक्स के मजों से पूरी तरह से अंजान है।
उसने कहा “जीजू क्या हम सही कर रहे हैं.. अगर कुछ हो गया तो” उसकी बात से एक पल मुझे भी लगा कि ये गलत है। लेकिन हम दोनों इस कंडीशन में पहुंच चुके थे कि रुकना किसी के लिए भी पॉसिबल नहीं था मैंने उसकी पैंटी को पूरी तरह से नीचे सरका दिया और उसकी चूत के ऊपर अपना हाथ रखा। चूत पर मेरा हाथ रखते ही वो सिहर उठी.. और उसका मुंह से इश्श्श्श.. मााा.. की आवाज निकली।
चूत पर बहुत ही हल्के हल्के घूंघराले भूरे बाल थे। अब मैंने उसके पैरों को फैलाया और उसकी चूत को ध्यान से देखा। मुलायम मुलायम बालों से सजी हुई गुलाबी चूत थी उसके। एकदम एक दरार जैसी। सिर्फ एक लाइन ही दिख रही थी। और काफी उभरी हुई थी। थोड़ी देर मैंने उसकी चूत को सहलाया उसकी पूरी बॉडी अकड़ने लगी और वो मुझे ऊपर आने का संकेत करने लगी।
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मैं संकेत समझ गया लेकिन मैं उसकी पहली चुदाई को यादगार बनाना चाहता था। मुझे मालूम था कि मेरी बीवी सुबह से पहले नहीं जागने वाली है। मैंने उसके पेट और नाभि को चूमा.. जीभ से चाटा.. वो तड़प रही थी। फिर मैंने उंगली से उसका चूत के दाने को ढूंढ कर दबाया और रगड़ा.. ओउह्ह.. जीजूउ.. उसकी चूत वैसे ही गिली थी..
मैंने उसका दाने को अच्छे से मसला। और फिर उंगलियों से चूत की फांक को अलग किया.. उसकी गुलाबी चूत कमसिन और बहुत टाइट थी.. मैंने उसकी चूत पर अपने होंठ रखे और चूमा.. उसने मेरा सिर पहले दूर हटाने की कोशिश की.. जीजूउ.. गुदगुदी हो रही हैी.. आह्ह.. मैंने अपनी जीभ बाहर निकाल कर उसका चूत के बाहरी हिस्सों को चाटा..
फिर उसकी चूत के लाल छेद पर जीभ टिका दिल अब उसने मेरा सिर चूत के ऊपर दबा लिया.. और फिर मैंने उसका चूत के अंदर जीभ से चाटना शुरू किया.. उसकी चूत का जूस बहुत ही स्वादिष्ट था.. करीब 10 मिनट बाद उसने कहा.. जीजू.. मुझे बाथरूम जाना है.. पेशाब करने.. मैंने कहा यहीं कर दो मेरे मुंह में..
उसने कहा नहीं जीजूउ बहुत जोर से लगी है.. आह्ह.. ओउह्ह मां.. उयि.. कराते हुए उसकी चूत सिकुड़ने लगी.. बदन टाइट हो गया.. और.. उसकी चूत से बहुत सारा जूस फोर्स के साथ बाहर आया और मेरे चेहरे को भिगो दिया.. अंजू की जिंदगी का पहला झड़ना था ये.. उसकी आंखें बंद हो गईं.. मैंने उसकी चूत का पूरा रास जीभ से चाटा..
वो अपने जांघें सिकोड़ रही थी.. अब मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके चूत से भरे होंठों से उसका होंठ को किस किया और मेरी जीभ उसके मुंह में डाल दी। उसके ऊपर मैं इस तरह लेता कि मेरा लंड ठीक उसका चूत के दाने के ऊपर था.. मैंने उसे किस करते हुए उसके चूंचियों को मसल रहा था..
फिर मुझे ख्याल आया कि उसकी चूत कुंवारी है। और मेरे लंड के घुसने से चूत की सील टूटेगी और खून निकलेगा। चादर पर खून गिरा तो सुबह परेशानी होगी। इसलिए मैंने जल्दी से एक टॉवेल लाकर उसकी गांड के नीचे रखा और उसकी चूत को ठीक उसके ऊपर रखा। मैंने फिर से मेरी पोजीशन अडजस्ट करते हुए उसका ऊपर लेटा.. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इस बार उसने अपनी जांघें फैला दी थीं। जिससे लंड का गरम सुपाड़ा उसका दाने को रगड़ रहा था। लंड के सुपाड़े से प्रीकम निकलने से चिकनाई भी थी.. और उसकी चूत भी पानी छोड़ रही थी.. मैंने उसके चूंचियों को बेदर्दी से मसल रहा था.. और मेरी कमर भी हिला रहा था.. धीरे धीरे उसने खुद अपने पैर ऊपर उठाना शुरू किया..
मैं समझ गया.. अब इसकी चूत गरम हो रही है.. उसने मेरे कान में कहा.. जीजू.. अब सहन नहीं हो रहा.. मैं पागल हो जाऊंगी.. उसने हाथ नीचे लाकर खुद मेरे लंड से अपनी चूत के दाने को रगड़ना शुरू किया.. मेरा लंड का दबाव बढ़ा रहा था। फिर मैंने उसके पैरों को पूरा फैला दिया और चूत के छेद पर लंड को रखा और उसके चीख रोकने के लिए उसका मुंह पर अपने होंठ रख दिए और लंड को अंदर धकेला..
चूत बहुत गिली थी लेकिन फिर भी मेरा सुपाड़ा जैसे ही अंदर हुआ.. वो तड़प उठी.. सच बहुत ही टाइट चूत थी.. और मेरा मोटा लंड। मैंने देर नहीं की और दूसरा धक्का दिया और.. मेरा लंड उसकी सील तोड़ते हुए आधा अंदर घुस गया.. उसका मुंह से गो.. गोउउ.. गु.. की दबी हुई चीख निकली.. और चूत से ढेर सारा खून..
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मैंने उसे कस के पकड़ रखा था.. वो इधर उधर हिलने की कोशिश कर रही थी.. थोड़ी देर मैं रुका.. उसे किस किया.. वो रोने लगी थी.. जीजूउ.. आह्ह.. बहुत दर्द हो रहा है.. निकालोओ.. मैंने कहा.. अभी दर्द कम हो जाएगा.. उसे प्यार से सहलाया.. चूमा.. करीब 4-5 मिनट बाद उसका दर्द कम हुआ और मैंने वैसे ही हल्के से लंड को आगे पीछे करना शुरू किया.. आह्ह.. उफ्फ.. हाय्यि।
अब उसने मुझे पकड़ लिया.. अब मैंने उसके लिप्स को अपने लिप्स में दवा लिया और उसके लिप्स की चूसाई करने लगा मुझे लिप्स चूसने में इतना मजा आ रहा था कि मैं भूल चुका था कि सेक्स में चुदाई भी करते हैं। अंजू मेरे हल्के धक्कों से इतनी गरम हो चुकी थी कि उसने मेरे लंड को अपनी चूत के कसने लगी..
मैं समझ गया कि अब इसका क्या इरादा है मैंने अपना लंड को पूरा बाहर निकाला और फिर से निशाने पर लगाया और सच कहूं दोस्तों एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। और इस बार उसने अपने होंठों को दांतों से दबा कर अपनी चीख को रोका.. उसकी आंखों से आंसू निकल आए थे।
लंड को चूत में घुसाने के बाद थोड़ा आराम मिला लेकिन चूत फैलने से उसे दर्द हो रहा था.. मैंने लंड को पूरा जड़ तक अंदर डाल कर रुक गया इससे उसे थोड़ा आराम मिला और साथ में थोड़ा मुझे भी। मुझे थोड़ा आराम मिलने के बाद मेरी कुछ सोचने की शक्ति जागी तो मैंने देखा कि वासना के नशे में मैं क्या कर रहा हूं कुंवारी लड़की की चूत में बिना कंडोम के लंड घुसा रहा हूं अगर कुछ हो गया तो क्या होगा मेरी इज्जत का और अंजू की इज्जत का क्या होगा।
और मैंने न चाहते हुए लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया। लंड निकाला तो अंजू कुछ समझ नहीं पाई और न ही मैं बोल कर उसे समझा सकता था। लेकिन दोनों की वासना की गर्मी शांत होना भी जरूरी था मैं तो जा कर अपनी बीवी से कर भी सकता था पर अंजू का क्या होता सो मैं अंजू की बगल में आ गया.
और उसके लिप्स अपने लिप्स के बीच में दबा कर चूसने लगा और अंजू की चूत में अपनी 2 उंगली डाल कर उसे प्यार से सहलाने लगा शायद अंजू मेरा कंडीशन समझ चुकी थी कि मैंने क्यूं उसकी चूत में से लंड निकाल दिया और मेरा आगे क्या इरादा है। सो वो इस स्थिति का भी मजा लेने लगी।
लेकिन उसने कहा.. जीजू अंदर डालो ना.. मैं मर जाऊंगी.. मैंने उससे पूंछा “तुम्हारी पीरियड कब खत्म हुआ था।” उसने कहा 4 दिन पहले। मैं समझ गया कि ये चुदवाने के मूड में है। इसलिए इसे सुबह टैबलेट देनी ही पड़ेगी.. और मैंने फिर से उसका ऊपर आ गया.. और अब उसके पैरों को मेरे कंधों पर रखा और हाथ से पकड़ कर लंड को उसकी चूत पर लगा कर धीरे धीरे दबाते हुए पूरा लंड अंदर कर दिया।
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अब मैंने हल्के धक्कों से शुरू किया और स्पीड बढ़ाते गया… और करीब 10 मिनट बाद.. वो कसम खाने लगी.. आह जीजूउ.. जोर से.. आह्ह.. मेरा निकलेगा.. मुझे कस के पकड़ा और उसके ने पानी छोड़ दिया। उसको रिलैक्स मिला और उसने जोर से मुझे अपने सीने से भींच लिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अंजू शांत हो चुकी थी पर मैं उसके लिप्स चूस चूस कर ज्यादा गरम हो चुका था अब मेरी शांत होने की बारी थी। और मैंने फिर बहुत तेजी से धक्के लगाने शुरू किए। चूत से पानी निकलने से अब फचच.. फचचच.. की आवाज के साथ लंड अंदर बाहर हो रहा था.. मैं भी अब झड़ने वाला था..
मैंने उसे चूमते हुए कस के पकड़ा और मेरा लंड जड़ तक उसकी चूत में डाल कर मेरा लावा निकाल दिया.. करीब 6-7 गरम पिचकारी से उसकी चूत को भर दिया.. मेरे विर्य की पिचकारी से वो भी मेरे साथ फिर एक बार झड़ गई.. हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गए..
मैंने लंड को बाहर निकाला वो मेरे और अंजू के जूस से सराबोर था.. उसका चूत से अपने लंड को निकाला और उसे नीचे सरकने का इशारा किया और मैं खुद ऊपर सरक गया ऊपर नीचे होने से मेरा लंड अब अंजू के सामने आ चुका था अंजू समझ गई कि उसको आज अपने जीजू के लंड को चूसना है उसने बगैर विरोध किए बगैर देर किए गप से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और होंठों से लंड की चूसाई करने लगी। पूरा लंड साफ करने लगी।
उसके होंठों की गर्मी से लंड खुद ही फिर से कड़क होने लगा। और पूरे जोश में आ गया। अंजू के होंठ थे ही मधुशाला और लंड पर उसका दबाव में जन्नत में पहुंच चुका था और अंजू बड़े प्यार से मेरे लंड को चूसने लगी मैं पूरा उत्तेजित था किसी भी समय इससे अपना वायरस छोड़ सकता था.
और करीब 10 मिनट बाद मुझे लगा कि अब मैं झड़ने वाला हूं तो मैंने अपना लंड अंजू के मुंह से बाहर निकाला और बाथरूम में जाकर मूठ मार कर फ्रेश हो गया। मैं बाथरूम से वापस आया और अंजू को एक किस उसकी चूत पर किस दिया। उसकी चूत की हालत खराब हो चुकी थी। उसकी गांड के नीचे से टॉवल निकाला उसपर बहुत खून लगा था.. उसी से अंजू की चूत को साफ किया।
फिर एक किस उसके मस्त मम्मे पर दिया एक किस उसके लिप्स पर दिया और उसे बाथरूम जाने को कहा। उसके बाद पहले वो जा कर बेड पर लेट गई और बाद में मैं अपनी वाइफ की बगल में आके सो गया तो दोस्तों ये कहानी थी मेरी और मेरी साली की पहली चुदाई की लेकिन दूसरे ही दिन मार्केट से मैं कंडोम के 3-4 पैकेट ले आया और फिर उसके बाद हर रात मैं उसे अलग अलग तरीके से चोदने लगा।
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वो जब तक मेरे घर रही करीब हर रात मैं उसे एक बार तो चोद ही लेता था। इस तरह अंजू जब मेरे घर आई थी तो सीलपैक कुंवारी थी लेकिन मेरे घर से जाते वक्त वो एक काली से फूल बन गई थी और बहुत खुश थी.. अंजू की टाइट चूत और उसकी चूंचियां का मैं भी दीवाना बन गया था.. बल्कि उससे से भी ज्यादा उसके लिप्स याद आते हैं। मुझे हमेशा उसके लिप्स का इंतजार रहता है। मैं मौके ढूंढता रहता हूं कि कब अंजू के पास जाने का मौका मिले। और जो भी मिलता है उसे मिस नहीं करता। आज भी अंजू मुझसे चुदवाती है..
हालांकि उसकी शादी हो चुकी है लेकिन उसे मेरे लंबे और मोटे लंड की आदत पड़ चुकी है। अब तो वो उसका पति के टूर पर जाते ही मुझसे फोन कर के बुला लेती है.. अभी अभी मुझे पता चला है कि वो प्रेग्नेंट है.. हां मैं ये तो बताना भूल गया.. उसकी शादी के बाद वो मुझसे कंडोम नहीं लगाने देती.. अब आप तो समझदार हो.. जाओ.. अब बाथरूम में मेरी अंजू के लिए मूठ मारो और महिलाओं अपनी चूत में मेरे मोटे लंबे लंड को महसूस करो और सहलाओ..
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