Wife Padosi Se Chudwai
हाय दोस्तों, जवान-जवान समझदार हो, समझ ही गए होंगे। दोस्तों, हम जल्दी ही हरियाणा में शिफ्ट होने वाले हैं, इस हफ्ते शायद। अब तुम्हें अपनी लाइफ का एक और मज़ेदार किस्सा सुनाती हूँ। आप सबने वाइफ स्वैपिंग का तो सुन रखा होगा, जिसमें हसबैंड सेक्स के लिए अपनी बीवियों की अदला-बदली करते हैं। पर मैं आपको बताती हूँ कि कैसे मैंने अपनी आग बुझाने के लिए अपने पति की स्वैपिंग की और उन्हें पता ही नहीं चला कि यह सब मैंने ही करवाया था। Wife Padosi Se Chudwai
मेरी शादी को तीन साल हो चुके थे। शादीशुदा लाइफ से बोरियत महसूस होने लगी थी। मुझे कोई इश्यू (बच्चा) नहीं था अभी तक, शायद यह भी एक बड़ा कारण था। मेरे पति अक्सर इस बात से उदास रहते थे। दोस्तों, मुझे बच्चा नहीं हो सकता था, यह मैं पहले से जानती थी।
पर डर के मारे कभी पति को नहीं बता सकी थी। पर एक दिन यह सब उन्हें पता चल गया। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा पर थोड़ा उदास रहने लगे। उन्हीं दिनों हमारे पड़ोस में मिस्टर और मिसेज़ सिन्हा रहने को आए। मिस्टर सिन्हा एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते थे।
दोनों उम्र में हमसे शायद साल बड़े थे और उनका एक बच्चा भी था। कुछ ही दिनों में उनसे हमारी अच्छी जान-पहचान हो गई। मिस्टर सिन्हा की बीवी साँवले रंग की थी पर कट्स बहुत प्यारे थे। गाल उभरे हुए थे। चूचियाँ बहुत ही मस्त दिखती थीं। वो थोड़े मॉडर्न स्टाइल के थे इसलिए मिसेज़ सिन्हा स्लीवलेस ही कपड़े पहनती थीं जिससे उनके उभार और भी सेक्सी लगते थे।
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और मिस्टर सिन्हा उम्र में भले ही मेरे पति से 2-3 साल बड़े थे पर थे बड़े जान-दिल। कुछ ही दिनों में मैं समझ गई कि वो बड़े दिलफेंक किस्म के आदमी हैं। उनमें शर्म ज़रा कम थी। वो किसी के भी सामने अपनी बीवी को छेड़ने से बाज नहीं आते थे। किसी के सामने अपनी बीवी को बाहों में लेते और बाद में हँसकर टाल देते।
मुझे उनकी आँखों में एक अलग किस्म की कशिश दिखी — किसी को भी अपनी ओर खींच लेने की कशिश। धीरे-धीरे वो फैमिली हमारे साथ बहुत ज़्यादा मिक्स-अप हो गई। एक दिन मिस्टर और मिसेज़ सिन्हा हमारे घर आए। उस वक्त मेरे हसबैंड घर पर नहीं थे।
बातों-बातों में मिस्टर सिन्हा ने मज़ाक में मेरी पीठ पर हाथ फेरा। अचानक मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। यह सिर्फ मज़ाक नहीं था, यह उनका इशारा था क्योंकि मैंने उनके हाथों का दबाव अपनी पीठ पर महसूस किया था। मैंने कोई विरोध नहीं किया। अब उन्हें जब भी मौका मिलता, वो मज़ाक-मज़ाक में मेरे नितंबों पर, मेरी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगे।
और एक दिन मौका देखकर उन्होंने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों को कसकर चूमा। और मेरी चूचियों को ज़ोर से मसलने लगे। मैंने इसका कोई विरोध नहीं किया और मुझे मज़ा आ रहा था। पर वक्त कम था इसलिए इससे आगे बात नहीं बढ़ सकी, पर ऐसा करते वक्त मैंने उनका लंड अपनी चूत के साथ रगड़ते हुए महसूस किया था।
उन्होंने मेरे सोए हुए अरमानों को जगा दिया था। एक बुझी चिंगारी को हवा दी थी। उसके बाद मैं हमेशा उनके साथ सेक्स करने के बारे में सोचने लगी पर कभी मौका ही नहीं मिला। मैं अपना कंट्रोल खोती जा रही थी पर कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए।
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उधर सिन्हा जी भी बेचैन रहने लगे। मैंने अपना दिमाग लड़ाया और एक तरकीब निकाल ली। मैंने मिसेज़ सिन्हा से दोस्ती और गहरी कर ली और अब हम दोनों अपनी पर्सनल बातें भी शेयर करने लगे थे। एक दिन मैंने मिसेज़ सिन्हा के सामने बच्चा न होने के कारण रोने लगी। उन्होंने मुझे चुप कराया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तभी मैंने अपना अगला तीर छोड़ा और मिसेज़ सिन्हा से एक रात के लिए मेरे पति के साथ सोने के लिए कहा और वादा किया कि होने वाला बच्चा मैं लूँगी। मिसेज़ सिन्हा यह सुनकर चौंक गईं पर मुझे रोता देखकर हाँ भी नहीं की और ना भी नहीं की। पर मैंने इमोशनली उनसे हाँ करवा ली पर उन्होंने इसके लिए मुझे मिस्टर सिन्हा से परमिशन लेने के लिए कहा।
तो मैंने कहा कि ठीक है पर जब मिस्टर सिन्हा इस बारे में तुमसे पूछे तो ना मत कहना। मिसेज़ सिन्हा इसके लिए मान गईं। अब मैंने आधी बाजी जीत ली थी। मैंने मौका देखकर मिस्टर सिन्हा को सारी बात समझा दी। वो तो पहले ही मुझे पाने के लिए बेसब्र थे इसलिए कुछ भी अच्छा-बुरा सोचे बिना हाँ कह दी।
अब मेरे पति से बात करने की बारी थी। एक दिन मैंने बिस्तर में सेक्स करते वक्त अपने पति से कहा कि क्यों न हम किसी और से बच्चा गोद ले लें। वो नहीं माने और मैं रोने लगी। उन्होंने मुझे चुप करा दिया। फिर मैंने उन्हें किसी और की कोख से अपना बच्चा करने की बात कह दी। वो पहले तो चौंक गए फिर कुछ देर बाद सोचकर बोले कि ऐसा होगा कैसे।
तो मैंने उन्हें मिस्टर सिन्हा से इस बारे में बात करने के लिए मना लिया। मेरे पति ने मिस्टर सिन्हा के सामने अपनी समस्या रखी और एक रात के लिए मिसेज़ सिन्हा के साथ सोने का सुझाव दिया। पहले तो मिस्टर सिन्हा ने गुस्सा दिखाया पर बाद में वो मान गए पर उन्होंने भी एक शर्त रख दी।
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उन्होंने मेरे पति से मेरे साथ सोने की बात कही। पहले तो मेरे पति सकपका गए पर उनके पास कोई चारा नहीं था। मेरे से बात करने के बाद उन्होंने हाँ कह दी और सैटरडे नाइट का दिन फिक्स हो गया। मिस्टर सिन्हा ने अपनी पत्नी को अपनी सहमति दे दी तो वो भी तैयार हो गईं।
अब दोस्तों, उनको क्या पता कि यह सब मेरा ही चलाया हुआ चक्कर था। मिस्टर सिन्हा को यह शर्त वाली बात मैंने ही समझाई थी। सैटरडे को मिसेज़ सिन्हा हमारे घर और मैं उनके घर चली गई। रात के 10 बजे रहे थे और मिस्टर सिन्हा गाउन पहने हुए थे। रात को रंगीन बनाने के लिए उन्होंने एक-दो जाम लगा लिए थे। वो कुर्सी पर बैठे हुए थे।
मैंने भी गाउन पहन रखा था। गाउन के नीचे सिर्फ ब्रा और पैंटी थी। उन्होंने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मेरे गाउन के लेस (धागे) खोल दिए और ब्रा के ऊपर से मेरी चूचियों को चूसने लगे। एक हाथ वो मेरी जाँघों पर फेर रहे थे। शरीर में झुरझुरी हो रही थी। जाँघों के बीच उनका लंड महसूस हो रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उन्होंने मेरे होंठों को जमकर चूसा और फिर मेरा गाउन उतार दिया और मुझे पलंग पर खड़ा कर दिया और खुद ज़मीन पर खड़े हो गए। अब मेरी नाभि उनके होंठों के सामने थी। वो मुझे मेरे पेट पर, जाँघों पर, चूचियों पर, कमर पर, पीठ, नितंबों पर बारी-बारी से चूमने लगे।
कुछ देर बाद वो कुर्सी पर जा कर बैठ गए और मुझे पोल डांस करने को कहा। उनके बिस्तर पर एक पोल लगा हुआ था। उसने बताया कि वो अपनी बीवी से भी यह करवाता है। मुझे मज़ा आ रहा था। यह मेरा नया अनुभव था। मैंने बहुत देर तक पोल से लिपट-लिपटकर डांस किया और अपनी चूत को कई बार पोल से रगड़ा।
सिन्हा ने अपना गाउन उतार दिया। अब वो सिर्फ अंडरवियर में थे। और उनका लंड अंडरवियर में से निकलने को बेकाबू हो रहा था। वो गरम हो चुके थे। फिर वो उठे और एक बार फिर मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मेरी ब्रा के हुक खोल दिए। मेरी चूचियाँ तो कब से बाहर आने को तरस रही थीं।
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उसने जल्दी से मेरी चूचियों को अपने मुँह में ले लिया और खूब मसल-मसलकर चूसा। मेरे निप्पल्स को चूस-चूसकर लाल कर दिया। फिर उसने धीरे से एक हाथ मेरी पैंटी में डाल दिया और मेरी चूत को सहलाने लगा। अब मैं पूरी तरह गरम हो चुकी थी। मेरी चूत थोड़ी-थोड़ी गीली होने लगी।
उसने एक ही झटके में मेरी पैंटी भी उतार दी। अब मैं बिल्कुल नंगी थी। उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया और अपने गरम होंठों को मेरी चूत पर रख दिया। मैं तड़प उठी। मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं और वो पूरे जोश से मेरी चूत का रस पी रहा था।
उसने अपनी एक उँगली मेरी चूत में घुसा दी और गोल-गोल घुमाने लगा। मेरे आनंद की कोई सीमा ही नहीं थी, बहुत मज़ा आ रहा था। वो चूत से हटने का नाम ही नहीं ले रहा था। और फिर उसने अपनी 2 और उँगलियाँ चूत में घुसा दीं और मसलने लगा। मेरे मुँह से “ऊह्ह… आह्ह…” गरम साँसें निकल रही थीं। अब मैं बेकरार हो रही थी।
मैंने सिन्हा को पीछे हटाया और उनका अंडरवियर उतार दिया। उनके लंड को देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया। यह एक बहुत ही सुंदर और स्वादिष्ट लंड था। बिना एक पल की देरी किए मैंने पूरा का पूरा अपने मुँह में ले लिया। लंड बहुत गरम था। मुझे लंड पीने में बड़ा मज़ा आ रहा था। सिन्हा मेरी चूचियों को और नितंबों को मसल रहा था।
फिर हम 69 की पोजीशन में लेट गए और एक-दूसरे का रस पान करने लगे। फिर सिन्हा ने मुझे अपने लंड के ऊपर बैठने को कहा। और मैंने उनके लंड को अपने हाथ से अपनी चूत पर रखा और सिन्हा ने एक ही धक्के से इसे अंदर कर दिया और मैं सिन्हा के लंड की सवारी कर रही थी और सिन्हा उठ-उठकर मेरे निप्पल चूसता और दबाता रहा।
15 मिनट तक मज़ा लेने के बाद मैं लेट गई और सिन्हा मेरे ऊपर आ गया। और उसने अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया और पूरी ताकत से मुझे चोदने लगा। उसकी पावर देखने लायक थी। मुझे इतनी उम्मीद नहीं थी पर वो कर रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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उसने मुझे कई स्टाइल से चोदा। वो एक्सपीरियंस्ड प्लेयर था। उसे पता था एक औरत को शांत कैसे किया जाता है। वो रात मैं कभी नहीं भूलूँगी। उसके साथ सेक्स का मज़ा ही कुछ और था। न जाने मैं कितनी देर तक आँखें मूँदे लेटी रही और वो मुझे चोदता रहा। मैं अपने को जन्नत में महसूस कर रही थी। फिर कुछ देर बाद मैं झड़ गई और उसके 10-15 मिनट बाद उसने भी अपना सारा माल मेरी चूचियों और मुँह पर उड़ेल दिया और मैंने इसे स्किन क्रीम की तरह अपने गालों और चूचियों पर मसल दिया।
इसके बाद वो मेरे से लिपट गया और मुझे मेरे होंठों पर किस करने लगा। कुछ देर बाद हम दोनों सो गए, पर रात को उसने मुझे 3-4 बार चोदा और हर बार एक नया ही एहसास हुआ। और अगले दिन सुबह मिसेज़ सिन्हा अपने घर और मैं अपने घर आ गई। किस्मत से मिसेज़ सिन्हा का गर्भ नहीं ठहरा क्योंकि मिस्टर सिन्हा ने गर्भ निरोधक पिल्स मिसेज़ सिन्हा को खिला दी। तो दोस्तों, इस तरह से मैंने अपनी आग को ठंडा करने के लिए अपने पति की स्वैपिंग की।
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