• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / माँ बेटे का सेक्स / मेरे गाँव का वेश्या बाजार 1

मेरे गाँव का वेश्या बाजार 1

अप्रैल 23, 2026 by hamari Leave a Comment

Red Light Area Chudai Story

मै जिस पंचायत मे रहता हूँ वह दस छोटे छोटे गांवो से मिलकर के बना सब गाँव गरीब और पिछड़ा हुआ है वहाँ के लोग खेती करके अपना जीवन यापन करते है हमारा इलाका ऐसा है की गर्मी आने पर सुखा हो जाता है, और बारिश आने पर बाढ़ जिससे फसले हर साल खराब हो जाती है जिस कारण से हमारे इलाके के लोगो को दो वक्त का खाना भी नसीब नही होता है. Red Light Area Chudai Story

अगर सरकार ने राशन वितरण योजना नही चलाया होता, तो अब तक हमारा गाँव लोग भूखमरी से मर गये होते या सब कही पलायन कर गये होते, बहुत लोग मरे भी और पलायन भी किये है यह सब मैने अपने बचपन मे देखा था, अब भी स्थिति मे ज्यादा बदलाव नही हुआ है लोगो का गाँव से पलायन अब भी जारी है.

पर कुछ लोग अपने घर जमीन से इतने बंधे हुए है की वह इसे छोड़ के कही जाना नही चाहते है मेरा परिवार भी वैसा ही है मेरे पापा एक प्रवासी मजदूर है जहाँ अच्छा पैसा मिलता है वहाँ काम करने चले जाते है, घर बहुत कम आते है एक या दो बार पापा के घर मे नही रहने पर घर माँ संभालती है.

माँ एक घरेलू महिला है, वह घर से बहुत कम बाहर निकलती है हमारे गाँव मे आज भी घूंघट एक प्रथा के रूप मे लिया जाता है, माँ घर मे भी घूंघट करके रहती है, पिछले दो तीन सालो से हम सब भाई बहन शहर आकर रहने लगे है, पढ़ाई के लिए घर पर मेरी माँ और बुढ़ी दादी रहती है हमने माँ को भी अपने साथ शहर चलने के लिए बोला.

इसे भी पढ़े – अब्बा ने बेटी से जिस्मानी सम्बन्ध बनाये

पर वह बोली घर पर कौन रहेगा उपर से जो परिवार घर गाँव छोड़कर चला गया, उसका घर जमीन उस इलाके के बड़े लोगो का कब्जा हो जाता है, इसलिए भी माँ घर छोड़कर हमारे साथ मे नही आती है, तो कहानी कुछ ऐसे ही गाँव के सारे मर्द तो चले जाते है बाहर पैसा कमाने.

ताकी उनके घर के लोग अच्छे से रह सके भर पेट खाना खा सके वो सब के पेट तो भर देते है पर जिस्म के भूख उसको नही भर पाते है, तब गाँव की अधिकांश महिला जिस्म के आग को बुझाने के लिए पराय मर्दो के साथ सोने लगी, कुछ मर्जी से कुछ मजबूरी, इसको कुछ लोग मौके की तरह देखे और गाँव मे बाजार खोल दिए.

वहाँ सामान के साथ जिस्म भी बेचने लगे पहले जबरदस्ती या मजबूरी मे वैश्या बना दिया जाता था पर अब औरते खुद अपनी मर्जी से वैश्या बनती है, यह काम हमारे गाँव मे दशको से चलता आ रहा है एक बात और थी किसके घर की औरत वैश्या है यह पता नही चलता था क्योकि गाँव मे एक तो मर्द थे नही कुछ थे भी तो बुढ़े बुजुर्ग और कोई बाहर से कभी गाँव आ भी गया.

तब बाजार चलाने वाले लोग, उस गाँव की वैश्या के पास उसी गाँव के मर्द को नही जाने देते है, बल्कि उसको दुसरे गाँव की जो वैश्या हो ती है उनके पास भेज देते है, जिससे सभी महिला की पहचान सब से छिपी रहती है, गाँव मे दूर दूर से लोग हमारे गाँव की महिलाओ के साथ सोने आते है एक बात और बता दू हमारे गाँव मे महिलाये ही अब राज करती है.

उनके उपर गाँव के दलाल खूब खर्चा करते है जो महिला देखने मे अच्छी रहती है उनको वैश्या बनाने से पहले खूब अच्छा अच्छा खाना खिलाते है, पैसे देकर उनकी मदद करते है हमारे गाँव का रंडी बाजार बहुत प्रसिद्ध है, जब मै शहर मे रहने लगा तब मेरे कुछ दोस्त जो पैसे वाले थे वह हमारे गाँव मजा करने जाते थे. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – मम्मी को मालिश करके चोद लिया

वापस आने के बाद मुझसे अपने अनुभव शेयर करते सब अपने सेक्स की कहानी बताते, तब मेरा भी खूब मन करता पर मेरे साथ सब उल्टा था, एक तो बाजार मेरे गाँव मे है मेरे पास पैसा भी नही है और अगर मै, वहाँ चला गया मेरी माँ को पता लग गया तो मै क्या करूंगा यही सोच के मै उधर नही जाता था.

दोस्तो की बाते सुनकर और सोचकर मूठ मार लेता था, मेरे सब दोस्त एक वैश्या की खूब तारीफ करते थे, कजरी रानी वह रंडी बाजार की टॉप की वैश्या थी वह सप्ताह मे दो दिन बाजार मे आती थी तब उसका हर घंटा पहले से ही बुक रहता है एक दिन मे वह दस को मजे देती थी.

फिर भी जो उसके साथ सोता उसको पूरा मजा आता था जब मैने अपने दोस्त से कजरी रानी के बारे मे सुना तो मेरा भी दिल कजरी के साथ सोने को करने लगा, मै रोज कजरी के नाम का मूठ मारने लगा कजरी के एक घंटे की किमत एक हजार था, मेरे दोस्त हमारे गाँव अब सिर्फ कजरी रानी के साथ सोने के लिए जाते थे.

मै अपने दोस्तो से बोलता, भाई तुम लोग कजरी रानी का फोटो लेकर क्यो नही आते हो मै देखकर ही संतुष्ट हो लूगा पर वहाँ का एक रूल ये भी है, की कोई किसी वेश्या के कमरे मे फोन लेकर नही जाएगा वे यह सब वैश्यो की प्राइवेसी के लिए करते है ऐसे ही मेरा दिन गुजर रहा था.

मेरे दोस्त कजरी को चोदने हर सप्ताह जाते थे मेरा मन भी खूब करता मै भी जाऊ, और कजरी को जी भर के लूँ पर मै डरता था कही मेरी माँ को पता लग गया तो क्या होगा, मेरी माँ हर रोज फोन करती थी हमारा हाल चाल लेती थी, पैसे की कोई कमी नही होने देती थी पर हमे गाँव आने से रोकती थी कहती थी जब पढ़ाई करके कुछ बन जाओ तक आना.

ऐसे ही दो साल निकल गये मेरा 12वी पूरा होगा जब मै इंटर पास हो गया तब मेरे दोस्त बोले चलो अब तू भी मजे ले ही लो कब तक ऐसे ही मूठ मारके दिन गुजारेगा मन तो मेरा भी बहुत करता था पर डर से जाता नही था, पर उस दिन मै भी डर को किनारे रखकर, अपने गाँव के रंडी बाजार पहुंच ही गया.

इसे भी पढ़े – 2 कुंवारी चूत को फाड़ने की ख़ुशी

वैसे से वहाँ सप्ताह के छः दिन बाजार लगते है एक दिन के लिए बाजार बंद होता है, मै और मेरे दोस्त शुक्रवार को गये थे मै अपना चेहरा छुपाकर चल रहा था कही कोई मुझे पहचान ना ले ये सिर्फ मेरा डर था क्योकि मै जिस गाँव से आता हूँ, वह बहुत छोटा है लोग कम ही और मुझे गाँव छोड़े पाँच साल से उपर हो गये थे त मुझे कोई क्या ही पहचानता. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मुझे तो अपनी माँ को देखे हुए बहुत साल हो गये थे अगर वह मुझे सामने से देख लेती तो नही पहचान पाती बिना गौर से देखे हुए मै जब गाँव से शहर गया तब पतला स बच्चे जैसा था पर अब पूरा जवान मर्द बन गया, पूरे चेहरे पर डाढ़ी आ गयी थी बाल बड़े हो गये थे, छाति चौड़ी और बाहे मजबूत हो गये थे मेरा चाल चलन रहन सहन सब बदल गया था.

भाषा भी मेरे बदल गये थे गाँव मे सब ठेठ देहाती बोलते है मै भी माँ से ठेठ मे ह बात करता हूँ, उसके अलावा सभी से शुद्ध हिन्दी मे जिससे किसी को यह पता ही नही लगता है मै गाँव का रहने वाला हूँ मेरे दोस्त ने कजरी रानी के चार घण्टे खरीद लिये पांच हजार मे उसकी डिमांड ज्यादा थी.

और हमे वही चाहिए थी इसलिए कुछ ज्यादा पैसा खर्च किया हमने उसके साथ सोने के लिए हम तीन दोस्त थे, पहले मेरा दोस्त रोहन गया, और आधे घंटे मे पसीने से तर बाहर आया, वैश्या का वह जगह एक खूबसूरत रिसॉर्ट जैसा था, दूर तक फैला हुआ चारो तरह झोपड़ी जैसे कमरे बने हुए थे.

जिसमे सब खेल होता है और बीच मे टेबल कुर्सी लगे रहते है जहाँ लोग खाते पीते है अपन मुड बनाकर अपनी पंसद की रंडी की चोदने जाते है, वहाँ के वैश्या सब गाँव की देशी माल होती है, जो सबको खूब मजा देती है मेरा नंबर जब आया तो मै धड़कते दिल से अंदर गया बहुत से बात मन मे चल रहा था माल कैसी होगी.

मै उसको चोद पाऊगा की नही वो मुझे चोदने देगी की नही, वह मै पहले उससे क्या बोलूंगा कैसे यह कहूंगा की मै तुमको चोदने आया हूँ, और अगर वह मेरे गाँव की ही कोई निकली तो क्या करूगा यही सब सोचते रूम मे गया तो वहाँ अंदर पूरा अंधेरा था, मेरे जाते ही अंदर सिर्फ बेड के बीच मे एक लाइट से रौशनी हुए.

इसे भी पढ़े – अंकल ने जोर से लंड घुसा कर खूब चोदा

देख उस पर एक महिला बैठी हुई थी, दुल्हन के जैसी मै बेड के पास गया, और पंलग पर बैठा वैसे ही चारो वह बेड चारो तरफ से हल्की रौशनी करने लगी कमरे मे चारो तरफ ही लाइट की लड़ी लगी थी जो अंधेरे मे हल्का रौशनी कर रही थी वह कमरे की शोभा को बढ़ा रही, मै बेड पर बैठा कमरे के चारो तरफ नजर दौड़ाई.

फिर बेड पर बैठी कजरी पर नजर डाला वह नेट की एक लाल चुनरी ओढे बैठी थी जिससे उसका खूबसूरत चेहरा मुझे दिखा पर अंधेरे मे ज्यादा पता नही लग रहा था बस इतना ही पता लगा की उसके नैन नक्श काफी आकर्षक थे वह बड़े प्यार से मुझे बोली लगता है आप पहली बार यहाँ आए है साहब यह सुनकर तो मेरा जोश जाग गया.

मैने हाँ बोला और उसके पास चला गया फिर मै उसका घूंघट हटाया तो वह लेट गयी मुझे एकबार को लगा जैसे वह मेरी माँ हो मै बैठा सोचने लगा, तभी वह बोली क्या हुआ नही करना है क्या तो मै अपने सोच से निकला और उसकी तरफ देखा मेरी नजर पहले से ही उसके टाइट ब्लाउज मे कैद चूची पर थी, जो मेरे पागल बना रहा था.

उसके बुलाने पर मै उसकी चूची पर टूट पड़ा मै जीवन मै पहली बार चूची को छू रहा था, मसल रहा था मेरे लिए वह जन्नत के सुख जैसा था, मैने उसकी ब्लाउज के उपर से ह चूची को खूब दबाया और उसके होठ का रस पीया, वह मेरा पूरा साथ दे यही थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

इसे भी पढ़े – दीदी को चुदवाने की अजीब बीमारी लग गई

मैने पॉर्न फिल्म देख देख के माल को कैसे खुश किया जाता है, सीख मै जैसा कर रहा था वह वैसे ही मेरा साथ दे रही थी मैने उसको उल्टा लिटाया जब उसकी नंगी पीठ देखा तब मेरा लण्ड झटका देने लगा मस्त सेक्सी पीठ लग रही थी उसकी मै तो देखते ही टूट पड़ा.

फिर सब डोरी खोल के उसके ब्लाउज को निकाल दिया और फिर सीधा लिटा दिया, मेरे सामने पपीते जैसी दो गोरी चूची थी जो काफी टाइट थे, मै उसको पकड़कर खूब चुमा चुसा काटा, तब वह भी अहहह सीसीसीसी कर रही थी मुझे मजा ईतना आ रहा था की क्या बताऊ मै उसकी चूची चुस और दबा के पूरा लाल कर दिया.

फिर वह बोली अरे साहब मेरी चूची को आज खा ही जाओगे क्या अब छोड़ दो उन्हे बहुत दर्द हो रहा है तब मैने भी उसकी बात मानते हुए, चूची छोड़कर उसका होठ पीना शुरू कर दिया, फिर चूची चुसा पेट कमर से होते हुए उसने नीचे लहंगा पहना हुआ था उसको निकालने के लिए मै बेड से नीचे उतर गया और लहंगा खिंचकर निकालने लगा.

तो वह निकल नही रही थी क्योकि उसकी कमर पर डोरी से बंधी थी तब वह बोली अरे साहब पहले डोरी तो खोल लिजिए फिर बोली अच्छा रूकिए मै खोलती हूँ और उसने डोरी खिंच के ढिली की तो मैने फिर से लहंगा खिंचा और इस बार लहंगा पूरा मेरे हाथ मे आ गया.

इसे भी पढ़े – जेठानी ने जेठ जी से पेलवाया देवरानी को

और सामने मुझे वह छोटी सी पैंटी मे बेड पर पड़ी दिखी सच कहू माल तो नंगी हो या कपड़े मे वह माल ही लगती है. उस समय कजरी छोटी सी लाल पैंटी एक जवान माल लग रही थी पैंटी इतनी छोटी थी की लग रहा था कोई बच्ची हो उसकी गांड 36 के आसपास की थी चूची भी ऐसा ही थ कमर 28 या 30 होगी, मैने नापा नही पर अनुमान से कह सकता हूँ मै पैटी मे कैद उसकी गदराए गांड को देखकर चूची की तरह ही टूट पड़ा, , और खूब दबाया चुसा मसला काटा उसके गांड पर हर जगह मेरे दाँत के निशान पड़ गये थे.

फिर उसको पलटा पैंटी को मै निकाल के उसके छोटे झाट वाले बूर को देखकर मेरे लण्ड मे जैसे आग लग गई फिर उसे भी मै जीभ अंदर बाहर करके बूर खूब चुसा कजरी का बूर सच मे टाइट था बूर चुसने के बाद मै उसके उपर चढ़ गया अपना लण्ड उसके बूर मे घुसा के उसका सर अपने बाहो मे लेकर एक धक्के मे पूरा लण्ड कजरी के बूर घुसा दिया जिससे उसके मुँह से अहहह अहहह हह निकलने लगी. आगे की कहानी अगले भाग मे जहाँ कजरी के बारे मे पता लगेगा उससे पहले उसकी धमाकेदार चुदाई होगी.

ये Red Light Area Chudai Story की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………….

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. माँ मेरे लंड की परेशानी समझ गई
  2. मम्मी को चोदने के लिए पंडित का मदद लिया 2
  3. बेटे की लुल्ली को लौड़ा बनाया माँ ने 2
  4. माँ साथ तंत्र साधना संभोग करने से शक्तियाँ मिली
  5. चुदासी मम्मी चुदवाने के लिए मान गई 1
  6. चुदासी मम्मी चुदवाने के लिए मान गई 5

Filed Under: माँ बेटे का सेक्स Tagged With: Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Pahli Chudai, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • जवानी का मजा लिया बॉयफ्रेंड के साथ
  • Jawan Ladka Ladki Ka First Romance
  • मेरे गाँव का वेश्या बाजार 1
  • जवान भांजे को मुठ मारना सिखाया मामी ने
  • Kabir Ne Meri Maa Bhi Chod Di

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated