Maa Ki Chudai Wali Story
मेरा नाम रंजित हैं, मैं एक गरीब परिवार से था जो कि अभी नहीं हूँ, मैं बहुत ही अमीर हो गया हूँ। कहानी सुनाने से पहले मैं अपने परिवार के बारे में कुछ बताना चाहता हूँ। हमारे परिवार में मेरे माँ और मेरे पिताजी हैं जो कि इस दुनिया में फिलहाल नहीं रहे। खैर, आप लोगों का ज्यादा समय न बर्बाद करूँगा, मैं आपको अपनी माँ की चुदाई हमारे नए पिता से कैसे हुई, वो बताता हूँ। Maa Ki Chudai Wali Story
वैसे तो मैं चौथी कक्षा में पढ़ता था। मेरे पिताजी जो कि एक दारू पीने वाले आदमी थे, जो कुछ भी काम नहीं करते थे, मेरी माँ से बहुत तंग आते थे। क्योंकि जब भी वो दारू पीकर घर में आते, तो मेरी माँ को मारते थे। हमारे कमाई का ज़रिया सिर्फ़ मेरी माँ ही थी जो कुछ घरों में जाकर बर्तन माँजती थी। घर चला जाता था।
एक दिन ऐसी खबर आई कि किसी घर में एक फुल-टाइम काम करने वाली औरत चाहिए। तो मैंने माँ को जब यह बात बताई तो वहाँ पर वह चली गई। वहाँ पर सिर्फ़ एक 35 साल का आदमी था जो कि सांवला रंग का था। उसकी शादी हुई थी लेकिन कुछ ही सालों में उसकी बीवी मर गई और उसे बच्चा नहीं था।
इसे भी पढ़े – मम्मी की चूत का इन्स्युरेंस किया एलआईसी वाले ने
वह देखने बहुत तंदुरुस्त था और वह एक अपर मिडिल क्लास फैमिली से बेलॉन्ग करता था और ज्यादा पूछताछ से पता चला वह एक बैंक में क्लर्क था। जब मेरी माँ उसे काम माँगने गई तो उसने कहा कि उसे 24 घंटे औरत चाहिए जो कि घर सारा काम कर सके और खाना भी बना सके।
तो मेरी माँ ने उसे कहा कि मैं आपकी यहाँ नौकरी करूँगी लेकिन एक शर्त पर अगर वह अपने बेटे को यहाँ रख सके तो उसे यह शर्त मंजूर की और बाकी बात पिताजी की तो वह एक आदमी झगड़े के वजह से जेल में गए थे 25 साल के लिए। जब हम उसके घर पहुँचे तो वह मुझे आपने बेटे की तरह मानता था और मुझे महाबलेश्वर एक बोर्डिंग स्कूल में एडमिशन करा दिया।
मेरी माँ से बहुत खुश थी। जब मैं दीवाली की छुट्टी में आया तो मैं देखा कि माँ बहुत खुश रहती है और अंकल मुझे जो चाहिए वह लाकर देते थे। मैंने उनसे अपनी पिताजी मान लिया था। एक दिन सोफे के ऊपर बैठकर टीवी देख रहा था। वह दिन सन्डे था मेरी माँ पूजा लगा रही थी।
तो मैंने देखा कि अंकल की नजर उनके बूब्स पर थी। मैं आप लोगों को बताना चाहता हूँ कि मेरी माँ की उम्र सिर्फ़ 30 साल और वह गोरी है और उनका फिगर 36-30-36 है। और जब मैंने मम्मी के पास देखा तो वह अपना काम कर रही थी और ज़रूरत से ज़्यादा झुक रही थी।
उस दिन मैंने समझ गया कि मेरी माँ आजकल खुश क्यों रहती है। उस दोपहर को जब हम खाना खाने के बाद अंकल मुझसे कहा कि अभी यह लो ₹500/- और हम सब के लिए कुछ आइसक्रीम लेके आओ तो मैं समझ गया कि आइसक्रीम के बहाने से वह मुझे बाहर भेज रहा है।
इसे भी पढ़े – भाभी की चुदास सेक्स वर्धक दवा खाके मिटाया
तो मैंने कहा ठीक है और पैसे लेने के बाद मैं बँगले के पीछे बाज़ू जाकर छुप गया। तो मैंने थोड़ी देर में देखा कि अंकल और माँ अंकल के बेडरूम में गए और माँ हँसकर बोली, “साहब आप कितने सेक्स के भूखे हो।” तो अंकल ने अपनी पैंट उतारकर कहा, “जैसे कि तुम नहीं है ना।” और मेरी माँ घुटनों के बल बैठी। उनके काले मोटे लंड को हाथ में लेकर जोर-जोर से हिलाने लगी।
मैंने देखा कि अंकल का लंड धीरे-धीरे बढ़ रहा था और वह तनकर खड़ा होने के बाद माँ ने उसका अपना मुँह में लिया और धीरे-धीरे उसे चूसने लगी। अंकल अपने मुँह से आवाज़ निकालने लगे। जब मेरी माँ ने उनका लंड अपने मुँह से निकाला तो मैंने देखा कि वह 9 इंच का काला लंड कैसे चमकता हुआ साँप की तरह फन-फना कर मार रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इतने में अंकल माँ को खड़ा किया और धीरे-धीरे मेरी माँ की साड़ी उतरने लगे। साड़ी उतरने के बाद उन्होंने माँ के होंठों का रस चूस लिया और अपने हाथों को माँ के बूब्स पर सहलाने लगे। माँ उनके आहें से आहें भर रही थी। तभी अंकल ने माँ का ब्लाउज उतार दिया और झटके से उनके 36 साइज़ के बूब बाहर आ गए जैसे कि वह अंदर कैदी बने हुए थे।
अंकल उन्हें जब देखा तो माँ से कहा, “जाना, इन्हें ब्लाउज में बाँधो मत। मुझे अच्छा नहीं लगता।”
तो माँ ने कहा, “मेरा बेटा आया है तब तक तो रहने दो। जब ही वह चला जाएगा तो मैं ब्लाउज नहीं पहनूँगी। वैसे भी जब ही मेरा बेटा नहीं था तो अपने कहाँ मुझे ब्लाउज डालने दिया। सिर्फ़ बाहर मार्केट में जाने के लिए आप मुझे ब्लाउज पहने के लिए कहते थे।”
और फिर अंकल भूखे जानवर की तरह मेरी माँ के बूब चूसने लगे। चूसते ही अंकल ने माँ का पेटीकोट उतार दिया और फिर मैंने देखा कि माँ की चूत पर एक भी बाल नहीं था। शायद उन्होंने शेव किया होगा। बहुत देर तक बूब्स चूसने के बाद अंकल ने ऑन किया और फिर मेरी माँ की चूत चाटने लगे।
इसे भी पढ़े – ससुर जी बोले बहु आज तेरा दूध पीऊंगा मैं
जब ही उन्होंने अपना जीभ मेरी माँ की चूत के अंदर डाली तो माँ ज़ोर से आइई आईइए जैसे आवाज़ निकालने लगी और माँ ने अंकल के बाल को पकड़ा और ज़ोर से उनका सिर अपनी चूत की तरफ़ घुमाने लगी। चूत चाटने के बाद अंकल खड़े हुए और माँ से कहा, “तेरी चूत दिन-ब-दिन चिकनी होती जा रही है। तू क्या करती है जो कि वह इतनी मुलायम है।”
तो माँ हँसकर बोली, “साहब अपने लंड की कृपा से और शेविंग की कृपा से यह सब हुआ है।”
और अंकल ने माँ की चूत में अपने लंड को घुसाने की कोशिश कर रहे थे तभी माँ ज़ोर से चिल्लाई, “साहब बहुत दुख रहा है। मैं इसे नहीं ले सकती।” तो यह सुनकर अंकल ने लंड बाहर निकाला और उस पर तेल लगाने के बाद ज़ट से मेरी माँ की चूत में घुसाया।
तो माँ दर्द के मारे चिल्लाई, “आँ आँ मार गए साहब। मेरी चूत तो आज फट गई।” अंकल ने लंड को वैसे ही पोजीशन में रखा और थोड़ी देर बाद वह धीरे-धीरे माँ को चोदने लगे। यह देखकर माँ थोड़ी साँत हो गई और फिर अंकल के लंड का मज़ा लेने लगी और अंकल ने अपने झटके ज़ोर-ज़ोर से मारने लगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो माँ के बूब उसके साथ ऊपर-नीचे होने लगे। क़रीब 30 मिनट के बाद उनका यह खेल चलता रहा और फिर अंकल ने अपना सारा पानी माँ की चूत में भर दिया और माँ के ऊपर लेट गए। थोड़ी देर बाद जब दोनों को होश आया तो दोनों ने कपड़े पहने और हॉल में आ गए।
इसे भी पढ़े – दीदी ने चुदाई की पूरी तैयारी की थी
तभी थोड़े देर में मार्केट से अमुल आइसक्रीम लाया। आइसक्रीम खाने के बाद मैं थोड़ा उदास था। मेरी उदासी देखकर अंकल बोले, “अभी क्या हुआ?” तो मैंने कहा, “जब मैं मार्केट गया था तभी बँगले की मालकिन मुझे देख बोली, ‘इसकी माँ तो राक्षस है।’” यह सुनकर माँ को बहुत बुरा लगा।
इसे बिच जल्दी खबर आई कि बीमारी की वजह से पिताजी की मौत हो गई। उस रात खाना खाने के बाद मैं सोने का नाटक कर रहा था। जब ही रात में ठीक 1:30 बजे जब ही अंकल ने माँ को रूम से बाहर आने को कहा और माँ उनके रूम चली गई। और माँ रोने लगी और अंकल को कहने लगी, “मैंने आप को खुश रखा, आप को जो चाहिये वो सुख मैंने आप को दिया और देती रहीं। मगर आज मेरे बेटे के साथ जो हुआ मुझे बहुत बुरा लगा।” और फिर माँ ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी।
माँ के आँसू पहुँचते ही अंकल बोले, “मेरी जान तू चिंता न कर। मैं कल ही तुझसे कोर्ट मैरिज करूँगा और फिर हम यहाँ पर पति-पत्नी जैसे रहेंगे और तेरे बेटे की अथॉरिटी मैं संभालूँगा।” यह सुनकर माँ खुशी से रोने लगी और अंकल को चूमने लगी।
तभी अंकल माँ से कहा, “जाना आ तू अपने बेटे के साथ सो जा। वैसे भी कल तेरी सुहागरात है।”
इसे भी पढ़े – बेरहम बन चोदो फाड़ दो मेरी चूत
दूसरे दिन जब ही अंकल ने मुझसे कहा कि “बेटा तू मुझे अपना बेटा बनने वाला हूँ और तेरी माँ को इस घर का मालकिन तो तुझको कोई ऐतराज तो नहीं है ना?” तो मैं गुस्सा आ गया और मैं अपने रूम में जाकर बैठ गया। तभी माँ ने मुझे समझाया कि बेटे की अंकल ने अपने कठिन परिस्थितियों में अपना साथ दिया, तुझे पढ़ाया और जब वह अपनी मन की बात तुझे बताई तो तो गुस्सा हो गया तो मैं सीधा मैंने कहा, “वैसे भी माँ को चोदने के लिए एक लंड मिल ही गया जो कि एक बैंक में क्लर्क और अच्छी पोस्ट है। मेरी इच्छा भी पूरा कर रहे.
तो मैंने अंकल को सॉरी कहा और अंकल ने माँ से शादी की। और घर ले आए। उस रात में अकेला अपने बेडरूम में सोने का नाटक कर रहा था और जब ही मैं सोना कि माँ की ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ें सुनी तो मैंने देखा कि मेरे नए पिता माँ की गाँड मार रहे थे और उन्होंने लाइट ऑन रखी थी। और मम्मी सिर्फ़ अपने जेवरों में थी और उनके गाँड से खून निकल रहा था। मेरे पिता माँ को ज़ोर से गाँड मारने के बाद चूत में अपना लंड को डाल दिया और चूत मार रहे थे। 45 मिनट के बाद मेरे पिता और माँ साँत हो गए और दोनों नंगे बदन सो गए।
प्रातिक्रिया दे