Lesbian Sas Bahu Sex Story
मेरा नाम आरती है और मेरे पति का नाम ऋतिक है। 24 साल की उम्र में मेरी शादी हुई। मेरी सास बहुत अच्छी हैं, उनका नाम गीता है। गीता 45 साल की औरत हैं मगर काफी अच्छी और सेक्सी बॉडी की मालिक भी हैं। मेरा ससुर और पति दुबई में दुकान चलाते हैं। Lesbian Sas Bahu Sex Story
मेरी शादी के एक महीने बाद ही वो दोनों वापस चले गए, मगर मुझे अधूरा छोड़ गए। दिन में कम से कम तीन या कभी चार बार भी चुदाई करते थे हम दोनों, मगर उन्हें जाना था। उनके जाने के बाद मैं बहुत उदास हो गई थी मगर कर तो कुछ नहीं सकती थी। मैं और मेरी सास घर पर रहती थीं।
वो मुझे हर तरह से सपोर्ट करती थीं और मेरी हर ज़रूरत का ख़याल रखती थीं। हम दोनों अलग-अलग कमरों में सोती थीं। मेरा बहुत मन करता था सेक्स के लिए मगर मैं सिर्फ फिंगर ही कर सकती थी। मगर एक दिन मैं अपने हसबैंड के साथ चैट कर रही थी। मैंने हेडफोन लगाया था और हसबैंड से सेक्स कर रही थी।
वो मुझे अपना लंड दिखा रहा था। हम दोनों ओरल सेक्स कर रहे थे। इसी बीच मुझे समझ नहीं आया कि मैंने अपनी नाइटी खोलकर फिंगरिंग करना शुरू कर दिया और वो लंड को पकड़कर मुठ मारने लगा। मैं दरवाजे के ऑपोजिट साइड पर थी। मेरी सास अचानक कमरे में आ गई।
इसे भी पढ़े – रंजना की सील तोड़ी खेल खेल में
मेरे हसबैंड ने तो दरवाजे पर होने के साथ ही अपना कैम बंद कर दिया और लॉग आउट हो गया। मैं समझी शायद डिस्कनेक्ट हो गया है। मगर जब मैंने अपनी नाइटी बंद की और पीछे देखा तो सास दरवाजे पर खड़ी थीं। मैं उन्हें देखकर परेशान हो गई और जल्दी से वॉशरूम में घुस गई। अगली सुबह मैं उनसे नज़र नहीं मिला पा रही थी और शर्मा रही थी।
तो वो बोलीं, “अरे कोई बात नहीं। तूने कोई गलत काम नहीं किया। अपने हसबैंड के साथ ही किया है तो घबरा क्यों रही है? मैं समझ सकती हूँ तेरी हालत। तेरे पास तो ये फैसिलिटी है। सोच मैं क्या करती होगी जब मेरी नई-नई शादी हुई होगी।”
वो मेरे साथ काफी फ्री हो गईं।
एक बात तो बता, तूने कितने दिनों से शेव नहीं बनाया?
मैंने कहा, “एक महीने से।”
“अरे ऐसा तो नहीं। तुझे वन्स इन अ वीक शेव करना चाहिए।”
“हाँ मगर मैं भी पहले यही सोचती थी मगर किसके लिए?”
“हाँ ना। अरे ये चीज़ ऐसी है, इसे बना कर रखा करो। अभी तेरा हसबैंड क्या सोचेगा, कैसे अजीब लगी होगी उसे।”
ये सब बातें सुनकर मैं बहुत खुश हुई। चलो मेरी सास ने मुझसे बातें तो सही मगर शुरू तो कीं। फिर ऐसे दिन गुज़रते गए। मैं और सास और करीब आती गईं। एक दिन मैं और सास खाना बना रही थीं तो मैंने सास से पूछा, “आप क्या करती थीं?” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सास बोलीं, “कब?”
“जब आपकी नई-नई शादी हुई थी और आपका हसबैंड दुबई चला गया था।”
तो बोलीं, “बेशर्म! क्या करती थी? बस दिन गिनती थी।”
इसे भी पढ़े – कामवाली आंटी ने मेरी कुंवारी चूचियां दबाई
मैंने तो कुछ और पूछा था — “क्या करती थीं, जो तुम करती हो वही मैं करती थी। मैं आपसे पूछा करती थी क्या करती थीं?”
“क्या मतलब?” “अब तू बच्ची तो है नहीं। अब मुझे क्या पता आप कुछ करती थीं या नहीं। अगर करती थीं तो क्या करती थीं? कुछ बताओ ना।”
“क्या बताऊँ (शर्मा कर)… जो करती थीं वही बताऊँ। अरे बस फिंगर से ही…”
“फिंगर से क्या?” “अरे चल छोड़ ना, कुछ और बात कर।”
“नहीं, पहले बताओ ना आप क्या करती थीं।”
“बताया तो है, फिंगर करती थी। बस या उसके साथ कुछ और भी।”
“और क्या?”
मैंने सास के बूब्स को दबाकर कहा, “इन्हें भी आप दबाती थीं?”
सास का चेहरा लाल हो गया और उनकी साँस तेज़ हो गई।
मैं एकदम से बोली, “अभी तो मैंने कुछ भी नहीं किया, सिर्फ पूछा ही है।”
नॉर्मल होकर बोलीं, “मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी इसीलिए थोड़ा अजीब लगा मुझे।”
“अच्छा चल छोड़, मेरा सिर में दर्द है। ज़रा तेल डाल दे मेरे बालों में।”
“हाँ हाँ क्यों नहीं।”
इसे भी पढ़े – बेटे के सामने माँ की गैंगबैंग चुदाई हुई
फिर खाने के बाद हम दोनों कमरे में चले गए। अब वो नीचे बैठी थीं और मैं ऊपर। मैं सास के सिर में ऑयल लगा रही थी। मैंने उनके चेहरे पर अपनी एक फिंगर फेर दी जिससे मेरी सास सिमट गईं। मैंने सास की कमीज के अंदर हाथ डालकर उनके शोल्डर्स को धीरे-धीरे प्रेस करना शुरू कर दिया। जिससे वो घबरा गईं, मगर मैंने उन्हें छोड़ा नहीं और अपने हाथों को आगे उनकी बूब्स तक ले गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो धीरे से बोलीं, “अरे मत कर, मुझे कुछ हो रहा है।”
तो मैं धीरे से बोली, “मैं भी तो यही चाहती हूँ।”
बोलीं, “तुम बहुत बेशर्म हो।”
मैंने जवाब दिया, “अपनी सास-माँ को खुश कर रही हूँ। अगर ये बेशर्मी की बात है तो मुझे परवाह नहीं।”
फिर मैंने सासू के दोनों बूब्स पकड़ लिए और ज़ोर से दबाने लगी। सास ने छुड़ाने की कोशिश की तो मैंने उनकी बाजू अपनी जाँघों के नीचे कर लीं। क्योंकि वो नीचे बैठी थीं इसलिए मैं ऊपर से झुककर उनका पूरा बूब्स पकड़ लेती और दबाने लगी। फिर मैंने रेसिस्टेंस कम करने के लिए अपना मुँह उनके करीब ले गई और उनकी चीक्स और नेक पर किसिंग करना शुरू कर दिया।
तो बोलीं, “ना कर ना।”
मैंने कहा, “क्यों ना करूँ? आपको मज़ा नहीं आ रहा?” और वो चुप हो गईं।
मैं अब बड़ा प्यार से अपनी सास की चीक्स और नेक पर किसिंग करने लगी और उनके बूब्स दबाने लगी। जिससे उनकी रेसिस्टेंस खत्म हो गई और वो मेरे हाथों पर हाथ रखकर रगड़ने लगीं। फिर मैंने उन्हें सीधा ऊपर बेड पर बिठा दिया और उनके ऊपर लेटकर उन्हें पागलों की तरह किसिंग करने लगी।
इसे भी पढ़े – कुसुम जी की मोटर साथ चूत भी ठीक की
फिर मैंने अपनी कमीज उतार दी और सास से कहा कि वो अपनी कमीज उतार दें मगर वो शर्मा रही थीं। मैंने उन्हें आगे किया और उनकी कमीज खींचकर उतार दी। जिससे उनकी व्हाइट बॉडी की झलक और उनके बूब्स जो ४० के थे ब्रा के अंदर मुझे अच्छा नहीं लग रहा था।
मैंने पीछे जाकर हुक को खींच दिया और उनके बड़े-बड़े बूब्स क़ैद से आज़ाद हो गए। अब वो ऊपर से बिल्कुल नंगी थीं मगर मैं उन्हें पूरी नंगी देखना चाहती थी इसलिए उनकी शलवार का नाड़ा खोलकर शलवार भी उतार दी। मगर अभी भी एक मुसीबत उनकी पैंटी थी।
मैंने सोचा फाड़ देती हूँ मगर मेरी सास ने खुद ही आराम से उतार दी और बोलीं, “अगर मैं नहीं उतारती तो शायद मेरी पैंटी फाड़ देती, इसलिए मैंने खुद ही उतार दी।”
मैंने कहा, “अब नीचे आ जाओ बेड से और मुझे घूमकर अपनी सारी बॉडी दिखाओ।”
सास ने घूमकर आगे को झुककर पीछे से अपना सुडौल चूतड़ दिखाया। व्हाइट सेक्सी और गाँड हल्की काली, दोनों चूतड़ खोलकर गाँड का सूराख क्लियर कर दिया और मैं देखती रही। फिर सीधे होकर अपनी चूत पर हाथ फेरा और बोलीं, “ले अब देख ले जितनी देर देखनी है।”
मगर मैंने ज़रा हँसकर कहा, “ये तो बहुत ओल्ड है।”
तो बोलीं, “ओल्ड इज़ गोल्ड।”
और हम दोनों ज़ोर से हँसने लगे। मेरी सास की चूत 45 उम्र में भी गुलाबी चूत बिल्कुल जुड़ी हुई और गोश्त भी अपनी जगह पर था और चूत के लिप्स भी जवानी की तरह के थे। ऐसा लगता था कभी ससुर से कोई ज़बरदस्ती नहीं की और जब भी चोदते तो प्यार से और सास की इच्छा से।
मैं ये सोच ही रही थी तो सास बोलीं, “बहुत खुजली हो रही है, तूने खुजली कर दी है।”
मैंने अपनी शलवार और पैंटी उतारकर अपनी चूत पर हाथ फेरकर बोली, “आ जाओ चूत को चूत से जोड़ते हैं जिससे खुजली खत्म हो जाएगी।”
इसे भी पढ़े – अपनी पहली चुदाई अपने कुत्ते से कराई मैंने
सास उछलकर मेरी गोद में आ गिरीं और बच्चों की तरह मेरे बूब्स को मुँह लगाकर चूसने लगीं और मैं सास के बूब्स को दबाने लगी। सास मेरा कभी एक बूब्स तो कभी दूसरे तरफ मुँह मार रही थीं और मैं भी उनके दोनों बूब्स दबाने में मस्त थी। अब की बार सास ने एक हाथ से मेरा चेहरा सुलझाया और मेरी गोद से निकलकर मुझसे किसिंग करने के बाद मेरी टाँगें खोलकर मेरी टाँगों के बीच में ऐसे लेटीं कि उनका मुँह मेरी चूत पर आ गया।
मैंने पूछा, “क्या आप उनका चूसते हो?” तो बोलीं, “क्या चूसते होंगे, अब कैसी शर्म। हाँ मैं उनका लंड चूसती हूँ। और तुम?” मैंने भी कहा, “हाँ मैं भी।” फिर वो मेरी चूत पर ज़ुबान मारने लगीं जैसा बच्चा आइसक्रीम को चट-चट कर खाता है वैसा ही मेरी सास मेरी चूत को चाट रही थीं और मैं सिसकारियाँ ले रही थी।
सास अब थोड़ी पीछे हो गईं और मेरी गीली चूत में अपनी फिंगर डालकर ज़ोर-ज़ोर से आगे-पीछे करने लगीं और मेरी चूत से चिप-चिप की आवाज़ें आने लगीं। मैंने सास से कहा, “प्लीज़ ज़रा अपनी ज़ुबान से चाटो मेरी चूत और फिंगर दो डालकर तेज़ी से आगे-पीछे करो।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मेरी चूत बहुत गर्म हो चुकी थी। मेरी सास मैच्योर लेस्बियन की तरह मुझे संतुष्ट कर रही थीं। मेरी सास की फिंगर्स में एक अजीब मज़ा था जो मुझे इससे पहले कभी महसूस नहीं हुआ। वो बहुत तेज़ी से मेरी चूत को चाट भी रही थीं और फिंगरिंग भी कर रही थीं। और मुझे लगा जैसे मैं धर होने लगी हूँ। इसी बीच मैं भी अपनी चूत हिलाने लगी जिससे मैं शांत हो गई मगर मेरी स्क्वर्ट उफ्फ इससे पहले कभी ऐसी इजेक्शन नहीं हुई।
इसे भी पढ़े – नेपाली भाभी की गरम गोरी चूत चोदी
मैंने पेशाब की तरह तेज़ धार निकाल दी, जिससे मैं बहुत खुश थी। मेरी सास बोलीं, “बहुत जोश में इजेक्शन की है, मज़ा आ गया।” “चल मुझे भी ऐसा ही सैटिस्फाई कर दे और मेरी इजेक्शन भी ऐसी ही हो।” मैं बोली, “इससे भी ज़बरदस्त होगी।” अब सास की टाँगों के बीच अपनी ज़ुबान सास की चूत पर मारने लगी। सास की चूत के लिप्स को हटाकर सूराख सामने लाकर अपनी ज़ुबान से चूत को अंदर से चाटने लगी। कभी चूत के लिप्स को बाइट करती तो कभी ज़ुबान चूत के अंदर फेरती जिससे मेरी सास की चूत गीली होने लगी।
अब की बार मैंने अपनी दो फिंगर्स एक साथ ही सास की चूत में उतार दीं पूरी और साथ में चूत के लिप्स को चाटती रही। जिससे मेरी सास की साँसें फूल गईं और वो जोश में आ गईं और उनकी सिसकारियाँ तेज़ होने लगीं तो मैंने भी स्पीड बढ़ा दी। सास ने तो मुझे बालों से पकड़कर अपनी चूत के साथ चिपका लिया और खुद हिलने लगीं। सास की इजेक्शन नॉर्मल थी मगर उन्हें बहुत पसीना आया था और उनकी साँसें भी बहुत तेज़ थीं इजेक्शन के वक्त।
प्रातिक्रिया दे