Kitchen Me Sex Antarvasna
मेरा नाम मोहित है। अब मैं बताता हूँ, मेरी लाइफ में क्या हुआ। अभी ये स्टोरी तुम्हें सच लगे या झूठ, वो तुम्हारी मर्जी, मैं कुछ नहीं कहूँगा। बस 3 दिन पहले की बात है यार। मेरे बहुत सारे दोस्त हैं, और मैं हमेशा इन्स्टाग्राम पर रील्स वगैरह बनाता रहता हूँ। यही मेरी लड़कियों से पहचान भी है। Kitchen Me Sex Antarvasna
पर कभी किसी के साथ कुछ किया नहीं था। बस 14 जनवरी को वो मौका मिल ही गया। मेरी चाची, जिनके पास मैं रहता हूँ, रिलेटिव्स के पास बाहर चली गईं। सुबह 10 बजे मेरे फोन पर तृप्ति का कॉल आया। 20 मिनट बात की, फिर बोली- “क्या आज मोहित, तुम्हें टाइम है क्या? चलो फिर मिलते हैं।”
मैंने कहा- “चलो, बाहर किधर मिलेंगे? कहाँ खाना-वाना?” क्योंकि यार घर पर तो खाना भी नहीं था।
वो तुरंत बोली- “अरे डोंट वरी मोहित, मैं आती हूँ। एक दिन मेरा हाथ का खाना खा लो।”
मैंने कहा- “तुम्हें आता है क्या बनाने?”
वो बोली- “अरे यस, आई एम एक्सपर्ट!”
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मैंने कहा- “ओहो ओके, देखते हैं।”
फिर वो बोली- “ओके, मैं एक घंटे में आ जाती हूँ।”
मैंने कहा- “ठीक है, मैं वेट कर रहा हूँ।”
मैं टीवी देख रहा था। इतने में डोरबेल बजी।
मैंने सोचा- “अरे इतनी जल्दी कौन आ गया?”
दरवाजा खोला तो यार… तृप्ति! रेड ड्रेस में… वाह क्या लग रही थी यार! वैसे भी वो बहुत सुंदर है। असल में मैं लकी था कि वो मेरी फ्रेंड है। पर मैं भी कुछ कम नहीं था- मूर्ति लहान, कीर्ति महान जैसा! वो आई, हल्की सी स्माइल दी। यार उसकी स्माइल देखकर मैं वहीं मर जाता!
फिगर क्या बोलूँ- 36-32-36। उम्र 20 साल। बहुत अच्छी लुकिंग गर्ल। वो ज्यादा लोगों से बात नहीं करती, पर मुझे अच्छा दोस्त मानती थी, इसलिए आई।
आते ही बोली- “कहाँ है तुम्हारा कांदा और मसाला वगैरह?”
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मैंने उसे रसोईघर दिखाया। वो प्याज काटने लगी। उसकी आँखों से पानी आ रहा था, मेरी भी। हेहेहे… पर मेरी नजर तो बस उस पर टिकी थी यार।
मैंने कहा- “डियर, मैं मदद करता हूँ, तुम बाकी तैयारी करो।”
उसने कहा- “ठीक है।”
रसोई में जगह कम थी, तो हम दोनों बगल-बगल में चिपके हुए काम कर रहे थे। बीच-बीच में मैं जानबूझकर उसके गांड (हिप्स) को टच कर रहा था। अंदर करंट दौड़ रहा था यार! मैंने मन में सोचा- आज तो तृप्ति करंट दे रही है। घर में कोई नहीं है, मौका लेते हैं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने कहा- “तृप्ति, अरे तुम्हारे ड्रेस के पीछे क्या है यार?”
वो बोली- “कहाँ?”
मैंने कहा- “एक मिनट…”
और मैंने पीछे हाथ लगाने का बहाना बनाया। उसके ऐस पर हाथ रखा और कान में कहा- “यार तृप्ति, आई लव यू… मुझे तुम बहुत अच्छी लग रही हो।”
वो थोड़ी बाजू हुई, पर वो भी मुझसे प्यार करती थी। पर मेरे मन में इतनी वासना भर गई थी कि पूछो मत। उसके स्पर्श से ऐसा लग रहा था कि अब क्या करूँ? तृप्ति कुछ नहीं बोली, बस बाजू हुई।
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मैंने कहा- “तृप्ति प्लीज…”
और मैंने पीछे से उसे टाइट लगाकर खड़ा हो गया। उसके हाथ पर हाथ घुमाने लगा, होंठ से कान पर किस करने लगा। अचानक उसने मुँह पीछे लिया। मैं डर गया, पर उसका मुँह मेरे मुँह पर आ गया। आह! मैंने पहली बार उसे किस किया।
मैंने कहा- “तृप्ति, आई रियली लाइक यू।”
एक हाथ उसके पीछे ले जाकर 36 साइज के ऐस पर रख दिया, दूसरे हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा।
तृप्ति बोली- “मोहित छोड़ो प्लीज, खाना बनने दो।”
मैंने कहा- “नहीं तृप्ति, पहले मुझे खाने दो, फिर खाना बनवा।”
वो समझ गई कि मेरा इशारा क्या है। मैंने झट से उसे उठाया और पलंग पर ले गया। अब तक तृप्ति भी पूरी हॉट हो चुकी थी। उसने मेरी शर्ट उतारी। मैंने भी उसकी रेड ड्रेस धीरे-धीरे ऊपर करके आखिर में उतार दी। यार अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में मेरे सामने थी। 36 साइज के बूब्स… मैं पागल हो गया! फिर मैंने भी अपनी चड्डी उतार फेंकी। उसने मेरा लंबा लंड देखकर डर गई।
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मैंने कहा- “डोंट वरी यार तृप्ति, मैं तुम्हें हर्ट नहीं करूँगा। स्लोली फक करूँगा।”
ये कहकर मैंने उसकी ब्रा उतारी और धीरे-धीरे चूसने लगा। फिर रगड़ने लगा।
मैंने कहा- “तृप्ति, मेरे लंड को मुँह में ले सकती हो?”
वो कुछ नहीं बोली। फिर मैंने ही उसके मुँह में डाल दिया। वो चूसने लगी। फिर मैंने सोचा क्यों न 69 करें? तो वही पोजिशन में मैंने उसकी चूत का रस पीना शुरू किया। वाह क्या टेस्ट था दोस्तों… लवली टेस्ट!
वो बेचारी चिल्ला रही थी- “मोहित बस यार, अब चोदो मुझे!”
मैंने कहा- “यार रुक तो जाओ, तड़पने में ही मजा आता है।”
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मैं हँस पड़ा। हेहेहे। फिर मैंने सोचा- चलो अब काम कर देते हैं। मैंने पास का कंडोम अपने लंड पर चढ़ा दिया। अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा और धीरे से अंदर डालने लगा। धीरे-धीरे अंदर डालता गया। फिर एक जोर का धक्का दिया तो पूरा अंदर चला गया।
शुरू में उसे दर्द हुआ, पर बाद में तृप्ति बोली- “और… और मोहित…” हम दोनों एंजॉय कर रहे थे। इतने में डोरबेल बजी। मुझे लगा कौन? पर कोई नहीं था। फिर अचानक आइडिया आया- मैंने फ्रिज से बर्फ का ट्रे निकाला। और बर्फ उसके पूरे बदन पर घुमाने लगा। उससे वो और ज्यादा उत्तेजित हो गई। यार फिर मैंने उसे एक-दो बार और चोदा। बड़ा मजा आया। इतने में घड़ी देखी तो 2 बज चुके थे।
मैंने कहा- “तृप्ति, क्या खाना बनाओगी या बाहर से मँगवा लें?”
बेचारी थक गई थी। मैंने बाहर से ऑर्डर किया और हम दोनों ने खाना खा लिया। तृप्ति को भी याद रहेगा उसका फर्स्ट सेक्स… मेरे साथ। बस यार, ये थी मेरी स्टोरी।
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