Hot Mastram Sex Kahani
यह मेरी रियल स्टोरी है। मैं राहुल हूँ, मेरी उम्र लगभग 27 वर्ष, रंग वाइटीश, हाइट 5 फीट 10 इंच की है। मेरी पर्सनैलिटी बहुत ही चार्मिंग है और लड़कियां मेरी तरफ आसानी से आकर्षित हो जाती हैं। बचपन से लेकर अब तक काफी लड़कियां मेरी दोस्त बन चुकी हैं। बत उन दिनों की है जब मैं ग्यारहवीं क्लास में पढ़ता था. Hot Mastram Sex Kahani
और उस समय मेरी उम्र लगभग 18 वर्ष की होगी परन्तु मेरी कद काठी का उत्थान अच्छा था जिस वजह से कोई भी मुझे 20 वर्ष से कम नहीं समझता था। हमारी कॉलोनी में ही एक लड़का और रहता था जो कि बचपन से ही मेरा पक्का दोस्त था और हम दोनों लगभग हर समय एक साथ ही रहते थे।
उसके पिताजी एक सरकारी अफसर थे और परिवार में उसकी माता जी के अलावा एक बड़ी बहन और तीन छोटे भाई थे। मेरे दोस्त का नाम सुधीर और उसकी बहन का नाम पूनम था और वो बीएससी पार्ट फर्स्ट में पढ़ रही थी। पूनम बहुत ही खूबसूरत थी। उसका रंग एकदम गोरा चिट्ठा था और उसकी हाइट होगी लगभग 5 फीट 4 इंच, आंखें एकदम काली और बड़ी-बड़ी मानी हर समय उसकी आंखें कुछ कहना चाहती हों।
जब वो आंखों में काजल लगा कर काजल की लाइन को आंखों से बाहर निकालती थी गजब ही धार देती थी। शरीर 36-24-38 के साइज में था और देखने में सेक्सी लगाता था। उसकी चूचियां काफी बड़ी थीं साइज रहा होगा लगभग 36/38 लेकिन एकदम कसी हुईं और चूतड़ तो बस क्या कहने एकदम भरे-भरे और गोल-गोल।
जब चलती थी तो ऐसा लगता था कि दो बड़ी-बड़ी गेंद या फुटबॉल आपस में रगड़ खा रही हों। वो आमतौर से टाइट सलवार कमीज या चूड़ीदार पजामा और कुर्ती पहनती थी जिसमें उसका यौवन देखने की लायक होता था खासतौर पर उसके उभरे हुए चूतड़ तो एकदम मस्त थे।
कभी-कभी वो स्कर्ट और टॉप भी पहन लेती थी और उसमें उसकी उम्र का पता नहीं चलता था। मैं शुरू से ही पढ़ने में बहुत ही होशियार था खासकर गणित और सुधीर गणित में कमजोर था तो वो मेरे साथ ही स्टडी करता था और उसके साथ ही पूनम भी हमारे साथ ही स्टडी करती थी।
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ज्यादातर स्टडी रात को हमारे घर पर ही होती थी क्योंकि उनके परिवार में काफी सदस्य थे इसलिए सुधीर और पूनम रात को मेरे घर पर ही आ जाए करते थे और काफी देर तक स्टडी करते रहते थे। इस तरह स्टडी करने की वजह से मैं और पूनम आपस में काफी घुल-मिल गए थे और एक-दूसरे के साथ एकदम फ्री थे। वै
से भी पड़ोस में रहने के कारण हमारा और उनके परिवार में काफी आना-जाना था। चूंकि मैं काफी सुंदर और स्मार्ट था लड़कियां मेरी तरफ काफी आकर्षित होती थीं और मेरे साथ दोस्ती करने की इच्छा रखती थीं। पूनम भी मेरी तरफ काफी आकर्षित थी और कई बार मम्मी से मज़ाक में कह करती थी कि मेरा दुल्हा तो विक्की है। मैं तो राहुल से ही शादी कर लूंगी और मम्मी हंस कर टाल जातीं।
वो कई बार मुझ से भी कहती थी कि राहुल अज तो तू काफी स्मार्ट और सुंदर लग रहा है बिल्कुल दुल्हे राजा जैसा। आ जा मेरे साथ शादी कर ले और मैं हंस पड़ता। मैं भी उसको पसंद करता था और कई बार उसको ध्यान में रख कर मूठ भी मारता था। मैं मन ही मन उसको चोदना चाहता था पर कहने से डरता था कि कहीं वो बुरा न मान जाए और रात को पढ़ाना बंद कर दें।
ऐसे ही दिन कट रहे थे। दशहरा आने वाला था और दूशहरे की छुट्टियां चल रही थीं। ऐसे ही मैं एक दिन मेरे सुधीर के साथ कुछ कहा सुनी हो गया और बात यहां तक बढ़ गई कि उसकी मेरी बोल-चाल बंद हो गई। लड़ाई के बाद सुधीर रात को पढ़ने भी नहीं आया केवल पूनम ही आई.
और उन्होंने पूनम को ये तो नहीं कहा कि मेरा और उसका झगड़ा हो गया है बल्कि ये कहा दिया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वो आज रात को पढ़ने नहीं जाएगी। पूनम उस रोज तो कुछ समझ नहीं पाई लेकिन सुधीर ने जब अगले रोज भी जाने से मना कर दिया और उसको भी रोकने लगा तो उसका माथा ठनका और कहा कि तू जाए या ना जाए पर वो तो वहीं राहुल के यहां ही स्टडी करेगी और ये कह कर हमारे यहां आ गई।
हम दोनों तकरीब एक घंटे तक पढ़ाते रहे कोई एक-दूसरे से कुछ नहीं बोला। हम दोनों आमने-सामने बैठ कर पढ़ रहे थे कि अचानक उसने मेरी और आंखें उठा कर देखा और बोली कि क्या तेरी और सुधीर की लड़ाई हुई है तो मैं चुप रहा और आंखों में पानी आ गया.
इस पर वो उठ कर मेरे पास आ गई और मेरी दाईं तरफ बैठ कर अपने दोनों हाथों से मेरी कोहली भर ली और मेरा सर अपने सीने से लगा लिया पहले तो मैं चौंक गया लेकिन फिर मैं समझा कि मेरी आंखों में पानी आने के कारण वो मुझे दुलार रही हैं।
मेरा सर उसकी बाईं चूची के ऊपर रखा था और मैं उसकी चूची का गुदगुदापन उसके कुर्ती के ऊपर से महसूस कर रहा था जिस से मेरा लंड खड़ा हो गया। पहले तो कुछ पल हम चुप बैठे रहे फिर वो बोली कि जब तुम एक-दूसरे के बिना रह नहीं सकते तो तुम आपस में क्यों लड़ते हो। वो भी तुम्हारे बिना तुम्हारी ही तरह उदास है। चिंता न कर कल को मैं तुम्हारी बोल-चाल करवा दूंगी.
और ये कह कर मुझ को जोर से अपनी बाहों में भींच लिया और बोली चलो अब मुस्कुरा दो। जैसे ही उसने मुझे अपनी बाहों में कस कर भींच लिया उसकी बाईं वाली चूची पर मेरा गाल आ गया और वो दबाने लगी जिस से मेरा लंड बहुत तेजी के साथ सख्त होकर फटने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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उन दिनों हल्की सी गर्मी थी तो मैंने पैंट और बनियान ही पहना हुआ था। जब मेरा लंड ऊपर-नीचे होने लगा तो वो पैंट के ऊपर से ही उसकी जांघ या हल्का सा ऊपर उसको लगने लगी तो वो बोली कि तेरी जेब में क्या है जो मेरे को चुभ रहा है। मैंने हंसते हुए कहा कि कुछ नहीं.
लेकिन वो बोली कि कुछ तो जरूर है जो जेब में हिल रहा है, ला मैं भी तो देखूं और ये कर उसने मेरा लंड को पैंट के ऊपर से ही पकड़ लिया और सहलाने लगी। अब तो मैं सब कुछ समझ गया और मैंने भी जोश में आकर अपने होंठ पूनम के होंठों पर रख दिए और तेजी के साथ चूसने लगा।
फिर मैंने अपनी जीभ पूनम के मुँह में डालने की कोशिश करने लगा जिस से पूनम ने अपना मुँह खोल कर अपने मुँह में आने दिया और वो भी मेरी जीभ बड़े जोश के साथ चूषने लगी। अब हमारी सांसें बहुत तेज चल रही थीं और हम दोनों एक-दूसरे में खोए हुए थे। थोड़ी देर बाद हम अलग हुए तो पूनम ने पूछा कि इधर अंकल या आंटी तो नहीं आएंगी?
मैंने कहा कि नहीं, क्योंकि वो जानते हैं कि हम तीनों यहां पढ़ते हैं और उनको सुधीर के न आने की बात मालूम नहीं है जो चिंता करे और दूसरे दोनों जल्दी सो जाते हैं और अब तक वो दोनों सो गए होंगे। फिर भी पूनम बोली कि दरवाजे की कुंडी लगा लो और मैंने कुंडी लगा दी।
अब वो एकदम से मुझ से लिपट गई और बोली कि विक्की मैं तुम से बहुत प्यार करती हूं तो मैंने भी कहा कि प्यार तो मैं भी करता हूं पर तुम मेरे से 1-2 साल बड़ी हो इसलिए लगता है कि शादी नहीं होगी। इस पर पूनम बोली कि हर प्यार की आखिरी मंजिल शादी नहीं होती कई बार कुर्बानी भी होती है। शादी नहीं होगी तो क्या हम एक-दूसरे को प्यार तो कर सकते हैं.
और ये कह कर फिर से अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगीं और मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी जिस से मैंने भी चूषना शुरू कर दिया। अब हम दोनों खड़े हो कर एक-दूसरे को बाहों में जकड़ें हुए थे और एक-दूसरे का चुम्बन ले रहे थे और कभी मेरी जीभ पूनम के मुँह में होती तो कभी पूनम की जीभ मेरे मुँह में।
अब उसने एक हाथ नीचे कर के पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया था और वो उसे सहलाने लगी और बोली कि बहुत उछाल-कूद मचा रहा है अब देखती हूं कि इसमें कितना दम है। अब मैंने भी अपने हाथ उसकी बदन पर फेरने शुरू कर दिए थे। एक हाथ से मैं पूनम की चूची दबा रहा था तो दूसरे हाथ को मैं उसकी चूतड़ों पर फेर रहा था।
वाकई में उसकी चूतड़ बहुत ही गहरी थे। मेरा हाथ उसकी चूतड़ों को और चूचियों को काफी जोर-जोर से दबा रहा था जिस से उसकी मुँह से सिसकारी निकल रही थी वो ओह्ह्ह आइय्यय्यय्ये स्स्सि स्स्सि कर रही थी और ये सून-सून कर मेरा लंड फट आ रहा था लगता था कि यदि कुछ देर यही हाल रहा तो मेरी पैंट फाड़ कर बाहर निकल आएगा।
मैंने हाथ को उसकी चूतड़ों पर फेरते हुए ऊपर से ही उसकी गांड में उंगली कर दी और पूनम एकदम चीख पड़ी और बोली ऐसा मत करो मुझे दर्द होता है। मैंने कहा कि कोई बात नहीं मैं हल्के-हल्के करूंगा दर्द नहीं होगा और मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है। हम दोनों थोड़ी देर तक एक-दूसरे का शरीर ही तलते रहे और चुम्बन लेते रहे।
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जब बर्दाशत करना मुश्किल हो गया तो हमने एक-दूसरे के कपड़े उतारने शुरू कर दिए। पूनम पहले तो बोली कि लाइट ऑफ कर लो लेकिन मैंने मना कर दिया और कहा कि मैं तुम्हारा शरीर रोशनी में देखना चाहता हूं तो वो बोली कि मुझे शर्म आती है तो मैंने कहा कि जिसने की शर्म तो उसकी फूटे करम और जो भी कुछ हो मैं लाइट ऑफ नहीं करूंगा.
और ये कह कर मैंने उसकी कुर्ती के बटन खोलने शुरू कर दिए और बटन खोलने के बाद मैंने झटकों के साथ उसकी कुर्ती उतारने शुरू कर दी तो पूनम बोली कि क्या मेरे कपड़े फाड़ने का इरादा है जरा अरम से उतारो ना और ये कह कर उसने अपना हाथ उठा कर उतार दी। अब उसने सिर्फ समीज, उसके नीचे ब्रा, पजामा और पैंटी पहनी हुई थी।
मैं पहले ही पैंट और बनीयां में था तो पूनम ने मेरी पैंट में नीचे से हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और बोली कि मैं जानती हूं कि तुम्हारा लंड काफी लंबा और मोटा है इसलिए शुरू में जरा आहिस्ते-आहिस्ते करना। मैंने पूछा कि तुम्हें कैसे पता कि मेरा लंड काफी लंबा और मोटा है. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो वो बोली कि मैंने कई बार तुम को पेशाब करते हुए छुप कर देखा हैं तो मैं हंस पड़ा और उसकी समीज भी उतार दी। जोश के कारण उसकी समीज फटते-फटते बची तो पूनम बोली कि जरा अरम से उतारो ना इस तरह बेबैर बन कर कपड़े न फाड़ो. इस पर मैंने हंसते हुए कहा कि कपड़े तो फाड़ने का कोई इरादा नहीं है हां तुम्हारी चूत जरूर फाड़ने का इरादा है.
तो वो भी चैलेंज देते हुए बोली कि देखते हैं कि कौन किसकी फाड़ देता है और ये कह कर उसने मेरी पैंट उतार दी और मेरे खड़े लंड को अपने होंठों से सहलाने लगी इधर मैंने भी उसकी पजामा उतार दी थी और अब वो सिर्फ काले रंग की ब्रा-पैंटी में खड़ी थी। उसका दूधिया बदन ट्यूब लाइट में चांदी की तरह चमक रहा था.
और अब मुझे अपने ऊपर सब्र रखना मुश्किल हो रहा था तो मैंने उसका सारा बदन चाटना शुरू कर दिया और हाथों से उसकी चूची और चूतड़ दबाता रहा और पूनम श्ह्ह ओह्ह्ह स्स्सि स्स्सि करते हुए सिसकारी भरती रही। अब मैंने उसको कहा कि लंड को मुँह में डाल कर चूसा परन्तु उसने बिल्कुल मना कर दिया और कहा कि उसे लंड चूसने में घिन आती है.
पर मैंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं और मेरा लंड एकदम साफ है मैं रोज नहाते हुए इसकी सफाई करता हूं और फिर मैं भी तो तुम्हारी चूत को मुँह से चूसा करूंगा। इसमें बड़ा मजा आता है तो वो बोली कि राहुल तू तो बड़े एक्सपर्ट हो लगता है पहले भी काफी लड़कियां चोद चुके हो.
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पर मैंने सर हिलाते हुए मना किया और बोला कि ये सब मैंने सेक्स स्टोरी की वेबसाइट में पढ़ा है और ब्लू फिल्म में भी ऐसा दिखाया जाता है. तो वो तैयार हो गई और बोली एक शर्त है कि तुम लंड को मेरे मुँह में झड़ना मत वरना मुझे एकदम उल्टी हो जाएगी और जैसे ही लंड झड़ने को आए फौरन बाहर निकल लेना और ये कह कर वो मेरा लंड चूसने लगी।
अभी तक मैं उसकी चूचियों और चूतड़ ही दबा रहा था कि वो बोली कि तुम भी तो मेरी चूत को चूसा। अब मैंने उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी वकई मैं उसकी चूचिया काफी बड़ी दी मगर थी एकदम सुडोल बिल्कुल दो छोटी पहाड़ की तरह से टनी हुई जिनके ऊपर निपल एकदम टने हुए थे और एकदम दूधिया रंग की थी।
उसके निपल बिल्कुल गुलाबी थे और अनार के दाने के बराबर मोटे थे। अब हम वहीं पर लेट गए और 69 की पोजीशन में आ गए। मैंने पूनम की चूत देखी तो मैंने कहा कि पूनम ये क्या है तुमने अपनी चूत के बाल क्यों बढ़ा रखे हैं? इन झांटो को शेव क्यों नहीं करती हो?
तो वो बोली कि मैं झांट शेव तो करती हूं लेकिन काफी दिनों में क्यों कि एक तो मुझे रेजर से बनाते हुए डर लगता है और दूसरा काफी समय भी लगता है इसी लिए काफी-काफी दिन मैं शेव करती हूं। मैंने कहा कि चलो आगे से तुम्हारी झंटे मैं शेव कर दिया करूंगा और पूनम राजी हो गई।
मैंने जैसे उसकी चूत पर हाथ फेराया तो वो एकदम गिली हो चुकी थी और हल्का सा पानी उसकी झंटों पर भी लगा हुआ था। पहले तो मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली डाल कर अंदर-बाहर करानी शुरू करी तो वो तेजी के साथ आह्ह्ह कराने लगी और बोली कि बस अब चूसा शुरू करो न। मैंने भी उसकी चूत के होंठ खोल कर अपना मुँह उसकी गुलाबी चूत से लगा दिया और तेजी के साथ चाटने लगा।
जैसे ही मैंने चूत को चाटना शुरू किया वो अपनी गांड को उठा-उठा कर चूत को मेरे मुँह से सटाने लगी और कहाने लगी कि ह्ह्ह्ह्हान्न्न ह्ह्ह्हान्न्न ह्ह्हाा आश्ह्ह आअब्ब्ब्बाास श्ह्ह अइसी ह्ह्हान्न्न आइइस्स्सेय्यय्ये ह्ह्ह्हि और अपनी कमर तेजी के साथ हिलाने लगी और गांड को ऊपर उचलाने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अभी उसकी चूत को चाटते हुए 5-7 मिनट ही हुए होंगे कि वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी कि ह्ह्ह्ह्हान्न्न ब्ब्बब्बााह्ह्ह्हुत्त आअइएच्च्छ्ह्ह्हाा ल्ल्ल्ला ह्ह्होऊन्न्न और ये कहते हुए उसकी चूत ने ने गरम-गरम पानी छोड़ दिया और मैंने अपना मुँह एकदम उठा लिया। इधर पूनम भी काफी जोर-शोर से मेरा लंड चूस रही थी और मुझे लगा कि मैं भी ड़ने वाला हूं.
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तो मैंने उसको बता दिया तो उसने फौरन मुँह से लंड को निकाल दिया और अपने हाथ से ही 4-5 झटके मारे कि मेरा भी निकल गया और इतनी जोर के साथ निकाला कि काफी वीर्य उसकी टांगों पर चूत के आस-पास पड़ा। फिर हम दोनों साथ-साथ उठ कर कमरे के साथ अटैच बाथरूम में गए और वहां मैं पेशाब करने लगा.
तो पूनम ने मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया और सुपाड़ा हटा कर बोली कि अब पेशाब करो और वो हाथ में पकड़े रही जिस से कुछ पेशाब उसके शरीर पर भी पड़ा। इसके बाद वो मेरे सामने उकड़ो बैठ गई और पेशाब करने लगी तो मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चूत के होंठ फैलाए दिए और कहा कि वो अब पेशाब करे और उसने भी बहुत जोर से मोटी धार के साथ पेशाब करना शुरू कर दिया धार भी काफी दूर तक जा रही थी।
फिर हमने एक-दूसरे का शरीर टॉवेल से साफ किया और बाहर आ गए। इस चेदखानी की वजह से मेरा लंड फिर से खड़ा होनें लगा और पूनम भी गरमाने लगी। हम फिर से एक-दूसरे को चूमा-चाटने लगे और पूनम मेरा लंड सहलाने लगी और मैं उसकी चूत में उंगली कराने लगा।
थोड़ी देर बाद हम फिर से 69 की पोजीशन में आ गए और पूनम मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था। थोड़ी देर बाद पूनम बोली कि राहुल अब आ जा मुझे चोद दो अब बर्दाशत नहीं हो रहा है। ये सून कर मैं उसके टांगों के बीच में आ गया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा जिस से उसकी चूत ऊपर को उठ गई.
अब मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगा कर चूत के छेद पर रख कर ताकत के साथ दबाया तो उसके मुँह से एक चीख निकल गई आइएय्यय्ये म्म्मआआर्र ग्ग्गाय्यय्ये व्व्विक्क्क्कक्य्य म्म्मेर्रि च्च्छूत्त प्प्प्ह्हह्हाात्त ग्ग्गाय्यय्ये। मैंने अपने होंठों को पूनम के होंठों पर कस कर रख दिए.
ताकि वो फिर से न चीख सके और बोला पूनम इस तरह से मत चीखो नहीं तो कोई उठ जाएगा और हम पकड़े जाएंगे। वो बोली कि बहुत जोर से दर्द हो रहा है मैंने कहा कि पहली बार ऐसा ही होता है और बाद में मजा आता है मैं ये कह कर उसकी चूची दबाने लगा और होंठ चूसा करने लगा।
इस तरह से उसको कुछ आराम सा मिला और बोली कि हां अब दर्द कुछ कम हो रहा है। मैं 4-5 मिनट यहीं पड़ा रहा और उसकी चूचियों चूसता रहा और दबाता रहा जिस से उसकी चूत ने पानी चोदना शुरू कर दिया था और चूत काफी चिकनी हो गई थी। अब मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में दबा कर एक बहुत ही जबरदस्त धक्का मारा और मेरा लंड लगभग 6-7 इंच उसकी चूत में घुस गया और उसकी चीख घुट कर रही गई।
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मैं फिर रुक गया और उसकी चूची चूसने और दबाने लगा। पूनम को अभी काफी दर्द हो रहा था और वो कह रही थी कि राहुल अपना लंड निकाल ले मेरी तो चूत फटी जा रही है। मैंने कहा कि बस थोड़ी देर बर्दाशत करो फिर तुम्हें मजा ही मजा मिलेगा और ये कह कर उसकी चूचियों चूसा करने लगा और एक हाथ से मैं उसकी चूत का दाना भी मसलने लगा. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जिस से उसको कुछ मजा आया और वो बोली कि अब फिर से दर्द कुछ कम होने लगा है। ये सून कर मैंने धीरे-धीर धक्के लगाने शुरू कर दिए। अब उसको मजा सा आने लगा था और अब पूनम ने अपनी गांड को उचलाना शुरू कर दिया था कि अचानक वो सारी की सारी तेजी के साथ हिलाने लगी और झड़ गई।
अब पूनम की चूत काफी चिकनी हो गई थी और लंड भी आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। बस मैंने कस कर एक धक्का और मारा और सारा का सारा लंड पूनम की चूत में घुस गया और फिर से उसके मुँह से एक चीख निकल गई। इस बार मैं उसके होंठों को अपने होंठों से दबाना भूल गया था सो मैंने फौरन हाथ उसके होंठों पर रख दिए और चीख घुट कर रही गई।
मैं 5-7 मिनट यहीं उसके ऊपर पड़ा रहा और कभी उसकी चूचियों चूसता तो कभी होंठ चूसा या फिर हाथों को उसकी जांघों पर फेरता जिस से कि पूनम को कुछ आराम मिल सके। थोड़ी देर में उसका दर्द गायब हो गया और वो नीचे से ऊपर को गांड उचलने लगी तो मैं समझ गया कि अब उसको मजा आ रहा है इसलिए मैंने भी उसको आहिस्ते-आहिस्ते धक्के मारने शुरू कर दिए।
जब मैं कुछ देर यहीं आहिस्ते-आहिस्ते धक्के मारता रहा तो पूनम एकदम से बोली कि अब उसे मजा आ रहा है और जोर से धक्के लगाओ। ये सून कर मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी और कुछ ही समय में मैं पूनम को तेजी के साथ चोदने लगा। अब पूनम पूरा मजा ले रही थी और मुँह से बड़बड़ा रही थी हां बड़ा मजा आ रहा है राहुल जोर से चोदो। फाड़ दो मेरी चूत को पेल दो अपना पूरा लंड मेरी चूत में है स्स्सि स्स्सि म्म्मआआर्र.
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और ये कहते हुए पूनम ने अपनी कमर और गांड तेजी से हिलाना शुरू कर दी और स्स्सि स्स्सि करते हुए झड़ गई। मैं अभी तक जोर-शोर के साथ धक्के मार रहा था कमरे में फछ-फछ की आवाज आ रही थी और मैं डम-डम धक्के मारे जा रहा था। थोड़ी देर बाद पूनम फिर से स्स्सि स्स्सि करते हुए झड़ गई और मैं अभी तक डटा हुआ था और फुल स्पीड से धक्के मार रहा था।
मैं पूरा फुल पसीना भी हो गया लेकिन धक्के लगाता रहा। लगभग 20-25 मिनट तक फुल स्पीड से धक्के लगाने के बाद मुझे लगा कि अब मैं भी झड़ने वाला हूं और मेरे मुँह से भी अनाप-शानप निकलने लगे कि है म्म्मेर्रि र्रआन्न्नि म्म्माा उन्निक्कााल्ल्लाान्न्ने व्व्वााल्ल्लााा ह्ह्हैइइ.
तो पूनम एकदम बोली कि अपना लंड बाहर निकाल लो इससे चूत के अंदर नहीं झड़ना है वरना गड़बड़ हो सकती है. सो मैंने फौरन ही लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और पूनम से कहा कि हाथ से तेजी के साथ लंड को आगे-पीछे करे तो उसने वैसा ही करना शुरू कर दी.
और मैंने उसके होंठ बहुत ही जोर से चूसने लगा और एक हाथ से उसकी चूचियों दबाता रहा तो दूसरा हाथ उसकी चूतड़ों और गांड पर फेरने लगा। कभी-कभी जोश के कारण मैं अपनी उंगली उसकी गांड में भी अंदर कराने लगा और पूनम तेजी के साथ झटके देने लगी और मैं ओफ्फ फ्ह्ह्हाईइ फ्ह्ह्हाईइ कर्ता हुआ झड़ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने झड़ते-झड़ते जोश में अपना मुँह उसकी चूचियों में जोर से दबा दिया और उसकी गांड में अपनी पूरी उंगली अंदर कर दी तो वो चिल्ला पड़ी और बोली कि क्या मेरी चूचियों को ही काट खाओगे और ये कह कर मेरा सर अपनी चूचियों में जोर से दबा लिया। हम कुछ देर यहीं पड़े रहे और फिर उठे तो देखा कि पूनम की चूत से खून निकल आया था जो उसकी चूत और झांटो पर लगा था।
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खून को देख कर पूनम डर गई और बोली कि विक्की लगता है कि मेरी चूत फट गई है और अब क्या होगा तो मैंने समझाया कि डरने की कोई बात नहीं है सबको पहली बार ऐसा ही होता है और ये कह कर मैंने एक रूमाल से उसकी चूत और झंटों से खून साफ कर दिया और उसके बाद हम दोनों उठ कर बाथरूम में गए जहां पर पहले तो पूनम ने मेरा लंड पकड़ कर मुझ को पेशाब कराया और फिर मैंने पूनम को अपने सामने उकडू बैठा कर अपनी उंगलियों से उसकी चूत को चौड़ा किया और पेशाब करने को कहा।
जब वो पेशाब करने लगी तो पता नहीं मुझे क्या सूझा कि मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली करानी शुरू कर दी और वो पेशाब करती रही। फिर हम लोगों ने अपने-अपने कपड़े पहने और पूनम को उसके घर छोड़ आया। पूनम को छोड़ने से पहले ये वादा लिया कि अगली बार हम दोनों इकट्ठे ही बगल के बाल और झांटे साथ-साथ बनाएंगे जिसे उसने कबूल कर लिया। दोस्तों ये भी एकदम सच्ची घटना है और वो रूमाल जिस से मैंने पूनम की चूत का खून साफ किया था आज भी मैंने संभाल कर रखा हुआ है।
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