Hot Aurat Chudai
मैं मीनाक्षी उम्र 37 साल कलर सांवला, मैरिड। भगवान जाने क्यों मेरे बदन में सेक्स की प्यास एवरेज से कुछ ज्यादा ही है। वैसे देखा जाए तो मैं मेरे पति के साथ खुश हूँ मगर 35 के बाद मेरी सेक्स की भूख बहुत ही बढ़ गई है। मेरे पति भी इस बात से परेशान हैं। क्योंकि रात को कभी-भी मेरी अचानक सेक्स की चाहत से मैं उन्हें जगा देती हूँ और उनकी मर्जी रहे या न रहे उनपर टूट पड़ती हूँ। Hot Aurat Chudai
कई बार उनका कॉक ढीला होता है मगर आधा-अधा घंटा चूस कर मैं उसे बड़ा बना ही लेती हूँ। सिर्फ मेरे खातिर आजकल वो कुछ एलोपैथी के टैबलेट भी लेते हैं जिसकी वजह से वो आधा घंटा बिना गिरे मेरे साथ सेक्स कर सकते हैं। तो मैं बता रही थी 18 दिन पहले उन्हें अचानक कंपनी के काम से एक महीने तक गुड़गाँव जाना पड़ा।
नौकरी है नहीं भी कह नहीं सके। मैं तो परेशान हो गई कि मेरा क्या होगा? फैमिली को ले जाने की परमिशन नहीं थी तो मुझे मुंबई ही रुकना पड़ा। पहले दो दिन तो मैंने सरलता से निकाल लिए। मगर तीसरे दिन सेक्स की चाह से मैं पागल सी हो गई। अपने ही उंगलियाँ पुस्सी में डाल-डाल कर मैं अपनी भूख मिटाने की कोशिश करती। मगर कुछ मजा नहीं आ रहा था।
शाम का वक्त था। हमारे पड़ोसी हैं मिस्टर जयसवाल दोनों पति-पत्नी उम्र 40 & 42। डोर बेल बजी। “कौन” मैंने अंदर से ही पूछा। मैं सविता, मिसेज जयसवाल की आवाज आई। मैंने दरवाजा खोला। “कहिए सविताजी कैसे आना हुआ” मैंने पूछा। “कुछ नहीं उनका फोन था अचानक भोपाल जाना पड़ा दो-तीन दिन नहीं आएंगे बोर हो रही थी अचानक याद आया तुम भी अकेली ही हो सोचा चलो जरा वक्त बिताए.”
“आओ ना ऐसा करो ना फ्लैट को लॉक ही कर देना यहीं सो जाना आज”. ठीक है अभी आई कहकर सविता जी फ्लैट लॉक कराने चली गईं। मैंने भी कपड़े चेंज कर लिए ब्राउन नाइटी अंदर ब्रा पैंटी और पेटीकोट था। 10 मिनट के बाद सविता जी आईं। “क्या खाना हो गया” मैंने पूछा।
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“हाँ, तुम्हारा?” “हाँ” मैंने जवाब दिया। हम दोनों भी 11 बजे हमारे ही बेड रूम में सो गईं। रात मुझे 12:30 बजे नींद खुली। सविता मुझसे लिपटी हुई थी। उसके पैर मेरी कमर पर थे। मेरी नाइटी पूरी ऊपर हुई थी। सविता की भी। वो पैंटी निकाले बिना अपनी पुस्सी मेरी पुस्सी पर रगड़ रही थी।
उसने दोनों हाथों से मुझे कसकर पकड़ रखा था। उसके बूब मेरे बूब से पूरे दबे थे। और होंठ!!!!! वो बुरी तरह से मेरे होंठों से चिपक गए थे। वो मुझे जबरदस्त किस कर रही थी… मैंने आँखें बंद रखी थीं। मगर ज्यादा वक्त मैं भी आँखें बंद नहीं रख सकी। मुझे भी मजा आने लगा था मैंने भी दोनों हाथों से उसे कस लिया और किस का रिस्पॉन्स देने लगी।
अब मेरी टंग उसके मुँह में घूम रही थी। मैं जग गई और रिस्पॉन्स दे रही हूँ, ये देखकर सविता के बदन में भी फुर्ती आ गई अब उसने मुझे नीचे लिटाकर वो ऊपर आ गई। वो जोर-जोर से अपनी पुस्सी मेरी पुस्सी पर घिस रही थी। आह्ह्ह्ह ओह्ह धीरे मैं कराहने लगी.. सविता.. ओह सविता पैंटी भी निकाल दो प्लीज।
अब हम दोनों भी तैयार थे उसने झट से मेरी पैंटी उतार फेंकी खुद भी अपनी नाइटी और ब्रा उतारने लगी। तब तक मैंने भी अपने आप को पूरी तरह से सभी कपड़ों से आजाद कर लिया था। किसी भूखे मुर्दे की तरह वो मुझपर टूट पड़ी। मैं नीचे थी हिल भी नहीं पा रही थी।
अब पुस्सी से पुस्सी रगड़-रगड़ कर हम दोनों भी पूरी गीली (वेट) हो चुकी थी। दोनों भी अलग-अलग हुईं। पीठ के बल सोए दोनों आसमान (छत) की तरफ देखकर हाँफ रहे थे। अब मेरी बारी थी, (ये पूरे वाकये के दरमियान हमने एक बार भी बात नहीं की)। मैं अचानक बैठ गई बेड के पास का स्विच ऑन किया अचानक उजाला हो गया (अभी तक सब अंधेरे में ही चल रहा था)।
सविता की बदन के तरफ देखा। मेरी तरह वो भी मोटी ही थी। दोनों पैर फैला कर पीठ के बल पर लेटी सविता के पुस्सी से पानी बह रहा था। अब मुझे रहा नहीं गया। “सविता तुमने तो तुम्हारा सैटिस्फैक्शन कर लिया मेरा क्या?” मैंने पूछा। “मैंने मेरा तरीका ढूंढा तुम जो चाहो तुम कर लो” सविता बोली। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब मैं भी मूड में आ गई अपनी दोनों टांगों को फैलाकर मैंने मेरी पुस्सी सविता के मुँह पर रख दी और दोनों हाथ उसके हिप के नीचे डालकर मेरा मुँह उसके पुस्सी में घुसा दिया। मैं उसकी पुस्सी सक कराने लगी। पूरी तरह से गीली हुई पुस्सी को चाटने लगी। साथ ही साथ मैं खुद को मेल इमेजिन करके सविता के मुँह को पुस्सी समझकर जोर-जोर से आगे पीछे होने लगी।
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सविता के हाथ कहाँ शांत थे वो मेरे हिप पर घूम रहे थे बीच-बीच उसकी उंगली मेरे ऐस को छेद रही थी। उसकी टंग भी मेरी पुस्सी में डीप घूम रही थी। मैं ज्यादा ही फर्म में आ गई। जोर लगाकर मेरी पुस्सी उसके मुँह में रगड़ने लगी। अब उसकी एक उंगली मेरे ऐसहोल पर थी।
जैसे ही मैं उछलती उसकी उंगली थोड़ी ऐस में घुस जाती। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। अब मैं बहुत ही कराह रही थी। ऊऊऊ ओऊऊ ओउच्च्च स्स्साहा आखिर मेरी पुस्सी सविता के मुँह में ही खाली हो गई। सविता भी पुस्सी में से निकला हर बूंद चूस रही थी निगल रही थी।
अचानक उसने करवट बदल कर मुझे नीचे लिया अब वो मेरा मुँह उसकी पुस्सी से फक कर रही थी। अब हम दोनों भी बहुत थक चुके थे। हम अलग हुए और एक दूसरे के बाहों में आकर एक दूसरे के मुँह चूसने लगे। अपने ही पुस्सी के पानी का टेस्ट और स्मेल हमें किसिंग में मिल रहा था।
एक दूसरे के मुँह में मुँह डाले ही हमें नींद लग गई। सुबह जब हम जागे तो एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुरा दिए। “चलो आज साथ ही नहाएंगे” सविता बोली। हम दोनों हमारे बड़े बाथरूम में आ गए। सविता का हाथ मेरी पुस्सी पर मेरा सविता के। ऊपर से शावर चल रहा था।
हमारी उंगलियाँ एक दूसरे के पुस्सी के बॉटम तक खेल रही थीं। मीनाक्षी, क्या दिनेशजी ने तुम्हें ऐसहोल में कभी फक किया है, सविता ने पूछा। “हाँ कई बार.. तकलीफ होती है मगर मजा भी आता है” मैंने कहा। चलो आज मुझे दिनेश समझो घोड़ी बन जाओ। सविता ने कहा। ठीक है मैंने अपनी पैर की उंगलियाँ अपने हाथों से पकड़ ली।
अब सविता ने जो किया वो अनबिलीवेबल था उसने रबर का एक डिल्डो निकाला उसे आधा अपने पुस्सी में डाल लिया और आधे को साबुन लगाकर मेरे ऐस में घुसेड़ दिया। साबुन की वजह से वो एक झटके से अंदर चला गया अब सविता आगे पीछे होने लगी अपने दोनों हाथों से उसने मेरी कमर पकड़ रखी थी।
वो बहुत देर तक खेलती रही। मैं भी मजा ले रही थी। आखिर थक कर उसने डिल्डो निकाल कर वो पीठ के बल पर लेटी और मुझे ऊपर आने को कहा अब मैंने आधा डिल्डो अपने पुस्सी में डालकर हिलना शुरू किया। ओऊ वाउव्व क्या मजा आ रहा था। हमारे होंठों ने एक दूसरे को बंध कर रखा था।
आखिर थक कर हम अलग हुए। सविता, एक बात पूछूँ?.. मैंने कहा। रात की बेड की बात तो मैं समझ सकती हूँ मगर ये बाथरूम में डिल्डो कहाँ से आया?.. हाहाहाहाहा सविता ने हँस दिया। मैं समझ गई सविता ने सोच-समझ कर सब मैनेज किया था। आगे तीन रात तक हम दोनों ने बेड पर क्या नहीं किया ये पूछिए…
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तीसरी रात मैंने सविता से एक बात कह ही दी ” सविता तुम्हारे पति तो कल आ रहे हैं, दिनेश तो और 18 दिन नहीं मैं क्या करूँगी.?….. क्यों मैं हूँ ना? मैं तुम्हें खुश रखूँगी। सविता ने जवाब दिया। मगर तुम्हारे पति?????. तुम कहो तो उनको भी लाऊँ क्या यहीं? सविता ने हँसते हुए कहा। मैं चमक गई। सविता ने शायद मजाक में कहा मगर मैं सोच में डूब गई.. फिर सविता अपने घर चली गई.
अगले दिन डोरबेल बजी डिंग डोंग … डिंग डोंग.. डोर बेल से मेरी आँख खुली। घड़ी की तरफ देखा बज गए थे। “आती हूँ” मैंने दरवाजा खोला। सामने सविता खड़ी थी। “कहो, आज इतने जल्दी ही मूड बन गया” मैंने हँसते पूछा। “नहीं, प्रमोद आया है एयरपोर्ट से डायरेक्ट ऑफिस में ही पहुँच। सविता बोली, यही बताने आई थी आज इंतजार मत करना।”
अरे अंदर तो आओ सविता, गए तीन दिनों में तुमने मुझे वो सुख दिया है जो मैं जिंदगी भर नहीं भूल पाऊँगी अब एक एहसान कर दो प्लीज। मैंने कहा। “क्या” सविता ने सहज पूछा। दिनेश तो और 18 दिन नहीं आने वाला अगर तुम्हें एतराज न हो तो प्रमोद को कहो ना मुझे ठंडा करे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सविता सोच में डूब गई। कुछ सोचकर वो बोली “ओके मैं बात करूँगी मगर मैं उसे अकेले तेरे पास नहीं आने दूँगी। “मीन्स” उस वक्त मैं भी साथ रहूँगी। बोलो तैयार हो। हाँ चलेगा, मैं कुछ भी शर्त मानने को तैयार थी। ठीक है मैं 7 तो 8 के दरमियान फोन करूँगी।
सविता ने कहा और अचानक मेरे दोनों कंधों पर हाथ रखकर अपने होंठों से एक लंबा किस किया। चलो मैं चलती हूँ। अभी खाना भी तैयार करना है, सविता निकल गई। 7 से मैं फोन की तरफ देख रही थी। टाइम बिल्कुल नहीं कट रहा था। आखिर 8 बजे बेल बजी, फोन सविता का ही था “कहो” मैं मर ही जा रही हूँ।
मीनाक्षी, प्रमोद से मैं डायरेक्ट तो नहीं पूछा मगर एक प्लान बनाया और वो भी मान गया। “क्या जल्दी बोलो” मैंने पूछा। मीनाक्षी अभी वो ड्रिंक्स लाने शॉप गया है मैंने उसे कहा है कि खाने के बहाने तुम्हें बुलाएँगे और खूब पिलाकर तुमपर जबरदस्ती से करेंगे, वो भी मान गया है अब तुम्हें याद रखना है कि। नो प्यार, तुम्हें झूठा क्यों न हो हमें इनकार करना है, आज ये भी एन्जॉय कर लो और हाँ चिल्लाना मत नहीं तो पूरा मोहल्ला इकट्ठा कर लोगी।
नहीं नहीं सविता नहीं चिल्लाऊँगी, थैंक्स मैंने एक आँख माँगी थी तुमने दो दी मैं डेफिनेटली 100% इनकार का नाटक करूँगी। वैसे भी रोज रोज के सेक्स विद लव के सिचुएशन से मैं भी ऊब चुकी थी। चलो आज जबरदस्ती भी एन्जॉय करेंगे बाय मैं कितने बजे पहुँचूँ मैं फोन करूँगी बाय।
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“आओ मीनाक्षी भाभी सविता कह रही थी दिनेश जी महीने भर के लिए गुड़गाँव गए हैं” प्रमोद ने जैसे ही मैंने कदम रखा पूछा।
हाँ, क्या करे नौकरी है इनकार भी नहीं कर सके, मैंने कहा।
अरे मीनाक्षी आओ ना चलो खाना खा लेते हैं।, सविता ने हॉल में आते पूछा।
“सविता ४ दिन से टूर पर हूँ थक चुका हूँ तुम दोनों का एतराज न हो तो दो व्हिस्की के पैग लेना चाहूँगा, प्रमोद ने सविता की तरफ देखकर पूछा।
“लीजिए ना उसमें क्या एतराज”, सविता ने कुछ कहने के पहले ही मैं बोल गई।
सविता ने व्हिस्की की पूरी बॉटल ही लाई साथ में 3 ग्लास थे। दो बड़ी कोकाकोला की 2 लीटर वाली कोल्ड ड्रिंक्स की बॉटल थी। मैं साथ कुछ खाने के लिए लाती हूँ कहकर सविता किचन में चली गई।
“मीनाक्षी भाभी आप ने कभी ड्रिंक्स ली है? प्रमोद।
हाँ दिनेश के साथ कभी-कभार लेती हूँ, मैंने कहा।
“अरे वाह चलो आज आपको कंपनी हो गई” कुछ स्नैक्स लेकर अंदर आते सविता ने कहा।
मगर मेरी एक शर्त है, मैंने कहा।
“बोलो” सविता ने इनोसेंटली कहा।
आज तुझे भी लेनी पड़ेगी, मेरी बातें सुनकर सविता ने मुस्कुरा दिया। ठीक है प्रमोद बनाओ तीनों ग्लास, हाँ साथ में मुझे और मीनाक्षी को कोका कोला डालना, सविता ने कहा। प्रमोद ने ग्लास भर दिए टीवी की तरफ देखकर हमारा पीना शुरू हुआ मेरी नजर नहीं ये देखकर प्रमोद सविता को कुछ इशारे कर रहा था। बीच में ही उसके बूब दबा रहा था।
10 बजे तक हम तीनों ने पूरी बॉटल खत्म कर दी थी। मैं समझ रही थी कि मेरी नजर इधर-उधर हटाते ही प्रमोद मेरे ग्लास में थोड़ी व्हिस्की डाल देता था। दो बजे हम खाना खाने किचन गए। मैं साड़ी में थी। सविता नाइटी में और प्रमोद लुंगी और टी-शर्ट पहने था। मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“सविता, मुझे फ्लैट तक छोड़ देना नहीं तो बीच में ही गिर पड़ूँगी, मैं। हाथ धोते मैंने कहा।
नहीं नहीं मीनाक्षी आज यहीं सो जाना सुबह जल्दी निकल जाना। सविता ने प्रमोद को आँख मारकर मुझे कहा।
ओके मैं हॉल में सोती हूँ, मेरे पैर लड़खड़ा रहे थे।
अरे नहीं मीनाक्षी भाभी हमारा बेड बहुत बड़ा है तीनों भी बेडरूम में ही सो सकते हैं क्यों सविता? प्रमोद ने सविता की तरफ देखकर कहा।
हाँ हाँ क्यों नहीं हम तीनों बेडरूम में आ गए।
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सविता ने बेडरूम बंद कर लिया लाइट ऑफ करके डिम लाइट ऑन किया। (मैं नशे में थी मगर मन ही मन में जबरदस्ती का इंतजार कर रही थी) एक कोने में प्रमोद था बीच में सविता एक साइड में मैं थी मैं अभी बाथरूम से आया कहकर प्रमोद बाथरूम में गया सविता और मैं एक दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे थे। ओह गॉड… प्रमोद जब बाथरूम से निकला पूरा न्यूड था। मैंने आँखें बंद कर दी। और इंतजार करने लगी। अचानक मैंने अपने बदन पर वजन महसूस किया। मैंने आँखें खोली।
“प्रमोद मैं सविता नहीं मीनाक्षी हूँ हटाइए….”
हा हा पता है “आज तुम ही बनो सविता” मेरे साड़ी का पल्लू खींचते हुए वो गुर्राया।
“नहीं ये गलत है छोड़ दो मुझे।” मैंने साड़ी का पल्लू अपनी ओर खींचते कहा सविता ओह सविता ये देखो प्लीज बचाओ मुझे।
ओह मीनाक्षी, सोने दो मुझे कहकर सविता ने अपना मुँह दीवार की तरफ कर लिया।
“प्रमोद जी देखो मुझे जाने दो नहीं तो मैं चिल्ला-चिल्ला कर पूरा मोहल्ला जगा दूँगी।”
“हाहाहाहा अह्हाह्ह हँसते हुए प्रमोद बोला मीनाक्षी रानी तुम्हारी आवाज मोहल्ले तक क्या हॉल में भी नहीं जा सकती ये एसी बेडरूम पूरा साउंडप्रूफ है.”
सविता सविता बचाओ मुझे।
अब प्रमोद ने मेरी साड़ी खींचना शुरू किया था। पूरी साड़ी बदन से हटाते ही मेरे बूब ओपन हो गए ब्लाउज के ऊपर से भी 38-39” के बूब देखकर प्रमोद पागल सा हो गया उसने मुझे पीठ के बल पर गिराया, दोनों हाथों से मेरे दोनों हाथ पकड़ कर ब्लाउज के ऊपर से ही बूब चूसने लगा।
(मुझे मजा आ रहा था) सविता सविता बचाओ बचाओ। मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगी अब सविता की बारी थी वो उठी क्या चिल्ला रही है क्या कभी फक नहीं किया चुप। “सविता तुम ही इसका मुँह बंद करो कोई कपड़ा ठूँसकर, “प्रमोद बोला.. कपड़ा क्यों मैं हूँ ना अभी मुँह बंद कराती हूँ कहकर सविता ने मेरे दोनों होंठ अपने होंठों से बंद कर दिए।
अब प्रमोद भी ताव में आ गया। जोर-जोर से मेरे बूब को चूसने लगा अचानक किस करती सविता बोली, अरे ये क्या ब्लाउज क्यों गीला कर रहे हो फाड़ दो इसे। प्रमोद भी ताव में आ गया वो मेरे पर घोड़े की तरह सवार था। पूरा नंगा। दोनों हाथों से खींच कर उसने ब्लाउज को फाड़ दिया।
वाह्ह्ह। सविता आज तेरी सहेली ने तो मेरा काम आसान कर दिया, प्रमोद ने कहा। “कैसे” सविता ने मेरे मुँह से अपना मुँह निकालकर पूछा। अरे ब्रा नहीं पहनी है इसने अब पूरे नंगे बूब को वो चूसने लगा। मैं उछल रही थी जी तोड़ कर इनकार कर रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
“सविता तू चूसेगी बूब” प्रमोद.. हा हा क्यों नहीं जैसे ही प्रमोद ने मुँह हटाया सविता ने चूसना शुरू किया प्रमोद ने मेरा पेटीकोट खींचा और पैंटी फेंक दी नंगा कर दिया। “वाह” मेरी हेयरी पुस्सी को देखकर उसके मुँह से वर्ड निकल गए। मेरा मुँह अब खुला हो गया था सविता बूब चूस रही थी।
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प्रमोद ने अपना मुँह मेरे दोनों थाई के बीच घुसा दिया था। मैं वापस चिल्लाई नहीं नहीं सविता, प्रमोद ये तुम अच्छा नहीं कर रहे हो। आह्ह्ह्ह्ह मर गई रे प्रमोद की टंग ने मेरी पुस्सी के बॉटम को छू लिया था। नहीं नहीं हे भगवान मर गई रे। सविता इसका मुँह बंद करो पहले प्रमोद ने कहा “ओके डार्लिंग अब सविता ने अपनी नाइटी निकाल फेंकी अंदर कुछ नहीं था।
दोनों हाथ प्रमोद ने पकड़ रखे थे सविता मेरे मुँह पर बैठ गई और अपनी पुस्सी मेरे मुँह में घुसेड़ दी। अब उसके दोनों हाथ मेरे बूब दबा रहे थे। ओह गॉड मेरे आँखों के सामने अंधेरा छा गया पुस्सी मुँह में थी हिप ने पूरा चेहरा ढक दिया था। अब चिल्ला भी नहीं सकती थी नीचे प्रमोद जोर-जोर से पुस्सी चाट रहा था।
बीच में टंग के साथ-साथ एक-दो उंगलियाँ भी घुसेड़ देता था। अब मैं भी गरम हो रही थी। आआआ मर गई रे मैं चिल्लाई क्या हुआ। सविता ने प्रमोद से पूछा .. कुछ नहीं उंगली ऐस में डीप डाल दी थी तेरे मीनाक्षी के…. ऐस में क्या बोलता गाँड में बोल” अब सविता गंदी बातें करने के मूड में आ गई (मुझे गाँड वर्ड अच्छे नहीं लगते) “सविता हाँ गाँड में” प्रमोद भी हँसता हुआ बोला।
“अब चूत कितनी चूसेगा अब साली को चोदना शुरू कर दे तू भी चार दिन का भूखा है” सविता बोली। हाँ क्यों नहीं अपना मुँह हटा के प्रमोद बाजू हुआ। आज रंडी को ऊपर लूँगा तू अब मुँह से उठ, प्रमोद मीनाक्षी, साली रंडी मेरा पानी निगल मत जा प्रमोद तो भी उसका टेस्ट करना है, सविता वो उठ गई।
अब प्रमोद पीठ के बल पर लेटा और बोला चल रांड डाल सविता का पानी मेरे मुँह में, और मुझे अपने शरीर पर खींच लिया। मैं कुछ कहने के पहले ही मेरे बाल खींचकर उसने मेरा मुँह अपने मुँह में ले लिया और सविता के पुस्सी जूस से भरा मेरा मुँह चूसने लगा। अब मेरी पुस्सी पर उसके 8” रॉड का स्पर्श मैं महसूस कर रही थी।
बाल खींचने की वजह से हिल भी नहीं पा रही थी। सविता बाथरूम में चली गई। जब वो आई तो मैं हैरान हो गई हाथ में बड़ा डिल्डो था 14” लंबा। जो हमने तीन दिन पहले बाथरूम में इस्तेमाल किया था। सविता अब नीचे आ गई और अपने दोनों हाथों से उसने मेरे थाई को ऊपर किया और प्रमोद का कॉक चूसने लगी।
कॉक चूसते समय उसकी उंगलियाँ मेरी पुस्सी में घुस रही थीं अचानक प्रमोद का कॉक उसने अपने मुँह से निकालकर मेरी पुस्सी में घुसेड़ दिया। नहींईईई मैं जोर से चिल्लाई। वो 8” लंबा कॉक एक ही झटके में मेरी पुस्सी बॉटम को टच कर गया। मेरे आँख में पानी आ गया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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अब प्रमोद ने कहा, “रंडी अब तू धीरे-धीरे उछल और मुझे फक कर। नहीं मैं नहीं करूँगी, मैं चिल्लाई। नहीं…. उसने मेरे बाल जोरों से खींचे। नहीं सविता साली के गाँड पर दो लगा दे कस के। सविता ने भी मेरे हिप पर दो चाटे कस के मारे। आहा मैं दर्द से चिल्लाई। अब सविता ने हाथ पर एक कैन ली और मेरे हिप को मारना शुरू किया।
“नहीं छोड़ेगी तू तेरा बाप भी छोड़ेगा” वो मारते हुए बोली। मैं दर्द के मारे कराह कर बोली सविता मत मार मत मार मैं वही करूँगी जो तुम चाहोगे। अब मैं उछलने लगी। जैसे ही ऊपर होती कॉक 4-5 इंच बाहर आता नीचे होती वापस अंदर जाता। अब सविता को भी क्या सूझी वो मेरे सामने आकर खड़ी हो गई दोनों पैर प्रमोद के बॉडी के दोनों तरफ थे पीठ प्रमोद के मुँह की तरफ थी।
रंडी, चल पुस्सी चूस मेरी। उसने मेरे दोनों हाथ अपने कंधों पर लिए और मुँह अपने पुस्सी में घुसेड़ लिया। मैं उछल रही थी पुस्सी चूस रही थी प्रमोद और सविता गंदे-गंदे वर्ड इस्तेमाल कर रहे थे, रांड खा जा पुस्सी सविता की, आज तो तेरी चूत को ना बुलंद दरवाजा बनाया तो नाम प्रमोद नहीं।
प्रमोद ने अब अपनी एक उंगली सविता के ऐस पर रखी और एक मेरे। जैसे ही मैं उछलती उंगली आधी ऐस में घुस जाती। और सविता के ऐस में तो उसने दो उंगलियाँ पूरी घुसा दी थीं। मैं परेशान थी कि प्रमोद गुल क्यों नहीं रहा। 15 मिनट पंपिंग के बाद भी उसका कॉक थोड़ा भी ढीला नहीं हुआ था।
मैं थक गई। सविता प्लीज मुझे थोड़ा आराम करने दो। सविता भी मेरा दर्द समझ गई उसने अपनी पुस्सी मेरे मुँह से निकाला और बाजू हो गई। मगर मेरे मुंह से भरी पुस्सी उसने प्रमोद के मुँह पर रख दी। प्रमोद भी बड़े चाव से उसे चाटने लगा अब मेरा उछलना बंद हुआ था।
अपनी पुस्सी प्रमोद के मुँह में देकर सविता मेरे मुँह को चूस रही थी। करीबन दस मिनट तक ये सक गेम चला। सविता अब बहुत हुआ। ये रंडी को अब फाड़ देंगे, प्रमोद के वर्ड सुनते ही मैं घबरा गई। सविता बाजू हुई। प्रमोद ने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह अपने मुँह में घुसा लिया। वो चूसने लगा।
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अब वो धीरे-धीरे उछलने लगा। अचानक मैंने पीछे कुछ महसूस किया वो सविता थी। वो डिल्डो को ऑयल लगा रही थी। मैंने सोचा शायद वो भी गरम हो गई है हो सकता है अपनी ही पुस्सी में डिल्डो डाल लेगी उसने किया भी ऐसे ही। अपने पुस्सी में आधा डिल्डो डाल कर आधा पार्ट पकड़ कर वो खड़े-खड़े हिल रही थी।
सविता, मैं थक चुकी हूँ क्यों वो खेल रही है प्रमोद का ही कॉक डाल ले ना मुझ पर मेहरबानी होगी। रंडी तू अपना काम कर मुझे सिखाती है कहकर उसने एक चाटा मेरे हिप पर मारा मैं चिल्लाई आह्ह्ह्ह। रंडी ये मेरे लिए नहीं तेरी गाँड फाड़ने के लिए है.. ऐसा कहते सविता ने आधा डिल्डो मेरे ऐस में एक झटके में घुसा दिया।
अब मैं चीख पड़ी मेरा ऐसहोल और पुस्सी दोनों भी एंगेज हो गए थे। अब दोनों ने फकिंग शुरू किया। जैसे सविता जोर लगाती प्रमोद का कॉक डीप घुस जाता जैसे प्रमोद उछलता डिल्डो डीप चला जाता। सिर्फ व्हिस्की की नशा थी इसलिए मैं सह पा रही थी। सविता फाड़ दे साली की गाँड।
प्रमोद बोला हाँ डार्लिंग तू भी बना दे साली की चूत का भोसड़ा। आह्ह ओउच उओउच ओउच ईई मैं मर रही थी। दोनों जोर-जोर से धक्के मार रहे थे आखिर में मैं निढाल हो गई। सविता ने धीरे से डिल्डो निकाला। वो बाजू हो गई अब पलटी मार कर प्रमोद ने भी मुझे नीचे किया और वो मुझे फक करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
पाँच मिनट के बाद ही वो खाली हो गया। मैं भी पता नहीं साथ में अपना भी पानी छोड़ गई। वो बाजू हो गया पीठ के बल पर गिरकर छत की तरफ देखने लगा मैं दोनों टांगें फैलाकर ऊपर का फैन देख हाँफ रही थी। मुझे महसूस हुआ कि अब प्रमोद और मेरा जूस मिक्सचर अब मेरी पुस्सी के बाहर आने वाला है.
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तभी सविता झपटी उसने अपना मुँह मेरी पुस्सी को लगा दिया और सारा कम मिक्सचर अपने मुँह में लेकर निगल लिया। अब वो अपना मुँह मेरी पुस्सी से हटाने के लिए तैयार नहीं थी। मुँह से चाटती बीच-बीच में अपना भरा मुँह मेरे मुँह में भी खाली कर देती। प्रमोद तो थक कर नंगा ही सो गया और खर्राटे भरने लगा। पता नहीं मुझे कब नींद लग गई। लेकिन नींद आने तक मुझे याद है सविता जोर-जोर से मेरी पुस्सी चूस रही थी। सुबह आठ बजे जब मैं जागी तब देखा कि प्रमोद और सविता बाथरूम में नहा रहे हैं।
साथ-साथ एक दूसरे में समा गए हैं। सविता कह रही थी “मीनाक्षी को चोदते-चोदते मुझे भूखा सुला दिया डार्लिंग मुझे जोर से चोदो मेरा भी पुस्सी को बना दो बुलंद दरवाजा” ये बात तो सही थी मेरी वजह से बिछड़ी तीन रातों के बाद भी प्रमोद से फक नहीं करवा सकी थी। मैंने भी सोचा अब मुझे उसके सुख में बाधा नहीं बनना चाहिए। मैंने सविता की नाइटी पहन ली, और बाहर से कहा थैंक यू सविता थैंक यू प्रमोद रात मिलते हैं बाय, कहकर कुछ कहे बिना मैं अपने फ्लैट की तरफ भाग खड़ी हुई। लैच की वजह से दरवाजा अपने आप बंद हो गया।
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