Father Friend Fuck Mom
मैं एक बीस साल का, छोटे परिवार से बिलोंग करने वाला लड़का हूँ। मेरे घर में मेरे मॉम और डैड के अलावा और कोई नहीं है। मेरे डैड अक्सर बाहर रहते हैं। ये उन दिनों की कहानी है जब मैं अपने एग्जाम की तैयारी कर रहा था। दिनों की तरह उस दिन भी मेरे और मॉम के अलावा घर में और कोई नहीं था। Father Friend Fuck Mom
शाम को जब मैं अपने दोस्त के यहाँ जाने लगा तो मैंने मॉम से कहा कि मैं अब अगले दिन ही आऊँगा। लेकिन जब मैं अपने दोस्त के यहाँ पहुँचा तो उसने मुझे बताया कि उसके यहाँ सुबह से ही लाइट नहीं है। इसके चलते मुझे वापस अपने घर आना पड़ा। मैं जब अपने फ्लैट पर पहुँचा तो उस समय दस बज रहे थे।
मैंने देखा कि फ्लैट की लगभग सारी लाइट्स ऑफ थीं। मैंने सोचा कि मॉम शायद सो रही होंगी, इसलिए मैंने उन्हें जगाना उचित नहीं समझा। मैंने अपने पास पड़ी एक एक्स्ट्रा चाबी से गेट खोलकर अंदर आया। तो बरामदे में जो कुछ भी देखा, उसे देखकर समझ गया कि फ्लैट में मॉम के अलावा और भी कोई है।
मैंने देखा कि बरामदे में एक टेबल और दो कुर्सियाँ पड़ी हुई थीं। टेबल पर एक बैग पड़ा हुआ था। बैग को जब मैंने ध्यान से देखा तो समझ गया कि वो कोई और नहीं, मेरे डैड के दोस्त अजय हैं। मैं अब धीरे-धीरे कमरे की तरफ बढ़ा तो मेरा शक यकीन में बदल गया।
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मैं जब अंदर गया तो देखा कि मॉम की वो साड़ी, जिसे उन्होंने शाम में पहना था, वो फर्श पर गिरी हुई थी। मैं अब समझ गया था कि कुछ हो रहा था। मैं जब मॉम के रूम की तरफ गया तो देखा कि मॉम के रूम का गेट अंदर से लॉक था और मैंने अंदर से मॉम की कुछ अजीब सी आवाज़ें सुनाई दे रही थीं।
जब मैंने रूम के दरवाजे के होल से देखा तो मैं तो जैसे बिल्कुल ही अजीब सा हो गया। मैंने देखा कि अजय ने मॉम को अपने बाजुओं में कस रखा था और मॉम को दीवार में सटा के उन्हें पूरी तरह से अपनी बाहों में जकड़ रखा था। वो मॉम को दीवार की तरफ धक्का मार रहे थे।
वो मॉम को किस करना चाहते थे, लेकिन मॉम अपने चेहरे को उनके चेहरे से दूर ले जाने की हर कोशिश कर रही थीं। मैंने सोचा कि मैं चिल्लाऊँ, लेकिन मेरे मुँह से तो जैसे आवाज़ ही नहीं निकल रही थी। उस वक्त मॉम सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में थीं।
जब मैंने मॉम की चुचियों को देखा तो मैं उनके ब्रा से बाहर आने का इंतजार करने लगा। मैं इस फिक्र में था कि कब अजय उन्हें बाहर निकालते हैं। मॉम उनके बंधन से छूटना चाहती थीं, लेकिन अजय की ऐसी पकड़ थी कि मॉम की हर कोशिश उनके आगे नाकाम हो रही थी। वो उनसे हटने के लिए बोलने लगीं।
वो बोलीं, “अजय प्लीज, ये मेरे साथ ऐसा मत कीजिए। मैं शादीशुदा हूँ। मैं एक बच्चे की माँ भी हूँ। ये गलत है।”
लेकिन उनको देखकर लगता था कि अजय के ऊपर उनकी इस बात का जैसे कोई भी असर ही नहीं था। वो मॉम को छोड़कर जाने देने के मूड में बिल्कुल भी नहीं थे।
उन्होंने कहा, “तुम जो कह रही हो वो सब कुछ सही है, लेकिन इसमें कोई गलत नहीं है। देखो, सबसे पहले तुम एक औरत हो, एक घर की औरत जिसे एक आदमी द्वारा प्यार किया जाना चाहिए।”
ऐसा कहते हुए उन्होंने मॉम के साड़ी की नाड़ी को खोल दिया और साड़ी सरककर जमीन पर जा गिरी। अब मॉम उनके सामने लगभग नंगी हो गई थीं। अब मॉम सिर्फ एक ब्रा में उनके सामने थीं। अंकल ने अपने एक हाथ को मॉम की गांड पर रखते हुए मॉम की गांड को जोर से दबाया।
अब उन्होंने अपने दोनों हाथों से पैंटी को दोनों तरफ से पकड़कर जोर से नीचे की तरफ उतार दिया। अब मॉम की गांड पूरी तरह से दिखने लगी। मॉम की पीठ दरवाजे की तरफ थी, जिसके चलते मॉम के पीछे की सारी चीजें मैं आराम से देख सकता था।
उन्होंने मॉम की गांड पर अपने लंड को रखकर जोर-जोर से कमर को हिला रहे थे और इस तरह से वो मॉम को गरम करने की कोशिश कर रहे थे। मॉम उनके हर समय विरोध कर रही थीं, लेकिन कुछ समय के बाद मैंने देखा कि मॉम कुछ देर के बाद शांत पड़ने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब मैंने देखा कि अंकल ने जब देखा कि मॉम का विरोध धीरे-धीरे कम होने लगा तो उन्होंने अब अपने एक हाथ को मॉम के ब्रा पर रखा और उसे खोल दिया। मॉम धीमे-धीमे आवाज़ में उनका विरोध कर रही थीं और एक अजीब सी आवाज़ के साथ आहें भर रही थीं। लेकिन वो पूरी तरह से उनके कंट्रोल में थे।
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अब मैंने देखा कि उन्होंने मॉम को दूसरे तरफ घुमा दिया और मॉम की बूब्स को पीछे से दबाने लगे। जब मॉम की नजर अंकल के लंड पर पड़ी तो मॉम बोलीं, “अरे बाप रे! मैंने तो इतना बड़ा डंडा अपने पूरे जीवन में नहीं देखा।”
अब मैंने देखा कि अजय ने जब मॉम की बूब्स को देखा तो वो तो जैसे पागल सा हो गए। वो मॉम के मीडियम साइज के बूब्स, जिनके निप्पल बिल्कुल ब्राउन कलर के थे, को जोर-जोर से दबाने लगे। अब वो मॉम के दोनों बूब्स को इस कदर दबा रहे थे कि मॉम दर्द के मारे जोर-जोर से आहें भर रही थीं।
अब मॉम उनके इस तरह करने पर धीरे-धीरे उनका विरोध करना बंद कर दिया। अब मैंने देखा कि अंकल ने मॉम को अपने बाहों में उठाकर बेड पर ले गए और फिर से मॉम के दोनों चुचियों को धीरे-धीरे दबाने लगे। कुछ समय के बाद जब मैंने ध्यान से देखा तो मेरा मन भी अजीब सा होने लगा।
अब मैंने देखा कि अंकल ने मॉम के ब्रा और पैंटी को पूरी तरह से निकालकर अलग रख दिया और मॉम के ऊपर चढ़कर बैठ गए। इसके बाद जब अंकल ने अपने कपड़े उतारना शुरू किया तो कुछ देर में ही उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। जब उन्होंने अपना अंडरवीयर उतारा तो उनका लंड इस तरह से बाहर निकला जैसे कोई दबे हुए स्प्रिंग को छोड़ने पर जम्प करता है।
जब मॉम ने अजय के डंडे को देखा तो वो तो जैसे चौंक ही गईं। वो बोलीं, “बाप रे! इतना बड़ा!”
इतना सुनकर अजय बोले, “क्या बात है जानू? क्या तुमने इतना बड़ा डंडा नहीं देखा है?”
तो मॉम बोलीं, “नहीं।”
तब वो बोले, “क्या उसका भी इतना बड़ा नहीं है?”
तो मॉम बोलीं, “नहीं बाप रे!”
तब अंकल ने पूछा, “क्या उसका डंडा इतना बड़ा नहीं है?”
तो मॉम बोलीं, “नहीं।”
तब अंकल ने अपने लंड को मॉम की जाँघ पर रगड़ते हुए बोला, “कितना बड़ा है उसका डंडा?”
मॉम ने अपने चेहरे को दूर हटाते हुए जोर से साँस खींची।
तबही अंकल ने दोबारा पूछा, “बताओ तो, कितना बड़ा है उसका डंडा?”
तब मॉम ने बताया, “आपके जितना बड़ा नहीं है। आपके डंडे से बिल्कुल आधा है।”
इतना सुनकर अजय पूरे जोश में आ गए और अपने डंडे को अंदर घुसाने की कोशिश करने लगे। तो मॉम पूरी तरह से घबरा गईं और अपने पैरों को पूरा टाइट कर लिया और अजय से बोलीं, “ओह नो प्लीज अजय! मेरे साथ ऐसा मत कीजिए। आपका डंडा बहुत ही बड़ा है और बहुत ही दर्द करेगा।”
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तबही मॉम जोर से चिल्लाईं। तो अजय बोले, “रानी, कम ऑन डियर! घबराओ नहीं, आज रात के लिए मेरी दुल्हन बन जाओ।”
अब मॉम के पास विरोध करने की शक्ति नहीं रह गई थी। अजय ने आराम से मॉम की जाँघों को फैला दिया और अपने लंड को मॉम की गांड के होल का रास्ता दिखाया और एक जोर से झटके के साथ जब अपनी कमर को हिलाया तो मॉम जोर से चिल्ला उठीं, “बहुत दर्द कर रहा है!”
लेकिन अजय को देखकर लग रहा था कि उन्हें मॉम की ये बात सुनाई नहीं दे रही थी। मैंने जब ध्यान से देखा तो पाया कि अजय का डंडा मॉम की दोनों जाँघों के बीच में कहीं खो गया था। मॉम अब जोर-जोर से आहें भर रही थीं। अब अजय धीरे-धीरे अपनी कमर को आगे-पीछे हिलाने लगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और मॉम उनके हर एक झटके के साथ जोर-जोर से आहें भर रही थीं। मॉम की मध्यम साइज की चुचियाँ उनके हर एक झटके के साथ हिल रही थीं। कुछ देर के बाद जब मैंने देखा कि अजय मॉम की गांड में अपने डंडे को थोड़ा और अंदर ले गए तो और जोर-जोर से झटके मारने लगे और मॉम एक तरफ दर्द और दूसरी तरफ आनंद के मारे अजीब सी आवाज़ के साथ आहें भर रही थीं।
अब मैंने देखा कि मॉम को जब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया तो मॉम ने अजय से कहा कि थोड़ा धीरे-धीरे झटका लगाएँ, लेकिन वो उनके हर एक आह के साथ जोर-जोर से झटका लगा रहे थे। मॉम के इस तरह के सीन को देखकर मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था।
कुछ देर के बाद मैंने ऐसा देखा और महसूस किया कि अब अजय भी अपने पीक पॉइंट पर थे। तो मॉम ने उनसे लंड को निकालने के लिए बोला, लेकिन अजय ने उनकी एक न सुनी और जोर-जोर से झटके मारना जारी रखा। लगभग पंद्रह मिनट तक इसी तरह से जंग लड़ाने के बाद जब अजय और मॉम दोनों लोग शांत पड़ गए तो मैं समझ गया कि अजय अब मॉम के अंदर अपना टैंक खाली कर चुके थे।
अब मॉम बेड पर गिर पड़ीं और अजय उनके ऊपर थे। कुछ देर के बाद अजय मॉम के ऊपर से हट गए। मॉम वैसी ही लेटी रहीं। अजय अब बाथरूम में चले गए। कुछ देर के बाद जब अजय वापस मॉम के पास आए तो मॉम को फ्रेश होने के लिए बोले।
मॉम वैसी ही लेटी रहीं तो अजय ने मॉम को अपने दोनों बाहों में उठाकर बाथरूम में ले गए। मैं धीरे-धीरे बाथरूम के रोशनदान के पास खड़ा हो गया और अंदर देखा तो पाया कि अजय ने मॉम को बैठा दिया। मॉम ने पेशाब किया। अब अजय ने मग में पानी लेकर मॉम की चूत पर पानी के छींटे मारकर धोया।
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इसके बाद मॉम को उठाकर फिर से बेड पर लेटा दिया। अब मॉम ने पूछा, “अब क्या?”
तो अजय ने बोला, “अभी तो असली काम तो बाकी है रानी।”
अब अजय ने मॉम के दोनों पैरों को थोड़ा सा फैला दिया और मॉम की चूत को कुछ देर तक देखते रहे। जब अजय मॉम की चूत को देख रहे थे, उसी समय वो अपने लंड को एक हाथ से सहला रहे थे।
मॉम ने उनके लंड को देखकर बोली, “अजय, अब रहने दीजिए, मैं बहुत थक चुकी हूँ।”
लेकिन अजय ने तो जैसे मॉम को चोदने का पूरा सोच रखा था। उन्होंने मॉम की चूत पर अपने लंड को सटाया और जोर से झटके के साथ अपनी कमर को हिलाया तो मॉम जैसे चिल्ला उठीं। अजय ने मॉम की चूत पर अपना मोटा लंड रखा और जोरदार झटके के साथ अपनी कमर हिलाई।
मॉम जैसे चिल्ला उठीं — “आआह्ह्ह्… अजय! धीरे… बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह्!”
लेकिन अजय रुकने वाले नहीं थे। उन्होंने मॉम की दोनों जाँघों को और फैला दिया और अपना भारी-भरकम लंड धीरे-धीरे मॉम की चूत में अंदर डालने लगे। मॉम की आँखें फट गईं। उनका मुँह खुला रह गया और वो लगातार जोर-जोर से आहें भर रही थीं — “उफ्फ… आह्ह्… ओह्ह् माई गॉड… इतना बड़ा… आह्ह्ह्!”
अजय ने लगभग आधा लंड अंदर डाल दिया था। मॉम के हाथ बिस्तर की चादर को जोर से पकड़ रहे थे। उनके नाखून चादर में गड़ रहे थे। अजय ने एक और जोरदार झटका लगाया और इस बार अपना पूरा मोटा लंड मॉम की चूत के अंदर घुसा दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मॉम जोर से चीख उठीं — “आआआह्ह्ह्… अजय… बस… निकालो… बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह्!”
पर अजय ने मॉम को पूरी तरह अपने नीचे दबा रखा था। उन्होंने मॉम की दोनों चुचियों को अपने बड़े-बड़े हाथों से पकड़ लिया और उन्हें जोर-जोर से मसलने लगे। साथ ही अपनी कमर को धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगे। धीरे-धीरे मॉम के दर्द भरी चीखें अब आहों में बदलने लगीं। उनके शरीर का विरोध कम होने लगा था।
अजय अब तेज़ी से जटके लगाने लगे। हर झटके के साथ मॉम की मध्यम साइज की चुचियाँ ऊपर-नीचे जोर से हिल रही थीं। कमरे में “चप… चप… चप… चप…” की आवाज़ गूँजने लगी थी। मॉम अब पूरी तरह से मस्ती में आने लगी थीं। उनके मुँह से अब सिर्फ आहें और हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकल रही थीं — “आह्ह्… अजय… आह्ह्… धीरे… आह्ह्… हाँ… आह्ह्!”
अजय ने मॉम की एक टाँग को अपने कंधे पर रख लिया और इस नई पोजीशन में और भी गहरे और तेज़ झटके लगाने लगे। मॉम की आँखें अब आनंद से बंद हो गई थीं। उनके हाथ अब अजय की पीठ पर थे और वो अजय की पीठ को नाखूनों से खरोंच रही थीं।
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कुछ देर बाद अजय ने मॉम को पलट दिया। अब मॉम कुत्ते की तरह चारों हाथ-पैरों पर थीं। अजय ने उनके पीछे से मॉम की गांड को दोनों हाथों से पकड़ा और फिर से अपना मोटा लंड उनकी चूत में घुसा दिया। इस बार एक ही झटके में पूरा लंड अंदर चला गया।
मॉम ने सिर पीछे की तरफ झुकाकर जोर से आह भरी — “आआह्ह्ह्… अजय… बहुत गहरा जा रहा है… आह्ह्… हाँ… आह्ह्!”
अजय अब जोर-जोर से मॉम की गांड पर थपथपाते हुए उन्हें तेज़ी से चोदने लगे। मॉम की पूरी देह हर झटके के साथ आगे-पीछे हिल रही थी। उनकी चुचियाँ नीचे लटककर जोर-जोर से झूल रही थीं। लगभग 20 मिनट तक इस पोजीशन में चुदाई चलने के बाद अजय की रफ्तार और तेज़ हो गई। मॉम भी अब पूरी तरह से मस्ती में थीं। वो खुद अपनी गांड पीछे की तरफ करके अजय के लंड को और गहराई तक ले रही थीं।
आखिरकार अजय जोर-जोर से हाँफते हुए बोले, “रानी… अब मैं झड़ने वाला हूँ… आह्ह्… ले लो सारा…!”
मॉम ने भी आह भरते हुए कहा, “हाँ अजय… अंदर ही डाल दो… आह्ह्… जल्दी…!”
अजय ने आखिरी कुछ बहुत तेज़ और गहरे झटके लगाए और फिर मॉम की चूत के अंदर ही जोर-जोर से अपना गर्म पानी छोड़ दिया। मॉम भी इसी दौरान काँपते हुए झड़ गईं। दोनों की साँसें बहुत तेज़ चल रही थीं। अजय मॉम के ऊपर ही ढेर हो गए। दोनों कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे।
कुछ मिनट बाद अजय उठे और मॉम को भी अपने साथ उठाकर बाथरूम ले गए। दोनों ने एक साथ नहाया। अजय मॉम को साबुन लगाकर उनकी चुचियाँ, चूत और गांड को अच्छी तरह से धो रहे थे। मॉम भी अब शर्माते हुए अजय के शरीर को छू रही थीं। नहाकर दोनों वापस बेड पर आए। मॉम अब पूरी तरह से थक चुकी थीं।
उन्होंने अजय से कहा, “बस अजय… अब काफी हो गया… मुझे सोने दो।”
लेकिन अजय मुस्कुराए और बोले, “अभी रात बाकी है रानी… अभी तो सिर्फ शुरुआत हुई है।”
यह कहकर अजय ने फिर से मॉम को अपनी बाहों में खींच लिया… और फिर से जोरदार किस करने लगे। इस बार मॉम भी विरोध नहीं कर रही थीं। वो धीरे-धीरे अजय के किस का जवाब दे रही थीं। उनकी जीभ अजय की जीभ से खेल रही थी।
कुछ देर बाद अजय ने मॉम को बेड पर लिटा दिया। उन्होंने मॉम की दोनों टाँगों को चौड़ी करके मोड़ दिया और उनके बीच में बैठ गए। मॉम की चूत अब पूरी तरह से खुली हुई थी। अजय कुछ देर तक उसे देखते रहे और फिर अपना मुँह मॉम की चूत पर रख दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
जैसे ही अजय की जीभ मॉम की चूत की लिप्स और क्लिटोरिस पर घूमने लगी, मॉम ने सिर पीछे की ओर झुकाकर जोर से आह भरी — “आह्ह्ह्… अजय… क्या कर रहे हो… आह्ह्… उफ्फ… हाँ… वहाँ… आह्ह्!” अजय अपनी जीभ से मॉम की चूत को चाटने लगे। कभी-कभी वो पूरा मुँह लगाकर चूसने लगते थे। मॉम अब बेकाबू हो रही थीं।
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उनके हाथ अजय के सिर को अपनी चूत पर और जोर से दबा रहे थे। उनकी कमर बार-बार ऊपर उठ रही थी। “आह्ह्… अजय… बहुत अच्छा लग रहा है… आह्ह्… मत रुको… हाँ… आह्ह्ह्!” अजय ने लगातार 10 मिनट तक मॉम की चूत चाटी और चूसी। मॉम दो बार छोटे-छोटे ऑर्गेज्म आ चुकी थीं। अब उनकी चूत पूरी तरह से गीली और चमक रही थी।
फिर अजय ने मॉम को घुटनों के बल खड़ा कर दिया और पीछे से उनकी गांड को ऊँचा कर दिया। मॉम अब फिर से कुत्ते की पोजीशन में थीं। अजय ने अपना मोटा लंड मॉम की चूत के मुंह पर रखा और एक जोरदार झटके से पूरा का पूरा अंदर घुसा दिया।
मॉम ने जोर से चीख मारी — “आआह्ह्ह्… मार डालोगे… आह्ह्… बहुत गहरा… अजय… आह्ह्!”
अजय ने मॉम की कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और तेज़-तेज़ झटके लगाने शुरू कर दिए। हर झटके के साथ मॉम की गांड जोर से हिल रही थी और कमरे में “पच्च… पच्च… पच्च… पच्च…” की जोरदार आवाज़ गूँज रही थी। मॉम की चुचियाँ नीचे लटककर तेज़ी से झूल रही थीं।
अजय बीच-बीच में मॉम की गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहे थे। मॉम अब पूरी तरह से मस्ती में आ चुकी थीं। वो खुद पीछे की तरफ अपनी गांड हिला-हिलाकर अजय के लंड को और गहराई तक ले रही थीं। “हाँ अजय… और जोर से… आह्ह्… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्… हाँ… इसी तरह… आह्ह्ह्!”
अजय ने मॉम के बालों को अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया और घोड़े की सवारी की तरह उन्हें चोदने लगे। लगभग 15-20 मिनट तक इस तेज़ रफ्तार से चुदाई चलने के बाद अजय ने मॉम को फिर से पलटा और अब मॉम उनके ऊपर आ गईं। मॉम अब अजय के लंड पर सवार थीं।
अजय ने मॉम की कमर को पकड़ रखा था और मॉम खुद ऊपर-नीचे हो रही थीं। उनकी बड़ी-बड़ी चुचियाँ हर बार ऊपर-नीचे उछल रही थीं। अजय बीच-बीच में उन्हें जोर से दबा रहे थे और निप्पल्स को चूस रहे थे। मॉम की आँखें बंद थीं और मुँह से लगातार मस्ती भरी आवाजें निकल रही थीं — “आह्ह्… अजय… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… आह्ह्… मुझे फाड़ रहा है… हाँ… और तेज… आह्ह्ह्!”
करीब 10 मिनट तक मॉम ने अजय की लंड की सवारी की। फिर अजय ने मॉम को नीचे लिटाया और मिशनरी पोजीशन में आ गए। उन्होंने मॉम की दोनों टाँगों को अपने कंधों पर रख लिया और बहुत तेज़ी से चोदने लगे। अब दोनों की साँसें बहुत तेज़ हो गई थीं। अजय का लंड मॉम की चूत में बार-बार पूरा अंदर-बाहर हो रहा था। मॉम की चूत से सफेद झाग निकलने लगा था।
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आखिरकार अजय ने जोर-जोर से हाँफते हुए कहा, “रानी… मैं फिर आने वाला हूँ… आह्ह्… ले लो…!” मॉम ने भी काँपते हुए कहा, “हाँ अजय… अंदर डाल दो… मुझे भी आ रहा है… आह्ह्ह्… हाँ…!” दोनों ने एक साथ चीखते हुए झड़ दिया। अजय ने मॉम की चूत के अंदर अपना गर्म वीर्य उड़ेल दिया। मॉम भी पूरे शरीर से काँप गईं और उनका दूसरा ऑर्गेज्म आ गया। दोनों थककर एक-दूसरे की बाहों में लेट गए। अजय ने मॉम को अपनी छाती से लगा रखा था और मॉम भी अब अजय की छाती पर सिर रखकर लेटी हुई थीं।
कुछ देर बाद मॉम ने शर्माते हुए कहा, “अजय… ये सब गलत है… लेकिन आज मुझे बहुत मजा आया।” अजय मुस्कुराए और बोले, “ये सिर्फ शुरुआत है रानी। अब जब भी तुम्हारे पति बाहर होंगे, मैं आऊँगा और तुम्हें पूरी रात चोदूँगा।” मॉम कुछ नहीं बोलीं, सिर्फ शर्म से अजय की छाती में अपना चेहरा छुपा लिया। रात भर दोनों कई बार जागकर एक-दूसरे को चोदते रहे। सुबह होने तक मॉम पूरी तरह थक चुकी थीं और उनके शरीर पर अजय की चुदाई के निशान बन गए थे।
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