Hot Girl Shop Me Sex
हाय, मैं नईम हूँ, उम्र 34 साल, मुंबई में रहता हूँ। यह पहली बार है जब मैं अपनी कहानी आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूँ। मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी कहानी उतनी ही पसंद आएगी जितनी मुझे दूसरों की कहानियाँ पसंद आती हैं। ज्यादा सहज महसूस करने के लिए मैंने यह कहानी हिंदी में लिखी है। Hot Girl Shop Me Sex
मैं मुंबई के सबर्ब में रहता हूँ। उस समय मेरी उम्र 27 साल की थी और मेरी अभी तक शादी नहीं हुई थी। हमारे एक मारवाड़ी परिवार से काफी अच्छे संबंध थे। इस परिवार में अंकल, आंटी और उनके दो बेटे थे जो 22 और 19 साल के थे। उस समय वो लोग अपने बड़े बेटे यानी मनुज के लिए लड़की ढूँढ रहे थे।
मनुज अच्छी कंपनी में काम करता था, दिखने में कोई खास नहीं था पर इतना बुरा भी नहीं था। उसी साल उन्हें मुलुंड से एक अच्छे परिवार से रिश्ता आया। लड़का और लड़की दोनों ने एक-दूसरे को पसंद भी कर लिया। मैंने भी शादी पक्की करने से पहले लड़की को देखा था।
लड़की काफी सुंदर थी, फेयर, स्वीट, एम.कॉम ग्रेजुएट एन.एम. कॉलेज से और चेहरे में इतनी मिठास कि किसी का भी दिल एक झलक में ही आ जाए। जैसे ही मैंने लड़की (मीता) को देखा, मेरी हालत खराब हो गई। हमारे उनके परिवार से कोई नाता ऐसा नहीं था कि छूना तो दूर, आँख मारने की भी सोच नहीं सकते थे।
उसी महीने दोनों की शादी तय हो गई और 15 दिन बाद शादी का मुहूर्त निकला। तो आंटी मेरे पास आईं और कहने लगीं कि नईम, तुझे अब से रोज हमारे घर पर ही रहना है जब तक शादी पूरी नहीं हो जाती। मैंने भी हाँ कह दिया। ओह, एक बात मैं आपसे कहना भूल गया।
आंटी की भी कोई खास उम्र नहीं थी, तकरीबन 44 साल की थीं उस समय और दिखने में बिल्कुल किसी का भी लंड खड़ा कर देने वाली थीं। खैर, दूसरे ही दिन मैं उनके घर पहुँच गया, कपड़े वगैरह लेकर। उनका 3 बीएचके फ्लैट था मुंबई सबर्ब में अच्छी सोसाइटी में।
इसे भी पढ़े – तमिल लड़की ने सेक्स का भरपुर मजा दिया
मेरे घर पहुँचते ही आंटी ने कहा, “चलो काम का लिस्ट तो मैंने बना लिया है। अब दुल्हन के कपड़ों के लिए भी तुम्हें मेरे साथ चलना है क्योंकि अंकल शादी के दूसरे काम-काज में काफी बिजी रहेंगे।”
मैंने कहा, “ठीक है, जैसी आप कहो।” (पर मन में तो खुश हुआ कि दुल्हन के कपड़ों की पसंद मैं करूँगा)।
फिर आंटी ने कहा, “चलो बोरीवली में कला निकेतन है, पहले वहीं चलते हैं।”
मैंने कहा, “आंटी ठीक है, कैसे जाएंगे?”
तो बोलीं कि हम ऑटो कर लेंगे। मैं और भी खुश हुआ कि ट्रैफिक में ड्राइव करने से बच गए और ऑटो में बैठकर जाने में आसपास काफी अच्छी आइटम देखने को मिल जाती है। और फिर हम निकल पड़े। आंटी ने ब्लू कलर की साड़ी पहनी थी, वैसी ही जैसे मारवाड़ी महिलाएँ मुश्किल से चूत ढककर पहनती हैं।
हम पहुँचे के.एन. में, तकरीबन दोपहर के 12 बज चुके थे। जाते ही पहले आंटी ने काउंटर पर कहा कि हमें वेडिंग परचेज करनी है। तो उनके मैनेजर ने काफी अच्छी दो सेल्स गर्ल्स को हमारे पास भेज दिया और कहा कि तुम दोनों इनकी खयाल रखना जब तक इनकी शॉपिंग पूरी नहीं हो जाती।
“ठीक है सर” कहकर उन दोनों ने हमें साइड वाले शोरूम में ले गईं जहाँ सिर्फ हम लोग थे और आराम से साड़ी देख सकते थे। सेल्स गर्ल ठीक ही थी, दिखने में ऐसा लग रहा था कि उनका बॉस उनको पूरा दिन चोदता ही रहा होगा। खैर, आंटी ने साड़ी देखना शुरू कर दिया और मैं सेल्स गर्ल को देखने लगा।
देखते ही देखते आंटी ने तकरीबन 50-60 साड़ियाँ साइड में रखवा दीं। मैं तो अपसेट हो गया कि एक घंटे में सारी शॉपिंग हो गई तो मेरे लंड को क्या घंटा मिलेगा। उतने में आंटी ने कहा कि पहले इन साड़ियों को पहनकर दिखाओ ताकि परफेक्ट सिलेक्शन आ जाए। और फिर सेल्स गर्ल ने बारी-बारी अपने पहने हुए कपड़ों के ऊपर साड़ी की तरह पहनकर दिखाना शुरू किया।
आंटी ने मुझे पूछा, “कैसी लग रही है साड़ी?”
मैंने कहा, “अब कपड़ों के ऊपर पहना हुआ देखकर कैसे जजमेंट मिलेगा?”
आंटी ने भी कहा, “यार बात तो सही है, इसमें समझ में मुझे भी नहीं आ रहा है।”
तब उन्होंने सेल्स गर्ल से कहा कि हमें इस तरह साड़ी जज करने में तकलीफ हो रही है, कोई उपाय है?
तो सेल्स गर्ल ने कहा, “बहुत से लोगों को ये प्रॉब्लम होती है। हमारे पास यहीं बिल्डिंग में ऊपर एक फ्लैट है और वहाँ जाते हैं।”
मैंने कहा, “वहाँ जाकर क्या होगा?”
सेल्स गर्ल ने कहा, “डियर, पहले ऊपर तो चलो।”
मुझे समझ में आ गया कि मुझे कुछ मजा दिखाने से ही उनका माल बिकेगा। उसके “डियर” कहते ही आंटी ने मेरी जाँघ के नीचे और घुटने के ऊपर हल्का सा हाथ रखा, जैसे मुझे कह रही हों कि तुम्हारा काम बन जाएगा। और फिर हम लिफ्ट के लिए चल पड़े। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
इसे भी पढ़े – कजिन बहन साथ लाइफ का पहला सेक्स किया
ऊपर तीसरी मंजिल पर रूम था। रूम क्या, 1 बीएचके का फ्लैट ही था और बढ़िया सा रेनोवेट किया हुआ एसी के साथ। आंटी जगह देखते ही खुश हुईं और सेल्स गर्ल कहने लगी कि यह हुआ न कुछ बात, चलो अब आराम से देखेंगे। मैंने भी कहा, “हाँ ठीक है।”
अब बेडरूम खोलते ही सेल्स गर्ल ने सारी साड़ियाँ एक सोफे पर रखीं और कहा कि अब मैं आपको एक के बाद एक पहनकर दिखाती हूँ।
मैंने भी पूछा, “कैसे पहनोगी? क्या तुम्हारे पास ब्लाउज और पेटीकोट है?”
तो सेल्स गर्ल ने कहा, “यहाँ उसकी कोई जरूरत नहीं है।”
मैं चक्कर में पड़ गया कि वो क्या करने जा रही है। उतने में उसने अपनी सलवार-कमीज से कमीज उतार दी और सिर्फ ब्रा में रह गई। आंटी और मेरी आँखें चार हो गईं। आंटी मेरी ओर देख रही थी और मैं शर्मा ने लगा। तो सेल्स गर्ल ने कहा, “शर्मा मत, ये आपके लिए एक सर्विस ही है जिससे आपको चॉइस अच्छी मिले और लोग आप दोनों को कहें कि क्या सिलेक्शन किया है आपने।”
तो आंटी जल्दी से चढ़ गईं और कहा, “हाँ ठीक ही तो कह रही है, हमारा भी नाम होना चाहिए दुल्हन वाले घर पर।”
इतना सुनते सेल्स गर्ल टिप्स देने लगी कि “देखिए, यह जो मैंने ब्रा पहनी है वो ब्लैक कलर की है तो आप यही समझे कि यह मेरा ब्लाउज है।” कहकर उसने अपने हाथ से अपनी ब्रा को ठीक किया। ऐसा मन कर रहा था कि जाकर उसको कह दूँ कि ठीक है सब साड़ी पैक कर दो और मुझे चोदने दो।
आंटी ने कहा, “ठीक है मगर पेटीकोट का क्या करोगी?”
तो उसने अपनी सलवार खोलते हुए नंगी (सिर्फ पैंटी यार, नॉट फुल नेकेड) होते हुए कहा, “आंटी इसकी जरूरत नहीं, हमें ट्रेनिंग दी गई है बिना पेटीकोट साड़ी पहनकर दिखाने की।”
मुझे क्या सूझा, मैंने आंटी से कह दिया, “ठीक है आंटी, आप भी सीख लेना, कभी काम आएगा।”
आंटी ने कहा, “चल पागले, कुछ भी बोलता है।”
थैंक गॉड शी इज नॉट एंग्री। फिर सिलसिला चालू हुआ। मेरा ध्यान तो सेल्स गर्ल के नंगे बदन को देखने में और मेरा खड़ा लंड छुपाने में ही था और सोच रहा था कि मैं कैसे अपनी लाइफ की पहली चूत के दीदार कर सकूँ। वो साड़ी पहनने लगी और आंटी मुझे पूछने लगीं और मैं भी सेल्स गर्ल का नंगा बदन देखते-देखते हामी भरने लगा।
अब तक वो 10 साड़ियाँ पहन चुकी थी और मैंने सबमें आंटी को हामी भर दी कि हाँ ठीक है। अब आंटी का ध्यान शायद चला गया था कि मैं सेल्स गर्ल को देखते ही हामी भर देता हूँ। फिर आंटी ने मुझे नजदीक खींचकर कहा कि “सेल्स गर्ल को देखने की मजा बाद में तुम्हें दिखा दूँगी पर पहले अच्छा सिलेक्शन करने में मदद करो।”
इसे भी पढ़े – गाँव की औरतों की चूत का भूत भगाया
मेरी तो हालत खराब हो गई और कि आंटी क्या सोच रही होगी मेरे बारे में। अब मैं भी थोड़ा सा सीरियस होके सेलेक्शन करने लगा। मगर मुझे अब लग रहा था कि आंटी में थोड़ा सा चेंज आया हो और सोचने लगा कि कहीं वो सेल्स गर्ल के बहाने खुद के ही जलवे दिखा देगी।
खैर मैं साड़ी की सेलेक्शन कर रहा था और कभी-कभी आंटी का हाथ मेरे बदन से सट जाता था और जैसे आंटी कह रही हों “मेरी चूत खुजलाओ”। बीच-बीच में आंटी उसको कई साड़ियाँ पहनने से रोक देती थी। मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था, सोचा शायद आंटी को पसंद नहीं होगी।
अब तक हम 20 साड़ियाँ सिलेक्ट कर चुके थे। बड़ी दुकान होने की वजह से तकलीफ कम और चॉइस ज्यादा थी। अब आंटी को क्या सूझी, मुझे अपनी ओर खींचा और पूछा, “क्या मजा लोगे उसका?”
मैंने भी भोला बनते हुए कहा, “किसका मजा?”
आंटी ने आँख नचाते हुए कहा, “उसका (सेल्स गर्ल) मजा।”
मैंने कहा, “कैसा मजा?”
तो उन्होंने मेरे लंड की ओर देखके मुस्कुराते हुए कहा कि “ठीक है, रहने दो।”
मुझे भी क्या सूझा, कहा “ठीक है, जैसी आप कहें।”
और उसके दस मिनट के बाद मैंने देखा जैसे आंटी पैकअप करने की सोच रही हैं और मुझे अपने आप पर बड़ा गुस्सा आ रहा था कि मैंने चांस आज खो दिया जबकि दोनों काम होने की उम्मीद दिखाई दे रही थी। आखिर मुझसे रहा नहीं गया और आंटी से कहा, “आंटी आप कुछ मजा करवाने को कह रही थीं तो करवाना।”
आंटी ने भी नाटक करते हुए कहा, “कैसा मजा?” और अपना पल्लू ठीक करने लगीं। मैं बिल्कुल बावरा हो गया और उनके पल्लू ठीक करते वक्त उनके बूब्स के कटलाइन के दीदार देखते ही मानो मुझे कुछ नशा हो गया और आंटी से प्लीज प्लीज करते मिन्नत करने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
आंटी को जैसे मेरी दया आ गई हो कि उनकी चूत में खुजली हो रही हो। आंटी ने मेरे गाल पर प्यार से हाथ घुमाते हुए कहा कि “रुक जा बेटे, अब कराती हूँ मजा।” मैं सोचने लगा आंटी अब क्या करेगी। खैर अब आंटी ने एक हल्के क्रीम कलर की साड़ी उसको पहनने के लिए कहा और सेल्स गर्ल को कहा कि “ये 20 सिलेक्ट हो गई हैं, इन्हें साइड पर रख दो।”
इसे भी पढ़े – जॉब दिला कर चूत चोद ली माधुरी की
“जी मैडम” कहके सेल्स गर्ल ने उन 20 साड़ियों को साइड पर रख दिया और क्रीम साड़ी पहनने लगी।
फिर आंटी ने मुझे पूछा, “कैसी लग रही है?”
मुझे भी क्या सूझा, मैंने कहा, “कुछ भद्दा लग रहा है।”
आंटी भी मन में मुस्कुराने लगीं और समझ गईं कि मेरा इरादा अब चूत से कम नहीं है।
आंटी ने कहा मुझसे कि “भद्दा कैसे लग रहा है? एक काम करो, मैं तुम्हारी साइड आके देखती हूँ।”
कहके तुरंत वो मेरी गोद में आके बैठ गईं और मेरे लंड को छू लिया। आई डोंट नो पर लग रहा था जैसे वो मुझसे भी गर्म हो चुकी थीं। अब वो सेल्स गर्ल को देखने लगीं और अपने सर पर हाथ रखके कहा कि “बुद्धू, ये भद्दा नहीं है, ये उसकी पैंटी है।”
मैं भी अनजान बनके कहा, “क्या मजाक कर रही हो?”
उसने कहा, “रुको।”
और उसने सेल्स गर्ल को थोड़ा सा वो ही पोजीशन में आगे आने को कहा। अब सेल्स गर्ल हमारे से तकरीबन 6 इंच दूर थी। मन कर रहा था कि उसकी चूत में हाथ डाल दूँ क्योंकि पेटीकोट तो पहना नहीं था। उतने में आंटी ने कहा, “नईम तू सच नहीं मान रहा है ना? ले एक काम कर, तेरा हाथ आगे ला।”
और उतना कहके उसने मेरा हाथ खींचके उसकी पैंटी पर रखके मेरे हाथ की तीन उँगलियाँ पैंटी के ऊपर से ही अंदर डलवा दीं। और मेरी उँगली छूते ही जैसे मुझे गीलापन महसूस हुआ।
मैंने कहा, “आंटी तुम सच कह रही हो, ये उसकी पैंटी ही है।”
फिर मैंने कहा, “आंटी मेरा हाथ कुछ गीला हो गया है।”
आंटी बोलीं, “रुक जा बेटे, अब तो बहुत कुछ होना बाकी है।”
मैंने भी पूछा, “आंटी क्या होना बाकी है?”
तो पूछा कि “यार तू सवाल बहुत करता है, चुपचाप चोदू बनके मजा ले।”
और फिर आंटी ने सेल्स गर्ल से कहा, “यार क्या तुम अपनी पैंटी उतार सकती हो?”
उसने कहा, “कोई प्रॉब्लम नहीं है। क्या आप खुद उतार दोगे नहीं तो मुझे पहले साड़ी निकालनी पड़ेगी।”
तो आंटी ने कहा, “ठीक है नईम, तुम इसकी पैंटी निकाल दो।”
और मैंने हाँ कहते हुए कहा, “ठीक है आंटी।”
इसे भी पढ़े – जीजा की ममेरी बहन चुदवाने लगी मुझसे
और मैं उसकी कमर पकड़ के चड्डी निकालने लगा और मैंने जैसे गलती का नाटक करते हुए मेरा हाथ उसकी पैंटी सरका के उसकी चूत में डाल दिया और उसके मुँह से आह निकल गई। उधर आंटी भी जैसे अपनी चूत खुजला रही हों और मैं अपने हाथ से बीच वाली उँगली उसकी चूत में घुमा दी और न जाने क्या हुआ, मेरे हाथ पर जैसे बारिश हुई… मैं डर गया और आंटी की ओर कभी उसकी ओर देखने लगा।
उतने में आंटी ने कहा, “लाले पैंटी निकाल जल्दी, कुछ और साड़ियाँ भी देखनी हैं।”
मैंने तुरंत सेल्स गर्ल की पैंटी पूरी तरह उतार दी। अब वो सिर्फ क्रीम कलर की साड़ी पहने हुए थी और नीचे पूरी नंगी। उसकी चूत साफ और गीली चमक रही थी। आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब अच्छे से देख लो नईम।” मैंने सेल्स गर्ल को सोफे पर झुका दिया। आंटी ने खुद आगे आकर उसकी साड़ी ऊपर उठाई और बोलीं, “चोद इसे, जोर से।”
मैंने अपना पैंट उतारा, मेरा लंड पहले से ही पत्थर की तरह खड़ा था। मैंने सेल्स गर्ल की चूत पर लंड रखा और एक जोरदार धक्का मार दिया। पूरा लंड अंदर चला गया। वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह… धीरे…!” आंटी ने मेरी पीठ पर हाथ फेरा और बोलीं, “जोर से चोद बेटा, इसे मजा दे।” मैं तेज-तेज धक्के मारने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सेल्स गर्ल की चूत बहुत टाइट और गीली थी। वो बार-बार काँप रही थी। आंटी ने अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया, अपनी ब्लाउज के हुक खोले और अपनी बड़ी-बड़ी चुचियाँ बाहर निकाल लीं। मैंने एक हाथ से आंटी की चुचियों को दबाते हुए सेल्स गर्ल को लगातार चोदा। कुछ देर बाद आंटी भी नंगी हो गईं। उन्होंने सेल्स गर्ल को चाटना शुरू कर दिया। मैंने सेल्स गर्ल को डॉगी स्टाइल में चोदा, फिर आंटी को बेड पर लिटाकर उनकी चूत चाटी।
इसे भी पढ़े – शादीशुदा किरायेदार ने मेरी कुंवारी चूत चोदी
आंटी बहुत गर्म थीं। उन्होंने मेरा लंड मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। फिर मैंने आंटी को भी चोदा। उनकी चूत थोड़ी ढीली लेकिन बहुत गर्म और रसीली थी। मैंने उन्हें मिशनरी में चोदा, फिर सेल्स गर्ल को उनके ऊपर चढ़ाकर दोनों को एक साथ चोदा। ट्रायल रूम में तीनों की आहें, चीखें और शरीरों की चप्प-चप्प की आवाजें गूँज रही थीं। मैंने करीब 40-45 मिनट तक दोनों को बारी-बारी चोदा। आंटी दो बार झड़ चुकी थीं और सेल्स गर्ल भी कई बार काँप चुकी थी।
आखिर में मैंने दोनों के मुँह के सामने अपना लंड निकाला और दोनों के चेहरे और मुंह पर अपना मोटा वीर्य छोड़ दिया। दोनों ने मेरे लंड को साफ किया। हम कुछ देर नंगे ही लेटे रहे। फिर आंटी ने कहा, “अब जल्दी तैयार हो जाओ, बाहर लोग इंतजार कर रहे होंगे।” हमने कपड़े पहने, बाकी साड़ियाँ पैक करवाईं और नीचे आ गए। उस दिन के बाद आंटी और मैंने कई बार मौके निकालकर मजा लिया। सेल्स गर्ल का नाम पूजा था। वो भी कभी-कभी हमारे फ्लैट में आ जाती थी। वो ट्रायल रूम की चुदाई मुझे आज भी याद है।
प्रातिक्रिया दे