Boss Horny Wife Chudai Kahani
हाय भाभियों, एक बार मुझे मेरे बॉस ने अपने घर पर बुलवाया। किसी मीटिंग के बारे में डिस्कस करना था। जब मैं उसके घर पर पहुँचा तो वो कहीं बाहर जाने के लिए तैयार था। मुझे देखते ही वो बोला कि मैं अभी किसी ज़रूरी काम से जा रहा हूँ, जल्दी ही लौट आऊँगा। तुम मेरा यहीं इंतज़ार करना। मेरे बॉस करीब 50 साल या उससे कुछ ज़्यादा के थे। Boss Horny Wife Chudai Kahani
मैं ड्रॉइंग रूम में बैठकर उसका इंतज़ार करने लगा। तभी उसकी पत्नी, जो कि करीब 40 साल की होगी, वहाँ आ गई और बोली, “कुछ चाहिए?” मैंने कहा, “आप मुझे टॉयलेट का रास्ता बताइए।” वो मुझे टॉयलेट ले गई। मैंने टॉयलेट में जाकर अंदर से दरवाज़ा बंद कर दिया। मुझे बहुत ज़ोर से मूत आई थी।
पेशाब करने के बाद मैंने देखा कि बाथरूम में बहुत सारे एडल्ट मैगज़ीन थे। मैं चुपचाप उनको देखने लगा, जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया। मेरे दिल में मुठ मारने का ख़्याल आया। इसलिए मैंने अपनी ज़िप खोलकर अपना लंड बाहर निकाल लिया। तभी मैंने देखा कि दरवाज़े के की-होल से मुझे कोई देख रहा है। मैं समझ गया कि बॉस की बीवी मुझे देख रही है।
मैंने अपने 7.5” इंच लंबे और मोटे लंड को दरवाज़े की तरफ़ किया और उसका दर्शन उसको अच्छे तरह से करवाया। मैंने सोचा शायद मुझे मुठ मारने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। मेरे मजबूत लंड को ये चूत आज मिल जाएगी। और फिर 5 मिनट के बाद मैं बाहर आ गया।
वो ड्रॉइंग रूम में मेरे पास आकर बैठ गई और मेरे बारे में पूछने लगी कि मेरी शादी हुई है? मैंने कहा, “नहीं।” मुझे उसकी आँखों में वासना और एक अजीब भूख दिखी। उसकी नज़र मेरी पैंट के फूले हुए भाग पर जा रही थी, क्योंकि मेरा लंड अभी भी टाइट था। वो उसी को देखने लगी।
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वो मेरे सामने बैठी हुई थी, पर मैं उसके हालात समझ चुका था। उसके बारे में बता दूँ, उसकी उम्र शायद 40 थी लेकिन वो 30-32 की लगती थी। उसकी चुचियाँ कसी हुई और 36 साइज़ की होंगी, पेट एकदम सपाट था और कमर पतली 30 से भी कम होगी, और गांड… उफ़… क्या मस्त गदराई गांड थी… चूतड़ मानो टेबल थे जिन्हें बजाने में मज़ा आ जाए।
फिर मैंने उसके चूचों को देखने लगा। वो भी अब मुझे अपने चूचे दिखाने लगी। उसने लो कट का ब्लाउज़ पहना था और उसकी गहरी घाटी एकदम साफ़ दिख रही थी। उसने झुकते हुए अपनी चुचियाँ और साफ़ तरह से दिखाई। गोरी-गोरी चुचियों का निप्पल के सिवा बाकी सब कुछ दिख रहा था।
फिर मैं समझ गया कि वो मेरे लंड को देखकर गरम हो गई है। मैं अपना लंड दिखाने के लिए अपने पैर फैलाकर बैठ गया। पैंट का फूला हुआ भाग और साफ़ दिखने लगा था। हम एक दूसरे के एकदम सामने बैठे थे। वो मेरे लंड को देखने लगी। हम एक दूसरे से कोई बात नहीं कर रहे थे पर लग रहा था कि हम अपने-अपने मन में एक दूसरे से बात कर रहे हैं।
तब उसने अपने टाँगों को एक दूसरे पर चढ़ा दिया ताकि उसकी साड़ी कुछ ऊँची हो जाए और मैं उसके टाँगें देखूँ। अब मेरी बारी थी। मैंने कहा, “यहाँ बहुत गर्मी है।” और पहले मैंने अपने शर्ट के बटन खोले। मैंने अंदर कुछ पहना नहीं था। मेरी छाती के घने बाल उसने देखे। थोड़ी देर बाद मैंने अपनी शर्ट उतार दी और साइड में रख दी।
अब उसने अपने मम्मों पर से अपनी साड़ी नीचे ढलका दी। ये सब वो इस तरह कर रही थी मानो अनजाने में हो रहा हो। नीचे गिरे आँचल को उसने ठीक भी नहीं किया। मेरा लंड अब टाइट हो चुका था। पहले मैंने अपने खड़े लंड को पैंट के ऊपर से सहलाया और दबाया। फिर मैंने अपनी पैंट की ज़िप खोल दी। मैं अंडरवीयर नहीं पहनता हूँ इसलिए ज़िप खोलते ही मेरा लंड बाहर आ गया।
वो मेरी तरफ़ देख रही थी। अब भी हम कुछ नहीं बोल रहे थे। अब मैं उसके पास गया और मैंने कहा, “आपको बुरा लगा?” उसने कुछ कहा नहीं। मैंने उसे अपनी तरफ़ घुमाया। मेरा लंड उसके चेहरे के सामने फड़क रहा था। मैं नीचे झुका। मैंने उससे पूछा, “ये पसंद है?” उसने सिर्फ़ हाँ में सिर हिलाया।
फिर क्या था, मैंने उसे किस किया। उसने मुझे पूरा सहयोग दिया। मैंने उसकी चुचियों पर ब्लाउज़ के ऊपर से हाथ रखा और दबाया। उसके मुँह से “सीई… उउम्म्म…” की आवाज़ निकली। मैंने उससे कहा, “मैं तुम्हारी चुचियों को प्यार करूँगा। बहुत मस्त हैं।” उसने जल्दी से अपने ब्लाउज़ के बटन खोलने शुरू किए। मैंने भी खोले और उसका ब्लाउज़ खुल गया और ब्लैक ब्रा में कैद उसका मक्खन जैसी चुचियाँ मेरे सामने आ गईं।
वो मेरे लंड को देख रही थी और मैं उसके चूचों को। वो काफी देर तक मेरे खड़े लंड को देखती रही। मैंने उससे कहा, “इसे प्यार करोगी?” उसने कुछ नहीं कहा। मैंने उसका एक हाथ पकड़ा और मेरे लंड पर रखा। उसने हाथ हटा लिया। मैंने फिर से उसका हाथ मेरे लंड पर रखा और फिर उसने उसको पकड़ लिया।
अब उसने कहा, “ये बहुत लंबा और मोटा है। मैं पहली बार इतना मोटा और लंबा लंड देख रही हूँ।” मैंने कहा, “तुम्हें पसंद है?” उसने हाँ में सिर हिलाया और मेरे लंड को किस किया। सुपाड़े को जीभ से चाटा और अपने मुँह में ले लिया। मैं चुपचाप उसके चूचे मसलने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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वो इतनी तेज़ी के साथ मेरे लंड को मुँह में अंदर-बाहर कर रही थी जैसे वो पहली बार कर रही हो। साथ-साथ वो उसको देख भी रही थी। मैंने पूछा, “पहली बार लंड को देख रही हो क्या?” वो कुछ नहीं बोली। मैंने उसके पीठ के पीछे से उसका ब्रा का हुक निकाला तो उसकी चुचियाँ बाहर आ गईं। उसके गोरे-गोरे स्तन एकदम खड़े थे, बिना ब्रा के भी, और गुलाबी निप्पल कड़क हो चुके थे।
मैंने उसका सिर अपने लंड पर दबाया और वो मेरे लंड को चाटने लगी। मेरे लंड को उसने अपने चूचियों के बीच में रखकर अपने चूचे दबाने लगी और मेरी तरफ़ देखकर बोली, “हाँ, पहली बार ही इतने लंबे और मोटे, मजबूत और कड़े लंड को देख रही हूँ। मेरे पति का लंड कभी भी खड़ा नहीं हुआ।”
मैंने कहा, “तुम्हारी शादी को कितने साल हो गए हैं?” वो बोली, “20 साल, और मैं अब तक खड़े लंड के लिए तरस रही हूँ। मेरी चूत कुँवारी है।” मैंने कहा कि बॉस ने तुमको कभी नहीं चोदा? वो बोली, “कभी नहीं। वो सिर्फ़ मेरी चूत में फिंगरिंग कर देते थे। पर कभी भी लंड नहीं डाला मेरी चूत में।”
मैंने उसको कहा कि “ओह, फिर तो तुम्हारी चूत की सील भी नहीं टूटी होगी। मुझे तुम्हारी चूत देखना है। तुम अपनी चूत मुझे दिखाओ।” उसने अपनी साड़ी को एक झटके में खोल दिया। मैंने उसका पेटीकोट का नाड़ा खींचा, वो नीचे जा गिरा। उसने एक जालीदार ब्लैक पैंटी पहनी हुई थी।
मैंने उसके चूतड़ की तरफ़ हाथ डाला और उसे पैंटी के अंदर डाल के ज़ोर से नीचे खींचा। पैंटी फट गई। मैंने पूरी पैंटी फाड़ डाली। अब उसकी गुलाबी उभरी हुई चूत मेरे सामने थी। सच, उसकी चूत एकदम नई और बिना चुदी लग रही थी। अभी तक गोरी और गुलाबी।
मैंने कहा, “वाह क्या चूत है। एकदम 18 साल की लड़की जैसी।” वो बोली कि उनका पति का खड़ा ही नहीं होता। कभी-कभी दाने को उँगली से रगड़ते हैं, इससे आग और भड़क उठाती थी। जब उसने ये बात अपने पति को बताया तो उसने उसके लिए बहुत सारे वाइब्रेटर लाकर देता था।
मैंने कहा, “दिखाओ।” वो नंगी ही अंदर गई और उसने अपने सारे वाइब्रेटर मेरे सामने लाकर रख दिए।
मैंने कहा, “तुम 20 साल से इससे अपना काम चला रही हो?”
वो बोली, “हाँ, ये ही मुझे कुछ सुकून देते हैं।”
मैंने कहा, “आपका दर्द मैं समझ सकता हूँ।”
वो बोली, “आज जब मैंने तुम्हारा खड़ा, मोटा और लंबा कड़क लंड बाथरूम में देखा तो मैं एकदम गरम हो गई।”
मैंने पूछा, “क्या कभी इसमें से कोई वाइब्रेटर पूरा अंदर लिया है?”
उसने कहा, “नहीं, सिर्फ़ ऊपर-ऊपर से रगड़ते हो। बहुत दर्द होता है। मैं बर्दाश्त नहीं कर पाती इसलिए थोड़ा अंदर डालकर रगड़ लेती हूँ।”
मैंने कहा, “आज मैं आपकी सारी कमी पूरी कर दूँगा।”
वो बहुत खुश हो गई और बोली, “मैं उम्र में तुमसे बड़ी हूँ पर तुम मुझे से कुछ भी करने को बोलना, मैं वही करूँगी।”
तब मैंने कहा, “चलो पहले ये पता कर लें कि बॉस कब वापस आएँगे।”
वो हँसने लगी।
उसने कहा, “अरे वो आज दिन भर नहीं आएँगे। तुम्हें मेरी चुदाई करने के लिए ही तो यहाँ बुलाया है। अगर तुम पहले नहीं करते तो मैं खुद ही तुम्हें चुदाई के लिए मजबूर करती।”
मैंने कहा, “तो फिर मैं चाहूँगा कि तुम्हारी रसीली चूत को अच्छे से पहले चाट लूँ और तुम मेरे मोटे लंड को अच्छे से चूसो।”
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वो मान गई और वही सोफे पर अपनी टाँगें फैलाकर लेट गई। मैं उसके पैरों के बीच में आया। चूत को देखा। एक भी बाल नहीं था। आज ही साफ़ किया था शायद। सिर्फ़ एक दरार दिख रही थी। मैंने उसके चूत पर एक किस दिया। वो तड़प गई और बोली, “प्लीज़ अपने ज़ुबान से इसको चाटो।”
मैंने कहा, “डार्लिंग उम्र तो तुम्हारी 40 की हो गई हो, पर आज भी तुम कच्ची कली की तरह अपनी चूत चटवाने को तड़प रही हो।”
वो बोली, “क्या करूँ, मेरी चूत तो अभी भी कच्ची कली ही है ना… मेरी चूत से बहुत पानी निकलता है… प्लीज़ मेरी चूत को चाटो ना।”
मैंने उसके चूत के लिप्स को खोला। दाने को अँगूठे से रगड़ा, वो सिसियाई गई… आह्ह्ह… और फिर अपनी जीभ पहले चूत के चारों तरफ़ घुमाई। वो अपने चूतड़ मटकाने लगी… सी… सी… सी… सी… फिर मैंने उसके चूत में अपनी गीली जीभ डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा।
मेरी जीभ की चुदाई से वो… आह्ह्ह… इश्ह्ह… हाय्य… ये मज़ा मैं ज़िंदगी में पहली बार ले रही हूँ… और अंदर करो… अच्छा लग रहा है… आह्ह्ह… पहली बार मेरी चूत को मज़ा आ रहा है… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं तेज़ी से चूत चाट रहा था। फिर उसने अपनी चूत मेरे मुँह से ज़ोर से चिपका दी… आह्ह्ह संजय्य्य… मेरी चूत का पानी निकलेगा… हाय्य्य… कहते हुए उसकी चूत ने मानो ज़ोर का फव्वारा छोड़ दिया। मेरे मुँह में जूस भर गया और चेहरा भी भीग गया। सच, उसकी चूत से बहुत पानी निकला था। मैंने चूत चाटना जारी रखा। अब वो थोड़ा शांत हो गई। मेरी जीभ की चुदाई से उसका पानी निकल गया।
मैंने कहा, “इतने जल्दी तुम झड़ गई डार्लिंग?”
वो बोली, “पहली बार मेरी चूत में कोई जीभ गई है। इसलिए ये निकल गया। तुम हटो, मैं साफ़ कर देती हूँ।”
मैंने कहा, “डार्लिंग ये भी कोई साफ़ करने की चीज़ है? ये तो हम मर्दों के लिए तुम औरतें निकालती हो। इसलिए इसे मैं पूरा चाट लूँगा।”
फिर मैंने उसका सारा पानी पी लिया और फिर मैं उसकी चूत को ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगा। वो चिल्लाने लगी। आआ आआ आआ… और ज़ोर से करो… आआ मज़ा आ गया। मैंने उसको कहा कि अब हम 69 पोजीशन में हो जाते हैं। तुम मेरे लंड को चूसो और मैं तुम्हारी चूत को चाटूँगा।
मैंने उसे उठाया और मैं उसकी जगह पर लेट गया। उसे कहा, “तुम अपनी चूत मेरे मुँह के ऊपर रखो ताकि मैं नीचे से पूरी जीभ तुम्हारी चूत में डाल सकूँ।” उसने वैसा ही किया। उसे बड़ी जल्दी थी मेरे लंड को चूसने की। वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेने को बेसब्र हो रही थी।
वो जल्दी से सामने झुकी और मेरे लंड को पकड़ा। पहले सुपाड़े की चमड़ी को नीचे खींचा। सुपाड़े की मोटाई देखकर बोली, “इतना मोटा तो एक भी वाइब्रेटर नहीं है… बहुत ही मजबूत और कड़क लंड है तुम्हारा।” लिहाते हुए उसने सुपाड़े को किस किया फिर पूरे लंड को जीभ से चाटा।
मैं भी गनगना उठा। मेरा लंड और फूलने लगा। उसके बाद उसने अपने होंठों में मेरे सुपाड़े को लिया। थोड़ी देर में ही उसने मेरा पूरा का पूरा लंड अपने मुँह में ले रही थी। मेरा लंड 7.5 इंच का है, मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था। वो मेरे टट्टियों को भी साथ में मुँह में लेना चाहती थी।
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मैंने उसको कहा, “डार्लिंग तुम्हारी चूत बहुत टेस्टी है।” वो बोली, “ये एकदम फ्रेश चूत है। ये बात अलग है कि मैं तुमसे बड़ी हूँ लेकिन मेरी चूत एकदम कमसिन और फ्रेश है।” मैंने उसके क्लिटोरिस को अपने मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगा, जिससे वो इतनी गरम हो गई कि वो काँपने लगी।
मैं उसके क्लिटोरिस को ज़ोर-ज़ोर से चाट रहा था, साथ-साथ मैं उसको काट भी रहा था। उसकी चूत से इतना पानी निकल रहा था कि मैं बिलकुल गीला हो चुका था। वो मेरे ऊपर थी और मैं उसके नीचे। वो मेरे लंड को मुँह से बाहर नहीं निकाल रही थी। मैं उसके क्लिटोरिस को अपने दाँतों से हल्का-हल्का चबा रहा था।
मैं जानता था कि उसके क्लिटोरिस की वजह से ही उसकी चूत से इतना पानी निकल रहा है। मेरा पूरा मुँह उसकी पानी से भर गया था, पर उसका पानी निकले ही जा रहा था। उसको मल्टीपल ऑर्गेज़्म आ रहे थे, जिसको वो बहुत एंजॉय कर रही थी। वो अपनी चूत मेरे मुँह पर दबाए जा रही थी। उसकी गांड भी मस्त थी, चूतड़ भी एकदम शेप में थे।
मैंने चूतड़ दबाते हुए उसका चूत के पानी से एक उँगली गीली की और उसकी गांड में डाल दी। वो चिल्ला पड़ी… ओओह… नोओओ… पहले मेरी चूत को खोलो अपने लंड से फिर उधर हाथ लगाना। मैंने कहा, “मैं गांड में इंटरेस्टेड नहीं हूँ हाँ, प्यारी गांड हो तो प्यार ज़रूर करता हूँ।”
वो मेरे लंड से निकला पानी एक बार पी चुकी थी। मेरा लंड एक बार फिर अपना पानी छोड़ने को तैयार था। मैंने उसको बोला, “डार्लिंग तुम बैठ जाओ, मैं तुम्हारे पूरे चेहरे पर अपना क्रीम लगाऊँगा।” वो उठकर बैठ गई। मैं उसके मुँह के सामने अपना फुनफुनाता लंड लेकर मुठ मारने लगा और वो अपना मुँह खोले जीभ निकालकर मेरा क्रीम निकलने का इंतज़ार करने लगी।
ये नज़ारा आप खुद सोचिए कैसा होगा, जब एक 40 साल की औरत, वो भी बिलकुल नंगी, जिसकी चूत बिलकुल गीली हो, वो आपके सामने अपने घुटनों के बल बैठकर आपके लंड से पानी निकलने का वेट कर रही हो। वो इतनी गरम हो चुकी थी कि मेरे मुठ मारने के साथ-साथ वो अपना वाइब्रेटर ऑन करके अपनी चूत में रगड़ रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तभी मेरे लंड से एक पिचकारी निकली, जो सीधे उसके मुँह में गई। फिर मैंने उसके पूरे चेहरे पर अपना पानी छोड़ा जो उसके गालों पर, नाक पर और उसके मस्त चूचियों पर गिरने लगा। चेहरे का माल वो जीभ निकालकर चाट रही थी और चूचियों का क्रीम उसने अपनी चुचियों पर फैलाकर मसाज किया। और बोली, “और निकालो ना।”
मैंने कहा, “कैसा लगा मेरी प्यारी रांड?”
वो बोली, “जन्नत का मज़ा मिला है आज मुझे।”
मैंने कहा, “जन्नत तो तेरी चूत में है साली।”
वो बोली, “तुम्हारा लंड भी कुछ कम नहीं।”
वो मुझसे बोली, “आज तक कितनी चूत मारी है?”
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मैंने कहा, “बहुत सारी मारी हैं, पर 40 साल की एकदम ताज़ी चूत आज पहली बार चाटी है।”
मैंने कहा, “तुम्हारी चूत एकदम नरम है और कितनी गुलाबी है… अभी तक इसकी लिप्स भी नहीं खुली हैं।”
वो बोली, “मेरी चूत अब भी किसी 18साल की लड़की की चूत से कम नहीं।”
अब मैं थककर नीचे बैठ गया।
वो बोली, “आज तक मेरी चूत में कोई लंड नहीं गया है। तुमने तो दो बार पानी निकाल दिया है। अब मेरी प्यासी चूत का क्या होगा?”
मैंने कहा, “डार्लिंग तुम मेरे लंड को फिर से चाटना शुरू कर दो। ये लंड 5 बार पानी निकाल सकता है।”
वो बहुत खुश हो गई और मेरे लंड को अपने हाथों में लिया, सहलाया, बहुत किस किया और फिर से चूसने लगी। मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा और थोड़ी देर में ही कड़क हो गया।
मैंने पूछा, “डार्लिंग कैसा टेस्ट लग रहा है मेरे लंड का?” वो बोली, “बहुत ही मज़ेदार। काश ये लंड मुझे हमेशा के लिए मिल जाए।”
मैंने कहा, “तुम्हारी चूत ने आज मुझे पूरा गीला कर दिया है। इतना पानी मैंने कभी किसी औरत की चूत से नहीं निकलते देखा जितना तुम्हारी चूत से निकला है।”
वो बोली, “सारा पानी मैंने तुम्हारे लिए ही निकाला है। तुम ही तो कह रहे थे कि औरतों की चूत का पानी मर्दों के लिए होता है।”
मैंने कहा, “तुम्हारी चूत में से कुछ ज़्यादा ही निकाला है।”
मेरे पूरे बदन पर उसके चूत का पानी लगा हुआ था। मैंने उसको बोला कि “लंड के साथ-साथ तू मेरे बदन को भी चाट लो।” वो तैयार हो गई और अपनी जीभ से मेरे बदन से अपनी चूत के पानी से साफ़ करने लगी। उसके लिए ये एक नया एक्सपीरियंस था। उसने मेरे चेहरे से शुरू किया और नीचे छाती पर गई।
उसने मेरे निप्पल को चाटा फिर मुँह में लिया जिससे मैं और जोश में आ गया। मेरा लंड और फुफकारने लगा। उसका एक हाथ अब भी मेरे लंड पर था, जिसको वो हिला रही थी। उसकी चमड़ी ऊपर-नीचे कर रही थी। वो मेरे लंड को और कड़ा करके अपनी चूत मरवाना चाहती थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो मेरे दोनों निप्पल को अपने दाँतों से काट रही थी। मुझे दर्द होने लगा। मैं बोला, “साली, काटती है?” वो बोली, “संजू हम औरतों का भी दिल करता है कि हम भी तुम मर्दों की छाती को दबाएँ और उनको चाटें।” मैंने कहा, “तुम इनको चूसो।” वो फिर मेरे निप्पल को चूसने लगी।
अब मेरा लंड बहुत कड़क हो गया था। मैंने उसको कहा, “डार्लिंग तुम्हारी चूत को फाड़ने के लिए मेरा लंड रेडी है।” उसने मेरे लंड के सुपाड़े पर एक किस किया और मेरे लंड से बोली, “हे मेरे प्यारे लौड़े, आज मैं अपनी चूत तुझको देती हूँ। तुम इसको आज फाड़ देना। अगर इसमें से खून भी निकले, तब भी इस पर रहम नहीं करना।”
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मैंने कहा, “चलो अब तुम घोड़ी बन जाओ।”
मैंने उसके मुँह दीवार की तरफ़ किया और उसके गांड को कुछ ऊपर किया और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा। मेरे लंड के स्पर्श से ही वो तेज़ साँसें लेने लगी। मैंने उसकी चूत से अपना लंड तेज़ी से रगड़ रहा था। वो बोली, “हीई… क्यों तड़पाते हो? अब तो इस चूत पर तरस खो और इसमें अपने गरम लंड डाल दो। प्लीज़ २० साल की गर्मी निकाल दो।”
मैंने एक झटके के साथ ही उसके चूत में अपना लौड़ा डाल दिया। मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी ४० साल की कुँवारी चूत का मुँह खोलते हुए अंदर धँस गया। मेरे लौड़े के जाते ही वो चीख पड़ी, “ओओह्ह… मर गई… कितना मोटा है… बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह…”
मैंने कहा, “जान अभी तो पूरा लंड बाहर है।” उसने कहा, “मत डालो।” मैंने कहा, “फिर चूत फटेगी कैसे?” कहते हुए मैंने दूसरा ज़ोर का झटका मारा उसकी कमर पकड़कर। और मेरे लंड ने उसकी सील तोड़ दी। और इस बार उसकी चीख बहुत ज़ोर की थी… ओओह… माँआआ… निकालो… मेरी चूत के चिथड़े हो गए… नहीं चुदवाना मुझे…
मैं थोड़ा रुका और सामने हाथ ले जाकर उसकी चुचियों को दबाने लगा और उसी हालत में लंड को आगे-पीछे करने लगा। उसकी चूत से बहुत खून निकल रहा था और वो नीचे फ्लोर पर टपक रहा था। उसने भी नीचे ये देखा और कहने लगी, “मेरी चूत तो गई… बहुत जलन हो रही है।”
मैंने कहा, “अभी ठीक हो जाएगा।” और धीरे-धीरे धक्के मारता रहा। चूत सच में बहुत टाइट थी। एक तो उसकी इस उम्र तक कुँवारापन जिससे चूत के अंदर का भाग फैला नहीं था और दूसरी आज तक उसकी चूत में किसी लंड का न घुसना। मैंने अब सुपाड़े तक लंड को बाहर खींचा और पूरी ताकत से अंदर धकेला।
मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर घुस गया और मेरे धक्के से वो भी सामने बेड पर गिर पड़ी। मैंने उसे कमर से पकड़कर उठाया। मैंने देखा उसकी साँसें निकल रही थीं। मैं अब रुक गया। थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम होने के बाद मैंने पूरा लंड बाहर निकालकर चोदना शुरू किया।
मेरे धक्के ज़बरदस्त थे। मैं भी आज इसके चूत फाड़ने की सोचता था। 40 साल की चूत का मुकाबला एक 25 साल के लंड से था। मैं जानता हूँ कि चूत कभी भी थकती नहीं है। पर मैंने सोच लिया था कि आज इसको इतना चोदूँगा कि इसके 20 साल की सारी कसर निकल जाएगी।
अब मैं अपना लंड तेज़ी से अंदर-बाहर कर रहा था। उसकी चूत भी पानी छोड़ रही थी और अब उसे भी मज़ा आने लगा था। वो मुझसे “और तेज़, और तेज़, ज़ोर से, ज़ोर से” बोली जा रही थी। मैं 20 मिनट तक नॉन-स्टॉप उसके चूत में अपना लंड डाले जा रहा था। उसकी चूत मेरे लंड की तेज़ी से एकदम लाल हो चुकी थी पर वो मुझे “और तेज़, और तेज़” कहकर गरम करती जा रही थी।
मैंने उसको चोदते-चोदते उसका एक वाइब्रेटर उठाया और उसकी चूत के पानी से गीला किया। मैंने देखा कि चूत में धक्के खाते वक्त उसकी गांड भी फुल-पिचक रही थी। मैंने वो उसकी गांड के छेद में लगाया। गांड के छेद में डालते ही वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई… नहीईई… मैं मर जाऊँगी… प्लीज़… ऐसा मत करो… अब तो वो इतनी तेज़ी से चिल्लाने लगी कि मुझे लगने लगा कि कोई बाहर से आ न जाए।
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मैंने बोला, “चुप कर हरामज़ादी, कोई आ जाए गया।”
वो बोली, “मेरी गांड में वाइब्रेटर क्यों डाल रहे हो?”
मैंने बोला, “तुझको मज़ा देने के लिए।”
वो बोली, “वाइब्रेटर मेरी गांड में मत डालो, मुझे बहुत दर्द होता है।”
मैंने कहा, “मुझे बहुत मज़ा आता है जब तुमको दर्द होता है।”
वो बोली, “तुम भी अपने गांड में एक वाइब्रेटर क्यों नहीं डाल देते?”
मैंने कहा, “चुप कर साली, रंडी, लंड की पूजारीन।”
मैंने वाइब्रेटर की स्पीड फुल की और उसकी गांड में फिर से डाल दिया। साथ-साथ मैं उसके चूत भी फाड़ रहा था। वो बहुत चिल्लाने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं अब वाइब्रेटर को निकालकर उसकी चूत में दे दिया जो कि आराम से घुस गया क्योंकि मेरे लंड ने उसकी चूत खोल दी थी। और अपना लौड़ा उसकी गांड में दे दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वाइब्रेटर गांड में डालने से उसके गांड का छेद भी खुल गया था, जिससे मेरा लंड उसकी गांड में आराम से चला गया। अब उसको अच्छा लग रहा था। चूत में वाइब्रेटर और गांड में मेरा लंड। वो बोली, “आज तुमने इस औरत को बहुत खुशी दी है। मैंने अपनी ज़िंदगी में सोचा भी नहीं था कि कभी इतने शानदार लंड से मेरी इतनी मस्त चुदाई होगी।”
मैंने उसकी गांड को खूब चोदा। वो भी अपने गांड ऊँचा-ऊँचा कर मुझे अपनी गांड मरवा रही थी। 40 साल की इस औरत ने मेरे लौड़े पर अपनी टाइट चूत और मस्तानी गांड से जादू कर दिया था। मैंने फिर उसे बेड के किनारे पर सीधा करके लिटाया। उसका पैर मेरे कंधे पर रखे और फिर उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा।
खुली हुई लाल चूत मेरे सामने थी। मैंने लंड को उसकी चूत पर रखा और इस बार एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर जड़ तक घुसेड़ दिया। वो चिल्ला उठी… आह्ह… धीरे… मैं मर जाऊँगी… लेकिन मैं पूरी बेरहमी से उसका चोद रहा था। उसकी गांड का छेद भी खुला दिख रहा था।
मैं कभी-कभी लंड उसकी गांड में भी पेल देता था। इस तरह बहुत ही ज़बरदस्त चुदाई शुरू थी। मैं कभी उसकी चूत मारता तो कभी उसकी गांड। करीब 1 घंटे के बाद मैंने उसके चूत में पूरी गहराई में अपना लंड डालकर अपना पानी निकाल दिया। मैंने उसकी चूत और गांड को देखा… दोनों का ही मुँह खुला हुआ था… और उसकी चूत से मेरा पानी बाहर निकल रहा था।
मैंने कहा, “चलो अब तुम मेरे लंड को चाटकर साफ़ कर दो।” उसने मेरे लंड को अपनी जीभ से एकदम साफ़ कर दिया। मैंने आंटी की चूत पर किस किया और बोला, “मेरा लौंडा आप जैसे औरत के लिए हमेशा तैयार है। आपको अपनी चूत जब भी मुझसे मरवानी हो, आप मुझे फ़ोन कर देना।” फिर मैंने उसको अपना मोबाइल नंबर दे दिया।
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फिर मैंने अपने कपड़े पहन लिए और ड्रॉइंग रूम में जाकर बॉस का इंतज़ार करने लगा। तभी बॉस का फ़ोन उनकी बीवी के मोबाइल पर आया। वो नंगी ही बाहर आई और उसने कहा कि वो आज रात में देर से आएँगे। इसलिए आपको इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। मैं जाने लगा तो उसने कहा, “अभी तो बहुत टाइम है… बाद में जाना।” मैंने उसकी तरफ़ देखा। नंगी वो बहुत ही सुंदर लग रही थी। उसकी चुचियों को देखकर मेरा लंड फिर हरकत में आने लगा और मैं रुक गया।
उसके बाद तो मैंने उसे बाथरूम में और उसके किचन टेबल पर बहुत ही ज़बरदस्त चोदा और लास्ट चुदाई बेडरूम में की तो उसकी हालत उठकर बैठने के लायक भी नहीं थी। उसकी चूत एकदम लाल हो गई थी और बहुत फूल गई थी। उसके घर से मैं शाम को 8 बजे निकला। उसके बाद तो वो मुझे खुद फ़ोन करके बुला लेती है। कई बार तो बॉस जब टूर पर जाते हैं तो 3-4 दिन मैं उसे कपड़े पहनाने ही नहीं देता। तो ये थी एक मदमस्त 40 साल की कुँवारी औरत के चुदाई की दास्तान।
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