• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Hindi Sex Story / 2 देहाती बन्दों से ट्रेन में चुदी दीदी 

2 देहाती बन्दों से ट्रेन में चुदी दीदी 

अप्रैल 16, 2026 by hamari Leave a Comment

Bahan Chudai Show

ये बात करीब 6 महीने पुरानी है। फर्स्ट लेट मी टेल यू अ बिट अबाउट माय सेक्सी हॉट कनिका। मेरी दीदी वैसे तो बहुत भोली-भाली और सीधी हैं, पर उनका फिगर कसम से। शी इज 5.6 35,28,36… अभी से पूरी ग्रोन अप वुमन लगती हैं। स्कूल में जब मेरी क्लास के कुछ लड़के मेरी कनिका पे कमेंट्स मार देते थे तो मुझे बहुत गुस्सा आता था। Bahan Chudai Show

मैंने कभी अपनी दीदी के बारे में ऐसी बातें सोची भी नहीं थी… इट वॉज जस्ट अनथिंकेबल फॉर मी। खैर… कॉलेज तक आते-आते तो मेरी कनिका की जवानी इतनी राइप हो चुकी थी जैसे पूरा भरा हुआ शराब का लबालब जाम। या फिर दूध का ग्लास 😉 ओर शुड आई से, दूध के २ बड़े-बड़े जग्स।

मैंने भी धीरे-धीरे कनिका के मेजरमेंट्स नोटिस करना शुरू किया;; उनकी क्लास के लड़के कनिका को छोड़ने कभी-कभी घर आते थे..लार टपकाते कुत्तों की तरह उनके चक्कर लगाते थे…. कनिका को भी उनको तड़पाने में मजा आता था। वैसे हम मिडिल क्लास से हैं तो हमारी फैमिली की भी रेस्ट्रिक्शन्स इसलिए वेस्टर्न आउटफिट्स तो नहीं पहनती थी पर सूट भी ऐसे-ऐसे पहनती थी कि बस..

रात में उनके मोबाइल पे कभी-कभी फोन्स आते थे..वो बड़ी सेडक्टिव वॉइस में बात करती थी। आई ऑलवेज यूज्ड टू वंडर कि किसका फोन होगा..खैर, बात तब की है जब हम एक बार में और कनिका कहीं जा रहे थे..हमारा ट्रेन का फर्स्ट क्लास का रिजर्वेशन था….हम जाकर ट्रेन में अपनी सीट्स पे बैठ गए।

दिन बहुत कम रश था, इनफैक्ट हमारे बगल के कम्पार्टमेंट में कोई भी नहीं था…थोड़ी देर बाद 2 आदमी हमारे कम्पार्टमेंट में आए…दोनों शक्ल से शरीफ तो नहीं दिख रहे थे.. एक करीब 40 साल का था और दूसरा 35 का होगा… दोनों की नजर आते ही साथ मेरी कनिका पे पड़ी.. और साले बेशर्मो की तरह मेरी कनिका को घूरे जा रहे थे…

इसे भी पढ़े – दीदी को चूड़ी पहना चोद दिया चाचा ने

जैसे जिंदगी में कभी लड़की देखी ही न हो.. मेरी कनिका ने भी बोल्डली उनकी तरफ देखा और कहा ‘बोलिए’ क्या चाहिए? थोड़ी सी ठेठ भाषा में एक ने अपना सीट नंबर बताया, वो हमारे ही कम्पार्टमेंट में था.. मैंने अपनी किस्मत को कोसा कि इनके साथ सफर करना पड़ेगा (उस वक्त मुझे मालूम नहीं था कि आगे और क्या-क्या होगा) वो दोनों सामने बैठ गए।

मेरी दीदी का दुपट्टा थोड़ा नीचे था (उनका क्लीवेज भी थोड़ा सा दिख रहा था) और उनकी ब्रा स्ट्रैप नजर आ रही थी..बैठते ही दोनों की नजर मेरी कनिका के दुपट्टे और ‘वहाँ’ पे ही गई (साले बास्टर्ड्स)। खैर माय कनिका वॉज ऑब्लिवियस टू दिस और वो नॉर्मली बैठी रहीं। उन्होंने हमसे पूछा कि हम कहाँ जा रहे हैं, कनिका ने बता दिया… हमारी थोड़ी बहुत बात हुई।

फिर ट्रेन चल पड़ी… दोनों अभी भी चोरी-चोरी कनिका के क्लीवेज को ही देख रहे थे… और कनिका भी अपना दुपट्टा सही नहीं कर रही थी… थोड़ी देर में, एक आदमी ने कुछ सामान निकालने के बहाने अपना सूटकेस हमारी ऊपर वाली बर्थ पे रख दिया.. वो खड़ा होके ऊपर से मेरी कनिका के क्लीवेज में झांकने लगा… साले को वहाँ से पूरा अन्दर तक दिख रहा था।

वो करीब 5 मिनट तक मजे लेता रहा। फिर जाकर बैठ गया… दोनों ने थोड़ी देर खुसर-फुसर की फिर दूसरा आदमी भी उठा और वही आके खड़ा हो गया… वो भी मेरी कनिका के क्लीवेज का पूरा मजा लेने लगा… मैं बता भी नहीं सकता था, अन्दर ही अन्दर लाल-पीला हुआ जा रहा था.. कनिका बेचारी को पता भी नहीं था।

तभी ट्रेन को एक धक्का सा लगा और मैं और कनिका आगे की तरफ झुक गए, कनिका का दुपट्टा पूरा नीचे आ गया..दीदी ने बड़े गले का सूट पहना हुआ था। जैसे ही वो झुकीं, उनका बहुत ज्यादा क्लीवेज दिखने लगा। मैंने देखा तो सामने वाला आदमी मेरी कनिका के क्लीवेज को घूर रहा था।

कनिका ने अपना दुपट्टा संभाला और अच्छे से डाल लिया। वो दोनों फिर से सामने बैठ गए और हम बातें करने लगे… वो मेरी कनिका से बात करने की कोशिश करने लगे, मेरी कनिका को भी कोई ऐतराज नहीं था… थोड़ी देर में हम सब बातें करने लगे…

बातें करते-करते वो एक-एक बार कनिका के मस्त फिगर को देख लेते (कनिका व्हाइट कलर का सूट पहनी हुई थी, उनकी बॉडी के सारे कर्व्स भरपूर दिख रहे थे)… उन्होंने हमसे पूछा कि हम कहाँ से हैं, और क्या करते हैं… कनिका में उनका ज्यादा इंटरेस्ट था, वो कनिका से पूछने लगे कि वो क्या करती हैं… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

पहला आदमी- बेटी तुम क्या करती हो

कनिका– जी मैंने अभी-अभी अपनी पढ़ाई खत्म की है।

पहला आदमी- क्या पढ़ी हो बेटी?

कनिका– जी बी.कॉम।

पहला आदमी- आगे और पढ़ोगी या फिर शादी कर लोगी?

कनिका– जी अभी तो और पढ़ने का इरादा है, अभी शादी के बारे में सोचा नहीं।

पहला आदमी- अरे क्यों (मुस्कुराते हुए), शादी के बारे में क्यों नहीं सोचा।

कनिका– (मुस्कुराते हुए) जी बस यूँ ही, अभी और पढ़ना है, शादी तो कभी न कभी कर ही लूँगी… अब वो लोग हमसे थोड़े खुल गए थे.. वो हमें अपने बारे में बताने लगे… द ऑल्डर वन वॉज दयाराम एंड द यंगर वन वॉज हिज नेबर शिवा। मैं जब टॉयलेट से वापिस आया तो देखा कि दयाराम और शिवा कनिका के दोनों तरफ बैठ गए हैं,और कनिका भी उनसे हँस-हँस के बातें कर रही है..

मैं आया तो मैं सामने वाली बर्थ पे बैठ गया..बातें करते-करते कनिका का दुपट्टा फिर नीचे सरक गया और उनकी ब्रा स्ट्रैप फिर से कंधे पर दिखने लगी, कनिका दयाराम से बातें करने में गुम थी और शिवा उनके क्लीवेज में झाँक रहा था..ए मेरी परवाह भी नहीं थी, दोनों मेरी कनिका की खूबसूरती के दीवाने ही गए थे। अब इन बुढ़ों को रोज-रोज 23 साल की जवान खूबसूरत और ‘बोल्ड’ लड़की रोज-रोज तो मिलती नहीं होगी…

कनिका भी उन्हें खूब मजा दे रही थी.. उनकी किस्मत आज जाग गई थी जो मेरी कनिका के साथ एक ही कम्पार्टमेंट में रात बिता रहे थे। वो इस मौके का भरपूर फायदा उठाना चाहते थे, और मेरी कनिका भी उन्हें बढ़ावा दे रही थी.. अब तक दोनों काफी बोल्ड हो चुके थे और खुल के मेरी कनिका के जिस्म को देख रहे थे.. दयाराम तो बीच-बीच में तारीफ भी कर देता था। ‘बेटी, तुम सच में बहुत सुन्दर हो’

कनिका– (मुस्कुरा के) ‘सच में? अरे इतनी भी सुन्दर नहीं मैं’

दयाराम- नहीं बेटी, सच में….शिवा से पूछ लो’

कनिका– शिवा अंकल, क्या दयाराम जी सही बोल रहे हैं?

शिवा- हाँ हाँ, सच ही तो कह रहा है, तुम हो ही इतनी प्यारी’ (ये कहते हुए, शिवा ने मेरी कनिका के बदन को सिर से लेकर पाँव तक देखा, फिर कनिका की आँखों में देखा)

कनिका उसकी आँखें देख के मुस्कुरा दी।

कनिका– आप दोनों भी ना बस मेरी झूठी तारीफें ही कर रहे हैं

दयाराम- अरे नहीं सच, तुम्हारा पति सच में बहुत किस्मत वाला होगा।

कनिका– अरे क्यों?

दयाराम- अब ये भी बताना पड़ेगा कि क्यों?

कनिका मुस्कुरा के शर्मा दी -‘रहने दीजिए अंकल.’

इसे भी पढ़े – टॉयलेट में गन्दा खेल खेला भाई बहन ने

बातें करते-करते दयाराम कनिका के घुटने को छू रहा था, कनिका कुछ नहीं बोल रही थी, फिर धीरे-धीरे वो बातें करते-करते घुटने के ऊपर हाथ लगाने लगा, उनकी जाँघों पर हल्के से हाथ फेर देता कोई बात बताने के बहाने.. ये देख कर शिवा भी थोड़ा बोल्ड हो गया.. वो भी धीरे से कनिका की जाँघों को छू देता। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उन लोगों को वहाँ मेरा होना खटकने लगा.. दयाराम बोला ‘बेटा तुम सो क्यों नहीं जाते?’ इसपे कनिका भी बोलीं ‘हाँ सोनू, तू जाकर ऊपर सो जा, मैं अभी अंकल से बातें कर रही हूँ’ मैं बोल भी क्या सकता था, वहाँ बैठे रहने से अच्छा ऊपर जाकर सो गया.. पर मैं उनकी बातें चुपके से सुन रहा था, वो मेरी बर्थ के नीचे वाली बर्थ पे ही थे। अब दयाराम मेरी कनिका की जाँघ पे हाथ रखते हुए बोला-‘बेटी, तुम तो ये बताओ कि तुम शादी कब कर रही हो?’

कनिका– ‘क्यों, आपको मेरी शादी की इतनी चिंता क्यों है?’

दयाराम- अरे नहीं बेटी, तुम्हें देख के लगता है कि तुम्हारी शादी अब हो जानी चाहिए.’

कनिका– अंकल मैं समझी नहीं, प्लीज जरा खुल के समझाइए ना’.

दयाराम-‘बेटी मेरा मतलब कि अब तुम जवान हो चुकी हो, तुम्हारा मन नहीं करता कि तुम्हारा कोई पति हो, जो तुम्हें प्यार करे?’

कनिका– मन तो करता है अंकल, पर क्या करें, वेट करना पड़ेगा’.

दयाराम- किस बात का वेट बेटी?’ (ये कहते हुए, उसने मेरी कनिका को जाँघ पे हाथ फिराया.)

कनिका ने मुस्कुरा के उसके हाथ को देखा और कहा-‘अंकल, आप बड़े बदमाश हैं, ये क्या कर रहे हैं आप?’

दयाराम- क्या कर रहा हूँ बेटी?’

कनिका– अच्छा केबिन का दरवाजा तो लॉक कर दीजिए, कोई आ गया तो?’

ये सुनते ही शिवा ने केबिन का दरवाजा लगा लिया, जब वो खड़ा हुआ तो उसकी पैंट में उसका लंड काफी खड़ा हुआ था, जिसे उसने छिपाने की भी कोशिश नहीं की। कनिका ने एक नजर उस तरफ डाली और मुस्कुरा दी। वहाँ दयाराम कनिका की जाँघ पे अब अच्छे से हाथ फिराने लगा था…

शिवा कनिका के बगल में बैठा गया और उसने भी कनिका की जाँघ को छूना शुरू कर दिया। कनिका ने आँखें बंद करके एक आह भरी- उफ्फ.. आप दोनों भी ना.. छोड़िए ना.” कम्पार्टमेंट की लाइट अब बंद हो गई और आवाजें भी धीरे-धीरे आने लगी.. बीच-बीच में मेरी कनिका की आह ऊह सुनाई दे जाती थी…

कनिका– आन्ह, क्या कर रहे हैं… उम्म्ह , बदमाश ,छोड़िए ना प्लीज..

मैं यही सोच रहा था कि आखिर ये दोनों मेरी कनिका के साथ ऐसा क्या कर रहे होंगे… जाने क्यों मेरा लंड खड़ा होने लगा… द हीट ऑफ द सिचुएशन वॉज गेटिंग टू मी… वो दोनों तो मेरी कनिका को ट्रेन में ही अच्छे से चोदने का पूरा मन बना चुके थे… मैंने नीचे झाँका, तो नीचे की सामने वाली बर्थ पे कनिका का दुपट्टा पड़ा था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैंने हिम्मत करके अपनी नीचे वाली बर्थ पे झाँकने की कोशिश की.. लाइट बंद थी पर विंडो से इतनी रोशनी आ रही थी कि नीचे क्या हो रहा वो दिख रहा था… दे कुड ऑब्वियसली नॉट सी मी, माय बर्थ वॉज इन डार्कनेस… दोनों मेरी कनिका के बदन पे हाथ फेर रहे थे, और उनके मम्मे भी दबा रहे थे… कनिका वैसे तो बीच-बीच में मना कर रही थी, पर उनके हाथ बार-बार कनिका के बड़े-बड़े और भरे हुए मम्मों पे ही आ जाते..

कनिका को भी शायद अपने मम्मे उन दोनों से दबवाते हुए मजा आ रहा था, इसलिए वो मुस्कुराते हुए मना कर रही थी.. इतनी छेड़छाड़ के बाद कनिका के निप्पल्स भी एकदम इरेक्ट हो गए थे, और उनके सूट के ऊपर से निप्पल्स का उभार साफ दिख रहा था… शिवा ने एक हाथ से कनिका के निप्पल्स सूट के ऊपर से ही दबा दिए, कनिका के मुँह से आह निकल गई- आह, उम्म्म…

कनिका– छोड़िए ना प्लीज, मेरा भाई जाग जाएगा….

दयाराम- अरे नहीं जागेगा बेटी, प्लीज हमें कर लेने दो ना, सिर्फ जी भर के दबाएँगे और कुछ नहीं करेंगे, कसम से….

इसे भी पढ़े – दुधारू दीदी के बुर की गर्मी

जैसे ही उसने जी भर के दबाने वाली बात की कनिका की बांछे खिल गईं, कनिका भी अब काफी उत्तेजित हो चुकी थी… उन्होंने ज्यादा न नुकुर नहीं की… पल-पल, उन दोनों की प्यास बढ़ती ही जा रही थी, एंड देर इरेक्शन्स वेयर क्वाइट प्रॉमिनेंट नाउ, दोनों धीरे-धीरे अपनी पैंट के ऊपर से ही अपने लंड सहला रहे थे…

कनिका ने उनकी इस हरकत को देखा…दयाराम कनिका को देख के मुस्कुरा दिया… कनिका मन ही मन सोच रही थी ‘हाय राम, कितने बड़े-बड़े होंगे दोनों के…’ कनिका मन ही मन ये सोच के और ज्यादा एक्साइटेड होने लगी..

दयाराम- दबा लूँ बेटी? (ये कहते हुए उसने कनिका के मम्मे को धीरे से दबा दिया.)

कनिका कुछ नहीं बोलीं, बस आँखें बंद कर लीं..ने अपना हाथ कनिका की जाँघ पे फिराया। वहाँ शिवा भी कनिका की जाँघ और मम्मों को छू रहा था… अब दोनों खुल कर कनिका के मम्मे दबाने लगे… कनिका ने उस बंद अँधेरे कम्पार्टमेंट में, चलती ट्रेन में अपनी आँखें बंद कर लीं और धीरे-धीरे आहें भरने लगी..

कनिका- ‘उम्म्ह हम्म उम्म्ह आह, आउच..’

दयाराम बाजू से कनिका के सूट के ऊपर से ही उनके बाएँ मम्मे से खेल रहा था और शिवा उनके दूसरे मम्मे से , उन दोनों ने कनिका की टाँगें फैला के अपनी-अपनी जाँघों के ऊपर रख ली। वहीं कनिका सोच रही थी- ‘उफ्फ, बड़ा मजा आ रहा है, पर मैं कंट्रोल से बाहर हो रही हूँ, थोड़ी देर और दबाने देती हूँ, जब आउट ऑफ कंट्रोल होने लगूँगी तो रोक लूँगी इन्हें.’

ये सोच के कनिका बस आँखें बंद करके मजे लेने लगी। मम्मों के साथ-साथ दोनों कनिका की कमर भी छू रहे थे, उनके हाथ कनिका के पूरे शरीर पर फिर रहे थे, कनिका की कमर पर, जाँघों पर, उनके पेट पर। दोनों कनिका के गालों को चूमने लगे, अब तो कनिका की बर्दाश्त के भी बाहर होने लगा था.

उनकी साँसें बहुत तेज हो चुकी थीं, दिल धक-धक धक-धक करके धड़क रहा था और पूरा बदन गरम हो चुका था। कनिका ने किसी तरह लड़खड़ाती हुई आवाज में कहा ‘बस, बस.. आह, अब बस..’ दयाराम समझदार था, उसने शिवा को रुकने का इशारा किया, दोनों ने कनिका को छोड़ दिया, दयाराम ने शिवा को थोड़ा दूर हो जाने के लिए कहा… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

वो खुद भी आराम से कनिका के बगल में बैठ गया… कनिका जोर-जोर से साँसें ले रही थी, धीरे-धीरे वो नॉर्मल होने लगी, दयाराम ने पानी की बॉटल से उनको पानी पिलाया..थोड़ी देर बाद दयाराम और कनिका धीरे-धीरे बातें करने लगे, और शिवा सामने वाली बर्थ पे बैठा था..

वो बहुत धीमे बात कर रहे थे और उनकी आवाजें साफ-साफ सुनाई नहीं दे रही थीं… इस वक्त रात के करीब 12 बज चुके थे। बाहर जंगल ही जंगल था और ऊपर पूरा चाँद, जिसकी रोशनी में मेरी कनिका का पसीने से भीगा हुआ क्लीवेज उनकी हर साँस के साथ उठ रहा था और बैठ रहा था…

दयाराम जानता था कि ये कनिका का फर्स्ट टाइम था इसलिए उसे सावधानी बरतनी होगी… शिवा ने दयाराम की तरफ इशारा किया ‘मस्त माल है, इसे तो चोदना ही है’ दयाराम ने इशारे से उसे समझाया कि वो शांत रहे, अभी पूरी रात पड़ी है।

दयाराम- ‘बेटी अभी कैसा लग रहा है?’

कनिका– (मुस्कुराते हुए) अंकल अभी ठीक हूँ, थोड़ा रेस्ट कर लूँ।

दयाराम- हाँ हाँ बेटी, जरूर, आओ, मेरी गोद में सिर रख के सो जाओ.

कनिका– अरे नहीं नहीं अंकल.

दयाराम- तो बेटी आओ पैर रख लो, तुम्हारे पैर ही दबा दूँ.

कनिका– नहीं नहीं अंकल मैं ठीक हूँ सच में.

दयाराम- अरे नहीं बेटी, आओ मैं तुम्हारे पैर दबा दूँ.

इसे भी पढ़े – माँ का नंगा शरीर मेरा लंड खड़ा करने लगा

ये कहते हुए उसने कनिका के पैर अपनी गोद में रख लिए, और दबाने लगा, कहने की जरूरत नहीं कि कहाँ तक दबा रहा था, शुरुआत तो नीचे से की थी, पर धीरे-धीरे सहलाते हुए घुटनों तक आ गया और फिर जाँघों तक सहलाने लगा। कनिका तो मस्त अपने पैर दबवा रही थी।

कनिका के पैर बड़े सॉफ्ट तो हैं पर पूरे भरे हुए, पैरों से शुरू होके जाँघों तक पहुँचते-पहुँचते पूरे भरपूर भर जाते हैं। दयाराम तो कनिका की जाँघों की मोटाई नापता रह गया… दयाराम कनिका के पैर दबाते-दबाते उनकी पूरी टाँगें सहला रहा था, और कनिका भी उसे किसी तरह से नहीं रोक रही थी…

वहाँ शिवा जल-भुन रहा था कि साला दयाराम क्या मजे ले रहा है.. साली की टाँगें कितनी मुलायम होंगी.. दयाराम अब अपना हाथ धीरे-धीरे कनिका की चूत के पास मलने लगा…कभी जाँघें मलता, फिर कभी चूत के ऊपर हाथ फिराने लगता… कनिका को खूब मजा आ रहा था..

दयाराम-‘कहो बेटी, अच्छे से दबा रहा हूँ ना?’

कनिका (शर्माते हुए)- ‘आह,…हम्म..’

कनिका ने अपने हाथ पीछे रखे हुए थे सहारे के लिए, जिससे उनकी छाती बाहर की और उभरी हुई थी और उनके बड़े-बड़े मम्मे व्हाइट सूट से निकल पड़ने को हो रहे थे… उनके निप्पल्स हार्ड हो चुके थे और सूट के ऊपर से भी दिख रहे थे… शिवा की आँखें उनके मम्मों पे ही टिकी हुई थीं… उनकी दर साँस पे उनके मम्मे ऊपर-नीचे हो रहे थे… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

शिवा से अब रहा नहीं जा रहा था… कनिका ने मुस्कुराते हुए शिवा की तरफ नजर डाली… वहाँ दयाराम अपने काम में लगा हुआ था.. अब दयाराम कनिका के पंजों से अपना लंड भी सहलाने लगा… जैसे ही कनिका को कुछ हार्ड सा महसूस हुआ उनकी नजर तुरंत उस तरफ गई… दयाराम भी बिना झिझके मुस्कुराते हुए अपने लंड को ऊपर से ही कनिका के पैरों से सहलाने लगा… कनिका बस देखती रही…

कनिका– अब बस करिए ना, मुझे नहीं दबवाने पैर।

दयाराम- अरे क्यों बेटी?

कनिका – अब मेरे पैर नहीं दुख रहे।

दयाराम- तो क्या दुख रहा है बेटी, वही बता दो, मैं वही दबा दूँगा (कहते हुए उसने कनिका के सीने पे नजर डाली.)

कनिका (शर्माते हुए)- ‘अरे नहीं नहीं, मुझे कुछ नहीं दबवाना अब आपसे, मैं सब समझती हूँ ओके’.

दयाराम- क्या समझती हो बेटी? जरा हमें भी तो समझाओ…

कनिका– यही, कि आप क्या दबाना चाह रहे हैं…

दयाराम- अच्छा? तो हम क्या दबाना चाह रहे हैं?

कनिका– आप मेरे… (बीच में ही कनिका रुक गई.)

दयाराम- बोलो ना बेटी… हम तुम्हारे क्या दबाना चाहते हैं?

कनिका– बस बस, मुझे नहीं बोलना अब… आप बहुत बदमाश हैं… चलिए छोड़िए मेरी टाँगें…

कह कर कनिका सीधे बैठ गई।

कनिका सोच रही थी- ‘उफ्फ, कितना मजा आ रहा था,’

दयाराम- आजाओ बेटी मेरे पास बैठ जाओ, खिड़की की हवा खा लो.’

कनिका सरक के दयाराम के पास आ गई अब दयाराम कनिका को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फँसाने लगा। बीच-बीच में कनिका के हँसने की आवाजें आ जाती थीं, दोनों करीब बैठे थे इसलिए उनकी आवाजें साफ सुनाई नहीं दे रही थीं… वहाँ शिवा का क़ुतुब मीनार तो कारगिल का बंकर बन चुका था, कि समझ नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है…

इसे भी पढ़े – कुंवारी लड़की को कामुक किया अंकल ने

ने झल्ला के कहा-‘मैं जा रहा हूँ टॉयलेट’

दयाराम- अरे भाई, क्या हुआ तुझे, तू कहाँ चला?’

शिवा ने एक नजर कनिका की तरफ देखा और कहा- ‘अब नहीं रहा जाता मुझसे.’

दयाराम समझ गया, उसने किसी तरह शिवा को समझाया और बिठाया, फिर कनिका के पास आके कनिका को समझाने लगा.

दयाराम- सुनो बेटी.

कनिका– हाँ बोलिए.

दयाराम- देखो बेटी, ये तो तुम मानती हो ना कि तुम बहुत खूबसूरत हो?

कनिका– हाँ, मान लेती हूँ।

दयाराम- बेटी, तुम्हारी खूबसूरती का मर्दों पे क्या असर पड़ता है ये शायद तुम नहीं जानती, जानती हो, शिवा अभी तुम्हारे साथ क्या करना चाहता है?

कनिका– क्या….

दयाराम- बेटी, वो तो बस तुम्हे। इसलिए उससे नहीं रहा जा रहा, और वो बेचारा बाथरूम जा रहा है।

कनिका- ओह्ह।

दयाराम- हाँ बेटी, इसलिए उस बेचारे पे कुछ रहम करो, और मेरी एक बात मान लो प्लीज..

कनिका का दिल जोरों से धड़क रहा था.

कनिका– कौन सी बात?

दयाराम- बेटी, जाने से पहले, अपना ये सूट एक बार उतार दो प्लीज, और इस बेचारे को अपनी जवानी के दर्शन करवा दो.. कसम से ये तुम्हे हाथ भी नहीं लगाएगा। प्लीज बेटी, इस बेचारे के लिए इतना भी नहीं कर सकती क्या?

कनिका के मम्मे तो इतने दबने के बाद खुद ही काफी एक्साइटेड हो गए थे.. इन दोनों के सामने अपना सूट निकाल देना और सिर्फ अपनी ब्रा में होने की बात सुन के ही कनिका का मस्ती चढ़ने लगी..

कनिका झट से बोली- ठीक है.

दयाराम मुस्कुरा दिया- उसने शिवा को आँख मारी।

कनिका दोनों के बीच में खड़ी हुई, और धीरे से अपना सूट, अपनी बाहों के ऊपर से निकाल दिया और बर्थ पे रख दिया। वो दोनों तो कनिका की जवानी देखते ही रह गए बस.. कनिका, व्हाइट ब्रा पहनी थी, जिसमें उनके बड़े-बड़े और सॉफ्ट मम्मे एक बड़ा क्लीवेज बना रहे थे.. के नीचे उनकी भरी हुई कमर, जिसपे लव हैंडल्स भी थी… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

उनका थोड़ा सा निकला हुआ टमी, और गहरा नाभि..उनके भरे हुए पर मुलायम-मुलायम कंधे.. दोनों का जी किया कि तुरंत झपट के कनिका को अपनी बाहों में ले लें.. दोनों की आँखें कनिका की गरम जवानी देख के बस फटी की फटी रह गईं… दोनों के हाथ खुद ही अपने-अपने लंड पे चले गए सहलाने के लिए… कनिका उनका रिएक्शन देख के मुस्कुरा दी, और फिर धीरे से हँस दी…

कनिका- ‘क्या देख रहे हैं ऐसे?’

दयाराम- ‘तुम्हे नहीं पता बेटी कि हम क्या देख रहे हैं?’

कनिका बस शर्मा दी

दोनों कनिका का बदन ऊपर से लेकर नीचे तक देख रहे थे, उनके एक-एक कर्व को बड़े ध्यान से देख रहे थे, उनके हर एक कर्व पे नजर जाते ही इन लोगों का लंड एक बार फड़कता था… शिवा से तो अब रहा नहीं गया… कनिका की साँसें जोर-जोर से चल रही थीं और वो शिवा के रिएक्शन्स को देख रही थी, क्योंकि उसको देख के लग रहा था कि वो तो अब फट ही पड़ेगा..

दयाराम समझ गया कि अब मौका आ गया है.. दयाराम ने कनिका का हाथ धीरे से पकड़ के अपनी तरफ खींचा ‘यहाँ आओ बेटी’ उसके बाद कनिका की स्टैंडिंग पोजिशन में ही अपने हाथ कनिका के बदन पे फिराने लगा। कनिका ने अपनी आँखें बंद कर लीं और एक गहरी आह ली- उफ्फ..

दयाराम कनिका को और गरम कर रहा था.. कनिका कंट्रोल से बाहर होती जा रही थी… वहाँ शिवा की बुरी हालत थी… दयाराम ने कनिका की भरपूर कमर को पकड़ा और उसपे हाथ फिराने लगा। फिर कमर से उनकी गांड की गोलाई को तराशा.. जाँघों पे हाथ फिराते हुए ऊपर से ही चूत को सहलाने लगा..

इसे भी पढ़े – शहर जाकर मेरी बहन रंडी बन गई थी

दयाराम खड़ा हो गया और कनिका के कान में जाकर पूछा- ‘लंड लोगी?’ कनिका अब कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी… दयाराम ने कनिका की सलवार का नाड़ा ढीला कर दिया और सलवार नीचे गिर पड़ी.. शिवा ने तो अपनी आँखें ही बंद कर लीं… कनिका की नंगी टाँगें देख लेता तो वही फट जाता..

दयाराम ने किसी तरह अपने पे कंट्रोल करते हुए कनिका को पैंटी से मुक्त कराया… कनिका की चूत इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी कि जब ठंडी हवा वहाँ पे महसूस हुई तो कनिका ने एक आह भरी.. दयाराम ने कनिका की नंगी गांड को सहलाया और दबाया..

दयाराम- ‘शिवा अपना लंड निकाल ले अब… और तैयार हो जा.’

शिवा ने किसी तरह अपनी पैंट नीचे की और उसका लंड फटक से आजाद हो गया.. शिवा ने कनिका को अपनी तरफ खींचा.. और कनिका अपने पैर उसके दोनों तरफ रख के उसकी जाँघों पर बैठ गई… शिवा ने कनिका को अपनी बाहों में लेकर पागलों की तरह उन्हें चूमना शुरू कर दिया..

कनिका भी आहें भरने लगी -‘आन्ह आन्ह उम्म्ह नहीं उंह्ह….’ शिवा ने अपने लंड को पकड़ के कनिका की चूत के मुहाने पे रखा… चूत पहले से काफी गीली हो चुकी थी.. चूत की गर्मी उसे मुंड पे भी महसूस हो रही थी… शिवा- ‘ये तो साली जबरदस्त गरम है.’

कनिका ने मोटे फड़कते लंड को अपनी चूत के मुहाने पे महसूस किया। कनिका -‘आन्ह्ह…’ उन्होंने शिवा के गले में अपनी बाहें डाल दीं और उसका चेहरा अपने सीने से सटा लिया। तभी शिवा ने अपना लंड कनिका की चूत में घुसाया… स्लश्ह्ह… बहुत स्विफ्टली। कनिका होशो-हवास खो चुकी थी..

उन्हें सिर्फ अपनी चूत की आग और वो मोटा लंड महसूस हो रहा था… शिवा ने जब टाइट पर गीली चूत में अपना लंड पहली बार डाला तो वो तो मानो स्वर्ग में ही पहुँच गया… कनिका का मखमली बदन उसकी बाहों में पिघल रहा था… उसने कनिका को चोदना शुरू किया… और कनिका ने चुदना…

अपने लंड को निकाल के फिर ऊपर थ्रस्ट मारता.. फिर निकालता, फिर थ्रस्ट मारता… थोड़ी देर के बाद ही उसका पीक आ गया और फिर उसने जोर-जोर से थ्रस्ट मार के एक जोर के धक्के के साथ कनिका के अन्दर पूरा डिस्चार्ज किया… पर जब वो जोर-जोर से धक्का मार रहा था तो कनिका की सहन से ज्यादा मजा हो रहा था… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

वो इतने मजे को सह नहीं पा रही थी- ‘आआह है उफ्फ आह आह…’ शिवा के डिस्चार्ज के बाद भी कनिका तो अभी भी गरम थी। दयाराम अपने पूरे कपड़े उतार चुका था.. कनिका पलटी तो दयाराम को पूरा नंगा बदन देख के उनकी मस्ती अपने चरम पे पहुँच गई.. कनिका भूखी आँखों से दयाराम के तने लंड को निहार रही थी।

दयाराम- ‘आजा, लेगी? आज तो तुझे जी भर के चोदूँगा रानी’ कहते हुए दयाराम ने कनिका का हाथ पकड़ के उन्हें अपनी बर्थ पे खींच लिया और कनिका को लिटा के उनकी टाँगें फैलाई…दयाराम ने अपना लंड सहलाते हुए कनिका के पूरे नंगे बदन को निहारा… सिर से लेकर पाँव तक कनिका माल ही माल हैं और उस वक्त वो दयाराम के सामने पूरी नंगी लेटी थी, दयाराम भी पूरा नंगा था।

कनिका लेटे-लेटे दयाराम के नंगे बदन और उसके बड़े लंड को देख रही थी, कनिका तो अब पूरी तरह से सबमिसिव हो गई थी। कनिका की गीली पिंक चूत को देख के दयाराम को बड़ा मजा आ रहा था.. फिर उनके ऊपर लेटते हुए अपना लंड अन्दर डाला… पहले धीरे से..

इसे भी पढ़े – अपने टीचर की मजबूरी का फायदा उठाया

दयाराम ने कनिका के मखमली बदन को अपनी बाहों में ले लिया और उन्हें मसलने लगा.. दयाराम ने कनिका के विशाल मम्मों को अपनी बाहों में समेट लिया और अपनी कठोर छाती कनिका के मुलायम सीने पे मलने लगा.. कनिका के निप्पल्स वैसे ही खड़े थे… कि रगड़न से कनिका को मजा ही आ गया… कनिका -‘आआह्ह्ह, ओह, स्स्स….’ उसने कनिका के चेहरे पे चुम्मियाँ दे दी…फिर उसने कनिका को चोदना शुरू किया… धीरे-धीरे कनिका को मस्ती चढ़ने लगी और उनकी आहें निकलने लगी- ‘उम्म्ह्ह.’

(जब लड़की को चुदने में मजा आता है तो वो कुछ कहती नहीं है बस जोर से आहें लेती है… कि आहों का मतलब ही होता है कि मुझे और जोर से चोदो). दयाराम और कनिका इस तरह थोड़ी देर तक चुदाई करते रहे फिर दोनों ने क्लाइमैक्स किया…क्लाइमैक्स के वक्त तो दयाराम ने कनिका की गर्मी को देखते हुए अपनी पूरी ताकत ही झोंक दी…के लंड के कनिका की गीली चूत में घूसने की आवाज तेज-तेज आने लगी…..’फच फच फच। उसके बाद बाकी की रात में दोनों ने कनिका के और मजे लिए और एक-एक बार फिर से उन्हें चोदा…..कनिका भी मस्ती में थी, दोबारा दोनों से जी भर के चुद गई..

ये Bahan Chudai Show की कहानी आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे…………….

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. भाई के ससुराल में सभी लेडीज को चोदा
  2. दोस्त की प्रेग्नेंट आपा को चोद दिया
  3. दोस्त की बहन और बीवी को रखैल बनाया
  4. बस में सेक्स का अनोखा अनुभव
  5. दोस्त की सेक्सी वाइफ मेरी रखैल बनी
  6. कबीर ने पैसे वसूले दीदी की चूत से

Filed Under: Hindi Sex Story Tagged With: Anal Fuck Story, Bathroom Sex Kahani, Blowjob, Boobs Suck, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Sexy Figure, Train Mein Chudai

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • 2 देहाती बन्दों से ट्रेन में चुदी दीदी 
  • Help Karne Se Impress Hui Ladki Ne Chudwaya
  • संध्या भाभी ने मेरा लंड नापा
  • Kamuk Priya Ne Chudwai Tight Chut
  • जेठानी ने जेठ जी से पेलवाया देवरानी को

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated