Family Hot XXX Story
मैं नेहा शादी शुदा हूं 33 वर्ष की उम्र है और मेरे पति के साथ मैं गाज़रौला में रहती हूं। हमारे परिवार में मेरा 4 साल का बच्चा और मेरे ससुरजी और हम दोनों हैं। आज से करीब 6 साल पहले मैं शादी करके आई मेरे पति के घर पर। मैं बहुत खुश थी। मेरे पति मुझे बहुत खुश रखते थे। सास ससुर भी मेरा काफी खयाल रखते थे मुझे अपनी बेटी की तरह रखते थे। Family Hot XXX Story
लेकिन बात तब बिगड़ी जब मेरी सस का देहांत हो गया 2 साल पहले। तब से मेरे ससुर जी की नजर मुझपर बिगड़ी है। वो रिटायरमेंट लाइफ जी रहे हैं इसलिए पूरा दिन घर पर ही रहते हैं। और बार बार मुझमें वासना की नजर से देखते रहते हैं। कई बार सूखाने रखे कपड़ों में से वो मेरी ब्रा और पैंटी से खेलते हैं वो मैंने चोरी छुपे देखा है।
मैंने कई बार सोचा कि अपने पति को सब बता दू कि ससुर क्या कर रहे हैं। पर मेरा मन नहीं माना कि क्यों बाप बेटो में झगड़ा करवाना। कुछ दिन वैसे ही निकल गए। और दिन निकलने के साथ साथ मेरे ससुर की हिम्मत भी बढ़ने लगी। वो मेरे पास चाय बनाने को कहते और जब मैं चाय बनाती होती किचन में तो वो आ जाते मुझे हेल्प करने के बहाने। मुझे कोई न कोई बहाना बनाकर छुने लगे।
एक दिन की बात है मेरे पति सुबह जॉब पर चले गए और मेरे लड़के को भी स्कूल छोड़ने ले गए। सुबह के 7 बजे थे मैं नहाने के लिए जा ही रही थी मैंने मेरी ब्रा और पैंटी और टॉवल बाथरूम में लगा दिए और अंदर जा कर अपने एक एक करके कपड़े उतारने लगी और पूरी नंगी हो कर जस्ट बाथ लेने ही वाली थी कि मेरे ससुर ने जोर से आवाज लगाई नेहुउउउ……
घर में मुझे प्यार से सब नेहा की वजह नेहु कहते हैं.. नेहुउउ जल्दी आओओ.. उनकी जोर की आवाज से मैं डर गई। और डर के मारे हडबडाती हुई सोचते हुए के कुछ अशुभ न हुआ हो तो अच्छा है.. मेने फटाफट अंदर रखी हुई मेरी नाइटी पहनी और बाहर आ गई सिर्फ नाइटी पहनी.. ना ही मैंने अंदर ब्रा पहनी थी या पैंटी पूरी बदन पर सिर्फ एक नाइटी थी वो भी काफी पतली थी कि उसके आरपार आसानी से देखा जाये..
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मैंने बाहर निकल कर देखा तो वो कहीं दिखाई नहीं दिये तो मैंने बाहर जाके देखा तो वो गार्डन में गिरे पड़े थे.. मैं दौड़ती गयी उनके पास और उनको उठाने की कोशिश करने लगी तभी मैंने महसूस किया कि वो मेरे नाइटी से दिखाई देने वाले मेरे बूब्स और निप्पल को देख रहे हैं..
मैं शर्मा गयी और जैसे बने वैसे उन्हें जल्दी से उठाया.. उठाते समय उन्होंने अपना एक हाथ मेरी गांड पर रख दिया और उन्हें महसूस हो गया कि मैंने अंदर पैंटी भी नहीं पहनी है. .मैंने पूछा बाबुजी क्या हुआ कैसे गिर गए वो बोले बहू पैर फिसल गया और गिरा गया, माफ करना बहू मुझे तुम्हे इस हालत में बुलाना पड़ा..
मैंने कहा पिताजी कोई बात नहीं.. आप आराम किजिये.. मैं बाथ लेके आती हूं.. वो बोले बहू मैं किचड़ वाला हो गया हूं तुम बाद में नहा लेना मुझे पहले स्नान कर लेने दो.. उनकी बात सुनकर मैं पहले तो सोच में पड़ गई पर मुझे लगा वो मेरे पिताजी जैसे ही हैं मैंने कहा ठिक है पिताजी आप स्नान करलो..
उनके बाथरूम में घुसने के बाद थोड़ी देर में बाहर निकल गए.. और उनके निकलने के बाद मैं नाइटी में अपनी गुप्तांग जो छुप नहीं रहे थे वो छुपाने की कोशिश करते हुए अंदर चली गई बाथ करने के लिए.. और मैं मेरी धुन में और सोच में ही बाथ करती रही.. जब स्नान खतम कर मैंने टॉवल लेने के लिए हाथ बढ़ाया तो मुझे जोरों का झटका लगा वहां मैंने रखा हुआ टॉवल नहीं था..
तभी मेरे मन में शक हुआ कि यह ससुरजी की कोई नई चाल है फिर मैंने सोचा कि नहीं वो जल्दी में स्नान करने आये थे तो गलती से मेरा ने टॉवल ले गए होगे.. मैंने जैसे तैसे पोछ ली और अपनी पैंटी हाथ में ले कर पहनने जा रही थी कि मुझे कुछ गिला सा लगा मैंने वापस पैंटी उतार कर देखा तो अंदर पैंटी पर चिपचिपा सा कुछ लगा था कुछ.
मैं समझ गया कि मेरे ससुर ने मेरी पैंटी पर मुठ मारकर अपना वीर्य निकाला है और वो मेरा चूत पर भी थोड़ा थोड़ा लग गया था मुझे बहुत गुस्सा आया.. और मैंने पैंटी निकाल कर कचरे के डिब्बे में फेंक दिया.. मैंने ब्रा देखा तो उन्होने उसमें भी अपने वीर्य का पानी छोड़ा हुआ था..
मुझे इतना गुस्सा आ रहा था कि मान कर रहा था उनका खून कर डालू.. मैंने गुस्से में आकर अपनी ब्रा भी कचरे के डिब्बे में फेंक दिया.. और वापस उनके वीर्य वाली चूत को मैंने साफ किया और दूसरी बार वही बाथ लिया.. अब मैं सोच रही थी कि बाहर जाऊं तो कैसे जाऊं क्यों कि ना अब मेरे पास टॉवल थी ना ही ब्रा पैंटी.. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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मुझे गुस्सा आ रहा था और अब पछतावा भी हो रहा था कि मैंने क्यों जल्दबाजी में ब्रा और पैंटी निकाल कर फेंक दिया कचरे में.. तभी मुझे न चाहते हुए भी ससुजी को आवाज लगानी पड़ी.. मैंने कहा “पिताजी आप मेरा टॉवल गलती से लेके गए हैं जरा मुझे दे दीजिये” उन्होने जवाब दिया “ओह्ह बहू माफ करना जल्दबाजी में अपना ने टॉवल ले जाना भूल गए थे तो तुम्हारा ले लिया, ठहरो मैं तुम्हे दूसरा टॉवल दे रहा हूं”.
मुझे उन पर इतना गुस्सा आ रहा था पर मैं भला कर भी क्या सकती थी.. उन्होने मुझे आवाज लगाकर कहा ये लो बहू.. मैंने बाथरूम का दरवाजा थोड़ा खोलकर हाथ बाहर निकाला और उन्होने मेरे हाथ को टच करते हुए मुझे टॉवल दे दिया.. मैंने ने टॉवल देखा तो मुझे और भी ज्यादा गुस्सा आया क्यों कि उन्होने जो ने टॉवल दिया था वो एकदम छोटी साइज का था और उन पर 2 जगह से छोटे छोटे होल भी थे..
मैं समझ गई कि आज ये बुड्ढा मुझे छोड़ने वाला नहीं है.. मजबूरी का नाम महात्मा गांधी.. मैंने वो ने टॉवल से अपना शरीर पोछा और अपनी बूब्स से टॉवल को लपेटा तो देखा कि टॉवल छोटा होने की वजह से वो मेरे चूत को ठीक तरीके से नहीं धक पा रहा था.. तो मैंने ना चाहते हुए टॉवल को थोड़ा उपर से नीचे किया.
जिसकी वजह से अब टॉवल मेरा निप्पल से थोड़ा ऊपर था यानी कि मेरे हाफ बूब्स दिख रहे थे.. और वो 2 छोटे छोटे होल वो मेरी गांड की साइड पर थे जिसे मेरी गांड का गोरा रंग दिख रहा था… मैं जल्दी से बाहर आ गई और अपनी कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया..
बाथरूम से निकलने और कमरे में जाने के टाइम मेरे ससुर ने साले बुड्ढे ने मेरे जिस्म के भरपूर दर्शन कर लिए थे. और मेरा ध्यान उसके पायजामे पर गया था उसका लंड टन गया था जो की उसके पायजामे से पता चलता था.. रात को जब मेरे पति घर आए तब मैंने उन्हें बताने का काफी सोचा पर कह नहीं पाई और मुझे रोना आ गया..
उन्होने पूछा भी क्या हुआ मैंने कुछ नहीं बताया.. और सुबह हम जब उठे तो मैंने देखा कि मेरे पति तैयार हो रहे थे मैंने पूछा कहां जा रहे हो तो वो बोले कि ऑफिस के काम से 3 दिन दिल्ली जा रहा हूं.. मेरे ऊपर जैसे आसमान गिर गया.. मैंने गुस्से से कहा अभी बता रहे हो तो उन्होने कहा डार्लिंग कल रात को तुम रोने लगी थी और मुझे तुम्हे और परेशान नहीं करना था इसलिए मैंने नहीं बताया…
मैं जिद करने लगी कि मुझे भी आना है मुझे साथ ले चलो.. वो मेरे ऊपर गुस्सा हो गए और बोले क्या बच्चो जैसे कर रही हो.. और उन्होने मुझे सुबह सुबह एक बार अपनी बाहों में ले लिया और मुझे नंगा कर किस करने लगे.. पर मेरा नसीब ही फटा हुआ था..
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जैसे ही उन्होने मेरी पैंटी निकाली तो वो बोले कि अपनी चूत तो साफ रखा करो तुम्हे पता है मुझे बालो वाली चूत चोदनी अच्छी नहीं लगती.. मैंने कहा आज की बार कर लो मैं अगले टाइम से साफ रखूंगी.. उन्होने कहा नहीं.. और उनका लंड मेरे मुह में दे दिया और और मेरे मुंह को चोदने लगे और उनका सारा वीर्य मेरे मुंह में भर गया..
फिर मैंने फटाफट कपड़े पहनी और उन्हें छोड़ने के लिए बस स्टॉप चली गई… अब मैं और ससुरजी घर में अकेले थे.. मुझे उनसे डर लग रहा था.. मैं आज वापस नहाने चली गई.. मैंने पहले से ही आज चेक किया था कि ब्रा पैंटी और टॉवल बराबर है या नहीं है.. नहाने के बाद मैंने खाना पकाया और दोपहर मैंने और ससुरजी ने खाना खाया साथ में..
और मैंने कहा पिताजी मैं सोने जा रही हूं.. तो उन्होने कहा ठीक है बहू.. रात को ज्यादा रोने की वजह से मुझे नींद ठीक से नहीं आई थी रात को तो दोपहर को कुछ ज्यादा टाइम के लिए आँख लग गई थी मेरी. मेरा लड़का स्कूल से आकर बाहर खेलने चला गया था…
थोड़ी देर के बाद मैंने कमरे के दरवाजे पर किसी के खटखटाने की आवाज आई.. मैं उठी और मैंने अपने आप को देखा तो नींद में मेरी साड़ी कमर तक आ गई थी.. पैंटी दिख रही थी.. साड़ी का पल्लू फिसल गया था.. मैंने जल्दी से कपड़े ठीक किये और अपना दरवाजा खोला.. तो देखा कि ससुरजी थे..
मैंने कहा आप.. तो उन्होने मुझे चाय देते हुए कहा बहू तुम आज कुछ ज्यादा सोयी हुई थी तो मैंने सोचा मैं ही चाय अपने आप बना लू तो मैंने बना के पिली और ये तुम्हारे लिए है और चिंटू को भी दूध पिला दिया है… मैं मन ही मन सोचने लगी कि क्या ये वही ससुर है जो पिछले दिन अपने लंड का पानी मेरी पैंटी पर डाल गए थे और आज मेरे लिए चाय बना के लाये..
मैंने सोचा आदमी कितना जल्दी रंग बदल लेता है.. मैंने चाय पिली और अपने काम में लग गई.. पर अचानक तकरीबन 7 बजे चाय पीने के 1 घंटे बाद मुझे बेचैनी सा लगने लगी.. पूरे बॉडी में हल्का सा पेन होने लगा शरीर टूटने लगी.. और नींद सा आने लगी.. मैंने सोचा ससुर ने जरुर चाय में कुछ मिलाया होगा.. और मैं अपने आपे से बाहर होने लगी.. और किचन में गिर गई..
पिताजी आए और मेरे सामने देख कर हँसने लगे. .मैं थोड़ी बेहोशी की हालत में थी मुझे उठा भी नहीं जा रहा था और मेरे हाथ पैर भी नहीं हिल रहे थे.. पर मैं कोशिश कर रही थी उठने के लिए.. वो मुझे देख कर हँसने लगे और बोले कुछ भी कर लो 10 घंटे तक तुम अपने आप को नहीं संभाल पाओगी चाय में मैंने ड्रग मिला दिया था… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं उन्हें देखती ही रही.. बाद में वो मुझे उठा कर कमरे में ले गए और बिस्तर पर पटक दिया.. मैं सब समझ सकती थी लेकिन कोई हरकत नहीं कर पा रही थी.. सिर्फ महसूस कर पा रही थी.. ससुरजी मेरे पास आकर मुझे चुमने लगे.. मेरे गले पर किस करन लगे.. उन्होने मेरे लिप्स पर किस किया और काटने लगे..
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मुझे घिन आ रहा था.. उन्होने अब मेरी साड़ी उतार दी.. अब मैं सिर्फ उनके समने पेटीकोट और ब्लाउज में थी.. मैं साड़ी नाभी के नीचे से पहनी हूं तो अब मेरी नाभी उनके सामने नंगी पड़ी थी उन्होने मुझे किस करने लगे… मैं अपना मुह हिला के और मुंह से आवाज निकाल कर प्रतिकार करने लगी..
पर मानो मेरे हाथ पैर पर लकवा मार गया हो वैसे हो गया थे.. धीरे धीरे ससुरजी बोलने लगे आज तुझे जी भर के चोदूंगा.. 2 साल से भूखा हूं.. मैंने कहा पिताजी ये क्या कर रहे हो ये गलत है.. वो बोले कुछ गलत नहीं है.. मैंने कहा मैं सुनिए मेरे पति को सब बता दूंगी..
उन्होने कहा मैं तुझे वो लायक रहने ही नहीं दूंगा… और कहते ही उन्होने मेरी ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए और पेटीकोट भी उतार दिया.. अब मैं सिर्फ ब्रा पैंटी में थी उनके सामने.. उन्होंने मेरी रोती हुई आँख पर जरा भी दया नहीं की और मेरे शरीर से मेरी ब्रा को और पैंटी को निकल दिया..
अब मैं बिलकुल नंगी उनके सामने पड़ी थी बिस्तर पर, मुझे रोना आ रहा था लेकिन उन्होने मुझे पर कोई दया नहीं दिखाई.. मेरी झटो वाली चूत देख कर वो बोले “साली रंडी तुझे मेरे बेटे ने कितनी बार कहा है कि चूत पर से बाल साफ करके रख तु समझती नहीं है, चल ठीक है रंडी आज तेरी चूत का शेविंग मैं करता हूं..”
इतना कहने के बाद वो मर्दों वाला रेजर और क्रीम लेकर आए.. आजज तक कभी मैंने रेजर यूज नहीं किया था मैं हमेशा हेयर रिमूवर यूज करती थी.. मुझे रेजर देख कर डर लगने लगा था.. तभी वो मेरी चूत पर क्रीम लगाने लगे.. मेरी चूत पर क्रीम लगाते समय उन्होने काफी बार उंगली मेरी चूत में डाल दी..
ऐसा करते करते न चाहते हुए भी मैं गरम होने लगी.. और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.. वो हँसने लगे और कहा कमीनी नखरे कर रही है.. फिर उन्होने मेरी चूत पर लगी क्रीम हटा दी और कहा तुझे बिना क्रीम के शेव करता हूं साली तूने मुझे बहुत तड़पाया है आज मैं तुझे तड़पाऊंगा.. कह कर वो रेजर मेरी चूत पर घुमाने लगे..
मुझे छिलने का काफी डर था.. कि कही कट न जाये और काफी डर भी हो रहा था.. थोड़ी देर बाद उन्होने मेरे चूत से सब बाल निकल लिए.. बाद में वो कमरे से चले गए मुझे यूँही नंगी छोड़ कर चले गए.. थोड़ी देर में मेरा लड़का चिंटू कमरे में आया.. मुझे देख कर बोला ”मम्मी मम्मी आपने कपड़े क्यों नहीं पहने है, बताओ मम्मी आपने कपड़े क्यों नहीं पहनी है..”
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मैं इतनी ज्यादा पहले कभी बेहोशी नहीं थी मुझे अपने आप पर घिन आ रहा था के मैं अपने बच्चे के सामने पूरी तरह नंगी पड़ी हुई थी.. उतने में ससुरजी आए और चिंटू को ले जाकर सुला दिया बगल वाले कमरे में.. और जब वो वापस आए तो देखा कि वो सिर्फ अंडरवियर में आये थे..
65 साल की उम्र में भी उनका शरीर चुस्त था वो सिर्फ 45 50 साल के लग रहे थे.. और मेरे सामने आकर वापस हँसने लगे.. और उन्होने एक कैमरा निकाला और मेरी तस्वीर खिचने लगे.. मेरी चूत का क्लोज अप लिया मेरे बूब्स के फोटो मेरी पूरी तस्वीर खिचने लगे.. बाद में बोले अगर तूने किसी को कुछ बताया तो मैं तो जेल जाऊंगा ही पर तेरी इज्जत के चिथड़े उड़ा कर जाऊंगा..
बाद में वो ऑयल लेके आए और मेरे पूरे बदन पर मसलने लगे.. ऑयल की वजह से मैं काफी चिकनी हो गई थी.. मेरे बूब्स को बुरी तरह मसलने लगे.. ना चाहते हुए भी मैं एक औरत हूं और मेरा शरीर गरम होने लगी मेरे निप्पल टाइट होने लगे.. वो समझ गए कि मैं गरम हो रही हूं..
उन्होने अपना लंड निकाल कर मेरी चूत के ऊपर घिसने लगे.. बजाय चोदने के वो सिर्फ मुझे ललचा रहे थे.. उनकी उंगली से मेरी चूत में उंगली कर रहे थे.. मेरा शरीर भी उनका साथ देने लगी था.. मेरे मुंह से आवाज निकलने लगी.. अह्ह्ह्ह.उह्ह.. और मेरी चूत ने वापस एक बार पानी छोड़ दिया.. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वो हँसने लगे और मैं शरम से मरी जा रही थी.. उनका लंड अभी भी ठीक तरीके नहीं तना था.. फिर भी उनके लंड की साइज 7 इंच जितनी होगी.. उन्होने मुझे कहा ले मुह में ले ले.. मैंने न कहते हुए अपना मुंह फेर लिया तो वो बोले “क्यों सुबह तो जोर जोर से मेरे बेटे का लंड मुंह में ले रही थी अब क्या हुआ..”
उन्होने जोर से मेरा मुंह खोलने के लिए ट्राई की पर मैंने मुंह नहीं खोला.. तो उन्होने एक हाथ से जोर से मेरा नाक पकड़ लिया और दबा दिया.. मैं सांस नहीं ले पा रहा थी घुटन होने लगी इसके लिए मुझे मजबूरन मेरा मुंह खोलना पड़ा.. जैसे मैंने हवा लेने के लिए मुह खोला उन्होने अपना बड़ा लंड मेरे मुह में पूरा घुसा दिया..
उनका बड़ा लंड मेरे गले में लग रहा था और उपर से मेरा नाक भी बंद था तो मुझे घुटन भी हो रहा थी.. लेकिन वो मुझे अनदेखा कर के मेरे मुंह में चोदने को मस्त थे.. तभी मैंने सोचा क्यों ना उनके लंड को काट लिया जाये.. मैंने जोर से उनके लंड को काट लिया..
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वो चिल्ला उठे.. और उनके लंड से थोड़ा खून भी निकलने लगा.. उन्होंने मुझ पर गुस्सा आया और जोर से मुझे चाटे मारने लगे और कहा रुक रंडी काटती है कुतिया देख मैं तुझे दिखता हूं.. और वो बाहर चले गए.. मैं डर गई थी कि न जाने अब वो क्या करेंगे..
वो वापस आये और उनका हाथ देख कर मैं डर गई.. उनके हाथ में एक बड़ा सा डंडा था जो 15 इंच जितना बड़ा और 3 इंच जितना चौड़ा था.. उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड पार ऑयल लगाने लगे.. मैं डर गई और जोर जोर से रोने लगी पर वो काफी गुस्सा में थे.. और उन्होने मेरा गांड के होल में भी तेल डाला..
और जोर से लकड़ी को मेरी गांड के छेद पर रख कर धक्का दिया.. मेरे मुह से चीख निकल गयी.. पर वो हँसते हुए बोले अब तुझे पता चलेगा कि डर क्या होता है… और जोर से दूसरा धक्का लगाया और मेरी जान निकली जा रही थी.. शायद उन्होंने मेरी गांड फाड़ दी थी.. डर के मारे मुझसे पेशाब हो गया बिस्तर में मेरे पेशाब से पूरा बेड गिला हो गया था..
और उन्होने मेरा गांड में से वो डडंडा निकाला तो मैंने देखा कि उस पर काफी खून लगा हुआ था.. ससुरजी ने कहा के देख रांड मुझे काटने का नतीजा.. अभी पहले मैं तूझे चोदूंगा बाद में तेरी चूत को भी भोसड़ा बनाऊंगा इसी डंडे से… बाद में उन्होने वापस लंड मुंह में दे दिया..
अब मैं ने हार मान ली थी मैं उनके लंड को चूस रही थी थोड़ी देर चूसने के बाद उन्होने अपना वीर्य की पिचकारी मेरे मुंह पर मार दी.. और उनका लंड ढीला पड गया… मेरे बूब्स पर भी उनके वीर्य के बूंद थे.. वापस उन्होंने कहा चल अब इससे चूस चूस कर वापस खड़ा कर दे..
थोड़ी देर चूसने के बाद वो वापस खड़ा हो गया मुझे विश्वास नहीं आ रहा था कि इतने बुड्ढे आदमी का इतना जल्दी वापस तन कर खड़ा हो गया.. अबकी बार उन्होने ऊपर आकर मेरी चूत पर उनका लंड रखा और दोनों हाथों से मेरे बूब्स को दबाने लगे मेरे निप्पल को मसलने लगे… और एक धक्का दिया मेरे मुंह से अह्ह्ह…निकल गई.
उन्होंने अपना लंड मेरा चूत में डाल दिया था.. और वो धक्के लगाते रहे.. मैं भी वापस गरम होने लगी थी पर गांड में दर्द भी बहुत हो रहा था.. और खून अभी भी रुकने का नाम नही ले रहा था.. ससुरजी के चोदते चोदते और करार धक्को के साथ मेरी चूत भी उनका साथ देने लगी और मैं शरम के मारे मरी जा रही थी… ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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मेरी चूत ने पूरी चुदाई के टाइम पर 3 बार पानी छोड़ दिया था.. मैं वो बुड्ढे का स्टेमिना देख कर हैरान हो गई थी.. और थोड़ी देर की चुदाई के बाद उसके लंड ने मेरी चूत में पानी छोड़ा.. उन्होंने लंड बाहर निकाला तो उनके लंड पर खून था.. मैं हैरान हो गई कि चूत में तो दर्द हुआ नही तो चूत से खून कैसे निकला.. पर तभी मुझे ख्याल आ गया कि मैं पीरियड में हो गई हूं… तभी भी मेरे ससुर ने मुझे कपड़े नहीं पहनने दिए.. ऐसे दिनों में भी मुझे नंगी रखा और लगातार मेरी चूत से पीरियड का खून निकले जा रहा था..
मुझे दर्द हो रहा था.. और पूरा बिस्तर भी गंदा हो गया था फिर भी वो बुड्ढा लगातार दूसरे दिन दोपहर तक मुझे जोर जोर से अलग अलग स्टाइल में चोदता रहा… जब उसने मिरर में मुझे अपनी गांड का होल दिखाया तो मैं हैरान हो गई कि मेरी गांड का छेद मानो किसी फटी हुई चूत जैसा था कई जगह से फट गया था… अब मुझ में थोड़ी जान आने लगी थी मैं उठ पा रही थी पर अभी भी बुड्ढे का जी नहीं भरा था पूरी रात और दिन मुझे चोदने के बाद भी वो कुछ नया नया करता था…
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