Desi Dirty Sex
ये तब की बात है, जब मैं ग्रेजुएशन कर रहा था। तब मैं बी.एससी. द्वितीय वर्ष में था। एक टूर में मेरी मुलाकात एक सेक्सी लड़की से हुई, जिसका नाम समांथा था। वह बहुत ही बिंदास और ओपन माइंडेड थी। मुझे उसका एटिट्यूड बहुत पसंद आया। टूर में हर वक्त मैं उसके आस-पास था। Desi Dirty Sex
आते वक्त मैंने उसका कॉन्टैक्ट नंबर ले लिया और अपना नंबर भी दे दिया। दो दिन तक मेरी उसको कॉल करने की हिम्मत नहीं हुई। मैं अक्सर नेट पर एडल्ट साइट देखता हूँ। उस दिन मुझे सिर्फ समांथा ही दिख रही थी। मैं उसको सोचकर मुठ मार रहा था।
रात में मैंने उसे मिस कॉल दी, और मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वह मुझे कॉल करेगी। उस वक्त मेरी हैरानी की कोई भी सीमा नहीं थी जब उसने मुझे कॉल कर लिया। वह बोली कि वह मेरे बारे में ही सोच रही थी। मैंने भी झट से बोल दिया अपना हाल।
वह बोली कि मैं उसके घर आ सकता हूँ। अगले दिन मैं उसके घर पहुँचा। वह किराए के कमरे में रहती थी। उन दिनों उसकी फैमिली गाँव गई हुई थी। जब मैं समांथा के घर पहुँचा तो वह नहा रही थी। मैंने आवाज लगाई, वह अंदर से बोली, “विपुल मैं नहा रही हूँ, यू कैन कम एंड टेक अ सीट।”
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ये सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं अंदर पहुँचा और पाया कि वह घर पर अकेली थी। मैं धीरे से बोला, “ज्यादा नहीं रुक पाऊँगा, मुझे ट्यूशन क्लास जाना है।” ये सुनकर वह झट से बाहर आ गई और बोली कि वह मुझे इतनी जल्दी जाने नहीं देने वाली। जब मैंने उसे देखा तो पाया कि उसने सिर्फ टॉप और एक मिनी स्कर्ट पहना था। उसकी गोरी जाँघें बहुत सुंदर लग रही थीं। मेरा लंड जींस में टेंट बना रहा था।
मैंने बोल ही दिया, “यू आर लुकिंग गॉर्जियस।”
वह बोली, “विपुल तुम बहुत हैंडसम हो एंड यू हैव ड्रिवन मी क्रेजी इन माय ड्रीम।”
मेरी हालत खराब थी। वह डायरेक्ट ऑफर कर रही थी। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया, वह मेरी गोद में बैठ गई। जब थोड़ी ही देर में वह उठ रही थी, तो मैंने उसे पकड़ लिया।
वह बोली, “विपुल छोड़ो मुझे, लेट मी गो।”
मैंने हैरानी से कारण पूछा तो उसने बताया कि उसके पीरियड्स चल रहे हैं। ये सुनकर तो मैं और भी एक्साइटेड हो गया।
मैंने कहा, “तो क्या हो गया बेबी, कोई बात नहीं।”
जब मैं ये बोला तो मैंने सोचा कि थोड़ी ही देर में मुझे गाली मिलने वाली है। पर उसका जवाब सुनकर तो मेरा लंड फट ही गया था।
उसने कहा, “देखो विपुल मुझे ये चीज बहुत पसंद है पर आधी-अधूरी नहीं पूरी।”
जब मैंने मतलब पूछा तो वह बोली, “तुम मुझसे क्या चाहते हो?”
मैं बोला, “बेबी आई वॉना लिक योर पसी, वॉना फक यू।”
उसने जवाब में कहा, “मेरा सेक्स करने का अपना तरीका है, मेरी रिक्वायरमेंट्स तुम नहीं पूरी कर पाओगे।”
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जब मैंने बोला कि उसकी रिक्वायरमेंट क्या हैं तो वह बोली, “मुझे चुदाई में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है, ये इंटरेस्टिंग तो है पर मुझे मज़ा गंदे कामों में आता है।”
मैंने पूछा, “तुम्हारी सैटिस्फैक्शन किस चीज में आती है?”
उसने बताया, “मुझे बॉयज के मुँह में पेशाब करने में बहुत मज़ा आता है, मैं बॉयज के होंठों में अपना ऐश होल रखकर उसे चटवाना चाहती हूँ।”
उस समय मैं इसके लिए रेडी नहीं था। मैंने उससे टाइम माँगा। उसने बताया कि 1 हफ्ते तक उसके घर में कोई नहीं है। पर उसने मुझे सिर्फ 1 दिन का वक्त दिया। मैं घर लौट आया। रात में मुझे बहुत सेक्स फील हुआ। मुझे उसकी बात याद आ रही थी। मैंने उसे फोन किया, उसने कहा कि मैं उसके घर अभी आ जाऊँ। मैंने घर पर बोल दिया कि फ्रेंड के घर स्टडी करने जा रहा हूँ। घर पर पापा बोले कि सुबह जल्दी लौट आऊँ।
मैं खुशी से पागल हो रहा था और रास्ते भर मैं समांथा की बात सोच रहा था। उसके घर पहुँचते ही मैंने नॉक किया। जब उसने दरवाजा खोला तो वह नाइटी में थी। मुझे देखते ही वह मुझसे लिपट गई। मैंने उसके होंठ अपने होंठों से पकड़ लिए। हम पागलों की तरह एक-दूसरे को चाट रहे थे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
वह बोली, “आई थिंक यू आर थर्स्टी, क्या पियोगे?”
मैंने कहा, “जो तुम पिलो।”
समांथा बोली, “जब तुमने फोन किया तब से ही मैं पागल हो रही हूँ, देखो न अपनी इस चूत से अभी तक पेशाब की 1 बूँद तक नहीं गिरने दी।”
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ये कहते हुए उसने नाइटी खोल दी। उसने अंदर पिंक ब्रा-पैंटी पहनी थी। मैं उसके पास गया और अपने दाँतों से उसकी ब्रा-पैंटी खोल दिए। उसने नीचे के बाल नहीं काटे थे। वो घने, रेशमी बाल मुझे पागल कर रहे थे। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। 15 मिनट में वह झड़ गई। उसका गाढ़ा सफेद जूस मेरे मुँह में आ गया।
वह बोली, “इसे पी जाओ, ये तुम्हारी मेहनत का इनाम है।”
ये सुनते ही मैंने 1 घूँट मारा और उसे पी गया। वो कुछ साल्टी लेकिन बहुत टेस्टी था।
मैं बोला, “मज़ा आ गया।”
ये सुनते ही समांथा बोली, “बट व्हाट अबाउट मी, मुझे तो मज़ा नहीं आया। तुम्हें याद है मैंने कल तुमसे क्या कहा था। अगर तुमने मेरा मूत नहीं पिया तो मैं तुम्हारा लंड नहीं चूसूँगी, उसे अपनी चूत में नहीं लूँगी।”
ये सुनते ही मैं हँस दिया और उसकी चूत के पास बैठकर मुँह खोल दिया। तब वह अजीब सा मुस्कुराई और उसने ज़ोर लगाया। थोड़ी ही देर में उसकी चूत से मूत की धार बाहर आने लगी और मेरे मुँह में भर गई। मुझे अजीब सा लगा, इसलिए मैंने उसे बाहर निकाल दिया।
ये देखकर समांथा मुझ पर चिल्लाई, “यू इडियट, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इसे बाहर निकालने की? मैंने खास तुम्हारे लिए इसे 5 घंटे से बचाया है।”
मामला बिगड़ते देख मैंने झट से सॉरी बोला और उसका बचा मूत पीने को तैयार हो गया। इतना ही नहीं, जो मूत मैंने मुँह से फर्श पर गिरा दिया था, उसे भी मैंने चाट लिया।
ये देखकर समांथा बोली, “देखो विपुल, तुमने 1 बार मेरा इंसल्ट किया है, अब बात ऐसे नहीं बनेगी। मैं तब ही आगे बढ़ूँगी जब तुम प्रॉमिस करोगे कि तुम मेरी 1 बात और मानोगे।”
मैंने झट से सर हिला दिया।
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वह हँसकर बोली, “मेरा स्वीट बेबी, नाउ लिक माय ऐस।”
और मैं उसकी गांड़ के पास आ गया और उसकी गांड़ चाटना शुरू किया।
वह बोली, “तुम्हें तो गांड़ चाटना भी नहीं आता, इतनी सुंदर लड़की की गोरी झाटों वाली गांड़ चाट रहे हो तो ये शरमाना कैसा? ज़ोर से चूसो।”
मैं पागल हो गया था। मैंने पूरे ज़ोर से उसकी गांड़ के छेद को चूसना शुरू कर दिया। 5 मिनट के बाद वह बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने 1 पाद सीधा मेरी नाक पर छोड़ दिया और हँसने लगी। मुझे भी ये सब अब अच्छा लग रहा था। वो गंदी बदबू मुझे सेंट जैसी लग रही थी। मैं और भी ज़ोर से गांड़ का छेद चूसने लगा।
10 मिनट बाद समांथा बोली, “विपुल, तुम्हारा उस वादे को निभाने का वक्त आ गया है। तुम प्रॉमिस करो मेरी अगली बात बताने के बाद तुम मेरी गांड़ के छेद से अपने होंठ नहीं हटाओगे। प्रॉमिस करो, करो ना, प्लीज़। मुझे सिर्फ इसी चीज से सैटिस्फैक्शन मिलेगा।”
मैंने रीजन पूछा तो वह बोली, “पहले प्रॉमिस करो।” मैं
ने भी प्रॉमिस कर दिया।
तब वह बोली, “माय शिट इज़ जस्ट अबाउट टू कम, कुछ ही देर में मेरी टट्टी निकलने वाली है। प्रॉमिस करो तुम मुँह नहीं हटाओगे, प्रॉमिस करो ना।”
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ये सुनते ही मैं पागल हो गया और मुझे कुछ अजीब सा फील हुआ, तो मैंने झट से अपना मुँह गांड़ से हटा लिया। ये देखकर वह रोने लगी। अब मुझसे ये नहीं देखा गया और मैंने मन ही मन सोचा, अगर मैं इसकी पाद को सेंट की तरह सूँघ सकता हूँ, तो इसका टट्टी तो हलवे से कम नहीं होगा। मैं झट से उसकी गांड़ के छेद को जीभ से सहलाने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
ये देखकर समांथा खुशी से पागल हो गई और बोली, “ओह माय बेबी, आई लव यू। तुम्हारे लिए ही तो मैंने इस टेस्टी फूड को कल से बचाकर रखा है ताकि तुम्हें भर पेट खिला सकूँ।”
मैंने जीभ छेद के अंदर डाल दी। समांथा ज़ोर से चिल्लाई, “ओह गॉड, मुँह खोलो, निकलने वाला है… आआह्ह्हीईईओओओ।”
और तभी उसकी गांड़ से 1 मोटा डार्क भूरे कलर का टट्टी का 1 बड़ा टुकड़ा बाहर आ गया। मैंने उसे अपने दाँतों से दबा लिया।
ये देखकर समांथा बोली, “जानू अभी तो ऐसे 2-3 और हैं। अब तो तुम्हें पूरा खाना पड़ेगा वरना…”
मैंने वो टुकड़ा हाथ में लिया और बोला, “बेबी पहले ये तो खत्म कर लूँ।” और उसे केले के जैसे खाने लगा। उसका टेस्ट बहुत कसैला था, पर हवस इतनी जग गई थी कि मैं इसे कितना भी खा सकता था। मुझे अपना टट्टी खाते देख समांथा बोली, “बेबी मैं बाकी का खाना प्लेट में लगा देती हूँ।”
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और वह एक प्लेट ले आई। उसे गांड़ के नीचे रखा और उसकी गांड़ से अब पतले-पतले पीले-भूरे टट्टी के टुकड़े बाहर आने लगे। 1 मिनट में ही प्लेट भर गई। फिर प्लेट में से मैंने टट्टी खाया और अपने मुँह से समांथा को भी उसी का टट्टी खिलाया। हम पूरी प्लेट चाट गए।
मैंने उसको बोला, “बेबी, तुम्हारी पॉटी तो बहुत टेस्टी है।”
ये सुनकर वह हँस दी और बोली, “अब तुम भी मेरी प्यास बुझा दो, मुझे अपना मूत पिलाओ।”
फिर मैंने उसके मुँह में मूत दिया। इसके बाद हमने जमके रात भर चुदाई की। मैंने 2 बार उसकी चूत, 1 बार उसकी गांड़ मारी। हम सुबह 7 बजे उठे। उठते ही जल्दी से हमने साथ-साथ नहाया। ठीक से पेस्ट किया ताकि मुँह से बदबू चली जाए। और 9 बजे मैं घर लौट आया। इसी तरह 1 हफ्ते तक मैं मौका मिलते ही उसके घर जाता रहा। हमने और भी बहुत सारे प्रैक्टिकल किए। उनके बारे में अगली स्टोरी में।
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