XXX Hot Aunty Chudai
आज जो कहानी मैं सुना रहा हूँ, यह आज से कुछ 1 साल पहले की है। मैं प्राइवेट फर्म में काम करता हूँ। एक दिन मैं रोजाना की तरह घर से निकला। अभी कुछ आधा रास्ता ही क्रॉस हुआ होगा कि पीछे से मेरी बाइक को कार ने टक्कर मार दी और मैं बेहोश हो गया। XXX Hot Aunty Chudai
फिर वह कार वालों ने मुझे कार में डाला और अपने घर ले गए। और डॉक्टर को बुलाकर मेरा चेकअप करवाया। और कुछ एक घंटे बाद मुझे होश आ गया। जब होश आया तो पता चला मैं उनके घर पर हूँ, जिनकी कार से मेरा एक्सीडेंट हुआ था। वह कार एक 32 साल की आंटी ड्राइव कर रही थीं।
फिर आंटी और मैं बातें करने लगे। उन्होंने मुझसे माफी माँगी और अपना इंट्रोडक्शन करवाया। उनकी शादी हो चुकी थी और उनका हस्बैंड यूके में था और एक ही बेटी थी उनकी, जिसकी उम्र 12 साल थी और वह 7th क्लास में पढ़ती है। फिर मैंने आंटी से पूछा कि मेरी बाइक कहाँ है।
उन्होंने कहा कि बाइक मुकम्मल तौर पर स्मैश हो गई है। फिर आंटी ने कहा कि वह मुझे बहुत जल्द नई बाइक दिलवा देंगी। फिर मैंने अपना एड्रेस और मोबाइल नंबर आंटी को दिया और घर आ गया। फिर 2 दिन बाद मेरे मोबाइल पर फोन आया कि मैं आंटी के घर जाकर अपनी नई बाइक रिसीव कर लूँ।
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मैं आंटी से बोला कि आज रात शनिवार नाइट है और मैं फारिग होकर ऑफिस से आंटी के घर चला जाऊँगा। मैं शाम को ऑफिस 7:00 बजे निकला और 8:00 बजे आंटी के घर जा पहुँचा और डोर बेल बजाई। फिर कुछ देर बाद आंटी की बेटी ने दरवाजा खोला और मैं अंदर चला गया और ड्रॉइंग रूम में बैठकर आंटी का वेट करने लगा।
कुछ वक्त बाद आंटी आईं और हम बातें करने लगे। फिर डोर बेल हुई और आंटी ने जाकर दरवाजा ओपन किया तो आंटी का देवर आया था। फिर वह और आंटी भी कमरे में आए और हम एक दूसरे से इंट्रोडक्शन करने लगे। फिर पता चला कि वह आंटी की बेटी को लेने आया है और वह आंटी की बेटी को लेकर चला गया।
फिर मैं भी वापस आने के लिए उठा तो आंटी बोलीं, “तुम कहाँ जा रहे हो?”
मैं बोला, “कहीं नहीं, आज शनिवार नाइट है, यहाँ से घर और फिर कहीं घूमने चला जाऊँगा।”
फिर आंटी मुझे दरवाजे पर छोड़ने आईं और अचानक उनका पैर दरवाजे की सीढ़ियों से फिसला और वह गिर गईं। फिर आंटी ने मुझे मदद के लिए कहा और मैं उन्हें उठाकर रूम में ले आया और डॉक्टर को फोन करने लगा तो आंटी बोलीं, “नहीं डॉक्टर की कोई ज़रूरत नहीं, बस आयोडेक्स लगा दो, ठीक हो जाऊँगी।”
मैं आयोडेक्स लाया और आंटी से कहा, “कहाँ दर्द हो रहा है?”
तो आंटी बोलीं, “कमर पर काफी दर्द है, प्लीज़ हेल्प मी।”
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और आंटी पेट के बल लेट गईं। मैं मालिश करने के लिए आंटी की कमीज को उठाने लगा तो वह काफी टाइट थी। मैं बोला, “आंटी आपकी कमीज तो काफी टाइट है।” आंटी काफी ओपन माइंडेड थीं। उन्होंने कोई झिझक महसूस न की और मेरे सामने कमीज उतारकर लेट गईं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर जब मैं मालिश करने लगा तो आंटी बोलीं, “रुको, कहीं शलवार को दाग न लग जाए।” उन्होंने अपनी शलवार भी उतार दी। अब वह सिर्फ ब्रेज़ियर में ही मेरे सामने लेटी थीं। उनकी सफेद गांड़ देखकर मैं काफी मूड में आ गया। फिर मैं मालिश करने लगा।
कुछ 25 मिनट की मालिश के बाद मैंने देखा कि आंटी सो गई हैं, मगर मेरा लंड पैंट में जग गया और तन गया और साइज़ 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा हो गया था। मैं सोचा क्यों न आंटी के सोने का फायदा उठाया जाए और उनकी गांड़ मारी जाए। मैंने अपनी पैंट और अंडरवियर उतारी और आंटी की गांड़ पर बाहर की लंड को घिसने लगा।
आंटी नहीं उठीं। फिर कुछ 10 मिनट बाद मैंने अंदर करना शुरू किया। अभी टोपा ही अंदर गया था कि मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और मेरा 4 इंच लंड आंटी की गांड़ में चला गया। इस झटके के साथ आंटी की नींद खुल गई और वह चिल्ला उठीं और मुझे हटाने लगीं और चिल्लाने लगीं, मगर मैं जोश में था और न रुका। और कुछ झटकों बाद सारा लंड आंटी की गांड़ में डाल दिया।
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आंटी चिल्लाती रहीं मगर मैं न रुका और अपने सीधे हाथ से आंटी की चूत को सहलाने लगा और दूसरे हाथ से मम्मों को दबाने लगा। फिर कुछ वक्त के बाद आंटी को मज़ा आने लगा और उन्होंने मुज़ाहमत छोड़ दी। आंटी अब काफी गंदी ज़ुबान बोल रही थीं और सिसकियाँ ले रही थीं। “आआह्ह्ह… ओओह्ह्ह… ऊऊफ्फ… चोदो जान… मैं भी काफी प्यासी हूँ… और ज़ोर लगाओ जान… आज तुमने मुझे मुकम्मल कर दिया।”
आंटी की ये बातें सुनकर मैं और जोश में आ गया और ज़्यादा ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा। और कुछ वक्त बाद आंटी की गांड़ में ही झड़ गया। और फिर लंड को बाहर निकालकर आंटी के साथ बेड पर नंगा लेट गया। फिर जब साँस ठीक हुई तो मैं बोला, “जान मैं तुम्हारी चूत को चोदना चाहता हूँ।”
आंटी बोलीं, “अब कैसे शर्म और कैसे इजाज़त… अब सब तुम्हारा है।”
यह बोलकर आंटी उठीं और मुझे सीधा बेड पर लिटा दिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगीं। कुछ वक्त सहलाने के बाद आंटी ने लंड को मुँह में डाल लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। फिर कुछ 20 मिनट बाद मैं आंटी के मुँह में ही झड़ गया। आंटी ने सारा पानी मुँह में ही ले लिया।
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फिर मैं उठा और आंटी को बेड पर लिटा दिया और खुद आंटी के होंठों को किस करने लगा। फिर मैं धीरे-धीरे गर्दन पर आया और फिर मम्मों पर आया और आंटी की ब्रेज़ियर उतार दी। आंटी के मम्मों को देखकर मैं और जोश में आ गया और पागलों की तरह उनके मम्मों को चूसने और काटने और दबाने लगा।
आंटी के मुँह से काफी अजीब आवाज़ें आ रही थीं जैसे ऊऊफ्फ… फ्फ्फ… मर गए। फिर आंटी के जिस्म को चूमता हुआ उनकी चूत पर आ गया और आंटी की टाँगों को फैलाकर अपनी ज़ुबान से आंटी की चूत को चाटने और काटने लगा। आंटी को भी मज़ा आ रहा था। उन्होंने मेरा सर अपनी चूत पर दबा दिया और आहें भरती रहीं। ओह्ह्ह ना… ऊऊफ्फ…
फिर कुछ वक्त बाद आंटी जोश में आ गईं और कहने लगीं, “डाल दे अपना लंड मेरी चूत में… क्यों तड़पा रहा है।” फिर मैं आंटी की टाँगों के दरमियान आ गया और अपना लंड आंटी की चूत पर बाहर रखा और लंड और चूत दोनों को सहलाने लगा। आंटी का रंग लाल हो गया। वह काफी तड़प रही थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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फिर आंटी ने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़कर लंड का टोपा सुराख पर रखा और झटके लगाने को कहने लगीं। फिर मैंने झटके लगाने शुरू किए और 5 इंच का लंड आंटी के अंदर कर दिया। आंटी चीख उठीं और खून भी निकल आया मगर मैं न रुका और न ऑयल लगाया और झटके जारी रखे। और कुछ 15 मिनट बाद पूरा लंड आंटी की चूत को दे दिया। आंटी की हालत ग़ैर हो गई थी और उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे मगर मैं न रुका और झटके जारी रखे।
फिर कुछ वक्त बाद आंटी को भी मज़ा आने लगा और वह भी गांड़ उठा-उठाकर साथ देने लगीं। फिर मैं आंटी की चूत में ही छूट गया। फिर हम दोनों एक दूसरे पर लेटे रहे। फिर आंटी और मैं साथ नहाने चले गए जहाँ मैंने फिर आंटी की गांड़ मारी। फिर मैं घर आ गया। उसके बाद भी हम दोनों हर शनिवार को सेक्स के लिए मिलते — कहीं होटल रूम और कहीं उनका घर। मगर फिर 4 महीने के बाद पता चला कि आंटी प्रेग्नेंट हो गई हैं। फिर हमने सिलसिला रोका मगर फिर पता चला कि वह मेरे बच्चे की माँ बन गई हैं।
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