• Skip to primary navigation
  • Skip to main content
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer

HamariVasna

Hindi Sex Story Antarvasna

  • Antarvasna
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Hindi Sex Story
  • माँ बेटे का सेक्स
  • अपनी कहानी भेजिए
  • ThePornDude
You are here: Home / Bhai Bahan Sex Stoy / छोटी बहन ने होली रंगीन बना दी 2

छोटी बहन ने होली रंगीन बना दी 2

अगस्त 6, 2026 by hamari Leave a Comment

Holi Group Chudai Kahani

हाय फ्रेंड्स, मैं आपकी राशि एक बार फिर आप सभी का स्वागत करती हूँ. दोस्तों आपने मेरी कहानी का पिछला भाग छोटी बहन ने होली रंगीन बना दी 1 पढ़ी होगी. जिसमे मैंने आपको बताया था की मैं एक कुंवारी लड़की हूँ और मैंने होली पर जब मेरा बड़ा भाई घर आया तो होली की खुमारी में अपनी सील अपने भैया के लंड से तुड़वाई. मेरे भैया ने बड़े ही रोमांटिक तरीके से मेरे साथ संभोग किया, और मैंने भी ख़ुशी ख़ुशी अपने भैया की होली रंगीन बना दी अब आगे- Holi Group Chudai Kahani

होली की सुबह की सुनहरी किरणें खिड़की के पर्दों के बीच से झांक रही थीं। पूरा गांव रंगों, अबीर-गुलाल की महक और हंसी-खुशी की आवाजों से गूंज रहा था, लेकिन राशि के कमरे में एक अलग ही माहौल था। रात भर सुरेंद्र के साथ हुए गहरे, जुनूनी और पापी प्रेम के बाद राशि का शरीर पूरी तरह थका हुआ और संवेदनशील हो चुका था।

जब वह बिस्तर से उठी तो उसकी टांगें कांप रही थीं। चूत के बीच अभी भी हल्का जलन और सूजन महसूस हो रही थी। सुरेंद्र का 9 इंच का मोटा, गर्म लंड तीन बार उसकी कुंवारी चूत को फाड़कर अंदर तक पहुंचा था, और हर बार उसके वीर्य ने उसकी बच्चेदानी को भर दिया था। चलते वक्त उसकी चाल लड़खड़ाई, जांघें आपस में रगड़ खा रही थीं।

नीरजा रसोई से गुजरते हुए उसे देखकर रुक गई। “अरे राशि बेटी, क्या हुआ लंगड़ा कर क्यों चल रही है चाल कैसी अजीब लग रही है? पैर तो नहीं मुड़ा ना?”

राशि का चेहरा तुरंत लाल हो गया। वह झुककर पैर पकड़ने का नाटक करते हुए बोली, “मां, रात में टॉयलेट जाते समय बाथरूम के फर्श पर पानी था, फिसल गई थी। हल्का मोच आ गया है। अब ठीक हो जाएगा। आप चिंता मत करो।”

नीरजा ने उसकी पीठ सहलाई। “सावधानी से रहना। होली खेलने मत जाना ज्यादा। रंग-गुलाल से बचना, वरना सर्दी लग जाएगी।” कहकर वह चली गई। राशि ने गहरी सांस ली।

राशि को अपने बड़े भाई सुरेंद्र के साथ बनी वह अनोखी, रोमांटिक और बेहद गर्म जवानी की शुरुआत – उसे किसी भी कीमत पर छुपाना था। उसके स्तनों पर दांतों के निशान, चूत में हल्का खून और वीर्य का मिश्रण, और शरीर पर सुरेंद्र की मजबूत पकड़ के नीले निशान अभी भी ताजा थे। वह शीशे के सामने खड़ी होकर अपने शरीर को देख रही थी जब दरवाजे पर सहेलियों की आवाज आई।

इसे भी पढ़े – मेरे गाँव का वेश्या बाजार 1

नीलू, कुसुम और पूनम – तीनों उसकी सबसे करीबी सहेलियां – रंग-बिरंगे कपड़ों में सजी हुईं, पिचकारियां और रंगों की थैलियां लिए अंदर घुस आईं। “राशि दी! चलो जल्दी, होली खेलते हैं। सुना है तेरा भैया सुरेंद्र शहर से आया है। हम सब उसके साथ भी खेलेंगे ना?” पूनम ने शरारत भरी मुस्कान के साथ कहा।

राशि ने मुस्कुराते हुए उन्हें अंदर बुलाया। “हां आओ। भैया अभी सो रहे हैं। पहले हम चारों अंदर ही खेल लें।” जैसे ही चारों कमरे में दाखिल हुईं, पूनम ने चालाकी से दरवाजा बंद किया और चिटकनी लगा दी। चारो सहेलियां कमरे के अंदर बंद हो गई, बाहर होली का शोर था, लेकिन अंदर चार जवान लड़कियों का अपना निजी उत्सव शुरू होने वाला था।

“आज कोई बाहर नहीं निकलेगा हम राखी के घर ही होली खेलेंगे!” कुसुम ने हंसते हुए कहा और राशि को घेर लिया। तीनों ने मिलकर राशि को पकड़ लिया। नीलू ने उसके हाथ पकड़े, पूनम और कुसुम ने रंगों से भरे हाथ उसके शरीर पर फेरने शुरू कर दिए। पहले तो हल्का-हल्का रंग लगा, लेकिन फिर पूनम ने राशि की नाइट सूट की ऊपरी हिस्सा ऊपर खींच कर उतार दिया।

उसके भरे-भरे, गोल, दूधिया गोरे चूची बाहर आ गए। गुलाबी निप्पल्स अभी भी कल रात के चूसने और काटने से लाल और सूजे हुए थे। पूनम ने दोनों चूचियों को जोर से पकड़कर लाल रंग मला। “ये ले राशि, तेरा रंग!” लेकिन जैसे ही उसने जोर से मसला, राशि दर्द से चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह… पूनम! धीरे कर… बहुत दर्द हो रहा है!”

तीनों सहेलियां रुकीं। पूनम की नजर राशि की चूचियों पर पड़े गहरे, ताजा दांतों के निशानों पर पड़ी। निप्पल्स के आसपास नीले-लाल घाव, चूसने के गहरे निशान। कुसुम और नीलू भी झुककर देखने लगीं। “ये क्या है राशि? ये तो काटने के निशान हैं… रात में फिसलने से नहीं होते ये, रात में किसके साथ मजा किया कौन है हमारे जीजू जिन्होंने यह प्यारे-प्यारे निशान दिए मेरी जान तुझे सब बताना पड़ेगा!”

राशि शर्मा गई, हाथों से चूची ढकने की कोशिश की। “कुछ नहीं… छोड़ो ना यार।”

लेकिन सहेलियां जिद्दी थीं। उन्हें राशि से सब पूछना था तो पूनम ने सोचा कि पहले सबके कपड़े उतार दिए जाएं फिर राशि को कंफर्टेबल किया जाए, पूनम ने कुसुम की शर्ट का कॉलर पकड़ा और एक झटके में पूरी शर्ट उतार दी। कुसुम की जवान, भरी हुई चूचियां बाहर आ गईं – उन पर भी ताजा और कुछ पुराने काटने-चूसने के निशान साफ दिख रहे थे।

सभी चौंक गईं। अरे कुसुम तुम्हारी भी चूचियों पर यह निशान मतलब तुमने भी कल रात हमारे जीजू के साथ मजा किया है बताओ ना कौन है फिर नीलू की बारी आई। चारों की शर्टे एक-एक करके फर्श पर गिर गईं। अब वे चारों ऊपर से नंगी थीं। कमरे में चार कमसिन लड़कियों की जवान, उभरी हुई चूचियां – अलग-अलग आकार सभी पर सेक्स के ताजा निशान थे.

इसका मतलब यह था कि उन्होंने कल रात में अपने-अपने ब्वॉयफ्रेंड्स के साथ होली खेल चुकीं थीं और सेक्स को एंजॉय किया था यह कोई बड़ी बात नहीं है होली की मस्त माहौल में ऐसा होता है पर यह किसने किया यह जानने के लिए सभी बेचैन थी क्योंकि उन्हें पता था कि उन्हें राशि और पूनम के ब्वॉयफ्रेंड नहीं थे. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

राशि हंस पड़ी। “अब तुम सबकी भी हालत मेरी जैसी ही है सबने कल असली होली मनाई है अपनी सारी गर्मी निकाल दी!”

चारों हंसी-मजाक में नंगी होकर होली खेलने लगीं। रंग एक-दूसरे के स्तनों पर मलते, कूल्हों पर थपकियां मारते, बालों में गुलाल भरते। कमरा रंगों की महक और उनकी कामुक हंसी से भर गया। थोड़ी देर बाद वे थककर बिस्तर और फर्श पर बैठ गईं।

राशि ने गंभीर होकर कहा, “अब सब सच-सच बताओ… ये निशान किसने दिए हैं? हम चारों सहेलियां इसे राज रखेंगे।” सबसे पहले पूनम बताएगी कि उसने किसके साथ होली खेली है।

चारों ने एक-दूसरे की आंखों में देखा। फिर फैसला हुआ। पूनम को बीच में लिटा दिया। राशि ने अपनी उंगली धीरे से पूनम की गीली चूत में डाली। “चूत प्रॉमिस! यह राज हम चारों के अलावा किसी को नहीं पता चलेगा।”

एक-एक करके सभी ने उंगली डालकर प्रॉमिस किया। उंगलियां गर्म, नम चूत में अंदर-बाहर हो रही थीं, जिससे हल्की आहें निकल रही थीं।

इसे भी पढ़े – माँ मस्ती में चुदवा रही थी बेटे से

पूनम ने शर्माते हुए लेकिन उत्तेजना से कांपती आवाज में शुरू किया: “मेरी बुआ का लड़का विक्रम… 22 साल का तगड़ा जवान। पिछले महीने बुआ के घर गई थी। रात को वह मेरे कमरे में घुस आया। मैं सो रही थी। उसने मुझे चूम लिया और बोला, ‘पूनम, तेरी ये जवान चूचियां और मोटी गांड देखकर मेरा लंड रात-रात भर खड़ा रहता है। आज मैं तेरी ले लूंगा तुझे अपनी बनाऊंगा।’

मैं विरोध कर रही थी लेकिन उसकी मजबूत बाहों ने मुझे दबोच लिया। उसने मेरी चूचियां जोर-जोर से चूसीं, काटीं, ‘कितना दूध है तेरे स्तनों में…’ कहकर मेरी चूचियों को अपने मुंह में भरकर पीने लगा और काट काट कर निप्पल लाल कर दिए। फिर नीचे जाकर मेरी चूत चाटी। जीभ अंदर डालकर चोदा।

मैं चिल्लाई, ‘विक्रम… आह्ह्ह… मत करो… बाबू मैं बहक रही हूं सी…चूसो और जोर से… मेरी चूत गीली हो रही है।’ फिर उसने अपना मोटा लंड निकाला मेरी चूत के छेद पर रखा और एक धक्का मार कर सुपाड़ा घुसा दिया मेरी चीख निकल पड़ी मैं उसकी पकड़ से निकलने के लिए छटपटा रही थी कि उसने फिर दूसरा धक्का मारा.

उसका आधा लंड मेरी चूत के अंदर था और मैं दर्द से बिलबिला रही थी उसने मुझे अपनी बाहों में समेटकर ग्रिप में लिया और मेरे होंठों को अपने मुंह में लेकर मेरा मुंह बंद कर दिया और फिर जो धक्का मारा लंड अंदर घुसता चला गया और मेरी सील तोड़ दी। दर्द में मैं रो पड़ी मेरी चूत से खून निकल रहा था. थोड़ी देर बाद मजे ने दर्द को भुला दिया। ‘पूनम मेरी रंडी, ले पूरा लंड अंदर…’ कहकर उसने मुझे पूरी रात चोदा था।

कल रात होली के खुमार में, मेरा छोटा भाई राहुल… 18 साल का… मुझे अकेला पाकर मुझे पकड़ लिया और बोला, ‘दीदी, तेरे साथ मुझे होली माननी है प्लीज मुझको भी दे दो मैंने उसको डांटा अपनी बड़ी बहन के साथ कैसी बातें कर रहा है तुझे शर्म नहीं आ रही। वह बोला मुझे शर्म की बात कर रही होती थी विक्रम भैया के साथ तुमने जो रात बिताई थी और अपनी चूत फड़वाई थी मुझे सब पता है

यह विक्रम भैया का रुमाल तुम्हारे ही चूत के खून से रंगा हुआ है जिससे मैं तुम्हारे बेड के नीचे से उठा लिया था मुझे भी दो वरना…।’ अब मेरे सामने उसने जो सबूत दिया उसको मैं नजअंदाज नहीं कर सकती थी, और वह मम्मी से शिकायत कर सकता था और होली की खुमारी वैसे भी मेरी चूत में आग लग रही थी मैंने उसे चूम लिया, ‘आजा छोटे, अपनी दीदी की चूत चोद ले।’

उसने मेरी चूचियां दबाई जोर-जोर से मसली और काट काट कर चूचियों पर निशान डाल दिए मेरा दूध पिया , लंड मुंह में घुसा कर मेरा मुंह चोदा और मुझे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरी जांघों को फैला कर अपना लंड मेरी चूत में घुसा कर बुरी तरह से चोदा फिर जोरदार धक्के दिए। मेरी चूचियों पर यह निशान मेरे भाई की प्यार की निशानी है अभी भी मेरी चूत सूजी हुई है।”

सभी सुनकर सांसें भारी हो गईं। अब राशि की बारी। वह शर्मा कर बोली, “मेरा भैया सुरेंद्र… कल रात हम एक बेड पर थे। मां-पापा के कमरे से उनकी रोमांटिक आवाजें आ रही थीं। उनकी कामुक आवाज सुनकर मैं गर्म हो गई मैंने सोचा कि मेरा भैया सबसे सेफ है मुझे बदनामी नहीं झेलनी पड़ेगी तो मैंने सोचा मैं क्यों ना भैया के साथ ही मजे ले लूं।

मैंने कहा, ‘भैया, मुझे प्यार करिए मुझे किस करो। मैं आपकी हूं।’ मैं आपके साथ बॉयफ्रेंड की तरह होली मनाना चाहती हूं उसने मेरी चूचियां मसलीं, चूसीं, काट-काटकर दूध पिया। ‘भैया बोले राशि मेरी जान, तेरी चूचियां कितनी मीठी हैं…’ फिर नाभि चूसते हुए नीचे गये। मेरी साफ, बिना बालों वाली चूत को देखकर बोले, ‘कितनी सुंदर और खुशबूदार है तेरी चूत।’

जीभ डालकर चाटा, उंगली अंदर की, मुझे झड़वा दिया। फिर मैंने उसका 9 इंच का मोटा, तना हुआ लंड चूसा, गले तक उतारा। ‘भैया, चोदो मुझे…’ कहकर मैं लेट गई। उसने धीरे से डाला, पर मैं पहली बार लंड ले रही थी तो दर्द बहुत हो रहा था मै सिसकारिया भरती गई मुझे बहुत दर्द हो रहा था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मेरी चीख भैया को और उत्तेजित कर रही थी फिर भैया ने मुझे अपनी बाहों में समेट लिया और मेरा मुंह अपने हो होठों से बंद कर दिया और ताबड़तोड़ चुदाई करके मेरी सील तोड़ दी मैं दर्द से चीख रही थी इतना ज्यादा दर्द हो रहा था कि मैं बेहोश हो गई थी फिर जब होश आया तो मुझे मजा आने लगा।

‘आआह्ह्ह भैया… फट गई… मत रुको, पूरी तरह भर दो।’ मुझे इस चूत में बहुत मजा आया कल रात तीन बार भैया ने मुझे चोदा – पहले मिशनरी में, फिर मैं ऊपर थी, फिर कुत्ते की मुद्रा में। हर बार मेरी बच्चेदानी में गर्म वीर्य छोड़ा, मुझे दवाई खानी पड़ेगी नहीं तो मैं उनके बच्चे की मां बन जाऊंगी। अब मैं पूरी तरह उसकी हूं।”

इसे भी पढ़े – पहाड़ की खूबसूरत औरत साथ सेक्स

नीलू ने अपनी कहानी सुनाई: “मेरा बॉयफ्रेंड अमित खेत में ले गया। घास पर नंगा करके बोला, ‘नीलू, मुझे आज तेरे साथ होली खेलनी है कल नहीं खेल पाएंगे सबके सामने कल तुझे तेरे घर वाले घर से नहीं निकलने देंगे तेरी यह जवान देह मुझे पागल कर देती है। तेरी चूत चोदकर मैं तुझे अपनी बना लूंगा और तेरी छूट की प्यास बुझा दूंगा।’

उसने मेरी चूत में उंगलियां डालीं और मेरे कामरज को चाट गया, फिर जीभ से चोदा, फिर लंड घुसाकर जोर-जोर से धक्के दिए। मैं चिल्लाती रही, ‘अमित…मेरी जान थोड़ा धीरे करो ना मुझे लग रही है फिर थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा और मैं सिस्कारियां भरती हुई कहने लगी और तेज चोदो…अपना वीर्य मेरे अंदर ही छोड़ना मैं उसे मजे को लेना चाहती हूं अपनी जान की गांड भी मार लेना एक दिन।’”

कुसुम की कहानी सबसे गर्म थी: मेरे बॉयफ्रेंड के साथ मेरा ब्रेकअप हो गया था “मेरा बडा भाई राकेश। कल रात छत पर बुलाया। ‘कुसुम, तेरी चूचियां और गांड देखकर मेरा लंड फटने को तैयार रहता है। तेरी चूत बहुत टाइट है… प्लीज मुझको दे दो, मैं तुझे चोद कर जन्नत के नजारे दिखाऊंगा मैं उसकी बातें सुनकर गर्म हो गई वह मेरी लेने के लिए मिन्नते कर रहा था और मैं भी मना नहीं कर पाई उसने मुझे अपने नीचे दबा कर बुरी तरह से चोदा फिर पीछे से चूचियां दबाते हुए चोदा।

चारों अब पूरी तरह उत्तेजित थीं। वे एक-दूसरे को चूम रही थीं, चूचियां चूस रही थीं, उंगलियां चूत में डाल-डालकर चला रही थीं। कमरा आहों, कराहों, “हां यार… चूस मेरी चूत…”, “और जोर से उंगली डाल…” जैसी गंदी-रोमांटिक बातों से गूंज रहा था।

सब 5 और 6 इंच के लंड से चुदी थी वो राशि की हिम्मत की दाद दे रही थी कि उसने अपने भैया के 9 इंच के लंड से अपनी सील तुड़वाई है सभी की रंगों से सनी नंगी देहें एक-दूसरे से रगड़ खा रही थीं और चूचियों को दबाते हुए एक दूसरे की चूत में उंगली कर रही थी।

राशि ने सुरेंद्र को याद करते हुए कहा, “होली के रंगों से ज्यादा मीठा तो कल रात का रंग था…”

चारों देर तक अपने गुप्त प्रेम और जवानी के किस्सों में खोई रहीं, एक-दूसरे को सहलाती, चूमती, उत्तेजित करती। बाहर होली का त्योहार था, अंदर इन चार जवान लड़कियों का अपना गुप्त, गर्म और बेहद रोमांटिक उत्सव चल रहा था। सभी लड़कियां गर्म हो गई थी वह बोली का इस समय कोई हमें चोदे तो होली खेलने का असली मजा मिल जाएगा।

पूनम बोली राशि तुम्हारे भैया हमारे भी भैया हैं क्या हमें उनसे नहीं मजे करोगी चलो भैया ना सही अब वह तुम्हारे पति जैसे हैं और हम तुम्हारी बहने इसलिए हाथ से वह हमारे जीजू हो गए तुम्हारा हक बनता है उनसे होली खेलने के लिए उन्हें बुलाओ ना, सभी लड़कियां राशि को कहने लगे हां हमें जीजू के साथ होली खेलनी है उन्हें बुलाओ।

राशि बोली होली खेलनी है या उनसे चुदवाना है मुझे बताओ तो मैं उसी तरीके से उनसे बात करके उन्हें पटाऊं ।

तीनों एक साथ बोली होली खेलने तो एक बहाना है असली मकसद तो जीजू से चुदवाना है।

राशि बोली अगर भैया नहीं माने तो फिर क्या करोगी।

पूनम ने कहा ऐसा कौन सा लड़का है जिसे चूत मिले और वह चोदने के लिए मना कर दे वह भी जवान छोटी लड़कियों की।

राशि बोली मान लो अगर उन्होंने मना कर दिया फिर

कुसुम बोली हमको कहना कि उनकी तीन कुंवारी सालियां सील पैक अपनी सील खुलवाना चाहती हैं देख मन नहीं कर पाएंगे हर लड़के को सील खोलने में बड़ा मजा आता है और वह भी अगर अपनी बहन या सली हो तो मजा दुगना हो जाता है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मेरी प्यारी रंडियों तुम तो पहले ही अपनी सिल तोड़ता चुकी हो तो भैया को सील पैक क्या अपनी गांड दोगी।

नीलू गली उन्हें गांड भी दे देंगे कोई बात नहीं लेकिन हम 5 इंच के लंदन से छुट्टी हैं जब 9 इंच का हमारी चूत में जाएगा तो वह फटेगी और खून तो निकलेगा ही उन्हें सील पैक जैसी लड़की चोदने का मजा मिलेगा अगर तू सच में अपने भैया से प्यार करती है तो उनको यह सील तोड़ने के मजे से नहीं दूर रख सकती है वह मजा दिलवाएगी और फिर वह हमारे जीजू हैं हमारा हक बनता है उनके साथ मजे लेना।

मैं उनकी चूत के लिए प्रबल इच्छा को देखकर आश्चर्य में थी वह किसी भी तरह से आज भैया से चुदना चाहती थी मैं भी भैया को खुश करना चाहती थी तो मैं भैया से बात की।

इसे भी पढ़े – चाची के बुर में अपनी लुल्ली घुसाई

भैया कल रात में आपने मुझे बहुत मजा दिया देखिए कितनी बुरी तरह से चोदा है मेरी चूत अभी तक सूज़ी हुई है लेकिन आपसे फिर करवाने का मन ह

भैया बोले सच राशि तुझे बहुत मजा आया

भैया अभी मेरे बदन में वह दर्द है और चूत का मन कर रहा है मैं बहुत खुश हूं और आपको कुछ गिफ्ट देना चाहती हूं

अरे वह मेरी छोटी बहन ने कल रात तुम मुझे सबसे बड़ा गिफ्ट दे दिया और अब क्या गिफ्ट देना चाहती है।

राशि बोली कल जैसा ही गिफ्ट और एक नहीं तीन-तीन।

भैया बोले कल रात जैसा गिफ्ट वह भी तीन-तीन, कहना क्या चाहती है

भैया मेरी तीन सहेलियों मेरे कमरे में हैं हम लोग कपड़े उतार कर होली खेल रहे थे उन सब के निशान पर कल रात में अपने बॉयफ्रेंड और भैया से खिली हुई होली के निशान के जैसे मेरे शरीर पर हैं लेकिन सबके लंड छोटे थे वह सभी आपके साथ होली खेलना चाहती हैं और आपको अपना जीजू बोल रही हैं कह रही हैं कि हम सालियों का हक है जीजू के साथ होली खेलने असल में वह आपसे सब चुदना चाहती हैं

भैया बोले अरे यह क्या कह रही है वह सब तेरी सहेलियां हैं और मेरी बहन जैसी हैं उनके साथ कैसे।

अरे भैया आपको तीन कसी हुई चूत में मिल रही हैं उनकी चूत छोटे लंड से चुदी है आप चोदोगे तो सील टूटने जैसा मजा उन्हें मिलेगा और आपको सील तोड़ने जैसा जब आपने अपनी बहन चोद ली तो बहन की सहेलियां तो आपका भी हक बनता है वह आपकी सालियां लगते हैं मान जाइए ना।

भैया बोले अरे तुम चारों को एक साथ शांत करना थोड़ा मुश्किल है। मुझे वियाग्रा खानी पड़ेगी।

भैया कुछ भी करना पड़े आज आपको हमारे साथ कल रात जैसी होली खेलनी है.

भैया खुश हो गए और तुरंत मार्केट चले गए वहां से वियाग्रा की गोली उन्होंने दुकान पर ही खाली क्योंकि पर आधे घंटे बाद असर करती है। भैया घर आए तो मम्मी पापा होली खेलने के लिए जा चुके थे घर में सिर्फ हम चार सहेलियों और भैया थे हम सभी आंगन में थे तभी भैया आए तो पूनम ने दरवाजा खोला और बोली आईए जीजू हम आपके साथ होली खेलने आए हैं और भैया को पकड़ कर उसने किस कर लिया।

भैया ने पूनम को अपनी गोद में उठा लिया और दरवाजा बंद करके अंदर मेरे कमरे में ले आए और बोले तू मुझे जीजू क्यों कह रही है। पूनम बोली आप मेरी सहेली राशि के भैया से पति बन गए हैं और वह हमारी बहन जैसी है तो बहन का पति हमारा जीजू ही हुआ ना.

और फिर हम अपने भाइयों के लिए कमिटेड हैं तो हम किसी और के भाई से नहीं होली खेलेंगे हम अपने जीजू के साथ खेल सकते हैं भैया ने पूनम को बिस्तर पर लेटा दिया और इसकी चूचियां को जोर-जोर से दबाने लगे पूनम चिल्लाने लगी धीरे से जीजू लग रही है धीरे से दबाईये ना, उखाड़ देंगे क्या।

पूनम की चीख सुनकर हम सभी कमरे में पहुंचे तो भैया उसके ऊपर लेटे हुए उसकी शर्ट उठाकर उसकी चूची पी रहे थे हमें देखकर बोले आ जाओ मेरी सालियों अपने जीजा के साथ होली खेलो हम सब ने अपने कपड़े उतार कर नंगे हो गए और जाकर सीधे भैया से चिपक गए सब इसी तरह से था कि जैसे भैया एक फूल और उसे पर ढेर सारी मधुमक्खियां चिपकी हों.

इसे भी पढ़े – गर्लफ्रेंड को बिस्तर में कैसे प्यार करे

पूनम ने भैया को खड़ा किया और उनके कपड़े उतार दिए उनका अंडरवियर उतरते ही 9 इंच लंबा 3.5 इंच मोटा उभरी हुई नसों वाला गधे जैसा काला लंड आंखों के सामने था तीनों ने अपने गाल और कान पर हाथ रख लिए हे भगवान, यह तो बड़ा खतरनाक है हमारी फाड़ देगा लेकिन कुछ भी हो आज हमें इसके साथ होली खेलनी है जीजु हमें इसके साथ होली खिलाएंगे ना,

भैया बोले हां जरूर खेलेंगे इसके साथ होली तुम अपने जीवन में याद रखोगे की अपने जीजू के साथ कैसी होली खेली थी राशि को देखा ना वह ठीक से चल नहीं पा रही है तुम तीनों भी इसी तरह से लंगड़ाते हुए घर जाओगी। चलो बाथरूम में हौदी में एक साथ होली खेलते हैं बड़ा मजा आएगा

बाथरूम की हौदी में गर्म पानी लहरें मार रहा था। पांचों नंगे शरीर एक-दूसरे से सटे हुए थे। पूनम और नीलू अभी भी सुरेंद्र के शरीर से चिपकी हुई थीं, उनकी सांसें तेज थीं, पानी की गरमाहट ने उनकी जवानी को और उत्तेजित कर दिया था। सुरेंद्र की सांसें भी भारी हो रही थीं। चार जवान लड़कियों को चोदना सोच कर उसे उत्तेजित कर रहा था वियाग्रा के असर से उसका लंड एकदम लोहे की रोड की तरफ से खड़ा था।

पूनम बोली जीजू अब मेरी आग बुझा दीजिए ना क्यों देर कर रहे हैं भैया ने पूनम को बाथरूम के फर्श पर लिटा दिया और अपने लंड पर वहां रखा हुआ साबुन लगाया और उसकी चूत पर टिका दिया पूनम की टांगे भैया के कंधे पर थी भैया ने उसे पकड़ और एक तक का मारा भैया का आधा लंड पूनम की चूत में घुस गया था. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

पूनम दर्द से चीख पड़ी आह..… जीजू धीरे से चोदो इस तरह से तो मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द कर रहा है धीरे से करिए ना।

भैया बोले कि तुम इस चूत का मजा लो और अपनी चीख को मत रोकना बाहर लाउडस्पीकर का शोर है घर में भी लाउडस्पीकर चल रहा है तुम मजे ले सकती हो और उन्होंने नीलू को बोला कि तुम इसके मुंह पर अपनी चूत रख कर बैठ जाओ.

नीलू पूनम के मुंह पर अपनी चूत चढा कर बैठ गई पूनम का मुंह नीलू की चूत से बंद हो गया था भैया ने कुसुम और मुझे पूनम की चूचियां चूसने के लिए बोला जिससे पूनम को और अधिक उत्तेजना हो रही थी उसका दर्द भी काम हो जाता था फिर भैया ने एक और जोरदार धक्का मार कर पूरा 9 इंच का लंड पूनम की चूत में घुसा दिया.

पूनम दर्द से तड़प गई उसकी चूत से खून निकलने लगा भैया का लंड उसके बच्चेदानी में घुस गया था उसे लेकिन उसकी चीख नीलू की चूत में दबकर रह गई 20 25 धक्के के बाद पूनम को मजा आने लगा तो भैया ने नीलू को उठा दिया और नीलू की चूचियां चूसने लगे पूनम नीचे से सिसकारियां भर रही थी बहुत मजा आ रहा है इसी तरह से चोदिए और जोर से चोदो.

लगभग 100 धक्के खाने के बाद पूनम बोली मै झड़ गई जीजू बस पर बस अब निकाल लीजिए आप और नहीं सह पाऊंगी प्लीज निकाल दीजिए। भैया को उस पर तरस आ गया भैया ने अपना लंड निकाल लिया पूनम की चूत से अभी भी खून बह रहा था, लेकिन वियाग्रा के असर से है एकदम लोहे की तरह से खड़ा हुआ था.

तब भैया ने नीलू को लिटाया और उसकी चूचियों को मसलते हुए उसके ऊपर आ गए उसकी जांघें खोलकर बीच में बैठे और उसकी चूत के छेद पर अपने लंड का सुपाड़ा दिखा दिया उसकी चूत पूरी लंड के सुपाड़े से छुप गई थी नीलू बोली जीजू मेरी बहुत छोटी है प्लीज थोड़ा सा तेल लगा लीजिए मुझे बहुत डर लग रहा है.

भैया ने अपने तने हुए लंड पर साबुन लगाया और उसे चिकन कर लिया फिर उसकी कमर को पकड़कर एक धक्का मारा तो चौथाई लंड उसकी चूत में घुस गया नीलू चीख बड़ी जीजू मर जाऊंगी प्लीज बाहर, भैया बोले नीलू कोई नहीं मरेगा सिर्फ मजे ले साली अभी पूनम भी इसी तरह चिल्ला रही थी जब तुम उसके मुंह पर अपनी चूत रख कर बैठ गई थी उसे मजा आया था.

फिर उन्होंने कुसुम को बोला कुसुम तुम आकर इसकी चूचियां चूसो चूसो राशि तुम इसके होठों को अपनी चूत से दबा दो, नीलू मजे लेने हैं तो तुम राशि की चूत में अपनी जीभ घुसा कर उसे जीभ से चोदो तुम्हारी चूत मारता हूं पूरी बेदर्दी से मारूंगा कि तुम्हें यह होली जीवन भर याद रहे कि तुमने कैसी होली बनाई थी.

इसे भी पढ़े – मम्मी को चोदने के लिए पंडित का मदद लिया 1

सब सेट करके भैया ने उसकी कमर को पकड़ा पूरी ताकत से अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया लंड उसकी बच्चेदानी को छेदने की कोशिश कर रहा था अभी तक बेचारी नीलू ने केवल 5 इंच का लंड अपनी चूत में लिया था और आज 9 इंच का लंड उसके बच्चेदानी में घुसने की कोशिश में चूत में तांडव मचा रहा था चूत से खून निकलने लगा वह दर्द से तड़प उठी लेकिन भैया नहीं रुके.

भैया को नीलू की छोटी सी टाइट चूत मारने में बड़ा मजा आ रहा था वह लगातार बिना रुके 100 धक्के मारने के बाद भी नहीं झाडे और नीलू तीन बार झड़ चुकी थी अब वह बुरी तरह चिल्लाने लगी जीजू प्लीज निकालो अब नहीं मुझे बहुत तेज जलन हो रही है मैं मर जाऊंगी प्लीज निकाल लो जीजू राशि प्लीज जीजू को बोल ना मुझे छोड़ दें। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

भैया बोले नीलू बस थोड़ी देर और मुझे भी झड़ जाने दे।

तो मैंने कहा भैया प्लीज नीलू को छोड़ दीजिए.

आप कुसुम के साथ कर लीजिए अभी उसकी बारी है.

तुम ठीक कह रही हो मेरी जान मेरी प्यारी साली कुसुम कहां है आज उसको भी छोड़कर जन्नत दिखा दूंगा.

अब कुसुम की बारी। कुसुम पहले से ही डरी हुई थी। भैया मैं आपके जीजू नहीं कहूंगी आपको भैया ही कहूंगी मुझे भैया के साथ करने में ज्यादा मजा आता है “भैया… मैं देख रही हूं इनकी हालत… आपका लंड अब बहुत खतरनाक हो गया है…” लेकिन सुरेंद्र ने उसे उठाकर बाथरूम के फर्श पर लिटा दिया। उसकी टांगें फैला दीं और ऊपर चढ़ गया।

“कुसुम… अब तेरी बारी है मेरी जान।” सुरेंद्र ने धीरे से शुरू किया लेकिन फिर तेजी पकड़ ली। कुसुम चीखती रही, “आह्ह्ह भैया… धीरे… फट रही है… आपका कड़ा लंड मेरी चूत को फ़ाड़ रहा है… आह्ह्ह… लेकिन मजा भी इतना है कि रुक नहीं पा रही… चोदो… जोर से चोदो… अपनी कुसुम को औरत बना दो…”

सुरेंद्र ने कुसुम को भी पूरी तरह थका दिया। मिशनरी, डॉगी, राइडिंग – हर पोजीशन में उसे चोदा। कुसुम की चीखें, सिसकारियां और गंदी बातें कमरे में गूंज रही थीं – “भैया… आपका 9 इंच मेरा सब कुछ ले रहा है… भर दो… वीर्य से भर दो मेरी बच्चेदानी… मैं आपकी हूं… हमेशा के लिए…”

आखिर में कुसुम भी पूरी तरह बेसुध हो गई। तीनों सहेलियां हौदी और फर्श पर थकी हुई, सूजी हुई चूतों के साथ पड़ी थीं। उनकी सांसें भारी थीं, शरीर कांप रहे थे, लेकिन चेहरे पर असीम संतोष था। थोड़ी देर बाद सभी नहा धोकर निकल आए। सभी सहेलियों ने मिलकर राशि के साथ खाना बनाया – गरमागरम पूडियां, पुलाव सब्जी और रायता।। सभी ने साथ बैठकर खाया। थोड़ी देर आराम करने के बाद वो फिर से बाथरूम की हौदी में घुस गए।

“जीजू…एक बार फिर से…” पूनम ने अपनी चूचियां उसके सीने पर रगड़ते हुए फुसफुसाया, उसकी आंखों में अभी भी भूख थी। नीलू ने उसके लंड को पानी के अंदर हाथ से पकड़कर सहलाना शुरू कर दिया। “हां जीजू… हम अभी थके नहीं हैं एक राउंड और होना चाहिए हमारी प्यास बुझा दो। आपका 9 इंच वाला वो मोटा लंड हमें पागल कर रहा है।”

सुरेंद्र का लंड फिर से लोहे की तरह कड़ा और मोटा हो गया। नसें उभर आईं, सिर चमक रहा था, और उसमें ऐसी ऊर्जा भर गई कि लग रहा था जैसे वह फिर घंटों तक चल सकता है। उसकी आंखों में जंगली चाहत चमकने लगी।

“आ आओ… मेरी प्यारी सालियों इच्छा पूरी कर तृप्त कर दूंगा” सुरेंद्र ने गहरी आवाज में कहा।

इसे भी पढ़े – नहाते हुए नंगा जिस्म दिखाया भाई साहब को

पहले पूनम को उसने हौदी के किनारे पर झुका दिया। पूनम की गांड ऊपर थी, पानी अभी भी उसकी जांघों से बह रहा था। सुरेंद्र ने पीछे से उसकी चूचियां पकड़कर उसकी चूत पर सुपाड़ा रख कर एक जोरदार धक्का दिया। पूनम चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह्ह!!! जीजू… अब तो और भी मोटा और कड़ा हो गया है… फट गई मेरी चूत… आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… लेकिन… मत रुको… चीर डालो निगोड़ी चूत को बुरचोदी बहुत सताती है…”

सुरेंद्र ने उसकी कमर कसकर पकड़ ली और तेज-तेज धक्के मारने लगा। पानी छप-छप करके चारों तरफ उछल रहा था। पूनम की चीखें बाथरूम की दीवारों से टकरा रही थीं। “जीजू… आपका लंड मेरी बच्चेदानी को छेदने की कोशिश रहा है… आह्ह्ह… और जोर से… फाड़ दो… मैं आपकी रंडी हूं… चोदो मुझे… हां… हां… मैं झड़ रही हूं… आह्ह्ह्ह!!!”

सुरेंद्र रुका नहीं। उसने पूनम को कई पोजीशन में बदला – कभी खड़े होकर, कभी उसे उठाकर अपनी गोद में। पूनम की हालत बुरी हो गई। उसकी टांगें कांप रही थीं, आंसू बह रहे थे, लेकिन मजे की लहरें उसे बार-बार झड़ा रही थीं। “जीजू … बस… मैं मर जाऊंगी… आपका लंड बहुत पावरफुल हो गया है… आह्ह्ह… बस बस जीजू मैं दो बार झड़ गई बस करिए प्लीज़ निकाल लो”

सुरेंद्र को उसे पर तरस आ गया पूनम की चूत से अपना लंड निकाल लिया पूनम थरथरा कर बेसुध होकर हौदी में लेट गई। उसकी चूत लाल और सूजी हुई थी। अब नीलू की बारी। नीलू डरते-डरते लेकिन उत्तेजित होकर आगे आई। “जीजू … धीरे से… पूनम की हालत देखकर डर लग रहा है…” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

लेकिन सुरेंद्र ने उसे दीवार से सटा दिया, एक टांग कंधे पर चढ़ाई और पूरा 9 इंच का कड़ा लंड एक झटके में घुसा दिया। नीलू की चीख आसमान छू गई, “आआआह्ह्ह्ह!!! ओह मां… फट गई… बहुत कड़ा… बहुत मोटा… मेरी चूत चीर दी जीजू … आह्ह्ह… दर्द से मर रही हूं… लेकिन… गहरा… और गहरा चोदिए… हां… यही… मुझे पागल कर दिया आपके बहनचोद लौड़े ने …”

सुरेंद्र की गति जानवरों जैसी हो गई थी। वियाग्रा ने उसे लोहे का लौड़ा बना दिया था। वह नीलू को जोर-जोर से चोद रहा था। नीलू की चूचियां उछल रही थीं, शरीर पसीने से तर था। “भैया… आपका लंड मेरी सारी सीमाएं तोड़ रहा है… आह्ह्ह… मैं कई बार झड़ चुकी हूं… बस… अब मत… मैं बेसुध हो जाऊंगी… हां… फिर भी चोदते रहो… अपनी नीलू की चूत फाड़ दो…”

नीलू की हालत भी बुरी हो गई। वह बार-बार झड़ रही थी, मजे की लहरें उसे बार-बार झड़ा रही थीं। “जीजू … बस… मैं मर जाऊंगी… आपका लंड बहुत पावरफुल हो गया है… आह्ह्ह… बस बस जीजू मै कई बार झड़ गई बस करिए प्लीज़ निकाल लो.”

सुरेंद्र ने उसकी कोई बात नहीं सुनी और लगातार चोदता रहा फिर उसकी स्पीड बहुत तेज पड़ गई और उसने सारा वीर्य नीलू की बच्चेदानी में छोड़ दिया नीलू शरीर थरथरा रहा था, आवाज कांप रही थी। नीलू हौदी के किनारे ढेर हो गई, सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।

राशि ने आगे बढ़कर सुरेंद्र को गले लगाया। “भैया… अब इनको आराम करने दीजिए। इनकी बुरी हालत हो गई है। शाम को या रात में मैं अकेली आपके साथ पूरा मजा लूंगी। आप मुझे फिर से चोदिएगा… जितना चाहें उतना… मैं मना नहीं करूंगी.”

सुरेंद्र ने राशि के होंठों पर गहरा किस किया। “हां मेरी जान। आई लव यू, तू मेरी सबसे प्यारी बहन है आज तेरी वजह से मेरी होली बहुत रंगीन हो गई इसे कहते हैं कि जब ईश्वर देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है कल तक मैं एक भी चूत नहीं मारी थी और आज चार-चार कुंवारी चूतें फाड़ दी।”

तीनों सहेलियां मुश्किल से उठीं। पूनम ने कमजोर आवाज में कहा, “जीजू… आज की होली हम कभी नहीं भूलेंगे। आपका वो मजबूत गधे वाला लंड… हमारी चूत दोबारा फाड़ दी लेकिन स्वर्ग भी दिखा दिया इतना बड़ा लंड होता है हमें यकीन ही नहीं था केवल सुना था।”

इसे भी पढ़े – माँ को सरदार जी का बड़ा लंड पसंद है

चारों लड़कियां एक-दूसरे को सहारा देकर बाथरूम से निकलीं। सुरेंद्र भी संतुष्ट लेकिन अभी भी तना हुआ लंड लिए उनके पीछे आया। दोपहर ढल चुकी थी। बाथरूम में दो दो राउंड के बाद सुरेंद्र ने पूनम, नीलू और कुसुम को एक राउंड और चोदा।

वियाग्रा के असर में उसका 9 इंच का लंड इतना अधिक और कड़ा हो गया था कि तीनों सहेलियों की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी थी। उनकी चूतें लाल, सूजी हुई और वीर्य से भरी हुई थीं। वे चलने में भी मुश्किल महसूस कर रही थीं, उनके चेहरों पर संतोष और मजे की चमक साफ दिख रही थी।

पूनम ने कांपती आवाज में कहा, “राशि… आज का दिन… मैं कभी नहीं भूलूंगी। जीजू का लंड… सच में 9 इंच का जादू है। दर्द तो बहुत हुआ, मजा भी उतना ही आया।”

नीलू ने शर्माते हुए मुस्कुराया, “हां… अगली होली तक इंतजार नहीं कर पाऊंगी। जब भी मौका मिलेगा, जीजू से मिलकर मजे लूंगी।”

भैया बोले मैं मार्केट से होकर आ रहा हूं तुम लोग जाना नहीं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लेने जा रहा हूं सभी सहेलियों खुश हो गई कि उनको भैया गिफ्ट देने वाले हैं, वह 15 मिनट बाद बाजार से दो पैकेट लेकर आया और उसने राशि को दिया राशि इसको तुम सब एक दोनों पैकेट में से ले लेना और मुस्कुराता हुआ अपने कमरे में चला दिया।

राशि पैकेट लेकर अपने कमरे में सहेलियों के पास गई और अभी वह पैकेट दिखाए सब बोलीं की पहले मैं अपनी पसंद का लूंगी है। राशि ने सबसे पहले बड़ा वाला पैकेट टेबल पर उलट दिया उसमें चार कैडबरी सिल्क की चॉकलेट चार मैरून कलर की लैक्मे की लिपस्टिक थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

वह सभी खुश हो गई कि भैया ने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया सबके लिए एक जैसी गिफ्ट लाए हैं सब ने एक-एक ले लिया फिर राशि ने छोटा पैकेट खोलकर टेबल पर रखा तो उसको देखकर राशि शर्मा गई उसमें चार आईपिल की टैबलेट्स थी वो बोली भैया कितने लविंग एंड केयरिंग है हम सब का कितना ध्यान रखते हैं.

बाकी तीनों को समझ में नहीं आया वह बोली भैया यह दवा किसके लिए लाए हैं। राशि बोली असली गिफ्ट यही है भैया का हम लोगों ने जो कल सुबह से इतनी मस्ती की है भैया का इतना सारा प्यार अपने अंदर लिया है उससे हम कहीं प्रेग्नेंट ना हो जाए उसके लिए यह दवा है।

राशि ने सबसे उनकी पीरियड की डेट पूछी तो पूनम का एक हफ्ते पहले खत्म हुआ था नीलू को 10 दिन हो गए थे और कुसुम को अगले 10 दिन बाद आना था खुद राशि को भी पीरियड खत्म हुए एक हफ्ता हुआ था. राशि ने समझाया हम सभी फर्टाइल हैं इसको लेने से प्रेगनेंसी नहीं होगी इसको सेक्स के 72 घंटे बाद लिया जा सकता है यानी कि तुम अभी दो दिन और मजे कर सकती हो अपने-अपने भाइयों या बॉयफ्रेंड के साथ लेकिन इसे हर हाल में कल रात में खा लेना वरना दिक्कत में आ जाओगी।

इसे भी पढ़े – प्यासी औरतों का पानी निकालने का टैलेंट

सभी ने समझते हुए हां में सिर हिलाया और एक-एक गोली को पैकेट से निकाल कर पैकिंग को काट कर छोटा-सा करके अपने पर्स में रख ली। कुसुम ने राशि को गले लगाते हुए फुसफुसाया, भैया बहुत केयरिंग लविंग हैं सभी लड़के अपना मजा करने के बाद में लड़कियों का ध्यान नहीं रखते और मुसीबत पड़ने पर या तो छोड़ देते हैं या बदनाम कर देते हैं, राशि तू बहुत खुशनसीब है जो मुझे अपने भैया का प्यार मिला और भैया भी हजारों में एक हैं वरना इतना बड़ा हजारों में किसी एक का होता है। ये खेल दर्दनाक था तो बहुत मजेदार था। तू तो जब चाहे मज़े कर सकती है।

मैं मुस्कुरा दी और बोली हां तू सही कह रही है भैया बहुत केयरिंग लविंग हैं। हम सबको इतना मज़ा दिया किसी ने भी इतनी मजेदार होली की उम्मीद नहीं थी. तीनों सहेलियां शाम ढलते ही अपने घर चली गईं। जाते वक्त उन्होंने राशि को गले लगाया और कान में कहा, “अगली होली फिर साथ खेलेंगे… और जीजू से भी।” उनके मन में एक बात साफ थी – जब भी सुरेंद्र जीजू से अकेले मिलने का मौका बनेगा, वे जरूर आएंगी’. इसके आगे की कहानी के लिए कमेंट कर बताएं कि ये कहानी आपको कैसी लगी।

ये Holi Group Chudai Kahani आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………

अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-

Related posts:

  1. बस में बहन की बुर का छेद खोजने लगा भाई
  2. भैया का पप्पू बहन की छोटी सी मुनिया में 1
  3. मैं अभी भी कुंवारा हूँ
  4. मराठी भाई बहन ने सेक्स ट्राई किया
  5. प्रेम जाल में फंसे भाई बहन 1
  6. भैया को बर्थ-डे गिफ्ट दिया 1

Filed Under: Bhai Bahan Sex Stoy Tagged With: Bathroom Sex Kahani, Blowjob, Boobs Suck, Family Sex, Hardcore Sex, Hindi Porn Story, Horny Girl, Kamukata, Kunwari Chut Chudai, Mastaram Ki Kahani, Non Veg Story, Pahli Chudai, Sexy Figure

Reader Interactions

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Primary Sidebar

हिंदी सेक्स स्टोरी

कहानियाँ सर्च करे……

नवीनतम प्रकाशित सेक्सी कहानियाँ

  • भैया ने कच्ची कलियों को फूल बनाया 1
  • Lund Priya Ki Gand Me Dal Diya
  • छोटी बहन ने होली रंगीन बना दी 2
  • मौसी को चुदाई का असली मजा दिया
  • Boss Meri Khoobsurati Ke Deewane Hue

Desi Chudai Kahani

कथा संग्रह

  • Antarvasna
  • Baap Beti Ki Chudai
  • Bhai Bahan Sex Stoy
  • Desi Adult Sex Story
  • Desi Maid Servant Sex
  • Devar Bhabhi Sex Story
  • First Time Sex Story
  • Girlfriend Boyfriend Sex Story
  • Group Mein Chudai Kahani
  • Hindi Sex Story
  • Jija Sali Sex Story
  • Kunwari Ladki Ki Chudai
  • Lesbian Girl Sex Kahani
  • Meri Chut Chudai Story
  • Padosan Ki Chudai
  • Rishto Mein Chudai
  • Teacher Student Sex
  • माँ बेटे का सेक्स

टैग्स

Anal Fuck Story Bathroom Sex Kahani Blowjob Boobs Suck College Girl Chudai Desi Kahani Family Sex Hardcore Sex Hindi Porn Story Horny Girl Kamukata Kunwari Chut Chudai Mastaram Ki Kahani Neighbor Sex Non Veg Story Pahli Chudai Phone Sex Chat Romantic Love Story Sexy Figure Train Mein Chudai

हमारे सहयोगी

क्रेजी सेक्स स्टोरी

Footer

Disclaimer and Terms of Use

Privacy Policy

HamariVasna - Free Hindi Sex Story Daily Updated