Free Group Chudai Kahani
एक दिन जैसा कि आप जानते हैं मैं पाँच लड़कियों से सेक्स कर चुका हूँ। यह कहानी भी उसी पंजाबी परिवार की है। इस बार सबा, सना, सोफिया, निदा, ऐशी के बाद उनकी आंटी की कहानी है जो उनकी चाची की बहन हैं और मुझसे दो या तीन साल बड़ी हैं मगर उनकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। Free Group Chudai Kahani
यह वाकया उस समय हुआ जब स्कूल की समर वेकेशन थी और सबा लोगों की फैमिली पंजाब गई हुई थी अपने मामू के घर छुट्टियाँ गुजारने के लिए। तो उनके चाचा और चाची और उनका दो साल का बेटा और उनके चाचा की साली यहाँ इस्लामाबाद आए थे। उनकी चाची का डिलीवरी केस था।
मैं उनके चाचा को मामू कहता था और उनकी साली का नाम फाइजा था जिसकी हाइट पाँच फीट पाँच इंच थी और साँवली रंगत थी और उस पर ब्लैक नशीली आँखें थीं। उससे भी थोड़ी बहुत गुपशुप थी और सोफिया के न होने की वजह से मैं सिर्फ मौखिक ही करता था लेकिन मैं अक्सर फाइजा को देखता ही रहता था क्योंकि वह मुझसे बड़ी थी जिस वजह से मैं कोई बात करने से घबराता था मगर देखता रहता था।
फिर एक दिन फ्राइडे को मेरी इवनिंग ड्यूटी थी। मैं मॉर्निंग में घर पर ही था कि हमारे मोहल्ले से एक आंटी मेरी मम्मी के पास अफसोस के लिए आ गई क्योंकि मेरी फूफो की डेथ हुई थी। मम्मी और आंटी दूसरे कमरे में बैठी थीं और मैं अपने कमरे में था।
तब मामू आए और मैंने दरवाजा खोला और उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारी आंटी को डिस्पेंसरी ले जा रहा हूँ डॉक्टर के पास तो बेबी और फाइजा घर पर हैं। उनका ध्यान रखना। मैंने कहा ठीक है। उनके जाने के बाद मैं अपने दरवाजे के पास ही बैठ गया और सामने फाइजा अपने घर में बैठी थी। हमारे दरवाजे आमने-सामने थे।
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तब मैं अपनी रूटीन में उसको देखने लगा। काफी देर यूँ ही देखता रहा और वह भी कभी-कभी मुझे देखती थी। फिर काफी देर बाद उसने मुझसे कहा कि कोई फायदा नहीं मैं जल्द वापस चली जाऊँगी। तो मेरे जिस्म में जान पड़ गई। तब मैं उठा और दरवाजा ओपन करके उनके दरवाजे के पास जाकर उसको कहा कि कोई बात नहीं जिंदगी होनी चाहिए इंसान कहीं न कहीं मिल ही जाता है।
फिर काफी देर इधर-उधर की बातें कीं। तब मुझे आवाज आई कि आंटी और मॉम आ रही हैं तो मैं अपने घर में अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद मामू भी आ गए और हमारे घर आकर मॉम से कहा, “बाजी मैं वाइफ को हॉस्पिटल ले जा रहा हूँ डॉक्टर ने रेफर कर दिया है तो आप भी साथ चलें।”
और मुझसे कहा कि तुम मार्केट से चिकन ले आओ और बेबी को भी साथ ले जाओ ताकि वह रोये ना। मैंने फाइजा से कहा मेरे आने तक मेरे घर का भी ध्यान रखना। और मार्केट से सामान भी ले आया और एक आइसक्रीम बेबी के लिए और एक फाइजा के लिए ले आया और दे कर कहा एक बेबी की और एक आपकी है खा लेना।
उसने कहा कि पहले तुम खाओ फिर मैं खाऊँ। तो मैं उनके किचन में खड़ा होकर खाने लगा तो मेरे हाथ काँपने लगे। तो उसने कहा यह क्या? तो मैंने कहा फर्स्ट टाइम है ना। तो उसने कहा कि मेरी भी फर्स्ट टाइम है पर मेरे साथ तो ऐसा नहीं है।
तो मैंने दिल में कहा साली तू बड़ी है मैं तो कुछ और सोचकर टेंशन में हूँ। पर मैंने हाफ आइसक्रीम खाई और फिर अपने हाथ से उसको खिलाई। और लास्ट में एक तरफ से उसने होंठों से खाई और एक तरफ से मैंने खाई तो हमारे होंठ टच हो गए।
तब मैंने हल्की सी किस कर दी और फिर हम बातें करने लगे और वह खाना बनाने लगी। थोड़ी देर में मेरे पापा ऑफिस से आ गए तो मैंने बेबी को उठाया था और घर आकर पापा को मॉम का बताया तो पापा सो गए। मैं फिर उनके घर चला गया और बातें करने लगा।
फिर वह फारिग हुई तो मैंने बातों-बातों में किस की फरमाइश कर दी। तो उसने कहा कि क्या यह प्यार है? तो मैंने कहा हाँ। तो वह बोलकर कहने लगी कि मेरी एक कजिन की किसी बॉय से दोस्ती है पर वह तो सिर्फ बातें करते हैं। तो मैंने कहा वह आपके सामने कुछ नहीं करते होंगे। दोस्ती में तो बहुत कुछ होता है। और फिर मनाता रहा।
फिर उसने बेबी को सुला दिया और हम साथ में खड़े थे। मैं उसे देख रहा था। तब मैंने फिर कहा तो उसने आँखें बंद कर दीं। तब मैंने उसके होंठों और गर्दन पर काफी देर किस की और फिर होंठों पर किस की तो उसने मुँह हटा दिया। तब मैंने कहा क्या हुआ? तो उसने कहा नहीं। फिर मैंने कहा यहीं तो सारा मजा है और फिर उसे किस करने लगा।
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थोड़ी देर के बाद मैं बाहर आ गया तो मामू आ गए और पापा और मामू नमाज के लिए चले गए। मैं अपने घर चला गया और वह वहीं आ गई और काफी देर किस की। फिर उसने कहा बेबी अकेला है और चली गई। मैं भी कुछ देर बाद चला गया। वह बेड पर बेबी के पास लेटी थी अपना एक हाथ अपनी आँखों पर रखकर।
मैं ऊपर ही लेट गया और किस करने लगा और बूब्स कमीज के ऊपर से दबाने लगा। वह काफी हॉट थी। इस तरह वह दो बार फारिग हुई और मैं एक बार ऊपर से ही फारिग हो गया और घर आकर नहाकर ऑफिस चला गया और रात में वापस आया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अगले दिन सुबह-सुबह मॉम और पापा विलेज चले गए फूफो के यहाँ दुआ थी वहाँ पर और दो दिन बाद आना था। मामू अब हॉस्पिटल में थे। उनके यहाँ एक और बेबी आ गया था। मॉम-डैड के जाने के बाद वह मेरे घर आ गई। मैं नाइट लेट ऑफिस से आया था इसलिए सो रहा था। वह आकर मेरे बेड पर लेट गई और मुझसे लिपट गई।
मैंने उसे देखा तो मेरी आँख खुली ही रह गई नींद उड़ गई और मैंने उसे बाहों में ले लिया और किस करने लगा और फिर स्लोली-स्लोली उसके बूब्स दबाने लगा। वह काफी हॉट थी। उसके बाद मैंने उसकी कमीज उतार दी और फिर उसके पेट और हाथों पर किस करने लगा। कुछ देर बाद उसकी सलवार भी निकाल दी।
अब वह ब्लैक पैंटी और ब्रा में थी और मैं किस करता जा रहा था। फिर मैंने कहा अगर आप कहें तो यह भी निकाल दूँ तो उसने कहा कि फाड़ दो। मैं समझ गया वह बहुत हॉट हो गई है और मैंने झट से पैंटी और ब्रा निकाल दिए। उनकी पैंटी काफी गीली थी मतलब वह लीक हो चुकी थी।
फिर मैंने उनके बूब्स और चूत देखी तो मदहोश हो गया। ब्राउन चूत और गोल-गोल मम्मे और ब्राउन निप्पल्स और बूब्स अड़तीस के थे। मैंने बूब्स चूसने लगा और हाथ से उनकी चूत सहलाने लगा। फिर पूरे जिस्म को चूमा तो वह तड़प उठी और बार-बार अपने ऊपर काँपने लगी पर मैंने अभी स्टे किया और होंठों पर किस करने लगा और अपना आठ इंच का लंड तना हुआ उसकी चूत पर रगड़ने लगा।
इस दौरान वह तीन दफा फारिग हो गई। दस मिनट बाद वह मेरा लंड पकड़कर अंदर करने लगी और कहने लगी मैं मरने लगी हूँ। तब मैंने लंड जो पहले ही उसने चूत पर फिट किया था एक झटके में उसकी चूत के अंदर दो इंच कर दिया। तब उसकी चीख निकल गई।
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तब मैंने उसे लेटे ही होंठों पर किस शुरू कर दी और एक और जोर का झटका दिया तो पाँच से छह इंच अंदर चला गया। उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे और वह तड़प रही थी। फिर मैंने आखिरी झटका दिया तो सारा लंड अंदर चला गया और उसकी चूत से खून बहने लगा। तब वह नीम बेहोशी में थी।
फिर मैंने स्लो-स्लो स्ट्रोक लगाने लगा मगर जब दस मिनट तक वह बेहोशी में रही तो मुझे डर सा हो गया। मैंने पास ही पड़े जग से थोड़ा पानी उसके मुँह पर डाला और जग से ही दो घूँट उसके मुँह में डाल दिए तो उसे कुछ होश आया पर दर्द बहुत था।
फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता झटके लगाने लगे। तब कुछ देर बाद उसे मजा आने लगा और दर्द कम हुआ तो सेक्सी आवाज निकालने लगी। तब मैंने स्पीड कुछ तेज कर दी। तब उसने कुछ देर में कहा जोर-जोर से करो तो मैंने स्पीड फुल कर दी और हम दोनों साथ फारिग हो गए।
मैं फर्स्ट टाइम फारिग हुआ और वह पाँच बार। मैं उसके ऊपर ही लेटकर तेज साँसें ले रहा था और वह नीचे से। फिर दस मिनट यूँ ही लिपटने के बाद हम उठे और उससे उठा नहीं जा रहा था। मैंने उसका सहारा दिया और उसे बाथ तक ले गया। वहाँ दोनों ने नहाया। मैं एक-दूसरे से बहुत एंजॉय किया।
एक-दूसरे को साबुन लगाकर नहलाया और उसने बेडशीट धोई जिस पर उसका खून था। फिर वह घर चली गई और मैंने ब्रेकफास्ट किया जो मॉम ने बनाया था। फिर सो गया। और दिन को उसने मुझे आकर दो बजे होंठों पर किस देकर उठाया और कहा उठो मेरी जान आज तुमने अट्ठाईस साल की लड़की को वुमन बना दिया है।
फिर मैं उठा। उसने कहा भाई जान की कॉल आई थी उन्होंने कहा कि सलमान को खाना दे कर भेज दो। मैं उठा ड्रेस चेंज करके खाना लेकर हॉस्पिटल चला और मामू को खाना देकर आ गया। फिर आकर मैंने फाइजा के साथ एक साथ खाना खाया। फिर वह बर्तन धोने लगी और मैं घर आ गया और पीसी पर बीएफ देखने लगा।
तो कुछ देर में वह आ गई बेबी को साथ लेकर। मैंने बेबी को देखकर मूवी बंद कर दी। तो उसने कहा क्या देख रहे थे? मैंने कहा रात को दिखाऊँगा। फिर केबल ऑन करके इंडियन मूवी देखने लगे और कुछ देर में मैं बेड पर लेट गया। वह पास थी। मैंने उनके बूब्स पर हाथ मारने लगा तो उन्होंने कहा कि सलमान जानू क्या अभी दिल नहीं भरा?
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तो मैंने कहा कि अभी कहाँ अभी तो प्रोग्राम रात में होगा क्योंकि मामू रात हॉस्पिटल में ही थे तो वह मैं और बेबी ही थे। फिर कुछ देर में बेबी सोने लगा तो उन्होंने उसको बेड के एक तरफ लिटा दिया और दरमियान में खुद लेट गई और मैं फिर अपना पहले से तना लंड उनकी सलवार को नीचे करके उनकी पीठ से आगे उनकी चूत के पास तक ले गया था।
अब उन्होंने दोनों लेग्स को क्लोज करके लंड लेग्स में काबू कर लिया और मैं गर्दन पर किस करने लगा और बूब्स मसलने लगा। कुछ पंद्रह मिनट बाद उनकी लेग्स की गिरफ्त टाइट हो गई और वह फारिग हो गई और उनकी सलवार गीली हो गई। उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने उनसे अपना लंड चुसवाया। पहले तो वह इंकार कर गई मगर मेरे रूठ जाने के डर से उन्होंने न चाहते हुए भी ऐसा कर दिया और इतने प्यार से चूसा कि अब तक किसी लड़की ने ऐसा मजा नहीं दिया। फिर मैं उनके मुँह से बाहर फारिग हुआ और हम लेट गए और एक-दूसरे से बहुत देर लिपटकर बातें करते रहे।
फिर शाम में वह घर चली गई और रात में मैं उन दोनों को हॉस्पिटल ले गया और मामू ने कहा कि रात हमारे घर सोना तुम्हारी आंटी अकेली हैं। तो फाइजा मुझे देखकर हँस पड़ी और फिर हम वापस आ गए और रात को खाना खाकर मैं अपने घर गया और मॉम की दवाई ले आया जो एलर्जी की सिरप थी।
जो मैंने आधा चम्मच बेबी को दे दी जिससे बेबी कुछ देर बाद आराम से सो गया। फाइजा ने मुझसे कहा यह क्या दिया है? मैंने कहा इसमें थोड़ा नशा होता है रात में बेबी आराम से सोया रहेगा का तंग नहीं करेगा। तो वह मुझ पर गुस्सा हुई।
तो मैंने उन्हें पकड़कर किस शुरू कर दी। फिर काफी देर वहाँ रोमांस करते रहे। फिर जब देखा कि बेबी गहरी नींद सो गया तो मैंने फाइजा को कहा कि मेरे घर चलते हैं। तो उसने कहा बेबी तो। मैंने कहा वह सो रहा है अब सुबह ही उठेगा पर उसने कहा नहीं बेबी को पास रखना है।
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तो मैंने कहा ठीक है और उसको भी साथ ले गए और मॉम-डैड के कमरे में सुला दिया और हम दोनों मेरे कमरे में आ गए। और आते ही मैंने उसके सारे ड्रेस निकाल दिए और अपना भी और कंप्यूटर के सामने कुर्सी पर बैठकर उसको गोद में बिठाकर पीसी पर बीएफ लगा दी और देखने लगे।
और मैं उसे किस करता रहा और उसके बूब्स और चूत मसलता रहा और वह दोनों लेग्स के दरमियान से मेरा तना हुआ लंड ऊपर करके हाथ से सहला रही थी और मूवी भी देख रही थी। फिर हाफ आर घंटे में हम काफी हॉट हो गए तो बेड पर चले गए और फिर मूवी में जो-जो स्टाइल में चोदते थे वही स्टाइल में चुदाई करने लगे।
हम दोनों काफी जोश में थे और मैंने डॉगी स्टाइल में किया फिर उसकी लेग्स को उसके शोल्डर के पास करके उसको चोदा। फिर उसको टेबल के साथ किया और फिर उसको सोफे पर। और फिर उसने मेरे ऊपर बैठकर मैं बेड पर लेटा था और वह सेक्सी आवाज निकाल रही थी और बहुत स्पीड में थी।
तब पंद्रह मिनट में हम दोनों साथ में फारिग होकर लिपटकर लेट गए और एक-दूसरे को चूमने लगे और फुल एंजॉय करने लगे। तब ही मैं फिर जोश में आ गया और मेरा लंड तन गया तो मैंने उसको उल्टा लिटाकर उसकी गांड़ भी मारी। उसकी गांड़ बहुत टाइट थी मगर मैंने तेल लगाकर किया तो उसकी गांड़ में से खून आने लगा और वह तड़पती रही। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर कुछ देर में एंजॉय करने लगी तो मैंने हल्के से फिर पीछे से ही लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसको डॉगी स्टाइल में कर दिया और कभी लंड उसकी चूत में और कभी उसकी गांड़ में डालता रहा। फिर मैं तीस मिनट तक चोदने के बाद साथ में दोनों फारिग हो गए और साथ ही मैं बेड पर लेट गया और तेज-तेज साँसें लेता हुआ उससे लिपट गया और रोमांस करते रहे।
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फिर हम यूँ ही सो गए। तो सुबह बेबी के रोने की आवाज से हम साथ उठ गए। फिर वह ड्रेस पहनकर बेबी को उठाया और उसको बाथ में ले गई। इस रात में हमने बहुत एंजॉय किया। मैं रात में पाँच दफा फारिग हुआ और वह नौ बार। फिर वह घर चली गई और बेबी को नहला कर फीड दिया तो वह कुछ देर में फिर सो गया। तो मैं उनके घर गया और हम साथ में नहाए और दिन में हमने फिर तीन बार चुदाई का मजा लिया। फिर रात में सोफिया की मॉम आ गई तो मामू घर आ गए तो हमें फिर मौका नहीं मिला।
और दूसरे रोज सुबह मेरी मॉम-डैड भी आ गए। वह दस दिन और रही मगर हम किसिंग ही कर सके और चुदाई का मौका न मिल सका। वह मुझसे कहती थी सलमान जानू तुमने मुझे लड़की से वुमन बना दिया। तुम बहुत स्ट्रॉन्ग हो बहुत रोमांटिक और सेक्सी हो। तुम मुझसे शादी कर लो। मैंने इंकार कर दिया क्योंकि मैं अपनी कजिन को लाइक करता हूँ और उससे शादी का इरादा था। मैंने उसको बता दिया तो उसने कहा कि वह बहुत खुशकिस्मत है जिसको तुम जैसा हस्बैंड मिलेगा।
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