Chudai Stories
दोस्तों, मेरा नाम प्रवीण है। मैं 19 साल का हूँ। मैं मथुरा में रहता हूँ और बीएससी कर रहा हूँ। मैं इस साइट की स्टोरीज़ बहुत दिनों से पढ़ रहा हूँ। मैं जब हाई स्कूल में था तब ही से मुझे सेक्स की कहानियाँ और किताबें पढ़ने व देखने की आदत पड़ गई और थोड़े दिनों के बाद मैं बीएफ भी देखने लगा। Chudai Stories
तो दोस्तों और सहेलियों में ज्यादा वक्त न लेते हुए अब अपनी इस रियल स्टोरी पर आ जाता हूँ। यह स्टोरी है मेरी और मेरे साथ की एक लड़की की जिसका नाम सुप्रिया था। जो पहले तो मुझसे बात नहीं करती थी। दरअसल वह मेरी सिस्टर की सहेली थी। मेरी सिस्टर मुझसे उम्र में बड़ी है और सुप्रिया भी एक साल बड़ी है।
कुछ महीने पहले मेरी सिस्टर की शादी हो गई तो उसने भी आना कम कर दिया और जब मेरी सिस्टर अपने ससुराल से आती तब ही वह आती थी। चूँकि मैं कंप्यूटर का डिप्लोमा भी कर रहा हूँ तो एक दिन उसने मुझसे कहा कि मैं उसे भी कंप्यूटर सिखा दूँ तो मैंने कहा कि आया करो।
अगले दिन से वह मेरे पास कंप्यूटर सीखने आने लगी और मैं उसे सिखाने लगा। पर वह अकेली पढ़ने वाली थी इसलिए मैं उसे मेरे बेड पर ही बैठकर सिखाने लगा। सिखाते वक्त कभी-कभी मेरे शरीर का कुछ हिस्सा उसके शरीर से टच हो जाया करता तो मुझे बड़ा करंट सा लगता। और मैं उसे चोदने के सपने देखने लगा।
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मेरी बड़ी इच्छा होती कि मैं उसके साथ सेक्स करूँ पर डर लगता था क्योंकि मैंने कभी भी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था पर दिल है कि मानता ही नहीं था। मैं पिछले 6 साल से रोज मुठ मारता आया हूँ और मैंने इतनी बीएफ देखी है कि अब मुझे सिर्फ सेक्स करने से ही संतुष्टि मिल सकती थी।
अब मैं उसे कभी-कभी उसके बूब्स पर भी टच कर लिया करता था। एक दिन मेरे घर के सभी लोग घर से बाहर किसी शादी में गए हुए थे। सुप्रिया मेरे पास शाम को 6 बजे कंप्यूटर सीखने आती थी। मैं शादी और फंक्शन पार्टी में कम ही जाता हूँ क्योंकि मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता। इसलिए मैं उस दिन भी नहीं गया।
उस दिन भी सुप्रिया अपने टाइम पर ही आई और बोली, “आज कंप्यूटर नहीं सिखाओगे?” तो मैंने कहा कि क्यों नहीं सिखाऊँगा। और हम मेरे रूम में चल दिए और मैं उसे चोदने के सपने देखने लगा। वह उस दिन ज्यादा ही सज-सवरकर आई थी तो मैंने उससे पूछा कि आज इतना मेकअप क्यों करके आई हो तो बोली, “बस ऐसे ही।”
इससे पहले मैं आप सबको बता दूँ कि उसका उसके बॉयफ्रेंड से अभी-अभी ब्रेकअप हुआ था। अब मैं उसे सिखाने लगा पर उसे माउस मूव करने में दिक्कत हो रही थी तो मैं उसका हाथ पकड़कर सिखाने लगा। तभी मेरे हाथ उसके बूब्स से टच होने लगे।
मुझे मज़ा आने लगा और मैं उसे ऐसे ही सिखाता रहा। थोड़ी देर बाद वह मुझसे अलग हो गई और हम नॉर्मल हो गए। तभी उसने पूछा कि तुमने अभी तक फीस के बारे में तो बताया ही नहीं। तो मैंने कहा कि उसकी ज़रूरत नहीं है बस तुम मेरी हेल्प कर दो एक मैटर में।
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तो उसने कहा, “क्या?”
मैंने उससे कहा कि क्या तुम मेरे साथ सेक्स करना पसंद करोगी।
तो वह सन्न रह गई और बोली, “मैं सोचकर बताऊँगी।”
तभी मैंने कहा कि अभी बताओ।
और वह बोली, “किसी को पता चल गया तो?”
मैंने कहा कि जब हम किसी को बताएँगे तब ही पता चलेगा।
तो वह बोली, “ओके मैं तैयार हूँ।”
और मैं उसे बिना देखे-समझे उसके होंठों पर किस करने लगा। पहले वह थोड़ी कसमसाई पर बाद में मान गई और अपने आप को ढीला छोड़ दिया। हम 5 मिनट तक किस करते रहे। उसके बाद मैंने उसके गर्दन पर किस किया और इस बीच में उसका कुर्ता अलग कर दिया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब वह ब्रा में थी और जल्दी मैंने उसके ब्रा और सलवार भी उतार दी। मैं एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था और एक हाथ से उसकी चूत सहला रहा था और साथ ही साथ किस भी कर रहा था। फिर मैं उसके बूब्स पर टूट पड़ा। क्या बूब्स थे उसके! बड़े-बड़े और गोल-गोल।
मैं आप सबको बता दूँ कि शुरुआत से मुझे बड़े बूब्स वाली लड़कियाँ और औरतें पसंद हैं और मैं शुरुआत से उन्हें ही चोदना चाहता था। अब मैं उसके बूब्स चूस रहा था और वह आह्ह, ओह्ह की आवाजें निकाल रही थी जिससे मुझे और भी जोश आ रहा था और मैं उसके बूब्स बड़ी मस्ती से चूस रहा था।
आधे घंटे तक चूसने के बाद मैं नीचे की तरफ आया और उसकी गीली चूत पर अपनी जीभ रख दी। क्या गरम और नाजुक चूत थी! मज़ा आ गया उस दिन। फिर मैंने उसकी चूत की फाँकों को अलग किया और चूसने लगा जिससे मेरा 8 इंच का लंड तनकर खड़ा हो गया।
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तभी वह बोली, “मेरा सब कुछ चूस लोगे और मैं क्या प्यासी रहूँ?”
तो मैंने कहा, “ओके।”
और हम 69 की पोजीशन में आ गए। अब वह मेरे लंड को और मैं उसकी चूत को सक कर रहे थे। इस दौरान वह दो बार झड़ गई थी और अब मुझसे भी नहीं रहा गया और मैंने उससे कहा कि मैं आ रहा हूँ। तो बोली, “मेरे मुँह में ही आना।” और मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया और एक तरफ लेट गया।
तो वह बोली, “अब मुझसे नहीं रहा जा रहा।”
तो मैंने कहा, “मेरा लंड और चूसो।”
और जब मेरा लंड फुल फॉर्म में आ गया तो मैंने कहा कि अब तैयार हो जाओ।
तो बोली, “मैं तैयार हूँ।”
और मैंने उसकी टाँगें फैलाकर उसके बीच में आ गया और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखकर एक धक्का लगाया तो मेरा लंड 2 इंच अंदर चला गया और उसकी आँखों से आँसू आ गए। वह बोली, “दर्द हो रहा है।” उसकी चूत काफी टाइट थी।
मैंने कहा कि अभी दूर हो जाएगा और उसके मुँह पर हाथ रखकर एक पावर शॉट लगाया और मेरा लंड 6 इंच तक अंदर चला गया। वह छटपटाने लगी और अब मैं उसे धीरे-धीरे चोदने लगा। लगभग 10 मिनट के बाद वह नॉर्मल हो गई और उसे मज़ा आने लगा और अब वह गांड उछाल-उछालकर अपनी चूत में लंड पेलवाने लगी और बोली, “फाड़ दो मेरी इस रंडी चूत को जो रात में मुझे सोने नहीं देती।”
और मैं उसे 25 मिनट चोदने के बाद अपना वीर्य उसकी चूत की बजाय उसके बूब्स पर गिरा दिया क्योंकि वह अभी कुंवारी थी और मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था। हालाँकि इस दौरान वह 4 बार झड़ चुकी थी परंतु बोली, “मेरे को एक बार और आने दो।”
तो मैंने चूत में अपना लंड डालकर उसे और चोदा और वह पाँचवीं बार झड़कर ढेर हो गई और मैं भी वहीं लेट गया। फिर हम बाथरूम में गए और वहाँ हमने पेशाब किया और एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए। और फिर मेरे रूम में आ गए।
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अब वह बोली, “मैं चलती हूँ।”
तो मैंने कहा, “अभी कहाँ?”
तो वह बोली कि माँ घर पर इंतज़ार कर रही होगी।
तो मैंने कहा, “अभी रुको।” और उसके घर पर फोन करके कह दिया कि आंटी अभी सुप्रिया को आने में देर लगेगी और क्लास लंबी चलेगी। चूँकि उसकी माँ मुझे जानती थी और उन्हें मुझ पर भरोसा था क्योंकि मैं भी अक्सर उनके घर जाता था इसलिए उन्होंने हाँ कर दी और मेरे मज़े आ गए।
अब मैंने उसे कहा कि चलो घोड़ी बन जाओ।
तो वह बोली, “क्यों? ऐसे ही ठीक है।”
मैंने कहा कि अब मैं तुम्हारी गांड मारूँगा।
तो वह बोली, “नहीं उसमें बहुत दर्द होगा।”
मैंने कहा कि सारा दर्द छू-मंतर हो जाएगा जैसे चूत हो गया है। पर वह नहीं मानी तो मैंने उसे ज़बरदस्ती घोड़ी बना दिया। पहले तो उसने विरोध किया पर फिर मेरे आगे हार मान ली और बोली, “पहले इसे गीला तो कर लो।” मैंने कहा, “ओके।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और अपना ढेर सारा थूक उसकी गांड पर डाल दिया और अपने लंड को भी गीला करके उसकी गांड पर लंड रखकर एक धक्का मारा और 3 इंच लंड उसकी गांड में पेल दिया और वह दर्द के मारे बुरी तरह से रोने लगी। पर मैं कहाँ मानने वाला था। पीछे ले जाकर एक धक्का और लगाया और अपना 8 इंच लंबा लंड पूरा का पूरा उसकी गांड में घुसेड़ दिया।
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और वह बोली, “निकाल कुत्ते इसे मेरी गांड से वरना मेरी गांड फट जाएगी।” पर मैं नहीं रुका और गांड मारता ही रहा। 10 मिनट गांड मरवाई के बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वह ज़ोर-ज़ोर से गांड मरवाने लगी। अब वह गाली भी देने लगी — “मार भोसड़ी के, मादरचोद, बहनचोद, मार अपनी इस रंडी की गांड मार और बूढ़ा बना दे इस रंडी की गांड का।” अब मैं उसकी गांड मारता रहा और मरवाती रही। लगभग 45 मिनट के बाद हम दोनों शांत पड़ गए और मैं उसके बूब्स चूसने लगा।
थोड़ी देर बाद वह उठी और अपने कपड़े पहनने लगी। अब मुझमें ताकत कम ही थी सो मैंने उससे कहा, “कल आओगी?” वह बोली, “नहीं, पहले अपनी इस चूत और गांड की सूजन उतार लूँ तब ही आ पाऊँगी।” मैंने कहा, “जैसी तुम्हारी मर्जी।” और उसने मुझे किस किया और चली तो लड़खड़ाने लगी तो मैंने उसे सहारा देकर घर से बाहर तक छोड़कर आया और वह मुस्कुराती हुई चली गई। और मैं घर पर आकर लेट गया और आधे घंटे के बाद मेरे घर वाले आ गए और फिर मैं खाना खाकर सो गया और मीठे-मीठे सपने देखने लगा।
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