Free Cuck Sex Kahani
मेरी शादी को तीन साल हो चुके हैं। पहले आपसे अपना और वाइफ का इंट्रोडक्शन करा दूं। मेरी उम्र 30 साल है और वाइफ की उम्र 24 साल है। मेरा नाम सलीम है और वाइफ का नाम सना है। हमारी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी है। मेरा कॉक साइज 7.5 इंच है। सना बहुत खूबसूरत और सेक्सी लड़की है। Free Cuck Sex Kahani
उसने मुझे बहुत सैटिस्फाई किया और बहुत मजे ले-लेकर चुदवाया। हम दोनों खूब एंजॉय करते रहे। एक दिन मैंने उसे हमारी वासना की साइट के बारे में बताया तो उसने कहा कि आप घर में इंटरनेट लगा लें, मैं भी देखूंगी उस साइट पर क्या है। मैंने घर में इंटरनेट कनेक्शन लगा लिया और फिर उसे साइट दिखा दी।
उसने साइट देखी और बहुत सारी स्टोरीज़ पढ़ीं। फिर उसने एक दिन कहा कि ये कपल सेक्स कैसा होता है? मैंने उससे कहा कि लगता है तुमने कपल सेक्स की स्टोरी पढ़ी है। तो कहने लगी हां। तो फिर मैंने कहा कि कपल में दूसरा मर्द भी होता है। तुम चाहती हो कि तुम्हें किसी और के साथ भी सेक्स करना चाहिए?
तो हंसकर कहने लगी कि अगर तुम चाहो तो मैं तैयार हूं। मैं भी चाहता था कि इसने मुझे इतना सेक्स दिया है, क्यों ना उसे भी खूब चुदवाऊं और उसे अपने सामने चुदते हुए देखूं। जब मैंने उसे राज़ी देखा तो मेरा एक क्लोज़ फ्रेंड है, मैंने सोचा कि वो ठीक रहेगा। और सना को कहा कि अकरम कैसा रहेगा?
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तो कहने लगी कि ठीक है। शनिवार का प्रोग्राम तय हो गया। मैंने अकरम से बात की तो वो भी राज़ी हो गया और शनिवार वाले दिन रात में घर आ गया। सना ने ब्लैक कलर की शलवार कमीज पहनी हुई थी और बहुत स्मार्ट लग रही थी। उसकी चूतड़ और बूब्स बहुत खूबसूरत लग रहे थे और क़यामत ढा रहे थे।
अकरम उसे देखकर बेचैन हो रहा था। सना कोल्ड ड्रिंक लेकर आई तो उसने मुस्कुराकर अकरम को हेलो कहा और हमारे साथ ही बैठ गई। मैंने सना से कहा कि लो आज आपके लिए अकरम आ गया है। आप खूब एंजॉय करोगी। आज रात बहुत खूबसूरत होगी। सना मुस्कुराने लगी।
हम बातें करने लगे। इतने में मेरे एक फ्रेंड बाहर आ गए और मैंने कहा कि आप लोग बैठें, मैं फ्रेंड को फरीग करके आता हूं। मैं बाहर चला गया। तक़रीबन 30 मिनट मुझे बाहर लग गए। जब मैं वापस आया तो कमरे का सीन ही अलग था। सना अकरम की गोद में बैठी हुई थी और किसिंग कर रही थी।
मुझे देखकर सना घबरा गई तो मैंने कहा, “डोन्ट वरी यार, शुरू रहो।” और सना से कहा कि अपने कपड़े उतार दो। कपड़ों के बगैर तुम बहुत खूबसूरत लगती हो। और दोनों को स्माइल दी। फिर हम सबने अपने कपड़े उतार दिए। अकरम सना को देखकर कहने लगा कि भाभी बहुत खूबसूरत जिस्म की मालिक हैं और बहुत खूबसूरत हैं।
और आगे बढ़कर किस करने लगा। मैं आराम से बैठ गया और दोनों को किस करते देखता रहा। उसके बाद अकरम ने उसके बूब्स को एक हाथ से मसलना शुरू कर दिया और फिर उसके बूब्स के निप्पल को चूसने लगा और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा। दोनों एक-दूसरे को गर्म करने लगे।
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सना को लिटाकर उसने उसकी दोनों टांगों को खोला और फिर उसकी चूत को ज़बान से चूसने लगा। सना की सिसकारियां निकल रही थीं और वो अपनी गांड उठा रही थी। अकरम उसे खूब मस्त कर रहा था। दोनों को देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था।
उसकी चूत को लिक करने के बाद उसने अपना लंड सना के हाथ में दे दिया। सना ने उसका लंड हाथ से सहलाना शुरू कर दिया। और फिर अकरम ने उससे कहा कि इसे अपने मुंह में लेकर चूसो। सना ने मेरी तरफ देखा तो मुझे उसकी आंखों में एक शर्म सी नजर आई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसने अपनी आंखें झुका लीं और लंड की टोपी को अपनी ज़बान से चाटने लगी। फिर टोपी को मुंह में लेकर चूसने लगी। अकरम को मज़ा आने लगा और उसने अपना लंड उसके मुंह में पूरा डाल दिया और अंदर-बाहर करने लगा। सना के बाल पकड़कर उसे आगे-पीछे करने लगा।
थोड़ी देर बाद कहने लगा कि इतना मज़ा तो मेरी वाइफ ने भी नहीं दिया जितना तुम मुझे दे रही हो। मैं अपनी जगह से उठा और सना की चूत पर हाथ फेरने लगा और उसके जिस्म को सहलाने लगा। फिर उसे किस किया तो सना ने मेरे लंड पर अपनी ज़बान फेरी और उसे मुंह में ले लिया। अब कभी मेरा लंड उसके मुंह में होता तो कभी अकरम का।
मैंने सना से कहा कि आज तुम्हें बहुत मज़ा आएगा क्योंकि तुम दो-दो लंड लोगी। कहने लगी हां, आज की रात बहुत रंगीन है। आज आप दोनों मुझे खूब चोदो। मैं आज की रात को याद रखूंगी। अकरम बहुत बेचैन हो रहा था। उसने सना से कहा कि तुम घोड़ी बन जाओ, मैं तुम्हें पीछे से चोदूंगा।
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सना ने कहा कि आराम से करना और घोड़ी बन गई। मैं उसके मुंह के सामने आ गया और उसके मुंह में अपना लंड दे दिया। अकरम ने अपना लंड उसकी चूत के सूराख पर रखा और एक ज़ोरदार झटका मारा तो मेरा पूरा लंड उसके मुंह में चला गया। सना ने मेरा लंड मुंह से निकाला और अकरम से कहा कि आहिस्ता करो, दर्द हो रहा है।
अकरम ने ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारना शुरू कर दिए। मैं दोनों को देखने लगा। सना की आवाज़ें आ रही थीं और जब धक्के ज़ोर से लगते तो उसके बूब्स ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगते। मुझे उस वक्त जो सरूर आ रहा था, सना को चुदवाते देखकर वो मैं बता नहीं सकता। अकरम फुल मस्त हो चुका था।
उसका लंड बहुत तेज़ी से अंदर-बाहर हो रहा था। सना की सिसकारियां निकल रही थीं और वो भी बहुत मस्त हो गई थी। अब दोनों ही ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रहे थे। पीछे से अकरम और सना भी धक्के लगा रही थी। फिर अकरम ने अपना लंड उसकी गांड के सूराख पर रखा और हल्का सा धक्का दिया तो सना जल्दी से हाथ लगा कर कहने लगी कि नहीं, यहां नहीं। यहां बहुत दर्द होगा। बस आप चूत में ही डालो।
अकरम ने मेरी तरफ देखा तो मैंने कहा, “सना, मुझसे तो तुम कराओगी नहीं, अकरम से करा लो। बहुत मज़ा आएगा।” तो कहने लगी कि दर्द बहुत होगा, मैं इतनी तकलीफ बर्दाश्त नहीं कर सकती। घी मैंने कभी भी ऐसा नहीं किया है और अकरम का लंड मोटा और लंबा ज़्यादा है। मुझे डर लग रहा है।
तो मैंने कहा कि आराम-आराम से करा लो। और अकरम को कहा कि बहुत आराम से डालना, इसने कभी गांड नहीं मरवाई है। अकरम ने कहा, “सना तुम फिकर न करो, बहुत आराम से करूंगा।” सना ने डरते-डरते हामी भरी। तो मैंने अकरम को तेल लाकर दिया जो उसने अपने लंड पर और सना की गांड के सूराख पर अच्छी तरह लगाया।
मैंने कहा कि एक काम करते हैं। मैं लेट जाता हूं, सना तुम मेरे लंड पर बैठ जाओ। और अकरम को कहा कि तुम फिर आराम-आराम से डालना। सना मेरे लंड पर बैठ गई और अपनी गांड को ऊपर उठा लिया। अब सना का चेहरा मेरे सामने था। मैं उसे किस करने लगा और दोनों हाथों से उसे जकड़ लिया।
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पीछे से अकरम ने सना की गांड के सूराख पर अपना लंड रखा और दोनों हाथ उसके पेट के गिर्द बांध लिए। पीछे से उसने जकड़ लिया। और आगे से मैंने। फिर उसने हल्का सा झटका दिया तो सना हिलने लगी और अपना आप छुड़ाने लगी। पर हम दोनों ने ही उसे मजबूती से पकड़ रखा था।
अकरम ने एक और झटका दिया तो उसका लंड आधा अंदर चला गया और सना बुरी तरह हिलने लगी और उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे। बहुत मुश्किल से उसने अपने होंठ मेरे होंठों से छोड़े और रोते हुए कहने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है और मत डालना प्लीज। मुझे छोड़ दो। उफ्फ मर गई। हीई छोड़ दो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
लेकिन हम दोनों ही उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। अकरम ने एक और ज़ोरदार धक्का मारा तो उसका लंड थोड़ा और अंदर चला गया। सना की चीख निकल गई और वो बुरी तरह रोने लगी। पर हम दोनों ही मस्त हो गए थे। मैंने अकरम को इशारा किया कि बस और न डालो।
फिर सना को कहा कि बस मेरी जान। सना कहने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है, मेरी जान निकल रही है। अकरम कहीं और न डाले। मैंने उसे चुप कराया और कहा कि बस अब तो चला गया है, अब मज़ा लो। और अकरम को इशारा किया कि तुम शुरू करो। अकरम ने अपना लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। सना का जिस्म कांप रहा था और हम दोनों ने उसे जकड़ रखा था।
थोड़ी देर बाद सना को कुछ आराम आने लगा तो मैंने सना से पूछा कि अब कैसा लग रहा है, दर्द तो नहीं हो रहा? तो कहने लगी कि दर्द कम हो गया है। फिर अकरम से पूछा कि पूरा डाल दिया है आपने? तो अकरम ने कहा कि हां पूरा डाल दिया है। लेकिन उसने पूरा नहीं डाला था, अभी भी 3 इंच बाकी था। फिर अकरम हल्के-हल्के धक्के लगाने लगा। नीचे से मैं भी चोद रहा था।
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अकरम ने सना को कहा कि थोड़ा सा बाकी है, अगर तुम कहो तो वो भी डाल दूं। सना की आंखों में एकदम डर सा आ गया। फिर उसने मुझे सख्ती से पकड़ लिया। तो मैंने अकरम को इशारा किया कि डाल दो। अकरम ने अपना लंड बाहर निकाला और फिर ज़ोरदार धक्के से अपना पूरा लंड सना की गांड में डाल दिया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। सना की चीखें निकल रही थीं और उसने मुझे मजबूती से पकड़ रखा था। और अकरम ज़ोरदार धक्के मार रहा था। सना को थोड़ी देर में मज़ा आने लगा और वो कहने लगी,
“हीई हाा मर गई। बस करो। तुम दोनों ने मेरी गांड और चूत को बहुत चोदा। उफ्फ अकरम बस करो। अब कभी किसी और से नहीं चुदवाऊंगी। तुम बहुत हरामी हो। इस तरह चोदते हो क्या? उफ्फ छोड़ दो मुझे। बस करो।” फिर अकरम फरीग हो गया और उसने अपना लंड उसकी गांड से निकाला तो सना जल्दी से उठ गई और रोने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है। हम दोनों ने उसे चुप कराया। उसकी गांड से खून आ रहा था जिसे हमने साफ किया। दोस्तों, उम्मीद है आपको मेरी यह स्टोरी पसंद आई होगी।
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