Maa Beta Khet Sex
दोस्तों, मैं आप लोगों को अपनी मम्मी की चाचा के साथ किए गए चुदाई के खेल की 2 कहानियाँ सुना चुका हूँ। आप लोगों ने मुझसे पूछा था कि मैंने अपनी मम्मी को कब चोदा। तो आज मैं आप लोगों को अपनी मम्मी को चोदने की पहली कहानी लिख रहा हूँ। Maa Beta Khet Sex
पापा का 1 साल का विदेश का टेन्योर कंपनी ने बढ़ाकर 2 साल का कर दिया था। पापा साल में सिर्फ 2 बार ही हमसे मिलने आते थे। अब तो प्रह्लाद चाचा और मम्मी खुलकर चुदाई का मजा लेते थे। एक बार चाचा ने मम्मी को खेत में कुतिया बनाकर चोदने का खेल चला रखा था।
चाचा का लंड मम्मी की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। जब लंड अंदर जाता था तो चाचा का शरीर मम्मी के चूतड़ों पर टकराता था और उसकी आवाज़ गूँज रही थी। मम्मी ने सिर नीचे झुकाकर एक हाथ और दोनों घुटनों पर बैलेंस बना रखा था। मम्मी का दूसरा हाथ अपनी चूत को रगड़ रहा था और जोर-जोर से आहें निकाल रही थीं।
मैं वहीं खेत में छुपकर मम्मी को चुदते हुए देख रहा था। अब चाचा ने सिर ऊपर किया और चोदने की स्पीड बढ़ा दी। वो भी चुदाई में मस्त हो रखे थे। अब उनका पानी छूटने ही वाला था कि उनकी नजर मुझ पर पड़ गई। वो समझ गए कि मैं अपनी मम्मी का चुदाई का खेल देख रहा हूँ। पर वो अपने आप को रोक नहीं पाए और मस्ती भरी आवाज़ करते हुए मम्मी की चूत में झड़ गए।
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फिर चाचा ने अपना लंड चूत से बाहर निकाला, जो उनके पानी में चमक रहा था और अभी भी पूरा तना हुआ था। उनकी नजर मुझ पर ही थी, पर मम्मी को कुछ पता नहीं था। वो अभी भी कुतिया की तरह झुकी हुई थीं और अपनी चूत के अंदर उंगली कर रही थीं तथा आहें भर रही थीं।
चाचा ने देखा कि मैं कुछ नहीं कह रहा हूँ, तो वो हल्के से मुस्कुराकर खड़े हो गए। मैंने भी मुस्कुराकर जवाब दिया, तो चाचा का डर खत्म हो गया। वो अपने तने हुए लंड को हाथ से सहलाते हुए मम्मी से बोले, “मैं स्टोररूम से तेल लेकर आता हूँ, तू ऐसे ही कुतिया बनी रहना।”
मम्मी ने आहें भरते हुए कहा, “जल्दी आना मेरे राजा, अभी चूत और गांड दोनों गरम हो रखी हैं।”
चाचा खेत से बाहर आए और मैं भी बाहर आ गया। चाचा बोले, “विकास, प्लीज किसी से कहना मत, वरना हमारे गाँव में बदनामी हो जाएगी।”
मैंने कहा, “ठीक है, पर चाचा मुझे भी कुछ मजे दिलवाओ।”
तो चाचा हँसते हुए बोले, “ठीक है, तो जैसे मैं कह रहा हूँ, वैसे ही करना।”
चाचा ने मुझे पूरा प्लान बता दिया। फिर वो तेल की बोतल लेकर खेत के अंदर चले गए। मैं फिर से छुपकर चुदाई शुरू होते हुए देखने लगा। मम्मी ने अपना सिर जमीन पर टिका दिया था और चूतड़ पीछे की तरफ ऊपर कर रखे थे। अब चाचा मम्मी के पीछे घुटनों के बल बैठ गए और तेल की धार मम्मी के चूतड़ों पर गिराने लगे।
तेल फिसलता हुआ मम्मी की गांड और चूत के छेद को चिकना करता हुआ जमीन पर गिरने लगा। अब चाचा ने अपने लंड पर भी तेल लगाया और फिर मम्मी के चूतड़ों को हाथ से फैलाकर गांड के छेद पर रखकर झटका दिया। लंड चिकनाहट और रोज-रोज की चुदाई से गांड के छेद के ढीले होने की वजह से फिसलता हुआ पूरा समा गया।
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मम्मी की खुशी की चीख निकल गई और वो बोलीं, “हाय मेरे राजा, तू पूरे मजे देता है। अगर पति की चुदाई का इंतजार में रहती तो इस चूत और गांड का तो छेद ही बंद हो जाता।”
तो चाचा हँसते हुए बोले, “भाभी, देवर होते ही भाभी की सेवा के लिए होते हैं। और तेरी जैसी जवां औरत को छोड़कर भाई पैसे के पीछे विदेश में घूम रहा है।”
यह कहकर चाचा ने जोर से झटका दिया, तो मम्मी आवाज़ करते हुए शोर करने लगीं। लगभग 10 मिनट तक चाचा ने मम्मी की गांड चोदी। फिर मम्मी की पीठ पर गिर गए और लंबी-लंबी साँसें लेते हुए मम्मी की चुचियाँ मसलने लगे और मम्मी से धीरे-धीरे बातें करने लगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अब मैं खेत से निकला। मुझे देखकर चाचा ने डरने का नाटक करते हुए तुरंत मम्मी के ऊपर से हट गए। मम्मी ने जब मुझे देखा तो वो भी डर गईं और खड़ी हो गईं। वो दोनों मेरे सामने बिल्कुल नंगे खड़े थे। मम्मी की गांड के छेद से पानी बहकर उनकी टांगों से होता हुआ नीचे आ रहा था।
वो डर से काँप रही थीं और अपने दोनों हाथों से चुचियाँ और चूत को छुपाने की कोशिश कर रही थीं। पर उनकी चुचियाँ इतनी बड़ी थीं कि सिर्फ उनके निप्पल ही वो छुपा पा रही थीं और चूत भी उनकी उँगलियों के नीचे से अपना चेहरा दिखा रही थी।
मैंने पूछा, “मम्मी, तुम और चाचा ये क्या कर रहे हो? मैं पापा को बताऊँगा।”
मम्मी ने डरते हुए तुरंत झुककर अपनी पैंटी उठाई और पहनते हुए बोलीं, “बेटा, ये किसी को मत बताना, वरना मैं मर जाऊँगी।”
पर मैं खेत के बाहर जाने लगा तो पीछे से चाचा ने मुझे आवाज़ लगाकर रोका। मैं रुक गया। फिर चाचा ने मम्मी से कहा, “भाभी, इसे मना ले, वरना प्रॉब्लम हो जाएगी।”
मम्मी को कुछ समझ नहीं आ रहा था और वो चाचा की तरफ देखकर बोलीं, “कैसे मनाऊँ?”
“भाभी, तेरे पास चूत है, जिससे तू सारा गाँव मना सकती है। और ये तो तेरा लड़का है। जा, एक बार जाकर उसे अपने साथ बिठाकर बात कर और समझा।”
तो मम्मी मेरे पास आईं और मुझे हाथ पकड़कर वहीं जमीन पर बिठा लिया। फिर पति से अलग रहने की दुहाई देते हुए बोलीं, “बेटा, तू जो कहेगा मैं वही करूँगी, पर इस राज को किसी को मत बताना।”
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तो मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाकर मम्मी की नंगी चुचियों को सहलाया। मम्मी डर गईं और चाचा की तरफ देखा। चाचा ने मम्मी को इशारे से समझाया कि लड़का जो करना चाहता है, करने दे, वरना बात बिगड़ जाएगी। मम्मी चुपचाप बैठी रहीं। तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई।
मैंने अपने होंठ मम्मी की चूची पर रखकर उनके निप्पल को दाँतों में दबाना शुरू कर दिया। मम्मी का विरोध अब खत्म होने लगा था। मेरा तो खुशी से बुरा हाल था। जिस मम्मी को मैं इतने समय से दूर से चुदते देख रहा था, आज उसे चोदने का अवसर मिल रहा था। यह सोचते ही मेरा दिल जोश से भर गया।
मैंने मम्मी की दूसरी चूची के निप्पल को अपनी उँगलियों के बीच में लेकर सामने की तरफ खींचा। मम्मी की चुचियाँ पहले ही बहुत बड़ी थीं, अब और ज्यादा मोटी और भारी लग रही थीं। अब मैंने मुंह में लिए हुए निप्पल को जोर से काटा, तो मम्मी दर्द और मस्ती में मोन करने लगीं और मेरे सिर को अपने हाथों से अपनी छाती में दबा लिया।
अब मैंने अपना दूसरा हाथ मम्मी की पैंटी के अंदर डाला। मेरा हाथ तेल और चाचा के पानी का मिला हुआ रस से भर गया। फिर मैंने हाथ में मम्मी की चूत की लिप्स को भींच दिया, तो मम्मी मस्ती में कराहने लगीं। उन्होंने अपने चूतड़ों को थोड़ा सा ऊपर उठाकर पैंटी उतार दी और अपने ताँगे फैलाकर मेरे हाथ के लिए अपनी चूत का रास्ता खोल दिया, ताकि मैं आराम से उनकी चूत में उंगली कर सकूँ।
मैंने अपना चेहरा मम्मी की छाती से हटाकर मम्मी की चूत को देखा। पहली बार किसी औरत की चूत, वो भी अपनी मम्मी की चूत को इतने पास से देख रहा था। चूत के लिप्स तेल में चमक रहे थे और उनका लाल रंग बहुत ही प्यारा लग रहा था। मैंने चूत के ऊपर हाथ फिराया — ओह्ह्ह्! क्या मुलायम चूत थी!
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फिर मैंने अपनी दो उँगलियाँ मम्मी की चूत में डाल दीं, तो मम्मी अपनी गांड हिलाने लगीं और आहें भरने लगीं। चाचा भी पास में आकर बैठ गए थे और देख रहे थे कि कैसे मैं अपनी मम्मी को चुदाई के लिए गरम कर रहा हूँ। अब मम्मी पूरी मस्ती में आ चुकी थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उन्होंने मेरी शॉर्ट्स उतार दीं। मेरा लंड तनकर तैयार खड़ा था। मेरा लंड चाचा के लंड जितना ही बड़ा था, पर उनके लंड से ज्यादा मोटा था। मम्मी ने मुझे जमीन पर धकेल दिया और फिर मेरे ताँगों के बीच में आकर अपनी जीभ से मेरे लंड के टॉप को चाटने लगीं।
एक हाथ से लंड को धीरे-धीरे हिलाने लगीं। फिर मम्मी ने पूरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मम्मी बहुत जोर से चूस रही थीं क्योंकि मुझे sucking का पूरा effect feel हो रहा था और लंड और ज्यादा तन रहा था। फिर मम्मी ने हाथ से लंड को और जोर से पेलना शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद मुझे लगा कि मेरा पानी निकलने वाला है। शायद मम्मी ने भी महसूस कर लिया था। उन्होंने लंड को मुँह से निकाला और फिर मेरे ऊपर खड़ी हो गईं। फिर नीचे बैठते हुए एक हाथ से चूत का छेद खोला और दूसरे से उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा। फिर चूत के छेद पर टिकाकर उसी पोजीशन में थोड़ी देर तक रुककर अपनी चूत पर मेरे लंड को रगड़ती रहीं। फिर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगीं।
मुझे अपना लंड मम्मी की चूत में घुसता हुआ दिखाई दे रहा था। और जब पूरा लंड उनकी चूत में चला गया तो मम्मी ने अपने चूतड़ मेरे ऊपर टिका दिए और आँखें बंद करके मेरे लंड को अपनी चूत में महसूस करने लगीं। मुझे मम्मी की चूत का मेरे लंड पर टाइट होना और फिर लूज होना महसूस हो रहा था।
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मैंने अपने हाथ आगे बढ़ाकर मम्मी की मोटी चुचियाँ पकड़ लीं और उनसे खेलने लगा। अब मम्मी ने धीरे-धीरे अपने चूतड़ मेरे ऊपर आगे-पीछे हिलाने शुरू कर दिए। फिर मम्मी ने स्पीड पकड़ ली और मेरे ऊपर लेटकर अपने चूतड़ों को उठा-उठाकर मेरे लंड पर पटकने लगीं। 10 मिनट तक मम्मी ने मेरे लंड की सवारी ली। फिर वो थक गईं और उतरकर नीचे पीठ के बल लेट गईं। अब मैंने अपना लंड हाथ में लेकर उनके ऊपर लेट गया और फिर एक झटके से लंड को चूत में डाल दिया। मम्मी ने मस्ती भरी आवाज़ निकाली।
अब मैं मम्मी के ऊपर बैठा था और अपनी गांड को आगे-पीछे करके उनकी चूत में लंड पेल रहा था। मम्मी एक हाथ से अपनी चूत के ऊपरी हिस्से को सहला रही थीं और मेरा लंड चूत में आते-जाते “गप गप गप गप” की आवाज़ कर रहा था। अब मैं थोड़ी देर तक और चोद पाया। उसके बाद मेरे लंड ने अपना पानी छोड़ना शुरू कर दिया। शायद 1 मिनट तक मैं रुक-रुककर मम्मी की चूत में पानी की धार मारता रहा। फिर मैंने लंड को बाहर निकाला तो उसमें खून भी लगा हुआ था।
तो चाचा बोले, “भाभी, तूने आज अपने लड़के की सील तोड़ दी है और उसे भी आदमी बना दिया है।”
अब मम्मी पूरी तरह थक चुकी थीं। फिर हम तीनों ट्यूबवेल में नहाकर स्टोररूम में नंगे ही सो गए। दोस्तों, इसके बाद मैंने और चाचा ने मम्मी को बहुत बार एक साथ चोदा।
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