Horny Daughter Chudai
मेरा नाम पलक है। मेरी उम्र 24 साल है और एक साल पहले ही मेरी शादी हुई है। मैं बहुत सेक्सी हूँ। मुझे नए-नए लंड से चुदाई करवाने का बहुत शौक है। शादी से पहले मैं कई लड़कों के साथ सेक्स कर चुकी थी। मेरे मायके में हम तीन लोग ही थे, मेरी मम्मी, पापा और मैं। मेरे मम्मी-पापा की शादी छोटी उम्र में ही हो गई थी। Horny Daughter Chudai
जब मेरे पापा 18 साल के और मम्मी की उम्र 16 साल थी, तब मेरा जन्म हुआ। 10 साल की उम्र तक मैं मम्मी-पापा के साथ सोती रही और वो मेरे सामने ही सेक्स कर लेते थे। पर उस वक्त मैं बच्ची थी, पर जैसे मैं बड़ी हुई तो मुझे वो सीन याद करके मज़ा आने लगा। मेरा इंटरेस्ट भी लड़कों में होने लगा।
जब तक मैं 10वीं में हुई तो मम्मी को साइकियाट्री की समस्या हो गई। वो हर बात पर झगड़ा करने लगी। पापा से सेक्स भी नहीं करती थी। जिस वजह से पापा ने बाहर सेक्स करना शुरू कर दिया। इस बात से भी घर में झगड़ा हो जाता था। मुझे पापा पर बहुत तरस आता। कई बार तो मैं महसूस करने लगती कि अगर मैं उनकी बेटी न होती तो मैं उन्हें खुशी दे देती।
जैसे ही मैं कॉलेज में गई तो मैंने बॉयफ्रेंड बनाने शुरू कर दिए। बी.ए. पार्ट-वन में ही मैं 2 बार सेक्स कर चुकी थी और मेरा फिगर भी बहुत सेक्सी हो गया था। कई बार मैंने नोट किया कि पापा भी मुझे तिरछी नज़र से देखते थे। बी.ए. करने तक मैंने सेक्स का पूरा मज़ा ले लिया था।
बी.ए. के बाद मैं घर में बैठ गई। लेकिन मुझे लंड की इच्छा होने लगी थी। कई बार तो पापा का ख्याल भी आया पर मेरी हिम्मत नहीं हुई। एक दिन मैं घर में अकेली थी तो मैंने अपने पुराने बॉयफ्रेंड को बुला लिया और वो मुझे जब चोद रहा था तो मम्मी आ गईं। तो वो लड़का भाग गया। मम्मी ने मुझे बहुत पीटा। मेरी गालों पर निशान पड़ गए।
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शाम को जब पापा आए तो मम्मी उनके सामने भी मुझे पीटते हुए बोलीं, “ये तेरी लाडली भी तेरे कदमों पर चल पड़ी है।”
तो पापा मम्मी को रोकते हुए बोले, “क्या बात है… क्यों पीट रही है बच्ची को?”
“क्या बात हुई… आज ये किसी लड़के को बुलाकर चुदाई करवा रही थी,” मम्मी मुझे मारते हुए बोलीं।
तो पापा बोले, “यार बच्ची है, इस उम्र में गलती हो जाती है, प्यार से समझा देते हैं।”
पर मम्मी बहुत गुस्से में थीं और बोलीं, “तू तो कहेगा ही, तू खुद जो अपनी बेटी की उम्र की लड़कियों को चोदता फिरता है।”
मम्मी गुस्से में फिर से घर से बाहर चली गईं तो पापा मुझे मेरे रूम में ले आए और मुझे अपने से लगाते हुए और मेरी गाल पर हाथ फेरते हुए बोले, “बेटी देख, इस उम्र में ऐसा हो ही जाता है… सेक्स चीज़ ही ऐसी है, एक बार इसकी लत लग जाए तो फिर काबू नहीं रहता।”
मैं पापा के साथ चिपकी सिसकियाँ लेती रही तो पापा मेरी पीठ पर हाथ फेरते हुए बोले, “कब से चल रहा है ये सब?”
तो मैंने कहा, “पापा, कॉलेज टाइम से ही।”
तो पापा बोले, “देख बेटी, अगर मैं तुझसे कहूँ कि तू ये सब बंद कर दे… मुझे भी पता है तुझसे होगा नहीं… बस मैं एक बात ही कहता हूँ कि प्रीकॉशन यूज़ किया कर और ज़्यादा मत किया कर।”
मैंने पापा को कस लिया और बोली, “पापा आप बहुत अच्छे हो।”
तो पापा बोले, “बेटी मैं भी तेरी जैसी हालत में ही हूँ और सब समझता हूँ।”
तो मैंने पूछा, “पापा मम्मी जो कह रही थी कि आप मेरी उम्र की लड़कियों से भी… क्या ये सब है?”
तो पापा बोले, “बेटी तुझे तो पता ही है तेरी मम्मी तो मुझे नज़दीक भी नहीं आने देती… मेरा भी तो दिल करता है।”
ऐसे मैं और पापा ने बहुत कुछ शेयर कर लिया और हम एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए। एक बार तो मैंने पापा को अपनी एक सहेली से भी मिला दिया था।
एक दिन मम्मी पापा से बोलीं, “या तो इसकी शादी कर दे या किसी कोठे पर बिठा दे।” फिर पापा मेरे लिए लड़का ढूँढने लगे। लेकिन इससे पहले ही मम्मी की डेथ हो गई। उसके बाद मैं और पापा बहुत क्लोज़ हो गए। पर हमने सेक्स नहीं किया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
एक दिन पापा बोले, “बेटी अपनी उस सहेली को तो बुला फिर से।”
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मैंने अपनी सहेली बुलाई और उसे किसी काम का बहाना करके घर से चली गई तो पीछे पापा ने उसे चोदा। फिर जब मैं लौटी तो वो अलग-अलग रूम में बैठे थे जैसे कुछ हुआ ही न हो। असल में ये सब मेरी सहेली से मेरे पापा के रिश्ते को छुपाने के लिए ही था।
जब वो चली गई तो मैं पापा के पास गई और पूछा, “कैसा रहा पापा?”
तो वो बोले, “बहुत सेक्सी है तेरी सहेली… बहुत मज़ा देती है।”
तो मैंने कहा, “वो तो कुछ नहीं, सब लड़के तो मुझे सबसे सेक्सी लड़की कहते हैं।”
तो पापा मेरे चूतड़ों पर हाथ मारते हुए बोले, “बहुत खराब हो गई है तू।”
फिर मेरी शादी हो गई। शादी से पहले मेरे दिल में एक बार पापा के साथ सेक्स करने की इच्छा थी। जिस तरह पापा मुझे टच करते, किस करते और कई बार अपने साथ सुला लेते, उससे ज़ाहिर था कि वो भी इच्छा रखते हैं। पर हम दोनों में से किसी की भी हिम्मत नहीं हुई।
शादी के बाद मैं अपने ससुराल आई तो रिवाज के मुताबिक अगले दिन पापा मुझे लेने आ गए। हमारे पुराने रिवाज हैं कि मायके से आने के बाद ही सुहागरात मनाते हैं पर कई लोग पहले दिन ही चोद देते हैं। जब मैं और पापा मेरे मायके में पहुँचे तो रात को पापा मुझसे बोले, “सुहागरात हो गई?”
तो मैंने कहा, “नहीं पापा, यहाँ से जाने के बाद करेंगे।”
तो पापा बोले, “वैसे कैसा लगा लड़का तुझे?”
“ये तो सुहागरात के वक्त ही पता चलेगा पर लगता तो भोला है,” मैंने कहा।
हम हँसने लगे। फिर पापा बोले, “अगर वो तुझे ड्रिंक वगैरह करने को कहे तो कर लेना… बहुत मज़ा आता है।”
तो मैंने कहा, “मैंने तो कभी की नहीं।”
तो पापा बोले, “मैं टेस्ट करवा देता हूँ।”
फिर पापा 2 पेग बना लाए और हम दोनों ड्रिंक करने लगे। हमने 2-2 पेग पी लिए। पापा के लंड का उभार दिखने लगा था और मेरे अंदर भी लहर दौड़ने लगी थी और नशा भी हो गया था।
मैं पापा से चिपक गई और उनके कंधे पर सिर रखकर बोली, “पापा सच में बहुत मज़ा आ रहा है।”
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“बेटी जा अब अपने रूम में सो जा,” पापा बोले।
तो मैंने कहा, “यहाँ सो जाती हूँ।”
तो पापा बोले, “नहीं बेटी, अपने रूम में ही मेरा मूड बन रहा है, कोई गड़बड़ी न हो जाए।”
तो मैंने पापा को किस किया और उठकर खड़ी हो गई। तो पापा ने भी मेरे होंठों पर लंबी किस करते हुए गुड नाइट कहा और मैं अपने रूम में आ गई। मुझे ये जानकर बहुत एक्साइटमेंट हो रही थी कि पापा भी अंदर से मेरा मज़ा लेना चाहते हैं। मैं अपनी फुद्दी में उँगली फेरकर सो गई।
सुबह हम नॉर्मल की तरह उठे और रूटीन का काम करने लगे। दोपहर को मेरा हसबैंड आ गया और शाम को मैं अपने हसबैंड के साथ अपने ससुराल आ गई। आने से पहले पापा ने मुझे कुछ पैसे दिए और बोले, “हनीमून पर जाना।”
उस रात सुहागरात मनाई तो मेरे हसबैंड का बाहर ही छूट गया और वो कुछ उदास हो गया। खैर मैंने उसे मोटिवेट किया और हनीमून पर जाने के लिए तैयार कर लिया। हम 15 दिन तक हनीमून पर रहे और उसने चुदाई भी की और मुझे ड्रिंक भी करवाई। पर उसमें उतना दम नहीं था। वो जल्दी ही थक जाता था।
मैं एक महीने तक उसके साथ रही पर मुझे मज़ा नहीं आ रहा था। मैं किसी अच्छे लंड के लिए बेचैन हो रही थी। आखिर मैं अपने ससुराल से परमिशन लेकर 7 दिन के लिए अपने पापा के पास आ गई। जैसे ही मैं घर पहुँची तो पापा ने मुझे बाहों में ले लिया और मेरे होंठ चूम लिए।
मैं समझ गई कि पापा को भी मेरी वेट थी। हम कुछ देर बैठे और फिर शाम को मैंने नहाकर ब्लैक नेट की ट्रांसपेरेंट ब्रा और पैंटी पहन ली और उसके ऊपर नेट की ही ट्रांसपेरेंट नाइटी पहन ली। पापा मुझे ऊपर से नीचे तक देखकर बोले, “बहुत सेक्सी ड्रेस है।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो मैंने स्माइल देते हुए कहा, “क्या मैं सेक्सी नहीं?”
तो पापा मेरी दोनों गालों को पकड़कर बोले, “तू तो सबसे सेक्सी है।”
फिर मैंने कहा, “पापा लेट हो रहे हैं, चलो ड्रिंक करते हैं।”
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फिर पापा मुझे अपने रूम में ले गए और हम ड्रिंक करने लगे। पापा की नज़र मेरे सेक्सी बदन पर थी और बोले, “अच्छा बता, कैसा तजुर्बा रहा?”
तो मैंने कहा, “पापा कोई मज़ा नहीं है… सुहागरात वाली रात को तो उसका बाहर ही हो गया था।”
“क्यों करना नहीं आता था उसे?” पापा बोले।
तो मैंने कहा, “जब मैंने कपड़े उतारे तो वो तो मुझे नंगी देखकर इतना एक्साइट हो गया और मुझ पर ऐसे झपटा जैसे पता नहीं कब का भूखा था… मुझे भी लगा बहुत मज़ा आएगा… मैं नखरा करने लगी तो वो अंदर डालने से पहले ही हो गया… फिर उसका खड़ा ही नहीं हुआ।”
मैंने नोट किया कि पापा का लंड उभर रहा था। फिर पापा बोले, “और हनीमून?”
“वहाँ तो सब कुछ किया… ड्रिंक भी करी… पर वहाँ भी वो बस एक-दो झटके लगाता और खल्लास हो जाता… मैं सारी रात प्यासी ही लेटी रहती,” मैंने कहा।
पापा का लंड और खड़ा हो गया था और बोले, “पता नहीं आजकल के लड़कों को क्या हो गया है… एक लड़की को भी सैटिस्फाई नहीं करवा पाते।”
तो मैंने कहा, “पापा आपका कैसा चल रहा है?”
तो पापा बोले, “तेरी शादी के बाद तो मैंने किया ही नहीं, बहुत प्यासा हूँ और तेरी सहेली का फोन नंबर भी बदल गया है।”
“पापा मेरा तो अपना बहुत दिल कर रहा है पहले की तरह मज़ा करने का, तभी तो आपके पास आई हूँ,” मैंने कहा।
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तो पापा बोले, “बेटी तेरी नई-नई शादी हुई है, बाहर कहीं पकड़ी गई तो दिक्कत हो जाएगी।”
“पापा मेरा बहुत बुरा हाल हो रहा है और दूसरा आपने मेरी आँखों के सामने खड़ा कर रखा है,” मैंने पापा के लंड की तरफ देखते हुए कहा।
तो पापा बोले, “क्या करूँ बेटी, तू लग ही बहुत सेक्सी रही है और इतनी सेक्सी बातें कर रही है।”
मैंने पापा का हाथ पकड़ लिया और बोली, “पापा कभी आपके मन में मेरे साथ सेक्स करने के ख्याल आए हैं?”
तो पापा बोले, “बेटी मेरा तो उसी दिन से दिल कर रहा था जिस दिन मुझे पता चला कि तू घर में किसी से चुदाई करवा रही थी।”
मैं पापा से चिपक गई और बोली, “पापा मुझे किस करो।”
तो पापा ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मुझे बेतहाशा किस करने लगे और फिर मेरे होंठ चूसने लगे। मेरी फुद्दी से पानी निकल आया था। मैंने पापा के लंड पर हाथ रखा और उसे बाहर निकालकर सहलाने लगी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो पापा बोले, “कब से ये तेरे हाथ को तरस रहा था।”
तो मैंने कहा, “आज इसे सब कुछ मिलेगा।”
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फिर पापा ने एक-एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे नंगी करके देखने लगे। मैंने भी पापा के सारे कपड़े उतार दिए। फिर हम दोनों नंगे थे। पापा मेरे नंगे बदन को देख रहे थे कि मैंने उनका हाथ पकड़कर अपने मम्मों पर रख दिया और बोली, “ऐसे मत देखो पापा, प्यार करो मेरे से।” फिर पापा मेरे मम्मे चूसने और मसलने लगे। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने पापा का लंड मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। फिर पापा मेरी फुद्दी चाटने लगे। आखिर वो मुझे चोदने लगे। पापा करीब 30 मिनट तक मुझे चोदते रहे।
मैं 3 बार झड़ चुकी थी पर पापा अभी भी मुझे चोद रहे थे। जब उनका लंड छूटने को हुआ तो उन्होंने लंड मेरे मुँह में डाल दिया और मैं पापा का सारा माल पी गई। मैंने पापा से कहा, “पापा इन 7 दिनों में मेरी सारी प्यास बुझा दो।” फिर 7 दिन तक पापा मुझे दिन-रात चोदते रहे। ससुराल वापस जाते वक्त मैंने पापा से कहा, “पापा हम एक ही शहर में तो रह रहे हैं, मैं 5-7 दिन बाद आपको चोदने आया करूँगी।” तो पापा ने स्माइल दी। उसके बाद मैं हर 5-7 दिन में पापा को मिलने आती और चुदाई करवाकर वापस चली जाती।
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